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रायपुर : सपनों को मिली पक्की छत: प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली प्रदीप राम की जिंदगी

रायपुर : सपनों को मिली पक्की छत: प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली प्रदीप राम की जिंदगी रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मलगवां खुर्द के हितग्राही प्रदीप राम इसकी एक प्रेरक मिसाल हैं। कभी कच्चे और खपरैल के मकान में असुरक्षित जीवन बिताने को मजबूर प्रदीप राम आज अपने पक्के घर में सम्मानपूर्वक रह रहे हैं। वे बताते हैं कि पहले बरसात के मौसम में छत से पानी टपकना आम बात थी, जिससे परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सीमित आय के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए संभव नहीं था और दो छोटे बच्चों के साथ कच्चे घर में रहना हमेशा चिंता का विषय बना रहता था। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान मिलने के बाद उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। अब उनका परिवार सुरक्षित माहौल में रह रहा है और घर में पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध हो गई हैं। प्रदीप राम ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस पहल ने उनके सपनों को साकार कर दिया है। उनका कहना है कि यह पक्का मकान केवल एक आवास नहीं, बल्कि उनके परिवार की खुशियों और सुरक्षित भविष्य की नींव है।

CG BJP का प्लान तैयार: जिलावार ट्रेनिंग से कार्यकर्ताओं के कौशल को मिलेगा नया आयाम

रायपुर. भारतीय जनता पार्टी की आज प्रदेश कार्यालय में अगले महीने से शुरू होने वाले प्रशिक्षण को लेकर अहम बैठक होने वाली है. जिलों में प्रशिक्षण वर्ग को लेकर कार्ययोजना तैयार की जाएगी. सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि बीजेपी सिर्फ चुनाव के समय नहीं, बल्कि हर समय तैयारी करती है. शांतिकाल में भी हम युद्ध के लिए शस्त्र तैयार रखते हैं. कार्यकर्ताओं को पार्टी के इतिहास, कार्यपद्धति की ट्रेनिंग देंगे. प्रशिक्षण में कार्यकर्ताओं के कौशल विकास फोकस होगा. मंडल, जिला और प्रदेश स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित होंगे. नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग का खुलासा ईडी जांच में नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग का खुलासा होने के बाद छत्तीसगढ़ का सियासी तेज है. राजनांदगांव से भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने कांग्रेस और भूपेश बघेल पर हमला बोला है. गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इसीलिए कांग्रेस और भूपेश बघेल ने ईडी पर रोका छेका किया. कांग्रेस ने फॉरेन फंडिंग से लोगों को जेएनयू भेजा. आदिवासी क्षेत्रों में फंडिंग से कई गतिविधियां संचालित की गई. कांग्रेस का नक्सलियों के बीच नेटवर्क था, यह जनता जान चुकी थी. भाजपा सांसद ने कहा कि मोदी सरकार ने विदेशी फंडिंग वाले गैर सरकारी संगठन पर रोक लगाई. वहीं प्रदेश में धर्मांतरण रोकने के लिए कानून भी भाजपा ही लेकर आई. भारतीय राजनीति में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ. संदीप पाठक, राघव चढ्ढा समेत कई आप सांसद ने पार्टी छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली. इसे लेकर बीजेपी सांसद संतोष पांडे ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में एक कहावत है. बकरी पालन हो तो फईरिका से भी काम चल जाता है. लेकिन बीजेपी का गेट बहुत बड़ा है, सिंहद्वार है. इसमें सभी तरह के लोगों का प्रवेश हो जाता है. उन्हें अपनी रीति-नीति में ढाल कर राष्ट्र के लिए उपयोगी बनाया जाता है.  TS सिंहदेव पर सांसद संतोष का पलटवार  TS सिंहदेव के प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की आशंका को लेकर बड़ा बयान दिया था. इस पर अब बीजेपी सांसद संतोष पांडे ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि इतने परेशान क्यों हो रहे हैं टीएस सिंहदेव. कोरोना काल में अफवाह फैलाने का ठेका अपने ही ले रखा था. कोरोना वैक्सीन के बारे में क्या अफवाह नहीं फैलाया? यहां तक कहा था कि इससे विकृति होगी, नपुंसकता आ जायेगी. लेकिन उसी वैक्सीन से हमने 150 देश की मदद की थी.

Rail Boost: रावघाट-जगदलपुर प्रोजेक्ट को मिला फंड, 7 दशक बाद बदलेगी कनेक्टिविटी की तस्वीर

बस्तर. बस्तर के लोगों का दशकों पुराना सपना अब पूरा होने जा रहा है. रावघाट-जगदलपुर रेल प्रोजेक्ट को बड़ा बजट मंजूर हुआ है. करीब 3513 करोड़ रुपए इस योजना के लिए स्वीकृत हुए हैं. करीब 140 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई जाएगी. इससे बस्तर का सीधा संपर्क रायपुर से होगा. कोंडागांव और नारायणपुर पहली बार रेल नक्शे पर आएंगे. अब तक लोग सड़क मार्ग पर निर्भर थे. रेल आने से सफर सस्ता और सुरक्षित होगा. 12 नए स्टेशन बनने की भी तैयारी है. किसानों और व्यापारियों को बाजार तक पहुंच आसान होगी. पर्यटन को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे. बस्तर की तरक्की में यह परियोजना मील का पत्थर मानी जा रही है. करोड़ों खर्च, फिर भी टाटामारी में पेड़ों की कटाई जारी केशकाल. केशकाल के टाटामारी इको पर्यटन केंद्र से चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. पर्यटन स्थल के भीतर कीमती पेड़ों की कटाई की शिकायतें हैं. यह वही स्थान है जहां करोड़ों खर्च कर विकास कराया गया. चारों ओर बाउंड्री वॉल और सुरक्षा व्यवस्था भी मौजूद है. इसके बावजूद वृक्षों की कटाई रुक नहीं रही. स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत करने की बात कही है. लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है. पर्यावरण और प्राकृतिक सौंदर्य पर इसका असर पड़ रहा है. यहां रोज सैकड़ों पर्यटक घूमने पहुंचते हैं. शुल्क लेने के बाद भी संरक्षण पर सवाल उठ रहे हैं. गर्मी बढ़ने और हरियाली घटने की चिंता जताई जा रही है. वन विभाग ने कार्रवाई जारी होने का दावा किया है. अब सबकी नजर है कि जमीन पर असर कब दिखेगा.

प्रशासन सख्त: कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी पर 74 मिलर्स को थमाए नोटिस

रायपुर. अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने आज कलेक्ट्रेट परिसर में रायपुर जिले के राइस मिलर्स द्वारा भारतीय खाद्य निगम एवं नागरिक आपूर्ति निगम में कस्टम मिलिंग चावल जमा करने की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि शासन द्वारा चावल जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई है। निर्धारित अवधि में चावल जमा नहीं करने वाले मिलर्स के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर आदेश के उल्लंघन पर 74 राइस मिलर्स को काली सूची में दर्ज किए जाने, सक्षम न्यायालय में अभियोजन की कार्रवाई करने तथा उनके मिल पंजीयन क्रमांक को ब्लॉक करने की चेतावनी देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि अनुबंध के विरुद्ध उठाव किए गए धान के अनुपात में कस्टम मिलिंग चावल जमा नहीं करना छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दण्डनीय अपराध है। समीक्षा के दौरान अपर कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सूची में शामिल ऐसे 10 राइस मिल, जिनमें सर्वाधिक चावल जमा किया जाना शेष है, उनका भौतिक सत्यापन किया जाए। सत्यापन के दौरान धान की कमी पाए जाने पर संबंधित मिलर्स के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही जिला विपणन अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिन मिलर्स द्वारा 30 अप्रैल 2026 तक कस्टम मिलिंग चावल जमा नहीं किया जाता है, उनकी राशि की वसूली 01 मई 2026 से बैंक गारंटी के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। अपर कलेक्टर सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को कहा कि निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए समय-सीमा के भीतर चावल जमा कराने की कार्रवाई पूर्ण करें। इस अवसर पर जिला खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा, सहित अन्य खाद्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रमोशन का नया रास्ता: BSP में जूनियर मैनेजर पद के लिए एग्जाम और इंटरव्यू अनिवार्य

भिलाई नगर. भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) कर्मी जूनियर मैनेजर के पद पर प्रमोशन पाने के लिए 27 अप्रैल से 6 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए प्लांट पोर्टल पर एक लिंक उपलब्ध करा दिया गया है। लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के माध्यम से चयन होगा। लिखित परीक्षा की तारीख बाद में घोषित की जाएगी। कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा 2 घंटे की होगी। गैर कार्यपालक से कार्यपालक वर्ग में प्रमोशन के लिए ई जीरो संबंधी परिपत्र सेल मैनेजमेंट ने आज जारी कर दिया। तकनीकी और गैर तकनीकी दोनों कैटेगरी के कर्मियों को प्रमोशन का अवसर मिलेगा। एस 6 व इससे ऊपर ग्रेड के कर्मियों को आवेदन करने की पात्रता होगी। टेक्निकल स्ट्रीम में मिनिमम क्वालिफिकेशन की तीन कैटेगरी है- इंजीनियरिंग व इसके समकक्ष डिग्री, एस 6 या इससे ऊपर ग्रेड में तीन वर्ष की सर्विस पर इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या इसके समकक्ष या बीएससी, एस 6 या इससे ऊपर ग्रेड में 8 वर्ष की सर्विस पर मैट्रिक या मैट्रिक व आईटीआई या नैक (एनसीवीटी)। नान टेक्निकल स्ट्रीम में कोई भी स्पेसिफिक क्वालिफिकेशन, एस 6 ग्रेड या इससे ऊपर ग्रेड में 3 वर्ष की सर्विस होने पर ग्रेजुएट्स या इसके समकक्ष। आवेदन के बाद फार्म का प्रिंट निकालकर एचआर अधिकारी को जमा करना अनिवार्य है। न्यूनतम बी या इसके समकक्ष रेटिंग हो कर्मियों के पास पिछले तीन वर्षों में न्यूनतम बी या समकक्ष रेटिंग होनी चाहिए। पिछले तीन लगातार वर्षों में से किसी में बी या इसके समकक्ष रेटिंग वाले कर्मियों के आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। लिखित परीक्षा भिलाई इस्पात संयंत्र के आसपास के केन्द्रों में आयोजित की जाएगी। लिखित परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र आनलाइन उपलब्ध होगा। इसकी सूचना लिंक पर दी जाएगी। तीन-तीन पेपर देना होगा इंडस्ट्री एंड कम्पनी अवेयरनेस पर 20 प्रश्न, रीजनिंग, डाटा, इंटरप्रिटेशन एंड इंग्लिश काम्पेहेंसिव पर 40 प्रश्न, जनरल प्लांट आपरेशन इंजीनियरिंग में 100 प्रश्न, जनरल फंक्शनल मैनेजमेंट में 100 प्रश्न होंगे। तकनीकी व गैर तकनीकी वर्ग के कर्मियों को इनमें से तीन तीन पेपर देने होंगे। लिखित परीक्षा में प्राप्तांक की मेरिट सूची के आधार पर साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। दोनों अंकों के आधार पर चयन सूची बनेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हज यात्रियों को स्वागत, फर्स्ट एड किट के साथ दी सफल यात्रा की शुभकामनाएं

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में  हज यात्रियों को फर्स्टएड किट सौंपकर उनकी सुखद एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की।              मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि रायगढ़ से सांसद रहने के समय से लेकर आज तक लगातार हज यात्रियों के स्वागत का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश से कुल 815 हज यात्री यात्रा पर जा रहे हैं और पहली बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया तथा मेडिकल किट भी उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करने का आग्रह करते हुए उनकी यात्रा की सफलता की कामना की।                   सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के हज यात्रियों को यह पावन अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण कर प्रदेश और देश की खुशहाली के लिए दुआ करें। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब हज यात्रा के लिए लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती और अधिक लोगों को यह अवसर मिल रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संभव हुआ है।           कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग ने भी संबोधित किया और हज यात्रा से जुड़ी जानकारी साझा की। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कांवड़िया एवं वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज और छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी की सीईओ डॉ. खुशबू उस्मान समेत समाज के प्रबुद्धजन और प्रदेश भर से आए हज यात्री मौजूद थे।

Fuel Crisis की खबरें बेबुनियाद: छत्तीसगढ़ सरकार ने स्टॉक पूरा बताया, अफवाहों से बचने की अपील

रायपुर. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के साथ ही आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है. किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है. गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनज़र राज्य सरकार लगातार भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संपर्क में है, ताकि प्रदेश की ईंधन आवश्यकताओं की निर्बाध पूर्ति सुनिश्चित की जा सके. खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. आपूर्ति की साप्ताहिक समीक्षा नियमित रूप से की जा रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो. शासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें. प्रदेश में संचालित 2516 पेट्रोल पंपों तथा तीनों प्रमुख ऑयल कंपनियों के डिपो में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल एवं डीजल उपलब्ध है. मार्च 2026 में प्रदेश की मासिक पेट्रोल आवश्यकता 1.01 लाख किलोलीटर के विरुद्ध 1.27 लाख किलोलीटर (126 प्रतिशत) की आपूर्ति की गई. वहीं अप्रैल 2026 में 23 अप्रैल तक 1.60 लाख किलोलीटर पेट्रोल प्राप्त हो चुका है. इसी प्रकार मार्च में डीजल की आवश्यकता 1.64 लाख किलोलीटर के मुकाबले 3.00 लाख किलोलीटर (183 प्रतिशत) आपूर्ति हुई, जबकि अप्रैल 2026 में 23 अप्रैल तक 1.38 लाख किलोलीटर डीजल की आपूर्ति हो चुकी है. स्पष्ट है कि प्रदेश में मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. अधिकारियों ने कहा कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए सभी जिलों में आकस्मिक निरीक्षण एवं छापेमारी की कार्रवाई जारी है. राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं. आम नागरिकों की शिकायतों के निवारण के लिए विभागीय कॉल सेंटर (1800-233-3663) भी सक्रिय रूप से कार्यरत है. 23 अप्रैल 2026 को खाद्य विभाग के संचालक की अध्यक्षता में तीनों ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में यह सामने आया कि कुछ औद्योगिक उपभोक्ता रिटेल आउटलेट से डीजल खरीद रहे हैं, जिससे अस्थायी दबाव की स्थिति बनती है. इस पर कंपनियों को निर्देशित किया गया है कि वे मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करें. वर्तमान स्थिति के अनुसार, प्रदेश में लगभग 77,111 किलोलीटर पेट्रोल उपलब्ध है, जो लगभग 22 दिनों की आवश्यकता के बराबर है. इसी प्रकार 84,295 किलोलीटर डीजल उपलब्ध है, जो करीब 15 दिनों की खपत के लिए पर्याप्त है. सरकार ने पुनः आश्वस्त किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है तथा आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है.

जापान के प्रतिनिधिमंडल ने CM साय से की सौजन्य मुलाकात, तकनीकी सहयोग और निवेश पर हुई चर्चा

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की।  मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर अपने जापान प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार की उद्योगोन्मुखी और निवेश प्रोत्साहनकारी नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जापान तकनीकी दृष्टि से अग्रणी देश है और वहां की उन्नत विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के निवेश और सहयोग से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार हुआ है, जिससे उद्योगों के विस्तार के लिए बेहतर संभावनाएं उपलब्ध हो रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में अपने निवेश को और बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की। इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, एफसेनल के डायरेक्टर युकीहिरो मोमोसे, कोनोइके ट्रांसपोर्ट के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर तोशीहीरो फूजीवारा, एफएसएनएल के मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील कुमार दीक्षित तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के पूर्व सीएमडी के. डी. दीवान उपस्थित थे।

बाबू खेमानी पर बड़ी कार्रवाई: रेड में 5 महंगी कारें और करोड़ों की दौलत का खुलासा

रायपुर. क्रिकेट सट्टे का मास्टरमाइंड बाबू उर्फ गुलशन खेमानी के घर शुक्रवार को पुलिस ने छापामार कार्रवाई की। पड़ताल के दौरान पुलिस को 5 महंगी कारों के साथ बाबू खेमानी और उसके परिवार की करोड़ों की संपत्तियों का खुलासा हुआ। गंज पुलिस और क्राइम ब्रांच की 10 टीमों ने शुक्रवार को बाबू के आमानाका के मारुति एनक्लेव स्थित मकान में छापा मारा। सर्च वारंट लेकर पहुंची पुलिस की टीम को घर में बाबू और करण की पत्नियों के अलावा उसकी मां भी मिली। जानकारी के मुताबिक, मारुति एनक्लेव में कान के अलावा रविभवन में मोबाइल दुकान, जोरापारा में गोदाम, महासमुंद – बागबाहरा मेनरोड में 1 एकड़ जमीन के अलावा बीएमडब्ल्यू, क्रेटा सहित अन्य ब्रांड की 5 महंगी कारें मिली है। पुलिस ने बाबू और करण के अलावा उसके पिता के बैंक खातों के ट्रांजेक्शन की जांच शुरू कर दी है। बाबू और करण ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के लिए अलग-अलग नाम से 50 से अधिक आईडी बनाए थे। कई म्यूल खातों का भी इस्तेमाल किया गया है। कई आपत्तिजनक वीडियो आरोपी बाबू पहले महादेवबुक ऐप से जुड़ा था। इसके बाद सट्टे का अपना काम शुरू कर दिया था। बाबू और उसके भाई करण से जुड़े लोगों की भी पुलिस जांच कर रही है। खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताने वाला बाबू खेमानी इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया में रील और वीडियो बनाता था। इसमें से कई वीडियो गाली-गलौज व आपत्तिजनक भी है। पूर्व महापौर के भतीजे से दोस्ती सटोरिया बाबू खेमानी के साथ शहर के पूर्व महापौर के भतीजे का वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है। इसमें दोनों गाली-गलौज में बातचीत कर रहे है। उल्लेखनीय है कि कबीर नगर सट्टे पर कार्रवाई के दौरान बाबू के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ था। इसमें उसका चचेरा भाई ओम खेमानी पकड़ा गया था। उस दौरान बाबू और करण के बारे में पुलिस को जानकारी मिल गई थी।

दशकों का अंधेरा टूटा, अबूझमाड़ के ईरपानार गाँव में पहली बार पहुँची बिजली

दशकों का अँधेरा टूटा, अबूझमाड़ के ईरपानार गाँव में पहली बार पहुँची बिजली रायपुर कभी नक्शे पर नाम भर रह गया ईरपानार आज उम्मीदों की नई पहचान बन गया है। अबूझमाड़ के गहरे जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और दुर्गम पगडंडियों के बीच बसे इस छोटे से गांव में पहली बार बिजली पहुँची है। वर्षों तक अंधेरे में जीवन गुजारने वाले ग्रामीणों के घरों में जब पहली बार बल्ब जले, तो गांव ने सिर्फ उजाला नहीं देखा, बल्कि विकास को महसूस किया। ईरपानार नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है, लेकिन यह दूरी सामान्य रास्ते जैसी नहीं है। यहां तक पहुंचने के लिए कच्चे मार्ग, पहाड़ी चढ़ाई, घने वन क्षेत्र और कई स्थानों पर पैदल सफर करना पड़ता है। बरसात के मौसम में संपर्क और भी कठिन हो जाता है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, नारायणपुर संभाग ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया। कार्यपालन अभियंता सहित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मिशन मोड में काम कर सफलता हासिल की।  घने जंगलों के बीच चला विकास अभियान  कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि ईरपानार तक बिजली पहुंचाना सामान्य तकनीकी कार्य नहीं था। कई हिस्सों में बिजली खंभे, तार और सामग्री पहुंचाने के लिए कठिन श्रम करना पड़ा। टीम को ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों, जंगलों और सीमित संसाधनों के बीच काम करना पड़ा। कई स्थानों पर मशीनों की बजाय मानव श्रम और स्थानीय सहयोग से सामग्री पहुंचाई गई।बिजली लाइन विस्तार, पोल स्थापना और कनेक्शन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कर विभागीय टीम ने मिसाल पेश की है। ₹56.11 लाख की लागत, लेकिन असर पीढ़ियों तक ग्राम ईरपानार के विद्युतीकरण कार्य पर कुल ₹56.11 लाख की लागत आई। इस परियोजना के तहत गांव के परिवारों को पहली बार विद्युत कनेक्शन प्रदान किया गया , एवं उस सोच का प्रतीक है जिसमें अंतिम छोर पर बसे परिवार को भी विकास का समान अधिकार दिया जा रहा है। अब बच्चों के सपनों को मिलेगा उजाला बिजली आने से अब गांव के बच्चों को रात में पढ़ाई के लिए रोशनी मिलेगी। मोबाइल चार्जिंग जैसी सामान्य सुविधा, जो शहरों में सहज है, अब यहां भी उपलब्ध होगी। पंखे, लाइट और छोटे घरेलू उपकरणों से जीवन आसान होगा। भविष्य में डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, संचार सुविधाओं और छोटे व्यवसायों के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।  ग्रामीणों की आंखों में दिखी खुशी  जब पहली बार गांव में बल्ब जले, तो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर उत्साह दिखाई दिया। कई ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने अपने घरों में पहली बार स्थायी रोशनी देखी है। वर्षों से लालटेन, लकड़ी और सीमित साधनों पर निर्भर जीवन अब बदलने लगा है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और बिजली विभाग की टीम के प्रति आभार जताया। लोगों ने इसे गांव के लिए ऐतिहासिक दिन बताया।  अबूझमाड़ में बदलाव की नई शुरुआत   ईरपानार जैसे अन्य दूरस्थ गांवों को भी प्राथमिकता के आधार पर बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।