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रायपुर : प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना ने बदली किसानों की किस्मत

रायपुर  प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY)  2025-26 से शुरू की गई, जिसका लक्ष्य 100 कम प्रदर्शन वाले कृषि जिलों में 1.7 करोड़ किसानों की आय और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है, जिसके लिए 11 मंत्रालयों की 36 योजनाओं को समन्वित किया गया है। इसे सिंचाई, भंडारण, आसान ऋण तथा फसल विविधीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी            खेती-किसानी आधारित जिले जशपुर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कृषि-उन्मुख नीतियों और प्रदेश में योजनाओं की तेज गति से क्रियान्वयन के कारण किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज, सिंचाई सहायता और कृषि विभाग के निरंतर मार्गदर्शन का व्यापक लाभ मिल रहा है। इससे किसान अब कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। जिले के बगीचा विकासखंड के किसान श्री सुधीर लकड़ा (उरांव) इस योजना के प्रत्यक्ष लाभार्थी के रूप में सामने आए हैं। उत्पादकता में हुआ सुधार           श्री सुधीर लकड़ा के पास कुल 3.400 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें उन्हें समय-समय पर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है। आत्मा योजना के तहत ग्रीष्मकालीन मक्का कार्यक्रम, डीएमएफ मद से ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों की उपलब्धता तथा सौर सुजला योजना के अंतर्गत सोलर सिंचाई सुविधा ने उनकी खेती को सुगम और कम लागत वाला बनाया है। कृषि विभाग के सहयोग से उन्हें खेती के आधुनिक तौर-तरीकों को अपनाने का अवसर मिला, जिससे उनकी उत्पादकता में सुधार हुआ। किसान की आय में हुई बढ़ोत्तरी           प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत स्थानीय कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा उन्हें धान के स्थान पर प्री-बीज ग्रेड मक्का की खेती करने की सलाह दी गई। विभाग द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराए गए 08 किलोग्राम मक्का बीज से उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल लगाई। उचित देखरेख, पोषक तत्व खाद, दवाइयों और तकनीकी मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप उन्हें लगभग 10 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे उनकी कुल आय करीब 15,000 रुपये तक पहुँची। कृषि में आधुनिक तकनीक के उपयोग को  मिल रहा बढ़ावा         (PMDDKY)योजना के माध्यम से क्षेत्र में फसल उत्पादन में वृद्धि, सिंचाई सुविधाओं में सुधार, भंडारण क्षमता विकास तथा कृषि में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है। यह योजना अनाज, दलहन, तिलहन में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के साथ ही मशीनीकरण, जैविक खेती और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। फसल की गुणवत्ता सुधारने में मदद           श्री सुधीर लकड़ा बताते हैं कि इस योजना ने उनकी खेती का स्वरूप बदल दिया है। विभाग से प्राप्त प्रशिक्षण, उन्नत बीज और समय पर सलाह ने उनकी फसल की गुणवत्ता सुधारने में मदद की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई यह किसान-हितैषी योजना और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र को मिल रहा समर्थन उनकी आमदनी बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है। कृषि आधारित रोजगार से जोड़ने पर भी विशेष ज़ोर           प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को आधुनिक और सशक्त बनाते हुए किसानों की आय को वर्ष 2030 तक दोगुना करना है। योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीक के माध्यम से उत्पादन में 20-30 प्रतिशत की बढ़ोतरी, अनाज-दलहन- तिलहन में आत्मनिर्भरता, ड्रिप/स्प्रिंकलर सिंचाई से मानसून पर निर्भरता में कमी, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को 5 प्रतिशत तक घटाने हेतु भंडारण क्षमता का विस्तार, जैविक कृषि और मशीनीकरण को बढ़ावा देने जैसे कदम शामिल हैं। साथ ही महिलाओं और युवाओं को डेयरी, मत्स्य पालन और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों में सहयोग देकर उन्हें कृषि आधारित रोजगार से जोड़ने पर भी विशेष ज़ोर दिया गया है।

रायपुर : डबरी निर्माण से ग्रामीण आजीविका को मिल रही नई दिशा

रायपुर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती जा रही है। इसी कड़ी में डबरी निर्माण कार्य न सिर्फ ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध करा रहा है, बल्कि उनकी आजीविका का सशक्त जरिया भी बन रहा है। वर्तमान में जल संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देते हुए  कोंडागांव जिले में डबरी निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवार कई तरह से लाभान्वित हो रहे हैं। डबरी निर्माण से जल भराव की सुविधा बढ़ती है, जिससे वर्षभर कृषि कार्य, सब्जी उत्पादन, मत्स्य पालन और बतख पालन जैसे आयमूलक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। यह स्थानीय स्तर पर जल संचयन को मजबूत करता है और ग्रामीणों को अतिरिक्त आजीविका स्रोत प्रदान करता है। मनरेगा के तहत नवीन डबरी निर्माण ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव एवं मांग के आधार पर स्वीकृत किए जा रहे हैं। निर्माण से पूर्व वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप भूमि की जांच की जा रही है, ताकि निर्माण उपरांत पानी का पर्याप्त भराव सुनिश्चित हो सके। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अविनाश भोई ने जानकारी दी कि जिले में इस वर्ष अब तक कुल 384 डबरियों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रति ग्राम पंचायत 5 से 10 डबरी निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जो मांग एवं उपलब्ध स्थल के आधार पर स्वीकृत किए जाएंगे। इस पहल से ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी तथा “मोर गाँव-मोर पानी” महाभियान का उद्देश्य भी पूरा होगा।

रायपुर : बुजुर्गों को अब पेंशन राशि सीधे आश्रम में ही उपलब्ध होगी

रायपुर : बुजुर्गों को अब पेंशन राशि सीधे आश्रम में ही उपलब्ध होगी आशा निकेतन के बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत रायपुर वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक और सहज जीवन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहल की है। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लिए अब वरिष्ठ नागरिकों को बैंक तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि सीएससी प्रबंधक आश्रम आकर उन्हे पेंशन की राशि का भुगतान करेंगें। रायगढ़ जिले के राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित पेंशन योजनाओं का लाभ आशा निकेतन वृद्धाश्रम, कौहाकुण्डा में निवासरत पात्र बुजुर्गों को नियमित रूप से मिलता है, लेकिन पेंशन राशि प्राप्त करने के लिए उन्हें अब तक बैंक जाकर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था। बढ़ती उम्र, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ और आवागमन की कठिनाइयाँ इस प्रक्रिया को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना रही थीं। सीएससी प्रबंधक द्वारा आधार आधारित भुगतान व्यवस्था            वरिष्ठ नागरिकों के इन कठिनाइयों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर रायगढ़ के मार्गदर्शन में समाज कल्याण विभाग ने तत्काल पहल करते हुए सीएससी प्रबंधक को निर्देशित कर पत्र जारी किया कि प्रतिमाह 10 तारीख तक आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से ही वृद्धाश्रम परिसर में पेंशन राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। निर्देश मिलते ही सीएससी प्रबंधक एवं संबंधित वीएलई द्वारा आधार आधारित भुगतान व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू कर दिया गया है।   आश्रम परिसर में ही उपलब्ध करा दी जाएगी पेंशन की राशि          नई व्यवस्था लागू होने के साथ ही अब वृद्धाश्रम के वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन निकालने के लिए बैंक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। हर माह निर्धारित तिथि पर पेंशन राशि सीधे आश्रम परिसर में ही उपलब्ध करा दी जाएगी। यह व्यवस्था न केवल समय और ऊर्जा की बचत करेगी, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा और सुरक्षा को भी प्राथमिकता देगी। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री शिवशंकर पांडे ने बताया कि विभाग का उद्देश्य वरिष्ठजनों को सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सरल, सुरक्षित और बिना किसी परेशानी के उपलब्ध कराना है। पेंशन भुगतान की यह नई व्यवस्था उसी दिशा में उठाया गया एक प्रभावी कदम है, जो बुजुर्गों के जीवन में राहत और सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित होगी।

नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प तेजी से हो रहा साकार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सुकमा में 10 माओवादी कैडरों ने किया आत्मसमर्पण, पुनर्वास से पुनर्जीवन की नई शुरुआत रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सुकमा जिले में “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” कार्यक्रम के तहत दरभा डिवीजन कमेटी सहित विभिन्न नक्सली संगठनों से जुड़े 10 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण को ऐतिहासिक और सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बताया। उल्लेखनीय है कि इनमें 6 महिला माओवादी भी शामिल हैं, जिन पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प अब केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि तेजी से साकार होती वास्तविकता बन रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। मुख्यमंत्री  श्री साय ने कहा कि यह आत्मसमर्पण इस बात का प्रमाण है कि बस्तर में अब हिंसा, भय और भटकाव की विचारधारा कमजोर पड़ रही है, जबकि विकास, विश्वास और संवाद की राह मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हिंसा के रास्ते पर न वर्तमान सुरक्षित होता है और न ही भविष्य। छत्तीसगढ़ सरकार की विशेष पुनर्वास नीति आत्मसमर्पण करने वालों को सम्मान, सुरक्षा, आजीविका और समाज में पुनर्स्थापना की ठोस गारंटी देती है। मुख्यधारा में लौटकर ये लोग अपने परिवारों के साथ एक स्थायी, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट है— छत्तीसगढ़ को पूर्णतः नक्सलवाद मुक्त बनाना और बस्तर को विकास, विश्वास और अवसरों की नई पहचान देना। मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों के निर्णय का स्वागत करते हुए अन्य भटके युवाओं से भी अपील की कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार के समन्वित प्रयासों से सुरक्षा बलों की सशक्त कार्रवाई, विकास योजनाओं का विस्तार और पुनर्वास आधारित मानवीय दृष्टिकोण—तीनों मिलकर बस्तर में परिवर्तन की नई कहानी लिख रहे हैं।

रायपुर: तनाव मुक्त होकर स्वस्थ मन से पढ़ाई करें – वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का संदेश

रायपुर : तनाव मुक्त होकर स्वस्थ मन से पढ़ाई करें – वित्तमंत्री श्री ओ.पी.चौधरी परीक्षा तैयारी पर दिए महत्वपूर्ण टिप्स कक्षा 10 वीं-12 वीं के विद्यार्थियों से किया संवाद शासकीय हाई स्कूल झलमला में स्मार्ट क्लासरूम का किया लोकार्पण रायपुर रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि विद्यार्थी तनाव मुक्त होकर स्वस्थ मन से पढ़ाई करें। उन्होंने कहा कि “परीक्षा कभी भी जीवन से बड़ी नहीं होती, इसलिए घबराएं नहीं, बल्कि सही समय पर मेहनत शुरू करें। वित्त मंत्री ने रायगढ जिले के पुसौर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम झलमला स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 10 वीं और 12 वीं के “बच्चों से चर्चा 2025” कार्यक्रम में संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर श्री चौधरी ने विद्यालय में अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम का उद्घाटन कर विद्यार्थियों को तकनीकी व नवीन शिक्षण संसाधनों का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। परीक्षा तैयारी पर दिए महत्वपूर्ण टिप्स कक्षा 10 वीं-12 वीं के विद्यार्थियों से किया संवाद विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान आत्मविश्वास और अनुशासन की दी सलाह            वित्त मंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि दिसंबर से परीक्षा तक के आगामी तीन महीने सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि नियमित रूप से प्रतिदिन 7 से 8 घंटे पढ़ाई करें और छुट्टी के दिनों में 10 घंटे अध्ययन का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि एक भी दिन खराब नहीं करना है। यदि आप आने वाले तीन महीनों तक ईमानदारी और संकल्प के साथ पढ़ाई करेंगे तो बेहतर तैयारी और उत्कृष्ट परिणाम निश्चित हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। सफलता का मूल मंत्र अनुशासन, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच             वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे प्रतिभा से भरपूर होते हैं। उन्हें केवल बेहतर मार्गदर्शन, संसाधन और सुरक्षित वातावरण की जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों व अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की रुचि और क्षमता के अनुसार अवसर प्रदान करें। वित्त मंत्री ने सफलता के लिए अनुशासन, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच को मूल मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।  मेधावी छात्रों को एक लाख का पुरस्कार          वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य की मेरिट सूची में यदि जिले का कोई विद्यार्थी स्थान प्राप्त करता है, तो उसे एक लाख रुपए पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। उन्होनं कहा कि आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और बेहतर भविष्य देना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल, श्री उमेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य बृजेश गुप्ता, जनपद अध्यक्ष पुसौर श्रीमती हेमलता चौहान, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भाग्यवती नायक, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे, एसडीएम रायगढ़ श्री महेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, छात्र एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

रायपुर: वित्तमंत्री चौधरी ने किया स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लाइब्रेरी का लोकार्पण

रायपुर : वित्तमंत्री श्री चौधरी ने स्मार्ट क्लासरूम एवं आधुनिक लाइब्रेरी का किया लोकार्पण रायगढ़ शिक्षा के उन्नयन की दिशा में सशक्त कदम रायपुर, वित्तमंत्री चौधरी ने  कहा कि स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लाइब्रेरी शिक्षा के भविष्य हैं, जहाँ स्मार्ट क्लासरूम इंटरैक्टिव व्हाइटबोर्ड, प्रोजेक्टर और डिजिटल कंटेंट का उपयोग करके सीखने को दिलचस्प बनाते हैं। वहीं आधुनिक लाइब्रेरी किताबों के साथ-साथ ई-बुक्स, डेटाबेस और हाई-स्पीड इंटरनेट जैसी डिजिटल सुविधाओं से लैस ज्ञान केंद्र बन गए हैं, जो छात्रों को 21 वीं सदी के कौशल और व्यक्तिगत सीखने के अनुभव प्रदान करते हैं।  वित्तमंत्री श्री चौधरी ने स्मार्ट क्लासरूम एवं आधुनिक लाइब्रेरी का किया लोकार्पण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक युक्त शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है           केवड़ाबाड़ी स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को आयोजित “स्मार्ट स्कूल हैंडओवर सेरेमनी” में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने नव-निर्मित आधुनिक लाइब्रेरी एवं स्मार्ट क्लासरूम का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ जिले में शिक्षा अधोसंरचना के उन्नयन को सरकार प्राथमिकता दे रही है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर, आधुनिक और तकनीक-सक्षम शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। वित्तमंत्री श्री चौधरी ने स्मार्ट क्लासरूम एवं आधुनिक लाइब्रेरी का किया लोकार्पण विद्यार्थियों की अध्ययन-अभिरुचि में होगी वृद्धि           जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. राव ने बताया कि नई लाइब्रेरी में विषयवार पुस्तकों, संदर्भ सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु समृद्ध साहित्य उपलब्ध कराया गया है, जिससे विद्यार्थियों की अध्ययन-अभिरुचि में वृद्धि होगी और उन्हें उच्चस्तरीय ज्ञान-संसाधन स्कूल परिसर में ही सुलभ हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम में स्थापित इंटरैक्टिव स्क्रीन, डिजिटल मॉड्यूल, प्रोजेक्टर एवं हाई-स्पीड इंटरनेट विद्यार्थियों को कठिन विषयों को दृश्यात्मक माध्यमों से समझने में अत्यधिक सहायक सिद्ध होंगे। डिजिटल माध्यम से अध्यापन अधिक रोचक हो गया          नई सुविधाओं को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह देखा गया। छात्रों ने बताया कि डिजिटल माध्यम से अध्यापन अब अधिक रोचक हो गया है और जटिल अध्याय भी एनिमेशन, ग्राफिक्स और वीडियो लेक्चर के माध्यम से तेजी से समझ आ रहे हैं। इससे न केवल अध्ययन क्षमता में सुधार होगा बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। कार्यक्रम के पश्चात वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर विकास कार्यों की सराहना की तथा भविष्य में भी शिक्षा से जुड़े संसाधनों को मजबूत करने हेतु आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।          कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. व्ही. राव, विभागीय अधिकारी, शिक्षक-कर्मचारी एवं अभिभावक उपस्थित थे। केवड़ाबाड़ी विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम जिले में शिक्षा उन्नयन और तकनीकी नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

रायपुर : बदली भीमा की जिंदगी आई खुशहाली प्रधानमंत्री आवास योजना से

रायपुर : बदली भीमा की जिंदगी आई खुशहाली प्रधानमंत्री आवास योजना से कच्चे घर से सम्मानपूर्ण जीवन तक की यात्रा रायपुर बदली भीमा की जिंदगी आई खुशहाली प्रधानमंत्री आवास योजना से भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका लक्ष्य  ग्रामीण क्षेत्रों के उन सभी बेघर परिवारों और कच्चे-जीर्ण-शीर्ण घरों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं (बिजली, पानी, शौचालय) के साथ एक पक्का घर देना है, जिनके पास अपना घर नहीं है। जीवन में कठिनाइयाँ जब बड़े पहाड़ की तरह सामने खड़ी होती हैं, तब इंसान की हिम्मत और धैर्य की असली परीक्षा होती है। लेकिन यदि व्यक्ति हार न माने और सही दिशा में लगातार प्रयास करे, तो सफलता जरूर मिलती है। यही कहानी है ग्राम पंचायत अरनुपर, जनपद पंचायत कुआकोंडा दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिला के निवासी श्री भीमा कश्यप पिता श्री जोगा की, जिनके जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने आशा की नई किरण जगाई।           दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों से घिरे गांव अरनुपर में भीमा अपने परिवार के साथ कई वर्षों से जर्जर कच्चे मकान में रह रहे थे। बरसात में छत से पानी टपकने का डर, सर्दी में टाट और प्लास्टिक लगाकर ठंड से बचना और गर्मी में टूटती दीवारों की परेशानी हमेशा बनी रहती थी। यह सब उनकी रोजमर्रा की मजबूरी बन चुका था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का घर उनका अधूरा सपना बना हुआ था। लेकिन जब प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत उनके नाम आवास स्वीकृत हुआ, तो भीमा के जीवन में नई उम्मीद जागी। किस्तों की राशि मिलने के बाद उन्होंने स्वयं मेहनत कर धीरे-धीरे अपना पक्का घर बनाना शुरू किया। पहले मिट्टी और लकड़ी से गुजारा करने वाले भीमा के हाथों ने अब ईंट और सीमेंट से एक मजबूत घर तैयार किया। एक ऐसा घर जिसमें उनके पूरे परिवार के सुरक्षित भविष्य की नींव रखी गई।            आज भीमा और उनका परिवार नए, साफ-सुथरे और सुरक्षित पक्के घर में सम्मानपूर्वक जीवन जी रहा है। बच्चों के चेहरों पर खुशी की चमक और परिवार के मन में सुरक्षा का एहसास उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। भीमा गर्व से कहते हैं कि पहले हर मौसम डर लेकर आता था, अब घर के अंदर सुकून है। बच्चों को पहली बार ऐसा घर मिला है जहाँ वे बिना डर पढ़-लिख सकते हैं। सरकार की इस योजना ने हमें नई जिंदगी दी है।         हाल ही में कलेक्टर अरनपुर के निरीक्षण पर पहुंचे। उन्होंने भीमा के नए बने आवास को देखा और घर की मजबूती, स्वच्छता और स्तर देखकर संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान श्री भीमा ने बताया कि उन्हें अंतिम किस्त प्राप्त होना अभी शेष है। इस पर कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि अंतिम किस्त जल्द ही प्रदान कर दी जाएगी। कलेक्टर ने यह भी पूछा कि क्या उन्हें नियमित रूप से राशन मिल रहा है, जिस पर भीमा ने बताया कि उन्हें समय पर सभी सामग्री प्राप्त हो रही है।         कलेक्टर ने भीमा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भीमा का प्रयास यह साबित करता है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग जीवन बदल सकता है। उनका अनुभव गांव के अन्य परिवारों को भी प्रेरित करेगा। आज भीमा अपने नए घर के आंगन में खड़े होकर गर्व महसूस करते हैं। उनके लिए यह घर केवल ईंट और सीमेंट की दीवारें नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और नई शुरुआत का प्रतीक है, एक ऐसी शुरुआत जिसने उनके परिवार के जीवन में स्थायी खुशियाँ भर दी हैं।

रायपुर: 02 सालों में छत्तीसगढ़ ने बनाई नई पहचान, अब भारत का ग्रोथ इंजन बन गया राज्य”

रायपुर : राज्य सरकार के 02 वर्ष पर विशेष : छत्तीसगढ़ बना भारत का ग्रोथ इंजन    रायपुर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य अनुरूप छत्तीसगढ़ में न केवल तेजी से अधोसंरचनाएं विकसित हो रही है, बल्कि सस्टेनबल डेवलपमेंट गोल के लक्ष्य को भी हासिल किया जा रहा है। विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ भारत के विकास इंजन के रूप में भी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश की नवीन औद्योगिक नीति में डिफेंस, आईटी, एआई, ग्रीन एनर्जी जैसे नए क्षेत्रों को विशेष पैकेज दिया जा रहा है। राज्य में अब तक 7.69 लाख रूपए के निवेश के प्रस्ताव मिल चुके हैं। राज्य में विकास, विश्वास और सुरक्षा का नया वातावरण बना है। राज्य की प्रगति में माओवाद आतंक हमेशा से ही बाधक रही है। अब यह बाधा दूर होने जा रही है। माओवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक सुदृढ़ एवं परिणाम आधारित बनाने के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। शासन व्यवस्था में अनुशासन और समयबद्धता सुनिश्चित करने हेतु 01 दिसम्बर 2025 से मंत्रालय महानदी भवन में अधिकारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू कर दी गई है, जिससे कार्य संस्कृति और जवाबदेही को नई पहचान मिल रही है। प्रदेश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण जुड़ा है नवा रायपुर अटल नगर में छत्तीसगढ़ के नए भव्य विधानसभा भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा किया गया। यह विधानसभा भवन नई ऊर्जा, नई सोच और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प का प्रतीक है। पिछले 2 वर्षों में बस्तर और सरगुजा अंचल के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए वहां सड़क, रेल, स्वास्थ्य और संचार सहित कई नई परियोजनाएं भी शुरू की गई। नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को उद्योग का दर्जा  दिया गया है। बस्तर में पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने का प्रयास किए जा रह हैं। इसके लिए नई होम स्टे पॉलिसी और इको टूरिज्म के लिए विशेष प्रावधान रखे है। बस्तर और सरगुजा अंचल में उद्योगों की स्थापना पर विशेष सुविधाएं, छूट और रियायतें दी जा रही है। इसके अलावा उद्योगों को विशेष पैकेज के अंतर्गत सस्ती जमीन उपलब्ध कराई जा रही है।  नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत माओवाद आतंक से प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित 69 सुरक्षा कैम्पों के माध्यम से मूलभूत सुविधाओं के साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। बस्तर की बदलती फिजा को सबके सामने लाने में बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे बड़े आयोजनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बस्तर के युवा अब विकास से जुड़ना चाहते है, इसकी बानगी यहां चलाए जा रहे हैं। स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों में देखी जा सकती है। बस्तर की युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए और उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए पर्यटन ऑटोमोबाईल, पायलट, आईटी आदि क्षेत्रों में स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।  राज्य में सस्टेनबल डेवलपमेंट गोल को हासिल करने के लिए सामाजिक, आर्थिक गतिशीलता के लिए शुरू की गई कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 40 लाख घरों में पीने का स्वच्छ जल मुहैया कराया जा रहा है। इसी प्रकार 26 लाख से अधिक परिवारों के लिए पीएम आवास स्वीकृत किए गए हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने और समाज में उनकी भूमिका बढ़ाने के लिए महतारी वंदन योजना में 70 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खाते में एक-एक हजार रूपए की राशि दी जा रही है। इस योजना के अंतर्गत लगभग 14 हजार करोड़ रूपए की राशि जारी की जा चुकी है। आयुष्मान भारत योजना के दायरे में राज्य की 98 प्रतिशत आबादी को लाया जा चुका है।  छत्तीसगढ़ में धान की पैदावार और समर्थन मूल्य में खरीदी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मुख्य धुरी है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए मोदी की गारंटी के अंतर्गत किसानों को देश में सर्वाधिक धान का मूल्य दिया जा रहा है। राज्य के 2300 से अधिक धान उपार्जन केंद्रों में सफलतापूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। किसानों से धान प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से तथा 3100 रूपए प्रति क्विंटल की कीमत दी जा रही है। किसान हितैषी फैसलों के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ में किसानों के खाते में एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। किसान इस राशि का खेती किसानी में भरपूर निवेश कर रहे हैं और इससे बाजार भी गुलजार हुए हैं जिससे शहरी अर्थव्यवस्था पर सीधा असर दिख रहा है। ट्रैक्टर आदि की बिक्री ने रिकार्ड आंकड़ा छू लिया है।  छगन लोन्हारे उप संचालक (जनसंपर्क) 

जगदलपुर : केंद्रीय गृह मंत्री के प्रवास के अवधि में नो ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित

जगदलपुर कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी  आदेश के तहत केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार   अमित शाह का  13 दिसंबर 2025 को बस्तर जिला प्रवास कार्यक्रम नियत है। बस्तर जिला प्रवास दौरान  केन्द्रीय गृह मंत्री, की सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए सम्पूर्ण जगदलपुर शहर को समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक के लिए नो ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।

एमसीबी में सघन कुष्ठ खोज अभियान, स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर कर रही हैं जांच

एमसीबी  राज्य में कुष्ठ रोग उन्मूलन के उद्देश्य से समुदाय में संक्रमण रोकथाम तथा संभावित रोगियों की प्रारंभिक पहचान को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सघन प्रयास जारी हैं। प्रारंभिक अवस्था में रोगियों की पहचान और समय पर उपचार से न केवल कुष्ठ के प्रसार पर नियंत्रण संभव है, बल्कि इससे कुष्ठ से होने वाली विकलांगता को भी रोका जा सकता है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने 05 दिसंबर 2025 को समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों एवं बीपीएम की बैठक लेकर 08 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक सघन कुष्ठ खोज अभियान चलाने हेतु दिशा-निर्देश जारी किए। इसके अतिरिक्त कलेक्टर डी. राहुल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक आयोजित कर अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा सभी विभागों से आवश्यक सहयोग के निर्देश भी प्रदान किए गए। अभियान के अंतर्गत 08 दिसंबर से स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंचकर कुष्ठ रोग के लक्षणों की जांच एवं संभावित रोगियों की पहचान कर रही है। जिन व्यक्तियों में कुष्ठ के धनात्मक लक्षण पाए जाएंगे, उनका तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। कलेक्टर डी. राहुल एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि वे अभियान में सहयोग करें, स्वास्थ्य टीम को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं तथा त्वचा पर किसी प्रकार के दाग, सुन्नपन या असामान्य लक्षण होने पर जांच अवश्य कराएं। यह अभियान समुदाय को स्वस्थ, सुरक्षित और कुष्ठ-मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।