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रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए मशाल गौरव यात्रा को दिखाई हरी झंडी

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए मशाल गौरव यात्रा को दिखाई हरी झंडी फरवरी में छत्तीसगढ़ में होगा आयोजन, देशभर के जनजातीय खिलाड़ी 7 खेलों में दिखाएंगे अपनी प्रतिभा रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के प्रचार-प्रसार के लिए मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के प्रचार-प्रसार के लिए यह वाहन राज्य के सभी जिलों में जाएगी। आयोजन के शुभंकर मोरवीर, थीम-सांग और मशाल के साथ प्रदेशभर में घूम-घूमकर यह लोगों को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की जानकारी देगी।   उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए मशाल गौरव यात्रा को दिखाई हरी झंडी उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास कार्यालय से मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाने के बाद कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ को मिली है। उन्होंने इसके लिए भारत सरकार तथा केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अगले माह फरवरी में होने वाले इस आयोजन के बारे में लोगों को जानकारी देने आज मशाल गौरव यात्रा को रवाना किया गया है।   खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल 7-8 जनवरी को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में सात खेलों को शामिल किया गया है। इनमें हॉकी, फुटबॉल, तीरंदाजी, तैराकी, कुश्ती, एथलेटिक्स और वेट-लिफ्टिंग शामिल हैं। इन खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भागीदारी करने वाले खिलाड़ियों के चयन के लिए आगामी 7 जनवरी और 8 जनवरी को ट्रायल का आयोजन किया गया है। बिलासपुर स्थित स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में तीरंदाजी, तैराकी और एथलेटिक्स के लिए ट्रायल प्रक्रिया आयोजित की गई है। वहीं हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती और वेट-लिफ्टिंग के लिए ट्रायल रायपुर के स्वामी विवेकानन्द स्टेडियम कोटा में होंगे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाए जाने के दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।

रायपुर में कमिश्नरी प्रणाली के जरिए लाई जाएगी कानून व्यवस्था में कसावट

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज (बुधवार) मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली को साय कैबिनेट ने मंजूरी दी. रायपुर में 23 जनवरी 2026 से पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होगा. इसी साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दौरान इसकी घोषणा हुई थी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस व्यवस्था के लागू होने की घोषणा की थी. रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में पुलिस आयुक्त प्रणाली 23 जनवरी से लागू होगी. बता दें कि पहले चर्चा थी कि एक जनवरी से रायपुर में कमिश्नर प्रणाली लागू हो जाएगी लेकिन बताया जा रहा है कि कैबिनेट में 23 जनवरी से लागू करने पर सहमति बनी क्योंकि 23 जनवरी को ही सुभाष चंद्र बोस की जयंती है. पुलिस कमिश्नर प्रणाली लेकर स्पष्ट खाखा 7 दिन के भीतर तैयार कर लिया जाएगा. बताया जा रहा है कि कई सारे बिंदुओं पर सहमति बन गई है. तीन हिस्सों में रायपुर पुलिस की कमिश्नरी बंटेगी. मध्य, पूर्व और पश्चिम हिस्सा होगा.  हर क्षेत्र की कमान डीएसपी के हाथ में होगी, जो एसपी रैंक का अधिकारी होगा. कैसा होगा पुलिस कमिश्नरेट डीएसपी के ऊपर एक एडिशनल कमिश्नर और फिर कमिश्नर रैंक होंगे, कमिश्नर के अंडर एडिशनल डीसीपी होंगे और 21 एसीपी रहेंगे, यह डीएसपी रैंक के अफसर होंगे.पुलिस थानों के प्रभारी अब टीआई नहीं, बल्कि डीएसपी रैंक के अफसर होंगे. कमिश्नर मुख्यालय में तीन डीसीपी नियुक्त किए जाएंगे. यह क्राइम, प्रोटोकॉल, ट्रैफिक, अजाक और महिला अपराध जैसे विंग देखेंगे.रायपुर नगर निगम और बिरगांव नगर पालिका निगम क्षेत्र कमिश्नरी का हिस्सा होंगे. रायपुर ग्रामीण के लिए अलग एसपी होंगे. होंगे ये बदलाव 23 जनवरी से लागू होने वाले कमिश्नरी सिस्टम का खाका 7 दिन में तैयार किया जाएगा.कमिश्नर को कलेक्टर की तरह 17 अधिकार दिए जाएंगे. पुलिस कमिश्नर आर्म्स एक्ट, धारा 144 लगाने जैसे अधिकार का उपयोग खुद कर सकता है, पहले इसके लिए कलेक्टर की अनुमति लेने की आवश्यकता होती थी.गन लाइसेंस लेने के लिए सीधे कमिश्नर को आवेदन किया जा सकता है .UAPA एक्ट, अनैतिक देह व्यापार, मानव तस्करी, मोटर व्हीकल एक्ट, कारागार अधिनियम, पॉइजन एक्ट, कैटल ट्रेस पास एक्ट समेत कुछ अन्य अधिकार कमिश्नरेट को दिए जा सकते हैं. इन थानों को किया जा सकता है शामिल पुलिस सूत्रों के मुताबिक रायपुर के सिविल लाइन, तेलीबांधा, देवेंद्र नगर, पंडरी, कोतवाली, गोल बाजार, गंज, मौदहापारा, पुरानी बस्ती, राजेंद्र नगर, टिकरापारा, डीडी नगर, आजाद चौक, सरस्वती नगर, आमानाका, कबीर नगर, खमतराई, गुढ़ियारी, उरला, धरसीवा और खमारडीह थाने कमिश्नर प्रणाली में शामिल किए जा सकते हैं. जबकि रायपुर जिले के आरंग, तिल्दा, खरोरा अभनपुर, नया रायपुर और माना क्षेत्र रायपुर ग्रामीण एसपी के अधीन होगा.  

रायपुर: नववर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय मंत्री ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा

रायपुर : नववर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए की कामना रायपुर नववर्ष के प्रथम दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कबीरधाम जिले के ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की । उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्रीमती भावना बोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मारुति सुजुकी का ओपन कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव, 15 जनवरी को शासकीय आईटीआई चिरमिरी में होगा आयोजन

एमसीबी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था चिरमिरी में आईटीआई उत्तीर्ण युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से भारत सरकार के निर्देशानुसार भारत की नंबर एक पैसेंजर कार मैन्युफैक्चरिंग कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड द्वारा भव्य ओपन कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है। यह प्लेसमेंट ड्राइव 15 जनवरी 2026 को प्रातः 10:00 बजे शासकीय आईटीआई चिरमिरी, जिला कोरिया (छत्तीसगढ़) में आयोजित होगी। इस विशेष प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से योग्य एवं इच्छुक आईटीआई पासआउट अभ्यर्थियों को देश की प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी में करियर बनाने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। प्लेसमेंट ड्राइव में मोटर मैकेनिक, डीजल मैकेनिक, ट्रैक्टर मैकेनिक, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, फिटर, टर्नर, वेल्डर, पेंटर, वायर मैन, शीट मेटल, सीआई ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, टूल एंड डाई तथा पीपीओ ट्रेड के अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। पात्रता के अनुसार जॉइनिंग के समय अभ्यर्थी की आयु 18 से 26 वर्ष के बीच होनी चाहिए। 10वीं कक्षा में न्यूनतम 40 प्रतिशत एवं आईटीआई में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। अभ्यर्थी का शारीरिक रूप से फिट होना आवश्यक है, जिसमें कोई वर्णांधता, शारीरिक विकृति या अत्यधिक कम अथवा अधिक बीएमआई न हो। चयनित अभ्यर्थियों को आकर्षक वेतन एवं सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। एफटीसी के अंतर्गत 25,300 रुपए प्रति माह सीटीसी के साथ वार्षिक वैधानिक बोनस दिया जाएगा, जो 12 माह के अनुबंध पर आधारित होगा। अप्रेंटिसशिप के लिए 19,500 रुपए प्रति माह स्टाइपेंड निर्धारित है। इसके अतिरिक्त सब्सिडी युक्त भोजन एवं छात्रावास, वर्दी, पीपीई एवं सुरक्षा जूते तथा कंपनी की नीति के अनुसार अवकाश और छुट्टियों की सुविधा भी मिलेगी। चयनित उम्मीदवारों की कार्यस्थल पोस्टिंग मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के गुजरात प्लांट में की जाएगी, जो प्लॉट क्रमांक 334-335, ग्राम हंसपुर, पिराराजी, मंडल तालुका, अकाद, गुजरात में स्थित है। साक्षात्कार में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों को 10वीं एवं आईटीआई की मार्कशीट की स्व-सत्यापित प्रति, आधार कार्ड, पैन कार्ड की स्व-सत्यापित प्रति तथा एक पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य रूप से साथ लाना होगा। यह प्लेसमेंट ड्राइव पूर्णतः निःशुल्क है, इसके लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्लेसमेंट ड्राइव का समन्वय शेपर्स टैलेंट इंडिया द्वारा किया जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी +91-9953002111, +91-9990724900 अथवा +91-9560015542 पर संपर्क कर सकते हैं। शासकीय आईटीआई चिरमिरी द्वारा सभी पात्र युवाओं से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की गई है।

दंतेवाड़ा में सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान के तहत कुपोषण प्रबंधन की शुरुआत

दंतेवाड़ा जिले में सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत कुपोषण से मुक्ति के उद्देश्य से समुदाय आधारित कुपोषण प्रबंधन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सखी केन्द्र दंतेवाड़ा के सभा कक्ष में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर उपस्थित रहीं। उनके साथ अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारीगण भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में कुपोषण की दर में कमी लाना तथा एनीमिक गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाना है। इसके अंतर्गत गंभीर एवं मध्यम कुपोषित (एसएएम,एमएएम) बच्चों, संकटग्रस्त बच्चों तथा चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता वाली गर्भवती माताओं को विशेष समुदाय आधारित प्रयासों के माध्यम से लक्षित किया जाएगा।      अभियान के तहत सुपोषण दूत का चयन किया जाएगा, जो 70 प्रतिशत मध्यम कुपोषित एवं 30 प्रतिशत गंभीर कुपोषित बच्चों को गोद लेकर विभागीय योजनाओं एवं समुदाय के सहयोग से उनकी नियमित देखभाल करेंगे। बच्चों को सामान्य पोषण स्तर में लाने पर सुपोषण दूतों को प्रति बच्चा प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार महिला स्व-सहायता समूहों को भी कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनकी देखभाल हेतु जोड़ा जाएगा, जिन्हें निर्धारित मानदेय के अनुसार प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कुपोषण के प्रभावी प्रबंधन हेतु जिला स्तर पर प्रबंध समिति का गठन किया गया है। साथ ही कुपोषित बच्चों को स्थानीय निधि से पोषण आहार उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान के संभागीय सलाहकार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा महिला स्व-सहायता समूहों के अध्यक्ष एवं सदस्य उपस्थित रहे।

रायपुर में रोजगार, कौशल और स्वास्थ्य में बड़ा कदम, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर

रायपुर : रोजगार, कौशल और बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में हेल्थ केयर में कौशल विकास हेतु सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के साथ एमओयू  रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू राज्य में हेल्थकेयर क्षेत्र का दायरा बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन तैयार करने तथा युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करने की दिशा में एक अहम कदम है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। समझौते का मुख्य उद्देश्य हेल्थकेयर प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना, युवाओं का कौशल उन्नयन तथा आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करना है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से आवासीय एवं गैर-आवासीय दोनों प्रकार के निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे। एमओयू के तहत चार प्रकार के कोर्स संचालित किए जाएंगे, जिनमें मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, कार्डियोलॉजी तकनीशियन, ईसीजी तकनीशियन, कार्डियक केयर तकनीशियन तथा इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन के प्रशिक्षण शामिल हैं। ये कोर्स युवाओं को विशेषज्ञता के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर निर्माण का अवसर उपलब्ध कराएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास को विकास की रीढ़ मानती है और विशेष रूप से हेल्थकेयर सेक्टर की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशलयुक्त कार्यबल तैयार करने पर बल दे रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ युवाओं के लिए व्यापक रोजगार संभावनाएँ भी उत्पन्न करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कौशल विकास पर केंद्रित यह साझेदारी राज्य के दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में सहायक सिद्ध होगी। प्रशिक्षित युवा अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और आपातकालीन सेवाओं में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष सी. श्रीनिवास सहित ट्रस्ट के प्रतिनिधि एवं कौशल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

धमतरी : धमतरी जिले में फसल चक्र परिवर्तन एवं मृदा स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

धमतरी धमतरी  जिले में फ़सलचक्र परिवर्तन केतहत किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना (Soil Health Card Scheme) अंतर्गत  कुरूद के गातापार में किसानों soil health card का वितरण सरपंच, पंच, सचिव की उपस्थिति में किया गया ।      मृदा स्वास्थ्य कार्ड का उपयोग कर मृदा में फसल अनुसार संतुलित मात्रा में खाद उर्वरकों का उपयोग कर मृदा की स्वास्थ्य को कैसे बेहतर बनाया जा सकता हैं और कम उर्वरकों के उपयोग से फसल उत्पादन को कैसे बढ़ाया जा सकता है साथ ही रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कैसे कम किया जा सकता हैं इसके बारे में किसानों को जानकारी दिया गया। फसल चक्र परिवर्तन से मृदा में होना वाले सुधार के बारे में किसानों को जानकारी देते हुए फसल चक्र अपनाने हेतु किसानों को प्रेरित किया गया।  धरती माता बचाव अभियान के तहत ग्राम भेंड़ा में कृषकों को जानकारी दिया गया।प्रधानमंत्री मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड योजना के अंतर्गत  प्रदर्शन में कृषकों को जिंक सल्फेट माइकोर्रहिज़ा एवं माइक्रोन्यूट्रिएंट का वितरण किया गया एवं मृदा स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिए कृषकों को नाइट्रोजन जिंक, पोटाश एवं अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों का जानकारी दिया गया।

फ्लैट स्टील उत्पादों पर सेफगार्ड ड्यूटी का ऐलान, आईएसए प्रेसिडेंट नवीन जिन्दल ने किया स्वागत

फ्लैट स्टील उत्पादों पर सेफगार्ड ड्यूटी, आईएसए प्रेसिडेंट नवीन जिन्दल ने किया स्वागत रायपुर  01.01.2026 फ्लैट स्टील उत्पादों पर ‘सेफगार्ड ड्यूटी’ लगाना सरकार का एक सोच-समझकर लिया गया संतुलित कदम है। इसका उद्देश्य घरेलू स्टील बाज़ार को स्थिर रखना है, ताकि उपभोक्ताओं और देश की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को स्टील की लगातार और भरोसेमंद आपूर्ति मिलती रहे। आज जब दुनिया का स्टील उद्योग कमजोर मांग और अतिरिक्त उत्पादन की समस्या से जूझ रहा है, तब भारत का स्टील सेक्टर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यह प्रगति बढ़ती घरेलू मांग और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रहे निरंतर निवेश का परिणाम है। लेकिन इसी बढ़ती मांग को देखते हुए चीन, जापान, कोरिया और वियतनाम जैसे देशों से सस्ते स्टील को भारत में खपाने की कोशिशें हो रही हैं। इसका सीधा असर हमारी घरेलू क्षमता, नए निवेश और रोज़गार पर पड़ता है। सेफगार्ड ड्यूटी ऐसे दबाव को रोकने में मदद करती है। यह अनुचित प्रतिस्पर्धा से घरेलू उद्योग की रक्षा करती है, बाज़ार में संतुलन बनाए रखती है और स्टील वैल्यू चेन को मजबूत करती है। इसी संतुलन से उद्योग आत्मनिर्भर बनता है और देश के हित सुरक्षित रहते हैं। इसलिए मौजूदा वैश्विक आपूर्ति असंतुलन को देखते हुए, घरेलू स्टील क्षेत्र के दीर्घकालीन विकास के लिए सरकार से आगे भी ऐसे आवश्यक व्यापारिक उपायों पर विचार किए जाने की हमें उम्मीद है।

रायपुर में दो हादसों में एक युवक की मौत और दूसरा घायल

रायपुर. राजधानी में नए साल के पहले ही दिन सड़क हादसों ने खुशियों को मातम में बदल दिया। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए दो हादसों में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। एक मामले में परिजनों ने थाने पहुंचकर घेराव करते हुए मुआवजे और एफआईआर की मांग की। पहला हादसा रायपुर–धमतरी रोड पर हुआ पहला हादसा रायपुर–धमतरी रोड पर अभनपुर स्थित इंडियन ढाबा के पास हुआ। नए साल का जश्न मनाकर धमतरी लौट रहे दो दोस्त बाइक से जा रहे थे, तभी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में बाइक चला रहे कार्तिक मरकाम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके दोस्त दीपांशु शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल का अस्पताल में इलाज जारी है। हादसा राखी थाना क्षेत्र का है। घरवालों को लौटने की सूचना दी थी पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। बताया गया कि हादसे से कुछ देर पहले दोनों दोस्तों ने स्नैपशॉट के जरिए घरवालों को लौटने की सूचना दी थी। दोनों का आखिरी वीडियो भी सामने आया है। दूसरा मामला गुढ़ियारी थाना क्षेत्र का दूसरा मामला गुढ़ियारी थाना क्षेत्र का है, जहां दोपहिया सवार को ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन शिकायत लेकर थाने पहुंचे और ट्रक चालक व मालिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने थाने का घेराव करते हुए ट्रक मालिक पर एफआईआर दर्ज करने और मुआवजा देने की मांग की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।  

कोरिया जिले में सैकड़ों बोरी अवैध धान सहित वाहन जब्त

कोरिया. जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं धान खरीदी में अनियमितताओं के खिलाफ प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत मंगलवार को ग्राम रनई में वाहन क्रमांक सीजी -16-सीएफ-2949 को अवैध रूप से धान परिवहन करते हुए पकड़ा गया। वाहन चालक सतनारायण साहू पिता मालिकचंद साहू के कब्जे से अवैध धान जब्त कर वाहन सहित थाना पटना की सुपुर्दगी में दिया गया। वहीं, धान खरीदी केंद्र जामपारा में की गई जांच के दौरान अवैध रूप से लाया गया 384 बोरी धान (लगभग 160 क्विंटल), दो ट्रैक्टर एवं एक माजदा 407 वाहन को अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) की उपस्थिति में जब्त कर समिति प्रबंधक को सुपुर्द किया गया। यह धान बड़गांव निवासी माधोराम पिता सोनसाय द्वारा लाया गया था। इसी दिन शिवम एग्रो राइस मिल का भौतिक सत्यापन अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, सहकारिता निरीक्षक बैकुंठपुर, खाद्य निरीक्षक बैकुंठपुर एवं विद्युत विभाग के संयुक्त दल द्वारा किया गया। सत्यापन में पिछले वर्ष का 735 क्विंटल धान भौतिक रूप से अनुपलब्ध पाया गया। वहीं, चालू वर्ष में अब तक 4400 क्विंटल धान का उठाव दर्ज किया गया, जो मिल में भौतिक रूप से मौजूद पाया गया। इसके अलावा मोहित राइस मिल के भौतिक सत्यापन में पिछले वर्ष का 500 क्विंटल धान कम पाया गया। चालू वर्ष में अब तक 2780 क्विंटल धान का उठाव किया गया, जो मिल में भौतिक रूप से उपलब्ध है। साथ ही मिल द्वारा पिछले दो माह का विद्युत बिल भुगतान लंबित पाया गया। बुधवार को तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं फूड इंस्पेक्टर सोनहत द्वारा सोनहत एवं रजौली समितियों की मौके पर जांच की गई। जांच के दौरान सोनहत समिति में 25 बोरी (10 क्विंटल) अमानक धान को रिजेक्ट कर जब्त किया गया। जप्त धान फिलहाल समिति परिसर में सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि सोनहत एवं रजौली दोनों समितियाँ सैचुरेट हो चुकी हैं, जिससे शीघ्र धान उठाव की आवश्यकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी एवं परिवहन में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।