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आयुष्मान में धांधली का पर्दाफाश, कई निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की तलवार

बिलासपुर राज्य स्तर पर एक बार फिर आयुष्मान भारत से इलाज करने वाले निजी अस्पतालों को जांच के दायरे में लेकर गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जिला स्तर पर मिली शिकायतों के आधार पर मौजूदा स्थिति में 20 से ज्यादा निजी अस्पतालों को जांच के दायरे में लिया गया है। इन्हें नोटिस थमाकर जवाब मांगा गया है। संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर ऐसे अस्पतालों को आयुष्मान भारत से इलाज करने से वंचित करने की कार्रवाई की जाएगी। शिकायतें मिलने के बाद जांच के दायरे में लिया स्वास्थ्य विभाग की नोडल एजेंसी ने प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में अनियमितता बरतने, गड़बड़ी करने और संचालन सही तरीके से नहीं करने की शिकायतें मिलने के बाद निजी अस्पतालों को जांच के दायरे में लिया है। स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर आरोग्य 104 पर मरीजों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। शिकायत इतनी ज्यादा है कि शासन को इन शिकायतों की जांच करने के लिए बाध्य होना पड़ गया।   हर जिले के आयुष्मान भारत की टीम जांच राज्य शासन के निर्देश पर हर जिले के आयुष्मान भारत की टीम जांच कर रही है। इस दौरान गड़बड़ी करने की पुष्टि होने पर संबंधित निजी अस्पतालों को छह महीने तक आयुष्मान भारत से इलाज करने से वंचित रखा जा रहा है। जिला स्तर पर भी ऐसे अस्पतालों की तेज गति से जांच की जा रही है। शिकायत के आधार पर 20 से ज्यादा निजी अस्पतालों को नोटिस तक थमा दिया गया है। इनके खिलाफ हो चुकी है कार्रवाई अभी तक शहर के सात अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इन अस्पतालों से तीन से लेकर छह महीने तक इलाज की अनुमति छीन ली गई है। इन अस्पतालों में शिव टाकीज रोड स्थित लाडीकर हॉस्पिटल, तोरवा चौक के पास स्थित पेंडलवार हॉस्पिटल, शशि मेमोरियल हॉस्पिटल राजकिशोर नगर, पूजा नर्सिंग होम पुराना हाई कोर्ट रोड के पास, ओम श्री बालाजी नर्सिंग होम देवनंदन नगर, डॉ मित्तल हॉस्पिटल, रेंबो हॉस्पिटल देवकीनंदन चौक के पास शामिल हैं। ऐसे कर रहे गड़बड़ी     मरीजों से इलाज के नाम पर अतिरिक्त राशि लेना।     आयुष्मान से इलाज करवाने वाले मरीज के प्रति चिकित्सक व कर्मचारियों का व्यवहार ठीक नहीं होना।     मरीज को जनरल वार्ड में भर्ती कर आइसीयू के पैकेज रेट के अनुसार राशि लेना।     मरीज के इलाज की फाइल सही तरीके से न बनाना।     इलाज से मना कर देना।     हेल्थ पैकेज कोड के विपरीत क्लेम बुक करना।

समिति का झांसा देकर 5.40 लाख की चपत: सब्जी विक्रेता ठगी कर हुआ फरार

रायपुर  सब्जी विक्रेता बनकर भरोसा जीतने के बाद अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी राजू बाघ के खिलाफ टिकरापारा पुलिस ने धोखाधड़ी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया है। 38 वर्षीय पीड़िता पुष्पा नामदेव उर्फ डॉली नामदेव की शिकायत पर यह एफआइआर दर्ज की गई है। संस्था में निवेश का दिया लालच साल 2024 में पीड़िता की पहचान मोती नगर सामुदायिक भवन के पास सब्जी का ठेला लगाने वाले आरोपी राजू बाघ से हुई। आरोपी ने खुद को अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति नामक संस्था का संचालक बताते हुए पीड़िता को यह बताया कि संस्था स्किल डेवलपमेंट कर रोजगार देती है और प्रॉफिट कमाकर सदस्यों में बांटती है। राजू बाघ के झांसे में आकर पीड़िता संस्था की सदस्य बन गई और मार्च–अप्रैल 2024 में आरोपी के फोन-पे नंबर पर एक लाख रुपये जमा किए।   थोड़ा सा प्रॉफिट दिखाकर भरोसा जीता, फिर पैसे लेकर फरार शिकायत के अनुसार, आरोपी ने बीच-बीच में छोटी रकम प्रॉफिट बताकर भेजी, जिससे पीड़िता का विश्वास बढ़ा और उसने और पैसा लगा दिया। बाद में आरोपी अचानक घर खाली कर गायब हो गया और अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया। पूछताछ में पीड़िता को पता चला कि कोई संस्था वास्तव में संचालित ही नहीं होती, न रोजगार दिया जाता है और न ही कोई मुनाफा कमाया जाता है। इस प्रकार वह ठगी का शिकार हुई। इकरारनामा बनवाकर भी नहीं लौटाए रुपये दिसंबर 2024 में दोनों के बीच लेनदेन को लेकर लिखित इकरारनामा भी हुआ, जिसमें आरोपी ने 5,40,000 रुपये वापस देने की बात मानी। लेकिन आरोपी ने अब तक राशि नहीं लौटाई।  आरोपी ने महिला को जान से मारने की दी धमकी रकम मांगने पर राजू बाघ ने पीड़िता को अश्लील गाली-गलौज दी और कहा कि पैसा नहीं दूंगा, जो करना है कर लो। कोर्ट जाने पर उठवा दूंगा और रायपुर में कहीं भी रहोगी तो जान से मरवा दूंगा। आरोपी द्वारा अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह समिति में सदस्य बनाने और मुनाफा दिलाने के नाम पर ठगने की जानकारी सामने आई है। 

धान से मिले पैसों से खुद के लिए वाहन खरीदेंगे-किसान गंगाराम

रायपुर, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु धान खरीदी का शुभारंभ अवसर पर जशपुर जिले के गम्हरिया चौक स्थित धान खरीदी केंद्र में ग्राम झीलिंग के किसान गंगा यादव ने सर्वप्रथम अपना धान विक्रय किया। उन्होंने कहा कि धान से मिले पैसों से खुद के लिए वाहन खरीदूंगा l         किसान गंगा यादव ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष लगभग 150 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा था, जिससे प्राप्त लाभ से उन्होंने एक दुकान की शुरुआत कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना। उन्होंने कहा कि इस वर्ष वे वाहन क्रय करने की योजना बना रहे हैं। यादव ने शासन द्वारा खरीदी केंद्रों में की गई सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र में सभी व्यवस्थाएँ सुव्यवस्थित रूप से उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।        शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में माइक्रो-एटीएम सुविधा, टोकन ‘तुंहर द्वार’ व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, ताकि किसानों को धान विक्रय प्रक्रिया में आसानी और पारदर्शिता मिल सके।     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में 15 नवम्बर से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो गया है। जशपुर जिले मे किसी भी समिति में किसानों को तकलीफ नहीं है l आसानी से टोकन मिल रहा है और किसान निर्धारित दिवस धान समिति में लेकर आ रहे हैं l

वैवाहिक विवाद पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पत्नी द्वारा संबंध बनाने से रोकना मानसिक अत्याचार

बिलासपुर हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़े अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पत्नी का पति को शारीरिक संबंध बनाने से रोकना मानसिक क्रूरता है. मामले में हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए पति की अपील पर तलाक मंजूर कर लिया है. जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस ए के प्रसाद के डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा कि 11 साल लंबे अलगाव और पत्नी की शारीरिक संबंध के लिए अनिच्छा मानसिक क्रूरता मानी जाएगी. मामले में पति को अपनी पत्नी को दो महीने के अंदर 20 लाख रुपए स्थायी गुजारा भत्ता देना होगा. दरअसल, अंबिकापुर के रहने वाले 45 साल वर्षीय व्यक्ति की शादी 30 मई 2009 को रायपुर की रहने वाली महिला के साथ हिंदू रीति- रिवाजों से हुई थी. पति का आरोप है कि उसकी पत्नी शादी के एक महीने बाद ही उसे छोड़कर मायके चली गई. जिस पर उन्होंने फैमिली कोर्ट में हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(1)(i-a) के तहत तलाक की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया. पति ने बताया कि 2013 में अंबिकापुर में उसकी पत्नी कुछ दिन साथ रही. लेकिन शारीरिक संबंध बनाने से मना करती रही. महिला ने अपने पति को यह भी धमकी दी कि वो शारीरिक संबंध बनाएगा तो सुसाइड कर लेगी. पत्नी मई 2014 से मायके में रह रही है, और पति के लगातार प्रयासों के बावजूद वापस नहीं लौटी. केस दर्ज होने के बाद भी उसने कभी अपने पति से संपर्क नहीं किया. इसके साथ ही परिवार के किसी खुशी या दुख के अवसर पर शामिल नहीं हुई. वहीं पत्नी ने अपने पति के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उसके पति एक साध्वी के भक्त हैं, और योग साधना में लीन रहने के कारण वैवाहिक संबंधों में रुचि नहीं रखते थे. उसने आरोप लगाया कि पति बच्चे नहीं चाहते थे. उन्होंने पति पर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया. पत्नी ने पहले वैवाहिक अधिकारों की बहाली के लिए अर्जी भी लगाई, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया. दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैमिली कोर्ट ने पति की अर्जी को खारिज कर दी. जिसके बाद पति ने फैमिली कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील की, जिसमें उन्होंने बताया कि फैमिली कोर्ट ने उनके तर्कों को सुने बगैर ही तलाक की अर्जी को खारिज किया है. साथ ही कहा कि वैवाहिक जीवन जीने के लिए पत्नी का साथ होना जरूरी है. मामले में हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों के बयान और रिकॉर्ड को देखते हुए पाया कि पति-पत्नी 11 साल से अलग रह रहे हैं. पत्नी ने क्रॉस एग्जामिनेशन में खुद स्वीकार किया कि वह अब पति के साथ वैवाहिक जीवन जारी नहीं रखना चाहती. कोर्ट ने कहा कि इतने लंबे अलगाव और संबंधों में लौटने से स्पष्ट इनकार को मानसिक क्रूरता माना जाएगा. मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने पति की तलाक की अपील को स्वीकार कर ली है.

अजीबोगरीब पढ़ाई का वीडियो वायरल, ‘Iey-Noge’ पढ़ाने वाले शिक्षक पर शिक्षा विभाग की गाज

अंबिकापुर छत्तीसगढ़ में बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लाक के प्राथमिक पाठशाला मचानडांड कोगवार के सहायक शिक्षक एलबी प्रवीण टोप्पो को निलंबित कर दिया गया है। प्रवीण पर आरोप है कि उन्हें अंग्रेजी में नोज(नाक), इयर (कान), आई (आंख) की सही स्पेलिंग तक नहीं आती। इतना ही नहीं दिनों के नाम और फादर, मदर, ब्रदर, सिस्टर की स्पेलिंग भी नहीं आती और वे कक्षा में बच्चों को गलत स्पेलिंग लिखना सिखा रहे थे। बकायदा ब्लैक बोर्ड में गलत लिखा भी था। उसी दौरान किसी ने वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल होते ही शिक्षा विभाग ने जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर शिक्षक को निलंबित कर दिया गया।   बलरामपुर जिले के प्राथमिक पाठशाला मचानडांड कोगवार के शिक्षक प्रवीण टोप्पो को बच्चों को पढ़ाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में शिक्षक, बच्चों को गलत स्पेलिंग लिखना सिखा रहे थे। उन्हें भी उन शब्दों की स्पेलिंग नहीं आती थी। वीडियो में शिक्षक Nose की जगह 'Noge', Ear की जगह 'Eare' और Eye की जगह 'ley' पढ़ाते दिख रहे थे। बच्चों को दिन के नाम, शरीर के अंगों के नाम और माता, पिता, भाई, बहन के अंग्रेजी शब्दों की स्पेलिंग भी ब्लैक बोर्ड पर गलत लिखकर दिया गया था।   शिक्षा विभाग की हो गई किरकिरी यह वीडियो सामने आते ही शिक्षा विभाग की जमकर किरकिरी शुरू हो गई थी। शिक्षक की योग्यता और ज्ञान पर उठ रहे सवालों के बीच जिला शिक्षा अधिकारी एमआर यादव ने आरोपों की जांच कराई। संकुल समन्वयक को स्कूल भेजा गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि बच्चों को गलत स्पेलिंग लिखना सिखाया गया है। इसी के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने सहायक शिक्षक प्रवीण टोप्पो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस विद्यालय में कुल 42 बच्चे हैं। यहां दो शिक्षकों की पदस्थापना थी। इनमें से एक को निलंबित कर दिया गया है। अभिभावकों ने बताया कि बच्चे अगर गलत स्पेलिंग सीखेंगे तो उनका भविष्य अंधेरे में जाएगा। कोगवार प्राइमरी स्कूल में दूसरे शिक्षक लाए जाएं, ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके।

धान तस्करी पर पुलिस की सख्ती: 210 बोरी बरामद, तीन वाहनों के चालक व मालिक बुक

बलरामपुर छत्तीसगढ़ में एक बार फिर धान खरीदी के समय बिचौलिए सक्रिय हो चुके हैं. पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से वाहनों में बड़ी मात्रा में धान का अवैध परिवहन किया जा रहा है. धान बिचौलियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है. इसी कड़ी में वाड्रफनगर के चर्चरी गांव में तीन पिकअप वाहन से 210 धान बोरी पकड़ाया है. देर रात करीब 1:30 बजे खाद्य, मंडी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने रेड मारकर यह कार्रवाई की है. मामले में सख्त एक्शन लेते हुए तीनों चालक और वाहन मालिक पर एफआईआर दर्ज की गई है. जानकारी के मुताबिक, गोपनीय सूचना के आधार पर वाड्रफनगर एसडीएम के निर्देश पर ग्राम चरचरी में अवैध धान परिवहन पर कार्रवाई की गई. रात लगभग 1:30 बजे. चरचरी में अवैध धान परिवहन करते तीन (03) पिकअप वाहनों को पकड़ा गया, जिसमें भारी मात्रा में धान लदा हुआ था. तीनों वाहनों में 70-70 बोरी लदे हुए थे. पूछताछ में वाहन चालक ने बताया गया कि उक्त धान उत्तर प्रदेश राज्य से अवैध रूप से छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में स्थित धान खरीदी केन्द्र में अधिक मूल्य पर विक्रय के उद्देश्य से लाया जा रहा था. रात के अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले वाहन चालक पूछताछ के दौरान तीनों पिकअप के वाहन चालक रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए. तीनों वाहन को थाना रघुनाथनगर में लाया गया और सुरक्षित अभिरक्षा में रखने के लिए टीआई को सुपुर्द किया गया. फिलाहास वाहन मालिक और चालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है.

सब्जी बेचने वाला बना समिति संचालक: महिला से 5.40 लाख की ठगी कर फरार

रायपुर सब्जी विक्रेता बनकर भरोसा जीतने के बाद अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी राजू बाघ के खिलाफ टिकरापारा पुलिस ने धोखाधड़ी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया है। 38 वर्षीय पीड़िता पुष्पा नामदेव उर्फ डॉली नामदेव की शिकायत पर यह एफआइआर दर्ज की गई है। संस्था में निवेश का दिया लालच साल 2024 में पीड़िता की पहचान मोती नगर सामुदायिक भवन के पास सब्जी का ठेला लगाने वाले आरोपी राजू बाघ से हुई। आरोपी ने खुद को अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति नामक संस्था का संचालक बताते हुए पीड़िता को यह बताया कि संस्था स्किल डेवलपमेंट कर रोजगार देती है और प्रॉफिट कमाकर सदस्यों में बांटती है। राजू बाघ के झांसे में आकर पीड़िता संस्था की सदस्य बन गई और मार्च–अप्रैल 2024 में आरोपी के फोन-पे नंबर पर एक लाख रुपये जमा किए। इकरारनामा बनवाकर भी नहीं लौटाए रुपये दिसंबर 2024 में दोनों के बीच लेनदेन को लेकर लिखित इकरारनामा भी हुआ, जिसमें आरोपी ने 5,40,000 रुपये वापस देने की बात मानी। लेकिन आरोपी ने अब तक राशि नहीं लौटाई। आरोपी ने महिला को जान से मारने की दी धमकी रकम मांगने पर राजू बाघ ने पीड़िता को अश्लील गाली-गलौज दी और कहा कि पैसा नहीं दूंगा, जो करना है कर लो। कोर्ट जाने पर उठवा दूंगा और रायपुर में कहीं भी रहोगी तो जान से मरवा दूंगा। आरोपी द्वारा अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह समिति में सदस्य बनाने और मुनाफा दिलाने के नाम पर ठगने की जानकारी सामने आई है।

बाएं की जगह दाएं घुटने का ऑपरेशन, फिर दोनों की कर दी सर्जरी—हाईकोर्ट सख्त, जांच के निर्देश

बिलासपुर ईएसआईसी योजना के तहत उपचार करा रही एक गरीब महिला के साथ हुई गंभीर चिकित्सीय लापरवाही को लेकर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई है। अदालत ने बिलासपुर के लालचंदानी अस्पताल और आरबी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में किए गए गलत घुटने के ऑपरेशन को लेकर पूर्व गठित जांच समिति की रिपोर्ट को खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समिति न तो नियमों के तहत गठित थी और न ही इसकी प्रक्रिया वैध थी। कलेक्टर को अब नई उच्चस्तरीय समिति बनाकर चार माह में जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। ईएसआईसी योजना के तहत दयालबंद निवासी शोभा शर्मा का उपचार पहले लालचंदानी अस्पताल में शुरू हुआ। बाद में उन्हें ऑपरेशन के लिए आरबी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस भेजा गया। आरोप है कि डॉक्टरों ने बाएं घुटने की जगह गलती से दाएं घुटने का ऑपरेशन कर दिया। इस गंभीर भूल पर आपत्ति जताए जाने के बाद बिना पूरी तैयारी और आवश्यक जांच के जल्दबाजी में बाएं घुटने का भी ऑपरेशन कर दिया गया। चलने-फिरने में असमर्थ हो गई दोनों ऑपरेशनों के बाद भी उनकी समस्या खत्म नहीं हुई और स्थिति बिगड़ती गई, जिससे वे सामान्य चलने-फिरने और काम करने में असमर्थ हो गईं। इस मामले की शिकायत पर चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी, जिसने दोनों अस्पतालों को क्लीन चिट दे दी। हाई कोर्ट ने पाया कि यह समिति न तो विधिपूर्वक गठित थी और न ही इसका अध्यक्ष डिप्टी कलेक्टर स्तर का अधिकारी था, जो नियम 18 में अनिवार्य है। चार महीने में जांच पूरी करने को कहा कोर्ट ने कलेक्टर को निर्देश दिया है कि वह नई उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन करें और चार माह में जांच पूरी करें। पीड़िता ने अदालत को बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण न्याय की लड़ाई लड़ना संभव नहीं था, लेकिन प्रो बोनो कानूनी सहायता मिलने से वे कोर्ट तक पहुंच सकीं। चिकित्सीय लापरवाही के कारण वे आज भी सामान्य दैनिक कार्य करने में असमर्थ हैं।

भारी कोहरे का असर: रेलवे ने रद्द की कई ट्रेनें और बदला मार्ग

रायपुर कोहरे के कारण रेलवे ने कई ट्रेनों को रद कर दिया है और कुछ ट्रेनों के मार्ग परवर्तित कर दिए हैं। इसमें सबसे ज्यादा सारनाथ एक्सप्रेस को एक दिसंबर से 15 फरवरी 2026 तक 76 दिनों के लिए रद किया गया है। यह ट्रेन लगभग ढाई महीने तक दोनों दिशाओं से प्रभावित रहेगी। इसी तरह साउथ बिहार एक्सप्रेस, टाटानगर इतवारी और उत्कल एक्सप्रेस प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में जरूरी है कि रेल यात्री अपनी यात्रा से पहले रद ट्रेनों की पूरी जानकारी ले लें, ताकि वो अन्य वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें। ये ट्रेनें अलग-अलग तारीखों पर रद रहेंगी कोहरे के कारण उत्तर और बिहार की ओर जाने वाली कुछ अन्य महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनें भी इन 76 दिनों के दौरान अलग-अलग तारीखों पर रद रहेंगी।     15159 सारनाथ एक्सप्रेस (दुर्ग-छपरा):     दिसंबर: 1, 3, 6, 8, 10, 13, 15, 17, 20, 22, 24, 27, 29, 31     जनवरी: 3, 5, 7, 10, 12, 14, 17, 19, 21, 24, 26, 28, 31     फरवरी: 2, 4, 7, 9, 11, 14     15160 सारनाथ एक्सप्रेस (छपरा-दुर्ग):     दिसंबर: 2, 4, 7, 9, 11, 14, 16, 18, 21, 23, 25, 28, 30     जनवरी: 1, 4, 6, 8, 11, 13, 15, 18, 20, 22, 25, 27, 29     फरवरी: 1, 3, 5, 8, 10, 12, 15     18109-18110 टाटानगर-इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस     18, 22, 25, 29 नवंबर और 2, 6, 9, 13 व 16 दिसंबर को रद रहेंगी।     18175-18176 हटिया-झारसुगुड़ा-हटिया एक्सप्रेस 18, 22, 25, 29 नवंबर और 2, 6, 9, 13 व 16 दिसंबर को रद रहेंगी।     68029-68030 राउरकेला-झारसुगुड़ा-राउरकेला मेमू ट्रेन 18, 22, 25, 29 नवंबर और 2, 6, 9, 13 व 16 दिसंबर को रद रहेंगी।     13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस 21, 28 नवंबर व 5 और 12 दिसंबर को रद रहेगी।     13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस 22, 29 नवंबर व 6 व 13 दिसंबर को रद रहेगी।     18125-18126 राउरकेला-पुरी-राउरकेला एक्सप्रेस 22, 29 नवंबर, 6 व 13 दिसंबर को रद रहेगी।     18107 राउरकेला-जगदलपुर एक्सप्रेस 18, 25 नवंबर और 9 व 16 दिसंबर को रद रहेगी।     18108 जगदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस 19, 25 नवंबर व 10 व 17 दिसंबर को रद रहेगी। बदले रूट से चलेंगी ये ट्रेनें 18478 योग नगरी ऋषिकेश-पुरी कलिंग उत्कल एक्सप्रेसः 21, 28 नवंबर फिर 5 और 12 दिसंबर को ईब से झारसुगुड़ा रोड, संबलपुर सिटी से कटक होकर चलेगी। 18477 पुरी-योग नगरी ऋषिकेश कलिंग उत्कल एक्सप्रेसः 25 नवंबर फिर 8 व 15 दिसंबर को कटक से संबलपुर सिटी, झारसुगुड़ा से ईब होकर चलेगी। 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेसः 17, 24 नवंबर फिर 1, 8 व 15 दिसंबर को यह ट्रेन झारखंड के कांड्रा से सीनी होकर चलेगी। ये तीनों ट्रेनों टाटानगर नहीं जाएंगी।

सुरक्षा और सफाई दोनों पर नजर: रायगढ़ में CCTV कैमरे लगाए गए

रायगढ़ रायगढ़ शहर के मुख्य मार्गों और चौक-चौराहों पर लगे सरकारी और निजी सीसीटीवी कैमरे अब केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि स्वच्छता की निगरानी भी कर रहे हैं। नगर निगम प्रशासन ने सड़क किनारे कचरा फेंकने वालों पर नियंत्रण पाने के लिए यह पहल की है। इसके तहत नगर निगम इन कैमरों के फुटेज के आधार पर कचरा फेंकने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन पर जुर्माना लगा रहा है। हाल ही में आलोक सिटी माल और होटल एकार्ड प्रीमियम जैसे प्रतिष्ठानों सहित एक व्यक्ति को कैमरे द्वारा पकड़े जाने पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना चुकाना पड़ा है। नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने बताया कि शहर के विभिन्न मार्गों पर कचरा फेंका जा रहा था। इसे रोकने के लिए समझाइश दी गई और कई स्थानों पर रंगोली, गमले और गार्बेज फ्री केंद्र बनाए गए। इसके बावजूद लोग सड़क पर कचरा फेंकना नहीं छोड़ रहे थे। इस समस्या के समाधान के लिए सीसीटीवी फुटेज का उपयोग कर कचरा फेंकने वालों की पहचान की गई है। इस पहल के तहत बुधवार से अब तक तीन व्यक्तियों से कुल 15 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। आयुक्त ने कहा कि शहर के मुख्य मार्गों और चौक-चौराहों पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अब नगर निगम प्रशासन इन कैमरों का उपयोग स्वच्छता की निगरानी में भी कर रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण में लंबी छलांग भारत सरकार द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में तीन लाख तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायगढ़ को 56वां स्थान मिला है। यह पिछले साल की तुलना में एक सुधार है, जिसमें शहर को 95वां स्थान मिला था। रैंकिंग में बेहतर नंबर की वजह नगर निगम का सफाई व्यवस्था पर बेहतर काम करना, चौक-चौराहों की रंगाई-पुताई के साथ कई आकर्षक कलात्मक कार्यों से स्वच्छता का संदेश देना रहा।