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मुख्यमंत्री से सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में लोकसभा सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने शर्मा का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शॉल एवं बस्तर आर्ट की आकर्षक प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उनके बीच विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।

अवैध खनन गतिविधियों पर सरकार सख्त, केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता दल का निरीक्षण अभियान तेज

रायपुर.  छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और इससे प्राप्त राजस्व का प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता है कि इन संसाधनों का उपयोग पारदर्शिता और नियमों के तहत हो, ताकि प्रदेश को किसी प्रकार की आर्थिक क्षति न हो। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। समय-समय पर समीक्षा कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। इसी क्रम में संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, इंद्रावती भवन, नया रायपुर के केन्द्रीय खनिज उड़नदस्ता दल और जिला स्तरीय संयुक्त जांच टीम ने संचालक खनिज के निर्देश पर 24 एवं 25 अप्रैल की रात और सुबह आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया। जिला सक्ती और जांजगीर-चांपा के विभिन्न स्वीकृत रेत खदानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान सक्ती जिले की घुरघट्टी, डोटमा, मरघट्टी, मिरौनी, सकराली, किकिरदा, देवरीमठ और करही खदानों में उत्खनन व परिवहन कार्य बंद पाया गया, जिससे नियमों के पालन की पुष्टि हुई। लेकिन जांजगीर-चांपा जिले में मध्य रात्रि के समय निरीक्षण के दौरान हसदेव नदी के पास हथनेवरा घाट क्षेत्र में अवैध रूप से मशीनों का संचालन करते हुए दो चैन माउंटेन मशीनें पकड़ी गईं। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया। इसके अतिरिक्त ग्राम नवापारा में भी दो एक्सकेवेटर मशीनें जब्त की गईं, जिन्हें अग्रिम आदेश तक कोटवार की सुपुर्दगी में दिया गया है। कुल चार मशीनों की जब्ती कर प्रकरण दर्ज किया गया है। इन मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम 71 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि खनिज संसाधनों की लूट किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी। केन्द्रीय उड़नदस्ता और जिला टास्क फोर्स को राज्यभर में लगातार निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले समय में ऐसे अभियान और तेज किए जाएंगे, जिससे अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। इस कार्रवाई में संयुक्त संचालक (खनि प्रशासन) श्री भूपेंद्र चंद्राकर, खनि अधिकारी हीरादास भारद्वाज सहित जिला स्तरीय टीम के अधिकारी शामिल रहे

रायपुर : खाद्य एवं औषधि प्रशासन टीम ने की गुणवत्ता जांच,स्वच्छता में कमी पर दुकान को नोटिस

रायपुर  खाद्य सुरक्षा टीम ने भाटापारा एवं दामाखेड़ा में जांच अभियान चलाया। दामाखेड़ा में साहू होटल एवं स्वीट्स  में खाद्य पदार्थ ढंककर नही रखने व फ्रिज में गन्दगी पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम की धारा 55 के तहत नोटिस जारी किया गया। भाटापारा शहर के आयुष डेयरी व पटेल डेयरी दतरेंगी का औचक निरिक्षण किया।पटेल डेयरी से मलाई क्रीम का नमूना लेकर जाँच हेतु राज्य खाद्य परिक्षण प्रयोगशाला भेजा गया। पूर्व महीनो में जॉच हेतु लिए गये नमूनों में अविनाश पोहा इंडस्ट्रीज भाटापारा के पैक्ड पोहा व शीतल इंडस्ट्रीज भाटापारा के पैक्ड बेसन में पोषण संबंधी जानकारी अपूर्ण होने के कारण मिथ्याछाप घोषित किया गया है।खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के लेबलिंग व डिस्प्ले रेगुलेशन 2020 के तहत सभी पैक्ड खाद्य उत्पादों में पोषण सुचना संबंधी पूर्ण जानकारी देना अनिवार्य है।

Rural Tourism Boost: जशपुर का गांव चमका, होमस्टे से बढ़ी लोकप्रियता

जशपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में जशपुर जिले का केरे गांव तेजी से एक उभरते पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना रहा है। यह पहल स्थानीय लोगों की आजीविका को सशक्त बनाने के साथ-साथ क्षेत्रीय संस्कृति को भी नई पहचान दे रही है। जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से केरे गांव को पर्यटन गांव के रूप में विकसित किया गया है। यहां अब तक 5 होमस्टे स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही, ग्रामीणों को होमस्टे संचालन, अतिथि सत्कार और प्रबंधन से जुड़ा प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे वे बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें। हाल ही में केरे स्थित ‘महुआ होमस्टे’ में ठहरे यात्रियों का अनुभव इस पहल की सफलता को दर्शाता है। बिलासपुर से रांची जा रहे तीन यात्रियों ने यात्रा के दौरान आरामदायक ठहराव के लिए इस होमस्टे का चयन किया। ऑनलाइन माध्यम से जानकारी मिलने के बाद वे यहां पहुंचे, जहां उनका आत्मीय स्वागत किया गया। उन्हें घर जैसा स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन मिला, साथ ही साफ-सुथरी और आरामदायक व्यवस्था का अनुभव भी हुआ। अतिथियों ने मेजबानों के व्यवहार और सुविधाओं की खुलकर सराहना की। यह सकारात्मक अनुभव दर्शाता है कि केरे गांव अब एक भरोसेमंद और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित हो रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार, इस पहल से न केवल ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं, बल्कि सामुदायिक भागीदारी भी मजबूत हो रही है। साथ ही, यह मॉडल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है।

हज यात्री देश और प्रदेश की खुशहाली के लिए दुआ करें: विष्णु देव साय

प्रदेश के हज यात्रियों का छ.ग.हज कमेटी ने किया स्वागत हज यात्रियों को हज किट का किया गया वितरण रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा राजधानी रायपुर के मेडिकल काॅलेज परिसर स्थित अटल सभागार में प्रदेश के हजयात्रियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय – विष्णु देव साय जी ने हज यात्रियों को हज किट प्रदान किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय विष्णु देव साय जी ने हज यात्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि, आप छत्तीसगढ़ और अपने देश की खुशहाली के लिए भी दुआएं करें। उन्होंने कहा कि, यह बड़े सौभाग्य का अवसर है हम सब हज यात्रियों के इस्तक़बाल के लिए एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि, जब वे सांसद थे तब से हज यात्रियों का स्वागत करते आ रहे हैं। अनेक वर्षो से यह सौभाग्य मिलता रहा है। श्री साय ने प्रदेश के 815 हज यात्रियों को शुभकामनाएं दीं। श्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य किट प्रदान किया जा रहा है। समस्त हज यात्री अपना ख़याल रखें, वहां भी बहुत गर्मी होगी। स्वास्थ्य की चिंता करेंगे, मेडिकल किट साथ रखें। आप सब छत्तीसगढ़ और प्रदेश के प्रतिनिधि के रूप में जा रहे हैं। अपने देश और छत्तीसगढ़ की तरक्की और खुशहाली के लिए विशेष रूप से दुआएं करें। श्री साय ने कहा कि आप हज यात्रा पर जाएं हम यहां आपकी चिंता करते रहेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित माननीय बृजमोहन अग्रवाल जी, सांसद रायपुर लोकसभा ने समस्त हज यात्रियों को मुबारकबाद पेश की। उन्होंने कहा कि, हर मुसलमान की तमन्ना होती है कि वह हज यात्रा पर जाए। हज यात्रा पर वही जाता है जिसे अल्लाह बुलाता है। वे सब हज यात्री खुशनसीब हैं जो हज यात्रा पर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप छत्तीसगढ़ और देश की सुख, शांती  और समृद्धि के लिए दुआएं करें। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष मान. मिर्जा एजाज बेग ने कहा कि, हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी हज यात्रा पर जाने वाले सभी हज यात्रियों की हमेशा चिंता करते हैं उनके विषय  में जानकारी लेते रहते हैं। श्री बेग ने कहा कि, हज यात्रियों की सुविधा को दृष्टिगत  रखते हुए जिस जिले के हाजी हैं वहीं उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई। श्री बेग ने कहा कि समस्त हज यात्री निश्चिंत  होकर जाएं हमारे सांसद मान. बृजमोहन अग्रवाल जी, मुख्यमंत्री मान. विष्णु देव साय जी और प्रधानमंत्री मान. नरेन्द्र मोदी जी हैं जो आपको कोई परेशानी नहीं होने देंगे। श्री बेग ने कहा कि, जितने लोगों ने आवेदन किया उन सभी का सिलेक्शन हो गया। हज यात्रियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, सऊदी अरब के क़ानून और नियमों का पालन करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता, मिर्ज़ा एजाज़ बेग, अध्यक्ष हज कमेटी की ने की। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में श्री लोकेश कावड़िया अध्यक्ष छ.ग.स्टेट निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम, श्री अमरजीत छाबड़ा अध्यक्ष छ.ग. अल्पसंख्यक आयोग, श्री डाॅ. सलीम राज, अध्यक्ष छ.ग. राज्य वक्फ़ बोर्ड, हज कमेटी के सदस्यगण श्री मौलाना अमीर बेग, श्री मौलाना महताब, श्री मौलाना हसन अब्बास, श्री गुलाम रहमान, श्री शकील अहमद, श्री आरिफ खान, श्री अकरम कुरैशी, श्री सलीम मेमन, श्री सैय्यद सैफुद्दीन, श्रीमति रजिया खान, श्रीमति नज़मा अज़ीम खान, श्रीमति रेहाना खान, श्री शाहिद खान, श्री हाजी शेख निज़ाम, श्री गुलाम गौस खान, श्री असगर अली, श्री जिशान  सिद्दीकी, श्री साजिद पठान, रेशमा शेख, श्री आरिफ नियाज़ी, श्री फैसल खान, श्री मो. अलताफ, श्री मो. युसूफ, श्री गुरदीप सिंह टुटेजा, श्री मोबिन अहमद, श्री शेख नियाज़, श्री सैय्यद रज़ा, श्री अमिक खान, फरहा नाज़, श्री मुफ्ती एहतेशाम फारूकी, श्री बदरूद्दीन खोखर, श्री हाजी अनवर रिज़वी, श्री हाजी फहीम मुतवल्ली जामा मस्जिद, श्री मुजाहिद अली फारूकी, श्री सुहैल सेठी अध्यक्ष सीरत कमेटी, श्री मो. अली भोला भाई मुतवल्ली संजय नगर, श्री हैदर अली मुतवल्ली हैदरी मस्जिद, डाॅ आदिल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। आभार प्रर्दशन छ.ग.राज्य कमेटी की कार्यपालन अधिकारी डाॅ. खुशबू  उस्मान ने किया।

रायपुर : सोलर पैनल अपनाकर देवश्री साहू बनीं आत्मनिर्भर, बिजली बिल से मिली पूर्ण मुक्ति

रायपुर : सोलर पैनल अपनाकर देवश्री साहू बनीं आत्मनिर्भर, बिजली बिल से मिली पूर्ण मुक्ति रायपुर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से न केवल बिजली बिल से राहत मिल रही है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी भागीदारी का अवसर दे  रहा है। सोलर पैनल अपनाकर लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं।बलौदाबाजार की शिक्षिका देवश्री साहू ने भी योजना के तहत अपने मकान के छत पर सोलर पैनल लगवाया जिससे अब मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है।  ग्राम खैरघटा निवासी और पेशे से शिक्षिका  देवश्री साहू  ने बताया कि सोलर पैनल लगाने की प्रेरणा उन्हें अपने भाई के घर से मिली, जहाँ उन्होंने पहली बार इस तकनीक को देखा और इसके फायदों के बारे में विस्तार से समझा। शासन की इस लोक-कल्याणकारी योजना से प्रभावित होकर उन्होंने जून 2025 में अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित करवाया। सोलर पैनल लगने के बाद देवश्री के घर की बिजली व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आया है। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि पहले जिस बिजली बिल के भुगतान की चिंता बनी रहती थी, वह अब लगभग शून्य हो गया है। साथ ही इसे लगाने पर केंद्र और राज्य सरकार से सब्सिडी भी मिली है। एक शिक्षिका होने के नाते वे समाज में जागरूकता के महत्व को समझती हैं और अब वे अपने आस-पड़ोस के लोगों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।   देवश्री ने अपनी इस आर्थिक बचत और सहूलियत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है। उनका मानना है कि यह योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण में मददगार है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें बिजली के खर्चों से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में 'पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' का क्रियान्वयन जिस तेजी से हो रहा है, उसका सीधा लाभ देवश्री जैसे मध्यमवर्गीय परिवारों को मिल रहा है।

अबूझमाड़ की पारुल को मिली नई ज़िंदगी, प्रोजेक्ट धड़कन बनी नन्ही धड़कनों का सहारा

सफलता की कहानी  अबूझमाड़ की पारुल को मिली नई ज़िंदगी : प्रोजेक्ट धड़कन बनी नन्ही धड़कनों का सहारा  रायपुर नारायणपुर जिले के दूरस्थ ब्रेहबेड़ा गांव की 2 वर्षीय पारूल दुग्गा अब फिर से मुस्कुरा रही है। कुछ समय पहले तक यह नन्हीं बच्ची जल्दी थक जाती थी, सामान्य बच्चों की तरह खेल नहीं पाती थी और परिवार उसकी सेहत को लेकर लगातार चिंतित रहता था। गांव के सीमित संसाधनों के बीच माता-पिता को यह भी पता नहीं था कि उनकी बच्ची के हृदय में गंभीर समस्या है। लेकिन जिले में शुरू किए गए “प्रोजेक्ट धड़कन” ने न केवल बीमारी की समय पर पहचान की, बल्कि पारूल को नया जीवन भी दे दिया। नारायणपुर जिले में बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से फरवरी 2026 में “प्रोजेक्ट धड़कन” की शुरुआत की गई थी। इस विशेष अभियान का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की हृदय संबंधी जांच कर गंभीर मामलों की शुरुआती अवस्था में पहचान करना है, ताकि समय रहते उनका उपचार कराया जा सके। खास बात यह है कि यह पहल उन सुदूर क्षेत्रों तक पहुंची, जहां पहले विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहद सीमित थी। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव-गांव जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग की। प्रथम चरण में 3000 से अधिक बच्चों की जांच की गई। इस दौरान तीन बच्चों में हृदय रोग के संभावित लक्षण पाए गए। इनमें ब्रेहबेड़ा की पारूल दुग्गा भी शामिल थी। जब पारूल के परिवार को बच्ची की बीमारी की जानकारी मिली तो चिंता बढ़ गई, लेकिन पहली बार उम्मीद भी जगी। प्रशासन ने तुरंत बेहतर इलाज की व्यवस्था की। प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इन बच्चों को रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के लिए रवाना किया और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। रायपुर पहुंचने पर श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पारूल की विस्तृत जांच की। जांच में उसके हृदय में गंभीर समस्या की पुष्टि हुई, जिसके लिए ऑपरेशन आवश्यक बताया गया। परिवार के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय था, लेकिन जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विशेषज्ञों के समन्वय से उपचार की पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित की गई। 10 अप्रैल 2026 को श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, रायपुर में पारूल की सफल हृदय सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों की निगरानी में उसकी लगातार देखभाल की गई।  आज पारूल अपने घर लौट चुकी है। वह  खेल रही है, मुस्कुरा रही है और परिवार की गोद में नई ऊर्जा के साथ पल रही है। वही अब परिवार के चेहरे पर सबसे बड़ी मुस्कान बन गई है। कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि “प्रोजेक्ट धड़कन” का उद्देश्य केवल बीमारी की पहचान करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों को समय पर जीवनरक्षक उपचार दिलाना है। उन्होंने कहा कि जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले किसी भी बच्चे को स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में कठिनाई न झेलनी पड़े, इसके लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है।            उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम, चिकित्सकों, मैदानी कर्मचारियों और अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल जिले में बाल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। आने वाले समय में और अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग कर संभावित मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। पारूल की कहानी सिर्फ एक सफल ऑपरेशन की कहानी नहीं है। यह उस बदलाव की कहानी है, जहां जंगलों और पहाड़ों के बीच बसे गांवों तक संवेदनशील शासन पहुंच रहा है। यह उस भरोसे की कहानी है, जिसमें दूरस्थ परिवारों को भी विश्वास है कि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।           “प्रोजेक्ट धड़कन” अब नारायणपुर में एक योजना भर नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद का नाम बन चुका है, जिनके लिए हर नन्हीं धड़कन सबसे कीमती है।

Car Buyers के लिए राहत: डीलर अब जबरन एसेसरीज और इंश्योरेंस नहीं थोप सकेंगे

रायपुर. नए वाहन की खरीदी के दौरान अब ग्राहकों पर वाहन डीलर  बीमा और एसेसरीज क्रय करने के लिए अनावश्यक दबाव नहीं डाल पाएंगे. छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने सभी पंजीयन प्राधारिकारियों को निर्देश हैं, जिसके तहत बीमा, एसेसरीज के लिए दबाव डालने की शिकायत पर संबिधत डीलर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 34 से 44 तक के प्रावधानों में कार्रवाई हो सकती है. जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में कई वाहन डीलर उनके शोरूम से गाड़ी खरीदने पर ग्राहकों से बीमा, एसेसरीज लेने के लिए दबाव बनाते हैं. दवा व्यापारी संजय कुमार रावत ने इसे लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत की थी. मामला मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचने के बाद परिवहन विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए. परिवहन विभाग ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी वाहन खरीदार को इंश्योरेंस, एसेसरीज किसी विशेष डीलर या स्रोत से लेने बाध्य नहीं किया जा सकता. यह अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है, जो विधि सम्मत नहीं है. ग्राहकों पर किसी प्रकार का दबाव या अनिवार्यता नहीं थोपने के लिए सभी अधिकृत वाहन विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है. यह भी उल्लेखित किया गया कि अगर कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित डीलरों के खिलाफ मोटरयान नियमों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी. आदेश में कहा गया है कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-39 के अनुसार बिना वैध पंजीयन के कोई भी वाहन सार्वजनिक स्थान पर उपयोग नहीं किया जा सकता है, लेकिन  पंजीयन के लिए एसेसरीज क्रय करने की कोई अनिवार्यता निर्धारित नहीं की गई है. केन्द्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 और छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम, 1994 के अंतर्गत केवल निर्धारित सुरक्षा एवं मानक उपकरणों का प्रावधान किया गया है. अतिरिक्त एसेसरीज (जैसे सीट कवर, म्यूजिक सिस्टम, क्रैश गार्ड, फुट रेस्ट, साड़ी गार्ड, वाटर गार्ड, पंचर सुधारने, टायरों में हवा भरने की किट आदि) वैकल्पिक प्रकृति की हैं. उनका क्रय पूर्णतः वाहन खरीदार के विवेक पर निर्भर है कि वह अपने वाहन से संबंधित आवश्यक एक्सेसरीज शोरूम से खरीदे या स्थानीय बाजार से. भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निदेर्शों के अनुसार बीमा पॉलिसी का क्रय पूर्णतः ग्राहक की स्वयं की पसंद पर आधारित है और किसी भी बीमा उत्पाद को अन्य उत्पाद, सेवा के साथ अनिवार्य से जोड़ना या बाध्य करना अनुमति नहीं है.

संवेदनशील नेतृत्व का प्रभाव: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर वृद्ध हितग्राही को मिली तत्काल राहत

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संवेदनशील, सजग और जनकेंद्रित नेतृत्व का एक और सशक्त उदाहरण सामने आया है, जहाँ एक वृद्ध हितग्राही की समस्या पर त्वरित संज्ञान लेते हुए शासन ने तुरंत राहत सुनिश्चित की। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश पर गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखण्ड के ग्राम पथर्री निवासी भीखलु राम ध्रुव को जिला प्रशासन की सक्रियता से बड़ी राहत मिली है। मीडिया के माध्यम से प्रसारित एक खबर में यह जानकारी सामने आई थी कि भीखलु राम ध्रुव लंबे समय से पेंशन और राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे। इस खबर को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिना विलंब किए तत्काल संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि संबंधित हितग्राही को शीघ्र लाभ उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर बीएस उइके ने स्वयं मामले की जानकारी ली और संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जांच में यह तथ्य सामने आया कि भीखलु राम ध्रुव का ई-केवाईसी किसी कारणवश लंबित था, जिसके कारण उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। प्रशासन द्वारा तत्काल ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण कराई गई, जिससे उन्हें पुनः शासकीय योजनाओं का लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। प्रशासन की तत्परता का परिणाम यह रहा कि भीखलु राम ध्रुव को तीन माह की लंबित वृद्धावस्था पेंशन एकमुश्त प्रदान की गई।  वहीं खाद्य विभाग द्वारा भी संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके घर पहुंचकर 01 क्विंटल चावल उपलब्ध कराया गया है। अब उन्हें नियमित रूप से उचित मूल्य की दुकान से राशन मिलना सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस मानवीय और तत्पर हस्तक्षेप से राहत प्राप्त करने पर भीखलु राम ध्रुव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पेंशन और राशन मिल जाने से मेरे जीवन में बड़ी राहत आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह संवेदनशीलता मेरे लिए बहुत मायने रखती है। अब मुझे भरोसा है कि सरकार हमारी चिंता करती है।  उल्लखेनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रत्येक जरूरतमंद तक उनका लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए निरंतर सजग और प्रतिबद्ध है।

नक्सलमुक्त बस्तर में अब हो रहा है तेजी से अधोसंरचना निर्माण

रायपुर. नक्सलमुक्त आबूझमाड़ क्षेत्र में अब बुनियादी सुविधाओं का निर्माण कार्य तेजी से किये जा रहे हैं । अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी, ओवरहेड टैंक, लघु सिंचाई योजना सहित अन्य कार्यो ने जोर पकड़ लिया है । पिछले दिनों नक्सलमुक्त आबूझमाड़ में सीटीई की टीम ने विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया । टीम ने नारायणपुर के हरिमार्कटोला, सड़क का निरीक्षण किया। टीम ने देखा कि निर्मित सड़कों मोटाई और चौड़ाई को सही मानक स्तर की है, इसी तरह ग्राम दूरस्थ ओरछा ब्लाक में निर्मित शेड की निरीक्षण किया गया । जिले के ग्राम पालकी में निर्मित ओवरहेड टैंक की टीम ने निरीक्षण किया। इसी तरह से जल संसाधन विभाग के अंतर्गत बैनूर रिजर्वायर के नवीनीकरण कार्य का निरीक्षण किया गया। टीम ने निर्माण कार्यों में लगे अधिकारियों से निर्माण कार्यों की विस्तार से जानकारी ली एवं अधिकारियों को जरूरी मार्गदर्शन भी दिया। नक्सलमुक्त बस्तर में अब विभिन्न निर्माण कार्यों के निरीक्षण करने जांच एजेन्सीयों के दल आसानी से पहुंच रहे हैं। तकनीकी टीमों द्वारा निर्माण कार्यों को कराने स्थानीय अधिकारियों को उचित मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है, जिससे अब सुदूर अबूझमाड़ में निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण तेजी से किए जाने लगे हैं।