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अम्बेडकर अस्पताल के सर्जरी विभाग में विदेशी युवती का सफल उपचार, मरीज ने जताई कृतज्ञता

रायपुर: अम्बेडकर अस्पताल में जनरल सर्जरी विभाग ने विदेशी युवती का सफल ऑपरेशन किया अम्बेडकर अस्पताल के सर्जरी विभाग में विदेशी युवती का सफल उपचार, मरीज ने जताई कृतज्ञता रायपुर के अम्बेडकर अस्पताल में एक और विदेशी युवती का सफल ऑपरेशन, डॉक्टरों की प्रशंसा 20 वर्षीय युवती के ब्रेस्ट के बेनाइन फाइब्रो एपिथीलियल ट्यूमर की सफल सर्जरी ईस्ट अफ़्रीका के देश रवांडा की रहने वाली है मरीज इससे पहले लाइटलेम्बा, क्रिसेंट (दक्षिण अफ्रीका) की युवती का हो चुका है सफल उपचार रायपुर प्रदेश का सबसे बड़ा पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं इससे संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय लगातार अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं से न केवल प्रदेश और देश बल्कि विदेशों से आए मरीजों का भी भरोसा जीत रहा है। अनुभवी डॉक्टरों की टीम एवं उपचार प्राप्त करने की सरलतम प्रक्रिया के कारण यह अस्पताल सर्वाधिक विश्वसनीय संस्थान के रूप में अपनी पहचान व्यापक स्तर पर दर्ज कर चुका है। इसी क्रम में हाल ही में अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग में रवांडा (ईस्ट अफ़्रीका) की 20 वर्षीय युवती के लेफ्ट ब्रेस्ट के बेनाइन फाइब्रो एपिथीलियल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया गया। जनरल सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू सिंह के नेतृत्व में हुए इस ऑपरेशन की विशेषता यह रही कि ब्रेस्ट के ट्यूमर को निकालने के बाद मरीज के भावी जीवन, विशेषकर मातृत्व अवस्था पर इस सर्जरी का कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।  डॉ. मंजू सिंह के अनुसार वर्तमान में युवती पूरी तरह ठीक है और उसे अस्पताल से छुट्टी भी दी जा रही है। ऑपरेशन के संदर्भ में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि एक 20 वर्षीय विदेशी युवती लेफ्ट ब्रेस्ट में दर्द की समस्या के साथ अस्पताल के ब्रेस्ट क्लिनिक में आई थी। जहां पर जांच के बाद पता चला कि उसके ब्रेस्ट में बेनाइन फाइब्रो एपिथेलियल ट्यूमर है। मरीज की बायोप्सी हुई। उसके बाद ब्रेस्ट की कॉस्मेसिस (Cosmesis) मेंटेन करते हुए ऑपरेशन किया गया ।  ब्रेस्ट के ट्यूमर एवं उसके आसपास के टिश्यू को हटाते हुए वाईड लोकल एक्सीजन किया गया। इस बात का ध्यान रखा गया कि ब्रेस्ट के शेप और साइज में कोई अंतर नहीं आये। साथ ही साथ सर्जरी के बाद निशान (scar) भी दिखाई नहीं दे।  पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी के कहा है कि चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के लिए यह गर्व की बात है कि यहाँ न केवल देश बल्कि विदेश से भी मरीज उपचार हेतु आ रहे हैं और स्वस्थ होकर लौट रहे हैं। जनरल सर्जरी विभाग द्वारा युवती का सफल उपचार हमारी चिकित्सा टीम की दक्षता, निष्ठा और समर्पण का प्रमाण है। मैं पूरी टीम को इस सफलता के लिए बधाई देता हूँ और विश्वास दिलाता हूँ कि हमारा संस्थान आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करता रहेगा। अम्बेडकर अस्पताल के सर्जरी विभाग की इन उपलब्धियों ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों की सेवाएँ न केवल सुलभ और किफायती हैं बल्कि उच्चस्तरीय गुणवत्तापरक भी हैं। यही कारण है कि अब विदेशी मरीज भी यहाँ उपचार के लिए आ रहे हैं। अम्बेडकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने जानकारी देते हुए कहा है कि अम्बेडकर अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग की ओपीडी में ब्रेस्ट क्लीनिक का संचालन नियमित तौर पर किया जा रहा है। यहां पर प्रतिमाह 300 से 400 ब्रेस्ट से संबंधित समस्याओं के केस महिला डॉक्टरों के द्वारा देखे जाते हैं। आवश्यकतानुसार जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन भी किया जाता है। वर्तमान में यहां जनरल सर्जरी विभाग में ब्रेस्ट की रीडक्शन सर्जरी भी की जा रही है जिसमें स्तनों के असामान्य आकार को ऑपरेशन के जरिए सामान्य स्थिति में लाया जाता है।  मरीज का ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. मंजू सिंह के साथ डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. मनीष साहू, डॉ. कृतिका एवं डाॅ. तपिश, एनेस्थीसिया से डॉ. प्रतिभा शाह एवं डॉ. मंजुलता टंडन एवं अन्य शामिल रहे।  गौरतलब है कि इससे पहले भी जनरल सर्जरी विभाग में दक्षिण अफ्रीका की एक युवती का सफल उपचार किया जा चुका है।

आईटीएम विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा श्री प्रदीप टंडन को डी.लिट् (Honoris Causa) की उपाधि प्रदान

रायपुर आईटीएम विश्वविद्यालय, रायपुर ने श्री प्रदीप टंडन को डॉक्टर ऑफ लेटर्स (डी.लिट्) की प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें बिज़नेस मैनेजमेंट, कॉर्पोरेट नेतृत्व, छत्तीसगढ़ में औद्योगिक प्रोत्साहन तथा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण एवं परामर्श में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया है। श्री टंडन वर्तमान में भारत के शीर्ष कॉर्पोरेट – नवीन जिंदल समूह की कंपनी में अध्यक्ष (President) के रूप में कार्यरत हैं। बिज़नेस मैनेजमेंट और कॉर्पोरेट कार्यों में तीन दशकों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास और निवेश प्रोत्साहन में अहम भूमिका निभाई है। कॉर्पोरेट जगत से परे, श्री टंडन ने नीति वकालत (Policy Advocacy) के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। वे वर्तमान में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के अध्यक्ष तथा नेशनल एम्प्लॉयर्स फेडरेशन के अध्यक्ष हैं। इन भूमिकाओं में उन्होंने उद्योग और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने वाली प्रगतिशील नीतियों के निर्माण में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। आईटीएम विश्वविद्यालय द्वारा प्रदत्त यह डी.लिट् उपाधि उनके कॉर्पोरेट उत्कृष्टता, आर्थिक विकास और सामाजिक-औद्योगिक प्रगति के प्रति समर्पण की सराहना है। इस अवसर पर आभार व्यक्त करते हुए श्री टंडन ने कहा: “यह सम्मान मेरे लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि मेरे सहकर्मियों, मार्गदर्शकों और उद्योग से जुड़े साथियों से मिले निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन का प्रतिबिंब है। मैं इस मान्यता के लिए आईटीएम विश्वविद्यालय का हृदय से आभारी हूँ। यह उपाधि मुझे समावेशी औद्योगिक विकास, नीति सुधार और सामाजिक-आर्थिक उन्नति की दिशा में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करती है।”

सूरजपुर : रजत महोत्सव अंतर्गत हरदिन हरघर आयुर्वेद अभियान के तहत जनजागरूकता रैली का किया गया आयोजन

सूरजपुर जिला प्रशासन के निर्देशन एवं जिला आयुष अधिकारी सूरजपुर  के मार्गदर्शन में रजत महोत्सव अंतर्गत हरदिन हरघर आयुर्वेद अभियान के तहत जनजागरूकता रैली  शासकीय कन्या उच्चतर  माध्यमिक विद्यालय सूरजपुर एवं स्वामी आत्मा नन्द विद्यालय सूरजपुर के छात्रों  के सहभागिता में स्पे. थेरेपी सेंटर सूरजपुर एवं विभाग  के अधिकारी कर्मचारियों के दल  द्वारा छ. ग. रजत महोत्सव के बारे में बताते हुए, आयुर्वेद परिचय देते हुए,आयुर्वेद एवं योग, प्राणायाम के दैनिक जीवन में उपयोगिता, रोग प्रतिरोधक घरेलु औषधि  की जानकारी देते हुए व आयुरविद्या से सम्बंधित सभी विषयों जैसे दिनचर्या, रात्रिचार्य, ऋतुचार्य, आहार विहार, सदवृत के बारे में बताते हुए छात्र छात्राओं को आयुर्वेद के महत्ता पर व्याख्यान दिया गया| हरदिन हर घर आयुर्वेद जागरूकता रैली अग्रसेन चौक से जनपद कार्यालय एवं वापस स्कूल तक रैली के माध्यम से जनजागरूकता नारों के साथ अभियान का  सफल संचालन किया गया एवं नवाचार के तहत स्वास्थ्य जागरूकता सांप सीढ़ी खेल के आयोजन में छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया| कार्यक्रम में  संस्था के  डॉ कुलदीप द्विवेदी डॉ संतोष सिंह, डॉ अनीता पैकरा, वरिष्ठ व्याख्याता लिली नंदी, ए. के. टोप्पो, डी. सी. राम ,गुलाब झरी सिंह, दाऊ राम,धनसाय, श्रावण कुमार, समीर कुजूर एवं अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी सहित कुल 9 वीं से 12 तक कुल 230 छात्रों की सहभागिता रही |

सूरजपुर : प्रतापपुर क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन कर रहे 04 वाहनों को किया गया जब्त

सूरजपुर प्रतापपुर क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन पर सख्ती बरतते हुए राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है।  टीम ने अवैध रूप से गौण खनिज (रेत, मुरुम आदि) का परिवहन कर रहे चार वाहनों को जब्त किया । प्राप्त जानकारी के अनुसार   कार्यवाही के दौरान वाहनों से खनिज परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। दस्तावेजों के अभाव में खनिज अधिनियम के तहत  वाहनों को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया। इसके साथ ही संबंधित वाहन मालिकों एवं चालकों पर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई ।

दंतेवाड़ा : राष्ट्रीय लोक अदालत का हुआ शुभारंभ

दंतेवाड़ा : राष्ट्रीय लोक अदालत का हुआ शुभारंभ 8 हजार 260 प्रकरणों पर होगी सुनवाई, जिसमें दंतेवाड़ा सहित सुकमा-बीजापुर की होगी सुनवाई दंतेवाड़ा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार शनिवार को दंतेवाड़ा जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायालय दंतेवाड़ा परिसर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विजय कुमार होता ने दीप प्रज्वलित कर लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता, वादकारी तथा न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन केवल दंतेवाड़ा ही नहीं बल्कि पड़ोसी जिलों सुकमा और बीजापुर में भी एक साथ किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सुकमा एवं बीजापुर के व्यवहार न्यायालयों में तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, बचेली न्यायालय में भी आज लोक अदालत की कार्यवाही प्रारंभ हुई। तीनों जिलों में एक साथ लोक अदालत होने से बड़ी संख्या में प्रकरणों का निपटारा होने की संभावना जताई जा रही है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री होता के निर्देश पर लोक अदालत के लिए कुल 11 खंडपीठों का गठन किया गया है। इसमें दंतेवाड़ा स्थित परिवार न्यायालय का नया खंडपीठ भी शामिल है। लोक अदालत में सभी न्यायालयों के लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों के साथ-साथ बैंक, बिजली, नल-जल, बीएसएनएल तथा राजस्व न्यायालयों से जुड़े प्री-लिटिगेशन प्रकरण भी रखे गए हैं। आयोजन में कुल 8260 मामलों को निराकरण हेतु सूचीबद्ध किया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि बड़ी संख्या में वादों का आपसी सहमति से निपटारा होगा, जिससे वादकारियों को शीघ्र एवं सुलभ न्याय मिल सकेगा।

गौरेला पेंड्रा मरवाही : बिलाईडांड में शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए 17 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित

गौरेला पेंड्रा मरवाही मरवाही विकासखंड के ग्राम बिलाईडांड में शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए 17 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। राशन दुकानों के युक्तियुक्तकरण के तहत ग्राम पंचायत सेमरदरी अंतर्गत ग्राम बिलाईडांड हेतु अतिरिक्त नवीन उचित मूल्य दुकान की स्थापना हेतु कलेक्टर से अनुमोदन प्राप्त होने के पश्चात सेमरदर्दी शासकीय उचित मूल्य दुकान से ग्राम बिलाईडांड में अतिरिक्त नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान खोला जाना है। इसके लिए छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश के तहत उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु निर्धारित एजेंसी आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, ग्राम पंचायत, महिला स्व सहायता समूह, लघु वनोपज समिति एवं अन्य सहकारी संस्था को आबंटित किया जाना है। नियम के तहत महिला स्व सहायता समूह को तीन माह पूर्व छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है। अतः जो ऐजेंसी शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन करना चाहते हैं, वे अपना आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में समस्त आवश्यक दस्तावेजों के साथ 17 सितंबर तक कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मरवाही में प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समयावधि के बाद प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जायेगा।

रायपुर : प्रदेश में अब तक 996.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 996.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में बस्तर जिले में सर्वाधिक 1388.6 मि.मी. और बेमेतरा जिले में न्यूनतम 485.7 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। रायपुर संभाग में रायपुर में 860.6 मि.मी., बलौदाबाजार में 723.7 मि.मी., गरियाबंद में 866.9 मि.मी., महासमुंद में 717.4 मि.मी. और धमतरी में 892.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर में 1030.0 मि.मी., मुंगेली में 1010.5 मि.मी., रायगढ़ में 1212.3 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 829.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1181.9 मि.मी., सक्ती में 1083.5 मि.मी., कोरबा में 1017.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 944.3 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग में 782.0 मि.मी., कबीरधाम में 725.1 मि.मी., राजनांदगांव में 850.4 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1222.2 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 718.4 मि.मी. और बालोद में 1058.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा में 706.2 मि.मी., सूरजपुर में 1052.1 मि.मी., बलरामपुर में 1366.5 मि.मी., जशपुर में 968.4 मि.मी., कोरिया में 1108.0 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 997.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर में 1388.6 मि.मी., कोंडागांव में 946.0 मि.मी., कांकेर में 1133.4 मि.मी., नारायणपुर में 1208.2 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1368.2 मि.मी., सुकमा में 1066.0 मि.मी. और बीजापुर में 1363.8 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है।

महिला नक्सली कमांडर सुजाता, इनामी राशि 1 करोड़, ने आत्मसमर्पण किया बस्तर में आतंकवाद खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम

बस्तर  छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और लगातार हो रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन को देखते हुए एक करोड़ की इनामी कुख्यात महिला नक्सली सुजाता ने आखिरकार सरेंडर कर दिया। छत्तीसगढ़ के नक्सल मोर्चे में इन दिनों सुरक्षा बलों की भारी दहशत है। ऐसे में सुजाता के सरेंडर से बस्तर संभाग में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे मुहिम के बीच माओवादियों संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है। सुजाता दक्षिण बस्तर में कई वर्षों से एक्टिव थी और नक्सलियों के दक्षिण सब जोन ब्यूरो इंचार्ज रह चुकी है। सुजाता पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया गया था। कुख्यात नक्सली कमांडर किशनजी की पत्नी है सुजाता पुलिस सूत्रों के मुताबिक सुजाता ने तेलंगाना में सरेंडर किया है। उसके सरेंडर से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। यह सरेंडर नक्सल संगठन का मनोबल गिराने वाला साबित होगा। खास बात यह है कि सुजाता कुख्यात नक्सली कमांडर किशनजी की पत्नी है, जो कुछ साल पहले पश्चिम बंगाल में मुठभेड़ के दौरान मारा गया था। सरेंडर करने वाली सुजाता खुद सीसी मेंबर है और कई राज्यों में उस पर लाखों का इनाम घोषित है। बढ़ा है दबाव दरअसल केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सलियों के खात्मे का ऐलान किया है. इसके बाद छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई हो रही है. इसी अभियान के चलते बसवाराजू, बालकृष्णा जैसे एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सलियों को सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ में मार गिराया है. इनके अलावा भी कई बड़े कैडर मारे गए हैं. इससे नक्सल संगठन को बहुत बड़ा झटका लगा है. इसी बढ़ते दबाव के चलते नक्सली इलाका छोड़कर भाग रहे हैं. ऐसे में नक्सली सुजाता ने भी तेलंगाना में जाकर सरेंडर किया है.  सुजाता का पति भा मारा गया नक्सली सुजाता नक्सलियों की दक्षिण सब ज़ोनल ब्यूरो की इंचार्ज है. बस्तर में कई वर्षों से सक्रिय थी. सुजाता बंगाल में मारे गए नक्सली कमांडर किशनजी की पत्नी है. बताया जा रहा है कि पति और अन्य साथियों के मारे जाने के बाद सुजाता भी काफी घबरा चुकी थी. ऐसे में उसने तेलंगाना पुलिस के सामने जाकर सरेंडर कर दिया.   सुजाता दक्षिण बस्तर में सक्रिय रहीपुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुजाता लंबे समय से छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सक्रिय रहकर बड़े हमलों की साजिश रचने में शामिल रही है। सुजाता के सरेंडर को छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को खत्म करने के अभियान को बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों द्वारा लगातार एंटी नक्सल ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस बार बरसात में भी ऑपरेशन चलाया जा रहा है और एनकाउंटर में लगातार शीर्ष माओवादी मारे जा रहे हैं। सुजाता ने गिरफ्तारी की खबर का किया था खंडन सूत्रों के मुताबिक, 17 अक्टूबर 2024 को सुजाता को तेलंगाना से गिरफ्तार करने की खबर सामने आई थी पर यह खबर अफवाह साबित हुई थी। क्योंकि खुद सुजाता ने ही इसका खंडन करते हुए कहा था कि उसकी गिरफ्तारी की खबर अफवाह है। कहा गया था कि वह इलाज कराने के लिये बस्तर से तेलंगाना गई थी, जहां पर उसे तेलंगाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बस्तर के जंगलों में बीता सुजाता का समय डीके एसजेडसी के सचिव रामन्ना की मौत के बाद सुजाता को डीकेएसजेडसी का प्रभारी बनाया गया था। इसके पश्चात वर्तमान में वह साउथ सब जोनल ब्यूरो की प्रभारी के रुप में कार्यरत थी। सुजाता का अधिकांश समय बस्तर के जंगलों में बीता है। वह तेलंगाना और बंगाल में भी सक्रिय रह चुकी है। बस्तर में तर्रेम थाना के भट्टीगुड़ा, तुमलपाट व मीनागुट्टा के जंगलों में अक्सर देखी जाती थी। वह अपने परिवार की तीसरी बड़ी नक्सली थी, जिसे नक्सलियों का थिंक टैंक माना जाता था। यही कारण है कि उसे नक्सलियों की सर्वोच्च सेंट्रल कमेटी में शामिल किया गया था। नामनक्सल संगठन में सुजाता के कई नाम प्रचलित नक्सल संगठन में उसके कई नामनक्सल संगठन में सुजाता के कई नाम प्रचलित हैं। उसे पद्मा, कल्पना, सुजाता, सुजातक्का, झांसीबाई कहा जाता है। बंगाल में उसे मैनीबाई के नाम से भी जाना जाता है। 12वीं तक पढ़ी सुजाता अंग्रेजी, हिंदी, बांग्ला, ओडि़या, तेलुगु के साथ गोंडी, हल्बी बोली की जानकार है। बड़े हमलों के पीछे सुजाता का दिमाग बड़े हमलों के पीछे सुजाता का ही दिमाग रहा है। 2007 में एर्राबोर में 23 जवान बलिदान, अप्रैल 2010 में ताड़मेटला में 76 जवान बलिदान, 2010 में गादीरास में 36 की हत्या, झीरम में 2013 में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हमले में 31 की हत्या, 2017 ¨चतागुफा में 25 जवान, मिनपा में 17 जवान, टेकुलगुड़ेम में 21 जवान के बलिदान की घटनाओं के पीछे सुजाता ही रही है। माओवादी संगठन को लगातार झटका छत्तीसगढ़ में माओवादी संगठनों को एक के बाद एक लगातार झटके मिल रहे हैं। दो दिन पहले छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुलिस एनकाउंटर में 10 नक्सली मारे गए थे, जिसमें एक करोड़ का इनामी नक्सली सीसी मेंबर मनोज उर्फ बालकृष्ण भी शामिल था। गरियाबंद में मारे गए सभी 10 नक्सलियों रुपये 2.40 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। वहीं एक दिन पहले बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने दो नक्सलियों को मार गिराया था। नक्सलियों की पहचान हिड़मा पोड़ियाम और मुन्ना मड़कम के रूप में हुई थी। दोनों पर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ स्थल से एक 303 रायफल, एक नग 12 बोर बंदूक सहित विस्फोटक सामान और प्रतिबंधित नक्सल संगठन के अन्य सामान बरामद किए गए हैं।

रायपुर : मुख्यमंत्री से पूज्य संत श्री असंग देव जी ने की सौजन्य भेंट

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में परम पूज्य संत श्री असंग देव जी ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शॉल और श्रीफल भेंट कर पूज्य संत श्री असंग देव जी का सम्मान किया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। संत श्री असंग देव जी ने मुख्यमंत्री को गौमाता की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और पूज्य संत श्री असंग देव जी के मध्य विभिन्न आध्यात्मिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तथा बड़ी संख्या में संत असंग देव जी के अनुयायी संतगण भी उपस्थित थे।

जीएसटी सुधार को बताया क्रांतिकारी कदम, मुख्यमंत्री साय ने उज्जवल भविष्य की दी उम्मीद

रायपुर  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णणुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में जीएसटी में जो सुधार किए गए हैं, वह देश के डेढ़ सौ करोड़ लोगों के जीवन में खुशियों की सौगात लेकर आया है। आयकर में ऐतिहासिक छूट के बाद अब जीएसटी के स्लैब का सरलीकरण, इसके रेट में अभूतपूर्व सुधार आम आदमी के जीवन को खुशहाल करने वाले और व्यापार उद्योग को नई गति देने वाले हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इससे न सिर्फ लोगों की बचत में ऐतिहासिक वृद्धि होगी, बल्कि जीएसटी कानूनों के सरलीकरण से अब व्यापारी भी अधिक सुगमता के साथ अपना कार्य कर सकेंगे। मां शक्ति की अराधना के पावन पर्व 'नवरात्रि' से लागू होने वाले यह नए प्रावधान देश को आर्थिक रूप से और शक्तिशाली बनाएंगे। कांग्रेस के समय 17 प्रकार के टैक्स और 13 प्रकार के सेस लागू थे प्रदेश के मुख्यमंत्री साय ने  यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता में कहा कि 101 वें संविधान संशोधन द्वारा 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने से पहले तक भारत में 17 प्रकार के टैक्स और 13 प्रकार के सेस लागू थे। प्रत्यक्ष कर की बातें करें तो आयकर की दर तो एक समय अधिकतम 97.5 प्रतिशत तक पहुँच गई थी। पिछले वर्ष 12 लाख सालाना की आय को टैक्स फ्री किया गया। अब जीएसटी में चार स्लैब के बदले दो ही स्लैब रखने, सभी उपयोगी वस्तुओं पर कर शून्य करने और अनेक उत्पादों में कर 10 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है।  90 प्रतिशत सामान सस्ते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नये सुधार से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। रोजमर्रा की अनेक वस्तुएँ जैसे तेल, शैम्पू, टूथपेस्ट, मक्खन, पनीर, सिलाई मशीन से लेकर ट्रैक्टर व उसके कलपुर्जे व अन्य कृषि उपकरण तथा व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा, शैक्षणिक वस्तुओं के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक व ऑटोमोबाइल उत्पादों को किफायती बनाया गया है। जीएसटी कम होने का लाभ वस्त्र उद्योग को विशेष रूप से निर्यात के लिए होगा। प्रत्येक परिवार को कम से कम 50 हजार की बचत होगी एक परिवार जो अपने जीवन यापन के लिए 3 से 3.5 लाख प्रत्येक वर्ष खर्च करता है, उन्हें काम से कम इतना लाभ मिलेगा। इसी तरह यह सुधार कृषि क्षेत्र के लिए वरदान जैसा है। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, रोटावेटर में अलग-अलग तरह के जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत की गई है। यह किसान के लिए लागत सक्षम कृषि में सहायक होगी। जैव-कीटनाशक और सूक्ष्म पोषक तत्वों पर जीएसटी दर घटाई गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान प्रदेश है। यहां की 80 फीसदी आबादी कृषि करती है। जीएसटी की छूट से 25 हजार से 63 हजार तक की बचत केवल एक ट्रैक्टर की खरीदी पर होगी। 9 लाख रु के ट्रैक्टर पर 65 हजार की बचत 35 HP के ट्रैक्टर जिसकी कीमत लगभग 5 लाख 80 हजार होती थी इस पर 41 हजार रु कम देने होंगे। एक किसान के लिए ये रकम बचना बहुत ज्यादा मायने रखती है। देश भर में एक वर्ष में लगभग 9 लाख ट्रैक्टर बिकते हैं, जिसमें किसानों को सीधे 6 हजार करोड़ की बचत होगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 30 से 35 हजार ट्रैक्टर प्रतिवर्ष बिकने का अनुमान है, जिससे यहां के किसानों को लगभग 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की बचत केवल ट्रैक्टर में जीएसटी रेट कम होने से होगी। ट्रैक्टर के टायर में ही 7 हजार रुपये की बचत होगी। कृषि उपकरणों जैसे हार्वेस्टर, ट्रैक्टर टायर, बागवानी मशीन, खाद बनाने की मशीन, जैव कीटनाशक, मेंथॉल, सिंचाई मशीनों, कृषि मशीनरी, ड्रिप इरीगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर एवं अन्य पर अब केवल 5 प्रतिशत टैक्स होने से भी उत्पादन की लागत में कमी आएगी एवं मुनाफा बढ़ेगा। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पूरी तरह टैक्स फ्री मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस कर छूट में एक सबसे उल्लेखनीय बिन्दु जो हमारे लिए निजी तौर पर भी संतोष देने वाला है, वह है स्वास्थ्य बीमा में जीएसटी को शून्य कर देना।  स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा उत्पादों पर कर समाप्त करने का लाभ सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है। यह कर छूट सभी के लिए बीमा का लक्ष्य पाने में मददगार होगा। सस्ते इलाज के संदर्भ में यह कदम ऐतिहासिक है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बड़ा लाभ होगा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसके अलावा तेंदू पत्ता और लघु वनोपजों की प्रोसेसिंग मशीन में जीएसटी दर कम करने से हमारे बस्तर-सरगुजा अञ्चल के संग्राहकों को बड़ा लाभ होगा। जनजातीय क्षेत्र में तेंदू पत्ता जैसे लघु वन्य उत्पार्दों की मांग अधिक बढ़ेगी, इससे प्रदेश को भी काफी लाभ होगा। छत्तीसगढ़ के लिए यह विशेष कर महत्वपूर्ण है। इसी तरह कोयले पर सेस हटाना भी महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ को आर्थिक सुधार और शानदार प्रबंधन के लिए केवल प्रोत्साहन राशि के मद में 6200 करोड़ रुपए मिले हैं। जीएसटी अब गुड एंड सिंपल टैक्स हो गया है मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन की अध्यक्षता में बनी यह कौंसिल लोकतंत्रिक संघवाद का एक बेहतरीन मॉडल है। छत्तीसगढ़ से पदेन सदस्य के रूप में वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने भी इस सुधार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नया जीएसटी सुधार वास्तव में एक नए क्रांतिकारी आर्थिक युग का सूत्रपात है। इस सुधार से सबसे अधिक लाभान्वित हमारे देश के गरीब और मध्य वर्ग के लोग होंगे। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह एक नए सुनहरे युग में प्रवेश करने जैसा है। किसानों को अधिक सक्षम और देश में रोजी-रोजगार के आधिकाधिक अवसर उपलब्ध होने से प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के सपनों को साकार करने वाली इस पहल के लिए प्रधानमंत्री मोदी का पूरा प्रदेश अभिनंदन कर रहा है। इस दौरान पत्रकार वार्ता में वित्त मंत्री ओपी चौधरी, भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, डॉ.नवीन मार्कण्डेय, भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज मौजूद रहे।