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विकसित भारत 2047 के लिए छत्तीसगढ़ की प्राथमिकताओं पर राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित

रायपुर ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति में छत्तीसगढ़ की भूमिका और राज्य की प्राथमिकताओं को तय करने के लिए आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में छठवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन के लिए विभिन्न विभागों की प्रस्तुतियों और प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यशाला के दौरान आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए  निवेश, रोजगार, नागरिक सेवाओं का विस्तार और शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाना है। ग्रामीण संपर्क (रूरल कनेक्टिविटी), जल प्रबंधन और ऊर्जा क्षेत्र को सुदृढ़ करना। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं के लक्ष्य अधिक ठोस, स्पष्ट और समयबद्ध माइलस्टोन (समय-सीमा) के साथ होने ताकि नागरिकों के जीवन पर इनके सकारात्मक प्रभावों का सटीक आकलन किया जा सके। विशेषज्ञों के प्रमुख सुझाव  खनिज सचिव  पी. दयानंद ने महत्वपूर्ण खनिजों के विकास और उनसे जुड़ी संभावनाओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। ऊर्जा सचिव  सारांश मित्तर ने अनुपयोगी भूमि (वेस्टलैंड) पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास की व्यापक रणनीति साझा करते हुए ऊर्जा व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय, किफायती और सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में नगरीय प्रशासन, स्कूल शिक्षा, कृषि, सामान्य प्रशासन, आवास एवं पर्यावरण, आदिम जाति विकास, पर्यटन, राजस्व, कौशल विकास, स्वास्थ्य, श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिवों व सचिवों ने अपने-अपके विभागों की कार्ययोजनाएं प्रस्तुत कीं। बैठक में नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव  अविनाश चंपावत, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, आदिम जाति विकास विभाग के सचिव  भूवनेश यादव, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव मती शम्मी आबिदी, कौशल विकास विभाग के सचिव  बसवराजु एस., स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, श्रम विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता,  पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क  रजत बंसल, उद्योग विभाग के संचालक  प्रभात मलिक, नीति आयोग के सदस्य  आशीष भट्ट सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहें।

‘कहानीकार पुस्तक मेला’ रहा विशेष आकर्षण, शिक्षकों ने अपनी कहानियां विकसित कर साझा किए अनुभव

रायपुर  बच्चों को अपने आसपास के पर्यावरण को देखने, समझने, सवाल पूछने और अपने अनुभवों को रचनात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय ‘कहानीकार’ कार्यशाला का मंगलवार को समापन हुआ। कार्यशाला के दूसरे दिन शिक्षकों ने कहानी लेखन, रचनात्मक गतिविधियों और संवादात्मक सत्रों में सक्रिय भागीदारी करते हुए पहले दिन की सीख को आगे बढ़ाया।    आईआईएसईआर पुणे के केयर प्रोजेक्ट, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़, यूनिसेफ तथा छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त सहयोग से 6 एवं 7 अक्टूबर को जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एक्शन (एक्सआईएसए), विधानसभा रोड, रायपुर में आयोजित कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जिलों से शासकीय विद्यालयों के शिक्षक शामिल हुए। शिक्षकों ने तैयार की कहानियां, साझा किए अनुभव कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागी शिक्षकों ने अपनी कहानियों को विकसित किया और उन्हें एक-दूसरे के साथ साझा किया। स्टोरीटेलिंग गतिविधियों और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से बच्चों के स्थानीय परिवेश, दैनिक अनुभवों और प्रकृति को कहानी से जोड़कर सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने के तरीकों पर चर्चा की गई।    इस दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कहानी केवल जानकारी देने का माध्यम न होकर बच्चों में अवलोकन, जिज्ञासा, स्वतंत्र सोच, कल्पनाशीलता और अपनी बात अभिव्यक्त करने की क्षमता विकसित करने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। ‘कहानीकार पुस्तक मेला’ बना विशेष आकर्षण  दूसरे दिन आयोजित ‘कहानीकार पुस्तक मेला’ कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण रहा। पुस्तक मेले में शिक्षकों को विभिन्न पुस्तकों, कहानियों और रचनात्मक अभिव्यक्तियों से परिचित होने का अवसर मिला। पुस्तकों को कल्पना, ज्ञान, संवाद और सीखने के प्रभावी माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया।  शिक्षकों को बताया गया कि किताबों और कहानियों को कक्षा की गतिविधियों से जोड़कर बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाने के साथ उनकी रचनात्मकता और स्वतंत्र सोच को भी प्रोत्साहित किया जा सकता है। कहानी और कला से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनेंगे बच्चे कार्यशाला में कहानी, कला और स्थानीय अनुभवों के माध्यम से बच्चों को प्रकृति एवं पर्यावरण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। बच्चों को अपने आसपास की प्रकृति का स्वयं अवलोकन करने, प्रश्न पूछने और अपने अनुभवों को कहानी के रूप में व्यक्त करने के अवसर देकर सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज और अर्थपूर्ण बनाया जा सकता है।    साथ ही पर्यावरणीय संवेदनशीलता को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर बच्चों के दैनिक जीवन और व्यवहार का हिस्सा बनाने की आवश्यकता बताई गई। ‘जुगनू’ देगा बच्चों और शिक्षकों की रचनात्मकता को मंच    कार्यशाला के दौरान बच्चों के लिए भारत के पहले द्विभाषी हिंदी-अंग्रेजी क्लाइमेट टैब्लॉइड ‘जुगनू’ को भी प्रस्तुत किया गया। आईआईएसईआर पुणे के केयर प्रोजेक्ट की एक्शन रिसर्च से विकसित ‘जुगनू’ के माध्यम से देशभर के बच्चों और शिक्षकों की कहानियों, स्थानीय अनुभवों तथा प्रकृति, पर्यावरण एवं जलवायु से जुड़ी रचनात्मक सामग्री को मंच प्रदान किया जाएगा।    केयर प्रोजेक्ट की प्रोजेक्ट लीड एवं ‘जुगनू’ की पब्लिशर डॉ. शालिनी शर्मा ने बताया कि इसका उद्देश्य बच्चों में पर्यावरणीय चुनौतियों को लेकर केवल चिंता पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें अपने आसपास के परिवेश को समझने, सवाल पूछने, अपनी आवाज अभिव्यक्त करने और सकारात्मक बदलाव के लिए पहल करने को प्रेरित करना है। अनुभव साझा करने और प्रमाण-पत्र वितरण के साथ समापन    समापन सत्र में प्रतिभागी शिक्षकों ने दो दिनों की अपनी सीख और अनुभव साझा किए। इसके बाद छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. शिरीष कुमार सिंह तथा एनआईटी रायपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. राज कुमार साहू की उपस्थिति में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।    दो दिवसीय ‘कहानीकार’ कार्यशाला ने शिक्षकों को ऐसे रचनात्मक और अनुभवात्मक तरीकों से परिचित कराया, जिनका उपयोग वे कक्षाओं में बच्चों को देखने, सोचने, सवाल करने, अपनी बात कहने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित करने में कर सकेंगे। ‘आर्ट ऐस स्टोरी, स्टोरी ऐस नॉलेज, नॉलेज ऐस एक्शन’ की अवधारणा पर आधारित यह पहल शिक्षा को स्थानीय परिवेश, प्रकृति और बच्चों के अनुभवों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रही।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मिशन अमृत 2.0 की राज्य स्तरीय हाई पावर स्टेयरिंग कमेटी की बैठक संपन्न

रायपुर, 07 अक्टूबर 2026/ मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मिशन अमृत 2.0 की राज्य स्तरीय हाई पावर स्टेयरिंग कमेटी की समीक्षा सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के नगरीय निकायों में पेयजल, सीवरेज ट्रीटमेंट, जल निकायों के पुनरुद्धार एवं पार्क विकास से संबंधित चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई।  मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा के भीतर सभी निर्माण कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। अमृत 2.0 की समग्र भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के संबंध में मिशन के अंतर्गत कुल 81 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं।  इनमें से 64 परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है और 45 परियोजनाओं के कार्य आवंटित हो चुके हैं। वर्तमान में 19 परियोजनाएं निविदा प्रक्रिया में हैं तथा शेष 11 परियोजनाओं की डीपीआर इस माह के अंत तक स्वीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।    जल प्रदाय योजनाएं के अंतर्गत 37 स्वीकृत परियोजनाओं में से 36 परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए जा चुके हैं।  बैठक के दौरान जगदलपुर (बस्तर) जल प्रदाय योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की प्रशासनिक स्वीकृति पर विचार-विमर्श किया गया।     राज्य के प्रमुख नगरीय निकायों (अम्बिकापुर, राजनांदगांव, कोरबा, भिलाई एवं दुर्ग) में कुल 333 एमएलडी क्षमता के 9 एसटीपी का निर्माण 465.82 करोड़ रूपए की लागत से कराया जा रहा है।  शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से बीते एक माह में बिलासपुर, मुंगेली, कांकेर और अहिवारा में 04 पार्क विकास परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए गए हैं।     अमृत शहरों के लिए जीआईएस-आधारित मास्टर प्लान तैयार करने हेतु उप-योजना के तहत तैयार पुनरीक्षित स्टेट एक्शन प्लान के अनुमोदन की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन एवं जलवायु परिवर्तन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, वित्त, जल संसाधन, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस से भारत सरकार आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री विजय शर्मा हुए शामिल पंडरिया विधायक भावना बोहरा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित जनप्रतिनिधियों ने की सहभागिता

रायपुर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज कबीरधाम जिले में भव्य सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा, पंडरिया विधायक  भावना बोहरा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष  मोना सेन सहित जनप्रतिनिधियों और हजारों नागरिकों ने यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सेवा ज्योति यात्रा से पूर्व शासकीय पीजी कॉलेज के डोम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन के संबोधन को उपस्थित नागरिकों ने सुना। इसके बाद सेवा ज्योति यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए सेवा ज्योति चौक पहुंची। यात्रा में सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित बड़ी संख्या में जिलेवासियों ने भाग लेकर सेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत-2047 के संकल्प का संदेश दिया। संकल्प मजबूत हो तो लक्ष्य कितना भी बड़ा हो, मंजिल हासिल की जा सकती है — उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को  नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और आज 7 अक्टूबर 2026 को सरकार के मुखिया के रूप में उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इन 25 वर्षों की यात्रा सेवा, सुशासन, संकल्प और देश को आगे ले जाने की यात्रा रही है।  शर्मा ने कहा कि संकल्प लेना बड़ी बात है, लेकिन उसे धरातल पर उतारना उससे भी बड़ी बात है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत-2047 का संकल्प देश के सामने रखा है। वर्ष 2047 में जब भारत विकसित राष्ट्र बने, तब हमारा छत्तीसगढ़ विकसित छत्तीसगढ़, कबीरधाम विकसित कबीरधाम और कवर्धा विकसित कवर्धा बने, यह हम सभी का संकल्प होना चाहिए।  उन्होंने कहा कि लक्ष्य बड़ा हो सकता है और रास्ता कठिन हो सकता है, लेकिन संकल्प मजबूत हो तो मंजिल हासिल की जा सकती है। सेवा ज्योति यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जिले के विकास, सेवा और जनभागीदारी का संकल्प है। जब संकल्प बड़ा हो, नीयत स्पष्ट हो और 140 करोड़ देशवासियों की शक्ति साथ हो तो लक्ष्य कितना भी बड़ा क्यों न हो, “हम जरूर करबो।” हिंसा की जगह विकास, भय की जगह विश्वास और बंदूक की जगह शिक्षा व रोजगार पहुंचे —  शर्मा उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं। आतंकवाद के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों ने भारत के सामर्थ्य का संदेश दिया है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करने तथा अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा जैसी घटनाएं देश के सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण रही हैं।  उन्होंने छत्तीसगढ़ के संदर्भ में कहा कि हमारा संकल्प स्पष्ट है कि हिंसा की जगह विकास पहुंचे, भय की जगह विश्वास पहुंचे और बंदूक की जगह शिक्षा, रोजगार और अवसर पहुंचे। यही विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा है। विकसित भारत-2047 केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। कवर्धा, कबीरधाम और छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। सेवा को उत्सव और उत्सव को सेवा का माध्यम बनाएं — विधायक  भावना बोहरा पंडरिया विधायक  भावना बोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की यात्रा के प्रतीक हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “सेवा को उत्सव बनाइए और उत्सव को सेवा का माध्यम बनाइए”, यही इस अभियान की मूल भावना है।  बोहरा ने कहा कि सेवा सेतु, स्वच्छता अभियान, रंगोली सहित विभिन्न गतिविधियों में जिले के नागरिक उत्साह से भाग ले रहे हैं। विकसित भारत-2047 के संकल्प में कवर्धा और छत्तीसगढ़ की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने नागरिकों से इस संकल्प में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। जनसेवा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी —  मोना सेन  फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष  मोना सेन ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक सुविधाएं पहुंचा रही है। आवास, राशन, शौचालय, आयुष्मान भारत सहित विभिन्न योजनाओं से बड़ी संख्या में परिवार लाभान्वित हुए हैं।  उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा योजनाएं बनाना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण उनका लाभ सही हितग्राही और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य केवल कार्यक्रमों का आयोजन नहीं, बल्कि समाज से जुड़ना, जरूरतमंदों तक पहुंचना और जनसेवा को मजबूत करना है।  जिला अध्यक्ष  राजेंद्र चन्द्रवंशी ने भी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा काल और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का उल्लेख करते हुए नागरिकों से सेवा संकल्प अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने “हम करेंगे — वी विल डू इट” के संकल्प के साथ विकसित भारत-2047 के निर्माण में अपनी सहभागिता का संकल्प लिया।  इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू,  जयंती पटेल,  मोतीराम चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, राज्य पुलिस प्राधिकरण के सदस्य  भगत पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, जनपद अध्यक्ष  सुषमा गणपत बघेल, उपाध्यक्ष  गणेश तिवारी, जनपद अध्यक्ष  नंदनी साहू, जनपद अध्यक्ष बोडला  बालका रामकिंकर वर्मा, उपाध्यक्ष  नंद वास, नगर पंचायत अध्यक्ष  विजय पाटिल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

सूरजपुर के आंगनबाड़ी केंद्रों में सजी ‘पोषण और खुशियों की चौपाल’, योजनाओं की दी गई जानकारी

आंगन मिलन सेवा सूरजपुर के आंगनबाड़ी केंद्रों में सजी पोषण और खुशियों की चौपाल स्वास्थ्य, स्वच्छता और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की दी गई जानकारी रायपुर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 25 सितंबर से 6 अक्टूबर तक आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया गया। जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रमों में ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण जागरूकता और सामुदायिक सहयोग को एक नया प्रोत्साहन मिला है। पौष्टिक थाली और व्यंजन प्रदर्शनी        कार्यक्रमों के दौरान मेरी पौष्टिक थाली और पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी के माध्यम से संतुलित आहार तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों के सही उपयोग की जानकारी दी गई। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं को विभिन्न गतिविधियों से जोड़कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। हर घर मुनगा अभियान        परिवारों के बच्चों के दैनिक आहार में विविधता लाने तथा स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने पर जोर दिया गया। इसके तहत हर घर मुनगा अभियान चलाकर मुनगा लगाने और उसे भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। सामुदायिक सहभागिता          इन आयोजनों को सफल बनाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों ने बेहद सक्रिय भूमिका निभाई। महिलाओं और बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वास्थ्य व पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेशों को अपने परिवार एवं समुदाय तक पहुंचाया। इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना, परिवारों को बच्चों की उचित देखभाल व पोषण से जोड़ना और शासन की योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाना है।

राज्य स्तरीय रोजगार मेले के पहले दिन 5,018 प्रतिभागियों ने कराया पंजीयन

रायपुर प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर और सुनहरे अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय रोजगार मेले के पहले दिन युवाओं में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। मेले के पहले दिन विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कुल 5,018 प्रतिभागियों ने अपना पंजीयन कराया, जिसमें से 85 निजी संस्थानों द्वारा की गई प्रारंभिक चयन प्रक्रिया के माध्यम से दो हजार से अधिक अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया है। इस राज्य स्तरीय मेले में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में रोजगार की तलाश कर रहे युवा पहुंचे। कौशल और योग्यता के आधार पर चयन  निजी क्षेत्र के विभिन्न संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों द्वारा उपलब्ध रिक्त पदों के लिए अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता, कौशल और अनुभव के आधार पर प्रारंभिक चयन प्रक्रिया पूरी की गई। युवाओं ने अपनी रुचि के अनुसार साक्षात्कार और अन्य चयन प्रक्रियाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस रोजगार मेले के माध्यम से रोजगार प्रदाता संस्थानों और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को एक ही मंच पर जोड़ने का बेहतरीन प्रयास किया गया है, जिससे युवाओं को सीधे चयन प्रक्रिया में शामिल होने का सीधा अवसर मिला। दूसरे दिन मिलेगा नियुक्ति पत्र रोजगार मेले के दूसरे दिन यानी 08 अक्टूबर को मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब सहित सभी मंत्रीगणों की गरिमामयी उपस्थिति में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। नियुक्ति पत्र मिलने के साथ ही इन चयनित युवाओं के लिए रोजगार की एक नई और उज्जवल राह खुलेगी।

जीपीएम जिले के पीएचसी साधवानी ने एनक्यूएएस में हासिल की महत्वपूर्ण उपलब्धि

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के सुशासन में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र साधवानी ने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के मूल्यांकन में सफलतापूर्वक क्वालीफाई किया है। यह उपलब्धि जिले में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों को दर्शाती है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं, मरीजों के अधिकारों, उपलब्ध संसाधनों, सहायक एवं क्लीनिकल सेवाओं, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन तथा परिणाम आधारित सेवाओं सहित विभिन्न निर्धारित मानकों का मूल्यांकन किया जाता है। पीएचसी साधवानी ने इन मानकों के अनुरूप अपनी स्वास्थ्य सेवाओं, व्यवस्थाओं और गुणवत्ता प्रबंधन को बेहतर बनाते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य के अनुरूप जीपीएम जिले में भी स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। जिला कलेक्टर  विजय दयाराम के. के निर्देशन में जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में एनक्यूएएस प्रमाणीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार को प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्य किया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, रिकॉर्ड एवं दस्तावेजों को सुव्यवस्थित रखने, संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन सुनिश्चित करने और मरीज-केंद्रित सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। पीएचसी साधवानी की इस उपलब्धि में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सतत मार्गदर्शन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ जिला स्तरीय टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एनक्यूएएस मूल्यांकन की तैयारियों के दौरान फील्ड मॉनिटरिंग, गैप एनालिसिस, दस्तावेजीकरण तथा आवश्यक सुधारात्मक गतिविधियों पर निरंतर कार्य किया गया। पीएचसी साधवानी के चिकित्सा अधिकारी, आरएमए, एएनएम, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, सपोर्टिंग स्टाफ सहित समस्त स्वास्थ्यकर्मियों ने टीम भावना और समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। एनक्यूएएस में मिली यह सफलता जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को भी राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप अपनी सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करेगी।

उप मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का किया शुभारंभ

रायपुर. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने आज बिलासपुर के स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदेश के पांचों संभागों से आए खिलाड़ियों के मार्च पास्ट की सलामी ली और गुब्बारे छोड़कर प्रतियोगिता का आगाज किया।  राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में बस्तर, बिलासपुर, रायपुर, सरगुजा और दुर्ग संभाग के 571 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। 10 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में 14 वर्ष, 17 वर्ष एवं 19 वर्ष आयु वर्ग की तीरंदाजी, 19 वर्ष आयु वर्ग की हॉकी और 19 वर्ष बालक वर्ग की कबड्डी के मुकाबले बहतराई के एस्ट्रोटर्फ, इंडोर स्टेडियम और तीरंदाजी मैदान में खेले जाएंगे।      उप मुख्यमंत्री  साव ने शुभारंभ कार्यक्रम में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बहतराई की खेल भूमि ने देश और प्रदेश को कई प्रतिभावान खिलाड़ी दिए हैं। इसी मैदान पर खेलकर संजू देवी ने एशियन गेम्स कबड्डी में स्वर्ण पदक जीता। मधु सिदार और गीता यादव ने अंडर-19 महिला हॉकी में देश को गौरवान्वित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के संदेश ‘जो खेलेगा वही खिलेगा’ को दोहराते हुए खिलाड़ियों से पूरी खेल भावना और आत्मविश्वास के साथ श्रेष्ठ प्रदर्शन करने का आह्वान किया।        कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बेलतरा विधायक  सुशांत शुक्ला ने कहा कि खेल के मैदान में कोई हारता नहीं है, खिलाड़ी या तो जीतता है या सीखता है। खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर संसाधन और सुविधाएं जरूरी हैं। उन्होंने बहतराई खेल परिसर को मध्य भारत के उत्कृष्ट खेल संस्थानों में विकसित करने के लिए इसके उन्नयन पर जोर दिया। बिलासपुर के कलेक्टर  संजय अग्रवाल, नगर निगम के आयुक्त  प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत के सीईओ  संदीप अग्रवाल,  दीपक सिंह,  मोहित जायसवाल और जिला शिक्षा अधिकारी  संदीप पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, खिलाड़ी एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित थे।  बेटियों की प्रस्तुति ने मोहा मन पीएम कन्या विद्यालय सरकंडा की छात्राओं ने शुभारंभ कार्यक्रम में भारत माता की वंदना सहित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। तपती धूप में छात्राओं की शानदार प्रस्तुति की अतिथियों ने सराहना की। विधायक  शुक्ला ने उनके उत्साहवर्धन के लिए 11 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।

प्रधानमंत्री मोदी का जीवन राष्ट्र सेवा, दृढ़ संकल्प और जनकल्याण की प्रेरक गाथा – मुख्यमंत्री साय

रायपुर   मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ समारोह में शामिल हुए। समारोह में आयोजित ‘नमो सेवा गाथा’ लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की संघर्ष से सेवा और सेवा से राष्ट्र निर्माण तक की प्रेरणादायी जीवन यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन देश के सार्वजनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव का साक्षी है। 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण हुए हैं। लगभग 13 वर्ष गुजरात के मुख्यमंत्री और 12 वर्ष से अधिक समय से देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनकी यह यात्रा सेवा, सुशासन, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की प्रेरक गाथा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए भारत को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य किया है। देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर वे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ देश को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके नेतृत्व में शासन की योजनाओं का केंद्र गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्ग बने हैं तथा विकास की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हुई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। इस संकल्प को साकार करना केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। विकसित भारत के निर्माण के साथ हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए भी पूरी शक्ति और संकल्प के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जा रहा है। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान को 13 अलग-अलग बिंदुओं के माध्यम से जनभागीदारी से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य सेवा, स्वच्छता, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री की जीवन यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ‘नमो सेवा गाथा’ के माध्यम से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जीवन के विभिन्न पड़ावों, संघर्ष, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को जानने का अवसर मिला। उनका जीवन विशेष रूप से नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों से आगे बढ़कर अपने परिश्रम, अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और सेवा भाव के माध्यम से देश का नेतृत्व करने तक की प्रधानमंत्री  मोदी की यात्रा युवाओं को यह संदेश देती है कि संकल्प मजबूत हो और उद्देश्य जनसेवा का हो तो बड़ी से बड़ी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के दृढ़ संकल्प, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस तथा स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को ऐतिहासिक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि दशकों तक हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर में आज परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। जिन क्षेत्रों में कभी विकास पहुंचना कठिन था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और शासन की योजनाएं पहुंच रही हैं। बस्तर में शांति, विकास और जनविश्वास का नया दौर प्रारंभ हुआ है। केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 को देश के प्रभावी रूप से नक्सलवाद मुक्त होने की उपलब्धि रेखांकित की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि बस्तर का प्रत्येक नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़े और वहां के युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार और उद्यमिता के बेहतर अवसर प्राप्त हों। किसानों की समृद्धि हमारी प्राथमिकता मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में किसानों के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।  केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार किसान हित में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। महतारी वंदन से मजबूत हुआ महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने महिला सशक्तिकरण को राष्ट्र की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बनाया है। इसी भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार भी महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना के अंतर्गत अब तक  20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। यह राशि महिलाओं के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य देने के साथ परिवार के निर्णयों में उनकी भागीदारी को भी मजबूत कर रही है। छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को मिल रहा अभूतपूर्व विस्तार मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। प्रदेश में रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए लगभग 51 हजार करोड़ रुपए के कार्य चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। नई रेल परियोजनाओं और रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। बेहतर रेल नेटवर्क से उद्योग, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी नई गति मिलेगी। जनजातीय गांवों में मजबूत हो रही बुनियादी सुविधाएं मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जनजातीय समाज का सम्मान, उनकी संस्कृति का संरक्षण और उनके क्षेत्रों का समग्र विकास प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं में रहा है। उन्होंने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6,691 जनजातीय गांवों में आवास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और आजीविका जैसी बुनियादी सुविधाओं … Read more

भ्रष्टाचार केस में सब-रजिस्ट्रार को राहत, मौत के बाद कोर्ट ने किया बरी

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराए गए तत्कालीन दुर्ग सब-रजिस्ट्रार आरके नेताम की सजा और दोषसिद्धि रद्द कर दी है. जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल ने फैसला सुनाते हुए कहा कि, अभियोजन पक्ष नेताम के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा. नेताम की अपील लंबित रहने के दौरान 23 जुलाई 2022 को मृत्यु हो गई थी. इसके बाद उनकी पत्नी सुनीता नेताम को सीआरपीसी की धारा 394(2) के तहत अपील जारी रखने की अनुमति 1 अप्रैल 2026 को दी गई थी. अभियोजन के अनुसार, गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने 9 फरवरी 2006 को एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत की थी कि, उनकी बहन आशा लता उर्फ आशा रानी की पुलगांव, दुर्ग में करीब 27.3 एकड़ जमीन थी. आरोप था कि निर्मला देवी अग्रवाल ने अमेरिका में तैयार कथित पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर जमीन की अलग-अलग सेल डीड कराईं. तत्कालीन सब-रजिस्ट्रार आरके नेताम पर आरोप था कि, पावर ऑफ अटॉर्नी पर आवश्यक स्टांप ड्यूटी जमा नहीं होने के बावजूद उन्होंने उसके आधार पर सेल डीड रजिस्टर्ड कीं. अभियोजन ने इससे शासन को 6,08,115 रुपये की स्टांप ड्यूटी का नुकसान होने का आरोप लगाया था.