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मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि बढ़ी, अब 31 दिसंबर 2026 तक मिलेगा लाभ

31 दिसम्बर 2026 तक बढ़ी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि राजनांदगांव क्षेत्र में 65 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को 19.46 करोड़ की राहत  रायपुर  छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड के राजनांदगांव क्षेत्र के अंतर्गत चार जिलों में मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इस योजना के तहत पुराने बिजली बिलों के बकाये से जूझ रहे 65 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को लाभ मिला है। योजना के अंतर्गत अब तक मूल बकाया राशि एवं अधिभार (सरचार्ज) में कुल 19 करोड़ 46 लाख रुपये की छूट प्रदान की जा चुकी है। उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब इस योजना की अवधि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी गई है। चार जिलों में व्यापक क्रियान्वयन       राजनांदगांव क्षेत्र के अंतर्गत राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई तथा मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में इस योजना का बड़े पैमाने पर क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके माध्यम से बीपीएल, घरेलू एवं कृषि श्रेणी के पात्र उपभोक्ताओं को पुराने बकाये के निपटारे पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार छूट दी जा रही है। अब तक योजना के तहत 65,062 उपभोक्ता लाभान्वित हो चुके हैं। लाभान्वित उपभोक्ताओं की कुल संख्या       उपभोक्ता अपने नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में पहुंचकर बकाया राशि का निपटारा कर सकते हैं। बकाया बिजली बिलों का निपटारा कर उपभोक्ता न केवल स्वयं को आर्थिक बोझ से मुक्त कर सकते हैं, बल्कि भविष्य में निर्बाध बिजली सेवा भी सुनिश्चित कर सकते हैं। समय पर बिल का भुगतान और बकाया का निपटारा कर उपभोक्ता बिजली कंपनी के सुदृढ़ीकरण में अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान कर एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभा सकते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और अन्नदाताओं को संबल प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी पुराने बोझ के बिजली सेवाओं का लाभ उठा सकें।  प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से 31,392 निष्क्रिय उपभोक्ता तथा 33,669 पात्र सक्रिय उपभोक्ता शामिल हैं। लाभान्वित उपभोक्ताओं द्वारा अब तक लगभग 5 करोड़ 89 लाख रुपये की बकाया राशि बिजली कंपनी में जमा कराई जा चुकी है, जिससे कंपनी के राजस्व संग्रहण को भी गति मिली है। विभिन्न संभागों में सक्रिय भागीदारी       राजनांदगांव क्षेत्र के सात विद्युत संभागों में उपभोक्ताओं ने इस योजना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। कवर्धा संभाग के 24,415 उपभोक्ता, पंडरिया संभाग के 21,234 उपभोक्ता, राजनांदगांव संभाग के 6,023 उपभोक्ता, डोंगरगढ़ संभाग के 5,351 उपभोक्ता, खैरागढ़ संभाग के 3,670 उपभोक्ता, मोहला संभाग के  3,076 उपभोक्ता और डोंगरगांव संभाग के 1,293 उपभोक्ताआंे को लाभान्वित किया गया है। 66 वितरण केंद्रों और 3 जोनों में विशेष अभियान       राजनांदगांव क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री हर्ष कुमार मेश्राम ने बताया कि योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए क्षेत्र के 66 वितरण केंद्रों और 03 जोनों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जाकर उपभोक्ताओं को पात्रता, छूट और बकाया निपटारे की प्रक्रिया के प्रति जागरूक कर रहे हैं। 31 दिसंबर 2026 तक उठाएं लाभ      मुख्य अभियंता श्री मेश्राम ने 31 मार्च 2023 से पूर्व के बकाया बिजली बिल वाले पात्र बीपीएल, घरेलू और कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे विलंब न करें। उपभोक्ता 31 दिसंबर 2026 तक अपने निकटतम विद्युत वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में संपर्क कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। पुराने बकाये का यह समाधान न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक बोझ से मुक्त करता है, बल्कि उनकी विद्युत सेवाओं को भी सुचारू रखता है।

प्रीमियम लोकेशन और किफायती कीमत ने जीता दिल, हाउसिंग बोर्ड के घर से जितेंद्र मेहता संतुष्ट

सेवा संकल्प अभियान सेवा की कहानी: हिमालयन हाइट्स में साकार हुआ अपने घर का सपना, जितेंद्र मेहता को मिला सुविधाओं से भरपूर आशियाना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आम परिवारों के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में पहल वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में गुणवत्तापूर्ण और सुविधायुक्त आवास उपलब्ध कराने पर जोर प्रीमियम लोकेशन, बेहतर कनेक्टिविटी और किफायती दरों से हितग्राही संतुष्ट, निजी बिल्डरों की परियोजनाओं के समकक्ष बताया हाउसिंग बोर्ड का आवास रायपुर,   हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना एक सुंदर और सुविधायुक्त घर हो, जहां वे अपने परिवार के साथ सुकून भरा जीवन बिता सकें। यदि यह घर शहर की अच्छी लोकेशन पर, आवश्यक सुविधाओं के करीब और किफायती दरों पर उपलब्ध हो जाए, तो यह खुशी दुगुनी हो जाती है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की आवासीय परियोजनाएं ऐसे ही परिवारों के अपने घर के सपने को साकार करने का माध्यम बन रही हैं। राजधानी रायपुर के डूमरतराई स्थित हिमालयन हाइट्स आवासीय परियोजना के निवासी जितेंद्र मेहता की कहानी भी इसी संतुष्टि और भरोसे को सामने लाती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आवासीय परियोजनाओं में गुणवत्ता, बेहतर लोकेशन, आधुनिक सुविधाओं और नागरिकों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया जा रहा है। दो साल पहले लिया फैसला, आज घर में रहकर पूरी तरह संतुष्ट हिमालयन हाइट्स के निवासी जितेंद्र मेहता बताते हैं कि उन्होंने लगभग दो वर्ष पहले इस परियोजना में अपना घर बुक कराया था। उस समय उनका सपना था कि परिवार के लिए एक ऐसा घर मिले, जहां बेहतर वातावरण के साथ शहर की सभी जरूरी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हों। आज अपने घर में रहकर वे अपने निर्णय से बेहद खुश और संतुष्ट हैं। मेहता कहते हैं, “मैंने करीब दो साल पहले डूमरतराई स्थित हिमालयन हाइट्स में अपना घर बुक कराया था और आज यहां रहकर अपने फैसले से बहुत संतुष्ट हूं। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्रीमियम लोकेशन है।” रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और मॉल तक आसान पहुंच बनी बड़ी सुविधा मेहता के अनुसार हिमालयन हाइट्स की सबसे बड़ी विशेषता इसकी लोकेशन और बेहतर कनेक्टिविटी है। यहां से रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, मुख्य सड़क और शॉपिंग मॉल तक पहुंच आसान है। इससे रोजमर्रा के कामकाज, आवागमन और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी सुविधा मिलती है। उनका कहना है कि आवास खरीदते समय केवल मकान की कीमत ही महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि आसपास उपलब्ध सुविधाएं और शहर से उसकी कनेक्टिविटी भी मायने रखती है। हिमालयन हाइट्स इन अपेक्षाओं पर खरा उतरता है। “निजी बिल्डरों की परियोजनाओं से किसी भी तरह कम नहीं है हिमालयन हाइट्स” छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की आवासीय परियोजना के प्रति अपना भरोसा व्यक्त करते हुए मेहता कहते हैं, “मेरे अनुभव में यह परियोजना निजी बिल्डरों की परियोजनाओं से किसी भी तरह कम नहीं है। अच्छी लोकेशन पर किफायती दर में अपना घर मिलना हमारे लिए बहुत खुशी की बात है।” उनका यह अनुभव दर्शाता है कि शासकीय आवासीय परियोजनाएं भी बेहतर लोकेशन, सुविधाओं और किफायती दरों के कारण नागरिकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकती हैं। अपने घर का सपना पूरा होने पर जताया सरकार और हाउसिंग बोर्ड का आभार जितेंद्र मेहता ने अपने घर का सपना साकार होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने हमारे अपने घर के सपने को साकार किया है। इसके लिए मैं हाउसिंग बोर्ड और छत्तीसगढ़ सरकार का हृदय से धन्यवाद करता हूं।” गुणवत्तापूर्ण आवास के साथ बेहतर जीवन की दिशा में प्रयास मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा नागरिकों को बेहतर आवासीय विकल्प उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आवासीय परियोजनाओं में गुणवत्ता, किफायती दरों और सुविधाजनक लोकेशन को महत्व देकर अधिक से अधिक परिवारों के अपने घर के सपने को पूरा करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। डूमरतराई के हिमालयन हाइट्स में रहने वाले जितेंद्र मेहता की संतुष्टि इस बात का उदाहरण है कि अच्छी लोकेशन पर सुविधायुक्त आवास मिलने से परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। उनके लिए हिमालयन हाइट्स केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि वर्षों से संजोए अपने घर के सपने की सुखद परिणति है।

नगर पालिका एव त्रिस्तरीय पंचायत के आगामी आम/उप निर्वाचन माह दिसम्बर 2026 की तैयारियों को लेकर निर्वाचन आयुक्त ने संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक ली

नगर पालिका एव त्रिस्तरीय पंचायत के आगामी  आम/उप निर्वाचन माह दिसम्बर 2026 की तैयारियों को लेकर निर्वाचन आयुक्त ने संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक ली राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तैयारी की समीक्षा रायपुर  आयोग द्वारा स्थानीय निकायो के निर्वाचन के संबंध में निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी किया गया है, निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 30 नवम्बर 2026 को किया जायेगा। आगामी आम एवं उप निर्वाचन की तैयारियों के संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग में राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से रिक्त पदों, आरक्षण, परिसीमन की अद्यतन जानकारी ली, साथ ही निर्वाचन हेतु आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग सोनमणि बोरा, सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भीम सिंह, सचिव नगरीय प्रशासन अविनाश चंपावत, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती प्रियंका महोबिया उपस्थित रहे।     पंचायत निर्वाचन – सारंगढ़-बिलाईगढ़, कोरिया एवं कोंडागांव जिलों की 09 ग्राम पंचायतों में सरपंच तथा 126 पंच पदों का आम निर्वाचन प्रस्तावित हैं तथा जनपद पंचायत सदस्य का 01 रिक्त पद, सरपंच के 92 रिक्त पदों, पंच के 721 पदों के लिए उपनिर्वाचन कराया जाना है।      नगरीय निकाय निर्वाचन – नवगठित 02 नगर पंचायत तमनार, जिला रायगढ़ व नगर पंचायत बड़ी करेली, जिला धमतरी के साथ साथ नगरपालिक निगम भिलाई-चरौदा, रिसाली, जामुल एवं बिरगांव सहित ऐसे 15 नगरीय निकाय जिसमें आम निर्वाचन सम्पन्न कराया जाना है। इसके साथ ही एक अध्यक्ष पद (नगर पंचायत, बिलाईगढ़) एवं अलग-अलग निकायों के 06 वार्ड पार्षद का उप निर्वाचन भी कराया जाना है।     राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा सभी संबंधित विभागों एवं जिला प्रशासन को निर्वाचन से संबंधित समस्त तैयारियों को समन्वित रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि आयोग का उद्देश्य स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुचारू निर्वाचन सुनिश्चित करना है इसलिए निर्वाचन संबधी समस्त अपेक्षित कार्यवाही समय सीमा में पूर्ण कर ली जाए।

छत्तीसगढ़ में प्रधानपाठिका पर गंभीर आरोप, बेटे-बेटी की शिकायत पर हुई गिरफ्तारी

बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सरकारी स्कूल की प्रधानपाठिका को अपने ही बेटे और बेटी की शिकायत के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बच्चों ने अपनी मां पर शारीरिक प्रताड़ना, मारपीट और गंदी गालियां देने का आरोप लगाया था। मामले की जांच बाल कल्याण समिति द्वारा किए जाने के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक, शबाना बानो, ग्राम परसदा स्थित शासकीय स्कूल में प्रधानपाठिका के पद पर पदस्थ हैं। उनके बेटा और बेटी ने अपनी मां के खिलाफ शिकायत करते हुए लंबे समय से प्रताड़ित किए जाने की बात कही थी। बच्चों ने शिकायत में शारीरिक प्रताड़ना के साथ मारपीट और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए थे। शिकायत मिलने के बाद मामले को बाल कल्याण समिति के समक्ष रखा गया। समिति की जांच के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच और शिकायत के आधार पर बालोद कोतवाली पुलिस ने प्रधानपाठिका शबाना बानो को गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। 

प्रधान आरक्षक की पत्नी-बेटी हत्याकांड में बड़ा फैसला, 3 दोषियों को फांसी की सजा

सूरजपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर के चर्चित मां बेटी हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार दोषियों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को फांसी की सजा दी है। वहीं, चौथे आरोपी आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। पीड़ित पक्ष के वकील सुरेश कुमार शर्मा ने मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी का बताते हुए दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी। मामले में 29 सितंबर को कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद अब इस बहुचर्चित मामले में सजा का ऐलान हो गया है। घर में घुसकर मां-बेटी को बनाया था निशाना यह मामला अक्टूबर 2024 में सामने आया था। पुलिस विभाग में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और बेटी को आरोपियों ने उनके घर में निशाना बनाया था। आरोप के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी से पहले रेप किया गया। इसके बाद चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद जब उनका मन नहीं भारा तो उन दरिंदों ने बेटी के कपड़े उतारकर धारदार हथियार से उसकी भी हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों के शवों को घर से करीब पांच किलोमीटर दूर ले जाकर फेंक दिया गया था। अगले दिन दोनों के शव नग्न हालत में मिले थे। हेड कॉन्स्टेबल जब रात में ड्यूटी से घर लौटा तो घर के अंदर खून बिखरा मिला। पत्नी और बेटी वहां नहीं थीं। दीवारों और फर्श पर खून के निशान थे। इसके बाद उसने दोनों की तलाश शुरू की, लेकिन रातभर उनका पता नहीं चल सका। अगले दिन घर से करीब पांच किलोमीटर दूर दोनों के शव मिलने के बाद घटना का खुलासा हुआ। भाई से मारपीट को लेकर था विवाद मामले की पृष्ठभूमि में मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के भाई संदीप साहू से जुड़ा विवाद बताया गया था। 9 अक्टूबर 2024 की रात शहनाज अख्तर के जगराता कार्यक्रम के दौरान संदीप का नवापारा के कुछ युवकों से विवाद हुआ था। इसके दो दिन बाद पुलिस संदीप साहू को पकड़कर थाने ले गई थी। आरोप था कि वहां उसके साथ मारपीट की गई। बताया गया था कि संदीप के खिलाफ पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। इसी घटना को लेकर कुलदीप नाराज था। जांच के दौरान सामने आए आरोपों के मुताबिक, कुलदीप ने अपने भाई के साथ मारपीट करने वालों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। जिस पुलिसकर्मी की पत्नी और बेटी की हत्या हुई, उससे भी कुलदीप का पुराना विवाद बताया गया था। पहले पुलिसकर्मी पर डाला था खौलता तेल वारदात से एक दिन पहले यानी 13 अक्टूबर 2024 की शाम कुलदीप साहू अपने साथियों आर्यन विश्वकर्मा, चंद्रकांत चौधरी और रिंकू सिंह के साथ सूरजपुर के पुराने बस स्टैंड में बैठा था। इसी दौरान आरक्षक घनश्याम सोनवानी की नजर कुलदीप पर पड़ी। जिला बदर किए गए कुलदीप को पकड़ने की कोशिश की गई तो आरोप है कि उसने आरक्षक पर खौलता हुआ तेल डाल दिया। इसके बाद वह तलवार से काट देने की धमकी देते हुए वहां से भाग गया। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर कुलदीप को पकड़ने के लिए हेड कॉन्स्टेबल भी निकले थे। आरोप है कि इस दौरान कुलदीप ने पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। धमकी के कुछ घंटे बाद घर पहुंचा था कुलदीप पुलिस के मुताबिक, शाम को पुलिसकर्मियों को धमकी देने और उनसे बचकर निकलने के बाद कुलदीप हेड कॉन्स्टेबल के घर पहुंचा। आरोप है कि वहां उसने हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी की चाकू मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसकी नाबालिग बेटी को भी निशाना बनाया गया। धारदार हथियार से उसकी हत्या करने के बाद दोनों शवों को घर से करीब पांच किलोमीटर दूर ले जाकर फेंक दिया गया।

जगदलपुर में ‘सहकार से समृद्धि’ का राष्ट्रीय मंथन, दूरदराज के क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने का संकल्प

बस्तर से सहकारिता का नया सूर्योदय जगदलपुर में सहकार से समृद्धि राष्ट्रीय वर्कशाॅप का शुभारंभ सहकार से समृद्धि के राष्ट्रीय विमर्श से दूरदराज के क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने का शंखनाद अंतिम छोर तक जनमानस को लाभ पहुंचाना ही सहकारिता की सार्थकता-सचिव सहकारिता भारत सरकार डाॅ. आशीष भूटानी रायपुर मां दंतेश्वरी की पावन धरा बस्तर जिले के जगदलपुर में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकार से समृद्धि वर्कशाॅप का भव्य शुभारंभ गुरुवार को हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आयोजित यह नौवां सम्मेलन ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि बस्तर में पहली बार किसी केंद्रीय मंत्रालय द्वारा इस स्तर का राष्ट्रीय विचार-मंथन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का मुख्य ध्येय सहकारिता आंदोलन के माध्यम से देश के सबसे दूरदराज, आकांक्षी और जनजातीय अंचलों के अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक समृद्धि और विकास का लाभ पहुंचाना है।         सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने रेखांकित किया कि सहकारिता की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर अंतिम छोर तक दिखाई दे। असम में शांति बहाली के बाद आई विकास की गति का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ठीक वैसा ही सकारात्मक और अभूतपूर्व बदलाव आज बस्तर की धरती पर भी महसूस किया जा रहा है। प्राथमिक कृषि साख समितियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी बताते हुए उन्होंने देश भर में दो लाख नई बहुउद्देशीय पैक्स की स्थापना, उनके पूर्ण डिजिटलीकरण, कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में रूपांतरण और विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना को तेजी से लागू करने की आवश्यकता जताई। इसके साथ ही उन्होंने नाबार्ड, एनसीडीसी और एनडीडीबी जैसी शीर्ष संस्थाओं के सहयोग से पैक्स के विविधीकरण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने और सहकारी बैंकिंग व्यवस्था के पारदर्शी व सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन पर विशेष बल दिया।          छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकास शील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ते हुए सहकारिता को केवल पारंपरिक खाद व ऋण वितरण तक सीमित न रखकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विविधीकरण, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन का सशक्त माध्यम बनाने का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 500 से अधिक नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियों का गठन हो चुका है और डेयरी, मत्स्य पालन तथा लघु वनोपज के क्षेत्रों में भी इसी तर्ज पर तेजी से कार्य जारी है। इन समितियों को डिजिटल करने के साथ-साथ माइक्रो-एटीएम और सीएससी सुविधाओं से लैस किया गया है, जिससे ग्रामीण आबादी को नागरिक सेवाएं मिलने के साथ समितियों की आय भी बढ़ी है। औद्योगिक विस्तार की चर्चा करते हुए उन्होंने कोंडागांव के मक्का आधारित और कवर्धा के गन्ना आधारित एथेनॉल संयंत्रों का उल्लेख किया और कहा कि गुजरात व महाराष्ट्र के सफल मॉडलों की तरह इकोनॉमिक्स ऑफ स्केल हासिल करने के लिए नेफेड, एनसीसीएफ और बीबीएसएसएल जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सप्लाई चेन को मजबूत किया जा रहा है।       सम्मेलन में अन्य राज्यों के अनुभवों को साझा करते हुए तमिलनाडु की अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता पी. अमुधा ने बताया कि उनके राज्य ने केंद्र के दिशा-निर्देशों के आधार पर एक, तीन और पांच वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट तथा विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर उन्हें जमीन पर उतारा है। तमिलनाडु का सहकारी तंत्र राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर प्राथमिक समितियों के उत्पादों को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बाजार उपलब्ध करा रहा है।      सत्र के शुभारंभ पर छत्तीसगढ़ के सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने बस्तर के जीवट और अदम्य इच्छाशक्ति का प्रभावशाली खाका खींचा। उन्होंने साझा किया कि मात्र पंद्रह दिन पहले ही यह पूरा क्षेत्र भारी जलभराव से जूझ रहा था और सम्मेलन का सभागार भी कई दिनों तक पानी में डूबा रहा, लेकिन जिला प्रशासन और पूरी टीम ने इस प्राकृतिक आपदा को चुनौती मानकर बहुत कम समय में परिसर का कायाकल्प कर इसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए तैयार कर दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि अतीत के संघर्षों को पीछे छोड़कर बस्तर अब विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ रहा है और यहां सहकारिता के क्षेत्र में मौजूद अपार संभावनाएं स्थानीय आजीविका को नई ऊंचाई देंगी। सम्मेलन के शुरूआत में देश में सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को लघु फिल्म के द्वारा प्रदर्शित किया गया। साथ ही सम्मेलन स्थल पर विभिन्न सहकारी समितियों एवं संस्थाओं द्वारा अपने उत्पादों से संबंधित स्टाॅल लगाया गया है। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के अधिकारियों द्वारा अपने अनुभव साझा करने सहित सहकारिता के क्षेत्र में नवोन्मेषी प्रयासों के बारे में अवगत कराया जाएगा।          बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, कलेक्टर आकाश छिकारा, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न राज्यों के सहकारिता सचिवों और पंजीयकों तथा विभिन्न सहकारी संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में शुरू हुआ यह दो दिवसीय मंथन देश भर में सहकार से समृद्धि के राष्ट्रीय संकल्प को नई गति और दिशा प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।

बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर दें विशेष ध्यान, वन मंत्री केदार कश्यप ने दिया संदेश

बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर दें विशेष ध्यान- वन मंत्री केदार कश्यप आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं से किया संवाद, कुपोषण से बचाव के लिए जागरूकता पर दिया जोर रायपुर,   वन मंत्री केदार कश्यप ने गुरुवार को कोंडागांव जिले के गोलावंड स्थित स्कूलपारा आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं से संवाद किया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पोषण एवं कुपोषण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान देने तथा पालकों को कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। बच्चों से किया, महिलाओं के पोषण पर विशेष फोकस के निर्देश वन मंत्री कश्यप ने बच्चों से बातचीत कर उनकी सीखने की क्षमता परखी। जहां बच्चों ने चित्रों के माध्यम से फल, पशु-पक्षियों और विभिन्न वस्तुओं की पहचान की। मंत्री ने उनका उत्साह बढ़ाते हुए फल और चॉकलेट वितरित किए। उन्होंने महिलाओं को बच्चों के संतुलित आहार और गर्भावस्था में उचित पोषण की सलाह दी। इस दौरान पांच गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और तीन बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार हुआ। सेवाभाव के लिए छह आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-मितानिन का सम्मान मंत्री कश्यप ने आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं और साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने केंद्र को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन सहायिका सहित छह महिलाओं को उनके सेवाभाव और योगदान के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता सोरी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती अनिता कोर्राम सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ होम गार्ड्स, फायर और SDRF जवानों के लिए Bank of Baroda की बड़ी सौगात, मिलेंगे आकर्षक सैलरी बेनिफिट्स

छत्तीसगढ़ होम गार्ड्स, फायर और एसडीआरएफ के जवानों के लिए बैंक ऑफ़ बड़ौदा लाया आकर्षक सैलरी बेनिफिट्स रायपुर  नगर सेना, अग्निशमन, आपातकालीन सेवाएँ एवम् SDRF छत्तीसगढ़ और बैंक आफ बड़ौदा के मध्य 6 अक्टूबर 2026 को MOU संपादित किया गया है । इसमें विभाग के समस्त ऐसे निम्न आय वर्ग के स्वयंसेवकों एवम् कर्मचारियों,  जिन्हें 10 हजार से 50 हजार के मध्य वेतन/मानदेय वेतन प्राप्त होता है, के लिए जीवन बीमा, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना एवम् अन्य सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित किया गया है। इससे लाभान्वित होने वाले कर्मचारी/स्वयंसेवक अपना वेतन एकाउण्ट (खाता) बैंक आफ बड़ौदा के अपने जिला शाखा में खुलवा सकते हैं। सभी इकाई प्रमुखों को बैंक से समन्वय स्थापित कर उक्त कार्यवाही को शीघ्र पूर्ण करने निर्देशित किया गया है।     छत्तीसगढ़ राज्य के होमगार्ड, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं) तथा एसडीआरएफ (SDRF) विभाग के कर्मचारियों और जवानों के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) द्वारा विशेष वेतन लाभ (Salary Benefits) की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत जवानों और उनके परिवारों को कई बेहतरीन वित्तीय और बीमा सुरक्षा लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। प्रमुख विशेषताएँ एवं मिलने वाले लाभ             छत्तीसगढ़ राज्य के होमगार्ड, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं) तथा एसडीआरएफ (SDRF) विभाग के कर्मचारियों और जवानों को 1 लाख तक का जीवन बीमा कवर, 40 लाख तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा,  40 लाख तक का हवाई दुर्घटना बीमा कवर, ड्यूटी के दौरान अतिरिक्त कवर- मूल व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा (PAI) का 25% अतिरिक्त कवर (10 लाख तक), दिव्यांगता लाभ- पूर्ण/स्थायी विकलांगता पर 40 लाख तक और आंशिक विकलांगता पर 30 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। परिवार और बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाएं             राज्य के होमगार्ड, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं) तथा एसडीआरएफ (SDRF) विभाग के कर्मचारियों और जवानों  के पुत्री की विवाह के लिए 4 लाख तक की सहायता, बच्चों की शिक्षा के लिए 4 लाख तक का लाभ दिया जाएगा। खाता और कार्ड की विशेषताएं          राज्य के होमगार्ड, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं) तथा एसडीआरएफ (SDRF) विभाग के कर्मचारियों और जवानों  को  जीरो बैलेंस (Zero Balance) तिमाही औसत शेष (QAB) की सुविधा, लाइफटाइम फ्री रुपे प्लेटिनम डेबिट कार्ड (Rupay Platinum Debit Card) और सिलेक्ट वेरिएंट का मुफ्त क्रेडिट कार्ड प्रदाय किया जाएगा। उनके   परिवार के लिए 4 खातों तक और जीवनसाथी (पति-पत्नी) के खाते के लिए जीरो बैलेंस के साथ मुफ्त रुपे डेबिट कार्ड की सुविधा के अलावा अन्य बैंकिंग सुविधाएं में मुफ्त चेक बुक, डिमांड ड्राफ्ट (DD), आरटीजीएस (RTGS), नेफ्ट (NEFT) और एटीएम का असीमित उपयोग पूरी तरह नि:शुल्क है।           बैंक ऑफ़ बड़ौदा की इस पहल से राज्य की सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं में अपनी सेवाएं दे रहे इन जवानों और उनके परिवारों को बड़ी आर्थिक मजबूती और सहूलियतें प्राप्त होंगी।

अश्विनी वैष्णव के दौरे से पहले रायपुर में सख्ती, ठेले-गुमठियां बंद; ओवरब्रिज का बदला नजारा

रायपुर. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के रायपुर दौरे में बदलाव किया गया है। अब वे 12 अक्टूबर को रायपुर पहुंचेंगे। पहले रेल मंत्री के 9 अक्टूबर को रायपुर आने का कार्यक्रम था। अपने दौरे के दौरान वे रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के 42वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे। रेल मंत्री के दौरे को लेकर रेलवे प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। हर दिन परेड की रिहर्सल कराई जा रही है। वहीं रायपुर रेलवे स्टेशन से लेकर आयोजन स्थल तक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारियों की टीम लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रही है, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की कमी न रहे। स्टेशन पर भी चल रहा निर्माण कार्य रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर नए फुटओवर ब्रिज के लिए लिफ्ट लगाने का काम तेजी से चल रहा है। प्लेटफॉर्म की तरफ क्रेन के जरिए काम किए जाने के कारण यात्रियों के आने-जाने की जगह प्रभावित हुई है। ट्रेन आने के समय यात्रियों की भीड़ पर थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुमटियों-ठेलों को भी कराया गया बंद वहीं खमतराई ब्रिज के दोनों तरफ पर्दादारी की गई है। गुमटियों और ठेलों को भी बंद करवाया गया है। DRM कार्यालय से लेकर आयोजन स्थल तक साज-सज्जा का काम चल रहा है। खमतराई ओवरब्रिज के दोनों ओर रंगीन पर्दे लगाने के लिए बांस-बल्लियां लगाई गई हैं। रेलवे इंस्टीट्यूट के बाजू से रेल मंत्री के मंच तक मैदान में सीसी रोड का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा ग्राउंड के चारों ओर मुरम की सड़कें बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है। RPF स्थापना दिवस को यादगार बनाने की तैयारी रेल मंत्री के दौरे के दौरान उन्हें RPF जवानों की परेड और रिहर्सल का निरीक्षण करना है। ऐसे में रेलवे सुरक्षा बल के 42वें स्थापना दिवस समारोह को यादगार बनाने तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शहर में RPF की बैंड पार्टी दे रही प्रस्तुतियां शहर के अलग-अलग स्थानों पर RPF की बैंड पार्टी भी प्रस्तुतियां दे रही है। मंगलवार को भाठागांव बस स्टैंड में RPF बैंड ने लोकप्रिय और देशभक्ति गीतों की मधुर धुनें प्रस्तुत कीं। बैंड की प्रस्तुति सुनकर बड़ी संख्या में लोग रुक गए और जवानों की प्रस्तुति को देखते नजर आए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जारी की महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त, 67.38 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में पहुंचे ₹632.40 करोड़

मातृशक्ति के सम्मान और स्वावलंबन का मजबूत आधार बनी महतारी वंदन योजना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जारी की महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त, 67.38 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में पहुंचे ₹632.40 करोड़ महतारी वंदन योजना के माध्यम से अब तक माताओं-बहनों को ₹20,708 करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग की 3.89 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में अंतरित किए ₹37.19 करोड़ मातृशक्ति के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य देकर परिवार और प्रदेश को सशक्त बना रही हमारी सरकार: मुख्यमंत्री साय दुर्ग जिले को ₹218.48 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगी नई गति 23 विकास कार्यों का भूमिपूजन, आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण रायपुर  छत्तीसगढ़ की लाखों माताओं-बहनों के आर्थिक स्वावलंबन, आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत कर रही महतारी वंदन योजना ने आज एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग जिले में आयोजित कार्यक्रम में योजना की 32वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 632 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत माताओं-बहनों को अब तक दी गई आर्थिक सहायता की राशि 20708 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि मातृशक्ति का सम्मान और उनका आर्थिक सशक्तीकरण हमारी सरकार के लिए केवल एक योजना या कार्यक्रम नहीं, बल्कि सुशासन की प्रमुख प्राथमिकता है। हमारा विश्वास है कि जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। बच्चों की शिक्षा और पोषण से लेकर परिवार के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े निर्णयों तक उसकी भागीदारी और मजबूत होती है। इसलिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से सरकार माताओं-बहनों के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य देकर उन्हें अपने निर्णय स्वयं लेने का आत्मविश्वास दे रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नारीशक्ति को विकास की धुरी बनाते हुए महिला सशक्तीकरण को नई दिशा दी है। उनके नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए अनेक ऐतिहासिक पहल हुई हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के अनुरूप माताओं-बहनों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना इसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है। प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि लाखों महिलाओं के लिए अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक आवश्यकताओं को पूरा करने का भरोसेमंद आर्थिक आधार बनी है। कोई बहन इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई में कर रही है, कोई पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में, तो कोई अपनी छोटी-छोटी बचत और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में इसका उपयोग कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन की राशि केवल बैंक खातों में पहुंचने वाली आर्थिक सहायता नहीं है। यह माताओं-बहनों के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन को नई शक्ति देने वाली राशि है। हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की माताएं-बहनें न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हों, बल्कि परिवार और समाज के निर्णयों में उनकी भागीदारी भी निरंतर बढ़े। हर महीने सीधे माताओं-बहनों के खाते में पहुंच रहा आर्थिक संबल प्रदेश में 1 मार्च 2024 से प्रभावी महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। योजना की शुरुआत से सितंबर 2026 तक 31 किस्तों में महिलाओं को 20075 करोड़ 76 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी थी। मुख्यमंत्री साय द्वारा आज जारी 32वीं किस्त में प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 632 करोड़ 40 लाख 4 हजार 250 रुपये की राशि अंतरित की गई। इस प्रकार योजना के अंतर्गत माताओं-बहनों को अब तक 20708 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचने से उन्हें नियमित आर्थिक संबल मिल रहा है। यह व्यवस्था पारदर्शिता के साथ महिलाओं को अपने संसाधनों पर सीधा अधिकार भी प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के जीवन में खुशहाली लाना और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के साथ उनके स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कौशल और आजीविका के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि एक महिला सशक्त होती है तो उसका परिवार सशक्त होता है और जब प्रदेश की लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं तो पूरा समाज और राज्य विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ता है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। दुर्ग की 3.89 लाख से अधिक माताओं-बहनों को मिले ₹37.19 करोड़ महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त से दुर्ग जिले की 3 लाख 89 हजार 507 पात्र महिलाओं को भी सीधा लाभ मिला। मुख्यमंत्री साय ने जिले की इन माताओं-बहनों के बैंक खातों में 37 करोड़ 19 लाख 10 हजार 250 रुपये की राशि अंतरित की। नियमित रूप से मिलने वाली यह आर्थिक सहायता महिलाओं को घरेलू आवश्यकताओं के साथ स्वयं की जरूरतों को पूरा करने की स्वतंत्रता दे रही है। इससे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका और निर्णय क्षमता भी मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार चाहती है कि छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। उनके सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में सरकार सहभागी बने। महिला सशक्तीकरण हमारे लिए केवल आर्थिक सहायता तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि उनके जीवन में सम्मान, अवसर और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने का व्यापक संकल्प है। मातृशक्ति के सशक्तीकरण के साथ दुर्ग के विकास को ₹218.48 करोड़ की नई गति कार्यक्रम में एक ओर प्रदेश की लाखों माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना के माध्यम से आर्थिक संबल मिला, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग जिले के समग्र विकास के लिए 218 करोड़ 48 लाख 29 हजार रुपये की लागत के विकास कार्यों की सौगात दी। … Read more