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खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग: वर्ष 2024-25 में 15 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व

रायपुर राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल छत्तीसगढ़ की रजत महोत्सव के रूप में 25वी बैठक आज सिविल लाईन स्थित न्यू सर्किट हाऊस में श्री पी. दयानंद, सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, खनिज साधन विभाग एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में श्री रजत बंसल, संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म एवं केन्द्र सरकार तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागो, उपक्रमों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग, नए खनन परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करना और गत वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा करना रहा। बैठक में वर्ष 2024-25 के दौरान पूरे हुए खनन कार्यों और उनसे प्राप्त उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश को खनिज राजस्व के रूप में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। यह उपलब्धि वर्ष 2023-24 की तुलना में लगभग 34 प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि ने न केवल प्रदेश के आर्थिक ढांचे को मजबूती दी है, बल्कि खनन क्षेत्र में नए निवेश और अवसरों के द्वार खोले हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में खनिज अन्वेषण एवं खनिज दोहन के क्षेत्र में कार्यरत भारत सरकार एवं राज्य सरकार के विभागों एवं संस्थानों के द्वारा वर्ष 2024-25 में किये गये भू-वैज्ञानिक कार्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जहां वर्ष 2024-25 के सम्पादित कार्यों की उपलब्धियों पर चर्चा की गई वही प्रदेश में पाये जाने वाले खनिजों की खोज के लिए वर्ष 2025-26 में प्रस्तावित भू-वैज्ञानिक कार्यों को अंतिम रूप दिया गया। मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद ने अपने उ‌द्बोधन में कहा कि खनिज किसी भी राज्य और देश के सर्वांगीण विकास की रीढ़ होती है। राज्य में स्ट्रेटजिक एवं क्रिटिकल मिनरल की खोज राज्य में विकास के एक नए युग की शुरूआत का संकेत देती है। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ में खनिज अधारित नये उद्योगों की स्थापना के लिए राज्य में विद्यमान विभिन्न खनिजों का सतत् एवं व्यवस्थित तरीके से अन्वेषण किया जाना चाहिए। बैठक में उपस्थित अन्वेषण कार्यों से संबद्ध सभी विभागों एवं संस्थानों से यह आग्रह किया गया कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास हेतु वे अपनी कुशलता, संसाधन एवं उपलब्ध नवीनतम तकनीकियों का उपयोग कर प्रदेश में पाये जाने वाले महत्वपूर्ण खनिजों का अन्वेषण करे। मुख्यमंत्री के सचिव और खनिज सचिव श्री दयानंद ने छत्तीसगढ़ में खनिज के विकास के लिए कार्य करने वाली एजेंसियों के मध्य उत्पादित आंकड़ों के साझा किये जाने एवं समन्वय स्थापित किये जाने की सलाह दी। बैठक में संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म छत्तीसगढ़ श्री रजत बंसल के द्वारा क्षेत्रीय सत्र 2024-25 में सम्पन्न कार्यों की जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्ष 2024-25 में लगभग 2500 मिलियन टन चूनापत्थर एवं लौह अयस्क के लगभग 93 मिलियन टन भण्डार आंकलित किये गये। आगामी क्षेत्रीय सत्र 2025-26 के अन्वेषण परियोजनाओं में विभाग द्वारा महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों को शामिल किया गया है। यह परियोजना देश के लिए आवश्यक खनिज संसाधनों की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा। यह आत्मनिर्भर भारत मिशन को सशक्त करेगी और रणनीतिक क्षेत्रों में सतत् एवं आत्मनिर्भर विकास को प्रोत्साहित करेगी। उन्होने कहा कि "छत्तीसगढ़ शासन वैज्ञानिक एवं विस्तृत खनिज अन्वेषण तथा विकास को पूर्ण समर्थन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।" खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में एनएमइटी के तहत वर्ष 2024-25 में चूनापत्थर हेतु 01 एवं बाक्साइट हेतु 01 अन्वेषण परियोजना की स्वीकृति प्राप्त हुई है। अधिसूचित निजी अन्वेषण संस्थान को एनएमइटी के तहत् राज्य के अन्वेषण कार्य हेतु दो प्रस्ताव स्वीकृत किये गये थे। जिसमें एक लिथियम, नियोबियम, टेण्टेलम, टाईटेनियम दुर्लभ मृदा धातुएँ एवं एक लौहअयस्क के प्रस्ताव सम्मिलित है। विभाग द्वारा निजी संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ावा देकर अन्वेषण एवं खनिज संसाधनों के परिशोधन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। केन्द्र सरकार तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागों, उपक्रमों के प्रतिनिधियों द्वारा भी छत्तीसगढ़ राज्य में किये गये खनिज अन्वेषण कार्यों की जानकारियों प्रस्तुत की गई। सर्व प्रथम भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के उप महानिदेशक डॉ. अमित धारवारकर द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बाक्साइट, गोल्ड, ग्लूकोनाईट, लिथियम, टाईटेनियम दुर्लभ मृदा धातुएँ, फास्फोराइट, फ्लोराईट, लेड एवं जिंक खनिज हेतु सर्वेक्षण कार्य किया गया है। वर्ष 2025-26 में विभिन्न खनिजों के कुल 29 परियोजनाओं पर कार्य लिया जा रहा है। संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, छत्तीसगढ़ द्वारा वर्ष 2025-26 में कुल 11 अन्वेषण परियोजना को सर्वेक्षण / पूर्वेक्षण कार्य हेतु अनुमोदित किया गया। जिसमें स्ट्रेटजिक एवं किटिकल मिनरल पर 02, ग्लूकोनाईट पर 02, लेपिडोलाईट पर 01, चूनापत्थर पर 02, लौह अयस्क पर 02 एवं बॉक्साइट पर 02 परियोजना सम्मिलित है। इस अवसर पर आईबीएम रायपुर के रीजनल कंट्रोलर श्री प्रेम प्रकाश, रीजनल माइनिंग जियोलॉजिस्ट श्री डी. दास, जीएसआई रायपुर के डिप्टी डायरेक्टर जनरल श्री अमित ए धारवाड़कर, एएमडी के सेंट्रल रीजन के क्षेत्रीय निदेशक श्री एस.आर. मंथनवार सहित एन.एम.डी. सी., सीआईएल, वेदांता, अल्ट्राटेक, डेक्कन गोल्ड के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

30 से अधिक हाथियों का दल गांव में घुसा, ग्रामीणों में मची भगदड़

सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के करंजवार गांव में हाथियों का विशाल झुंड देखा गया है. करीब 30 से 35 हाथियों का यह दल क्षेत्र में डेरा जमाए हुए है. हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों और किसानों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों ने धान और मक्का की फसलों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है. बता दें, झुंड में बड़े दतैल हाथियों के साथ छोटे-छोटे शावक भी शामिल हैं. स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार मौके पर डटी हुई है. विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और हाथियों से दूर रहने की अपील की है.

हमर छत्तीसगढ़ की मिसाल: जहां गुरुजी पढ़ाते भी हैं और बच्चों के बाल भी संवारते हैं

कबीरधाम  छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों की बदहाली और शिक्षकों की लापरवाही की खबरें तो आपने बहुत देखी और सुनी होगी, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे सरकारी स्कूल के मास्टरजी यानी शिक्षक के बारे में बताने जा रहे हैं जो 'सैलून वाले गुरुजी' के नाम से मशहूर हैं। चौक गए न आप भी। दरअसल, कबीरधाम जिले के सरकारी मिडिल स्कूल में पदस्थ टीचर पूनाराम पनागर की पहल भी गजब है। यह शिक्षक स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के साथ विद्यार्थियों के बाल भी निःशुल्क कटिंग करते हैं। शिक्षक आखिर क्यों ऐसा करता है,नाई बनने के पीछे उनका क्या मकसद है? तो चलिए आपको इस मास्टरजी के बारे में बताते हैं। कौन हैं ये शिक्षक? कबीरधाम जिले में बोड़ला स्थित पूर्व माध्यमिक स्कूल में शिक्षक पूनाराम पनागर की पोस्टिंग हैं। वह बच्चों को पढ़ाने के उनके बाल भी मुफ्त में काटते हैं। बाल कटिंग में खर्च होने वाले पैसों को शिक्षक बच्चों से कॉपी, पेन या स्कूल से संबंधी जरूरी काम करने को कहते हैं। शिक्षक पूनाराम बताते हैं कि मैं पहले बोड़ला के महलीघाट गांव के प्राइमरी स्कूल में था। इस आदिवासी क्षेत्र में सेलून नहीं थे। ऐसे में स्कूल के बच्चों के बाल काफी बढ़ जाते थे। तब मैंने 2012 से खुद ही बच्चों के बाल काटना शुरू कर दिया। बाद में मेरा ट्रांसफर यहां बोड़ला के स्कूल में हो गया। यहां भी सरकारी हॉस्टल में रहने वाले बच्चे गरीब परिवारों से है। शिक्षक पूनाराम ने बताया कि सरकारी SC-ST हॉस्टल के बच्चों के बाल महीने में किसी एक रविवार को काटता हूं। इससे बच्चों के सेलून का खर्चा बच जाता है। इतना ही नहीं शिक्षक पूनाराम सरकारी स्कूल के पहली से दसवीं क्लास के बच्चों को 15 साल से स्कूल के अलावा फ्री कोचिंग भी दे रहे हैं। अपने पढ़ाए बच्चों के बीच यह स्पर्धा भी कराते हैं कि जो जिले में टॉप करेंगे या प्रदेश में टॉपर सूची में आएंगे तो उन्हें 10 से 15 हजार इनाम भी देंगे। वे हर साल पर्चा छपवाकर इलाके में बंटवाते हैं कि लोग अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में ही कराएं। शिक्षक के इस पहल की पूरे प्रदेश में जमकर चर्चा हो रही है।   घर पर बच्चों को निःशुल्क कोचिंग भी पढ़ाते हैं पूनाराम पनागर की इस पहल की सराहना न सिर्फ छात्र बल्कि अन्य शिक्षक और अभिभावक भी करते हैं। पूनाराम के काम को समाज सेवा की मिसाल मानते हैं। शिक्षक कृष्ण कुमार ध्रुवे बताते हैं कि पूनाराम सर… बच्चों के शैक्षणिक उत्थान को लेकर बहुत सजग हैं। उनकी सोच यह है कि बच्चे पैसों की बचत करके उसका उपयोग शैक्षणिक गतिविधियों में करें। वे गरीब और कमजोर बच्चों को निःशुल्क कोचिंग भी देते हैं, ताकि वे पीछे न रहे। अपने कोचिंग में पढ़ने वाले बच्चों के बीच प्रतिस्पर्धा भी करवाते हैं और यह भी कहते हैं कि 10वीं और 12वीं में टॉप करने वाले बच्चों को पुरस्कार भी अपनी जेब से देंगे। सरकारी स्कूलों में दाखिला कराने बांटते हैं पर्चा कबीरधाम जिले में एक सरकारी शिक्षक अपनी सेवा भावना से मिसाल बन गए हैं। सरकारी स्कूलों में हर साल बच्चों का दाखिला घट रहा है, लेकिन शिक्षक पूनाराम हर साल खुद पर्चा छपवाकर ग्रामीणों से अपील करते हैं कि वे अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों में कराएं। महंगी फीस से बचें और उन पैसों को बच्चों के आगे की पढ़ाई के लिए बचाएं…। गरीब और कमजोर बच्चों को शिक्षक अपने पैसों से पुस्तक-कापी भी खरीदकर देते हैं, ताकि उन्हें पढ़ने में कोई दिक्कत न हो। ऐसे शिक्षक की प्रतिबद्धता ने यह साबित कर दिया है कि एक शिक्षक अगर चाहे तो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।  

लापरवाही का शिकार ग्रामीण: लाखों खर्च के बाद भी सड़क बेहाल, ठेकेदार को नोटिस

बीजापुर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करोड़ों की योजनाएं गांवों तक बेहतर आवागमन की सुविधा देने के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन उसूर तहसील की बासागुड़ा-कुम्हारपारा सड़क इसका बिल्कुल उल्टा उदाहरण बन गई है। साल 2020 में ठेकेदार आकाश चांडक ने 60 लाख की लागत से 1.60 किमी लंबी मिट्टी-मुरुम सड़क बनाई थी। पांच साल बीतने को हैं लेकिन ठेकेदार ने इस सड़क की एक बार भी मरम्मत नहीं की। नतीजा यह हुआ कि आज यह सड़क पूरी तरह से उबड़-खाबड़ और गड्ढों से भरी खाई में तब्दील हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर चलना किसी नदी को पार करने से कम नहीं है। जगह-जगह गड्ढे, कटे किनारे और झाड़ियों ने इसे मौत का जाल बना दिया है। आलम यह है कि धरमापुर, मल्लेपल्ली और डल्ला गांव के करीब 1000 ग्रामीण रोजाना इसी सड़क से गुजरने को मजबूर हैं। पैदल यात्री, बाइक सवार और ट्रैक्टर चालकों के लिए यह सफर किसी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क निर्माण में शुरुआत से ही लापरवाही बरती और काम अधूरा छोड़ दिया। अब मरम्मत न होने से हालात बदतर हो गए हैं। उनका कहना है कि सड़क पर चलने से ज़्यादा आसान तो खेतों में चलना है। इस मामले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता नवीन कुमार टोंडे और उप अभियंता परमानंद रामटेके ने बताया कि ठेकेदार को 5 अगस्त 2025 को मरम्मत करने के लिए नोटिस भेजा गया है। लेकिन ठेकेदार ने मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया तो विभाग 18 लाख रुपये की वसूली ठेकेदार से करेगा। लेकिन सवाल यह है कि आखिर ग्रामीणों की पांच साल से चली आ रही परेशानी का जिम्मेदार कौन है? और कब तक ऐसी योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही टिकाऊ साबित होंगी?

प्रधानमंत्री मोदी से मिले महेश कश्यप, बस्तर के सांस्कृतिक उत्सव में आने का अनुरोध

नई दिल्ली/रायपुर छत्तीसगढ़ में हर साल आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरे का न्योता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच चुका है. बस्तर सांसद महेश कश्यप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य मुलाकात की और उन्हें विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरे में शामिल होने का निमंत्रण दिया. पीएम मोदी ने इस आमंत्रण को स्नेहपूर्वक स्वीकार करते हुए भरोसा दिलाया कि वे समय निकालकर इस ऐतिहासिक पर्व का हिस्सा बनेंगे. सांसद महेश कश्यप अपनी धर्मपत्नी चंपा कश्यप और सुपुत्री क्षमता कश्यप के साथ प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे थे. मुलाक़ात के दौरान क्षमता कश्यप ने पीएम मोदी को सादर नमस्कार किया, जिस पर प्रसन्न होकर प्रधानमंत्री ने उसे टॉफी भेंट की. इस अवसर पर सांसद ने प्रधानमंत्री को बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक स्मृति चिन्ह भी भेंट किया. उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले ग्यारह वर्षों में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं.

नक्सलियों का खौफनाक खेल: तिरंगा फहराने पर दी मौत की सजा, युवक की हत्या का पर्दाफाश

कांकेर नक्सली हिंसा का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. दो दिन पहले नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर आदिवासी युवक की हत्या की थी. इस घटना की असली वजह अब उजागर हुई है. जानकारी के अनुसार, युवक मनेश नरेटी ने (स्वतंत्रता दिवस) 15 अगस्त को नक्सलियों के स्मारक में तिरंगा फहराया था और भारत माता के जयकारे लगाए थे. इससे बौखलाकर नक्सलियों ने मनेश की हत्या की थी. पूरा मामला कांकेर जिले के बिनागुंडा गांव का है. इस घटना से क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है. छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के बिनागुंडा गांव में सोमवार की रात हथियारबंद नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर आदिवासी युवक मनेश नुरुटी को मौत की सजा सुनाई और बेरहमी से उसकी हत्या की थी. साथ ही माओवादियों ने कई ग्रामीण नेताओं और पुलिस अधिकारियों को भी खुली धमकी दी थी. बताया जा रहा है कि बिनागुंडा गांव के मनेश नुरुटी पर नक्सलियों ने पुलिस के लिए मुखबिरी करने का आरोप लगाया. उसे सोमवार की रात उसके घर से उठाकर गांव के बीच ले गए, जहां ग्रामीणों को मीटिंग के नाम पर पहले से ही इकट्ठा किया गया था. इस कथित जन अदालत में माओवादियों ने दो आदिवासी युवकों की पिटाई की. उन पर पुलिस को जानकारी देने और माओवादी गतिविधियों के बारे में सूचना देने का आरोप लगाया. इसके बाद माओवादियों ने मनेश नुरुटी को मौत के घाट उतार दिया. नक्सलियों ने परतापुर थाना इलाके में बैनर लगाकर इस घटना की जानकारी दी थी. माओवादियों की परतापुर एरिया कमेटी ने ली है हत्या की जिम्मेदारी माओवादियों की परतापुर एरिया कमेटी ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लेते हुए पखांजूर थाना के प्रभारी लक्षण केंवट और अन्य पुलिस अधिकारियों पर आदिवासियों को गोपनीय सैनिक के रूप में काम कराने का आरोप लगाया था. साथ ही नक्सलियों ने कोंगे पंचायत के सरपंच रामजी धुर्वा, डीआरजी के जोयो, बुद्धु, आयतू, टुब्बा कोरेटी, धनी और अर्जून ताती को चेतावनी देते हुए उन्हें भी मौत की सजा देने की धमकी दी थी.

झूम तराना महोत्सव: नन्हीं आशिका की चमक, छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य में मिली प्रथम उपाधि

रायपुर नरेंद्र मोदी विचार मंच, कृष्णा पब्लिक स्कूल सरोना और भारत विकास परिषद द्वारा संयुक्त रूप से “झूम तराना महोत्सव” कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में किया गया था. इस कार्यक्रम में रायपुर की 7 वर्षीय बेटी आशिका सिंघल ने सब-जूनियर केटेगरी में छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य में प्रथम स्थान हासिल किया है. बता दें कि आशिका सिंघल महज 7 साल की हैं, लेकिन उन्हें कथक का अच्छा खासा अनुभव है. आशिका ने पहले भी कई बड़े मंचो में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है. वहीं, अब “झूम तराना महोत्सव” कार्यक्रम में उन्होंने छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य में प्रथम स्थान हासिल किया है. “झूम तराना महोत्सव” कार्यक्रम में पूरे राज्य से 300 प्रतिभागी शाम्मिल हुए थे. वही, छत्तीसगढ़ के राज्य गठन 1 नवंबर को राज्योत्सव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना दी आशिका सिंघल के परिवार का उद्देश्य है.

स्कूल प्रार्थना के समय गिरी छात्रा, डॉक्टरों की जांच में ज़हर खाने का खुलासा

बलरामपुर जिले के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां छात्रा जहर खाकर स्कूल पहुंच गई. प्रार्थना के दौरान बेहोश होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसके जहर खाने की बात सामने आई. घटना वाड्रफनगर स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल की है, जहां अध्ययनरत छात्रा प्रार्थना के दौरान बेहोश हो गई. स्कूल स्टॉफ उसे आनन-फानन अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टरों की जांच में कीटनाशक का सेवन करने की बात सामने आई. इस बात से स्कूल स्टॉफ के साथ पालक भी अवाक रह गए. फिलहाल, छात्रा ने किस कारण से कीटनाशक का सेवन किया था, इस बात का खुलासा नहीं हुआ है. मामले की रघुनाथनगर पुलिस जांच में जुटी है.

विष्णुदेव साय का बड़ा कदम : विदेशी उद्यमियों को देंगे छत्तीसगढ़ में निवेश का न्योता

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दिल्ली से देर शाम विदेश दौरे पर जाएंगे। दौरे को लेकर CM साय ने कहा, जापान और साउथ कोरिया का प्रवास रहेगा। बतौर मुख्यमंत्री यह पहला विदेश दौरा होगा। जापान वर्ल्ड एक्सपो का आयोजन है, जिसमें शामिल होंगे। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल्स तीनों क्षेत्र में अच्छा काम हो रहा है। प्रदेश में भी इन क्षेत्रों में अपार संभावनाएं है। प्रदेश की नई उद्योग नीति को लेकर जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए उद्यमियों को आमंत्रित करेंगे। दिल्ली में सीएम साय वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ उनकी पत्नी कौशल्या देवी साय और अधिकारी भी विदेश दौरे पर जा रहे हैं। मंत्री रामविचार नेताम, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल भी सीएम के साथ दिल्ली रवाना हुए। मंत्री गजेंद्र यादव, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सीएम को सीऑफ किया। उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे सीएम साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जापान की ओसाका में वर्ल्ड एक्सपो में उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। सीएम का पहला विदेश दौरा काफी मायनों में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल छत्तसीगढ़ में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ की सरकार इस पर प्रयास कर रही है।

रिश्तेदारी में खून का खेल! 60 हजार में कराई चचेरे भाई की हत्या, साजिश का खुलासा

कोंडागांव जमीन विवाद में चचेरे भाई की हत्या की साजिश रचने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. चचेरे भाई ने षड्यंत्र रचकर 60 हजार रुपए में हत्या की सुपारी दी थी. पूरा मामला कोंडागांव का है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी मो. मजहर अली खान पूर्व में भी जिला दुर्ग एवं थाना कोतवाली कोण्डागांव से कई मामलों में जेल जा चुका है. एसपी वाय. अक्षय कुमार के निर्देशन में व अति. पुलिस अधीक्षक कौशलेन्द्र देव पटेल के मार्गदर्शन में पुलिस की टीम ने हत्या की साजिश रचने वाले 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दरअसल 20 अगस्त 2025 को चोरी संबंधी मामलों में संदेही मो. मजहर अली खान को अभिरक्षा में लेकर थाना कोण्डागांव एवं सायबर की संयुक्त टीम पूछताछ कर रही थी. संदेही का मोबाइल चेक किया गया. संदेही मो. मजहर अली खान के मोबाइल में दहिकोंगा निवासी राजकुमार बघेल के साथ मोबाइल चैट में इनके चचेरा भाई कंवल सिंह बघेल पेसे से वकील की षड़यंत्र पूर्वक हत्या की साजिश रचने की जानकारी प्राप्त हुई. राज कुमार बघेल एवं मो. मजहर अली खान को तलब कर बारिकी से पूछताछ की गई. इस पर राज कुमार बघेल ने बताया कि इसके चचेरा भाई कंवल सिंह बघेल के साथ सन 2021 से जमीन संबंधी विवाद चल रहा है एवं प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है. आरोपी राजकुमार बघेल जमीन संबंधी मामले को लेकर अपने चचेरा भाई कंवल सिंह बघेल का हत्या कराना चाहता था. इसके लिए आरोपी मो. अजहर अली खान को 60 हजार रुपए दिए थे. षड़यंत्र पूर्वक हत्या करने के लिए दोनों मिलकर साजिश रच रहे थे. प्रार्थी कंवल सिंह बघेल पिता स्व. सुकदास बघेल निवासी मिची पारा दहिकोंगा की रिपोर्ट पर थाना कोण्डागांव में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया. दोनों आरोपियों के विरूद्व पर्याप्त साक्ष्य सबूत पाए जाने एवं अपराध करना स्वीकारने पर आज दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया. पकड़े गए आरोपी 1. मो. मजहर अली खान पिता मो. खलील उम्र 42 वर्ष निवासी ग्राम दहिकोंगा, स्थाई पता केलाबाड़ी दुर्ग 2. राज कुमार बघेल पिता दासु राम बघेल उम्र 41 वर्ष निवासी ग्राम दहिकोंगा