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राज्यपाल डेका ने स्वर्ण पदक विजेता आर्मरेसलर मंत झा को दी बधाई राज्यपाल रमेन डेका

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में 64 अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता पैरा आर्मरेसलर  मंत झा ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने हाल ही में नार्वे के ईदफ्योर्ड में  आयोजित हुए पैरा आर्मरेसलिंग कप 2026 प्रतियोगिता में 85 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीत कर देश का नाम रोशन किया है।          छत्तीसगढ़ के भिलाई के निवासी मंत झा एक प्रसिद्ध भारतीय पैरा-आर्मरेसलर (विकलांग कुश्ती खिलाड़ी) हैं, जिन्होंने नॉर्वे पैरा-आर्म रेसलिंग कप 2026 में 85 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रौशन किया है। वे एशिया नंबर-1 और वर्ल्ड नंबर-3 के रूप में पहचान रखते हैं और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अब तक 64 से अधिक पदक जीत चुके हैं।  झा ने राज्यपाल को अपनी उपलब्धियों की जानकारी दी।  डेका ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी तथा उनका सम्मान किया।

विश्व रेडक्रॉस दिवस पर राज्य भर में होंगे विशेष कार्यक्रम राज्यपाल डेका ने दिए निर्देश राज्यपाल रमेन

रायपुर राज्यपाल  रमेन ने कहा कि रेडक्रॉस के मानव सेवा कार्याे का प्रचार-प्रसार जन-जन तक पहुंचाने के लिए सदस्यता अभियान को गति देना आवश्यक है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, समाज सेवियों एवं विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिकों को अभियान से जोड़ा जाए।  डेका ने 8 मई विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर राज्य एवं जिला शाखाओं में वृहद स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।           राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष  टोमन साहू ने मुलाकात की। इस दौरान रेडक्रॉस सोसायटी की गतिविधियों, सदस्यता अभियान तथा आगामी विश्व रेडक्रॉस दिवस के आयोजन के संबंध में राज्यपाल द्वारा मार्गदर्शन दिया गया।            डेका ने 8 मई विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर वृहद स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों को रेडक्रॉस स्टीकर लगाकर दान संग्रहण कार्यक्रम चलाएं। उन्होंने प्रदेश के सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को जूनियर रेडक्रॉस और यूथ रेडक्रॉस से जोड़ने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि युवाओं की भागीदारी से सेवा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा मिलेगा।         बैठक में रेडक्रॉस सोसायटी के विभिन्न कार्यक्रमों और भविष्य की योजना पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसायटी के राज्यप्रतिनिधि  युवराज देशमुख और कोषाध्यक्ष  संजय पटेल उपस्थित थे।

सुशासन एक्सप्रेस के ज़रिए नारायणपुर के दूर-दराज के गांवों को घर तक सर्विस मिलती है

रायपुर  नारायणपुर के अंदरूनी गांवों में रहने वाले कई परिवारों के लिए, सरकारी डॉक्यूमेंट कभी उनकी पहुंच से बाहर थे, अपनी मर्ज़ी से नहीं बल्कि दूरी की वजह से। लंबे सफ़र, खराब सड़कें और सुरक्षा की चिंताओं की वजह से सर्विस नहीं मिल पाती थीं। नारायणपुर कलेक्टर मती नम्रता जैन के तहत ज़िला प्रशासन द्वारा शुरू की गई सुशासन एक्सप्रेस, एक मोबाइल गवर्नेंस यूनिट है, जो सरकारी सर्विस को सीधे इन बस्तियों तक पहुंचाकर उस दूरी को कम कर रही है। सालों तक, भूगोल और सुरक्षा की चिंताओं की वजह से कई गांव प्रशासन की आम पहुंच से दूर थे। पहचान रजिस्ट्रेशन, वेलफेयर एनरोलमेंट और शिकायत निवारण जैसी बेसिक सर्विस के लिए अक्सर लंबा सफ़र करना पड़ता था या वे पूरी तरह से पहुंच से बाहर रहती थीं। सुशासन एक्सप्रेस इस समीकरण को बदल देती है। जनवरी 2026 में शुरू की गई यह पहल एक ट्रैवलिंग सर्विस सेंटर के तौर पर काम करती है। अधिकारी और डेटा ऑपरेटर दूर-दराज की बस्तियों में जाते हैं, टेम्पररी कैंप लगाते हैं और मौके पर ही सर्विस देते हैं। फोकस इस बात पर है कि अंदरूनी इलाकों के लोग, खासकर नियाद नेला नार गांवों के लोग, ज़रूरी स्कीमों के तहत कवर हों। जनवरी से 23 अप्रैल, 2026 के बीच, सुशासन एक्सप्रेस कई स्कीमों के तहत हज़ारों बेनिफिशियरी तक पहुंची है। डेटा ऑन-ग्राउंड डिलीवरी के स्केल को दिखाता है। कुल 1,951 आधार कार्ड, 259 आयुष्मान कार्ड और 306 लेबर कार्ड जारी किए गए हैं। ज़रूरी डॉक्यूमेंटेशन और रोजी-रोटी से जुड़ी सर्विसेज़ में भी लगातार प्रोग्रेस हुई है। इसमें 676 बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट, 514 राशन कार्ड जारी करना, 168 कास्ट सर्टिफिकेट, 104 इनकम सर्टिफिकेट और 63 रेजिडेंस सर्टिफिकेट शामिल हैं। इसके अलावा, PM सम्मान निधि के तहत 31 सर्विसेज़ को आसान बनाया गया है। यह आउटरीच सिर्फ डॉक्यूमेंटेशन तक ही सीमित नहीं रही है। इस पहल ने पेंशन से जुड़ी सर्विसेज़, MGNREGA जॉब कार्ड और चुनाव से जुड़े Form-6 रजिस्ट्रेशन में मदद की है। दूर-दराज के इलाकों में हेल्थ और डिसेबिलिटी सर्वे भी किए गए हैं। प्रोग्राम की एक खास बात आधार सर्विस डिलीवरी है। कुल 10,682 आधार अपडेट पूरे हो चुके हैं, जिसमें ज़रूरी बायोमेट्रिक अपडेट भी शामिल हैं। इससे लंबे समय से चली आ रही कमी दूर हो रही है, क्योंकि ज़्यादातर सरकारी स्कीमों का फ़ायदा उठाने के लिए पहचान के डॉक्यूमेंट्स तक पहुँच ज़रूरी है। कई लोगों के लिए, ये कैंप सरकारी सिस्टम तक पहली सीधी पहुँच देते हैं। झारवाही, कंडाकाडी, कोरगे, पंगुड, माधोनार, रायनार, कोरेंडा, तोयनार और छिनारी जैसे गाँव, जहाँ कभी इलाके और सुरक्षा की वजह से पहुँचना मुश्किल था, अब सर्विस डिलीवरी के इस बढ़ते नेटवर्क का हिस्सा हैं। कलेक्टर मती नम्रता जैन ने कहा, “मिले, प्रोसेस हुए और पेंडिंग एप्लीकेशन को ट्रैक करने के लिए एक डेली मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया गया है, जिससे ट्रांसपेरेंसी और समय पर डिलीवरी पक्की हो सके।” “सुशासन एक्सप्रेस के ज़रिए, हम दूर-दराज के इलाकों में लोगों तक सीधे ज़रूरी सर्विस पहुँचाने के लिए काम कर रहे हैं। पहचान के डॉक्यूमेंट्स, हेल्थकेयर, सोशल सिक्योरिटी और रोज़ी-रोटी में मदद तक पहुँच को बेहतर बनाकर, यह कोशिश भरोसा बनाने और इलाके को धीरे-धीरे स्थिरता और विकास की ओर ले जाने में मदद कर रही है।” नारायणपुर के इलाके ने लंबे समय से शासन चलाने के तरीके को आकार दिया है। घने जंगल, पहाड़ी इलाके और बिखरी हुई बस्तियां फिजिकल एक्सेस को मुश्किल बनाती हैं, क्योंकि कई गांव एडमिनिस्ट्रेटिव सेंटर से बहुत दूर हैं। समय के साथ, इसके लिए एडमिनिस्ट्रेशन को ज़्यादा फ्लेक्सिबल और फील्ड-बेस्ड तरीके अपनाने पड़े हैं। ऐसे में, सुशासन एक्सप्रेस जैसी पहल प्रैक्टिकल और लगातार तरीके से लोगों के करीब सर्विस पहुंचाने में मदद कर रही हैं। गांवों तक सर्विस पहुंचाकर, एडमिनिस्ट्रेशन कम्युनिटी के साथ सीधा जुड़ाव मजबूत कर रहा है और ज़रूरी स्कीम तक पहुंच में सुधार कर रहा है। नारायणपुर में, गवर्नेंस तेजी से घर-घर तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री का कोट मुख्यमंत्री  विष्णु देव साई ने कहा, “सुशासन एक्सप्रेस गुड गवर्नेंस के सिद्धांत के प्रति हमारे कमिटमेंट को दिखाता है, जहां हर नागरिक को उनके लिए बने फायदे मिलते हैं।” “हम चाहते हैं कि हर नागरिक, खासकर दूर-दराज के इलाकों में, बिना किसी फालतू रुकावट के सरकारी सर्विस तक सीधी पहुंच हो। हमारा फोकस यह पक्का करने पर है कि फायदे बिना देरी के योग्य लोगों तक पहुंचें। फील्ड आउटरीच के ज़रिए एडमिनिस्ट्रेशन और नागरिकों के बीच सीधा जुड़ाव मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।”

संकट में मिली संजीवनी, देवरीखुर्द निवासी शिवांश रामटेके को मिली 15 लाख की स्वास्थ्य सहायता

बिलासपुर देवरीखुर्द निवासी मनीष रामटेके को अपने पुत्र शिवांश रामटेके के  इलाज के लिए मुख्यमन्त्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से बड़ी राहत मिली है सिकलसेल की गंभीर बीमारी से  जूझ रहे 15  वर्षीय बालक को इस  सहायता से जीवनदान मिला है जिसके लिए परिवार ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का आभार जताया है।        देवरीखुर्द निवासी मनीष रामटेके ने बताया कि उनके जीवन की सबसे बड़ी चुनौती तब खड़ी हो गई, जब उन्हें ये पता चला कि उनका पुत्र सिकलसेल की गंभीर बीमारी से ग्रसित है। प्राइवेट कंपनी में नौकरी से महँगा इलाज करा पाना उनके लिए संभव नहीं था ऐसे में उन्हें मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना की जानकारी मिली और उन्होंने इसके लिए आवेदन किया। त्वरित रूप से उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें 15 लाख रुपए इलाज के लिए मिले।        मनीष कश्यप बताते हैं कि यह दिन उनके लिए सबसे बड़ी खुशी का दिन था उन्हें बेटे के इलाज और जीवन बचाने की उम्मीद मिली योजना के तहत 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता से बेटे के इलाज का रास्ता आसान हुआ और परिवार के जीवन में खुशियां लौटी, शिवांश इलाज के बाद अब पूरी तरह स्वस्थ है और डाक्टरों की निगरानी में है। शिवांश के पिता भावुक होकर कहते हैं कि मुख्यमन्त्री  विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल ने उनके बेटे को नया जीवन दिया है , जिसके लिए वे उनका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। रेहाना/

सिम्स में रेबीज रोकथाम पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

बिलासपुर छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में सामुदायिक चिकित्सा विभाग एवं जिला स्वास्थ्य तंत्र के सहयोग से “रेबीज की रोकथाम एवं पशु काटने के प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।        प्रशिक्षण का उद्देश्य नर्सिंग स्टाफ को रेबीज संक्रमण की पहचान, समय पर उपचार एवं मरीजों की प्रभावी देखभाल के लिए प्रशिक्षित करना था। विशेषज्ञों ने रेबीज की उत्पत्ति, लक्षणों की पहचान तथा आपातकालीन उपचार की विस्तृत जानकारी दी। बताया गया कि संक्रमित पशु के काटने पर वायरस तंत्रिकाओं के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुंचकर गंभीर प्रभाव डालता है, लेकिन समय पर टीकाकरण और सही प्रबंधन से इससे बचाव संभव है।       सत्र में नर्सिंग स्टाफ को घाव की तत्काल सफाई, एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) एवं इम्युनोग्लोब्युलिन के उपयोग सहित मरीज की निगरानी के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। अधिष्ठाता डॉ. मूर्ति ने कहा कि रेबीज एक जानलेवा लेकिन पूरी तरह रोके जा सकने वाला रोग है, वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने हर पशु काटने के मामले में सतर्कता बरतने पर जोर दिया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. हेमलता ठाकुर सहित अन्य चिकित्सकों और बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ, इंटर्न्स व स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

निर्माण कार्यों में बढ़ रही ‘साईं बाबा समूह’ की आजीविका

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जिसे ष्बिहानष्  के नाम से जाना जाता है, ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी कम करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक प्रमुख कार्यक्रम है। यह भारत सरकार के दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का छत्तीसगढ़ में क्रियान्वयन कर रहा है। ग्रामीण गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं के लिए स्थायी और विविध स्व-रोजगार के अवसर पैदा करना ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।                 छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली ‘बिहान’ (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) योजना महिलाओं के जीवन में सामाजिक और आर्थिक बदलाव का बड़ा माध्यम बन रही है। सहारा आजीविका क्लस्टर के उदयपुर विकासखंड के डाड़गांव की रहने वाली सकीना की कहानी आज अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। जो सकीना कभी बैंक जाने के नाम से घबराती थीं, वे आज स्वयं सहायता समूह के माध्यम से न केवल अपना व्यवसाय संचालित कर रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। अभिसरण का कमालः डीएमएफ मद से मिली मिक्सर मशीन             शासन की विभिन्न योजनाओं के आपसी समन्वय से जमीनी स्तर पर बड़े बदलाव आ रहे हैं। इसी कड़ी में जिला प्रशासन की पहल पर डीएमएफ मद से सीमेंट मिक्सर मशीनें समूहों प्रदान की गई हैं। इन्ही में से एक मशीन ‘रामगढ़’ ग्राम संगठन के ‘साईं बाबा समूह’ को मिली, जिसकी सदस्य सकीना हैं। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहयोग और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। निर्माण कार्यों में बढ़ी भागीदारी, बढ़ी आमदनी         सकीना ने बताया कि उन्होंने अपनी आजीविका विस्तार के लिए समूह से 60,000 का ऋण लिया था। समूह को मिली मिक्सर मशीन और शटरिंग प्लेट्स अब उनकी आय का मुख्य जरिया बन गई हैं। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्यों के लिए उनकी मिक्सर मशीन और शटरिंग प्लेट्स की भारी मांग है। उन्होंने बताया कि ट्रांसपोर्टिंग और अन्य खर्चे निकालकर समूह से अब तक 6,000 से 7,000 की प्रतिदिन की कमाई हो रही है। आत्मविश्वास से भरा सफरः बैंक जाने की हिचकिचाहट हुई खत्म             सकीना अपनी सफलता का श्रेय बिहान योजना को देते हुए कहती हैं, पहले मुझे बैंक जाने में भी डर लगता था, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद मैं जागरूक और सक्रिय हो गई हूँ। अब मुझे किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं है, मैं खुद सक्षम हूँ। अब मैं दूसरी दीदियों को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हूँ। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव            सकीना की आर्थिक मजबूती का सीधा असर उनके परिवार पर पड़ा है। उनकी बेटी अब कॉलेज में है और बेटा हाई स्कूल की पढ़ाई कर रहा है। सकीना का कहना है कि आर्थिक स्वतंत्रता मिलने से अब बच्चों की पढ़ाई-लिखाई बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चल रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक करने का प्रयास किया जा रहा है। योजना के लिए शासन का जताया आभार         सकीना ने अपनी इस सफलता और आत्मनिर्भरता के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इन योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं को केवल काम ही नहीं दिया, बल्कि समाज में एक सम्मानित पहचान भी दी है।

हाईकोर्ट का फैसला: Bhojram Nag की जीत बरकरार, निर्वाचन चुनौती देने वाली याचिका खारिज

बिलासपुर. सांसद भोजराज नाग को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कांकेर से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग पर ईवीएम मशीन में छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए तत्कालीन उम्मीदवार बीरेश ठाकुर ने निर्वाचन रद्द करने याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मशीनों की दोबारा जांच के लिए कोई निर्देश तब तक जारी नहीं किया जा सकता, जब तक मौखिक या डॉक्यूमेंट के ज़रिए गड़बड़ी के बारे में कोई सबूत रिकॉर्ड पर न रखा गया हो. याचिका खारिज कर याचिकाकर्ता को डॉक्यूमेंट्री सबूत रिकॉर्ड करने के बाद नई एप्लीकेशन फाइल करने की छूट दी गई है. हाईकोर्ट में यह एप्लीकेशन कांकर से सांसद पद के उम्मीदवार बीरेश ठाकुर ने डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर, रिटर्निंग ऑफिसर को 26 अप्रैल 2024 को कांकेर पार्लियामेंट्री सीट के लिए हुए इलेक्शन में इस्तेमाल हुई ईवीएम (बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट, वीवीपेट यूनिट) की चेकिग और वेरिफिकेशन करने की इजाज़त देने के लिए एक ऑर्डर जारी करने के लिए फाइल की है. इस इलेक्शन पिटीशन में पिटीशनर ने आरोप लगाया है कि इलेक्शन प्रोसेस रिटîनग ऑफिसर ने गलत इरादे से किया था, और इसमें कई तरह की गड़बड़ियां और गलत काम किए, जिससे इलेक्शन के नतीजे पर काफी असर पड़ा. पिटीशनर ने आरोप लगाया है कि दूसरी रैंडमाइजेशन रिपोर्ट में मशीन नंबर वीवीपेट यूनिट और अलग-अलग असेंबली सीटों गुंडरदेही नंबर 61, सिहावा नंबर 56, संजरीबालोड नंबर 59, डोंडी लोहारा (एसटी ) नंबर 60, और केशकाल नंबर 82 के पोलिग स्टेशनों के फॉर्म 17सी में मशीन नंबर में कुछ अंतर हैं. गिनती में गड़बड़ी के सबूत लाएं बताई गई कानूनी स्थिति और इलेक्शन पिटीशन में दी गई दलीलों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने माना कि इस समय ईवीएम मशीनों की दोबारा जांच के लिए कोई निर्देश तब तक जारी नहीं किया जा सकता जब तक पार्टियों द्बारा मौखिक या डॉक्यूमेंट्री सबूत के ज़रिए गड़बड़ी के बारे में कोई सबूत पहली नज़र में रिकॉर्ड पर न रखा गया हो. याचिका को खारिज कर पिटीशनर को कांकेर संसदीय क्षेत्र नंबर 11 के इन विधानसभा क्षेत्रों में वोटों की गिनती में गड़बड़ी के बारे में कुछ मौखिक या डॉक्यूमेंट्री सबूत रिकॉर्ड करने के बाद नई एप्लीकेशन फाइल करने की छूट दी है.

सियासी परिवार में मातम, पूर्व विधायक के पुत्र की आत्महत्या; घरेलू कलह की आशंका

रायपुर. राजधानी रायपुर से दुखद खबर सामने आई है, जहां पूर्व विधायक धनीराम साहू के पुत्र जय साहू ने आत्महत्या कर ली। इस घटना से इलाके में शोक का माहौल है। 45 वर्षीय जय साहू ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दी। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के पीछे की स्पष्ट वजह सामने नहीं आ सकी है। शुरुआती तौर पर घरेलू विवाद की आशंका जताई जा रही है। पंडरी थाना पुलिस जांच में जुटी: पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव घटना की सूचना मिलते ही पंडरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है, ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। परिवार और परिचितों से पूछताछ: कारणों की तलाश जारी पुलिस अब परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जय साहू ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। राजनीतिक पृष्ठभूमि: पिता रहे चुके हैं विधायक बताया जा रहा है कि जय साहू के पिता धनीराम साहू वर्ष 1977 में कसडोल विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। उन्होंने जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर तत्कालीन मध्यप्रदेश सरकार में राज्य मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई थी। संवेदनशील मामला: सच्चाई सामने आने का इंतजार यह मामला फिलहाल संवेदनशील बना हुआ है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सकेगी।

चलती बाराती बस में लगी भीषण आग, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट का अंदेशा

बालोद. शादियों के सीजन के बीच सड़क दुर्घटनाएं भी सामने आ रहीं हैं. बालोद जिले में भी उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सड़क के बीच बाराती बस में अचानक आग लग गई. घटना से मौजूद बारातियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. देखते ही देखते बस में पूरी तरह आग लग गई. जानकारी के मुताबिक, शर्मा ट्रेवल्स (CG 07 E 1171) की बस बारातियों को कांकेर जिले के अरौद गांव से लेकर बालोद जिले के बड़गांव आ रही थी. जैसे ही बस पुरुर थाना क्षेत्र के जगतरा मंदिर के पास पहुंची अचानक आग लग गई. गनीमत रही कि बस में मौजूद लोगों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, जिससे जनहानि होने से टल गई. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल आग कैसे लगी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. हालांकि शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है.

विश्व मलेरिया दिवस पर बड़ी पहल: पीएमएसएमए के तहत 480+ गर्भवती महिलाओं की हुई मलेरिया जांच

विश्व मलेरिया दिवस पर बड़ी पहल: पीएमएसएमए के तहत 480+ गर्भवती महिलाओं की हुई मलेरिया जांच मनेन्द्रगढ़/एमसीबी विश्व मलेरिया दिवस (25 अप्रैल) के अवसर पर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने एक सराहनीय और व्यापक अभियान चलाते हुए गर्भवती महिलाओं की मलेरिया जांच सुनिश्चित की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत यह विशेष पहल की गई, जिसका उद्देश्य हर गर्भवती महिला तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से समय रहते बचाव करना था। अभियान के तहत जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाली प्रत्येक गर्भवती महिला की अनिवार्य रूप से मलेरिया जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रणनीति बनाकर यह सुनिश्चित किया कि कोई भी महिला जांच से वंचित न रह जाए, विशेषकर वे महिलाएं जो पहले किसी कारणवश जांच नहीं करा पाई थीं। इस दौरान जिले में कुल 480 से अधिक गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई। विकासखंडवार आंकड़ों में खड़गवां में 101, भरतपुर में 118 और मनेन्द्रगढ़ में सर्वाधिक 266 महिलाओं की जांच की गई। राहत की बात यह रही कि सभी जांच रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुईं, जो जिले में मलेरिया नियंत्रण की मजबूत स्थिति को दर्शाती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान मलेरिया संक्रमण मां और शिशु दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में समय पर जांच और उपचार अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से पीएमएसएमए दिवस पर 100 प्रतिशत जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिसे सफलतापूर्वक हासिल किया गया। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने गर्भवती महिलाओं को मलेरिया से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया। उन्हें नियमित रूप से मच्छरदानी के उपयोग, साफ-सफाई बनाए रखने, पानी के ठहराव को रोकने और किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मलेरिया उन्मूलन में सक्रिय सहयोग दें और अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखें। “मलेरिया मुक्त जिला स्वस्थ मां, सुरक्षित भविष्य” के संकल्प के साथ स्वास्थ्य विभाग लगातार जागरूकता, रोकथाम और समयबद्ध जांच के जरिए जिले को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।