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रायपुर: माओवादी समर्पितों की नई शुरुआत, अब वर्दी नहीं होटल की यूनिफॉर्म में काम करेंगे

रायपुर : समर्पित माओवादी : वर्दी की जगह अब होटल की यूनिफॉर्म पहन कर करेंगे जिंदगी की नई शुरुआत 30 आत्मसमर्पित माओवादी सदस्यों को दिया जा रहा अतिथि सत्कार का प्रशिक्षण रायपुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के माओवादियों ने जब पुनर्वास किया, तब मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की संवेदनशील सरकार ने भी इन समर्पित माओवादियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाये जा रहे हैं, जिसके तहत जगदलपुर के निकट आड़ावाल में लाइवलीहुड कॉलेज में इन 30 आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास कार्ययोजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत गेस्ट सर्विस एसोसिएट का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल न केवल इन पूर्व माओवादी सदस्यों को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि बस्तर के पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास भी कर रही है। ग्राहक सेवा, सत्कार  तक प्रशिक्षण का सफर          ये सभी 30 पुनर्वासित माओवादी जो कभी घने जंगलों में हिंसा के रास्ते पर थे, आज लाइवलीहुड कॉलेज के कैंपस में ग्राहक संवाद, होटल मैनेजमेंट और सॉफ्ट स्किल्स सीख रहे हैं। करीब 3 महीने के इस कोर्स में उन्हें होटल इंडस्ट्रीज की बारीकियां सिखाई जा रही हैं, ताकि वे बस्तर के होमस्टे, रिसॉर्ट्स और टूरिस्ट स्पॉट्स में आत्मविश्वास से काम कर सकें। दर्द भरे जीवन से आजादी की ओर         एक पूर्व माओवादी रामू (परिवर्तित नाम) ने भावुक होकर कहा कि बस्तर के जंगल में हिंसा की जिंदगी ने सिर्फ दर्द दिया, अब लाइवलीहुड कॉलेज में सीखकर लगता है, असली आजादी यहीं है। अब स्वयं मेहनत कर घर-परिवार को खुशहाल बनाएंगे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की दूरदृष्टि एवं मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अमल से अब तक हजारों युवा सशक्त हो चुके हैं। बीजापुर जैसे संवेदनशील इलाकों में सरकार की पुनर्वास नीति सुनहरा मॉडल साबित हो रहा है। नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा, यहां हिंसा की जगह विकास और रोजगार की नई कहानी लिखी जाएगी।         उपमुख्यमंत्री एवं राज्य के गृहमंत्री  विजय शर्मा ने इस पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बनी संवेदनशील पुनर्वास नीति का यह असर है कि मुख्यधारा में युवा लौट रहे हैं और शासन द्वारा इन पुनर्वासित युवाओं को रोजगार और कौशल सीखा कर इन्हें समाज के साथ पुनः जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। बस्तर अपने प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है ऐसे में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी उद्योग में युवा जुड़कर रोजगार पा सकते हैं और अपनी जीवन संवार सकते हैं l इससे बस्तर पर्यटन को भी नया आयाम प्राप्त होगा, पर्यटक बस्तर के पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित होंगे l

आर्गेनाइज क्राइम मामले में तोमर भाइयों की जमानत याचिका खारिज, सरकारी वकील ने बताया लंबा आपराधिक रिकॉर्ड

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी के मामले में रायपुर के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित तोमर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। वहीं, कोर्ट ने दोनों की पत्नियों और भतीजे की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है। दोनों भाई एक्सटॉर्शन और सूदखोरी के कई मामलों में आरोपी हैं, और अभी फरार चल रहे हैं।  सरकारी वकील ने रखे पुख्ता तर्क सरकारी वकील ने अदालत में कहा कि तोमर बंधुओं का लंबा आपराधिक इतिहास है। दोनों पर करीब 16 से अधिक केस दर्ज हैं। पुलिस की छापेमारी में उनके घर से ब्लैंक चेकबुक, हथियार और कारतूस जब्त किए गए थे। इसके अलावा वे बिना लाइसेंस सूदखोरी का अवैध कारोबार भी करते पाए गए। इन गंभीर आरोपों को देखते हुए सरकारी पक्ष ने अग्रिम जमानत का विरोध किया। फरार हैं रोहित और वीरेंद्र तोमर, इनाम घोषित रायपुर के तेलीबांधा और पुरानी बस्ती थाने में दोनों भाइयों पर एक्सटॉर्शन और सूदखोरी के कई मामले दर्ज हैं। जब पुलिस ने उनके घर पर दबिश दी, तो वहां से कैश, चेक, और जमीन के दस्तावेज बरामद किए गए। पुलिस जांच में पता चला कि यह नेटवर्क आर्गेनाइज्ड क्राइम से जुड़ा है। इसलिए पुलिस ने इनके खिलाफ 7 अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। पुलिस की कार्रवाई के बाद दोनों भाई फरार हो गए। सूत्रों के मुताबिक, रोहित तोमर अपनी पत्नी भावना तोमर के नाम पर ऑफिस चलाता था, जहां से सूदखोरी का धंधा चलता था। दोनों की गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए पुलिस ने इनाम घोषित किया है। परिवार के खिलाफ कार्रवाई और जमानत जब पुलिस को दोनों भाई नहीं मिले, तो उनके परिवार को हिरासत में लिया गया। रोहित की पत्नी भावना तोमर, वीरेंद्र की पत्नी शुभ्रा तोमर, और कुछ अन्य रिश्तेदारों पर आर्गेनाइज क्राइम एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। बाद में इनकी ओर से पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद वर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें पुलिस पर फर्जी केस बनाकर परिवार को फंसाने का आरोप लगाया गया। तोमर बंधुओं के खौफ से पीड़ित चुप थे पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, तोमर बंधु रायपुर के कई कारोबारियों और आम लोगों से धमकी देकर वसूली करते थे। उनके गुर्गों के डर से कई पीड़ितों ने शहर में रहते हुए भी शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। लेकिन जब से पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है, तब से लोगों के मन से डर खत्म हो गया है। अब तक 6 से ज्यादा एफआईआर में दोनों भाइयों पर अवैध वसूली, धमकी और छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किए जा चुके हैं।

भारी सफलता: सुकमा में नक्सलियों की हथियार फैक्ट्री पकड़ी गई, कई अधूरे हथियार भी मिले

सुकमा सुकमा जिले में नक्सलियों के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कंचाला और गोमगुड़ा के बीच जंगलों में छापेमारी के दौरान नक्सलियों ने खतरनाक हथियारों का जखीरा डंप किया हुआ पाया गया। नक्सलियों का भारी सामान कब्जे में  पुलिस और जवानों ने नक्सलियों का सामान बरामद किया, जिसमें बटालियन नंबर 1 से जुड़े हथियार शामिल हैं। यह कार्रवाई विशेष रूप से नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन DRG के तहत की गई। अधिकारियों ने बताया कि बरामद हथियारों में विस्फोटक सामान शामिल हैं जिन्हें नक्सलियों ने जंगल में छिपा रखा था। यह ठिकाना माओवादियों के हथियार निर्माण और मरम्मत का प्रमुख अड्डा बताया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षाबलों ने मौके से कुल 17 रायफल, बीजीएल रॉकेट लॉन्चर, सिंगल शॉट रॉकेट लॉन्चर, देशी कट्टा, भारी मात्रा में बारूद, वायर, बोर मशीन, ड्रिल मशीन, पाइप, हैंड ड्रिल मशीन, शील्ड और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की है। पुलिस के अनुसार, इस फैक्ट्री में माओवादी लंबे समय से हथियारों की मरम्मत और निर्माण कर रहे थे, जिससे सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश रची जा रही थी। डीआरजी की इस रणनीतिक कार्रवाई से माओवादी नेटवर्क को गहरा झटका लगा है। सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिससे किसी तरह की हानि के बिना बड़ी सफलता हाथ लगी। सुकमा पुलिस ने कहा है कि माओवादियों के पास अब सिर्फ एक ही रास्ता बचा है हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण और मुख्यधारा में लौटना। राज्य सरकार की छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को सुरक्षा, सम्मान, पुनर्वास और रोजगार का अवसर दिया जाएगा। पुलिस ने यह भी कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और परिवार को शांतिपूर्ण जीवन का अवसर मिलेगा। जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा, हमारा उद्देश्य केवल नक्सलवाद का उन्मूलन ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास की स्थापना करना है। सुकमा पुलिस ने स्पष्ट किया कि हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले माओवादियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सम्मानजनक जीवन और सुरक्षित भविष्य दिया जाएगा।  

कुएं में गिरे हाथी, 8 घंटे तक फंसे रहे; जेसीबी से बनाई गई सड़क, सभी सुरक्षित बाहर निकाले गए

महासमुंद  महासमुंद जिले से लगाए बारनवापारा क्षेत्र के हरदी गांव में 3 हाथियों का दल विचरण के दौरान कुएं में जा गिरा. इस दल में एक शावक और तीन वयस्क हाथी शामिल हैं. घटना की जानकारी लगते ही स्थानीय लोगों मौके पर पहुंच गए. उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी. घटनास्थल पर बारनवापारा परिक्षेत्र एसडीओ कृष्णु चंद्राकर और उनकी टीम पहुंची है. जानकारी के मुताबिक, वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंकर लोगों को घटनास्थल से दूर किया, जिसके बाद रेस्क्यू अभियान शुरू किया. फिलाहाल जेसीबी मशीन बुलाई गई है. कुएं के पास से रेम बनाया जाएगा, जिससे फंसे हुए शावक और हाथी को बाहर निकाला जा सके. बताया जा रहा है कि विचरण के दौरान शावक पहले कुएं में गिरा, उसकी आवाज सुनकर अन्य हाथी भी कुएं में उतर गए. सुबह गूंजी हाथियों की चिंघाड़, ग्रामीण पहुंचे मौके पर सुबह खेतों की ओर जा रहे किसानों ने जब हाथियों की जोरदार चिंघाड़ सुनी, तो वे मौके पर पहुंचे और देखा कि चारों हाथी कुएं में फंसे हुए हैं। इसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई। विभाग की टीम जेसीबी मशीनों और स्थानीय साधनों के साथ मौके पर पहुंची और कुएं के किनारे मिट्टी काटकर रास्ता बनाते हुए हाथियों को एक-एक कर बाहर निकाला गया। पहले शावक और दो हाथी निकाले गए, फिर बाकी दो को भी बचाया गया रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले शावक और दो वयस्क हाथियों को बाहर निकाला। इसके बाद कुएं में फंसे बाकी दो हाथियों को भी सुरक्षित निकालने में सफलता मिली। रेंजर गोपाल वर्मा ने बताया कि अभियान चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि कुआं गहरा और फिसलनभरा था। ग्रामीणों का विरोध, बोले— इंसान की मौत पर विभाग नहीं आया था रेस्क्यू के दौरान कुछ ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि कुछ दिन पहले इसी इलाके में हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई थी, तब विभाग ने कोई मदद नहीं की थी। लेकिन अब हाथियों के गिरने पर पूरी टीम जुट गई। हालांकि समझाइश के बाद ग्रामीण शांत हुए और सहयोग करने लगे। सोलर पैनल टूटे मिले, रात में भटकते हुए गिरे हाथी मौके पर जांच के दौरान कुएं के आसपास लगे सोलर पैनल टूटे हुए मिले, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि हाथियों का झुंड रात के समय रास्ता भटक गया और चार हाथी कुएं में गिर गए। 28 हाथियों का दल कर रहा बारनवापारा जंगल में भ्रमण वन विभाग ने बताया कि बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र में इस समय करीब 28 हाथियों का दल सक्रिय है। इसी दल में शामिल ये चार हाथी भी पिछले कुछ दिनों से हरदी गांव के आसपास विचरण कर रहे थे। हाल ही में इसी क्षेत्र में एक किसान की जान हाथी के हमले में गई थी। वन विभाग ने जताई राहत— सभी हाथी स्वस्थ और सुरक्षित रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद सभी हाथियों की प्राथमिक जांच की गई। विभाग ने बताया कि चारों हाथी स्वस्थ हैं और उन्हें सुरक्षित जंगल की ओर भेज दिया गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग के अफसरों का विरोध किया वन विभाग की टीम जैसे ही जेसीबी लेकर पहुंची, ग्रामीण नाराज हो गए। उनका कहना था कि हाल ही में हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई थी, लेकिन तब विभाग की ओर से कोई नहीं आया था। वहीं, जिस खेत के कुएं में हाथी गिरे थे, वहां ग्रामीण डर रहे थे कि जेसीबी चलने से उनकी फसल खराब हो जाएगी। इसलिए वे रेस्क्यू कार्य में सहयोग नहीं कर रहे थे। हालांकि समझाइश के बाद लोग शांत हुए। जेसीबी की मदद से रास्ता बनाकर निकाला गया क्षेत्र के रेंजर गोपाल वर्मा ने बताया कि हाथियों को निकालने के लिए जेसीबी की मदद से कुएं के किनारे से रास्ता बनाया गया। पहले एक शावक के साथ दो हाथी निकाले गए। इसके बाद एक और हाथी को सुरक्षित निकाल लिया गया। कुएं के आसपास के सोलर पैनल टूटे हुए मिले, जिससे अनुमान है कि रात में हाथियों का झुंड घूमते हुए कुएं में गिर गया होगा। बारनवापारा के जंगल में 28 हाथियों का दल मौजूद यह घटना ऐसे समय हुई है जब 28 हाथियों का एक दल कई महीनों से बार नवापारा के जंगल में मौजूद है। कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र में एक किसान की हाथी के हमले में मौत भी हो गई थी। यह घटना अभयारण्य क्षेत्र के हरदी वन ग्राम के पास डीके जंक्शन पर हुई।

आज से छत्तीसगढ़ में वोटर लिस्ट चेकिंग, BLOs घर-घर करेंगे सर्वे, 7 फरवरी को फाइनल लिस्ट

रायपुर  छत्तीसगढ़ के रायपुर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के तहत मंगलवार 4 नवंबर से घर-घर गणना चरण की शुरुआत होगी। इस प्रक्रिया में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता परिचय पत्र का सत्यापन करेंगे। प्रथम चरण के साथ आगे की प्रक्रियाओं को लेकर सोमवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि प्रथम चरण की प्रक्रिया जारी है। जिनका नाम साल 2003 के एसआईआर में है, उन्हें दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है। केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की जरूरत होगी। उन्होंने बताया कि असुविधा होने पर बीएलओ मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से मदद ले सकते हैं। मतदाता सूची का मिलान 2003 के आधार पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विगत एसआईआर की मतदाता सूची वर्ष 2003 को आधार मानकर मिलान किया गया है। बीएलओ ने वर्तमान में केवल अपने मतदान केंद्र के मतदाताओं का मिलान किया है, जो कि 71 प्रतिशत के करीब है। अधिकारियों ने बताया कि 2003 के बाद से आज पर्यंत कई मतदाता अन्यत्र शिट हुए हैं। मतदान केन्द्रों का परिसीमन भी हुआ है। एन्यूमरेशन फेज में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के घर-घर सर्वे के दौरान यह मिलान प्रतिशत 10-15 प्रतिशत और बढ़ जाएगा। मतदाता सूची में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं। वर्ष 2003 के एसआईआर के बाद विवाहित महिलाएं अपने तत्कालीन मतदान केंद्र से अन्यत्र स्थानांतरित हुई हैं। बीएलओ द्वारा घर-घर एन्यूमरेशन फेज में 15 से 20 प्रतिशत और महिला मतदाताओं का मिलान किया जा सकेगा। ऐसे में एसआईआर के दौरान आपको इन 11 दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी…     केंद्र या राज्य सरकार या पीएसयू के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश     1 जुलाई, 1987 से पहले सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/बैंक/डाकघर/एलआईसी/पीएसयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र, प्रमाण पत्र या दस्तावेज     जन्म प्रमाण पत्र     पासपोर्ट     मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन या शैक्षिक प्रमाण पत्र     स्थायी निवास प्रमाण पत्र     वन अधिकार प्रमाण पत्र     ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र     राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर     राज्य या स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर     सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र कहां-कहां हो रहा एसआईआर?     अंडमान निकोबार द्वीपसमूह     छत्तीसगढ़     गोवा     गुजरात     केरल     लक्षद्वीप     मध्य प्रदेश     पुड्डचेरी     राजस्थान     तमिलनाडु     उत्तर प्रदेश     पश्चिम बंगाल एसआईआर का क्या है शेड्यूल?     गणना पत्रों की छपाई व बीएलओ को प्रशिक्षण- 28 अक्टूबर 2025 से तीन नवंबर 2025 तक।     घर-घर जाकर पुनरीक्षण का काम- चार नवंबर 2025 से चार दिसंबर 2025 तक।     मतदाता सूची के मसौदे का प्रकाशन- 09 दिसंबर 2025     दावे और आपत्तियों का समय-09 दिसंबर 2025 से 08 जनवरी 2026 तक।     दस्तावेजों की जांच के लिए नोटिस, सुनवाई, सत्यापन: 09 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक     अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन- 07 फरवरी 2026 एसआईआर क्यों जरूरी? आयोग ने इस दौरान बताया कि एसआइआर क्यों जरूरी है। आयोग के मुताबिक बदलते शहरीकरण में लोगों का तेजी से विस्थापन हो रहा है। यह इसकी एक बड़ी वजह है। दूसरा इसके चलते कई जगहों पर लोगों के मतदाता सूची में दो-दो जगह से नाम दर्ज है। तीसरा मतदाता सूची में मतदाताओं के मृत होने के बाद भी नामों का हटाया न जाना है। चौथी वजह देश के तमाम हिस्सों में गलत तरीके से घुसपैठ करके बड़ी संख्या में लोगों ने मतदाता सूची में गलत तरीके से नाम जुड़वा लिया है। एसआइआर के दौरान इन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच हो सकेगी। राजनीति दलों से सहयोग की अपील सीईओ यशवंत कुमार ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया है। उन्होंने पुनरीक्षण के दौरान अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (बीएलओ) के माध्यम से निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों को पूरा सहयोग देने की अपील की है, ताकि छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम सूची में जोड़े जा सकें और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें। क्या-क्या कार्य होंगे घर-घर गणना चरण अवधि- 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक मसौदा सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर दावा-आपत्तियों की अवधि – 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक नोटिस चरण (सुनवाई व सत्यापन)- 9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 7 फरवरी 2026

भूमि त्रिवेदी के सुरों की थिरकन, ऊषा बारले की पंडवानी का असर और सूफी संगीत की रूहानी महक

संगीत की सुरमयी शाम में झूम उठा राज्योत्सव मैदान  रायपुर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में सोमवार की रात संगीत, नृत्य और लोक संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिला। बॉलीवुड की ख्यातनाम पार्श्व गायिका भूमि त्रिवेदी ने अपनी मनमोहक आवाज़ से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने “ससुराल गेंदा फूल”, “सैय्यारा”, “राम चाहे लीला”, “झुमका गिरा रे” "जय-जय शिवशंकर-कांटा लगे न कंकड़", "होली खेले रघुवीरा", "रंग बरसे", "ये देश है वीर जवानों का".."डम-डम ढोल बाजे", "उड़ी-उड़ी जाएं" जैसे लोकप्रिय गीतों को अपने नए अंदाज़ में प्रस्तुत कर माहौल को जोश और उमंग से भर दिया। हिंदी, पंजाबी और राजस्थानी सहित अन्य राज्यों के भाषाओं के धुनों के साथ छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत का ताना-बाना जोड़ते हुए उन्होंने युवाओं के दिलों में संगीत की हलचल मचा दी। दर्शकों की तालियों और नृत्य से पूरा प्रांगण गूंज उठा। पंडवानी की वीरता और सूफी संगीत की रूहानी छुअनपंडवानी की वीरता और सूफी संगीत की रूहानी छुअन छत्तीसगढ़ की गौरवगाथा को आगे बढ़ाते हुए पद्मश्री श्रीमती ऊषा बारले ने अपने तानपुरे की झंकार और अभिव्यक्तिपूर्ण मुद्राओं से महाभारत की वीरता को जीवंत कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावविह्वल कर दिया और वे देर तक मंच से नज़रें नहीं हटा सके। उन्होंने महाभारत के चीरहरण की घटनाओं को मार्मिक और ह्रदयस्पर्शी ढंग से प्रस्तुत किया। इसके बाद सूफी पार्श्व गायक राकेश शर्मा और उनकी टीम ने “दमादम मस्त कलंदर”, “मौला मेरे मौला”, “चोला माटी के राम” जैसे गीतों से श्रोताओं को रूहानी सफर पर ले गए। उनकी साथी गायिका निशा शर्मा और कलाकारों ने भी अपने स्वर और लय से इस सूफियाना माहौल को और प्रगाढ़ बनाया। माटी की खुशबू और लोकनृत्य की छटामाटी की खुशबू और लोकनृत्य की छटा प्रादेशिक लोकमंच के कलाकार कुलेश्वर ताम्रकार ने नाचा के माध्यम से छत्तीसगढ़ की माटी में रची-बसी लोकसंस्कृति को मंच पर साकार किया। उनके प्रदर्शन ने परंपरा, ऊर्जा और रचनात्मकता का ऐसा संगम रचा कि दर्शक देर तक तालियां बजाते रहे और दर्शकदीर्घा में मुस्कान के साथ थिरकते रहे।

महादेव ऐप विवाद: रवि उप्पल गिरफ्तार होने के बाद भी UAE में सुरक्षित, भारत में चिंता

रायपुर महादेव ऑनलाइन बुक ऐप का को-फाउंडर रवि उप्पल को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। सौरभ चंद्राकर के साथ मिलकर अवैध सट्टेबाजी के जरिए हजारों करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोपी रवि उप्पल गायब हो गया है। इंटरपोल रेड नोटिस के बाद दिसंबर 2023 में दुबई में गिरफ्तार किया गया उप्पल खाड़ी देश से किसी अज्ञात स्थान पर चला गया है। अधिकारियों ने हिन्दुस्तान टाइम्स को यह जानकारी दी है। यूएई अथॉरिटीज ने भारत को उसके 'एग्जिट रूट या गंतव्य' की जानकारी नहीं दी है, लेकिन प्रत्यर्पण प्रक्रिया को बंद करने की शुरुआत कर दी है। रवि उप्पल का भागना इस मामले की जांच कर रहीं एजेंसियों के लिए झटका है। ईडी, सीबीआई और छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए चिंता और चुनौती बढ़ गई है, जिन्हें आरोपियों को कानून के दायरे में लाकर ठगी के शिकार हुए लाखों लोगों को न्याय दिलाना है। दोनों देशों के बीच दोस्ताना संबंधों को देखते हुए भारतीय एजेंसियों को उम्मीद थी कि उप्पल और चंद्राकर को दुबई से प्रत्यर्पित किया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं किए जाने की शर्त पर बताया, 'हमें आधिकारिक चैनल के जरिए बताया गया है कि रवि उप्पल UAE को छोड़कर अज्ञात स्थान पर चला गया है। वहां किस रास्ते निकला या कहां गया, इसको लेकर दुबई ने कोई जानकारी नहीं दी है, जबकि उसके खिलाफ रेड नोटिस अभी भी एक्टिव है।' अधिकारी ने बताया कि यूएई ने प्रत्यर्पण प्रक्रिया को भी बंद करने की बात कही है। 50 से कम उम्र का उप्पल चंद्रकार के साथ 6000 करोड़ के फ्रॉड का आरोपी है। 2018 में दोनों ने मिलकर इस सट्टेबाजी ऐप की शुरुआत की थी। ईडी ने अपनी एक चार्जशीट में दावा किया कि सट्टेबाजी का यह साम्राज्य कम से कम 3,200 पैनल्स में अलग-अलग शहरों में संचालित होता था और प्रतिदिन करीब 240 करोड़ की कमाई थी। उप्पल और चंद्रकार ने दुबई में अपने करीब 3500 स्टाफ के लिए 20 बंगले रेंट पर लिए थे। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी इस केस में आया है।

रायपुर में सीएम साय ने युवाओं को दी ट्रैफिक नियमों की सीख, बाइक चलाकर दिया संदेश

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने स्वयं बाइक चलाकर युवाओं को दिया सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश रजत जयंती वर्ष के अवसर पर रायपुर में होगा एमआरएफ नेशनल सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप 2025 का भव्य आयोजन रायपुर रजत जयंती वर्ष के अवसर पर रायपुर में होगा एमआरएफ नेशनल सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप 2025 का भव्य आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर राजधानी रायपुर का बूढ़ापारा आउटडोर स्टेडियम आगामी 8 और 9 नवम्बर को रफ्तार, रोमांच और युवाओं के उत्साह का मंच बनेगा। रजत जयंती समारोह की श्रृंखला में आयोजित यह विशेष कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की नई ऊर्जा, नवाचार भावना और युवा सामर्थ्य का प्रतीक होगा। छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित एमआरएफ नेशनल सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैम्पियनशिप 2025 का यह भव्य आयोजन न केवल रोमांचक मोटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देगा, बल्कि युवाओं को सुरक्षित ड्राइविंग, हेलमेट पहनने और सड़क पर रेसिंग से बचने जैसे सामाजिक संदेश देने का भी माध्यम बनेगा। कार्यक्रम से पूर्व आज मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने स्वयं बाइक चलाकर युवाओं को “सेफ ड्राइविंग” का संदेश दिया। उन्होंने आगामी 8-9 नवंबर को आयोजित नेशनल सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैंपियनशिप के सफल आयोजन के लिए अपनी  शुभकामनाएं देते हुए कहा, "युवाओं में अपार ऊर्जा है, और उस ऊर्जा को सही दिशा देना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।" मुख्यमंत्री  साय ने युवाओं को सेफ ड्राइविंग का संदेश देते हुए कहा कि जीवन अनमोल है इसीलिए दुपहिया चलाते समय हमेशा हेलमेट पहने और ट्रैफिक नियमों का पालन करें ।सड़क पर रेसिंग बिल्कुल ना करें। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि रजत जयंती वर्ष छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ ही नई पीढ़ी में अनुशासन, जिम्मेदारी और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ का युवा केवल गति से नहीं, बल्कि संयम और संकल्प से पहचाना जाए। छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष  उज्जवल दीपक ने बताया कि यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास है। उन्होंने कहा,"हम चाहते हैं कि रफ्तार जुनून बने, जोखिम नहीं — यही इस चैम्पियनशिप की असली सोच है।” इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि रेसिंग सड़क पर नहीं, बल्कि विशेष रूप से निर्मित सुरक्षित रेसिंग ट्रैक पर होगी, जहाँ सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस दो दिवसीय सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप में देश के शीर्ष राइडर्स हिस्सा लेंगे। एमआरएफ के सहयोग से आयोजित यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ को देश के मोटर स्पोर्ट्स मानचित्र पर एक नई और सम्मानजनक पहचान दिलाने जा रही है।

वित्त मंत्री चौधरी ने रायगढ़ में किया जिला स्तरीय राज्योत्सव का विधिवत शुभारंभ

रायपुर : राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर है अग्रसर-वित्त मंत्री  ओ.पी.चौधरी वित्त मंत्री  चौधरी ने रायगढ़ में किया जिला स्तरीय राज्योत्सव का विधिवत शुभारंभ शिक्षा, स्वास्थ्य सहित बुनियादी सुविधाओं में लगातार हो रहे विकास- वित्त मंत्री  चौधरी  वित्त मंत्री  चौधरी ने रायगढ़ में किया जिला स्तरीय राज्योत्सव का विधिवत शुभारंभ, रजत जयंती की दी बधाई स्कूली बच्चों ने दी मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष पर रायगढ़ जिला मुख्यालय स्थित शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के वित्त मंत्री  ओ.पी.चौधरी ने भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने सभी को रजत जयंती की हार्दिक बधाई दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त  मंत्री  चौधरी ने कहा कि यह हमारे प्रदेश के लिए गर्व और आत्मगौरव का क्षण है कि छत्तीसगढ़ ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि इस राज्य की स्थापना का श्रेय श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की दूरदृष्टि और संकल्प को जाता है, जिनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ एक समृद्ध और प्रगतिशील राज्य के रूप में उभर सका है। यह रजत जयंती वर्ष प्रदेश की विकास यात्रा का प्रतीक है। स्कूली बच्चों ने दी मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति वित्त मंत्री  चौधरी ने प्रदेशवासियों से विजन 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है, तब छत्तीसगढ़ भी उसी संकल्प के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।  चौधरी ने बताया कि विगत दिवस प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान सात घंटे प्रदेश में व्यतीत कर अनेक विकास कार्यों की सौगात दी, जो हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण से पहले छत्तीसगढ़ की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी, हमारे लौह अयस्क और वन संपदा का लाभ हमें नहीं मिल पाता था। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ ने शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। वित्त मंत्री  चौधरी ने बताया कि जब छत्तीसगढ़ का गठन हुआ तब प्रदेश में एकमात्र शासकीय मेडिकल कालेल था, आज यह संख्या बढ़कर 14 हो चुकी है और जल्द ही 20 से अधिक होने जा रही है। एमबीबीएस सीटें 100 से बढ़कर 2000 तक पहुंचने वाली हैं। स्कूली बच्चों ने दी मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि आज प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, आईआईआईटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के अनेक संस्थान संचालित हैं, जो छत्तीसगढ़ की शैक्षणिक प्रगति के प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में रायगढ़ जिला लगातार विकास की ओर अग्रसर है। रायगढ़ में उद्योग के साथ-साथ शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है। नालंदा परिसर का निर्माण लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। संस्कृत महाविद्यालय, नर्सिंग कॉलेज, उद्यानिकी महाविद्यालय और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। वित्त मंत्री  चौधरी ने बताया कि रायगढ़ में ऑक्सीजोन पार्क, एथलेटिक ट्रैक, स्विमिंग पूल, क्रिकेट व फुटबॉल ग्राउंड सहित नया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण एवं नगरीय विकास के कार्य भी तीव्र गति से प्रगति पर हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष  दीपक सिदार, सभापति  डिग्रीलाल साहू, नगर पालिका अध्यक्ष सहित जनप्रतिनिधि, प्रशानिक अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।  स्कूली बच्चों ने दी सांस्कृतिक कार्यक्रम की मनमोहक प्रस्तुति राज्योत्सव समारोह के प्रथम दिन आज शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में स्कूली बच्चों ने शानदार मनमोहक प्रस्तुति दी। जिसमें मती सोमादास एवं ग्रुप द्वारा गणेश वंदना, डॉ.दीपिका सरकार एवं ग्रुप द्वारा शिव स्त्रोत नृत्य, कुमारी मानवी अग्रवाल द्वारा कथक, कार्मेल कन्या स्कूल के विद्यार्थियों ने मराठी लोकनृत्य सहित अन्य स्कूली बच्चों ने कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।

रायपुर में छायाचित्र प्रदर्शनी ने खींचा जनसैलाब, कैबिनेट मंत्री और प्रतिनिधियों ने किया अवलोकन

रायपुर : छायाचित्र प्रदर्शनी ने लोगों को किया आकृष्ट,कैबिनेट मंत्री सहित जनप्रतिनिधियों ने किया अवलोकन व खिंचवाई सामूहिक फोटो रायपुर, छत्तीसगढ़ रजत जयंती राज्योत्सव का तीन दिवसीय जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन बलौदाबाजार 2 से 4 नवंबर 2025 तक पंडित चकरपाणी शुक्ल शासकीय हाई स्कूल मैदान में किया जा रहा हैं। इस अवसर पर जनसम्पर्क विभाग द्वारा 25 वर्षो की उपलब्धियों पर आधारित आकर्षक छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई हैं। राज्योत्सव में आने वाले लोग छायाचित्र प्रदर्शनी की ओर बरबस ही खींचे चले आते हैं और  शौक से फोटो भी खिचवाते हैं। राज्योत्सव क़े शुभारम्भ अवसर पर जिले क़े प्रभारी व स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं सामूहिक फोटो भी खिचवाई। छायाचित्र प्रदर्शनी में 25 वर्ष की प्रगति को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया हैं जिसमें किसानों क़ा सम्मान, ऊर्जा आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण, आवास और सामाजिक सुरक्षा,सुगम आवागन,शिक्षा, स्वास्थ्य,रोजगार, उद्योग, मोदी की गारंटी अंतर्गत 18 लाख पीएम आवास की स्वीकृति, कृषक उन्नति योजना, रिक्त शासकीय पदों पर भर्ती, शक्तिपीठ परियोजना,तेन्दु पत्ता पारिश्रमिक दर वृद्धि,  प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, नई रेल लाईन, ई -बस सेवा, आदि शामिल हैं। इसके साथ ही विभाग द्वारा प्रकाशित जानकारी से भरपूर पत्रिका, ब्रोशर, पम्पलेट का भी वितरण लोगों को किया जा रहा है। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, डॉ सनम जांगड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।