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गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को दिया आमंत्रण

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में पंजाब सरकार के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुण्डियन और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने सौजन्य मुलाकात की। मुलाकात के दौरान दोनों मंत्रियों ने मुख्यमंत्री साय को 9वें सिख गुरु गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान, त्याग और मानवता के प्रति उनके संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस आयोजन में देशभर से श्रद्धालुओं, संत महात्माओं और विभिन्न राज्यों के गणमान्य नागरिकों के सम्मिलित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंजाब सरकार के मंत्रियों द्वारा दिए गए आमंत्रण के लिए हार्दिक धन्यवाद प्रकट किया। मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने अपने जीवन में धर्म, मानवता और समानता के जो आदर्श स्थापित किए, वे आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री साय ने पंजाब सरकार के इस आयोजन की सराहना करते हुए इसके सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान न केवल सिख समाज के लिए बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए अमर संदेश है, जिसने हमें सत्य और धर्म की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा दी है।

रायपुर : महतारी वंदन योजना ने बदली श्यामा की ज़िंदगी, बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर सरकारी योजनाएं तभी असर दिखाती हैं, जब वे सीधे आमजन के जीवन में बदलाव लाएं। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना ऐसी ही तस्वीर लिख रही है। मुंगेली जिले के ग्राम किरना की श्यामा नेताम इसका उदाहरण है। कभी मजदूरी और सीमित खेती पर आश्रित यह परिवार आज आत्मनिर्भरता की राह पर मजबूती से खड़ा है, वो भी एक छोटे से प्रयास और बड़ी सोच की वजह से। श्यामा को बकरी पालन का अनुभव तो था, मगर पूंजी की कमी बड़ी बाधा थी। इसी बीच महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाले 1,000 रुपए ने उनकी उम्मीद को नई दिशा दी। श्यामा ने राशि खर्च करने के बजाय उसे कुछ महीने तक बचाया और उसी से एक बकरी खरीदी। यहीं से शुरू हुआ बदलाव का सफर, रकम भले छोटी थी, लेकिन हौसला बड़ा। धीरे-धीरे बकरियों की संख्या बढ़ी और आज श्यामा परिवार की आय में 3000 रुपए प्रति माह जोड़ रही हैं। बच्चों की पढ़ाई हो या रोजमर्रा का खर्च, सब कुछ अब पहले से ज्यादा व्यवस्थित है। सबसे बड़ी बात श्यामा अब खुद को आश्रित नहीं, आत्मनिर्भर कहने लगी हैं। श्यामा नेताम कहती हैं कि ‘योजना ने मुझे नया हौसला दिया। अब मैं अपने पैरों पर खड़ी हूँ। पहले घर चलाना मुश्किल था, लेकिन अब अपने दम पर परिवार संभाल पा रही हूँ। यह योजना सच में महिलाओं के लिए नई शुरुआत है। यह बदलाव यूं ही नहीं आया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना का मकसद महिलाओं को केवल सहारा नहीं, आर्थिक स्वतंत्रता देना है। इस योजना की बदौलत श्यामा जैसी हजारों महिलाएं अपनी पहचान और सम्मान की नई कहानी लिख रही हैं। गांव में आज श्यामा प्रेरणा बन चुकी हैं। उनकी मुस्कान बताती है कि छोटे अवसर भी बड़ा भविष्य बना सकते हैं, बस जरूरत है विश्वास, निरंतरता और सही दिशा की।

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने लिया तैयारियों का जायजा, एक नवंबर को पीएम मोदी करेंगे राज्योत्सव का शुभारंभ

रायपुर : राज्योत्सव के मंच से उभरेगा डिजिटल और विकसित छत्तीसगढ़ संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने लिया तैयारियों का जायजा, एक नवंबर को पीएम मोदी करेंगे राज्योत्सव का शुभारंभ ‘नई सोच, नया छत्तीसगढ़’ थीम पर होगा भव्य आयोजन रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इस वर्ष राज्य सरकार भव्य रजत राज्योत्सव मनाने जा रही है। राजधानी नया रायपुर में 1 नवंबर को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी पांच दिवसीय राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम को ऐतिहासिक और आधुनिक स्वरूप देने के लिए तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान देश के पहले आदिवासी डिजिटल संग्रहालय, नया विधानसभा भवन और ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ‘शांति शिखर’ अकादमी का भी उद्घाटन करेंगे। वे सत्य सांई हॉस्पिटल में हृदय उपचार से लाभान्वित बच्चों से भी मुलाकात करेंगे। संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने लिया तैयारियों का जायजा संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने राज्योत्सव की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राज्योत्सव स्थल पर राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और केन्द्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगायी जाएगी। इसके अलावा फूड जोन और शिल्पग्राम के साथ ही यहां आने वाले लोगों के मनोरंजन के लिए विभिन्न स्टॉल लगाये जाएंगे। मुख्य मंच पर आकर्षक सांस्कृति कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी होगी। मंत्री अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में राज्योत्सव और संग्रहालय का अवलोकन कर राज्य की गौरवगाथा से जुड़ें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर मनाया जा रहा राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की गौरवमयी विकास यात्रा का उत्सव है। संस्कृति मंत्री  अग्रवाल ने शहीद वीर नारायण सिंह की स्मृति में बनाए जा रहे नवीन आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय और पुरखौती मुक्तांगन का निरीक्षण कर पुरखौती मुक्तांगन में नवनिर्मित रामवनगमन पथ, सीताबेंगरा एवं रामगढ़ की पहाड़ी की प्रतिकृति का अवलोकन किया और यहां किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सरांश मित्तर, संस्कृति विभाग के संचालक  विवेक आचार्य सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  डिजिटल तकनीक से लैस है आदिवासी संग्रहालय नवा रायपुर में विकसित देश का पहला आधुनिक आदिवासी डिजिटल संग्रहालय छत्तीसगढ़ के जननायकों, वीरता और लोक संस्कृति की गाथा को नवीन तकनीक और वर्चुअल रियलिटी माध्यम से प्रस्तुत करेगा। संग्रहालय में पारंपरिक कलाओं के साथ डिजिटल इंटरएक्टिव अनुभव भी दर्शकों को आकर्षित करेंगे। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ‘इस वर्ष राज्योत्सव ‘नई सोच, नया छत्तीसगढ़’ थीम पर मनाया जा रहा है, जो राज्य के डिजिटल, सांस्कृतिक और विकासशील स्वरूप का प्रतीक बनेगा।‘ उन्होंने यहां एआई पर आधारित डिजिटल स्वचालित कैमरे लगाये गए हैं, जिसमें कैमरे के सामने आने पर स्वतः ही आदिवासी वेषभूषा पर छायाचित्र खिंच जाती है।  25वें राज्योत्सव में देश-विदेश के कलाकारों की प्रस्तुतियां, भारतीय वायुसेना का सूर्यकिरण एयर शो, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, स्थानीय उत्पादों के स्टॉल, डिजिटल एक्सपीरियंस जोन और वीआर जोन विशेष आकर्षण रहेंगे। राज्योत्सव स्थल पर तीन विशाल डोम बनाए जा रहे हैं, जिनमें 60 एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही हैं। करीब 40 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था, 300 शौचालय, 20 बेड का अस्थायी हॉस्पिटल, आईसीयू यूनिट और 25 एम्बुलेंस तैयार रखी गई हैं। इसके अलावा नए चौराहों का सौंदर्यीकरण और प्रकाश व्यवस्था का कार्य भी अंतिम चरण में है।

दिनेश के घर में आई उजियाला, सूर्यघर योजना ने दी मुफ्त बिजली

दिनेश के घर में आई उजियाला, सूर्यघर योजना ने दी मुफ्त बिजली रायपुर में सूर्यघर योजना से लाभान्वित हुआ दिनेश का परिवार, मुफ्त बिजली से चमका घर रायपुर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण अंचलों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रही है। सुकमा जिले के कुम्हाररास निवासी श्री दिनेश पाल ने इस योजना के अंतर्गत अपने घर में 3 किलोवाट क्षमता का सौर संयंत्र स्थापित किया है, जिसके परिणामस्वरूप उनके बिजली बिल में बेहद कमी आई है। पहले जहाँ उन्हें प्रतिमाह 1600-1700 रुपये का भुगतान करना पड़ता था, वहीं अब यह घटकर 400-500 रुपये रह गया है। श्री पाल बताते है कि योजना के तहत उन्हे सब्सिडी तथा बैंक ऋण का लाभ भी मिला है। उन्होंने योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे आर्थिक रूप से लाभकारी तथा ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। घरो की छतो पर सोलर संयंत्र लगाने वाले हितग्राहियों को केन्द्रीय सब्सिडी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भी अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। नेट-मीटरिंग प्रणाली से जुड़े इन सौर संयंत्रों के माध्यम से उपभोक्ता आवश्यकता से अधिक बिजली ग्रिड को बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। सुकमा कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने इसे पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। यह योजना अब ग्रामीण घरों में रोशनी, बचत और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनकर ऊर्जा क्रांति ला रही है।

IPS डांगी पर SI की पत्नी ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप, ट्रांसफर की धमकी का भी दावा

रायपुर   छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के आइपीएस अफसर और वर्तमान में आइजी पर एक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी ने यौन उत्पीड़न और शारीरिक शोषण का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि आईपीएस ने बीते सात सालों से उसका शारीरिक और मानसिक शोषण करते आ रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। पीड़िता का आरोप- सात साल से उत्पीड़न बिलासपुर में पदस्थ एक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी ने आला अधिकारियों को दिए पत्र में आरोप लगाया कि आइजी ने सात वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया। महिला ने कहा कि जब उसने आइजी से दूरी बनाने की कोशिश की, तो उस पर धमकियों और दबाव के जरिए संबंध बनाए रखने को मजबूर किया गया। महिला का आरोप है कि डांगी पिछले 7 सालों से उसका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। वहीं, इस मामले में IPS डांगी का कहना है कि महिला उन्हें बदनाम करने और ब्लैकमेल करने के लिए ये सब कर रही है। फिलहाल DGP ने शिकायत की जांच के निर्देश दिए है। 15 अक्टूबर को हुई है शिकायत जानकारी के मुताबिक, पीड़िता ने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर 15 अक्टूबर को औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि साल 2017 में रतनलाल डांगी से उसकी मुलाकात कोरबा में हुई थी, जब IPS डांगी वहां एसपी पद पर तैनात थे। शुरूआती बातचीत सोशल मीडिया पर हुई, जो आगे बढ़ती गई। दंतेवाड़ा में पदस्थापना के दौरान वह वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें योग सिखाती थी। बाद में राजनांदगांव और सरगुजा में आईजी बनने के बाद डांगी ने कथित रूप से उसे परेशान करना शुरू किया। बिलासपुर आईजी रहते हुए उत्पीड़न का सिलसिला और बढ़ गया। शिकायत में महिला ने बताया है कि IPS डांगी उसे अपनी पत्नी की गैरमौजूदगी में बंगले पर बुलाते थे और न आने पर तबादले की धमकी देते थे। चंद्रखुरी पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में तबादले के बाद भी वह वीडियो कॉल के जरिए सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक संपर्क करने का दबाव बनाते थे। महिला ने यह भी दावा किया है कि उसके पास कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। डांगी बोले- महिला ब्लैकमेल कर रही शिकायत मिलते ही विभाग ने प्राथमिक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। महिला के आरोपों पर दैनिक भास्कर ने आईपीएस रतनलाल डांगी से बात की।  चर्चा के दौरान रतनलाल डांगी ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला उन्हें ब्लैकमेल कर रही है। इस मामले की शिकायत उन्होंने पूर्व में ही सीनियर अफसरों से की है। महिला को इस बात की जानकारी मिली तो उसने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर शिकायत की है। महिला मुझे बदनाम करने और ब्लैकमेल करने के लिए ये सब कर रही है। कौन है IPS रतनलाल डांगी IPS रतनलाल डांगी छत्तीसगढ़ के 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे बीजापुर, कांकेर, कोरबा और बिलासपुर जैसे जिलों में एसपी रह चुके हैं, जबकि सरगुजा, दुर्ग और बिलासपुर रेंज में आईजी पद पर भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे चंद्रखुरी स्थित पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में निदेशक के रूप में पदस्थ हैं। आईजी रैंक के अफसर को मिली है जांच की जिम्मेदारी IPS रतनलाल डांगी की शिकायत की जांच पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर आईजी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं। अब तक मामले में जांच शुरू नहीं हुई है। बताया जा रहा है जांच अधिकारी पहले महिला से पूछताछ करके बयान और डिजिटल साक्ष्य लेंगे। महिला से बयान लेने के बाद IPS रतनलाल डांगी का बयान रिकॉर्ड किया जाएगा। जांच टीम में महिला अफसरों को भी शामिल किया गया है। जांच रिपोर्ट कब तक आएगी? इस संबंध में जांच टीम और पुलिस मुख्यालय के अफसरों ने फिलहाल कुछ नहीं कहा है।. वीडियो कॉल से नजर महिला का आरोप है कि अधिकारी सुबह पांच बजे से रात 10 बजे तक कई बार वीडियो कॉ पर नजर रखने का दबाव डालते थे। शिकायत में लिखा है कि वह अब तक चुप रही क्योंकि उसके पति की नौकरी खतरे में पड़ सकती थी। आरोप है कि आईपीएस अधिकारी अक्सर उसे धमकी देते थे कि ’अगर तुमने विरोध किया तो तुम्हारे पति को नक्सल क्षेत्र में तबादला कर दूंगा।’ आईपीएस को महिला कर रही ब्लैकमेल इधर, आईपीएस ने डीजीपी अरुणदेव गौतम को लिखित शिकायत देकर खुद पर लगे आरोपों को झूठा और साजिशन बताया है। उन्होंने कहा कि सब-इंस्पेक्टर की पत्नी पिछले कई वर्षों से उन्हें ब्लैकमेल कर रही है और उनके परिवार को मानसिक प्रताड़ना दे रही है। अधिकारी ने डीजीपी को सौंपे पत्र में लिखा है कि महिला ने उनके वाशरूम और निजी पलों के वीडियो बनाकर उन्हें धमकाना शुरू किया। अधिकारी द्वारा डीजीपी को लिखे पत्र के प्रमुख बिंदु – महिला जहर की शीशी लेकर कार्यालय आई और मुझे अपनी पत्नी से संबंध न रखने की कसम खिलवाई। उसने कई शर्तें रखीं, पत्नी से बात नहीं करना, तस्वीर नहीं खिंचवाना, जन्मदिन या सालगिरह नहीं मनाना। – उसने कहा कि मैं रात में बालकनी में सोऊं और आठ घंटे तक लाइव लोकेशन और वीडियो कॉल चालू रखूं ताकि उसे भरोसा रहे कि मेरे साथ कोई नहीं है। – स्नान, व्यायाम और वाशरूम जाते समय भी वीडियो कॉल चालू रखने की शर्त लगाई गई थी। – उसने वाशरूम में फोटो लिए और दिखाकर धमकाया कि अगर मैं उसकी बात नहीं मानूंगा तो ये तस्वीरें वायरल कर देगी। – विरोध करने पर उसने ब्लेड से खुद का हाथ काटा और आत्महत्या का नाटक किया ताकि मैं डर जाऊं। – दावा किया कि उसने मेरी सिफारिश से जिन लोगों की मदद की, उनसे रुपये वसूले और अब वह कहती है कि मैं झूठे रिकार्ड में फंसा दिया जाऊंगा। – कई मौकों पर वह जहर की शीशी लेकर कार्यालय आती और कहती कि अगर उसकी बात नहीं मानी तो यहीं आत्महत्या कर मुझे फंसा देगी। – उसने मेरी पत्नी और बेटों से मुझे अलग कर दिया। मैं पिछले दो वर्षों से अपने घर में मानसिक अवसाद में जी रहा हूं। – करवा चौथ के दिन उसने धमकी दी कि अगर मैं पत्नी के साथ पूजा में शामिल हुआ तो वह आत्महत्या कर लेगी। – महिला मेरे घर में जबरन घुसी, स्टाफ को अश्लील तस्वीरें दिखाईं और हंगामा किया।  

मरवाही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दौरा, विधायक प्रणव मरपच्ची के परिवार से मुलाकात

रायपुर  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज गौरेला-पेंड्रा- मरवाही जिले के मरवाही के दौरे पर रहेंगे। वे मरवाही विधायक प्रणव मरपच्ची की माता के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने उनके गृहग्राम ऐठी पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना प्रकट करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर 1 बजे रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होंगे और करीब 2 बजे मरवाही के ऐठी गांव पहुंचेंगे। वहां वे लगभग 50 मिनट तक रुककर विधायक प्रणव मरपच्ची व उनके परिजनों से भेंट करेंगे। इसके बाद दोपहर 2:55 बजे रायपुर के लिए वापसी करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए मरवाही प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ऐठी गांव में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही गांव में मौजूद हैं और दौरे की तैयारियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। 

रायपुर में गोवर्धन पूजा का उत्सव, मुख्यमंत्री ने गौसेवा कर प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की

रायपुर : गोवर्धन पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने किया गौपूजन, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास रायपुर में स्थित गौशाला में गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौमाता की पूजा-अर्चना की और गौ माता को खिचड़ी खिलाकर गोसेवा की परंपरा निभाई। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति, गौवंश और पर्यावरण के प्रति आभार व्यक्त करने का पावन पर्व है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं दी। पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने गौशाला में सेवा कर रहे गौसेवकों को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। उन्होंने गौसेवा के लिए उनकी सराहना करते हुए सभी से गौवंश की रक्षा एवं संरक्षण के कार्यों में आगे आने का आग्रह किया। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने  गौशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गौसेवकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि गौशाला में गौवंश की देखरेख की सभी व्यवस्था मौजूद है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा हमारे जीवन में प्रकृति, अन्न और पशुधन के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। गाय भारतीय संस्कृति की आधारशिला है, जो न केवल हमारे ग्रामीण जीवन से जुड़ी है, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था और आस्था दोनों का केंद्र भी है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में गोसेवा और प्रकृति पूजन की भावना गहराई से रची-बसी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय, अन्न और धरती का सम्मान करना उस मातृशक्ति को प्रणाम करना है, जिससे हमारा जीवन जुड़ा है। जब हम इन्हें नमन करते हैं, तब हम अपनी संस्कृति की जड़ों, अपनी आत्मा की गहराइयों और समृद्धि के स्रोतों को स्पर्श करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में गाय गौमाता के रूप में पूजनीय है, और इसी भावना के साथ राज्य सरकार गोसेवा को ग्रामीण विकास की धुरी बनाने के लिए कार्य कर रही है।  

रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गोवर्धन पूजा की, प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय, बगिया (जशपुर) में सपरिवार गोवर्धन पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की माता मती जसमनी देवी साय, धर्मपत्नी मती कौशल्या साय एवं परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण की उस प्रेरणादायी लीला की स्मृति है, जिसमें उन्होंने गोकुलवासियों को प्रलयकारी वर्षा और संकट से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाकर सभी को शरण दी थी। यह पर्व हमें बताता है कि जब समाज एकजुट होकर विश्वास और सहयोग के साथ कार्य करता है, तब कोई भी संकट अजेय नहीं रहता। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि कृतज्ञता, सह-अस्तित्व और प्रकृति-पूजन का प्रतीक है। इस दिन गोवंश की पूजा की जाती है, जो भारतीय संस्कृति की आत्मा — गौ-संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण — को जीवंत रखती है।

रायपुर राजभवन में दीपावली मिलन का भव्य आयोजन, स्नेह और सौहार्द का माहौल

रायपुर राजभवन में दीपावली मिलन का भव्य आयोजन, स्नेह और सौहार्द का माहौल दीपों की चमक से सजा रायपुर राजभवन, दीपावली मिलन समारोह में उमड़ा उत्साह मुख्यमंत्री  साय सहित जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित रायपुर राजभवन में आज दीपावली पर्व के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में दीपावली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। राज्यपाल श्री डेका ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और सभी अतिथियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए उनके सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री सहित आमंत्रित अतिथियों ने भी राज्यपाल श्री डेका को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी तथा राज्यपाल के परिजन उपस्थित थे। कार्यक्रम में विविध रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की गौरवशाली संस्कृति को दर्शाया गया।छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकनृत्य राउत नाच की प्रस्तुति श्री केशव राम यादव एवं उनके दल द्वारा की गई। सूफी गायक पद्मश्री मदन चौहान के मधुर गायन तथा विधायक श्री अनुज शर्मा के भजन प्रस्तुतिकरण ने समारोह के उत्साह को दोगुना कर दिया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, मुख्य सचिव श्री विकासशील, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायकगण, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सड़क पर कहर: थार की टक्कर से 4 की मौत, 3 गंभीर घायल, देखें वीडियो

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर के चोमू इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर बुधवार तड़के एक भीषण सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह भयानक हादसा तब हुआ जब एक तेज रफ्तार थार एसयूवी ने नियंत्रण खोकर तीन मोटरसाइकिलों को टक्कर मार दी। खाटूश्याम दर्शन कर लौट रहा था परिवार पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के शिकार सभी पीड़ित सीकर जिले में स्थित खाटूश्याम मंदिर में दर्शन करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। दुर्घटना का कारण: तेज गति से चल रही थार वाहन ने नियंत्रण खो दिया और आगे चल रही तीन बाइकों को टक्कर मार दी। टक्कर की तीव्रता: टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिलें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर थार के नीचे कुचल गईं। एक व्यक्ति की मौके पर मौत, 3 ने अस्पताल जाते हुए दम तोड़ा दुर्घटना के बाद स्थानीय निवासी तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। मृतक संख्या: चार (एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।) घायल: तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज एसएमएस अस्पताल में चल रहा है। दुर्घटना का शिकार: सभी सातों पीड़ित एक ही परिवार के सदस्य थे और जयपुर के करधनी थाना क्षेत्र के नांगल जैसा बोहरा के रहने वाले थे। हादसे में घायल छह लोगों को पास के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां एक महिला सहित तीन घायलों ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मृतकों और घायलों की पहचान मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है: वीरेंद्र श्रीवास्तव (55, मूल निवासी वाराणसी, जयपुर के वैद्यजी का चौराहा निवासी) सुनील श्रीवास्तव (50, मूल निवासी वाराणसी) लकी श्रीवास्तव (30, जयपुर के ब्रजवाड़ी कॉलोनी निवासी) श्वेता श्रीवास्तव (26, जयपुर के ब्रजवाड़ी कॉलोनी निवासी)