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प्रधानमंत्री मोदी का जीवन राष्ट्र सेवा, दृढ़ संकल्प और जनकल्याण की प्रेरक गाथा – मुख्यमंत्री साय

रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, सुशासन और जनकल्याण को समर्पित : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रधानमंत्री मोदी का जीवन राष्ट्र सेवा, दृढ़ संकल्प और जनकल्याण की प्रेरक गाथा – मुख्यमंत्री साय विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक निभाए अपनी भागीदारी : मुख्यमंत्री साय ‘नमो सेवा गाथा’ लाइट एंड साउंड शो में जीवंत हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणादायी जीवन यात्रा ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ में रेल, जनजातीय विकास और निवेश के क्षेत्र में खुल रहे नई प्रगति के द्वार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ समारोह में शामिल हुए। समारोह में आयोजित ‘नमो सेवा गाथा’ लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संघर्ष से सेवा और सेवा से राष्ट्र निर्माण तक की प्रेरणादायी जीवन यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन देश के सार्वजनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव का साक्षी है। 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण हुए हैं। लगभग 13 वर्ष गुजरात के मुख्यमंत्री और 12 वर्ष से अधिक समय से देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनकी यह यात्रा सेवा, सुशासन, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की प्रेरक गाथा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए भारत को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य किया है। देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर वे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ देश को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके नेतृत्व में शासन की योजनाओं का केंद्र गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्ग बने हैं तथा विकास की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हुई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। इस संकल्प को साकार करना केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। विकसित भारत के निर्माण के साथ हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए भी पूरी शक्ति और संकल्प के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जा रहा है। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान को 13 अलग-अलग बिंदुओं के माध्यम से जनभागीदारी से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य सेवा, स्वच्छता, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने का आह्वान किया। *प्रधानमंत्री की जीवन यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा* मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘नमो सेवा गाथा’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन के विभिन्न पड़ावों, संघर्ष, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को जानने का अवसर मिला। उनका जीवन विशेष रूप से नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों से आगे बढ़कर अपने परिश्रम, अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और सेवा भाव के माध्यम से देश का नेतृत्व करने तक की प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा युवाओं को यह संदेश देती है कि संकल्प मजबूत हो और उद्देश्य जनसेवा का हो तो बड़ी से बड़ी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। *प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय* मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस तथा स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को ऐतिहासिक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि दशकों तक हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर में आज परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। जिन क्षेत्रों में कभी विकास पहुंचना कठिन था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और शासन की योजनाएं पहुंच रही हैं। बस्तर में शांति, विकास और जनविश्वास का नया दौर प्रारंभ हुआ है। केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 को देश के प्रभावी रूप से नक्सलवाद मुक्त होने की उपलब्धि रेखांकित की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि बस्तर का प्रत्येक नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़े और वहां के युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार और उद्यमिता के बेहतर अवसर प्राप्त हों। *किसानों की समृद्धि हमारी प्राथमिकता* मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसानों के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।  केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार किसान हित में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। *महतारी वंदन से मजबूत हुआ महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन* मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिला सशक्तिकरण को राष्ट्र की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बनाया है। इसी भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार भी महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना के अंतर्गत अब तक  20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। यह राशि महिलाओं के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य देने के साथ परिवार के निर्णयों में उनकी भागीदारी को भी मजबूत कर रही है। *छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को मिल रहा अभूतपूर्व विस्तार* मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। प्रदेश में रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए लगभग 51 हजार करोड़ रुपए के कार्य चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। नई रेल परियोजनाओं और … Read more

बस्तर ओलंपिक 2026 में अधिकाधिक भागीदारी पर जोर, वन मंत्री केदार कश्यप ने किया पंजीयन

रायपुर : बस्तर ओलंपिक 2026 वन मंत्री केदार कश्यप ने कराया पंजीयन, अधिकाधिक भागीदारी पर दिया जोर हर गांव की खेल प्रतिभा पहुंचे मैदान तक- वन मंत्री केदार कश्यप रायपुर, जगदलपुर के धरमपुरा स्थित खेल परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर ओलंपिक 2026 के लिए स्वयं अपना पंजीयन कराया और बस्तर ओलंपिक के शुभंकर के साथ अपनी तस्वीर खिंचवाई। उन्होंने इस आयोजन को बस्तर की खेल प्रतिभाओं के लिए एक बहुत बड़ा और सुनहरा मंच बताया। दोगुने पंजीयन का लक्ष्य इस अवसर पर वन मंत्री ने युवाओं, महिलाओं और सभी खेल प्रेमियों से बढ़-चढ़कर पंजीयन कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में 3 लाख 91 हजार 289 खिलाड़ियों ने इसमें पंजीयन कराया था, और इस बार इसका दोगुना पंजीयन करने का लक्ष्य रखा गया है। गांव-गांव की प्रतिभाओं को अवसर वन मंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक सुदूर अंचल की छुपी हुई खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें बड़ा मंच प्रदान करने का एक बेहतरीन माध्यम है। नये बस्तर की पहचान जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से अधिक से अधिक खिलाड़ियों को जोड़ने की अपील करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में नये बस्तर की एक नई पहचान उसके प्रतिभाशाली युवाओं के दम पर बनेगी। इस कार्यक्रम के दौरान चित्रकोट विधायक विनायक गोयल सहित क्षेत्र के कई गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।

सेवा संकल्प अभियान के तहत कबीरधाम में निकली सेवा ज्योति यात्रा, डिप्टी CM विजय शर्मा ने की शिरकत

रायपुर : सेवा संकल्प अभियान के तहत कबीरधाम में निकली भव्य सेवा ज्योति यात्रा, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा हुए शामिल पंडरिया विधायक  भावना बोहरा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष  मोना सेन सहित जनप्रतिनिधियों ने की सहभागिता हजारों नागरिकों ने सेवा, संकल्प और जनभागीदारी के साथ दिया विकसित भारत-2047 का संदेश रायपुर,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज कबीरधाम जिले में भव्य सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन सहित जनप्रतिनिधियों और हजारों नागरिकों ने यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।      सेवा ज्योति यात्रा से पूर्व शासकीय पीजी कॉलेज के डोम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के संबोधन को उपस्थित नागरिकों ने सुना। इसके बाद सेवा ज्योति यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए सेवा ज्योति चौक पहुंची। यात्रा में सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित बड़ी संख्या में जिलेवासियों ने भाग लेकर सेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत-2047 के संकल्प का संदेश दिया। *संकल्प मजबूत हो तो लक्ष्य कितना भी बड़ा हो, मंजिल हासिल की जा सकती है — उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा*       उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और आज 7 अक्टूबर 2026 को सरकार के मुखिया के रूप में उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इन 25 वर्षों की यात्रा सेवा, सुशासन, संकल्प और देश को आगे ले जाने की यात्रा रही है।      शर्मा ने कहा कि संकल्प लेना बड़ी बात है, लेकिन उसे धरातल पर उतारना उससे भी बड़ी बात है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत-2047 का संकल्प देश के सामने रखा है। वर्ष 2047 में जब भारत विकसित राष्ट्र बने, तब हमारा छत्तीसगढ़ विकसित छत्तीसगढ़, कबीरधाम विकसित कबीरधाम और कवर्धा विकसित कवर्धा बने, यह हम सभी का संकल्प होना चाहिए।       उन्होंने कहा कि लक्ष्य बड़ा हो सकता है और रास्ता कठिन हो सकता है, लेकिन संकल्प मजबूत हो तो मंजिल हासिल की जा सकती है। सेवा ज्योति यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जिले के विकास, सेवा और जनभागीदारी का संकल्प है। जब संकल्प बड़ा हो, नीयत स्पष्ट हो और 140 करोड़ देशवासियों की शक्ति साथ हो तो लक्ष्य कितना भी बड़ा क्यों न हो, “हम जरूर करबो।” *हिंसा की जगह विकास, भय की जगह विश्वास और बंदूक की जगह शिक्षा व रोजगार पहुंचे — शर्मा*       उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं। आतंकवाद के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों ने भारत के सामर्थ्य का संदेश दिया है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करने तथा अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा जैसी घटनाएं देश के सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण रही हैं।      उन्होंने छत्तीसगढ़ के संदर्भ में कहा कि हमारा संकल्प स्पष्ट है कि हिंसा की जगह विकास पहुंचे, भय की जगह विश्वास पहुंचे और बंदूक की जगह शिक्षा, रोजगार और अवसर पहुंचे। यही विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा है। विकसित भारत-2047 केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। कवर्धा, कबीरधाम और छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। *सेवा को उत्सव और उत्सव को सेवा का माध्यम बनाएं — विधायक श्रीमती भावना बोहरा*       पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की यात्रा के प्रतीक हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “सेवा को उत्सव बनाइए और उत्सव को सेवा का माध्यम बनाइए”, यही इस अभियान की मूल भावना है।       श्रीमती बोहरा ने कहा कि सेवा सेतु, स्वच्छता अभियान, रंगोली सहित विभिन्न गतिविधियों में जिले के नागरिक उत्साह से भाग ले रहे हैं। विकसित भारत-2047 के संकल्प में कवर्धा और छत्तीसगढ़ की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने नागरिकों से इस संकल्प में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। *जनसेवा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी — श्रीमती मोना सेन*        फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक सुविधाएं पहुंचा रही है। आवास, राशन, शौचालय, आयुष्मान भारत सहित विभिन्न योजनाओं से बड़ी संख्या में परिवार लाभान्वित हुए हैं।       उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा योजनाएं बनाना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण उनका लाभ सही हितग्राही और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य केवल कार्यक्रमों का आयोजन नहीं, बल्कि समाज से जुड़ना, जरूरतमंदों तक पहुंचना और जनसेवा को मजबूत करना है।      जिला अध्यक्ष राजेंद्र चन्द्रवंशी ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा काल और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का उल्लेख करते हुए नागरिकों से सेवा संकल्प अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने “हम करेंगे — वी विल डू इट” के संकल्प के साथ विकसित भारत-2047 के निर्माण में अपनी सहभागिता का संकल्प लिया।       इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, जयंती पटेल, मोतीराम चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, राज्य पुलिस प्राधिकरण के सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुषमा गणपत बघेल, उपाध्यक्ष गणेश तिवारी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती नंदनी साहू, जनपद अध्यक्ष बोडला श्रीमती बालका रामकिंकर वर्मा, उपाध्यक्ष नंद श्रीवास, नगर पंचायत अध्यक्ष विजय पाटिल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

नवभारत फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन में शामिल हुए राज्यपाल, विजेता और उपविजेता टीमों को किया सम्मानित

रायपुर : खेलों से मिलती है शारीरिक मजबूती, अनुशासन और करियर की नई राह: राज्यपाल रमेन डेका नवभारत फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन में शामिल हुए राज्यपाल, विजेता और उपविजेता टीमों को किया सम्मानित रायपुर,  राज्यपाल रमेन डेका नवभारत परिवार द्वारा आयोजित 17वीं अखिल भारतीय फुटबॉल एवं जिला स्तरीय विद्यालय फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने फाइनल मुकाबला देखा और विजेता तथा उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। अखिल भारतीय प्रतियोगिता के फाइनल में तमिलनाडु पुलिस ने दल्लीराजहरा माइंस को 1-0 से हराकर खिताब जीता। विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता में सेंट जेवियर्स स्कूल भरनी ने नवीन पिछड़ा वर्ग क्रीड़ा परिसर को पराजित कर विजेता बनने का गौरव हासिल किया। राज्यपाल डेका ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल शारीरिक मजबूती के साथ अनुशासन, टीमवर्क और खेल भावना विकसित करते हैं। नियमित रूप से मैदान में खेलने से शरीर स्वस्थ और सक्रिय रहता है। उन्होंने कहा कि खेल अब करियर का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर आगे बढ़ने के अवसर बढ़े हैं। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ के खेलों के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं। डेका ने कहा कि फुटबॉल हमें सिखाता है कि लक्ष्य पाने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी को अपनी भूमिका निभानी होती है। एक-दूसरे का साथ देना, नियमों का सम्मान करना और अंतिम मिनट तक प्रयास करते रहना ऐसे गुण हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल का आनंद लें, मेहनत करते रहें और हार से सीखकर फिर मैदान में उतरें। आपकी लगन ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी है। राज्यपाल ने कहा कि विद्यालय स्तर की प्रतियोगिताएं बच्चों की प्रतिभा निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन्हीं बच्चों में से खिलाड़ी आगे चलकर राज्य और देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। जिला और राज्य स्तर के मुकाबलों से अनुभव मिलता है, जबकि अखिल भारतीय प्रतियोगिताओं में विभिन्न राज्यों की टीमों के साथ खेलने से खेल का स्तर बेहतर होता है और आगे की तैयारी की दिशा मिलती है। ऐसे आयोजनों का सिलसिला जारी रहना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले।  समापन समारोह में विभिन्न विभाग के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी दर्शक उपस्थित थे।

चेन्दरू’ राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार के लिए बढ़ाई गई आवेदन करने की अंतिम तिथि

रायपुर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार देने और सतत ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार-2026’ के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। पुरस्कार के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को एक लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। राज्य में ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं समर्पित योगदान को पहचान और सम्मान देने के उद्देश्य से यह पुरस्कार प्रारंभ किया गया है। इसके माध्यम से ग्रामीण पर्यटन को स्थानीय रोजगार एवं आजीविका से जोड़ने के साथ होमस्टे, स्थानीय संस्कृति एवं परंपराओं, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और समुदाय आधारित पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। राज्योत्सव एवं राज्य स्थापना दिवस अलंकरण समारोह में मिलेगा सम्मान ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ प्रतिवर्ष राज्योत्सव एवं राज्य स्थापना दिवस अलंकरण समारोह में प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में दीर्घकालीन एवं समर्पित योगदान को मान्यता देने के उद्देश्य से दिया जाएगा। यह सम्मान किसी व्यक्ति अथवा संस्था को जीवनकाल में केवल एक बार प्रदान किया जाएगा। छह प्रमुख थीम में किया जाएगा कार्यों का मूल्यांकन पुरस्कार के लिए प्राप्त प्रविष्टियों में ग्रामीण पर्यटन से जुड़े कार्यों का मूल्यांकन छह प्रमुख थीम के अंतर्गत किया जाएगा। इनमें एथनिक टूरिज्म, ईको टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन, हेरिटेज टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म तथा मेडिकल एंड वेलनेस टूरिज्म शामिल हैं। मूल्यांकन के दौरान ग्रामीण पर्यटन गतिविधियों के विकास, होमस्टे को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसर सृजित करने, पर्यटकों को उपलब्ध कराए जा रहे विशिष्ट अनुभवों, पर्यटन स्थलों एवं धरोहरों के संरक्षण तथा स्थानीय समुदाय की भागीदारी जैसे पहलुओं को विशेष महत्व दिया जाएगा। संबंधित क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में आए बदलाव के साथ आवेदक द्वारा अतीत और वर्तमान में किए गए कार्यों एवं उनके प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा। व्यक्ति और संस्था दोनों कर सकते हैं आवेदन छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में कार्यरत पात्र व्यक्ति अथवा संस्था पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया में ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में दीर्घकालीन सेवा, उल्लेखनीय उपलब्धियों और समर्पित प्रयासों को महत्व दिया जाएगा। आवेदन के साथ देना होगा कार्यों और उपलब्धियों का विवरण आवेदकों को निर्धारित प्रारूप में पूर्ण परिचय, पता एवं फोटोग्राफ के साथ छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवास का प्रमाण-पत्र और आधार कार्ड की सत्यापित छायाप्रति प्रस्तुत करनी होगी। इसके साथ ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण, प्राप्त अन्य सम्मानों की जानकारी तथा उपलब्ध होने पर प्रकाशित सामग्री और समाचार पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित समाचारों की सत्यापित प्रतियां भी संलग्न की जा सकती हैं। आवेदक को पुरस्कार स्वीकार करने की लिखित सहमति भी देनी होगी। छह सदस्यीय जूरी करेगी प्रविष्टियों का परीक्षण पुरस्कार के लिए प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण निर्धारित जूरी द्वारा किया जाएगा। जूरी की कार्यवाही गोपनीय रहेगी और चयन के संबंध में अपील मान्य नहीं होगी। शासकीय सेवकों के आवेदन के मामले में सामान्य प्रशासन विभाग की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी। 15 अक्टूबर तक पंजीकृत डाक से भेजना होगा आवेदन पुरस्कार के लिए निर्धारित प्रारूप में पूर्ण आवेदन पंजीकृत डाक के माध्यम से प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, द्वितीय तल, उद्योग भवन, रिंग रोड नंबर-1, रायपुर (छत्तीसगढ़)-492001 के पते पर भेजना होगा। आवेदन 15 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित पते पर पहुंचना अनिवार्य है। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त प्रविष्टियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। पुरस्कार एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 73545-80006 अथवा ई-मेल scmpctb@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे व्यक्तियों एवं संस्थाओं से निर्धारित समय-सीमा में अपनी प्रविष्टियां प्रस्तुत करने का आह्वान किया है। ‘चेन्दरू’ पुरस्कार के माध्यम से ऐसे प्रयासों को राज्य स्तर पर पहचान मिलेगी, जो गांवों की संस्कृति, प्रकृति और परंपराओं को सहेजते हुए पर्यटन को स्थानीय रोजगार, आजीविका और सतत विकास से जोड़ रहे हैं।

नोनी सशक्तिकरण योजना ने अंकिता के सपनों को दिए पंख, शिक्षा के लिए मिली 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता

रायपुर आर्थिक परिस्थितियां कमजोर हों, लेकिन आगे बढ़ने का हौसला और शासन की योजनाओं का सहारा मिले तो शिक्षा के सपनों को नई उड़ान मिल सकती है। गौरेला-पेंड्रा- मरवाही जिले के नगर पालिका परिषद गौरेला के वार्ड क्रमांक 15 की निवासी कुमारी अंकिता रोहणी की कहानी भी इसी संकल्प और उम्मीद को बयां करती है। निर्माण श्रमिक परिवार की बेटी अंकिता अपनी पढ़ाई पूरी कर आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रही हैं। उनके इस सपने को मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से मिली 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता ने मजबूती दी है। अंकिता के पिता  रवि रोहणी निर्माण श्रमिक हैं और श्रम विभाग में पंजीकृत हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच परिवार के लिए घर की जरूरतों के साथ बेटी की शिक्षा का खर्च उठाना आसान नहीं था। इसके बावजूद परिवार ने अंकिता की पढ़ाई में आर्थिक परिस्थितियों को बाधा नहीं बनने दिया और अपनी क्षमता के अनुसार उनकी शिक्षा जारी रखा। इसी बीच श्रमिक परिवारों की बेटियों के सशक्तिकरण के लिए संचालित नोनी सशक्तिकरण योजना की जानकारी मिलने पर अंकिता को योजना से जोड़ा गया। पात्रता और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। यह राशि अंकिता और उनके परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आई। शिक्षा की जरूरतों पर खर्च कर रही हैं सहायता राशि अंकिता इस सहायता राशि का उपयोग अपनी शिक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रही हैं। पढ़ाई से संबंधित खर्चों के लिए आर्थिक सहयोग मिलने से परिवार पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम हुआ है। वहीं अंकिता भी अब अधिक आत्मविश्वास और एकाग्रता के साथ अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ा रही हैं। अंकिता बताती हैं कि शासन से मिली सहायता उनके लिए केवल आर्थिक सहयोग नहीं है, बल्कि अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी है। उनका सपना शिक्षा प्राप्त कर अपने पैरों पर खड़े होने और आत्मनिर्भर बनकर परिवार तथा समाज का नाम रोशन करने का है। श्रमिक परिवारों की बेटियों को मिल रहा आर्थिक संबल नोनी सशक्तिकरण योजना श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक संबल प्रदान कर उनके बेहतर भविष्य की राह आसान कर रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को सहायता मिलने से उनकी शिक्षा सहित भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने में परिवारों को सहयोग मिल रहा है। योजना के माध्यम से बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में भी सार्थक प्रयास हो रहे हैं। अंकिता की कहानी बताती है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर जरूरतमंद परिवार तक पहुंचने से न केवल आर्थिक कठिनाइयां कम होती हैं, बल्कि युवाओं के सपनों और आत्मविश्वास को भी नई मजबूती मिलती है। योजना के तहत मिली सहायता से उत्साहित अंकिता ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शासन की इस मदद से उनकी शिक्षा के सपने को मजबूती मिली है। अब वह मन लगाकर पढ़ाई करते हुए अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहती हैं और भविष्य में आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का सहारा बनना चाहती है।

’गांव में ही मिली मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना की जानकारी, आवेदन की प्रक्रिया हुई आसान’

रायपुर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गांव-गांव में आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु शिविर आम नागरिकों तक शासकीय योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ पहुंचाने का माध्यम बन रहे हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत कटरा में आयोजित सेवा सेतु शिविर ग्राम पंचायत उषाढ़ निवासी विरेन्द्र सिंह के लिए भी मददगार साबित हुआ। शिविर में उन्हें श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत पात्रता के अनुसार बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता मिलने की जानकारी ने उनके परिवार में नई उम्मीद जगाई। विरेन्द्र सिंह शिविर में अपनी समस्याओं और शासकीय योजनाओं की जानकारी लेने पहुंचे थे। इसी दौरान श्रम विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने उन्हें पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा में सहयोग के लिए संचालित मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के बारे में बताया। योजना की पात्रता, मिलने वाली सहायता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी मिलने पर उन्होंने अपने बच्चों के लिए योजना का लाभ लेने का निर्णय लिया और आवश्यक प्रक्रिया के तहत आवेदन किया। एक ही स्थान पर मिली जानकारी और आवेदन की सुविधा सेवा सेतु शिविर की खासियत यह रही कि विरेन्द्र सिंह को योजना की जानकारी प्राप्त करने और आवेदन की प्रक्रिया समझने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। शिविर में संबंधित विभाग की मौजूदगी से उन्हें एक ही स्थान पर योजना से जुड़ी आवश्यक जानकारी और आवेदन संबंधी मार्गदर्शन मिला। इससे शासन की योजना तक उनकी पहुंच आसान हुई। विरेन्द्र सिंह ने बताया कि आर्थिक कठिनाइयों के बीच बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों को पूरा करना परिवार के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना से मिलने वाली सहायता बच्चों की पढ़ाई-लिखाई को निरंतर जारी रखने में महत्वपूर्ण सहारा बनेगी। उन्होंने कहा कि गांव के नजदीक शिविर आयोजित होने से उन्हें ऐसी योजना के बारे में जानकारी मिली, जिसका लाभ उनके बच्चों की शिक्षा में उपयोगी साबित हो सकता है। श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा को मिल रहा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य श्रमिक परिवारों पर बच्चों की पढ़ाई के आर्थिक भार को कम करने के साथ उन्हें शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। ऐसी योजनाएं सीमित आय वाले श्रमिक परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान कर रही हैं। सेवा सेतु से योजनाओं तक आसान हो रही ग्रामीणों की पहुंच सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित सेवा सेतु शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों की योजनाओं और सेवाओं को ग्रामीणों के नजदीक उपलब्ध कराया जा रहा है। इन शिविरों में नागरिकों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों को आवेदन एवं आवश्यक प्रक्रियाओं के संबंध में मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। इससे जानकारी के अभाव में योजनाओं से वंचित रहने वाले पात्र लोगों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। विरेन्द्र सिंह के लिए कटरा का सेवा सेतु शिविर इसी उद्देश्य को साकार करने वाला साबित हुआ। योजना की जानकारी मिलने और आवेदन की राह आसान होने से अब उन्हें उम्मीद है कि छात्रवृत्ति की सहायता उनके बच्चों की शिक्षा को आगे बढ़ाने में उपयोगी साबित होगी।

लिव-इन के पंजीयन, पैतृक संपत्ति में बराबरी और भरण-पोषण पर एक समान कानून की मांग

रायपुर छत्तीसगढ़ महिला मंच और महाराष्ट्र मंडल महिला समिति की पदाधिकारियों व सदस्यों ने समान नागरिक संहिता समिति के समक्ष विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील व व्यावहारिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में यूसीसी समिति के सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी  एम.के. राऊत और वरिष्ठ अधिवक्ता  मोहन पवार ने महिलाओं द्वारा दिए गए सभी व्यावहारिक और कानूनी सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें उन पर विचार करने का पूर्ण आश्वासन दिया।    लैंगिक समानता और संपत्ति अधिकार शताब्दी पाण्डेय ने धर्म आधारित कानूनों में बदलाव की वकालत करते हुए पैतृक व व्यक्तिगत संपत्ति में महिला और पुरुष को समान अधिकार देने, भरण-पोषण के नियम एक समान बनाने और आपसी सहमति से तलाक की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की। छत्तीसगढ़ एक जनजातीय बहुल प्रदेश होने के कारण संबंधित समुदायों की परंपराओं, नीतियों, रीति-रिवाजों और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए व्यापक विचार-विमर्श पर सहमति बनी। साथ ही, पंचायतों में कानूनी सलाह के लिए विशेष डेस्क बनाने की मांग रखी । श्वेता पड्डा ने महिलाओं के शोषण पर प्रभावी रोकथाम के लिए लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीयन को अनिवार्य बनाने की मांग की। साथ ही, लिव-इन से जन्मे बच्चों को पालन-पोषण और उत्तराधिकार का पूरा अधिकार मिलने तथा जैविक पहचान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अधिवक्ता सुचित्रा वर्धन ने स्पष्ट किया कि केवल आपसी सहमति (एग्रीमेंट) के आधार पर महिला-पुरुष का साथ रहना भारतीय कानून में मान्य नहीं है, इसलिए इस पर स्पष्टता जरूरी है। अधिवक्ता मती हेमलता सिंह ने यूसीसी का मुख्य उद्देश्य कानूनी भेदभाव को समाप्त कर व्यवस्था को सरल बनाना बताया। गीता श्याम दलाल ने एक राष्ट्र, एक कानून का समर्थन करते हुए कहा कि अपराधी को धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए, जबकि सभी को अपनी परंपराओं को मानने की स्वतंत्रता हो। मती आस्था अभय काले ने कहा कि यह व्यवस्था समाज के अंतिम छोर पर खड़ी कमजोर महिलाओं तक पहुँचनी चाहिए, जिसके लिए महिलाओं का जागरूक होना सबसे पहले आवश्यक है। बैठक में आकांक्षा तिवारी, डॉ. (मती) भारती यादव, डॉ. (मती) रत्ना पाण्डेय, मती पुरोहित और प्रसन्ना राजेश अवस्थी, मती अर्चना वोरा, मती शेफाली पुरोहित, मती शीला शर्मा, मती नमिता शेष, मती मालती मिश्रा ने बच्चों के हितों की रक्षा से जुड़े सुझाव दिए, आदिवासी समाज की सहभागिता व विवाह परंपराओं पर अपने विचार समिति  के समक्ष रखे। समिति ने महिलाओं की इस संवादात्मक पहल की सराहना करते हुए सभी व्यावहारिक सुझावों को आयोग के समक्ष प्रमुखता से रखने का भरोसा दिलाया।

बस्तर बाढ़ आपदा में पीड़ितों को 9.39 करोड़ रुपए से अधिक की राहत राशि का त्वरित भुगतान, पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर जारी

रायपुर बस्तर अंचल में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से हुई मूसलाधार बारिश और ओडिशा के खातीगुड़ा व मुरान बांधों से छोड़े गए पानी के चलते उत्पन्न भीषण बाढ़ की स्थिति के बीच जिला प्रशासन ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता पर रखा है। आपदा से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से अब तक कुल 9 करोड़ 39 लाख 29 हजार 898 रुपए की राहत राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।   जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस वित्तीय सहायता में सबसे बड़ा हिस्सा मकानों की क्षतिपूर्ति के रूप में दिया गया है, जिसके तहत कुल 8 करोड़ 78 लाख 15 हजार 398 रुपए वितरित किए गए हैं। इसमें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 8 करोड़ 2 लाख 23 हजार 391 रुपए तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 75 लाख 92 हजार 7 रुपए की सहायता शामिल है। इसके अतिरिक्त घरों में रखे बर्तन व अन्य घरेलू सामग्रियों के नुकसान के एवज में प्रभावितों को 52 लाख 45 हजार रुपये, जनहानि के मामलों में आश्रितों को 8 लाख रुपये का मुआवजा और पशुहानि के मामलों में 69 हजार 500 रुपये की राहत राशि का त्वरित भुगतान किया गया है।    राज्य शासन के संवेदनशील निर्देशों के तहत राजस्व अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों ने दिन-रात सक्रिय होकर प्रकरणों का तेजी से निराकरण सुनिश्चित किया, जिससे इतनी बड़ी धनराशि का त्वरित वितरण संभव हो सका। कलेक्टर  आकाश छिकारा ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिए हैं कि पूर्ण एवं आंशिक मकान क्षति के जितने भी शेष मामले लंबित हैं, उन्हें भी बिना किसी विलंब के प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि कोई भी प्रभावित परिवार शासन की मदद से वंचित न रहे। वित्तीय सहायता के साथ-साथ जमीनी स्तर पर पुनर्वास और स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रयास भी तेज गति से संचालित किए जा रहे हैं। जिन परिवारों के आशियाने पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं, उनके तात्कालिक आश्रय हेतु प्रशासन द्वारा बांस, बल्ली और तिरपाल जैसी आवश्यक सामग्रियां त्वरित रूप से पहुंचाई जा रही हैं। वहीं जलभराव के बाद संक्रामक और जलजनित बीमारियों के खतरे को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मिलकर सभी पेयजल स्रोतों का अनिवार्य क्लोरीनेशन कर रहे हैं और गांवों में लगातार ब्लीचिंग पाउडर का सघन छिड़काव किया जा रहा है। बस्तर संभाग के कमिश्नर  डोमन सिंह और कलेक्टर  आकाश छिकारा स्वयं लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों व राहत शिविरों का निरीक्षण कर पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, और प्रशासन का संकल्प है कि अंतिम पीड़ित व्यक्ति तक सहायता पहुंचने तक यह राहत अभियान निरंतर जारी रहेगा।  

नवा रायपुर में भारत-ज़िम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज़ की तैयारियां पूरी

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम (परसदा) में आयोजित होने वाली भारत महिला बनाम ज़िम्बाब्वे महिला टी-20 क्रिकेट सीरीज की प्रशासनिक स्तर पर की जा रही तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। तीन अंतर्राष्ट्रीय महिला टी-20 मुकाबले 16, 18 और 20 अक्टूबर 2026 को खेले जाएंगे।  मुख्य सचिव ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थाओं के संबंध में अन्य विभागों से आवश्यक समन्वय करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैच के सुचारू संचालन एवं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कार्यों के लिए पुलिस विभाग एवं आयोजक संस्थाओं को समय पर जरूरी कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा है।     मैच के सफल संचालन और अंतर-विभागीय समन्वय के लिए रायपुर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक लोकल सपोर्ट कमेटी गठित की गई है। इस समिति में रायपुर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, खेल एवं युवा कल्याण संचालक, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता, एनआरडीए के प्रतिनिधि और छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के प्रतिनिधि शामिल हैं। ई-टिकट को आसानी से स्कैन कर स्टेडियम में प्रवेश दिलाने के लिए दर्शकों हेतु परिसर में ओपन वाई-फाई की व्यवस्था की जाएगी। स्टेडियम के भीतर खाद्य सामग्री, पेयजल आपूर्ति इत्यादि व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए है। टिकटों पर स्टेडियम का नाम शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नवा रायपुर अटल नगर स्पष्ट रूप से दर्ज रहेगा। टिकटों का वितरण ऑनलाइन किया जाएगा। स्टेडियम परिसर और सभी पार्किंग क्षेत्रों में सीसीटीव्ही कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। टिकट धारकों को निश्चित अनुपात में पार्किंग पास उपलब्ध कराए जाएंगे। सम्पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था सीसीटीव्ही कैमरे एवं सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था पुलिस, एनआरडीए, सीएससीएस और बीसीसीआई द्वारा की जाएगी। आवश्यक विद्युत व्यवस्था, सीएसपीडीसीएल और ऊर्जा विभाग द्वारा की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग नजदीकी अस्पतालों की मैपिंग करेगा और स्थल पर एम्बुलेंस तैनात रहेगी। आपातकालीन इलाज एवं वीवीआईपी आवागमन हेतु ग्रीन कॉरिडोर का मार्ग निर्धारित किया गया है।  स्टेडियम परिसर एवं निगम के निकटतम क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध रहे इसकी सुनिश्चितता बीएसएनएल द्वारा की जाएगी। फायर ब्रिगेड और पर्याप्त जल की उपलब्धता और आपातकालीन स्थिति के लिए रूट का चिन्हांकन गृह एवं अग्निशमन विभाग द्वारा किया जाएगा।  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग इस बैठक में परिवहन विभाग के सचिव  एस. प्रकाश, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के यशवंत कुमार, पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, संचालक जनसम्पर्क  आशीष टिकरिया, एमडी टूरिज्म  सौमिल रंजन चौबे सहित कलेक्टर रायपुर, पुलिस अधीक्षक रायपुर, एनआरडीए, खेल एवं युवा कल्याण, फायर एवं सेफटी, एयरपोर्ट आथरटी, सीएसपीडीसीएल, पीडब्लूडी, छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अधिकारियों ने भाग लिया। छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम (परसदा) में आयोजित होने वाली भारत महिला बनाम ज़िम्बाब्वे महिला टी-20 क्रिकेट सीरीज की प्रशासनिक स्तर पर की जा रही तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। तीन अंतर्राष्ट्रीय महिला टी-20 मुकाबले 16, 18 और 20 अक्टूबर 2026 को खेले जाएंगे।  मुख्य सचिव ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थाओं के संबंध में अन्य विभागों से आवश्यक समन्वय करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैच के सुचारू संचालन एवं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कार्यों के लिए पुलिस विभाग एवं आयोजक संस्थाओं को समय पर जरूरी कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा है।     मैच के सफल संचालन और अंतर-विभागीय समन्वय के लिए रायपुर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक लोकल सपोर्ट कमेटी गठित की गई है। इस समिति में रायपुर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, खेल एवं युवा कल्याण संचालक, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता, एनआरडीए के प्रतिनिधि और छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के प्रतिनिधि शामिल हैं। ई-टिकट को आसानी से स्कैन कर स्टेडियम में प्रवेश दिलाने के लिए दर्शकों हेतु परिसर में ओपन वाई-फाई की व्यवस्था की जाएगी। स्टेडियम के भीतर खाद्य सामग्री, पेयजल आपूर्ति इत्यादि व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए है। टिकटों पर स्टेडियम का नाम शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नवा रायपुर अटल नगर स्पष्ट रूप से दर्ज रहेगा। टिकटों का वितरण ऑनलाइन किया जाएगा। स्टेडियम परिसर और सभी पार्किंग क्षेत्रों में सीसीटीव्ही कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। टिकट धारकों को निश्चित अनुपात में पार्किंग पास उपलब्ध कराए जाएंगे। सम्पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था सीसीटीव्ही कैमरे एवं सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था पुलिस, एनआरडीए, सीएससीएस और बीसीसीआई द्वारा की जाएगी। आवश्यक विद्युत व्यवस्था, सीएसपीडीसीएल और ऊर्जा विभाग द्वारा की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग नजदीकी अस्पतालों की मैपिंग करेगा और स्थल पर एम्बुलेंस तैनात रहेगी। आपातकालीन इलाज एवं वीवीआईपी आवागमन हेतु ग्रीन कॉरिडोर का मार्ग निर्धारित किया गया है।  स्टेडियम परिसर एवं निगम के निकटतम क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध रहे इसकी सुनिश्चितता बीएसएनएल द्वारा की जाएगी। फायर ब्रिगेड और पर्याप्त जल की उपलब्धता और आपातकालीन स्थिति के लिए रूट का चिन्हांकन गृह एवं अग्निशमन विभाग द्वारा किया जाएगा।  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग इस बैठक में परिवहन विभाग के सचिव  एस. प्रकाश, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के यशवंत कुमार, पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, संचालक जनसम्पर्क  आशीष टिकरिया, एमडी टूरिज्म  सौमिल रंजन चौबे सहित कलेक्टर रायपुर, पुलिस अधीक्षक रायपुर, एनआरडीए, खेल एवं युवा कल्याण, फायर एवं सेफटी, एयरपोर्ट आथरटी, सीएसपीडीसीएल, पीडब्लूडी, छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अधिकारियों ने भाग लिया।