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सामाजिक सुरक्षा एवं मुख्यमंत्री पेंशन योजनाओं से जरूरतमंदों को मिल रहा संबल

रायपुर.  छत्तीसगढ़ राज्य में सामाजिक सुरक्षा और मुख्यमंत्री पेंशन योजनाएं वृद्धों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभर रही हैं । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार द्वारा दी जा रही पेंशन से जरूरतमंदों को महंगाई के इस दौर में सम्मानजनक जीवन जीने की वास्तविक सुविधा मिल रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सहायता एवं पेंशन योजनाओं के माध्यम से महासमुंद जिले के हजारों जरूरतमंद हितग्राहियों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा योजना और मुख्यमंत्री पेंशन योजना के अंतर्गत कुल 53 हजार 561 हितग्राहियों को पेंशन राशि का भुगतान किया गया है। राज्य शासन की योजनाओं से मिल रहा आर्थिक सहयोग महासमुंद जिले के उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह ने बताया कि राज्य शासन द्वारा संचालित पेंशन योजनाओं के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 24 हजार 253, सुखद सहारा योजना के 9 हजार 76 तथा मुख्यमंत्री पेंशन योजना के 20 हजार 232 हितग्राहियों को अप्रैल 2026 तक की पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है। इन योजनाओं के माध्यम से वृद्धजन, निराश्रित महिलाओं और अन्य पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनके जीवनयापन में सहूलियत मिल रही है। केंद्रीय पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी मिला लाभ समाज कल्याण विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी लंबित पेंशन राशि का भुगतान किया गया है। तकनीकी प्रक्रिया के कारण हुई थी देरी भारत सरकार द्वारा नवीन एसएनए-एस्पर्श प्रणाली लागू किए जाने के कारण पेंशन भुगतान में कुछ समय के लिए विलंब की स्थिति बनी थी। अब प्रक्रिया सुचारु होने के बाद पात्र हितग्राहियों को अप्रैल 2026 तक की पेंशन राशि जारी कर दी गई है। 42 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला भुगतान केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 32 हजार 52, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 9 हजार 469 तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के 945 हितग्राहियों को पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है। सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सामाजिक सहायता योजनाएं समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। नियमित पेंशन भुगतान से वृद्धजन, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को सम्मानपूर्वक जीवनयापन में सहायता मिल रही है। शासन की इन योजनाओं से हजारों परिवारों को सामाजिक और आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है।

अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम की बड़ी कार्रवाई, 7 दुकानें तोड़ीं; महिला के विरोध से बढ़ा तनाव

नारायणपुर. शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने नगर पालिका टीम ने सोमवार से कार्रवाई शुरू कर दी है. अभियान के तहत जय स्तंभ चौक क्षेत्र में बुलडोजर एक्शन (Narayanpur Anti-Encroachment Drive) देखना को मिला. इस दौरान एक महिला जेसीबी मशीन के सामने लेट गई. लोगों की भीड़ जुटने से क्षेत्र में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. महिला ने मचाया हंगामा जानकारी के अनुसार, नगर पालिका और पुलिस की टीम फुटकर व्यवसायियों द्वारा किए गए अतिक्रमण हटाने पहुंची थी. कार्रवाई का विरोध करते हुए अतिक्रमणकारियों ने हंगामा शुरू कर दिया. एक महिला ने जेसीबी मशीन के सामने आकर कार्रवाई रोकने की कोशिश भी की. मौके पर अन्य लोग भी पहुंचकर विरोध करने लगे. तनावपूर्ण माहौल के कारण कार्रवाई कुछ देर के लिए बाधित रही. जेसीबी मशीन के सामने लेटने वाली महिला का आरोप था कि शहर में कई स्थानों पर अतिक्रमण है, लेकिन कार्रवाई केवल चुनिंदा लोगों के खिलाफ की जा रही है.  महिला को हटाने के बाद दोबारा कार्रवाई शुरू की गई. कुल सात दुकानों और अस्थायी संरचनाओं को हटाया गया. कार्रवाई के दौरान राजस्व और पुलिस की टीम भी मौजूद रही, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो. संबंधित लोगों को दिया था नोटिस : नगर पालिका CMO नगर पालिका के सीएमओ ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया गया था. नोटिस की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके चलते आज नियमानुसार कार्रवाई की गई.

मुख्यमंत्री साय का बच्चों से आह्वान, मन लगाकर पढ़ें; शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी

मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने का किया आह्वान : शिक्षा को बताया उज्ज्वल भविष्य और सफलता का आधार नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें पूरी लगन और उत्साह के साथ पढ़ाई करने का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि आप सभी बच्चों के सपनों को आकार देने और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का माध्यम है। उन्होंने बच्चों से पूरे आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्साह के साथ नियमित रूप से विद्यालय जाने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का परिश्रम और शिक्षा ही आने वाले समय में बच्चों की सफलता का आधार बनेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ने तथा ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व विकास के माध्यम से प्रदेश और देश के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के बच्चे अपनी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प के बल पर भविष्य में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे तथा प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के सफल, उज्ज्वल और प्रेरणादायी भविष्य की कामना की।

बिलासपुर बुल्स का शानदार जलवा, रायगढ़ लायंस को मात देकर जीता CCPL सीजन-3 का खिताब

रायपुर. छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग (CCPL) सीजन-3 का फाइनल मुकाबला रविवार को नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया, जिसमें बिलासपुर बुल्स (Bilaspur Bulls) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रायगढ़ लायंस (Raigarh Lions) को 7 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। पहले गेंदबाजी और फिर दमदार बल्लेबाजी के दम पर बिलासपुर ने मैच पर पूरी तरह पकड़ बनाई और नया चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया। बिलासपुर बुल्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए रायगढ़ लायंस ने निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 160 रन बनाए। रायगढ़ लायंस की ओर से नयन राजकुमार चौहान ने 41 रन, संगीत सोनी ने 32 रन और दीपक यादव ने नाबाद 22 रनों की पारी खेली। वहीं अन्य बल्लेबाज बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रहे। भारत गोंडवानी ने झटके 3 विकेट बिलासपुर बुल्स की ओर से गेंदबाजी में बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला। भारत गोंडवानी ने 3 विकेट झटके। वहीं वरुण सिंह भूई और मोहित राउत ने 2-2 विकेट हासिल किए। बिलासपुर बुल्स की बल्लेबाजी लक्ष्य का पीछा करने उतरी बिलासपुर बुल्स की शुरुआत मजबूत रही। टीम ने 16.3 ओवर में 3 विकेट खोकर 164 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। बल्लेबाजी में वीकल्प तिवारी ने नाबाद 39 रन, पवन परनाटे ने 39 रन और प्रतेक यादव ने मात्र 13 गेंदों में 30 रनों की धमाकेदार पारी खेली। रायगढ़ लायंस के गेंदबाजों ने कोशिश जरूर की, लेकिन वे बिलासपुर के बल्लेबाजों को रोकने में नाकाम रहे। प्रवीण कुमार यादव ने 1 विकेट लिया, जबकि अन्य गेंदबाज महंगे साबित हुए। भारत गोंडवानी बने प्लेयर ऑफ द मैच इस शानदार प्रदर्शन के लिए भारत गोंडवानी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने गेंदबाजी में 3 अहम विकेट लेकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिलचस्प रहा है टूर्नामेंट का इतिहास सीसीपीएल का इतिहास भी काफी रोचक रहा है। वर्ष 2024 में खेले गए पहले सीजन के फाइनल मुकाबले में रायपुर राइनोज ने बिलासपुर बुल्स को आठ विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया था। वहीं पिछले सीजन में बारिश के कारण फाइनल मुकाबला आयोजित नहीं हो सका था। इसके चलते रायपुर राइनोज और राजनांदगांव पैंथर्स को संयुक्त विजेता घोषित किया गया था। अब तीसरे सीजन (2026) में फिर नया चैंपियन सामने आया है। नवा रायपुर में खेले गए फाइनल मुकाबले में बिलासपुर बुल्स ने रायगढ़ लायंस को 7 विकेट से हराकर पहली बार CCPL का खिताब जीत लिया है। इस जीत के साथ बिलासपुर बुल्स ने पहले सीजन की हार का बदला भी पूरा कर लिया और नया इतिहास रच दिया।

जनता की शिकायतों का अंबार, CM हेल्पलाइन 1076 पर 15 हजार से अधिक शिकायतें; बिजली-भूमि विवाद टॉप पर

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री साय सरकार की नई सीएम हेल्पलाइन 1076 आम जनता के लिए शासन तक अपनी शिकायतें पहुंचने का सशक्त माध्यम बन रही है. हेल्पलाइन शुरू होने के महज पांच दिनों के भीतर शिकायतों की संख्या 15 हजार के आंकड़े को पार कर गई है. सबसे ज्यादा शिकायतें नगरीय सुविधाओं, बिजली और जमीन से जुड़ी हुई है. 13 जून तक 15,434 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं.  राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित 2,470 शिकायतें आई हैं. इनमें नामांतरण, सीमांकन और भू-अभिलेख संबंधी शिकायतें प्रमुख हैं. वहीं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से जुड़ी 2,058 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें सड़क, नाली, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याएं शामिल हैं. सीएम हेल्पलाइन पर ऊर्जा विभाग से संबंधित 1,921 शिकायतें दर्ज की गई हैं. इनमें बिजली आपूर्ति, ट्रांसफॉर्मर और विद्युत कनेक्शन से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 1,509 मामलों के साथ-साथ खाद्य विभाग से जुड़ी 1,235 शिकायतें भी हेल्पलाइन पर दर्ज हुई हैं. खाद्य विभाग की शिकायतों में राशन कार्ड और पात्रता संबंधी समस्याएं सामने आई हैं.लगभग हर दूसरी शिकायत जमीन, नाली, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी है.

सड़कों व पुलों के निर्माण में गुणवत्ता और समय-सीमा सर्वोच्च प्राथमिकता, लेट-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी – अरुण साव

सड़कों और पुलों के निर्माण की धीमी गति पर बिफरे उप मुख्यमंत्री अरुण साव, 2 ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त  8 को कारण बताओ नोटिस, 2 ठेकेदारों पर कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मंगाया बस्तर में निरीक्षण और समीक्षा बैठकों में जताई थी गहरी नाराजगी, लापरवाह और काम में देरी करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई के दिए थे निर्देश सड़कों व पुलों के निर्माण में गुणवत्ता और समय-सीमा सर्वोच्च प्राथमिकता, लेट-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी – अरुण साव रायपुर.   उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव द्वारा सड़कों व पुलों के निर्माण की धीमी गति पर गहरी नाराजगी जाहिर करने और ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश के बाद विभाग ने दो ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त कर दिए हैं। लोक निर्माण विभाग ने कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले 8 ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए हैं। वहीं पूर्व में दो ठेकेदारों को जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब का परीक्षण कर ठेकेदार के विरूद्ध कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मंगाया गया है।  लोक निर्माण विभाग ने 10 जून को भी राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशलूर-जगदलपुर मार्ग में किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन के ऊपर केशलूर के पास बन रहे फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज में काम की प्रगति मंजूर किए गए निर्माण कार्यक्रम से काफी पीछे होने और तय किए गए माइलस्टोन्स के अनुरूप नहीं होने पर ठेकेदार मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को नोटिस जारी कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।     उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पिछले सप्ताह चार दिनों के बस्तर प्रवास के दौरान अपने चारों विभागों के कार्यों का निरीक्षण कर गहन समीक्षा की थी। उन्होंने निरीक्षण और बैठकों के दौरान सड़कों व पुलों के निर्माण की धीमी प्रगति पर अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर गहरी नाराजगी जताई थी। उन्होंने काम में लापरवाही, देरी और अनुबंध के अनुसार अपेक्षित तेजी नहीं लाने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलों के काम पिछड़ने पर दो ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने चार पुलों के निर्माण की धीमी प्रगति पर ठेकेदार मेसर्स गुप्ता कन्सट्रक्शन कंपनी का पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया है। कंपनी द्वारा भवरडींग नदी पर अदनार-तोतर मार्ग, कोंडागांव के घोटिया-मुंडा-चांदाबेड़ा मार्ग और बड़े राजपुर विकासखंड के पलना-मरीगांव-कुंडई मार्ग पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है। कंपनी कबीरधाम जिले के बांटीपथरा से कुई (दमगढ़) मार्ग में हॉफ नदी पर भी उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कर रही है। चारों कार्यस्थलों पर कंपनी का काम अपेक्षित गति से काफी पीछे है। विभाग ने कांकेर के आमाबेड़ा-सेमर गांव सड़क पर नेरूल नदी तथा बोड़ागांव-खासगांव-तरादुल मार्ग में डुमरीकेल नाला पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के कार्य में लेट-लतीफी पर ठेकेदार निर्भय राम साहू का पंजीयन आगामी दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया है। विभाग द्वारा प्रगति की लगातार समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने के लिए बार-बार निर्देशित और नोटिस जारी करने के बावजूद इन दोनों ठेकेदारों के काम की गति असंतोषजनक है।   लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने नारायणपुर-सोनपुर-मरोदा मार्ग के चौड़ीकरण व सुधार कार्य की धीमी गति पर ठेकेदार पंकज हालदार को पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस के उत्तर का परीक्षण कर कार्रवाई के लिए बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मंगाया है। प्रमुख अभियंता ने सुकमा में पैकपारा-धनीकोड़ता मार्ग तथा केरलापाल-पटेलपारा-सिरसट्टी सड़क के कार्य में भी अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर ठेकेदार आशीष भदौरिया को पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब का परीक्षण कर कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मंगाया है।    सड़कों के निर्माण में लेट-लतीफी पर इन ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी विभाग ने कांकेर-अमोड़ा-नरहरपुर मार्ग के ठेकेदार मेसर्स बी.एम.एस. प्रोजेक्ट, कोंडागांव में हडेली-कुदूर मार्ग के ठेकेदार मेसर्स सुराना एंड कंपनी और जगदलपुर-चित्रकोट मार्ग के ठेकेदार मेसर्स एस.के. अरोरा को कार्यों में धीमी प्रगति के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कार्यस्थलों पर काम की प्रगति मंजूर किए गए निर्माण कार्यक्रम से काफी पीछे होने और तय किए गए माइलस्टोन्स (महत्वपूर्ण पड़ावों) के अनुरूप नहीं होने पर सुकमा के चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क के ठेकेदार के. मोहन रेड्डी, ट्रांससॉफ्ट इन्फ्रा और मेसर्स राघव कन्सट्रक्शन, कोंटा-गोलापल्ली मार्ग के ठेकेदार मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स राघव कन्सट्रक्शन तथा भेज्जी-चिंतागुफा सड़क का निर्माण कर रहे ठेकेदार के. मोहन रेड्डी एवं गोविन्द्र सिंह देशमुख को लोक निर्माण विभाग के सुकमा संभाग के कार्यपालन अभियंता द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।     ”सड़कों व पुलों के निर्माण में गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लेट-लतीफी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्यों के पूरे नहीं होने से लोगों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है। बस्तर में निर्माणाधीन सड़कों और पुलों को तेजी से पूरे कर बेहतर कनेक्टीविटी सुनिश्चित करने पर जोर है। वहां काम कर रहे ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को अनुबंध के अनुसार निर्धारित प्रगति तथा माइलस्टोन्स पूरे करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। काम में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई की जा रही है।“ – अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री

सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा फैसला, गरियाबंद जेल के आसपास ड्रोन उड़ाना हुआ प्रतिबंधित

गरियाबंद. बंदियों की सुरक्षा को खतरा देखते हुए गरियाबंद जिला प्रशासन ने जिला जेल के 200 मीटर की परिधि को ‘नो ड्रोन फ्लाई जोन’ घोषित किया है. कलेक्टर भगवान सिंह उइके के धारा 188 लागू करने के साथ ही अब कोई भी जिला जेल के इर्द-गिर्द ड्रोन नहीं उड़ा सकता है. जिला प्रशासन ने बंदियों की सुरक्षा, संवेदनशीलता और कानून व्यवस्था के लिहाज से यह आदेश जारी किया है. अंबिकापुर की केंद्रीय जेल के ऊपर भी नहीं उड़ेंगे ड्रोन अंबिकापुर. केंद्रीय जेल अंबिकापुर की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने जेल परिसर के आसपास 100 मीटर के दायरे को रेड जोन घोषित कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अजीत वसंत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार केंद्रीय जेल की मुख्य परिधि से 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के ड्रोन, गुब्बारे या अन्य हवाई उपकरणों के उड़ान संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही इस क्षेत्र में हवाई फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की अनुमति भी नहीं होगी। प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की आशंका के चलते फैसला प्रशासन का मानना है कि आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर कुछ असामाजिक तत्व ड्रोन के माध्यम से जेल परिसर तक प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की कोशिश कर सकते है। इसी आशंका को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है, ताकि जेल की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक न हो। उल्लंघन करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम जिला प्रशासन के इस फैसले को केंद्रीय जेल अंबिकापुर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी सुरक्षा से जुड़े मामलों में आवश्यकतानुसार कड़े निर्णय लिए जाएंगे।

शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन बनाएं जनप्रतिनिधि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आह्वान

शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन बनाने आगे आएं जनप्रतिनिधि : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री ने लिखा पत्र 16 से 27 जून तक चलेगा शाला प्रवेश उत्सव अभियान "कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे" अभियान की सफलता के लिए जनसहभागिता का किया आह्वान रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर 16 जून से 27 जून 2026 तक आयोजित होने वाले "शाला प्रवेश उत्सव" में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे सशक्त आधार है तथा यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री साय ने अपने पत्र में प्रदेश के समस्त विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं शिक्षा से जुड़े सभी लोगों को नवीन शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि नए शैक्षणिक सत्र के साथ प्रदेशभर में शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बालक-बालिका का विद्यालय में प्रवेश तथा नियमित अध्ययन सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष, महापौर तथा नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे अपने क्षेत्र के किसी विद्यालय में सुविधानुसार उपस्थित होकर अभियान में सहभागी बनें तथा ऐसे बच्चों की पहचान और नामांकन के लिए प्रेरित करें, जो अभी तक विद्यालय से नहीं जुड़े हैं अथवा बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सहभागिता इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री साय ने पत्र में उल्लेख किया है कि राज्य सरकार विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम विद्यालयों के माध्यम से उत्कृष्ट शिक्षण वातावरण विकसित किया जा रहा है तथा वर्ष 2026 से 150 विवेकानंद विद्यालयों की स्थापना कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए मानक स्थापित किए जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शासकीय विद्यालयों को आधुनिक, तकनीक-संपन्न और छात्र-केंद्रित संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश तथा बालिकाओं के लिए सरस्वती साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जनप्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग और व्यापक जनभागीदारी से शाला प्रवेश उत्सव को सफल बनाते हुए प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा का अधिकार पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा।

पर्यटकों के लिए अहम खबर! छत्तीसगढ़ के टाइगर रिजर्व और अभयारण्यों में आज से प्रवेश बंद

रायपुर. मानसून सीजन को देखते हुए सोमवार से छत्तीसगढ़ के सभी टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए हैं. ये सभी संरक्षित वन क्षेत्र अब 1 अक्टूबर तक बंद रहेंगे. वन विभाग के अनुसार, जंगलों के दरवाजे पर्यटकों के लिए 2 अक्टूबर से दोबारा खोले जाएंगे. हर साल बारिश के मौसम में करीब तीन महीने के लिए इन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है. बारिश के दौरान जंगलों में प्रतिकूल परिस्थितियां बनने और वन्य प्राणियों के प्रजननकाल को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया जाता है. इससे वन्यजीवों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाती है.

संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का करें निर्वहन : मुख्यमंत्री साय

जनसेवा ही प्रशासनिक सेवा का सर्वोच्च उद्देश्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का करें निर्वहन : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने की मुलाकात बस्तर से सरगुजा तक के अनुभव साझा कर प्रशिक्षु अधिकारियों ने बताया छत्तीसगढ़ को अद्भुत प्रदेश रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।  मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उनकी सफलता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि  कि प्रशासनिक सेवा जनसेवा का सबसे प्रभावी माध्यम है और प्रशासनिक अधिकारी के रूप में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी के निर्णय हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, इसलिए प्रत्येक निर्णय में जनहित सर्वोपरि होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझें।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा और प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसका उपयोग समाज और आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संभावनाओं से परिपूर्ण प्रदेश है। यहां के लोग सरल, सहज, मेहनती और आत्मीय स्वभाव के हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों, तेजी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी, पर्यटन की संभावनाओं, नक्सल उन्मूलन की सफलता तथा राज्य के विकास की यात्रा से अवगत कराया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय परंपराओं और विकास के नए अवसरों पर भी अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को कहा कि ईमानदारी, निष्ठा और जनहित की भावना से लिया गया प्रत्येक निर्णय प्रदेश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिलों सहित सरगुजा संभाग के जशपुर, सरगुजा और कोरिया जिलों का भ्रमण करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनजीवन, संस्कृति, विकास गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अध्ययन किया तथा मां दंतेश्वरी के दर्शन भी किए। अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विविधताओं, सांस्कृतिक समृद्धि और आत्मीयता से भरपूर प्रदेश है। यहां के लोगों के स्नेह, जनजातीय परंपराओं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की संभावनाओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा के माध्यम से जनहित में कार्य करना उनके लिए गौरव और जिम्मेदारी दोनों है। मुलाकात के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रशासनिक सेवा की तैयारी से जुड़े अनुभव, चुनौतियां और प्रेरणादायक प्रसंग भी साझा किए। मुख्यमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्हें निरंतर सीखते रहने, जमीनी स्तर से जुड़े रहने तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर कार्य करने की प्रेरणा दी। उल्लेखनीय है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी गोकुल आर. के., वी. यशवंत नायक एवं ईशांत जायसवाल वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। तीनों अधिकारियों को छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ है। जिला प्रशिक्षण पर रवाना होने से पूर्व उन्होंने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक एवं अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, संचालक टी.सी. महावर तथा संयुक्त संचालक प्रणव सिंह उपस्थित थे।