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छत्तीसगढ़ में IED विस्फोट में बीएसएफ का जवान शहीद

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में गुरुवार को नक्सलियों द्वारा किए गए विस्फोट में सीमा सुरक्षा बल का एक जवान शहीद हो गया। यह दो दिनों में इस तरह की दूसरी मौत है। पुलिस ने यह जानकारी दी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना परतापुर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत सदाकटोला गांव के पास उस समय हुई जब बीएसएफ और जिला पुलिस बल की एक संयुक्त टीम गश्त कर रही थी। उन्होंने बताया कि नक्सलियों द्वारा किए गए विस्फोट में बीएसएफ के हेड कांस्टेबल अखिलेश राय (45) घायल हो गए। अधिकारी ने बताया कि उन्हें प्रारंभिक उपचार दिया गया और आगे की चिकित्सा देखभाल के लिए पखांजूर रेफर किया गया, लेकिन चोटों के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। इलाके में तलाशी अभियान जारी उन्होंने कहा, अखिलेश राय उत्तर प्रदेश के मूल निवासी थे। उन्होंने बताया कि इलाके में बीएसएफ, जिला रिजर्व गार्ड और जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम द्वारा तलाशी अभियान जारी है। बुधवार को राज्य के नारायणपुर जिले में नक्सलियों द्वारा सुरक्षाकर्मियों की एक टीम पर हमला करने और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट करने से छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के एक जवान की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया।

अब मुंदड़ा कुंज से ट्रांसपोर्ट नगर तक सड़क के दोनों तरफ़ 7 मीटर की सर्विस लेन से मेडिकल कॉलेज, पेंड्री जाना होगा सुरक्षित

राजनांदगांव को एक्सीडेंट मुक्त करने डॉ रमन की पहल से जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य अब मुंदड़ा कुंज से ट्रांसपोर्ट नगर तक सड़क के दोनों तरफ़ 7 मीटर की सर्विस लेन से मेडिकल कॉलेज, पेंड्री जाना होगा सुरक्षित सोमनी से इरा मोड़ और सोमनी से खुटेरी मोड़ तक भी सर्विस लेन का निर्माण होगा प्रारंभ   सुंदरा से पार्रीनाला तक सर्विस लेन का निर्माण भी शीघ्र होगा शुरू पेंड्री में जल्द बनेगा सड़क अंडरपास – 5.5 मीटर ऊँचा और 12 मीटर चौड़ा महाराजपुर के लिए अंडरपास एवं मुख्य मार्ग पर दोनों तरफ सर्विस रोड का जल्द शुरू होगा निर्माण   चिचोला, LB नगर, डोंगरगढ़ रोड चौराहे पर वाहन अंडरपास एवं मुख्य सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड का होगा निर्माण  राम दरबार चौराहे को भी एक्सीडेंट मुक्त करने एनएच के अधिकारियों को सर्वे कर, समाधान निकालने डॉ रमन ने दिए निर्देश राजनांदगांव  डॉ रमन सिंह के प्रयास से NH 53 पर सोमनी से चिचोला तक सुरक्षित यातायात हेतु दुर्घटना जनित क्षेत्र पर सर्विस रोड व वाहन अंडर पास का निर्माण कार्य प्रारंभ हो रहा है। राजनांदगांव में यातायात व्यस्वथा को ध्यान में रखकर परिवहन की सुविधाओं के विस्तारीकरण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 53 पर सोमनी से लेकर चिचोला तक वाहन सुरक्षा के लिए सड़क सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।  जिसमें कुल 3 वाहन अंडरपास और सर्विस मार्ग निर्माण  की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और सोमनी से चिचोला तक हादसा मुक्त आवागमन की दिशा में जल्द कार्य प्रारंभ होगा।  108 करोड़ की लागत से सोमनी से लेकर चिचोला तक सड़क पर विकास कार्यों होंगे पूरे इस दिशा में मूंदड़ा कुंज से ट्रांसपोर्ट नगर बाईपास तक दोनों तरफ सर्विस रोड और पेंड्री में वाहन अंडरपास के लिए कुल 47 करोड़ लागत , सुंदरा डेंटल कॉलेज से पार्री नाला तक एक तरफ के सर्विस रोड निर्माण के लिए 7.8 करोड़ लागत , सोमनी गांव के दोनों छोर ईरा मोड तथा खुटेरी मोड तक सर्विस रोड के निर्माण के लिए लगभग 4.78 करोड़ की लागत, महाराजपुर के लिए वाहन अंडरपास एवं मुख्य मार्ग पर दोनों तरफ सर्विस रोड के लिए कुल  22 करोड़ की लागत  और चिचोला, LB नगर, डोंगरगढ़ रोड के पास वाहन अंडरपास एवं मुख्य सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड के लिए कुल 27 करोड़ की लागत  की टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होने जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष और राजनांदगांव विधायक डॉ रमन सिंह और राजनांदगाँव सांसद श्री संतोष पांडेय जी के प्रयास से इन विकास कार्यों को स्वीकृति मिली है, जिसके पूर्ण होने के बाद क्षेत्रवासियों को इस सर्विस लेन से लाभ होगा और यह मार्ग हादसों से मुक्त होगा और ग्रामवासियों एवं हाईवे पर आवागमन करने वाले वाहनों को इन सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सड़क एवं परिवहन मंत्रालय नितिन गडकरी का आभार व्यक्त करते हुए विधानसभा अध्यक्ष और राजनांदगांव विधायक डॉ रमन सिंह ने कहा कि "माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और श्री गडकरी जी के नेतृत्व में केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश में सड़कों का जाल बिछाने का काम हुआ है और राजनांदगांव भी इस कड़ी में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है।"

आल्हामाड़ा केवल तीर्थ नहीं, आदिवासी अस्मिता का केंद्र हैः रामविचार नेताम

एमसीबी : जनजातीय आस्था का तीर्थ आल्हामाड़ा: सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक बना छेरता तिहार आल्हामाड़ा केवल तीर्थ नहीं, आदिवासी अस्मिता का केंद्र हैः रामविचार नेताम आल्हामाड़ा तीर्थ स्थल को मिलेगी नई पहचानः प्रभारी मंत्री ने किया मंच व सामुदायिक भवन के लिए 40 लाख की घोषणा छेरता पर्व केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है – श्याम बिहारी जायसवाल एमसीबी  छत्तीसगढ़ की महान, गौरवशाली एवं प्राचीन लोकसंस्कृति को संजोए रखने वाला लोकपर्व छेरता तिहार इस वर्ष आल्हामाड़ा धाम, ग्राम पंचायत बंजी में अपार श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक उल्लास के साथ ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। यह भव्य आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ी लोकपरंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत करता रहा, बल्कि सामाजिक एकता, जनविश्वास, सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक सहभागिता का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा। तीन दिवसीय इस महापर्व का आयोजन 03 जनवरी 2026 से 05 जनवरी 2026 तक बंजी ग्राम पंचायत स्थित ऐतिहासिक एवं आस्था के केंद्र आल्हामाड़ा धाम में किया गया। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा। दूर-दराज के गांवों से श्रद्धालु, जनजातीय समाज के लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी वर्ग, जनप्रतिनिधि और सांस्कृतिक प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर छेरता पर्व की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते नजर आए। छेरता तिहार के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति से ओत-प्रोत विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां हुईं। सुवा नृत्य, सैला, कर्मा, लोकड़ी जैसे पारंपरिक लोकनृत्यों ने दर्शकों का मन मोह लिया, वहीं कबड्डी प्रतियोगिता जैसे खेल आयोजनों ने युवाओं में विशेष उत्साह भर दिया। पूरे परिसर में पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीतों और ढोल-मांदर की गूंज ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस गरिमामय अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, जिला अध्यक्ष चंपादेवी पावले, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, जिला पंचायत सदस्य रामजीत लकड़ा, श्रीमती अनीता सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और समाजसेवी मंचासीन रहे। सभी ने लोकसंस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का सामूहिक संदेश दिया। इस अवसर पर डीएम ने हसदेव क्षेत्र की ओर से समस्त क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि आल्हामाड़ा की पावन धरती पर छेरछेरा पर्व का यह भव्य आयोजन अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि छेरछेरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गांवों की मूल और जीवंत संस्कृति की पहचान है, जिसे हम पीढ़ी दर पीढ़ी सहेजते आ रहे हैं। उन्होंने बच्चों द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर दिए गए संदेश की सराहना करते हुए कहा कि यह हमारी आने वाली पीढ़ी की जागरूकता का प्रतीक है। उन्होंने संस्कृति और प्रकृति को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए आयोजन समिति की सराहना की और 11 हजार रुपये के सहयोग की घोषणा की। वहीं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आल्हामाड़ा और जोगी डोंगरी की जयघोष के साथ अपने संबोधन में कहा कि छेरता पर्व और इससे जुड़ा मेला इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह स्थान न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का केंद्र है, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण ऐसा स्थल है, जहां दूर-दूर से लोग आते हैं। उन्होंने जिले में स्वीकृत और निर्माणाधीन सड़कों, किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना और श्रमिक परिवारों के कल्याणकारी कार्यों की जानकारी देते हुए सरकार की जनकल्याणकारी सोच को रेखांकित किया। भारी मंत्री रामविचार नेताम ने धरती माता, गहिवार बाबा, जोगी डोंगरी और बूढ़ादेव की जयकारा के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि छेरछेरा पूरे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने आल्हामाड़ा को आदिवासी समाज का प्रमुख तीर्थ स्थल बताते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से आल्हामाड़ा की पहचान प्रदेश और देशभर में स्थापित की जानी चाहिए। जनजातीय समाज के उत्थान के लिए संचालित योजनाओं, प्रयास आवासीय विद्यालयों, पीएम जनमन और पीवीजीटी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए राजधानी में निर्मित ट्राइबल म्यूजियम की जानकारी दी। अंत में उन्होंने आल्हामाड़ा में मंच एवं सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 40 लाख रुपये की घोषणा की, जिस पर उपस्थित जनसमूह ने तालियों के साथ स्वागत किया। बड़ादेव धाम समिति आल्हामाड़ा बंजी एवं ग्राम पंचायत बंजी की सक्रिय भूमिका से यह आयोजन सुव्यवस्थित, सफल और स्मरणीय बन सका। श्रद्धालुओं और अतिथियों के लिए की गई व्यवस्थाओं की चारों ओर सराहना हुई। लोकपर्व छेरता ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि यह केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने वाला महोत्सव है, जो छत्तीसगढ़ की आत्मा को एक सूत्र में बांधता है। अंत में प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयोजन स्थल पर चल रही कबड्डी प्रतियोगिता का अवलोकन करते हुए महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की। मंत्रियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके खेल कौशल की सराहना की और ग्रामीण अंचलों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए शासन की प्रतिबद्धता दोहराई। खिलाड़ियों एवं उपस्थित दर्शकों ने अतिथियों का करतल ध्वनि से स्वागत किया। इस अवसर पर मनोज विश्नोई महाप्रबंधक हसदेव क्षेत्र, चन्द्रकान्त पटेल, शरण सिंह मरपच्ची, श्रीमती सीता देवी, सुरेन्द्र सिंह, देव कुमार, रमेश सिंह, दलप्रताप सिंह, हीरा सिंह, लखनलाल श्रीवास्तव, रामलखन पैकरा, ममता सिंह, उजित नारायण सिंह सहित सभी जनप्रतिनिधि एवं जनपद सीईओ सुवैशाली सिंह, तहसीलदार सुश्रुति धुर्वे सहित अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

एमसीबी: सरगुजा ओलंपिक 2025-26 में जनजातीय अंचल की खेल प्रतिभा को मिलेगा नया मंच

एमसीबी : सरगुजा ओलंपिक 2025-26: जनजातीय अंचल की खेल प्रतिभा को मिलेगा नया मंच एमसीबी छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग, रायपुर के निर्देशानुसार विकासखण्ड स्तरीय सरगुजा ओलंपिक 2025-26 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। सरगुजा संभाग अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहाँ युवाओं में खेलों के प्रति अपार नैसर्गिक प्रतिभा विद्यमान है। इसी प्रतिभा को पहचानने, निखारने और राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के उद्देश्य से सरगुजा ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। सरगुजा ओलंपिक 2025-26 का मुख्य उद्देश्य शासन और जनता के मध्य मजबूत एवं प्रत्यक्ष संबंध स्थापित करना, युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना तथा उनकी खेल एवं रचनात्मक प्रतिभा को पहचानकर उन्हें सशक्त खिलाड़ी के रूप में विकसित करना है। इसी क्रम में प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ियों से पंजीयन हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पंजीयन प्रक्रिया खिलाड़ियों के लिए पंजीयन की अवधि 28 दिसंबर 2025 से 12 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। इच्छुक खिलाड़ी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीयन करा सकते हैं। ऑनलाइन पंजीयन के लिए पोर्टल https://rymc.cg.gov.in/ rgujaOlympic2025/  उपलब्ध कराया गया है, साथ ही बारकोड सुविधा भी दी गई है। ऑफलाइन पंजीयन फार्म संबंधित विकासखण्ड के जनपद पंचायत कार्यालय, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, नगर पंचायत/नगर पालिका निगम कार्यालय अथवा जिला खेल अधिकारी कार्यालय से प्राप्त कर वहीं जमा किए जा सकते हैं। प्रत्येक विकासखण्ड स्तर पर भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों का पंजीयन अनिवार्य होगा। एक खिलाड़ी केवल एक ही पंजीयन फार्म जमा कर सकेगा। दलीय खेलों के लिए सभी खिलाड़ियों के फार्म एक साथ जमा कराना अनिवार्य रहेगा। प्रतियोगिताएँ एवं आयु वर्ग सरगुजा ओलंपिक 2025-26 में एथलेटिक्स के अंतर्गत 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊँची कूद, शॉटपुट, हैमर थ्रो, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो तथा 4×100 मीटर रिले रेस आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी (जिला स्तर), कुश्ती (जिला स्तर), कराते, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल तथा रस्साकस्सी (प्रदर्शनात्मक केवल महिला सीनियर वर्ग) प्रतियोगिताएँ भी शामिल हैं। प्रतियोगिताएँ दो आयु वर्गों में आयोजित की जाएगी जूनियर वर्ग: 14 से 17 वर्ष (बालक एवं बालिका) सीनियर वर्ग: आयु बंधन नहीं (महिला एवं पुरुष) पंजीयन फार्म के आधार पर ही खिलाड़ियों की भागीदारी विकासखण्ड एवं जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में सुनिश्चित की जाएगी। सभी स्तरों पर खिलाड़ियों को आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र अथवा बैंक पासबुक की छायाप्रति जैसे मान्य पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। सरगुजा ओलंपिक 2025-26 निश्चित रूप से आदिवासी अंचल के युवाओं के लिए अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने, आगे बढ़ने और खेल के माध्यम से नई पहचान बनाने का एक ऐतिहासिक अवसर सिद्ध होगा।

स्वामी विवेकानंद ने दुनिया में बढ़ाया भारत की संस्कृति एवं सनातन का मान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अल्पायु में ही संपूर्ण विश्व को भारत की सनातन संस्कृति, अध्यात्म और दर्शन से परिचित कराते हुए देश का सम्मान बढ़ाया था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित सेंड ऑफ सेरेमनी समारोह में युवाओं को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस पर प्रतिवर्ष 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है तथा राष्ट्रीय युवा उत्सव का आयोजन किया जाता है। यह उत्सव भारत की युवा ऊर्जा, रचनात्मकता और राष्ट्र निर्माण की भावना का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हम छत्तीसगढ़ वासियों के लिए यह बड़े सौभाग्य की बात है कि स्वामी विवेकानंद जी ने अपना अधिकांश समय रायपुर में बिताया। बूढ़ा तालाब एवं डे-भवन जैसी पावन स्थलों की स्मृतियाँ आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने के लिए 75 प्रतिभाशाली युवाओं का चयन किया गया है, जो पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है। इनमें 45 युवा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग से, 1 युवा डिजाइन फॉर भारत ट्रैक से तथा 29 प्रतिभागी सांस्कृतिक ट्रैक्स से शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ के युवाओं का  प्रतिनिधित्व भारत की युवा शक्ति, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और विकसित भारत के संकल्प में सहभागी बनने का सुनहरा मौका है। उन्होंने कहा कि  छत्तीसगढ़ के युवा राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, लोकनृत्य, लोकगीत और युवा नेतृत्व का प्रदर्शन करेंगे। इससे छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू पूरे देश में बिखरेगी और राज्य गौरवान्वित होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय स्तर पर चयनित सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के युवा 9 जनवरी को नई दिल्ली पहुँचकर देश के विभिन्न प्रांतों से आए युवा कलाकारों एवं यंग लीडर्स से मुलाकात करेंगे और विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। 11 जनवरी को इसरो के गगनयात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला  से मिलेंगे और उनके अंतरिक्ष अनुभवों से प्रेरणा प्राप्त करेंगे। इसके साथ ही 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस पर यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  देश के युवा प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की पहचान है और युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के प्रसिद्ध संदेश – “उठो, जागो और तब तक नहीं रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” – का उल्लेख करते हुए युवाओं से इससे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जहाँ युवा समूह होता है, वहाँ ऊर्जा का स्वाभाविक संचार होता है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का सपना है कि देश के यंग लीडर्स सभी क्षेत्रों में नेतृत्व करें। हमारी सरकार ने बेहतर व्यवस्थाओं के साथ विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक युवा महोत्सव का सफल आयोजन कराया है। इसके लिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों की सराहना भी की। श्री साव ने भी सभी चयनित प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने मुख्य मंच से चयनित प्रतिभागियों को वेशभूषा किट प्रदान किए। साथ ही कुछ प्रतिभागियों ने अपने अनुभव भी साझा किए। इस मौके पर युवा आयोग अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण एवं प्रतिभागी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने सुकमा जिले के पंचायत प्रतिनिधियों से की आत्मीय मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन, रायपुर में हमर छत्तीसगढ़ जन भ्रमण योजना के अंतर्गत राजधानी भ्रमण पर आए सुकमा जिले की सुदूरवर्ती ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने पंचायत प्रतिनिधियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अंचल का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को बस्तर के प्रत्येक गांव तक पहुंचाने के लिए निरंतर  कार्य कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान कहा कि राज्य सरकार बस्तर क्षेत्र में भी तीव्र गति से विकास कार्य संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदूर अंचलों में सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे विकास कार्यों को सुरक्षा और गति दोनों प्राप्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब अधिकांश गांवों में शासकीय राशन दुकानों की स्थापना की जा चुकी है तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है। उन्होंने कहा  कि निकट भविष्य में बस्तर क्षेत्र पूरी तरह नक्सलमुक्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आत्मनिर्भर बस्तर के लक्ष्य की दिशा में लगातार प्रयासरत है। इसी उद्देश्य से बस्तर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को राजधानी भ्रमण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि वे यहां के विकास कार्यों को देखकर प्रेरित हों और अपने क्षेत्रों में भी चहुंमुखी विकास को बढ़ावा दें। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि हमर छत्तीसगढ़ जन भ्रमण योजना के अंतर्गत सुकमा जिले के सुदूरवर्ती विभिन्न ग्राम पंचायतों के लगभग 100 पंचायत प्रतिनिधि राजधानी रायपुर के दो दिवसीय भ्रमण पर आए हैं। भ्रमण के दौरान जनप्रतिनिधियों को मंत्रालय, जंगल सफारी, आदिवासी संग्रहालय, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और शॉपिंग मॉल जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का अवलोकन कराया गया।

कांकेर के कलेक्टर बोले-आधार बॉयोमेट्रिक उपस्थिति की राज्य स्तर से हो रही मॉनिटरिंग

उत्तर बस्तर कांकेर. कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक लेकर विभिन्न विषयों एवं योजनाआंे के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियांे को आवश्यक निर्देश दिए। 01 जनवरी 2026 से सभी कार्यालयों में लागू आधार बेस्ड बॉयोमेट्रिक अटेंडेंस के संबंध में उन्होंने निर्देशित किया कि सभी अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित समय में उपस्थित होकर अपनी ऑनलाइन अटेंडेंस अनिवार्य रूप से दर्ज करें। इसकी मॉनिटरिंग राज्य स्तर से की जा रही है तथा इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है, अतः इसे गंभीरता से लेते हुए शासन के निर्देशों का अनिवार्यतः पालन करें। इसके अलावा कलेक्टर ने ई-ऑफिस, धान खरीदी, लंबित निर्माण कार्य, एसआईआर, बस्तर पण्डुम के आयोजन से संबंधित एजेण्डों पर चर्चा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज सुबह 10.30 से आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि एसआईआर के तहत मतदाता सूची अद्यतीकरण के संबंध में अंतागढ़ विकासखण्ड में संबंधितों को नोटिस डिलीवर नहीं हो पा रहा है। उन्होंने एसडीएम अंतागढ़ को निर्देशित किया चंूकि इसमंे समय-सीमा निर्धारित है, इसलिए आगे की कार्यवाही पूर्ण करने के लिए इसमें तेजी लाएं, जिससे दावा-आपत्तियों का निराकरण निर्वाचन आयोग द्वारा तय समय पर किया जा सके। इसी तरह ई-ऑफिस के माध्यम से सभी कार्यालयों को क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से ब्लॉक स्तर पर ई-ऑफिस से कार्य नहीं किए जा रहे हैं, सभी जनपद सीईओ इसे गंभीरता से लें। राज्य शासन के निर्देशानुसार आगामी दिनों में बस्तर संभाग में आयोजित होने वाले बस्तर पण्डुम की तैयारियों के संबंध में कलेक्टर ने समाज प्रमुखों की बैठक लेकर पारंपरिक परिधान, संस्कृति, वेशभूषा तथा प्राचीन सामाजिक गतिविधियों की जानकारी लेकर प्रत्येक विधा पर विकासखण्डवार टीम गठित करने के निर्देश सभी अनुविभागीय अधिकारियों को दिए। इसके अलावा कलेक्टर ने जिले में धान खरीदी की वर्तमान स्थिति की जानकारी खाद्य अधिकारी से ली। बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न योजनाओं के तहत विभागों में निष्क्रिय खातों को बंद कर एक खाते में राशि समायोजित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इसी तरह पुल-पुलिया, सड़क, भवन आदि निर्माण कार्यों के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जल्द से जल्द गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, विशेष केन्द्रीय सहायता मद, राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम, पीएम किसान सम्मान, आयुष्मान वय वंदना सहित विभिन्न विभागों में समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर डीएफओ श्री हेमचंद पहारे, जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर श्री जितेन्द्र कुर्रे एवं श्री ए.एस. पैकरा, श्री अरूण वर्मा सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे। गणतंत्र दिवस की तैयारियों को लेकर की समीक्षा समय-सीमा बैठक के दौरान कलेक्टर क्षीरसागर ने आगामी 26 जनवरी को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पर्व पर गणतंत्र दिवस की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों की जानकारी दी। उन्हांेने सभी अधिकारियों को सफलतापूर्वक आयोजन के लिए दायित्वों का निर्वहन उच्च अधिकारियों सेे समन्वय स्थापित कर बेहतर ढंग से करने के निर्देश दिए। अपर कलेक्टर श्री कुर्रे ने विभागवार सौंपे गए दायित्वों के बारे में बताया।

छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ा फेरबदल, 17 सहायक उप निरीक्षकों को मिली SI पदोन्नति

रायपुर छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में सोमवार को बड़े पैमाने पर पदोन्नति की गई है। पुलिस मुख्यालय (PHQ) द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, विभाग में लंबे समय से कार्यरत 17 सहायक उप निरीक्षकों (ASI) को उप निरीक्षक (SI) के पद पर पदोन्नत किया गया है। यह निर्णय पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने और अनुभवी अधिकारियों को उच्च पदों पर जिम्मेदारी सौंपने के उद्देश्य से लिया गया है। वरिष्ठता और विभागीय मापदंडों के आधार पर चयन पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, यह पदोन्नति अधिकारियों की वरिष्ठता, उनके सेवा अनुभव और कड़े विभागीय मापदंडों के आधार पर दी गई है। जारी की गई सूची में चयनित सभी 17 अधिकारियों के नाम, उनके वर्तमान पदस्थापन और पदोन्नति की प्रभावी तारीख का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। इस घोषणा के बाद विभाग में हर्ष का माहौल है।   पदोन्नत अधिकारियों की सूची पदोन्नति पाने वाले प्रमुख अधिकारियों में बालोद से पुनउ राम साहू, जीआरपी रायपुर से गिरिजाशंकर मिश्रा, रायपुर से अतुलेश राय, और नारायणपुर से परसूराम ठाकुर शामिल हैं। इसके अलावा सारंगढ़-बिलाईगढ़ से पुरेंद्र मल्होत्रा और रायपुर जिले से बड़ी संख्या में अधिकारियों को पदोन्नति मिली है, जिनमें हरीशचंद्र द्विवेदी, राजेंद्र प्रसाद गौतम, दीपक कुमार साहू, झाम सिंह राजपूत, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, राधेश्याम सोनबेर (साहू), चंद्रिका प्रसाद साहू और देवकुमार वर्मा के नाम शामिल हैं। वहीं बलौदाबाजार जिले से सुरेंद्र सिंह ठाकुर और विजय सिंह कोसरिया को भी सब इंस्पेक्टर बनाया गया है।   नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन सब इंस्पेक्टर के रूप में पदोन्नत इन अधिकारियों को अब पुलिसिंग के क्षेत्र में अधिक चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभानी होंगी। उनकी नई जिम्मेदारियों में प्रमुख रूप से थानों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, संगीन अपराधों का नियंत्रण और उनकी गहराई से विवेचना (Investigation) करना शामिल रहेगा। इसके साथ ही, वे अब अधीनस्थ स्टाफ का नेतृत्व करेंगे और प्रशासनिक कार्यों के बेहतर समन्वय में अपनी भूमिका निभाएंगे।

रायपुर में 8 को जनदर्शन में मुख्यमंत्री साय करेंगे लोगों से संवाद

रायपुर. मुख्यमंत्री निवास कार्यालय रायपुर में 8 जनवरी गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके। महासमुंद : अस्पृश्यता निवारणार्थ सद्भावना शिविर 30 जनवरी को ग्राम घोड़ारी में होगा आयोजित महासमुंद. अनुसूचित जातियों के हित में शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आदिवासी विकास विभाग द्वारा अस्पृश्यता निवारणार्थ एवं प्रचार-प्रसार सद्भावना शिविर का आयोजन किया जा रहा है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास शिल्पा साय ने बताया कि यह शिविर 30 जनवरी 2026 को महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम घोड़ारी में प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा। शिविर में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा सहभागिता करते हुए अपने-अपने विभागीय योजनाओं, सुविधाओं एवं लाभों की विस्तृत जानकारी आम नागरिकों को प्रदान की जाएगी। शिविर के दौरान अनुसूचित जाति वर्ग के लिए संचालित छात्रवृत्ति योजनाएं, आवास, स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों एवं आवेदन संबंधी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही शिविर में स्कूली एवं महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिए निबंध एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। जिसमें प्रथम पुरस्कार राशि 500 रुपए, द्वितीय 300 रुपए एवं तृतीय पुरस्कार राशि 200 रुपए निर्धारित है। उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक संख्या में शिविर में उपस्थित होकर शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें एवं इसका लाभ उठाएं।

सरगुजा ओलंपिक में आदिवासी अंचल की खेल प्रतिभाओं को 12 खेल प्रतियोगिताओं में मिलेगा नया मंच

रायपुर. सरगुजा संभाग अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र है, यह क्षेत्र खेल प्रतिभाओं से परिपूर्ण माना जाता है। यहां के युवाओं में खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि और अपार क्षमता को पहचानकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सरगुजा ओलंपिक 2025-26 का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप तथा खेल मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री (खेल एवं युवा कल्याण विभाग) अरुण साव के मार्गदर्शन में आयोजित यह प्रतियोगिता आदिवासी अंचल के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगी। सरगुजा ओलंपिक 2025-26 निश्चित रूप से क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। इस आयोजन का उद्देश्य शासन और जनता के बीच मजबूत एवं प्रत्यक्ष संबंध स्थापित करते हुए युवाओं की रचनात्मक और खेल प्रतिभा को निखारना है। सरगुजा ओलंपिक में कुल 12 खेलों की प्रतियोगिताएं विकासखण्ड, जिला एवं संभाग स्तर पर आयोजित की जाएंगी। आयोजन की प्रमुख तिथियां – सरगुजा ओलंपिक में खेल के 12 विधाओं में पंजीयन अवधिः 28 दिसम्बर 2025 से 12 जनवरी 2026 तक किया जा सकता है l विकासखण्ड स्तरीय आयोजनः 15 जनवरी 2026 से 18 जनवरी 2026 जिला स्तरीय आयोजनः 22 जनवरी 2026 से 25 जनवरी 2026 संभाग स्तरीय आयोजनः 28 जनवरी से 31 जनवरी 2026 (उक्त तिथियां खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ की अनुमति के पश्चात परिवर्तनीय हो सकती हैं।) सरगुजा ओलंपिक हेतु ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीयन की सुविधा प्रदान की गई है। ऑनलाइन पंजीयन लिंक https://rymc.cg.gov.in/sargujaOlympic2025/ के माध्यम से तथा ऑफलाइन पंजीयन कार्यालयों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। कलेक्टरों ने विकासखण्ड, जिला एवं प्रत्येक गांव से अधिक से अधिक युवाओं का पंजीयन सुनिश्चित करने, समुचित आयोजन संचालन तथा जिला स्तर पर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। सरगुजा ओलंपिक में कुल 12 खेल प्रतियोगिताओं में व्यक्तिगत खेल अंतर्गत एथलेटिक्स (100 मी., 200 मी., 400 मी., लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवेलिन थ्रो, 400 मी. रिले) तीरंदाजी (इंडियन राउंड), बैडमिंटन, कुश्ती एवं कराते शामिल हैं। इसके अलावा दलीय खेल में फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, बॉलीबॉल, रस्साकसी और बास्केटबॉल शामिल हैं। इस ओलंपिक में सरगुजा संभाग के सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर एवं जशपुर जिले के खेल में रुचि रखने वाले प्रतिभागी भाग ले सकेंगे l