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मुख्यमंत्री साय ने दिखाई संवेदना, जनदर्शन में श्रवण बाधित रमन को दी त्वरित मदद

रायपुर संवेदनशीलता और जनसेवा का एक और उदाहरण पेश करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में रायपुर निवासी रमन निर्मलकर को श्रवण यंत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री की इस त्वरित पहल ने एक व्यक्ति की जिंदगी बदल दी रमन ने भावुक होकर कहा, “अब फिर से सुन पा रहा हूं।” ब्राह्मणपारा वार्ड निवासी रमन निर्मलकर लंबे समय से श्रवण समस्या से जूझ रहे थे। कुछ महीनों पहले उनकी सुनने की क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे श्रवण यंत्र खरीदने में असमर्थ थे। ऐसे में जब वे मुख्यमंत्री जनदर्शन में पहुंचे और अपनी समस्या बताई, तो मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिना किसी देरी के तुरंत श्रवण यंत्र दिलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की पहल के बाद मौके पर ही उन्हें नया श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। यंत्र लगाने के कुछ ही क्षण बाद रमन की आंखों में खुशी के आंसू झलक उठे। उन्होंने मुख्यमंत्री साय का आभार जताते हुए कहा, “मुख्यमंत्री जी ने मेरी परेशानी को दिल से समझा। आज मैं फिर से सुन पा रहा हूं, यह मेरे लिए नई जिंदगी की शुरुआत है। उनका दिल से धन्यवाद करता हूं।” गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा जनदर्शन में आमजन की समस्याओं पर तुरंत संज्ञान लेकर सहायता प्रदान करने की यह पहल जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता की सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि जनदर्शन में आने वाले आम नागरिकों की समस्याओं को मुख्यमंत्री स्वयं सुनते हैं और संबंधित विभागों को तत्काल समाधान के निर्देश देते हैं।

सूरजपुर के नन्हे वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि: चार मॉडल राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के लिए चुने गए

विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत विषय पर आधारित है यह कार्यक्रम रायपुर, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली के आदेशानुसार प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बच्चों के लिए जोन स्तरीय राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, पश्चिम भारत विज्ञान मेला एवं विज्ञान नाटिका प्रतियोगिताओं का आयोजन शा.बहु.उ.मा.वि. अंबिकापुर जिला सरगुजा में संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में सूरजपुर जिले के चार विद्यार्थियों का बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में राज्य स्तर के लिए चयन हुआ है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ के 9 जोन के प्रतिभागियों का राज्य स्तरीय कार्यक्रम जशपुर जिले के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय जयपुर में 12 सितंबर 2025 से 15 सितंबर 2025 तक आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम का विषय विकसित और आत्मनिर्भर भारत है, जिसके अंतर्गत सात उप विषय सतत कृषि, अपशिष्ट प्रबंधन और प्लास्टिक के विकल्प, हरित ऊर्जा, उभरती हुई प्रौद्योगिकी, मनोरंजक गणितीय मॉडलिंग, स्वास्थ्य और स्वच्छता एवं जल संरक्षण और प्रबंधन है। इस प्रतियोगिता में शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामानुजनगर के छात्र अविनाश सिंह (कक्षा 12वीं) और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कारवां की छात्रा गीता सिंह (कक्षा 12वीं) का स्वास्थ्य और स्वच्छता पर प्रादर्श बनाने के लिए, नवल साय (कक्षा 10वीं) का सतत कृषि के लिए प्रादर्श बनाने एवं सेजेस जयनगर के छात्र मोहम्मद आसिफ अंसारी (कक्षा 8वीं) का उभरती हुई प्रौद्योगिकी के लिए प्रादर्श बनाकर प्रस्तुति दी गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए विचारों को तलाशने और विकसित करने के लिए प्रेरित करना है। यह मेला विकसित भारत तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर केंद्रित है जिसका लक्ष्य विद्यार्थियों के रचनात्मक सोच, संचार कौशल और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

सफल ऑपरेशन: सुरक्षाबलों ने कुख्यात माओवादी दंपती सहित 6 नक्सलियों को मार गिराया, 27 लाख का इनाम था घोषित

बीजापुर मंगलवार को नेशनल पार्क के जंगलों में हुए मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षाबलों ने 27 लाख रुपये के इनामी 6 कुख्यात माओवादियों को मार गिराया है। वहीं घटना स्थल से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और माओवादी सामग्री बरामद हुई है। इस नक्सल ऑपरेशन में मोस्ट वांटेड DVCM कन्ना और पापाराव की पत्नी उर्मिला के आतंक का अध्याय अब समाप्त हो गया है। जानकारी के अनुसार, DKSZCM पापाराव, मद्देड़ एरिया कमेटी इंचार्ज DVCM कन्ना ऊर्फ बुचन्ना, DVCM उर्मिला, DVCM मोहन कड़ती और पश्चिम बस्तर डिवीजन के 50-60 माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। यह मुठभेड़ कांदुलनार-कचलारम और गुज्जाकोंटा के जंगलों में हुई, जो सुबह 10 बजे से शुरू हुई और करीब शाम तक चली। बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि नेशनल पार्क क्षेत्र के कांदुलनार, कचलारम एवं गुज्जाकोंटा के जंगलों में SZCM पापाराव, मड्डेड़ एरिया कमेटी के इंचार्ज DVCM कन्ना ऊर्फ बुचन्ना, डीवीसीएम उर्मिला, DVCM मोहन कड़ती और पश्चिम बस्तर डिवीजन के 50-60 माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर सर्च अभियान शुरू किया गया। इस अभियान के दौरान 11 नवंबर 2025 की सुबह 10 बजे से डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा एवं एसटीएफ की संयुक्त टीमों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग जारी रही। सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से 6 माओवादियों के शव, ऑटोमैटिक हथियार (इंसास, 9एमएम कार्बाइन, .303 राइफल सहित), विस्फोटक सामग्री एवं माओवादी साहित्य बरामद हुआ। आज बीजापुर जिला मुख्यालय में पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी., पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय, पुलिस अधीक्षक एसटीएफ स्मृतिक राजनाला एवं उप महानिरीक्षक केआरपीएफ ऑप्स राकेश चौधरी ने नेशनल पार्क एरिया में संचालित अभियान और मुठभेड़ के संबंध में जानकारी दी। मुठभेड़ में बरामद शव की पहचान DVCM कन्ना उर्फ बुचन्ना – उम्र 35 वर्ष, गुडडीपाल थाना, मोदकपाल जिला बीजापुर। मद्देड़ एरिया कमेटी का प्रभारी। इनाम 8 लाख रुपये। कई नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड, जिसमें ग्रामीणों की हत्या, IED ब्लास्ट, आगजनी, डकैती, मोबाइल टावर जलाना और शिक्षादूतों का अपहरण शामिल है।     DVCM कन्ना उर्फ बुचन्ना, उम्र 35 वर्ष, निवासी गुडडीपाल, थाना मोदकपाल, जिला बीजापुर। पदनाम: डीव्हीसीएम, प्रभारी मद्देड़ एरिया कमेटी। इसपर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। कन्ना उर्फ बुचन्ना माओवादियों के बड़े कैडर में शामिल था और कई नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड रहा। पिछले एक दशक में उसने पुलिस, आम नागरिक और विकास कार्यों को निशाना बनाने वाली कई घटनाओं को अंजाम दिया। उसके खिलाफ बीजापुर जिले के विभिन्न थानों में 42 आपराधिक मामले और 18 स्थायी वारंट लंबित हैं। DVCM कन्ना ऊर्फ बुचन्ना ऊर्फ बुचन्ना कुड़ियम के खिलाफ दर्ज प्रमुख घटनाएं कैंप अटैक – जुलाई 2008 में कोंगुपल्ली पुलिस पोस्ट और जनवरी 2016 में नुकनपाल कैम्प हमला में शामिल, जो सुरक्षाबलों की तत्परता से असफल रही। ग्रामीणों की हत्या – पुलिस मुखबिरी के संदेह में 20 से ज्यादा ग्रामीणों की हत्या में शामिल, जिनमें वर्ष 2016 में ग्राम पंचायत चिन्नाकोडेपाल के उपसरपंच की हत्या भी शामिल है। IED ब्लास्ट – कुल छह आईईडी विस्फोटों का मुख्य योजनाकार था । नवंबर 2017 में थाना भद्रकाली क्षेत्र में हुए एक विस्फोट में आरक्षक संतोष यादव शहीद हुए थे। आगजनी – फरवरी 2018 में कांकेर रोडवेज़ की यात्री बस सहित चार वाहनों को आग लगाने की घटनाओं का मास्टरमाइंड था। डकैती – दिसंबर 2024 में थाना फरसेगढ़ क्षेत्र के ग्राम गुज्जाकोंटा में डकैती की वारदात को अंजाम दिया। मोबाइल टावर जलाना – चिन्नाकवाली (अप्रैल 2025), आदेड़ (मई 2024) और कांदुलनार (जून 2025) में संचार टावर जलाने की घटनाओं का संचालन किया, ताकि जनता के संपर्क तंत्र को बाधित किया जा सके। शिक्षादूतों का अपहरण और हत्या – वर्ष 2025 में नेशनल पार्क एरिया में पील्लूर एवं टेकामेटा के दो शिक्षादूतो का अपहरण कर हत्या करने की घटना में शामिल था। कन्ना उर्फ बुचन्ना की मौत से क्षेत्र में फैले आतंक का लंबा अध्याय समाप्त हुआ। घटनास्थल से बरामद दस्तावेज़ और डिजिटल सामग्री से पता चलता है कि उसका अर्बन नेटवर्क से गहरा संबंध था। पुलिस अब इस नेटवर्क के तार खंगालने में जुटी है।     DVCM उर्मिला, पत्नी पापाराव (DKSZCM), निवासी चिंतलनार, जिला सुकमा। पदनाम: सचिव, पामेड़ एरिया कमेटी। इसपर 8 लाख रुपये का इनाम था। उर्मिला मोस्ट वांटेड माओवादी कैडर थी और पापाराव की पत्नी थी। वह पामेड़ एरिया कमेटी की सचिव थी और संगठन की सबसे हिंसक एरिया कमेटियों में सक्रिय रही। उसने माओवादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार किया और PLGA बटालियन की रसद व्यवस्था संभाली। उसकी मौत से पामेड़ एरिया कमेटी और संगठन की आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा।     ACM जगत तामो उर्फ मोटू, निवासी फुल्लोड़, थाना जांगला, जिला बीजापुर। पदनाम: एसीएम, मद्देड़ एरिया कमेटी। 5 लाख रुपये का इनाम था।     PM देवे, निवासी मीनागट्टा, थाना पामेड़, जिला बीजापुर। पदनाम: पार्टी सदस्य, पामेड़ एरिया कमेटी। 2 लाख रुपये का इनाम।     PM भगत, निवासी भैरमगढ़, जिला बीजापुर। पदनाम: पार्टी सदस्य, मद्देड़ एरिया कमेटी। 2 लाख रुपये का इनाम ।     PM मंगली ओयाम, निवासी पेद्दोजोजेर, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर। पदनाम: पार्टी सदस्य। 2 लाख रुपये का इनाम। मुठभेड़ स्थल से बरामद सामग्री     2 नग इंसास रायफल,05 मैग्जीन, 68 कारतूस     1 नग 9mm काबाईन, 03 मैग्जीन, 22 कारतूस     1 नग .303 रायफल, 01 मैग्जीन 13 कारतूस     1 नग Single Shot Rifle,     1 नग 12 बोर बंदूक, 08 कारतूस     रेडियो, स्केनर, मल्टीमीटर, हेण्ड ग्रेनेड,सेफ्टी फ्यूज, माओवादी साहित्य, पोच, माओवादी वर्दी, मेडिकल सामग्री एवं अन्य सामग्री जनवरी 2024 से अब तक कुल 202 माओवादी ढेर पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में हुए अलग-अलग मुठभेड़ों में 144 माओवादी को मार गिराने में सुरक्षा बलों को सफलता मिली है । वही अलग अलग थाना क्षेत्रों में चलाये गये अभियान में 499 माओवादी गिरफ्तार हुए एवं 560 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया । जनवरी 2024 से अब तक जिले में चलाए गए माओवादी विरोधी अभियान में कुल 202 माओवादी मारे गए, 1002 माओवादी गिरफ्तार हुए और 749 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए।

पेंटर शिवकुमार निराला ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भेंट किया विशिष्ट ‘राजनीतिक मानचित्र’

मुख्यमंत्री ने की सराहना, रचनात्मक प्रतिभा का किया सम्मान रायपुर, मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के ग्राम चकरदा निवासी पेंटर श्री शिवकुमार निराला ने अनूठा ‘राजनीतिक मानचित्र’ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भेंट किया। उनकी इस अद्वितीय कला प्रस्तुति ने कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बढ़ा दिया। श्री निराला द्वारा तैयार यह सचित्र मानचित्र छत्तीसगढ़ की सम्पूर्ण राजनीतिक यात्रा का विस्तृत और कलात्मक दस्तावेज है। इसमें राज्य के लोकसभा एवं विधानसभा सदस्यों, मंत्रिमंडल की रूपरेखा, संसदीय क्षेत्रवार विवरण तथा वर्ष 1998 से अब तक हुए सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों का तुलनात्मक विश्लेषण सुव्यवस्थित रूप से दर्शाया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जीत के अंतर, राजनीतिक दलवार जनप्रतिनिधियों का क्रम तथा सीटों के ऐतिहासिक बदलाव को भी कलात्मक शैली में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस रचनात्मक मानचित्र की सराहना करते हुए कहा कि “श्री शिवकुमार निराला ने आंकड़ों और तथ्यों को इतनी सहज, सुंदर और विश्लेषणात्मक शैली में प्रस्तुत किया है कि यह कला-कृति राजनीति के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों—सभी के लिए उपयोगी दस्तावेज बन जाती है।” मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिभा को सम्मानित करते हुए उन्हें पुरस्कृत भी किया।

छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता: सुरक्षाबलों ने 6 नक्सलियों को किया ढेर, एक पर था 8 लाख का इनाम

रायपुर बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिज़र्व गार्ड (DRG) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के दौरान छह नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए। इसमें ₹8 लाख का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना भी शामिल है, जो लंबे समय से इस क्षेत्र में हिंसा, भय और नक्सल गतिविधियों को संचालित कर रहा था। सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरी सराहना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की इस सफलता की सराहना करते हुए एक्स पर लिखा – बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के दौरान छह माओवादी न्यूट्रलाइज हुए हैं। इसमें आठ लाख रुपये का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना भी शामिल है। जिसके न्यूट्रलाइज होने से इस क्षेत्र में फैले माओवादी आतंक के एक लंबे अध्याय का अंत हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की इस सफलता की सराहना करते हुए एक्स पर लिखा – यह उपलब्धि पुलिस बलों के उत्कृष्ट समन्वय, साहस और सटीक रणनीति का परिणाम है। लाल आतंक के समूल नाश की दिशा में यह कार्रवाई एक निर्णायक पड़ाव है। उन्होंने कहा- छत्तीसगढ़ सरकार, यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में, 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के संकल्प के साथ इस मिशन को पूरे समर्पण और प्रतिबद्धता से आगे बढ़ा रही है। राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां एकजुट होकर इस लड़ाई को निर्णायक अंत तक ले जाएंगी।

बढ़ती ठिठुरन ने बढ़ाई चिंता: मौसम विभाग ने रायपुर सहित कई इलाकों में दी चेतावनी

रायपुर छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर, पेण्ड्रारोड, राजनांदगांव, दुर्ग शीत लहर की चपेट में है. उत्तर से आ रही ठंडी और शुष्क हवाओं से मौसम का मिजाज बदला हुआ है. मौसम विभाग ने आज उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में शीत लहर चलने की संभावना जताई है. पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान जगदलपुर में 30.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. इसी के साथ ही सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 7.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. इन इलाकों में शीतलहर की चेतावनी प्रदेश के जशपुर, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर और कोरबा में एक दो पॉकेट में शीत लहर चलने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि प्रदेश में उत्तर से ठंडी और शुष्क हवाओं का आगमन लगातार जारी है. इसके कारण प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट के साथ विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है. सरगुजा संभाग और उससे लगे जिले, राजनांदगांव और दुर्ग जिलों में एक दो पैकेट्स में शीत लहर की स्थिति बनी रहेगी. वहीं 17 नवंबर से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ में ठंड से कुछ राहत मिलने की सम्भावना बन रही है. प्रदेश में आज मौसम शुष्क रहने की संभावना है. इसके अलावा अगले एक सप्ताह तक वर्षा की सम्भावना नहीं है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम? राजधानी रायपुर मैं आज आकाश साफ रहने की संभावना बताई गई है. वही अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: कर्मचारी नगर विद्युत उपकेंद्र की क्षमता बढ़ी

दुर्ग छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड दुर्ग क्षेत्र ने मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के तहत जवाहर नगर जोन के अंतर्गत 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेंद्र(सबस्टेशन) कर्मचारी नगर की क्षमता मंे महत्वपूर्ण वृद्धि की है। उपकेंद्र में 65.99 लाख रुपये की लागत से 3.15 एमवीए का एक अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है, जिसे 12 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया। इस अतिरिक्त ट्रांसफार्मर के लगने से उपकेंद्र की कुल क्षमता 10 एमवीए से बढ़कर 13.15 एमवीए हो गई है। उक्त कार्य उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले लगभग 4000 उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेलवाल ने बताया कि पूर्व में सबस्टेशन में स्थापित 05 एमवीए के दोनों ट्रांसफार्मर अक्सर ओवरलोड हो जाते थे, जिसके कारण लो वोल्टेज और लोड षेडिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर लगने से अब इन समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी और विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ होगी। क्षमता वृद्धि से आईएचएसडीपी कॉलोनी, जयंती नगर, साईं नगर, सिकोला भाटा, सिकोला बस्ती, मुखर्जी नगर, प्रेम नगर, विजय नगर, मोहन नगर, करहीडीह एवं रांका के लगभग 4000 उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। श्री खंडेलवाल ने इस महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए अधीक्षण अभियंता षहर वृत्त श्री जे.जगन्नाथ प्रसाद, कार्यपालन अभियंता एस.के.रॉय एवं श्री आर.के.दानी सहित सहायक अभियंताओं श्रीमती मोनिका नायर, श्रीमती रुचि सैलेट, श्री राजेन्द्र गिरी गोस्वामी, श्री ढालेश्वर साहू एवं श्री महेन्द्र कुमार साहू तथा उनकी पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि पॉवर कंपनी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाने के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहें हैं।

नवीन तालाब बना गांव की जीवनधारा

राधारमण नगर के ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान रायपुर, ग्राम पंचायत सोनवर्षा के ग्राम राधारमणनगर के ग्रामीणों के लिए नया तालाब किसी वरदान से कम नहीं है। कभी जहां गर्मियों में बूंद-बूंद पानी के लिए लोगों को मीलों पैदल चलना पड़ता था, वहीं आज यह तालाब ग्रामीणों की प्यास बुझाने के साथ-साथ खेती और आजीविका का आधार बन चुका है। यह परिवर्तन संभव हुआ है महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत कराए गए नवीन तालाब निर्माण कार्य से, जिसकी लागत 12.80 लाख रुपए रही। जल संकट से जूझते गांव में जल जीवन का नया अध्याय राधारमणनगर गांव लंबे समय से पानी की गंभीर समस्या से गुजर रहा था। यहां का भूमिगत जल स्तर लगभग 450 फीट से नीचे चला गया था, जिससे हैंडपंप सूख जाते थे और गर्मियों में ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता था। ऐसे में ग्राम पंचायत सोनवर्षा द्वारा खदान के पास जल संरक्षण और संचयन के उद्देश्य से नया तालाब बनवाया गया। यह तालाब अब वर्षा जल को सुरक्षित रखता है और साल भर ग्रामीणों के उपयोग के लिए जल उपलब्ध कराता है। तकनीकी दृष्टि से मजबूत निर्माण – हर बूंद का संरक्षण तालाब निर्माण के दौरान तकनीकी पहलुओं का विशेष ध्यान रखा गया। इसके बांध की चौड़ाई और ऊंचाई को इस तरह मापा गया कि वर्षा का पानी सुरक्षित रूप से जमा रहे और बांध को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। साथ ही, तालाब की गहराई को अधिक रखा गया ताकि जल लंबे समय तक टिक सके। कार्य का क्रियान्वयन पूरी तरह महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत के मार्गदर्शन में किया गया, जिससे न केवल जल संरक्षण हुआ बल्कि निर्माण के दौरान ग्रामीणों को रोजगार भी मिला। परिवर्तन की दिशा में मील का पत्थर तालाब निर्माण के बाद गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पहले जहां खेत सूख जाते थे और फसलें मुरझा जाती थीं, वहीं अब तालाब के आसपास की जमीन में नमी बनी रहती है। इससे खेतों की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। किसानों के चेहरों पर अब संतोष की मुस्कान है क्योंकि उनकी मेहनत अब फसल के रूप में रंग ला रही है। आजीविका का नया साधन – मछली पालन से बढ़ी आय तालाब केवल जल संरक्षण का माध्यम नहीं रहा, बल्कि इसने ग्रामीणों को नई आय का स्रोत भी प्रदान किया है। ग्राम राधारमणनगर के ग्रामीण बाबू सिंह, जीत नारायण (जॉब कार्ड नं. 001/29) तथा श्री एक्का प्रसाद और रविशंकर (जॉब कार्ड नं. 001/79) ने मिलकर तालाब में 3000 मछली बीज छोड़े हैं। इन ग्रामीणों द्वारा तालाब का नियमित रूप से रखरखाव किया जा रहा है। मछली पालन से उन्हें अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है। साथ ही, तालाब का पानी अब सिंचाई के लिए भी उपयोग में लाया जा रहा है, जिससे खेतों में सालभर हरियाली बनी रहती है। ग्रामीणों की जुबान – अब पानी की नहीं कोई कमी ग्राम के निवासी श्री बाबू सिंह कहते हैं कि पहले गर्मियों में हमें पानी के लिए बहुत परेशानी होती थी। तालाब बनने से अब न केवल पीने और निस्तार का पानी मिलता है बल्कि खेतों की सिंचाई भी आसानी से हो जाती है। मछली पालन से हमें अतिरिक्त आमदनी का साधन मिला है। यह तालाब हमारे लिए अमृत सरोवर से कम नहीं। स्थायी विकास की मिसाल बना राधारमण नगर आज सोनवर्षा-राधारमण नगर गांव का यह तालाब जल संरक्षण, संचयन और आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण बन गया है। इस कार्य ने यह साबित कर दिया है कि यदि सामूहिक प्रयास और तकनीकी समझदारी के साथ योजनाओं को क्रियान्वित किया जाए, तो किसी भी क्षेत्र में जल संकट जैसी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। ग्राम पंचायत सोनवर्षा का यह प्रयास मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में जल प्रबंधन का एक आदर्श मॉडल बन चुका है, जो अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। हर बूंद में समाई उम्मीद राधारमण नगर का यह नवीन तालाब सिर्फ पानी का भंडार नहीं, बल्कि गांव की खुशहाली का प्रतीक बन चुका है। इससे न केवल जल संरक्षण सुनिश्चित हुआ है, बल्कि रोजगार, कृषि और मछली पालन के माध्यम से ग्रामीणों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह कहानी बताती है कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो हर बूंद से बदलाव संभव है, और यही तालाब उस परिवर्तन का साक्षी है जिसने गांव को आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर किया है।

रेलवे अलर्ट: छत्तीसगढ़ में कई ट्रेनों के रूट में बदलाव, 3 रद्द और 2 प्रभावित — जारी हुई सूची

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ में एक बार फिर रेल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल अंतर्गत बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य जारी है. इसके चलते सारागांव स्टेशन में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा, जिसकी वजह से 13 से 17 नवंबर तक कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और प्रभावित ट्रेनों की सूची जारी की है. प्रभावित रहने वाली ट्रेनें:     68738/68737 बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर मेमू पैसेंजर 14 से 17 नवंबर तक रद्द रहेगी.     68736 बिलासपुर–रायगढ़ मेमू पैसेंजर 13 से 16 नवंबर तक रद्द रहेगी.     68735 रायगढ़–बिलासपुर मेमू पैसेंजर 14 से 17 नवंबर तक रद्द रहेगी.     68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू अब केवल बिलासपुर तक ही चलेगी.     68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया मेमू का परिचालन बिलासपुर से शुरू होगा. रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा से पहले समय सारिणी और ट्रेन की स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें.

5 वर्ष तक के बच्चों के आधार पंजीकरण हेतु बैठक 14 नवंबर को

जगदलपुर जिले में 5 वर्ष तक आयु वर्ग के सभी बच्चों के आधार पंजीयन के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए एक आवश्यक बैठक का आयोजन शुक्रवार 14 नवम्बर को दोपहर 2 बजे प्रेरणा हॉल में होगी, जहाँ पंजीकरण की वर्तमान स्थिति और भावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों और ऑपरेटरों की उपस्थिति को अनिवार्य किया गया है। इसमें सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी, ई-डिस्ट्रिक्ट के जिला प्रबंधक साथ ही सभी आधार ऑपरेटर और डाक विभाग के आधार ऑपरेटर शामिल होंगे।