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‘प्रोजेक्ट संकल्प’: शैक्षणिक अध्ययन के साथ रचनात्मक गतिविधियों, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास पर जोर

रायपुर, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा प्रदेश में प्रारंभ किए गए ‘प्रोजेक्ट संकल्प‘ के माध्यम से आश्रम छात्रावासों में रहकर अध्ययन कर रहे बच्चों का  भविष्य संवर रहा है। विभाग की इस नई पहल से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के  लिए शैक्षणिक के साथ नैतिक, सामाजिक एवं जीवन कौशल से भी सशक्त बनाया जा रहा है।     आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश एवं विभागीय मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छात्रावासी बच्चों के भविष्य को नई उड़ान देने के उद्देश्य से यह अभिनव पहल की गई हैै। छोटा बीज बड़े वृक्ष का बनता है आधार     प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि जिस प्रकार छोटा बीज बड़े वृक्ष का आधार बनता है उसी प्रकार एक छोटी  सकारात्मक पहल समाज में क्रांति ला सकती है। यदि विद्यार्थी को प्रारंभ से ही उच्च आदर्शों पर आधारित शिक्षा प्राप्त होगी तो वह आगे चलकर समाज एवं राष्ट्र में अपना सकारात्मक योगदान देने में सक्षम होगा। प्रोजेक्ट संकल्प’’ इसी कड़ी में ‘‘ एक महत्वपूर्ण प्रयास है।     प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों के शैक्षणिक अध्ययन के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों, अनुशासन, जीवन कौशल एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण भोजन, नियमित शैक्षणिक सहयोग तथा खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसमें हैदराबाद के सुप्रसिद्ध प्रेरक वक्ता श्री नंद जी द्वारा निस्वार्थ भाव से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।     प्रशिक्षण सत्र के दौरान नंदा जी ने छात्रावास अधीक्षकों को छात्रावास-आश्रमों में सकारात्मक सोच विकसित करने के सामान्य, परंतु प्रभावी तरीके बताएं। उन्होंने बच्चों को अनुशासन में रखने, उनमें अच्छी आदतें विकसित करने, अपने कार्य पर पूर्ण फोकस करने, समय का महत्व समझने, अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, नियमित व्यायाम करने, स्वयं भी खुश रहने एवं अपने सहपाठियों को भी खुश रखने तथा सबके साथ अच्छे मधुर संबंध बनाने के गुर बताएं। छोटी सकारात्मक पहल बच्चों के जीवन में ला सकती है बड़ा परिवर्तन       प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि प्रोजेक्ट संकल्प के प्रथम चरण के अंतर्गत 16 से 18 अक्टूबर 2025 को रायपुर में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास के साथ एक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। छात्रावास-आश्रमों से जुड़ी सामान्य एवं व्यवहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई एवं उनके सकारात्मक सरल एवं प्रभावी निदान नंद जी द्वारा बताए गए। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों के मानसिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक विकास को लेकर उपयोगी सुझाव साझा किए गए। इसी कड़ी में आज पोस्ट मैट्रिक छात्रावास-आश्रमों के अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर बोरा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “एक छोटी-सी सकारात्मक पहल भी बच्चों के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती है।’’        उल्लेखनीय है कि आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावास-आश्रमों में अध्ययनरत बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विभाग द्वारा समय-समय पर अनेक प्रयास किए जाते रहे हैं। विभागीय मंत्री जी एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर छात्रावास-आश्रमों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाती है, ताकि बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे। बच्चों में पैदा हुआ नया उत्साह एवं आत्मविश्वास        प्रोजेक्ट संकल्प के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों से अब छात्रावासों में रह रहे बच्चों में नया उत्साह एवं आत्मविश्वास पैदा हुआ है। अब वे आगे बढ़ते हुए न केवल शैक्षणिक उपलब्धियाँ हासिल कर रहे हैं, बल्कि जीवन के रंग और खुशियाँ भी सीख रहे हैं। शिक्षक एवं छात्रावास अधीक्षक बच्चों को सीखने-सिखाने की संस्कृति से जोड़ते हुए उन्हें समाज का जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।        आदिम जाति विकास विभाग का यह प्रयास विशेष रूप से दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के बच्चों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। इस अभिनव पहल से शिक्षा को संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच के साथ जोड़ने से छात्रावास भी बच्चों के खुशहाल जीवन की मजबूत नींव बन रहा हैं।

पारदर्शिता से बदली धान खरीदी की तस्वीर, किसान पिंकू कुजूर बोले– अब प्रक्रिया आसान और भरोसेमंद

अंबिकापुर, जिले में संचालित धान उपार्जन केन्द्रों की पारदर्शी एवं किसान-हितैषी व्यवस्था का लाभ अब किसानों को मिल रहा है। टोकन प्रणाली, समयबद्ध खरीदी, त्वरित नमी परीक्षण तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के चलते धान विक्रय की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और सहज हो गई है। किसानों को अब धान बेचने के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत श्रीगढ़ निवासी किसान पिंकू केरकेट्टा ने बताया कि इस वर्ष उनकी धान की फसल अच्छी हुई है। उन्होंने कुल 59.60 क्विंटल धान का रकबा है, जिसे उन्होंने खैरबार धान उपार्जन केन्द्र में विक्रय किया है। किसान श्री केरकेट्टा ने बताया कि टोकन कटाने की प्रक्रिया पूरी तरह से व्यवस्थित रही और इसमें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि खैरबार उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही गेट पास जारी किया गया, इसके बाद धान की नमी परीक्षण कर तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज रही, जिससे कम समय में धान की तौल और खरीदी पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि उन्हें धान विक्रय के दौरान किसी भी स्तर पर दिक्कत नहीं हुई। किसान केरकेट्टा ने बताया कि उपार्जन केन्द्र में किसानों के लिए बैठने एवं पीने के स्वच्छ पानी की पर्याप्त व्यवस्था है, उन्होंने कहा कि पहले धान बेचने में पूरा दिन लग जाता था, लेकिन अब सीमित समय में कार्य पूर्ण हो जाता है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा धान का सर्वाधिक मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है, जिससे किसानों को फसल का उचित दाम मिला है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। फसल विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग किसान केरकेट्टा रबी सीजन में गेहूं, सरसों एवं विभिन्न सब्जी फसलों की खेती में कर रहे हैं। इससे बहुफसली खेती को बढ़ावा मिल रहा है और किसानों की आय के स्रोत भी बढ़ रहा हैं। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान और बेहतर व्यवस्था के कारण किसान अब अपनी आगे की खेती की योजना आसानी से बना पा रहे हैं। किसान  केरकेट्टा ने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था किसानों के हित में है उन्होंने किसानों के लिए की गई धान खरीदी व्यवस्थाओं हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

विकलांग नहीं, दिव्यांगजन कहकर करें संबोधन : मंत्री राजवाड़े

रायपुर, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा का अभिन्न अंग हैं और उनके प्रति संवेदनशील सोच व सम्मानजनक भाषा का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। वे अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद (छत्तीसगढ़ प्रांत) के तत्वावधान में आशीर्वाद भवन, बैरन बाजार, रायपुर में आयोजित 16वें राज्य स्तरीय विवाह योग्य युवक–युवती परिचय सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। मंत्री राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि यह सम्मेलन केवल परिचय का मंच नहीं, बल्कि दिव्यांग युवक–युवतियों को गरिमापूर्ण वैवाहिक जीवन की ओर अग्रसर करने का सार्थक प्रयास है। उन्होंने जानकारी दी कि सम्मेलन में सहमति बनने वाले जोड़ों का सामूहिक विवाह 28 फरवरी 2026 एवं 01 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा।     उन्होंने बताया कि सम्मेलन की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि इसमें सामान्य युवक–युवतियाँ भी शामिल हुए, जो दिव्यांगजनों से विवाह के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे आए। यह सामाजिक समावेशन और समानता की दिशा में प्रेरक पहल है।     मंत्री राजवाड़े ने कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण सामाजिक अपील करते हुए कहा कि “विकलांग” के स्थान पर “दिव्यांगजन” शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मान और आत्मबल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से “दिव्यांगजन” शब्द के प्रयोग का आग्रह किया है। शब्द हमारी सोच और संवेदना को दर्शाते हैं, इसलिए समाज को सम्मानजनक भाषा अपनानी चाहिए।     कार्यक्रम में विधायक माननीय पुरंदर मिश्रा, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. विनय पाठक, चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. विनोद पाण्डेय, अग्रवाल समाज अध्यक्ष विजय अग्रवाल, कार्यक्रम संयोजक विरेंद्र पाण्डेय, राजेश अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक, बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।     मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगजनों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक समावेशन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखते हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजस्थान के अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण से लौटने के उपरांत छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के दल ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में  सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर पत्रकारों ने 15 से 20 दिसम्बर तक राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधायिका, प्रशासनिक कार्यप्रणाली तथा पर्यटन के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के अनुभवों को साझा किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पत्रकारों के लिए अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, ताकि अन्य राज्यों के शासन-प्रशासन, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास से जुड़े नवाचारी प्रयासों को पत्रकारों के दृष्टिकोण से समझा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे अध्ययन भ्रमणों से प्राप्त अनुभवों के आधार पर छत्तीसगढ़ में भी नई और प्रभावी पहल शुरू की जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे इस यात्रा के अनुभवों को यात्रा-वृत्तांत के रूप में लिपिबद्ध करें, जिससे यह आम पर्यटकों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त साधन भी है। प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से बस्तर धरती पर स्वर्ग के समान है, किंतु नक्सलवाद लंबे समय तक इसके विकास में एक बड़ी बाधा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में राज्य सरकार पूरी दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन को राज्य की नई उद्योग नीति में शामिल किया गया है। इसके तहत सुदूर वनांचलों में होम-स्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पर्यटक ग्रामीण परिवारों के साथ रहकर उनकी संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली को नजदीक से अनुभव कर सकें। इससे पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि  विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों में छत्तीसगढ़ के धुड़मारास को शामिल किया जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि इन पर गंभीरता से विचार कर उन्हें अमल में लाया जाएगा। इस अवसर पर जशपुर से विजय त्रिपाठी ने बताया कि राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधानसभा देखने का अवसर मिला, जहां आमजन को विधि निर्माण की प्रक्रिया और विधानसभा की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए एक भव्य संग्रहालय का निर्माण किया गया है। इस संग्रहालय के माध्यम से राज्य निर्माण से लेकर वर्तमान तक की विधायी यात्रा और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान को समझने का अवसर मिलता है। कोरबा से विजय खेत्रपाल ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से यह समझने का अवसर मिला कि राजस्थान में सैकड़ों वर्ष पुराने किलों और महलों को आधुनिक जनसुविधाओं से जोड़कर पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया गया है। इसके साथ ही रेगिस्तानी क्षेत्रों में जीप सफारी, ऊंट सवारी, पैरा-सेलिंग, डेजर्ट कैंप जैसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यटन को आकर्षक रूप दिया गया है, जो छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रभावी केस स्टडी हो सकती है। जगदलपुर के अर्जुन झा ने जयपुर स्थित चोकरधानी के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां ग्रामीण जीवन, लोकसंस्कृति और खान-पान को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसी प्रकार बस्तर पंडुम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। टिंकेश्वर तिवारी ने भी राजस्थानी खान-पान की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों को पर्यटन स्थलों पर प्रमुखता से बढ़ावा देने पर जोर दिया। स्टेट न्यूज़ सर्विस के युवा पत्रकार रजत अवस्थी ने राजस्थानी टोपी साफा से मुख्यमंत्री साय का सम्मान करते हुए पत्रकार भ्रमण योजना को प्रारम्भ करने के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी, संयुक्त संचालक जितेंद्र नागेश सहित पत्रकारगण एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।  

कांग्रेस का धरना: मनरेगा नियमों में संशोधन को लेकर केंद्र पर निशाना

महासमुंद मनरेगा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने और नियमों में संशोधन किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा नेहरू चौक पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसियों का आरोप है कि मनरेगा के तहत छत्तीसगढ़ में एक हजार करोड़ रुपये के कार्य होते थे, जिससे सैकड़ों मजदूरों को रोजगार मिलता था। लेकिन केंद्र सरकार ने नियमों में संशोधन करते हुए राज्य सरकार पर 40 प्रतिशत अंशदान देने का नियम बनाया है। जबकि कोई भी राज्य सरकार 40 प्रतिशत अंशदान देने की स्थिति में नहीं है। इससे मजदूरों को रोजगार मिलना बंद हो जाएगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष का कहना है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाकर नियमों में बदलाव कर दिया गया है। केंद्र की मोदी सरकार उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है।

तेज मुनाफे का लालच बना ठगी की वजह, डेढ़ महीने में 65 लाख हड़पे, आरोपी पकड़ा गया

भानुप्रतापपुर खुद की कंपनी में पैसा लगाकर डेढ़ महीने में दोगुना करने का लालच देकर 65,18,400 रुपए की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को भानुप्रतापपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं. आरोपी जैविक खाद का प्रचार-प्रसार करता था. पीड़िता कामेश्वरी नाग ने थाना भानुप्रतापपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई की कि आरोपी विनोद कुमार पांडे जैविक खाद का प्रचार-प्रसार करता था. प्रार्थिया का वर्ष 2023 में आरोपी विनोद कुमार पांडे से परिचय हुआ था. आरोपी ने प्रार्थिया को WFT कंपनी में पैसा इन्वेस्ट करने से डेढ़ माह में पैसा दोगुना मिलेगा, और कंपनी को खुद के द्वारा संचालित करना बताया था. कंपनी में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ते हुए उसके खाता में पैसा जमा करने की बात कहते हुए प्रार्थिया एवं अन्य लोगों से 65,18,400 रुपए लेकर धोखाधड़ी की. प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना भानुप्रतापपुर में अपराध कायम कर विवेचना में लिया. थाना प्रभारी रामेश्वर प्रसाद देशमुख द्वारा टीम गठित कर आरोपी की तलाश के लिए बिलासपुर जिला भेजा गया. जहाँ आरोपी को घेराबंदी कर हिरासत में लेकर थाना भानुप्रतापपुर लाया गया. पूछताछ करने पर आरोपी ने अपराध करना स्वीकार किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है.

पं. धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा भिलाई में शुरू, दिव्य दरबार और पर्ची वितरण को लेकर बड़ा अपडेट

रायपुर कथावाचक पं. धीरेंद्र शास्त्री की श्री हनुमंत कथा 25 से 29 दिसंबर तक भिलाई के जयंती स्टेडियम के पास आयोजित की जाएगी. इस कथा में लगभग 100 समाजों के स्वागत द्वार लगाए जाएंगे, जिन पर समाज के प्रमुखों की तस्वीरें और सामाजिक परंपराओं को प्रदर्शित किया जाएगा. पांच दिवसीय कथा का आयोजन सेवा समर्पण समिति, दुर्ग के तत्वावधान में होगा. कथा के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन, पेयजल, शौचालय और वाहन पार्किंग की व्यवस्था शामिल है. इसके अलावा, सुरक्षा के लिए विशेष बैरिकेडिंग और मेडिकल कैंप भी स्थापित किए जाएंगे. कथा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं की सहायता के लिए वालंटियर कार्ड भी बनाए जाएंगे, जिसके लिए आधार कार्ड की फोटो कॉपी और एक फोटो जमा करना होगा. आगामी दिनों में ध्वज पूजन कार्यक्रम भी किया जाएगा. उन्होंने बताया कि कथा के दौरान 27 दिसंबर को विशेष दिव्य दरबार का आयोजन होगा, जिसमें पंडित शास्त्री श्रद्धालुओं की पर्ची निकालकर समस्याओं के समाधान के लिए मार्गदर्शन करेंगे.

जवानों ने नाकाम की बड़ी नक्सली साजिश, छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा से IED बनाने का सामान और बंदूक जब्त

गरियाबंद छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का अंत दहलीज के करीब है. छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर जवानों ने विशेष अभियान चलाकर नक्सलियों के नापाक मंसूबों को नाकाम कर दिया है. गरियाबंद जिले के दडईपानी के पहाड़ी क्षेत्र में सीआरपीएफ, ई-30, एसटीएफ, 207 कोबरा और 16 बटा. सीएएफ की संयुक्त टीम को अभियान के दौरान करते नक्सली डंप मिला. जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सलियों ने यहां कई सामन छुपा रखे थे. जिसमें आईईडी बनाने के सामाग्री, भरमार बन्दूक समेत कई विस्फोटक सामान बरामद किया गया. दरअसल, थाना मैनपुर अंतर्गत पहाडियों में स्थित ग्राम क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों की आसूचना पर जवानों की संयुक्त पार्टीयों ने उक्त क्षेत्र में 19 दिसंबर को विशेष अभियान चलाया. अभियान के दौरान शासन द्वारा प्रतिबंधित माओवादी संगठन डीजीएन (DGN) डिवीजन के माओवादियों द्वारा पुलिस पार्टी को विस्फोटक पदार्थो से आईईडी निर्मित कर नुकसान पहुंचाने और पुलिस ग्रुप को मोर्टार से हमला करने के उद्देश्य से थाना ओडिसा सीमा पर स्थित ग्राम दडईपानी के पहाडियों में संदिग्ध डंप की सूचना मिली.  पहाडी के तराई को सर्च के दौरान सफलता मिली. डीजीएन डिवीजन में सक्रिय नक्सलियों ने चट्टानों के अंदर प्लास्टिक ड्रम और स्टील डिब्बो में 1 भरमार बंदूक नग कंपनी निर्मित मोर्टार, 22 नग मोर्टार सेल, 150 नग डेटोनेटर, 18 नग तीर बम्ब और अन्य सामग्रियों छिपा रखा था, जिसे जवानों ने अभियान के दौरान बरामद किया है. इस कार्रवाई से नक्सलियों के साजिश नाकाम हो गई.

गायों से लदा कंटेनर पलटा, 50 से अधिक मवेशियों की मौत, ग्रामीणों ने जताया रोष

जगदलपुर कोटपाड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत घुमर गांव के पास मवेशियों से भरा एक कंटेनर हादसे का शिकार हो गया. दुर्घटना में कंटेनर में मौजूद 50 से अधिक गायों की मौके पर ही मौत हो गई. कंटेनर के जरिए देर रात कोटपाड़ क्षेत्र से घुमर मार्ग होते हुए मवेशियों को अवैध तरीके से आंध्रप्रदेश ले जाया जा रहा था. बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में मवेशी के होने से कंटेनर चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते कंटेनर सड़क किनारे पलट गया. हादसा इतना भीषण था कि कंटेनर में मौजूद अधिकांश गायों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. दुर्घटना की खबर मिलते ही घुमर गांव सहित आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस व अग्निशमन विभाग को सूचना दी. पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक 50 से अधिक गायों की जान जा चुकी थी. ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना मवेशियों की तस्करी की जा रही है. ग्रामीणों द्वारा बार-बार विरोध किए जाने के बावजूद अवैध गो-चालान का सिलसिला थम नहीं रहा है. आए दिन हो रही छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं में कई बेकसूर मवेशियों की जान जा रही है. एक साथ 50 से अधिक गायों की मौत से घुमर गांव में गहरा शोक और आक्रोश है.

आरक्षक भर्ती विवाद: गृह मंत्री विजय शर्मा ने किया वन-टू-वन संवाद, बोले– गलती हुई तो नहीं बख्शेंगे

रायपुर पुलिस आरक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों की शिकायतों को दूर करने गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज उनसे अपने बंगले में वन-टू-वन चर्चा कर रहे हैं. इसके पहले अभ्यर्थियों के बंगले के अंदर आने से इंकार करने पर गृह मंत्री बाहर निकलकर उनसे चर्चा कर अंदर आमंत्रित किया. बता दें कि पुलिस विभाग में 5,967 पदों के लिए सितम्बर को भर्ती परीक्षा हुई थीं. अभ्यर्थी और विपक्ष दल परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगा रह हैं. शिकायतों को देखते हुए गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज अभ्यर्थियों को अपने बंगले में चर्चा के लिए बुलाया था. इसके पहले 19 एवं 20 दिसम्बर को एडीजी ने शिकायतों को लेकर चर्चा की थी. आरक्षक भर्ती में गड़बड़ी के आरोपों पर मीडिया से चर्चा में डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज अभ्यर्थियों को बुलाया है. प्रावधानों के विपरीत कुछ हुआ है, गलती हुई है तो जरूर कार्रवाई होगी. गलती नहीं है तो कोई बात ही नहीं, अगर है तो सुधारेंगे और आगे और वैकेंसी निकालेंगे. वहीं केरल में छत्तीसगढ़ के युवक को बांग्लादेशी समझकर पीट-पीट कर मारे जाने के मामले को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि समाज में आक्रोश है. जो हुआ वो दुःखद बात हुई है, छत्तीसगढ़ सरकार हर स्तर पर परिवार को मदद पहुंचाने की कोशिश कर रही है.