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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर व्यक्त की गहरी शोक-संवेदना

रायपुर  छत्तीसगढ़ के गौरव, वरिष्ठ एवं विख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल का निधन हिंदी साहित्य और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौकर की कमीज और दीवार में एक खिड़की रहती थी जैसी कालजयी कृतियों के माध्यम से विनोद कुमार शुक्ल ने साधारण जीवन को असाधारण गरिमा प्रदान की। उनकी लेखनी में मानवीय संवेदना, सादगी और जीवन की सूक्ष्म अनुभूतियाँ अत्यंत सहजता से अभिव्यक्त होती थीं, जिसने पाठकों की अनेक पीढ़ियों को गहराई से प्रभावित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल की रचनाएँ केवल साहित्य नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और जीवन-दर्शन की सजीव अभिव्यक्ति हैं। उनकी संवेदनशील दृष्टि और मौलिक भाषा-शैली सदैव पाठकों को प्रेरणा देती रहेंगी और हिंदी साहित्य में उनका योगदान अमिट रहेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे इस दुःख की घड़ी में सभी को संबल प्रदान करें तथा पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

छत्तीसगढ़ स्किल टेक में कौशल-आधारित निवेश को मिली नई गति: 13,690 करोड़ रुपये के स्किलिंग-लिंक्ड निवेश आकर्षित

  GAIL का 10,500 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बना प्रमुख आकर्षण रायपुर भविष्य-उन्मुख कौशल विकास के साथ औद्योगिक विकास को सुदृढ़ रूप से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास विभाग एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा 23 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ स्किल टेक का आयोजन किया गया। यह उद्योग-केंद्रित निवेश कार्यक्रम प्रधानमंत्री सेतु योजना (PM SETU) के अंतर्गत कौशल विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापन (MoUs) हस्ताक्षरित किए गए तथा निवेश आमंत्रण पत्र जारी किए गए। कुल मिलाकर 13,690 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश सामने आए हैं, जिनसे राज्य में 12,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। ये निवेश विभिन्न क्षेत्रों में कौशल-आधारित रोजगार को मजबूती प्रदान करेंगे। कौशल-आधारित औद्योगिक विकास की धुरी बना गेल का प्रोजेक्ट निवेश प्रतिबद्धताओं में गेल (GAIL) का प्रस्तावित गैस-आधारित उर्वरक संयंत्र राज्य के लिए एक प्रमुख एवं सबसे बड़े औद्योगिक प्रस्तावों में से एक के रूप में उभरकर सामने आया। लगभग 10,500 करोड़ रुपये के प्रथम चरण निवेश तथा 1.27 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) यूरिया उत्पादन क्षमता के साथ यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल एवं उर्वरक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी। यह प्रस्तावित परियोजना गेल की मुंबई-नागपुर-झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (MNJPL) के साथ प्लान की गई है, जो अनुकूल तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता पर आधारित होगी। यह परियोजना राजनांदगांव जिले के बिजेतला क्षेत्र में 400 एकड़ से अधिक भूमि पर प्रस्तावित है, जबकि 100 एकड़ अतिरिक्त भूमि एक समर्पित टाउनशिप के लिए आरक्षित की गई है।परियोजना में भविष्य में मांग एवं अधोसंरचना की उपलब्धता के अनुरूप क्षमता विस्तार का भी प्रावधान रखा गया है। परियोजना के संचालन में आने के पश्चात लगभग 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। इसके साथ ही संचालन, तकनीकी सेवाओं, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस तथा संबद्ध क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की निरंतर मांग उत्पन्न होगी, जो राज्य के कौशल-एकीकृत औद्योगिकीकरण के दृष्टिकोण को और सशक्त करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा—“छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल निवेश, रोजगार और कौशल को आपस में जोड़ने पर आधारित है। छत्तीसगढ़ स्किल टेक जैसे मंचों के माध्यम से हम निवेशकों के विश्वास को ज़मीनी स्तर पर परिणामों में बदल रहे हैं, ताकि राज्य में कुशल रोजगार के अवसर सृजित हों। इसके पीछे स्पष्ट नीतियाँ और प्रभावी क्रियान्वयन क्षमता हमारी ताकत है।” विविध क्षेत्रों में निवेश रुचि से मजबूत हुआ कौशल पारिस्थितिकी तंत्र गेल के अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ स्किल टेक में परिधान एवं वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सोलर पैनल निर्माण तथा अन्य उभरते (सनराइज़) क्षेत्रों में भी निवेशकों की मजबूत रुचि देखने को मिली। ये सभी क्षेत्र राज्य की कौशल विकास प्राथमिकताओं एवं रोजगार सृजन लक्ष्यों के अनुरूप हैं। कार्यक्रम के दौरान जशपुर में स्थापित आदित्य बिरला स्किल सेंटर को भी एक महत्वपूर्ण उद्योग-प्रेरित कौशल पहल के रूप में रेखांकित किया गया, जिसका उद्देश्य पारंपरिक एवं उभरते क्षेत्रों में कार्यबल की क्षमताओं को सुदृढ़ करना और आजीविका के अवसर बढ़ाना है। छत्तीसगढ़ स्किल टेक राज्य में पहले से चल रहे निवेश गति को और आगे बढ़ाने वाला मंच सिद्ध हुआ है। उल्लेखनीय है कि पिछले एक वर्ष में छत्तीसगढ़ को 200 से अधिक परियोजनाओं के माध्यम से 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत परियोजनाएँ कार्यान्वयन चरण में प्रवेश कर चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि कार्यान्वयन में चल रही परियोजनाओं में से 58 प्रतिशत राज्य द्वारा चिन्हित प्राथमिक (थ्रस्ट) क्षेत्रों से संबंधित हैं। ये निवेश राज्य के 26 जिलों में फैले हुए हैं, जो क्षेत्रीय संतुलन एवं औद्योगिक विविधीकरण पर छत्तीसगढ़ सरकार के विशेष फोकस को दर्शाता है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की उस उभरती पहचान को पुनः पुष्ट करता है, जहाँ औद्योगिक निवेश, कौशल विकास और समावेशी विकास एक-दूसरे के साथ समानांतर आगे बढ़ते हैं, ताकि आर्थिक प्रगति राज्य के युवाओं के लिए दीर्घकालिक और सार्थक आजीविका अवसरों में परिवर्तित हो सके।

उत्तर बस्तर कांकेर विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता सूची का सार्वजनिक प्रकाशन

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों की बैठक लेकर दी जानकारी उत्तर बस्तर कांकेर भारत निर्वाचन आयोग तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रायपुर  के निर्देशानुसार 28 अक्टूबर 2025 से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य प्रारंभ किया गया। इसके तहत मतदाताओं के सत्यापन एवं एसआईआर के डिजिटाइजेशन हेतु 04 नवम्बर से 18 दिसम्बर (संशोधित तिथि) के बीच बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर पूर्ण किया गया। आयोग के निर्देशानुसार आज एसआईआर के तहत निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज राजनैतिक दलों की बैठक एवं मीडिया प्रतिनिधियों की प्रेसवार्ता आहूत कर निर्वाचक नामावली के प्रारंभिक प्रकाशन के संबंध में विधानसभावार मतदाताओं की संख्या एवं इससे संबंधित जानकारी दी गई। प्रारंभिक सूची में कुल 5,35,364 मतदाताओं के नाम दर्ज, दावा-आपत्ति 22 जनवरी तक आमंत्रित कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज सुबह आयोजित बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचक नामावली के आज प्रारंभिक प्रकाशन के उपरांत दावा-आपत्तियां 22 जनवरी तक आमंत्रित की गई है। प्रारंभिक सूची में सम्मिलित मतदाता दावा एवं आपत्ति 22 जनवरी 2026 तक प्रस्तुत कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा ईआरओ द्वारा नोटिस जारी करने एवं सुनवाई की समय-सीमा आज से 14 फरवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। इसी तरह मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचक नामावली की प्रारंभिक सूची में जिले के अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-79, भानुप्रतापपुर क्रमांक-80 तथा कांकेर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-81 (सभी अजजा) में कुल 05 लाख 35 हजार 364 मतदाताओं के नाम सम्मिलित हैं। इनमें 02 लाख 63 हजार 037 पुरूष मतदाता, 02 लाख 72 हजार 318 महिला मतदाता और 09 अन्य (थर्ड जेंडर) मतदाता शामिल हैं। अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र में 01 लाख 66 हजार 923 मतदाता, भानुप्रतापपुर में 01 लाख 94 हजार 415 तथा कांकेर विधानसभा क्षेत्र में 01 लाख 74 हजार 026 मतदाताओं के नाम प्रारंभिक सूची में दर्ज किया गया है। उन्हांने यह भी बताया कि प्रारंभिक प्रकाशन के पूर्व जिले में कुल 05 लाख 69 हजार 601 मतदाताओं के नाम दर्ज थे, जिनमें 02 लाख 77 हजार 317 पुरूष मतदाता, 02 लाख 92 हजार 284 महिला मतदाता तथा 18 अन्य (थर्ड जेंडर) मतदाता शामिल थे। एसआईआर में 11,375 ‘नॉटमैप्ड’ इलेक्टर्स पाए गए जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि एसआईआर के दौरान कुल 11 हजार 375 नॉटमैप्ड इलेक्टर पाए गए जिनकी संख्या कुल निर्वाचक नामावली के 02 प्रतिशत हैं। इनमें नॉटमैप्ड इलेक्टर्स की संख्या अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र में 06 हजार 386, भानुप्रतापपुर में 02 हजार 245 तथा कांकेर विधानसभा क्षेत्र में 02 हजार 744 हैं। उन्होंने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार उक्त 11 हजार 375 ‘नो मैपिंग इलेक्टर्स’ को नोटिस जारी किया जाएगा। दावा-आपत्ति की सूची सीईओ छत्तीसगढ़ की वेबसाइट में अपलोड बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए मतदाताओं के नाम केवल एक ही स्थान पर शामिल किए जाएंगे। दावा-आपत्ति की सूची सीईओ छत्तीसगढ़ की वेबसाइट में भी अपलोड की जाएगी। साथ ही बीएलओ एवं बीएलए संबंधी बैठकों का कार्यवाही विवरण और फोटोग्राफ्स जिले के वेबसाइट kanker.gov.in  में अपलोड की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि दावा-आपत्ति की सूची का प्रदर्शन ईआरओ के द्वारा फॉर्म 09, 10, 11, 11ए एवं 11बी में प्रकाशन किया जाएगा।  बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एसआईआर के दौरान अब तक प्राप्त फॉर्म-6 की कुल संख्या 05 हजार 034 है, इनमें अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र में 1469, भानुप्रतापपुर में 1660 तथा कांकेर विधानसभा क्षेत्र में 1905 फॉर्म प्राप्त हुए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचित कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा। बैठक के अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी क्षीरसागर ने मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को निर्वाचक नामावली के प्रारंभिक प्रकाशन की सूची प्रदान की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जितेन्द्र कुमार कुर्रे, एसडीएम कांकेर अरूण वर्मा सहित मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि एवं मीडिया प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

स्वास्थ्य मंत्री पहुंचे जांजगीर-चांपा अस्पताल, नई सुविधाओं का किया शुभारंभ

रायपुर, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज जिला चिकित्सालय जांजगीर-चांपा का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, संचालक संजीव झा एवं सहायक संचालक डॉ. सुरेंद्र पाम्भोई उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं, स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता तथा मरीजों को मिल रही सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय में नवनिर्मित ओपीडी हॉल एवं नवजात शिशुओं के बेहतर उपचार हेतु 10 बेड के अत्याधुनिक एनआईसीयू वार्ड का विधिवत शुभारंभ  किया। उन्होंने कहा 10 बेड के एनआईसीय से अब क्षेत्र के नवजात शिशुओं को क्रिटिकल केयर हेतु बाहर नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य मंत्री मंत्री ने जीवनदीप समिति के माध्यम से स्वीकृत कार्यों की जानकारी लेते हुए कलेक्टर जन्मेजय मोहबे के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकता के अनुरूप जीवनदीप समिति से समयबद्ध स्वीकृतियाँ देना सराहनीय कदम है, जिससे अस्पताल की सेवाएँ निरंतर सुदृढ़ हुई हैं। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.के. मरकाम, सिविल सर्जन डॉ. एस. कुजूर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक उत्कर्ष तिवारी, जिला अस्पताल प्रबंधक अंकित ताम्रकार, आरएमओ डॉ. संदीप साहू सहित जिला चिकित्सालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

जाने-माने लेखक विनोद कुमार शुक्ल का निधन, साहित्य जगत में शोक

रायपुर  ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल (89) का मंगलवार को निधन हो गया। सांस लेने में कठिनाई के कारण उन्हें दो दिसंबर को एम्स में भर्ती किया गया था। शुक्ल वेंटिलेटर पर ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे, जहां मंगलवार शाम पांच बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। विनोद कुमार शुक्ल का जन्म 1 जनवरी 1937 को छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में हुआ। शिक्षा को पेशे के रूप में चुनकर उन्होंने अपना अधिक समय साहित्य सृजन में लगाया। वे हिंदी भाषा और साहित्य के ऐसे लेखक रहे, जिन्हें सरल भाषा, गहरी संवेदनशीलता और सृजनात्मक लेखन के लिए जाना जाता है। उनके हिंदी साहित्य में अनूठे योगदान, विशिष्ट शैली और सृजनात्मकता के लिए वर्ष 2024 में उन्हें 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया। विनोद कुमार शुक्ल हिंदी के 12वें ऐसे साहित्यकार हैं, जिन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ, और वे छत्तीसगढ़ राज्य के पहले लेखक हैं, जिन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा गया। हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एम्स पहुंचकर उनका हालचाल जाना था। 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' के लेखक विनोद कुमार शुक्ल की 30 लाख की रायल्टी ने तोड़ा भ्रम, साबित हुई हिंदी किताबों की ताकत साहित्य और लेखन की विशेषताएं लेखक, कवि और उपन्यासकार विनोद कुमार शुक्ल ने उपन्यास और कविता दोनों विधाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी पहली कविता ‘लगभग जयहिंद’ (1971) प्रकाशित हुई। उनके प्रमुख उपन्यासों में ‘नौकर की कमीज’, ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ और ‘खिलेगा तो देखेंगे’ शामिल हैं। 1979 में प्रकाशित ‘नौकर की कमीज’ पर फिल्मकार मणिकौल ने इसी नाम से फिल्म भी बनाई। उनके उपन्यास ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ को साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिल चुका है। शुक्ल का लेखन सरल भाषा, संवेदनशीलता और अनूठी शैली के लिए प्रसिद्ध था। उन्होंने हिंदी साहित्य में प्रयोगधर्मी लेखन के नए आयाम स्थापित किए। विनोद कुमार शुक्ल केवल कवि ही नहीं, बल्कि कथाकार भी रहे। उनके उपन्यासों ने हिंदी में एक मौलिक भारतीय उपन्यास की दिशा दी। उन्होंने लोक आख्यान और आधुनिक मनुष्य की जटिल आकांक्षाओं को समाहित करते हुए नए कथा ढांचे का निर्माण किया। उनके उपन्यासों में मध्यवर्गीय जीवन की बारीकियों को कुशलता से चित्रित किया गया। उनकी विशिष्ट भाषिक शैली, संवेदनात्मक गहराई और सृजनशीलता ने भारतीय और वैश्विक साहित्य को समृद्ध किया।

तेंदुए की मौत या शिकार? जंगल में बिना पंजों के शव मिलने पर जांच में जुटी सफारी टीम

धमतरी जिले के मगरलोड क्षेत्र के कोरगांव के जंगल में सोमवार को एक मृत तेंदुआ मिलने से हड़कंप मच गया है. तेंदुआ के चारों पैर के पंजे भी गायब हैं. घटना की सूचना मिलते ही जंगल सफारी रायपुर से डॉग स्क्वायड की टीम धमतरी पहुंची. उन्होंने रात भर क्षेत्र में निगरानी की. मामले को लेकर स्थानीय चरवाहों और ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है. जानकारी के मुताबिक, मगरलोड के उत्तर सिंगपुर कक्ष क्रमांक 23 में 22 दिसंबर को शाम करीब 4:45 बजे एक तेंदुआ मृत मिला. पोस्टमार्टम हो चुका है. रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट  हो पाएगा कि तेंदुआ का शिकार किया गया है या नहीं. राजनांदगांव में तेंदुआ की मिली थी सड़ी गली लाश बता दें कि  इससे पहले 17 दिसंबर को कवर्धा जिले के जानकारी के अनुसार, मोतीनपुर और बोटेसूर गांव के बीच जंगल में तेंदुए का शव मिला था. जो करीब एक सप्ताह पुराना था.

सांसद खेल महोत्सव का ग्रैंड फिनाले 24 दिसंबर को, 5 हजार खिलाड़ियों की भिड़ंत, पीएम मोदी करेंगे ऑनलाइन संबोधित

रायपुर रायपुर लोकसभा क्षेत्र में आयोजित सांसद खेल महोत्सव 2025 अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में है। इस महोत्सव का मेगा फाइनल एवं समापन समारोह 23 दिसंबर (मंगलवार) से 25 दिसंबर 2025 तक विभिन्न खेल स्थलों पर आयोजित किया जाएगा। मेगा फाइनल में लगभग पांच हजार खिलाड़ी भाग लेंगे। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ बीजेपी नेता बृजमोहन अग्रवाल ने सोमवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि यह महोत्सव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिट इंडिया खेलो इंडिया की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बन चुका है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र की 9 विधानसभाओं- रायपुर दक्षिण, रायपुर पश्चिम, रायपुर उत्तर, रायपुर ग्रामीण, आरंग, अभनपुर, धरसीवा, भाटापारा एवं बलौदा बाजार से 85 हजार से अधिक खिलाड़ियों की सहभागिता ने इस आयोजन को अभूतपूर्व जनसमर्थन प्रदान किया और देशभर में पहचान दिलाई है। 24 दिसंबर को होगा मेगा फाइनल उन्होंने बताया कि 21 सितंबर 2025 से संकुल, जोन एवं ब्लॉक स्तर पर प्रारंभ हुई प्रतियोगिताओं के बाद अब 23 एवं 24 दिसंबर को मेगा फाइनल आयोजित किया जा रहा है। मेगा फाइनल एवं अंतिम चरण की प्रतियोगिताएं नेताजी सुभाष स्टेडियम, मोतीबाग रायपुर, सप्रे शाला वॉलीबॉल मैदान, जे.एन. पाण्डेय स्कूल और  तैराकी प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल में आयोजित की जाएंगी। दिल्ली सांसद व गायक मनोज तिवारी देंगे सांस्कृतिक प्रस्त्तुति 23 दिसंबर 2025 को नेताजी सुभाष स्टेडियम में माननीय विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मेगा फाइनल प्रतियोगिता का उद्घाटन होगा। 24 दिसंबर 2025 को नेताजी सुभाष स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली के सांसद एवं लोकप्रिय गायक मनोज तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जिससे युवाओं एवं आमजन में विशेष उत्साह का संचार होगा। वो सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्त्तुति भी देंगे। 25 दिसंबर  को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन 25 दिसंबर  को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस "सुशासन दिवस" के अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम रायपुर में समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन प्रस्तावित है और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएगी। समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाएगा। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि प्रतियोगिता के तीनों दिन विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान राज्य का नाम देश-विदेश में रोशन करने वाले खिलाड़ियों एवं खेल अधिकारियों का सम्मान किया जाएगा। साथ ही प्रतिदिन छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने के लिये  रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें खेल संघों, नगर निगम, जिला प्रशासन, स्कूल शिक्षा विभाग, खेल विभाग, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के लगभग 1500 कर्मचारी, अधिकारी, व्यायाम शिक्षक एवं खेल अधिकारी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। केवल खेल नहीं, सामाजिक एकता का है जन आंदोलन: सांसद बृजमोहन अग्रवाल उन्होंने जनता से ज्यादा से ज्यादा संख्या में आयोजन में शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है साथ अभी तक हुए आयोजन के सफल प्रचार प्रसार के लिए मीडिया का आभार जताया है। सांसद अग्रवाल ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन और सामाजिक एकता का जन आंदोलन है। 'पारंपरिक एवं आधुनिक खेलों का अद्भुत संगम' उन्होंने बताया कि सांसद खेल महोत्सव में पारंपरिक एवं आधुनिक खेलों का अद्भुत संगम देखने को मिला है। कुश्ती, खो-खो, गेड़ी-दौड़, भारोत्तोलन, फुगड़ी, रस्सी कूद, कबड्डी, बास्केटबॉल, शतरंज, वॉलीबॉल, रस्सा-कसी, शरीर शौष्ठव एवं तैराकी सहित 13 खेल विधाओं में 19 वर्ष से कम एवं अधिक आयु वर्ग, महिला एवं पुरुष वर्ग के हजारों खिलाड़ियों ने अनुशासन, समर्पण और खेल भावना के साथ भाग लेकर इस महोत्सव को ऐतिहासिक बनाया है।

शराब घोटाले में बड़ा खुलासा: चैतन्य बघेल को करोड़ों की रकम, जांच एजेंसियों ने दाखिल किया आठवां चालान

 रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के शराब घोटाला मामले में प्रदेश के पूर्व सीएम भूपेश  बघेल के बेट चैतन्य बघेल ने आबकारी विभाग में वसूली के लिए एक बड़ा सिंडिकेट खड़ा किया था। आर्थिक आपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की ओर से आज सोमवार को स्पेशल कोर्ट रायपुर में पेश किये गये 8वें चालान में आरोप लगाया गया है कि चैतन्य बघेल को घोटाले की रकम से 200 से 250 करोड़ रुपये मिले हैं। इतना ही नहीं चालान में यह भी दावा किया गया है कि चैतन्य के सिंडिकेट को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण मिला था। वे प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर उन्हें उनके हिसाब से काम करने के लिए निर्देश देते थे। इस वजह से लंबे समय तक यह घोटाला फलता-फूलता रहा। अभी तक घोटाला 3074 करोड़ रुपये का सामने आया है, लेकिन जांच और अन्य सबूत बता रहे हैं कि यह घोटाला 3500 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का हैं। चैतन्य को तीन हजार करोड़ से ज्यादा के कथित घोटाले में आरोपी बनाया ईओडब्ल्यू और एसीबी ने दावा करते हुए बताया कि करीब 3,800 पन्नों चार्जशीट में चैतन्य बघेल को तीन हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के कथित घोटाले में आरोपी बनाया गया है। इस मामले में अब तक कुल आठ चार्जशीट पेश किये जा चुके हैं। नई चार्जशीट में पहले से गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जांच की मौजूदा स्थिति रिपोर्ट दिया गया है। वहीं हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों से डिजिटल साक्ष्य रिपोर्ट भी शामिल हैं। यह दस्तावेज आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ चल रही जांच की प्रगति की भी रूपरेखा बताता है। सिंडिकेट को देते थे निर्देश चार्जशीट का हवाला देते हुए बताया गया है कि चैतन्य बघेल ने अनिल टुटेजा, सौम्या चौरसिया, अरुणपति त्रिपाठी और निरंजन दास जैसे अधिकारियों के बीच समन्वयक के रूप में काम किया, जो प्रशासनिक स्तर पर सिंडिकेट के हितों के अनुसार काम करते थे और नेटवर्क के जमीनी स्तर के संचालकों जैसे अनवर ढेबर, अरविंद सिंह और विकास अग्रवाल (सभी सह-आरोपी) को निर्देश जारी करते थे। घोटाले की रकम को किया ट्रांसफर और मैनेज चार्जशीट में दावा किया गया है कि चैतन्य बघेल ने अपने भरोसेमंद सहयोगियों के माध्यम से व्यवसायी अनवर ढेबर की टीम की ओर से वसूली गई घोटाले की रकम को ऊपर तक पहुंचाया गया। उसने शराब व्यवसायी त्रिलोक सिंह ढिल्लों की विभिन्न फर्मों के माध्यम से अपने हिस्से की रकम प्राप्त की। इसे बैंकिंग चैनलों के माध्यम से अपनी पारिवारिक फर्मों में ट्रांसफर किया और रियल एस्टेट परियोजनाओं में इसका इस्तेमाल किया। इसके अलावा चार्जशीट में दावा किया गया है कि उसने अपने परिवार के सदस्यों, दोस्तों और सहयोगियों के ज़रिए बैंकिंग चैनलों से घोटाले से मिले पैसे की बड़ी रकम ली और इन्वेस्ट किया। शराब घोटाले में शामिल रकम करीब 3,074 करोड़ रुपये होने का अनुमान जांच एजेंसी ने कहा कहा कि "सबूतों से पता चलता है कि चैतन्य ने ऊंचे लेवल पर अपराध की कमाई को मैनेज करने के साथ-साथ अपने हिस्से के तौर पर लगभग 200 करोड़ रुपये से 250 करोड़ रुपये लिए। सिंडिकेट को दी गई हाई-लेवल सुरक्षा, पॉलिसी/एडमिनिस्ट्रेटिव दखल और प्रभाव के कारण यह अपराध लंबे समय तक चलता रहा। जांच से पता चलता है कि शराब घोटाले में शामिल रकम लगभग 3,074 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। हालांकि आगे की जांच से पता चला है कि कथित घोटाले से अपराध की कुल कमाई तीन हजार पांच करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है। जांच एजेंसी ने बताया कि कई आरोपियों के खिलाफ अभी जांच जारी है। सरकारी खजाने को पहुंचा नुकसान केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि कथित घोटाले से सरकारी खजाने को काफी नुकसान पहुंचा है। इस घोटाले से एक शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबें भर गईं। यह घोटाला साल 2019 और 2022 के बीच हुआ। उस दौरान छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार की सरकार थी और चैतन्य बघेल के पिता भूपेश बघेल सीएम थे। दूसरी ओर ईडी की ओर से पहले दायर चार्जशीट के अनुसार, चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से मिले एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की "अपराध की कमाई" को "हैंडल" किया था। 18 जुलाई को हुई थी चैतन्य की गिरफ्तारी बता दें कि चैतन्य बघेल फिलहाल रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। उन्हें 18 जुलाई 2025 को ईडी ने शराब घोटाले के आरोप में भिलाई स्थित निवास से गिरफ्तार किया था। इसी मामले में ईडी ने 16 दिसंबर को पूछताछ के बाद सौम्या चौरसिया को भी गिरफ्तार किया था। 19 दिसंबर को कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।

श्रीमती अनुराधा पाण्डेय प्रदेश संगठन सचिव मनोनीत

रायपुर  अखंड ब्राह्मण समाज सेवा समिति के प्रदेश सांगठन सचिव लखेश्वर पाण्डेय जी की अनुशंसा पर समिति के नारिशक्ति प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती चित्रा तिवारी द्वारा श्रीमती अनुराधा पाण्डेय जी को नारिशक्ति प्रकोष्ठ, प्रदेश संगठन सचिव के पद पर मनोनीत किया एवं नारिशक्ति प्रकोष्ठ दुर्ग संभाग के प्रभार दिया गया है। समिति को विश्वास है कि श्रीमती अनुराधा पाण्डेय अपने  अनुभव एवं समर्पण भाव से समाज हित में कार्य करते हुए संगठन को सशक्त बनाएंगी। श्रीमती पाण्डेय के मनोनयन पर संगठन के तामेश तिवारी, योगेश तिवारी,राजेंद्र तिवारी, मनोरमा त्रिपाठी साधना शुक्ला सुनीता तिवारी आदि  सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई प्रेषित किए।

SBI के साथ MOU, छत्तीसगढ़ कर्मचारियों के लिए मुफ्त बीमा योजना की सौगात

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नियमित शासकीय कर्मचारियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य शासन और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच स्टेट गवर्नमेंट सैलरी पैकेज को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस एमओयू के तहत एसबीआई में वेतन खाता रखने वाले कर्मचारियों को करोड़ों रुपये का बीमा कवर पूरी तरह निःशुल्क मिलेगा। एमओयू के अनुसार कर्मचारियों को एक करोड़ रुपए का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, एक करोड़ 60 लाख रुपए का हवाई दुर्घटना बीमा, एक करोड़ रुपए का स्थायी पूर्ण दिव्यांगता बीमा, 80 लाख रुपए का आंशिक दिव्यांगता बीमा और 10 लाख रुपए का समूह जीवन बीमा दिया जाएगा। खास बात यह है कि इन सभी बीमा सुविधाओं के लिए कर्मचारियों को कोई अतिरिक्त प्रीमियम नहीं देना होगा। इसके अलावा एसबीआई रुपे कार्ड पर 1 करोड़ रुपए के बीमा कवर में अतिरिक्त 10 लाख रुपए का लाभ भी मिलेगा। स्वास्थ्य बीमा टॉप-अप जैसी सुविधाएं रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण के लिए लगातार ठोस फैसले ले रही है। एसबीआई के साथ यह एमओयू कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि यह समझौता कर्मचारियों को आर्थिक जोखिम से बचाने की दिशा में अहम पहल है। बिना किसी अतिरिक्त खर्च के इतनी व्यापक बीमा सुविधाएं मिलना राज्य सरकार की कर्मचारी-हितैषी नीति को दर्शाता है।