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सिरपुर महोत्सव 2026: विदेशी कलाकारों की मौजूदगी में छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति का भव्य प्रदर्शन

महासमुंद महासमुंद जिले के पुरातात्विक नगरी सिरपुर के ऐतिहासिक वैभव और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को नजदीक से समझने-देखने इस बार आयोजित होने वाले सिरपुर महोत्सव में विदेशी मेहमान भी शामिल होंगे। 1 से 3 फरवरी तक तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव का आयोजन इस वर्ष और भी भव्य व आकर्षक होने जा रहा है, जिसमें देश-विदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के जानकार भाग लेंगे। महोत्सव में दक्षिण कोरिया से इतिहास, कला और संस्कृति के विशेषज्ञ आमंत्रित किए गए हैं। महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जानकारी देते हुए बताया कि, इनमें दक्षिण कोरिया के प्रो. जंग संगीर, किम डांग ग्वी, डॉ. ली ची रैन और एन नाजियम प्रमुख रूप से शामिल हैं, जिनकी सहभागिता से सिरपुर की अंतर्राष्ट्रीय पहचान और सशक्त होगी। वहीं, नागपुर से दीक्षा भूमि स्मारक समिति के अध्यक्ष भदंत आर्य नागार्जुन सुरई ससाई जी तथा कर्नाटक से भदंत प्रज्ञा बोधि थेरो की भी उपस्थिति सुनिश्चित हो चुकी है। देश के विभिन्न हिस्सों से बौद्ध धर्म के आर्य एवं विद्वान भी इस आयोजन में शामिल होकर सिरपुर की ऐतिहासिक और बौद्ध विरासत पर अपने विचार साझा करेंगे। महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बताया कि, महोत्सव में बॉलीवुड के कलाकार प्रस्तुति देंगे। तीन दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव सिरपुर की प्राचीन सभ्यता, विरासत, कला-संस्कृति और पर्यटन को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगा।

राज्यपाल रावतपुरा विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

रायपुर. राज्यपाल  रावतपुरा विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में हुए शामिल राज्यपाल  रमेन डेका   रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर 53 शोधार्थियों को पी.एच.डी उपाधि, 19 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक सहित 1448 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। पद्म   मती फूलबासन बाई यादव, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लेखक कवि और गीतकार   रामेश्वर वैष्णव तथा हिन्दी व छत्तीसगढ़ी के प्रसिद्ध नाट्य कलाकार व लेखक  विजय मिश्रा को   डेका ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की।           राज्यपाल ने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले समस्त विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ज्ञान का उपयोग केवल अपने हित के लिए नहीं बल्कि देश व समाज के हित के लिए होना चाहिए। इंटरनेट के युग के आज के विद्यार्थी सौभाग्यशाली हैं सब कुछ इंटरनेट पर उपलब्ध है। उन्हें लगता है कि इंटरनेट नहीं है तो दुनिया में कुछ नहीं है।             डेका ने कहा कि हम सदियों से देख रहे है कि सूर्य पूर्व से उगता है और पश्चिम में डूबता है। यह पृथ्वी में सबकुछ स्थिर गति से हो रहा है। लेकिन मानव की जीवन प्रद्धति में तेजी से परिर्वतन हो रहा है। सभी सफल होने के दौड़ मंे लगे हुए हैं।   डेका ने कहा  कि सफल व्यक्ति ही खुश रहता है यह सोच सही नही हैं। प्रसन्नता के लिए जीवन में संतोष होना आवश्यक है। अल्बर्ट आइंस्टाइन ने कहा था कि शिक्षा तथ्यों को सिखना नहीं है बल्कि मन को सोचने के लिए प्रशिक्षित करना है। इसलिए आपकी भविष्य की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप कैसे सोचते है और कैसे कार्य करते हैं। सफलता, असफलता जीवन के दो पहलू है। असफलता से निराश नहीं होना है, सीख लेकर आगे बढ़ना है। जीवन के हर क्षण को आनंद से जीना चाहिए।               डेका ने कहा कि विश्वविद्यालय मात्र शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ज्ञान, मूल्यों और नेतृत्व के संरक्षक हैं। वे राष्ट्र के विचारों, चरित्र और अंतरात्मा की आवाज को आकार देते हैं। अतः उच्च शिक्षा में शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध और नवाचार,    सांस्कृतिक जुड़ाव और सामाजिक उत्तरदायित्व का समावेश होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव, पशु और प्रकृति के बीच में संतुलन रखना बहुत आवश्यक है तभी हमारा अस्तित्व कायम रहेगा। हमें सतत् विकास के लिए सोचना है और एक पेड़ मां के नाम लगाना है।   डेका ने विद्यार्थियों से कहा कि आप देश के भविष्य हैं, आप के योगदान से भारत 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनेगा।            समारोह में उपस्थित कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री   श्याम बिहारी जायसवाल ने दीक्षांत उद्बोधन दिया। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी।              समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति   रविशंकर जी महाराज ने भी अपना उद्बोधन दिया। स्वागत उद्बोधन कुलपति डॉ. सौरभ चतुर्वेदी और आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. कमल कुमार प्रधान ने किया।               इस अवसर पर विधायक   पुरंदर मिश्रा,   इंद्रकुमार साहू, विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल के सदस्य, विभागाध्यक्ष, अध्यापकगण, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।

200 करोड़ की विकास परियोजनाओं का एलान: सिरपुर महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर.  ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी सिरपुर में आयोजित होने वाले सिरपुर महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री   साय जिले को विकास की बड़ी सौगात देंगे। वे जिले में कुल 199 करोड़ 28 लाख 59 हजार रुपए की लागत की 99 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इनमें 40 करोड़ 88 लाख 2 हजार रुपए की लागत के 64 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 158 करोड़ 40 लाख 57 हजार रुपए की लागत के 35 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। कार्यक्रम अंतर्गत लोकार्पण किए जाने वाले कार्यों में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के 98 लाख 80 हजार रुपए की लागत के 4 विकास कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 6 करोड़ 64 लाख 20 हजार रुपए की लागत के 19 विकास कार्य, आदिवासी विकास विभाग के 1 करोड़ 52 लाख 97 हजार रुपए की लागत का 1 विकास कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 17 करोड़ 95 लाख 86 हजार रुपए की लागत के 26 विकास कार्य तथा विद्युत विभाग के 13 करोड़ 76 लाख 19 हजार रुपए की लागत के 14 विकास कार्य शामिल हैं। इसी प्रकार भूमिपूजन के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा 141 करोड़ 19 लाख 19 हजार रुपए की लागत से 22 विकास कार्य, जल संसाधन विभाग के 10 करोड़ 32 लाख 72 हजार रुपए की लागत से 3 विकास कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 2 करोड़ 18 लाख 93 हजार रुपए की लागत से 8 विकास कार्य तथा परिवहन विभाग के 4 करोड़ 69 लाख 73 हजार रुपए की लागत से 2 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा।

धर्मांतरण केस में हड़कंप: अंबिकापुर से पूर्व डिप्टी कलेक्टर गिरफ्तार

अम्बिकापुर सरगुजा जिले में धर्मांतरण के एक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो को गिरफ्तार किया है। गांधीनगर थाना क्षेत्र के नमनाकला स्थित उनके आवास पर पिछले लगभग एक वर्ष से हर रविवार को चंगाई सभाएं आयोजित की जा रही थीं। इन सभाओं में बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते थे। हिंदू संगठनों का आरोप और पुलिसिया कार्रवाई हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया था कि इन सभाओं के माध्यम से हिंदू समाज के लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। 26 जनवरी को चंगाई सभा की सूचना मिलने पर हिंदू संगठनों से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को मामले की जानकारी दी। बताया गया कि सभा में करीब 50 से 60 लोग मौजूद थे और चार से पांच लोगों का धर्मांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा था। सूचना पर गांधीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कथित तौर पर, आयोजकों ने पुलिस को सभा स्थल के भीतर प्रवेश करने से रोका और पहचान पत्र व कार्रवाई से संबंधित आदेश दिखाने की मांग की। इस दौरान आयोजकों ने एक रजिस्टर भी प्रस्तुत किया, जिसमें सभा में शामिल लोगों के नाम और हस्ताक्षर दर्ज थे। पुलिस ने रजिस्टर जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि चंगाई सभा के आयोजन के लिए किसी प्रकार की पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई हिंदू संगठनों से जुड़े रोशन तिवारी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने ओमेगा टोप्पो और अन्य के खिलाफ धारा 270, 299 बीएनएस तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 5(क) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद ओमेगा टोप्पो थाने से निकलकर फरार हो गई थीं। बाद में उनके घर लौटने की सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर 66 वर्षीय ओमेगा टोप्पो को गिरफ्तार कर लिया। गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।

नए भारत के लक्ष्य को मिले प्रगति पोर्टल से बल, CM साय बोले– मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस लागू

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश और प्रदेश सुशासन की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है। आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्लेटफॉर्म सरकार की कथनी और करनी में समानता का सशक्त प्रमाण है तथा सुशासन की दिशा में एक प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में प्रगति पोर्टल के संबंध में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रगति पोर्टल केवल देश की बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह नए भारत की नई कार्य संस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह प्लेटफॉर्म मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस की कार्यशैली को सशक्त रूप से प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी, तकनीक-आधारित और परिणामोन्मुखी शासन प्रणाली का प्रभाव आज आम नागरिक के जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसी दिशा में वर्ष 2015 में प्रारंभ किया गया प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म शासन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी पहल के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को विश्वभर में एक आदर्श प्रणाली के रूप में देखा जाता है। इसके पीछे केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, समन्वय और सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रगति प्लेटफॉर्म केंद्र और राज्य सरकारों के बीच विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक प्रभावी सेतु का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रगति का अर्थ- प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन है, अर्थात् योजनाओं की पूर्व तैयारी कर उनका समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना। यह प्लेटफॉर्म केवल निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन प्रणाली में जवाबदेही तय करने, पारदर्शिता बढ़ाने और कार्य संस्कृति में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि पूर्व में अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास तो हो जाता था, लेकिन उनके पूर्ण होने की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं होती थी। कई निर्माण कार्य वर्षों तक लंबित रहते थे। योजनाओं में विलंब, प्रशासनिक अड़चनें और विभागीय समन्वय की कमी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म को लागू किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जनधन योजना, जल जीवन मिशन तथा पीएम जनमन जैसी अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के पीछे स्पष्ट नीति और दृढ़ संकल्प निहित है। जब नीति और नियत दोनों सशक्त होती हैं, तब योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जा सकता है। प्रगति प्लेटफॉर्म इसी सोच का व्यावहारिक उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति पोर्टल के माध्यम से प्रधानमंत्री स्वयं राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र सरकार के सचिवों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करते हैं। अब तक 50 से अधिक उच्चस्तरीय प्रगति समीक्षा बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, जिनके माध्यम से लंबित परियोजनाओं, कमजोर प्रदर्शन वाली योजनाओं और नागरिकों से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगभग 85 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 3,300 से अधिक परियोजनाओं को गति दी गई है। इसके साथ ही एक देश-एक राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि और स्वच्छ भारत मिशन सहित 61 योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सुधार किया गया है। बैंकिंग, बीमा, रेरा, जनधन योजना और मातृत्व वंदना सहित 36 क्षेत्रों में शिकायत निवारण व्यवस्था को भी प्रगति के माध्यम से सुदृढ़ किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति के तहत 377 परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं में पहचाने गए 3,162 मुद्दों में से 2,958 का समाधान किया गया। रेल्वे की ही बात करें तो 427 प्रोजेक्ट में 1568 मुद्दें सामने आए, इनमें भूमि अधिग्रहण, वन, बिजली, कानून व्यवस्था तथा निर्माण कार्य की मंजूरी से जुड़े विषय शामिल थे। जिनमें 1437 मुद्दें प्रगति प्लेटफार्म के जरिए हल किए गए। योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर और व्यवस्थित तरीके से होता है तो पूंजीगत व्यय को सही दिशा मिलती है। अकेले रेल्वे मंत्रालय में पिछले दशक में पूंजीगत व्यय में 370 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि आज देश में प्रतिदिन बन रही सड़कों के निर्माण कार्य की गति तीन गुना अधिक हो गई है। एक दशक पहले प्रतिदिन 11.6 किलोमीटर सड़कें बनती थी, आज 34 किलोमीटर प्रतिदिन सड़क निर्माण हो रहे हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की 1463 परियोजनाओं में 2095 मुद्दें आए। जिनमें 1968 मुद्दों का समाधान किया गया। प्रगति के प्रयासों से 458 परियोजनाएं क्रियान्वयन के स्तर पर आ चुकी हैं। वहीं 937 पर काम चल रहा है। बिजली मंत्रालय की 416 परियोजनाओं में 885 मुद्दें सामने आए, जिनमें 803 का समाधान प्रगति व्यवस्था के जरिए किया गया। इनमें 237 परियोजनाएं क्रियान्वयन के स्तर पर आ चुकी हैं। 108 परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

यूनिवर्सिटी के लिए गौरव का क्षण: बिलासपुर के छात्र संसद भवन में केंद्रीय बजट चर्चा में शामिल

 बिलासपुर  केंद्रीय बजट 2026-27 (Union Budget 2026) से जुड़े राष्ट्रीय विमर्श में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के दो विद्यार्थियों को भागीदारी का अवसर मिला है। विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट विभाग के छात्र रवि कुमार यादव और प्रगति राज संसद भवन में आयोजित बजट चर्चा कार्यक्रम में शामिल होंगे। एक फरवरी को पेश होगा केंद्रीय बजट देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला केंद्रीय बजट एक फरवरी को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में प्रस्तुत किया जाएगा। बजट प्रस्तुति के बाद एक विशेष चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के चुनिंदा उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है। मैनेजमेंट विभाग के छात्रों का चयन इसी क्रम में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय से दो विद्यार्थियों का चयन किया गया है। रवि कुमार यादव एमबीए फाइनेंस मार्केटिंग के अंतिम सेमेस्टर के छात्र हैं, जबकि प्रगति राज एमबीए फाइनेंस की अंतिम सेमेस्टर की छात्रा हैं। दोनों विद्यार्थी संसद की दीर्घा से बजट प्रस्तुति का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगे। नीति आधारित सत्रों में लेंगे भाग बजट प्रस्तुति के बाद आयोजित सत्रों में दोनों छात्र शिक्षा, वित्त, कौशल विकास और आर्थिक नीतियों से जुड़े विषयों पर होने वाली चर्चाओं में भाग लेंगे। इससे उन्हें नीति निर्माण की प्रक्रिया को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा। चयन की प्रक्रिया विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कुछ दिन पहले दिल्ली से इस संबंध में विश्वविद्यालय को सूचना प्राप्त हुई थी। इसके बाद कुलसचिव डा. अश्वनी दीक्षित की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई। समिति ने मैनेजमेंट विभाग के विद्यार्थियों के साक्षात्कार लिए और योग्य छात्रों के नाम दिल्ली भेजे। अंतिम चयन दिल्ली से हुआ दिल्ली स्तर पर हुई अंतिम प्रक्रिया के बाद रवि कुमार यादव और प्रगति राज का चयन किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह अनुभव विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास में सहायक सिद्ध होगा। छात्रों के लिए नया अनुभव बजट चर्चा कार्यक्रम में शामिल होना विद्यार्थियों के लिए एक बिल्कुल नया अनुभव होगा। इससे उन्हें देश की आर्थिक नीतियों और निर्णय प्रक्रिया को समझने का व्यावहारिक अवसर मिलेगा। मेरे लिए एक यादगार अनुभव होगा: रवि रवि कुमार यादव ने कहा कि संसद भवन में बजट देखना और उस पर चर्चा का हिस्सा बनना उनके लिए यादगार अनुभव होगा। उन्होंने बताया कि वे बजट से जुड़े आर्थिक संकेतकों, फाइनेंशियल मार्केट्स और नीतिगत फैसलों पर विशेष तैयारी कर रहे हैं। रवि के अनुसार यह अवसर उन्हें पढ़ाई में सीखे गए सिद्धांतों को वास्तविक नीति प्रक्रिया से जोड़ने का मौका देगा। नीति निर्माण को समझने का मौका: प्रगति प्रगति राज ने कहा कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, देश की प्राथमिकताओं का आईना होता है। वे शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन से जुड़े प्रावधानों पर खास नजर रखेंगी। प्रगति ने बताया कि इस चर्चा में शामिल होने से उन्हें नीति निर्माण को समझने और अपने विचार रखने का आत्मविश्वास मिलेगा। प्रमुख संस्थानों से हुआ चयन बजट सत्र के लिए देश के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के अलावा केंद्रीय विश्वविद्यालय आंध्र प्रदेश, आइआइएम बोधगया, बिहार आइआइएम अहमदाबाद, गुजरात एवं गुवाहाटी विश्वविद्यालय के छात्रों को मौका मिला है। बजट सत्र में देशभर से प्रमुख संस्थानों के कुलपतियों को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन अचानक इसमें फेरबदल किया गया है। इसमें प्रो.चक्रवाल के अलावा दिल्ली, बंगाल, ओडिशा के कुलपति भी शामिल थे। प्रदेश व विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण     बजट 2026-27 से शिक्षा और अनुसंधान को लेकर ठोस प्रविधानों की उम्मीद है। उच्च शिक्षा में शोध अनुदान, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, एआइ और कौशल विकास पर निवेश जरूरी है। एमबीए छात्र रवि कुमार यादव और प्रगति राज का चयन संस्था व प्रदेश के लिए गौरव की बात है। विश्वविद्यालय के छात्रों की गुणवत्ता और तैयारी का प्रमाण है।     -प्रो.आलोक कुमार चक्रवाल, कुलपति, गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय  

CG के राजनांदगांव में धार्मिक मतांतरण का मामला, पास्टर डेविड चाको की 20 साल की कहानी

राजनांदगांव  जिला मुख्यालय से नौ किमी दूर ग्राम धर्मापुर से संचालित हो रहे ईसाई मतांतरण नेटवर्क ने राज्य के आदिवासी अंचल में दो हजार से ज्यादा परिवारों को मतांतरित किया है। कमांडर डेविड चाको ने अपने स्लीपर सेल ‘पाल’ की मदद से 20 सालों में इस अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया है। पुलिस ने डेविड के ठिकानों से भी बड़ी संख्या में आदिवासी परिवारों की निजी जानकारी वाले दस्तावेज बरामद किए थे। चौंकाने वाली सच्चाईयां धीरे-धीरे सामने आ रही इस प्रकरण में जैसे जैसे दिन गुजर रहे हैं वैसे ही चौंकाने वाली सच्चाईयां धीरे-धीरे सामने आ रही हैं। आठ जनवरी को सुकुलदैहान पुलिस चौकी में डेविड चाको के खिलाफ अवैध आश्रम चलाने, नाबालिग आदिवासी बच्चों को बगैर प्रशासनिक जानकारी के अवैध तरीके से आश्रम में रखने और संदिग्ध गतिविधियों के मामले में हिंदू जागरण मंच के सुशील लड्ढा की शिकायत पर एफआइआर दर्ज की गई थी। धर्मापुर में रिहैबिलेशन सेंटर के नाम पर इस नेटवर्क को आपरेट करने वाला कमांडर डेविड चाको वर्ष 2006 से छत्तीसगढ़ में आदिवासी क्षेत्रों में सक्रिय है। वह इसी समय केरल के इंडिया पेटाकोस्टल चर्च आर्गनाईजेशन से जुड़ा। उसने इन 20 वर्षों में सैकड़ों परिवारों के मतांतरण में अपनी भूमिका निभाई है। यही कारण रहा कि आइपीसी से बतौर पास्टर जुड़ने के बाद अब वह प्रदेश उपाध्यक्ष के तौर पर यूनिट इंचार्ज बना बैठा है। डेविड चाको 1998 में छत्तीसगढ़ आया था मूल रुप से केरल का रहने वाला डेविड चाको 1998 में छत्तीसगढ़ आया था। फिलहाल इसके बाद से वह छत्तीसगढ़ में ठिकाने बदल-बदल कर रहता रहा। जांच के बाद जो जानकारी सामने आ रही है कि उसके मुताबिक डेविड चाको वर्ष 2006 से ही राजनांदगांव में रह रहा था। इससे पहले वह लंबे समय तक दल्ली राजहरा में भी रहा। घरों में फ्रिज रिपेयर करता था डेविड, आज लाखों का आसामी स्थानीय लोगों के मुताबिक, राजनांदगांव में आने के बाद डेविड फ्रिज रिपेयरिंग का काम करता था। ईसाई परिवारों से बातचीत में भी यही जानकारी निकलकर सामने आ रही है। आज उसके पास लाखों की संपत्ति होने की जानकारी है। बताया जाता है कि डेविड हैदराबाद की एक संस्था से जुड़ा और इसके बाद ही उसने संपित्त अर्जित करना शुरु किया। इसके बाद आइपीसी में आने के बाद वह विदेश दौरों पर भी जाने लगा। ‘पाल’ के पद पर की भर्तियां, ये मतांतरण के स्लीपर सेल डेविड चाको स्वयं को आइपीसी आर्गनाईजेशन में मजबूत करने के अलावा छत्तीसगढ़ में मतांतरण को बढ़ावा देने लोगों की भर्तियां भी की। इन्हें ‘पाल’ कोडनेम दिया गया जो कि आदिवासी इलाकों में स्लीपर सेल की तरह काम करते हैं। ‘पाल’ आदिवासी क्षेत्रों में निर्धन, बीमार, अकेले परिवार और अनाथों की जानकारी एकत्रित करते हैं, जिसके बाद सुनियोजित तरीके से उन्हें मतांतरित किए जाने की योजना बनाई जाती है। विदेशी फंडिंग, संदिग्ध प्रशिक्षण माड्यूल से होगा राजफाश पिछले 23 दिनों से डेविड चाको की जांच में जुटी पुलिस को अब तक कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। इनमें फंडिंग को लेकर डेविड लगातार भ्रमित करने वाले जवाब दे रहा है। जबकि उसके ठिकाने से मिले संदिग्ध प्रशिक्षण माड्यूल, किताबें और दुर्गम इलाकों में उसकी सक्रियता के साक्ष्य, इलेक्ट्रानिक गैजेट्स से मिली जानकारी से कई राजफाश हुए हैं। पुलिस इस मामले में डेविड चाको और उसके संगठन से जुड़े लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है। पूछताछ की जा रही अंकिता शर्मा, पुलिस अधीक्षक का कहना है कि डेविड चाको के पास से कई तरह के संदिग्ध दस्तावेज, किताबें, प्रशिक्षण माड्यूल बरामद हुए हैं। इसके अलावा भी ट्रेवलिंग वाऊचर, गैजेट्स से डिजिटल साक्ष्य की भी जांच की जा रही है। डेविड चाको की पृष्ठभूमि, संपत्ति और फंडिंग का एंगल भी जांच में शामिल हैं। चाको और उससे संबंधित संस्थाओं, लोगों से पूछताछ की जा रही है।  

कुसमुंडा-जटगा रेल लाइन पर चोरी, प्लेट और हैवी मशीनरी समेत 2 करोड़ का माल ले गए चोर

कोरबा   छत्तीसगढ़ में कबाड़ के अवैध कारोबार से जुड़े गिरोह लगातार सक्रिय होते जा रहे हैं। कोरबा जिले में पहले ब्रिज से भारी मात्रा में लोहा चोरी होने के बाद अब चोरों ने कुसमुंडा–जटगा के बीच निर्माणाधीन रेल लाइन को निशाना बनाया है। चोर रेलवे पटरी काटकर ले गए हैं और भारी मशीनरी को नुकसान पहुंचाते हुए करीब दो करोड़ रुपये के लोहे पर हाथ साफ कर दिया है। जानकारी के अनुसार गेवरा–पेंड्रा नई रेल लाइन परियोजना के तहत उरगा से पेंड्रा तक करीब 140 किलोमीटर में पटरी बिछाने का कार्य चल रहा है। इसी दौरान कुसमुंडा से कुचेना जटगा के बीच लगभग 60 से 65 किलोमीटर के क्षेत्र में रेल पटरी, लोहे की प्लेटें और अन्य सामग्री गायब पाई गई। बताया जा रहा है कि चोरी की घटनाओं को अलग-अलग दिनों में अंजाम दिया गया। इससे पहले भी कोरबा जिले में ब्रिज से करीब 30 टन लोहे की चोरी की जा चुकी है, जिससे कबाड़ माफिया के संगठित नेटवर्क की आशंका और गहराती जा रही है। ताजा मामले में चोरों ने निर्माण स्थल पर खड़ी एक हाइड्रा मशीन के शीशे भी तोड़ दिए, जिससे मशीनरी को नुकसान हुआ है। रेल लाइन बिछाने का कार्य कर रही शिवाकृति प्राइवेट कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर एस. कुमार जांगिड़ ने बताया कि बांकी मोंगरा और कटघोरा थाना क्षेत्र में चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। लगातार हो रही चोरी के बाद पूरे क्षेत्र में सर्वे कराया जा रहा है और संबंधित थानों में शिकायत दर्ज कराई गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि शिवाकृति प्राइवेट कंपनी द्वारा उरगा से पेंड्रा तक रेल लाइन निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इससे पहले उरगा इलाके में भी चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में कुसमुंडा से लगभग 65 किलोमीटर दूर रेल लाइन निर्माण सामग्री चोरी होने की शिकायत मिली है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थलों का निरीक्षण किया जा रहा है। लगातार हो रही इस तरह की वारदातों से न केवल करोड़ों की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान हो रहा है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब संगठित कबाड़ गिरोह की तलाश में जुटी हुई है।

जगदलपुर सबसे गर्म, अंबिकापुर में 11.9°C, रायपुर-पेंड्रा-मैनपाट में कोहरे से प्रभावित जिले

 रायपुर छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के समय हल्की धुंध और सुबह-शाम ठंड का असर देखा जा रहा है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान बस्तर संभाग के जगदलपुर में 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। इसके बाद आने वाले तीन दिनों में तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम में इस उतार-चढ़ाव के चलते सुबह और रात के समय ठंड का असर बना रहेगा। मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। सुबह के समय विजिबिलिटी काफी कम रह सकती है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है। विभाग ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। रायपुर और मैनपाट में सुबह से धुंध है, जबकि दिन में मौसम शुष्क रहेगा। पेंड्रा में घना कोहरा छाया हुआ है। अमरकंटक में हल्की बूंदाबांदी हो रही है। रास्तों में कोहरा छाने से विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है। अमरकंटक में तापमान 9 डिग्री और पेंड्रा में 16.0 डिग्री न्यूनतम तापमान है। रायपुर में ऐसा रहा मौसम रायपुर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के समय भी शहर में हल्की धुंध छाई रही। मौसम विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार को भी रायपुर में सुबह के समय धुंध का असर बना रह सकता है, जबकि दिन में मौसम शुष्क रहेगा। वहीं मौसम विज्ञानी के मुताबिक आने वाले 3 से 4 दिनों प्रदेश में फिलहाल सर्दी और हल्की गर्मी का मिला-जुला असर बना रहेगा और मौसम शुष्क ही रहने की उम्मीद है। सरगुजा संभाग में छाया घना कोहरा सरगुजा संभाग में शुक्रवार को भी घना कोहरा छाया रहा, जिससे सुबह के समय दृश्यता बेहद कम होकर 10 से 20 मीटर के बीच सिमट गई। घने कोहरे के कारण सड़क पर वाहनों की रफ्तार धीमी है। मौसम विभाग ने लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले घंटों में भी कोहरे के असर के बने रहने की संभावना जताई है। लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।

CM साय का बड़ा कदम: राज्य में बिजली की कटौती रोकने के लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऊर्जा विभाग के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने राज्य में विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आमजन की मूलभूत आवश्यकता है और इसकी निर्बाध आपूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी विद्युत उत्पादक राज्यों में शामिल है और भविष्य की बढ़ती मांग को देखते हुए ऊर्जा अवसंरचना का समयबद्ध विस्तार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने ऑफ-ग्रिड विद्युतीकृत गांवों को शीघ्र ग्रिड से जोड़ने तथा विद्युत अधोसंरचनाओं के सुदृढ़ीकरण कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। सीएम साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को विद्युत आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसके प्रति उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सोलर पैनल स्थापना एवं रखरखाव की प्रक्रिया को सरल बनाने, इंस्टालेशन की दैनिक संख्या बढ़ाने और सभी शासकीय भवनों में सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं स्मार्ट मीटर से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। मुख्यमंत्री ने लंबित बिजली बिलों की समीक्षा करते हुए उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए अवसर और सुविधा देने विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर के दूरस्थ अंचलों में ग्रिड आधारित विद्युतीकरण को गति देने, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा पीक डिमांड के अनुरूप ट्रांसमिशन क्षमता विस्तार पर भी जोर दिया। बैठक में बताया गया कि पिछले दो वर्षों में ट्रांसफार्मर क्षमता 24,227 एमवीए से बढ़कर 27,820 एमवीए हो गई है तथा 400/220 केवी, 220/132 केवी और 132/33 केवी उपकेंद्रों के उन्नयन सहित कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सौर सुजला योजना, कुसुम योजना, नियद नेल्ला नार एवं ग्राम विद्युतीकरण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की। ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पीपीटी के माध्यम से विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, पीएम सूर्यघर, पीएम जनमन, कृषि पंपों के ऊर्जीकरण, मजराटोला विद्युतीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने आगामी वर्षों में नए उपकेंद्रों की स्थापना, वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ाने और अंडरग्राउंड केबल सहित विभिन्न विकास कार्यों की कार्ययोजना प्रस्तुत की। बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सीएसपीडीसीएल, सीएसपीजीसीएल, सीएसपीटीसीएल के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।