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संवेदनशील शासन की मिसाल: जनदर्शन में मुख्यमंत्री साय ने मौके पर सुलझाईं समस्याएँ

रायपुर लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद ही सुशासन की वास्तविक कसौटी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ‘जनदर्शन’ के माध्यम से अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की पीड़ा सुनते हुए न केवल उसकी समस्या को समझ रहे हैं, बल्कि मौके पर ही समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। लोगों की जरूरतों, मांगों और तकलीफों के प्रति यह संवेदनशील और त्वरित दृष्टिकोण यह स्पष्ट करता है कि संवेदनशीलता ही सुशासन के केंद्र में है। जब जन आकांक्षाओं को मुख्यमंत्री की सहृदयता से दिशा मिलती है, तब अंत्योदय की संकल्पना साकार होती है। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री के शासकीय निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन आज सेवा, संवेदना और समाधान का सजीव उदाहरण बन गया। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 1950 आवेदन प्राप्त हुए।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के दूर-दराज़ अंचलों से आए नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही स्पष्ट निर्देश दिए। कई जरूरतमंदों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई, जिससे यह संदेश और मजबूत हुआ कि जन सरोकारों से जुड़ी समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की राह: जीवन में लौटी गतिशीलता आज के जनदर्शन ने कई दिव्यांगजनों के जीवन में नई उम्मीद जगाई। रायपुर के खमतराई निवासी श्री जीवन दास मानिकपुरी और आरंग के श्री भारत साहू को मुख्यमंत्री द्वारा बैटरीचलित ट्राइसिकल प्रदान की गई। ट्राइसिकल पाकर उनके चेहरे पर आत्मनिर्भरता की मुस्कान स्पष्ट झलक रही थी। अब उन्हें आवागमन के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसी तरह रायपुर के चंदू यादव और सुमन साहू को ट्राइसिकल एवं व्हीलचेयर प्रदान की गई। वहीं, सुनने की क्षमता खो चुके सागर नायक और उमेश पटेल को तत्काल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए गए, जिससे वे फिर से दुनिया की आवाज़ें सुन सकेंगे। लकवा पीड़ित बसंती को इलाज के लिए मिली 5 लाख रुपए की सहायता जनदर्शन में महासमुंद जिले के ग्राम बड़ेटेमरी की श्रीमती बसंती साव की बड़ी उम्मीद आज पूरी हुई। पैरों से लकवाग्रस्त बसंती ने अपने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता और पारिवारिक स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अधिकारियों को तत्काल निर्देशित कर मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए की राशि स्वीकृत कराई। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी बसंती को शासन से 75 हजार रुपए की सहायता मिल चुकी है। इस त्वरित निर्णय से बसंती और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली। 60 वर्षीय हनुमंत राव को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ जनदर्शन में रायपुर के तात्यापारा निवासी 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक श्री हनुमंत राव की समस्या का भी मौके पर ही समाधान हुआ। माता-पिता के निधन के बाद राशन कार्ड की पात्रता को लेकर परेशान श्री राव ने मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा बताई। मुख्यमंत्री ने उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनी और उपस्थित अधिकारियों को तत्काल राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए, जिससे वे अब शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। तीन दिव्यांगों को 20-20 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता मुख्यमंत्री श्री साय ने सूरज नगर लाभांडी, रायपुर निवासी 17 वर्षीय दिव्यांग राज शर्मा को दोनों पैरों से दिव्यांग होने के कारण 20 हजार रुपए की तात्कालिक आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। इसके साथ ही श्री फूल गिरी गोस्वामी को पुत्री के विवाह हेतु 20 हजार रुपए की सहायता राशि दी गई। रायगढ़ निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग ओमप्रकाश निषाद को उच्च शिक्षा के लिए भी मुख्यमंत्री द्वारा 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता तत्काल स्वीकृत की गई। जनदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह केवल आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि आम जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद नागरिक को अनावश्यक भटकना न पड़े।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से की सौजन्य भेंट

  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज गोवा प्रवास के दौरान गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच आपसी सहयोग और साझा हितों से जुड़े विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई।

नशे के कारोबार पर सख्ती: गांजा बेचने वाले दंपती की 35 लाख की संपत्तियां जब्त

रायपुर अवैध मादक पदार्थ गांजा की बिक्री करने के आरोपी दंपती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए SAFEMA/NDPS कोर्ट ने लगभग 35 लाख की अवैध संपत्तियों को फ्रीज किया है. जांजगीर थाना क्षेत्र अंतर्गत जर्वे निवासी आरोपी महेंद्र साहू पिता किशन लाल साहू के विरुद्ध पूर्व में 4 अपराध NDPS एक्ट के तहत जिला जांजगीर चांपा में दर्ज है. इसके पहले NDPS विशेष न्यायालय, जिला–जांजगीर चांपा 26 जुलाई 2019 को महेंद्र साहू को 10 वर्ष के सश्रम कारावास दे चुका है. वहीं 30 दिसंबर 2025 को SAFMA/NDPS कोर्ट, मुंबई ने नारकोटिक्स पदार्थों के अवैध तस्करी से महेंद्र साहू और उसकी पत्नी चित्रलेखा साहू द्वारा अर्जित लगभग 35 लाख की चल-अचल संपत्ति को NDPS अधिनियम 1985 की धारा 68(C) का उल्लंघन पाते हुए फ्रीज करने का आदेश जारी किया.

राज्य सरकार की अभिनव पहल से संस्थागत स्वच्छता में सुधार, मंत्री नेताम ने शुरू किया ‘जोश’ कार्यक्रम

रायपुर : संस्थागत स्वच्छता को सुदृढ़ करने राज्य सरकार की अभिनव पहल आदिम जाति विकास मंत्री नेताम ने किया ‘जोश’ का शुभारंभ  रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार  संस्थागत स्वच्छता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अभिनव पहल की शुरूआत हुई है। आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मनेन्द्रगढ़ भरतपुर चिरमिरी जिले के विकासखंड खड़गवां से प्रदेश में जर्नी आफ सेनिटेशन हाइजिन (जोश) का हरी झंडी दिखाकर औपचारिक शुभारंभ किया है।      गौरतलब है कि ‘जोश’ पहल के माध्यम से स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं अन्य संस्थागत व सामुदायिक शौचालयों की नियमित, वैज्ञानिक और सुरक्षित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को ‘स्वच्छता प्रहरी’ के रूप में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।     जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि स्वच्छता केवल स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम है। ‘जोश’ पहल से युवा स्वच्छता प्रहरी बनकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में तैयार इस योजना के तहत प्रारंभिक चरण में प्रत्येक जनपद में एक स्वच्छता प्रहरी नियुक्त किया गया है। योजना की सफलता के आधार पर इसे पूरे जिले में विस्तारित किया जाएगा।     स्वच्छता प्रहरी निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार ग्राम पंचायतों का भ्रमण करेंगे और आधुनिक उपकरणों की सहायता से शौचालयों की पाक्षिक व मासिक सफाई सुनिश्चित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान चयनित स्वच्छता प्रहरियों को आधुनिक सफाई उपकरणों से युक्त स्वच्छता किट एवं सुरक्षा सामग्री भी प्रदान की गई। संस्था प्रभारी के अनुरोध पर सफाई उपरांत प्रति यूनिट 200 रूपए स्वच्छता शुल्क का भुगतान किया जाएगा, जिससे युवाओं को अतिरिक्त आय का साधन मिलेगा। 

रायपुर: मंत्री जायसवाल ने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया, व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के दिए निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण, व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज राजधानी रायपुर के आयुर्वेदिक हॉस्पिटल कैंपस स्थित 50 बिस्तर वाले शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता की जांच करना और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को आमजन के लिए अधिक प्रभावी बनाना था।  निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का बारीकी से अवलोकन किया और वहां उपलब्ध संसाधनों तथा मरीजों को दी जा रही उपचार सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। उसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने वहां तैनात चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य स्टाफ के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि  बेहतर उपचार और स्वास्थ्य संसाधनों का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि इसका सीधा लाभ मरीजों को मिले।

बालोद बना भारत की युवा शक्ति का नया केंद्र, राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में बोले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी से बालोद बना भारत की युवा शक्ति का नया केंद्र : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  छत्तीसगढ़ का बालोद जिला आज देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा और गौरव का नया केंद्र बन गया है।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जिला बालोद के ग्राम दुधली में 9 से 13 जनवरी तक आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में देश-विदेश से आए लगभग 15 हजार रोवर-रेंजर अपनी सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का जीवंत प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक जंबूरी छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति को राष्ट्रीय मंच पर लाने का सुनहरा अवसर है। राष्ट्रीय स्तर के कैंपिंग, रोवर-रेंजर प्रशिक्षण, सांस्कृतिक संध्याओं और सामुदायिक सेवा गतिविधियों के माध्यम से युवा प्रतिभागी अनुशासन, सेवा और नेतृत्व के मूल्यों के साथ राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त कर रहे हैं।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बालोद की धरती पर उमड़ा यह उत्साह भारत की भावी पीढ़ी की ऊर्जा, समर्पण और संकल्प को स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के खेल, कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनुशासित, प्रशिक्षित और आत्मविश्वासी युवा शक्ति ही विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगी। उन्होंने जंबूरी में भाग ले रहे सभी रोवर-रेंजरों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनका उत्साह और सेवा भाव छत्तीसगढ़ का परचम देश-दुनिया में और ऊँचाई तक ले जाएगा।

रायपुर: सुशासन सरकार में किसानों को मिल रहा हक और सम्मान, सुव्यवस्थित केंद्रों में धान बेचते हुए खिले चेहरे

रायपुर : सुशासन की सरकार में मिल रहा किसानों को हक और सम्मान, सुव्यवस्थित केंद्रों में धान बेचकर खिले किसानों के चेहरे रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व  में  प्रदेश सरकार की धान खरीदी की व्यवस्था और पारदर्शी नीति का लाभ अब सीधे किसानों तक पहुँच रहा है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम कुकुरदी के प्रगतिशील किसान मोहन लाल ध्रुव ने शासन की नीतियों की सराहना करते हुए इसे किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण का नया अध्याय बताया है। 3100 रुपए की दर और 21 क्विंटल खरीदी से बढ़ा उत्साह- किसान मोहन लाल ध्रुव ने बताया कि उनके पास 5 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर उन्होंने इस वर्ष बंपर पैदावार प्राप्त की है। उन्होंने उपार्जन केंद्र में अपना 70 क्विंटल धान सुगमता पूर्वक बेचा। ध्रुव ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि विष्णु सरकार द्वारा 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की मान से धान की खरीदी की जा रही है, जो प्रदेश के इतिहास में किसानों के हित में लिया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय है। व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए किसान- धान खरीदी केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं को लेकर किसान मोहन लाल ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए छाया, पेयजल और सुव्यवस्थित तौल की व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री का जताया आभार- अपनी खुशी साझा करते हुए मोहन लाल ध्रुव ने कहा, "आज किसानों को उनका हक और सम्मान दोनों मिल रहा है। विष्णु सरकार किसानों की वास्तविक चिंता करने वाली सरकार है। इस बेहतर व्यवस्था और लाभकारी मूल्य के लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूँ।" राज्य सरकार की इस नीति से न केवल किसानों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल रही है।

रायपुर: कैबिनेट मंत्री देवांगन ने धीवर समाज के नववर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह में लिया हिस्सा

रायपुर : कैबिनेट मंत्री देवांगन धीवर समाज के नववर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह में हुए शामिल रायपुर प्रदेश के वाणिज्य उद्योग श्रम एवं आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन कोरबा में धीवर समाज ट्रस्ट के नव वर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह में शामिल हुए। गत दिनों यह कार्यक्रम कोरबा के जूनियर रिक्रिएशन क्लब, एस ई सी एल मानिकपुर कोरबा में हर्षाेल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु रामचंद्र जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर की गई, तत्पश्चात समस्त अतिथियों का शाल फल से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत विशिष्ट अतिथि की गरिमामयी उपस्थिती रही।  मंत्री देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश और राष्ट्र के उत्थान में प्रत्येक समाज की भागीदारी महत्वपूर्ण है। जब समाज आगे बढ़ता है, तभी देश सशक्त होता है। धीवर समाज मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम के आदर्शाे एवं विचारों पर चलने वाला समाज है और इस समाज का प्यार, सहयोग एवं समर्थन उन्हें हमेशा प्राप्त हुआ है।  महापौर श्रीमती राजपूत ने कहा कि यह कार्यक्रम सामाजिक एकता, सांस्कृतिक समरसता एवं पारिवारिक सौहार्द का सुंदर उदाहरण बना। यह नववर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह समाज को जोड़ने, आपसी भाई-चारे को मजबूत करने एवं नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का प्रेरणादायक अवसर साबित हुआ। कार्यक्रम में नगर पालिक निगम कोरबा के पार्षद नरेन्द्र देवांगन एवं प्रफुल्ल तिवारी भी उपस्थित रहे। पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने कहा कि जब प्रत्येक समाज शिक्षा, संगठन और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ता है, तभी प्रदेश और देश नई ऊँचाइयों को छूता है। यह आयोजन सामाजिक एकता, पारिवारिक सौहार्द एवं सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रेरक पहल है। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी गई। कार्यक्रम में समाज के बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई जिसमें छोटे छोटे बच्चों के नृत्य से सभी विशेष रूप से प्रभावित हुए एवं उन्हें मंच से सम्मानित भी किया गया। समस्त अतिथियों को ट्रस्ट द्वारा इस यादगार पल को हमेशा संजोये रखने स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। अंततः सभी अतिथियों ने समाज द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत एवं स्नेहपूर्ण अभिनंदन के लिए हृदय से आभार जताया। 

दंतेवाड़ा में 63 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, एक करोड़ से अधिक के थे इनाम, 18 महिलाएं भी शामिल

दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ राज्य सरकार और सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे ‘पूना मारगेमः पुनर्वास से पुनर्जीवन’ और ‘लोन वर्राटू’ यानी घर वापसी अभियान के तहत कुल 63 इनामी नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है. इन नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. खास बात यह रही कि आत्मसमर्पण करने वालों में 16 महिला नक्सली भी शामिल हैं, जो लंबे समय से बस्तर और उससे सटे इलाकों में सक्रिय थीं. नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले से नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक सामने आई है. यह आत्मसमर्पण न सिर्फ संख्या के लिहाज से बड़ा है, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर नक्सल नेटवर्क के लिए गहरा झटका माना जा रहा है. दंतेवाड़ा पुलिस और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों ने यह साबित कर दिया है कि सरकार की पुनर्वास आधारित नीति जमीन पर असर दिखा रही है. दंतेवाड़ा में हुआ यह सामूहिक सरेंडर केवल स्थानीय स्तर की घटना नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे बस्तर संभाग और पड़ोसी राज्यों तक देखा जा रहा है. आत्मसमर्पित नक्सली दरभा डिवीजन, दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर, माड़ क्षेत्र और ओडिशा राज्य के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय थे. इनमें से कई नक्सली संगठन में अहम पदों पर रहे हैं और लंबे समय से हिंसक गतिविधियों में शामिल थे. सुरक्षा बलों के लगातार ऑपरेशन, जंगलों में बढ़ती घेराबंदी, और दूसरी ओर सरकार की पुनर्वास नीति ने नक्सलियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया. यही कारण है कि अब हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की प्रवृत्ति तेज हो रही है. यह घटना नक्सलवाद के कमजोर पड़ते ढांचे और बदलते बस्तर की एक बड़ी तस्वीर पेश करती है. प्रमुख नक्सली नेताओं का आत्मसमर्पण आत्मसमर्पण करने वालों में पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव मोहन कड़ती भी शामिल है, जिसने अपनी पत्नी के साथ आत्मसमर्पण किया है। इन नक्सलियों पर कुल मिलाकर एक करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था, जो उनकी नक्सली गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। इस बड़े पैमाने पर हुए आत्मसमर्पण से नक्सलियों के संगठन को बड़ा झटका लगा है। अभियान की व्यापकता यह आत्मसमर्पण केवल छत्तीसगढ़ प्रदेश के नक्सलियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश के बाहर के भी नक्सली शामिल हैं। यह इस बात का संकेत देता है कि राज्य की पुलिस और सुरक्षा बल नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं और नक्सलियों के प्रभाव को कम करने में सफल हो रहे हैं। लोन वर्राटू (घर वापसी) अभियान के तहत नक्सलियों को मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास सफल हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र में शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। सुरक्षाबलों के प्रयास सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे सघन अभियान, नक्सलियों के विरुद्ध मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने और उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीतियों के तहत मुख्यधारा में एकीकृत करने और उन्हें बेहतर जीवन जीने के अवसर प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। इस सफलता से क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति में सुधार की उम्मीद है और विकास कार्यों को गति मिलेगी। यह घटना छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।  ‘पूना मारगेम’ और ‘लोन वर्राटू’ अभियान की भूमिका दंतेवाड़ा में नक्सलियों के इस बड़े सरेंडर के पीछे ‘पूना मारगेमः पुनर्वास से पुनर्जीवन’ और ‘लोन वर्राटू’ अभियान की अहम भूमिका मानी जा रही है. इन अभियानों का उद्देश्य नक्सलियों को केवल हथियार छोड़ने के लिए मजबूर करना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन का विकल्प देना है. सरकार का फोकस भरोसा, संवाद और पुनर्वास पर रहा है. एसपी गौरव राय का बयान दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने इसे पुलिस और राज्य सरकार की बड़ी सफलता बताया. उन्होंने कहा कि नक्सली विचारधारा छोड़कर मुख्यधारा में लौटना यह साबित करता है कि विकास और विश्वास की नीति सफल हो रही है. आत्मसमर्पित नक्सलियों को सरकार की सभी योजनाओं से जोड़ा जाएगा.

छत्तीसगढ़ में शीतलहर का अलर्ट: अंबिकापुर में 3.5°C पारा, अगले 2 दिन और गिरेगा तापमान

रायपुर  छत्तीसगढ़ में ठंड ने अचानक तेवर तीखे कर लिए हैं। हिमालय की ओर से आ रही बर्फीली हवाओं के चलते प्रदेश के बड़े हिस्से में शीतलहर जैसी स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने राज्य के 18 जिलों के लिए कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों में ठंड का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सरगुजा संभाग इस समय सबसे अधिक प्रभावित है। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सर्दी के सबसे निचले स्तरों में से एक है। वहीं बलरामपुर जिले के रामानुजगंज क्षेत्र में रात का तापमान 1 से 2 डिग्री के बीच बना हुआ है। यहां खुले खेतों और पराल पर जमी ओस की बूंदें बर्फ की तरह जमती देखी गईं, जिससे ग्रामीण इलाकों में कड़ाके की ठंड का असर साफ नजर आ रहा है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो दुर्ग में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कई अन्य जिलों में दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाओं और साफ आसमान के कारण रातें ज्यादा सर्द हो रही हैं, जिससे सुबह और देर शाम लोगों को घरों से निकलने में कठिनाई हो रही है। सिनोप्टिक सिस्टम के चलते बढ़ेगी ठंड पश्चिमी विक्षोभ हिमालय और उत्तर भारत से ठंडी हवाओं को नीचे की ओर धकेलता है। वहीं तेज जेट स्ट्रीम इन हवाओं को तेजी से मध्य भारत की तरफ आगे बढ़ा देती है, नतीजा यह होता है कि उत्तर भारत की ठंड छत्तीसगढ़ तक पहुंचने लगती है। इसी वजह से रात का तापमान तेजी से गिरता है। सुबह-शाम ठंड ज्यादा महसूस होती है, कुछ इलाकों में शीतलहर की स्थिति बन जाती है। उदाहरण के साथ समझाया जाए तो मान लीजिए जैसे फ्रिज का दरवाजा खुला रह जाए और पंखा चलने लगे तो ठंडी हवा दूर तक फैल जाती है। यहां पश्चिमी विक्षोभ फ्रिज है और जेट स्ट्रीम पंखा, जो ठंडी हवा को छत्तीसगढ़ तक पहुंचा रहा है। यात्री प्रतीक्षालय में ठंड से मौत 7 जनवरी को कोरबा के सरई सिंगार निवासी हरप्रसाद भैना (55) की मौत ठंड लगने से हो गई। उनकी लाश कसईपाली के यात्री प्रतीक्षालय में मिली। हरप्रसाद मंगलवार को रलिया गांव में छठी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पैदल घर लौट रहे थे। रात की ठंड में थकान के कारण वे प्रतीक्षालय में सो गए थे। बुधवार सुबह लोगों ने उनकी लाश देखी। शव की स्थिति और मौके की परिस्थिति देखकर उनकी ठंड से मौत होने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि इस ठंड की मुख्य वजह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और तेज जेट स्ट्रीम है। पश्चिमी विक्षोभ हिमालय क्षेत्र से ठंडी हवा को दक्षिण की ओर धकेल रहा है, जबकि जेट स्ट्रीम इन हवाओं को तेजी से मध्य भारत तक पहुंचा रही है। इसी प्रक्रिया के चलते उत्तर भारत की ठंड छत्तीसगढ़ तक फैल रही है और शीतलहर जैसी स्थिति बन रही है। ठंड के इस दौर का मानवीय असर भी सामने आ रहा है। हाल ही में कोरबा जिले में एक 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत की आशंका ठंड लगने से जताई गई है। उनका शव एक यात्री प्रतीक्षालय में मिला था। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से रात के समय खुले स्थानों पर न रुकने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं प्रशासन ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रैन बसेरों और अस्थायी आश्रयों की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक शीतलहर का असर बना रहेगा। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने पर तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन फिलहाल छत्तीसगढ़ को सर्दी की इस परीक्षा से गुजरना पड़ेगा।