samacharsecretary.com

चैतन्य बघेल केस अपडेट: न्यायिक हिरासत में बढ़ोतरी, अगली सुनवाई 15 सितंबर तक

रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आज राजधानी रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चैतन्य की पेशी हुई, जिसके बाद उन्हें अब 15 सितंबर तक के लिए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि 15 सितंबर को ED इस मामले में चालान दाखिल कर सकती है। ED ने चैतन्य बघेल को जन्मदिन के दिन किया था गिरफ्तार 21 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रायपुर जोनल कार्यालय की ओर से प्रेस नोट में दी गई जानकारी के अनुसार, ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई। चैतन्य को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नगद मिले ईडी की जांच से पता चला है कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये की पीओसी प्राप्त हुई थी। उन्होंने उक्त पीओसी को मिलाने के लिए अपनी रियल एस्टेट फर्मों का इस्तेमाल किया था। यह पता चला है कि उन्होंने पीओसी की उक्त नकद राशि का उपयोग अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के विकास में किया था। पीओसी का उपयोग उनके प्रोजेक्ट के ठेकेदार को नकद भुगतान, नकदी के खिलाफ बैंक प्रविष्टियों आदि के माध्यम से किया गया था। उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ भी मिलीभगत की और अपनी कंपनियों का उपयोग एक योजना तैयार करने के लिए किया जिसके अनुसार उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैटों की खरीद की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए। बैंकिंग ट्रेल है जो इंगित करता है कि लेन-देन की प्रासंगिक अवधि के दौरान, त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से भुगतान प्राप्त किया। 1000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का संचालन इसके अलावा, उन पर शराब घोटाले से उत्पन्न 1000 करोड़ रुपये से अधिक के पीओसी (POC) को संभालने का भी आरोप है। वह छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष को पीओसी हस्तांतरित करने के लिए अनवर ढेबर और अन्य के साथ समन्वय करते थे। ईडी द्वारा की गई जांच से पता चला है कि इस शराब घोटाले से प्राप्त धनराशि को आगे निवेश के लिए बघेल परिवार के प्रमुख सहयोगियों को भी सौंप दिया गया था। इस धनराशि के अंतिम उपयोग की आगे जांच की जा रही है। पहले से गिरफ्त में हैं कई बड़े चेहरे ईडी ने इससे पहले पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक कवासी लखमा को इस मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है। ED की कार्रवाई के खिलाफ चैतन्य ने HC में लगाई याचिका गौरतलब है कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में ED द्वारा उनकी गिरफ्तारी और हिरासत की कार्रवाई को चुनौती देते हुए याचिका लगाई थी। याचिका में चैतन्य ने कहा था कि उनकी हिरासत गैरकानूनी है और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए उन्हें पहले हाई कोर्ट जाने की सलाह दी थी। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर हाई कोर्ट में ED की कार्रवाई के खिलाफ याचिका लगाई, जिस पर 12 अगस्त को हाई कोर्ट ने सुनवाई की और ईडी को नोटिस जारी कर 26 अगस्त तक जवाब मांगा है। जेल अधीक्षक को भी दिए निर्देश चैतन्य बघेल के वकील ने कोर्ट में बताया कि चैतन्य को जेल में पीने के लिए साफ पानी तक नहीं मिल रहा। जिस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी।

इम्तिहान से पहले मेडिकल छात्र ने की खुदकुशी, कॉलेज में मचा हड़कंप

कोरबा मेडिकल कॉलेज के छात्र ने एक्जाम से घंटे भर पहले हॉस्टल में अपने कमरे में फांसी लगा ली. घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया. घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के साथ सिविल लाइन थाना पुलिस की टीम जांच के लिए पहुंच गई. जानकारी के अनुसार, बिलासपुर निवासी मेडिकल कॉलेज के छात्र 24 वर्षीय हिमांशु कश्यप ने हॉस्टल के ए/13 कमरे में रह रहा था. आज उसका 11 बजे से फॉलोलैजी का एग्जाम था. इसके पहले ही उसने कमरे में फांसी लगा ली. इस बात की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज के अधिकारी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. पढ़ाई में एक साल बेक में चल रहा हिमांशु फांसी लगाने से कुछ देर पहले मेडिकल कॉलेज के पास स्थित दुकान से रस्सी ख़रीद कर लाया था. सीसीटीवी फुटेज में मृतक रस्सी खरीदते हुए नजर आ रहा है. बहरहाल, इस घटना से कई सवाल खड़े हो गए हैं, जिनका उत्तर किसी के पास नहीं है.

लक्ष्मी राजवाड़े के खिलाफ साजिश? मंत्री और परिवार को खुलेआम धमकी

सूरजपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और उनके परिवार को चौराहे पर सार्वजनिक रूप से घोटाले में फंसाने के साथ जान से मारने की धमकी देना युवक को भारी पड़ गया. ग्रामीण की शिकायत पर आरोपी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. दरअसल, कसकेला के रहने वाले रवि यादव ने भटगांव थाने में लिखित शिकायत दी थी कि गांव में रहने वाले रविन्द्र यादव ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े एवं उनके परिवार के घोटाले में फंसाने और सामने आने पर जान से मारने की धमकी दी है. भटगांव पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच की, जिसके बाद कार्रवाई करते आरोपी युवक को गिरफ्तार में किया है. मामले में पुलिस सौंपा गया शिकायत पत्र सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है.

जमीन खरीदी-बिक्री में अड़चन, 5 डिसमिल रजिस्ट्री पर रोक और ऑनलाइन सिस्टम बना मुसीबत

रायपुर प्रदेश में जब से 5 डिसमिल से कम की कृषि जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगी है, तब से मानों जमीन खरीदी-बिक्री पर लगाम सी लग गई है. रायपुर जिले की बात करें तो पहले रोज रजिस्ट्री 200 से अधिक होती थी, लेकिन अब आंकड़ा बमुश्किल 150 पार हो रहा है. उल्लेखनीय है कि अधिकांश लोग 1000 वर्गफीट, 1500 वर्गफीट, 2000 वर्गफीट के प्लाट खरीदते हैं, लेकिन 5 डिसमिल से कम की जमीन की रजिस्ट्री बंद हो जाने से लोग छोटे साइज के प्लाट नहीं खरीद पा रहे हैं. दूसरी ओर बिल्डरों के प्रोजेक्ट को फायदा मिल रहा है. रजिस्ट्री को सुविधाजनक बनाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई हैं, लेकिन इससे भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है. सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने और अपॉइंटमेंट लेने के बाद भी रजिस्ट्री पूरी नहीं हो पा रही है. कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटरों को भी उतनी जानकारी नहीं रहती है. कई मामले उप पंजीयकों के हस्ताक्षर नहीं होने के चलते रुक गए हैं. उप पंजीयकों के छुट्टी में चले जाने से रजिस्ट्री जारी नहीं हो पाती है. भले ऑनलाइन से प्रक्रिया पूरी हो जाए. हाउसिंग बोर्ड, आरडीए के मामले अटक रहे हाउसिंग बोर्ड और आरडीए से मकान, फ्लैट, जमीन खरीदने वालों की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है. रजिस्ट्री कराने के लिए कई लोग चक्कर काट रहे है. दरअसल लोगों को फ्लैट, मकान और प्लाट बेचे गए हैं, वे हाउसिंग बोर्ड या आरडीए के नाम पर – नहीं चढ़े हैं. इस कारण उसकी र रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है. ऐसे सैकड़ों 1 मामले पेंडिंग है. इसका अब तक समाधान नहीं निकाल पाए हैं. अवैध प्लाटिंग पर लगी रोक छोटे प्लाट की रजिस्ट्री पर लगने से आम लोगों की परेशानी बढ़ी है, तो दूसरी ओर अवैध प्लाटिंग में कमी दिख रही है. हालांकि, अवैध प्लाटिंग बंद नहीं हुई है. शहर के पुराना धमतरी रोड, सरोना, विधानसभा, कचना, नवा रायपुर, मंदिरहसौद आदि इलाकों में अवैध प्लाटिंग का खेल चल रहा है. लगातार छुट्टियों का भी असर लगातार सरकारी छुट्टी का भी असर रजिस्ट्री पर पड़ा है. शनिवार-रविवार के अलावा बीच के अन्य दिनों में अवकाश होने से रजिस्ट्री प्रभावित हुई है. इस सप्ताह भी शुक्रवार, शनिवार और रविवार को अवकाश हो गया. इसके बाद पितृपक्ष शुरू हो जाएगा, तो उसमें भी जमीन की खरीदी-बिक्री प्रभावित रहेगी.

रायपुर रेलवे स्टेशन: पार्किंग ठेकेदार पर मेहरबान अफसर, बिना लाइसेंस फीस के चल रहा ठेका

रायपुर रायपुर रेलवे स्टेशन के गुढ़ियारी का नया पार्किंग ठेका हुआ है. लेकिन ठेका अलॉट होने और हेंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी ठेकेदार ने अब तक लाइसेंस फीस जमा नहीं की है. जबकि नियमों के मुताबिक पहले लाइसेंस फीस और एडवांस जमा किए जाने का प्रावधान है. सूत्रों के मुताबिक टेंडर नियमों में तीन महीने का एडवांस लाईसेंस फीस जमा किया जाना है, लेकिन बिना टेंडर फीस के रेलवे अधिकारियों ने पार्किंग हेंडओवर कर दी. नया पार्किंग ठेका अनुराग साहू विनायक इंटरप्राइजेस को अलॉट हुआ है. ठेकादर के मुताबिक उसका जीएसटी डीबार हो गया था, इसलिए उन्होंने लाईसेंस फीस जमा नहीं कराई है, ये लाईसेंस फीस कितनी है ये पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी गोपनीय है और वे नहीं दे सकते. रेलवे के सूत्र बताते है कि उक्त ठेकेदार द्वारा 4 लाख रूपए एडवांस जमा कराया गया है और सिर्फ उसी के आधार पर टेंडर शर्तों से बाहर जाकर रेलवे अफसर पार्किंग ठेकेदार पर मेहरबान नजर आ रहे है. इस संबंध में रेलवे अधिकारियों से उनका पक्ष लेने फोन किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.   बता दें कि इससे पहले भी रेलवे का पार्किंग ठेका लेने के बाद ठेकेदार ने लाईसेंस फीस रेलवे की नहीं दी, जिससे रेलवे के राजस्व को नुकसान हो चुका है.

कर्मचारियों की पदोन्नति याचिकाएं खारिज, हाईकोर्ट का अहम फैसला

बिलासपुर सचिवालय सेवा भर्ती नियम 2012 में किए गए संशोधन को संवैधानिक मानते हुए कर्मचारियों की ओर से दाखिल सभी याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति कर्मचारियों का मौलिक अधिकार नहीं है, बल्कि यह केवल विचार किए जाने का अवसर है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल की डीबी में हुई। दरअसल, राज्य सरकार ने 14 जून 2021 को अधिसूचना जारी कर संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव और अनुभाग अधिकारी के पदों पर पदोन्नति के लिए स्नातक डिग्री अनिवार्य कर दी थी। इस संशोधन को मंत्रालय में कार्यरत अनुभाग अधिकारी, असिस्टेंट ग्रेड-1 समेत अन्य कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में यह कहते हुए चुनौती दी कि सेवा के अंतिम चरण में नियम बदलना अनुचित है। वे वर्षों से फीडर पदों पर काम कर रहे हैं, कई तो सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। उनका तर्क था कि यह संशोधन संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है और सरकार ने अतिरिक्त योग्यता अनिवार्य करने का कोई ठोस कारण नहीं बताया है। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जवाब में कहा कि उच्च पदों पर अधिक जिम्मेदारियां होती हैं, इसलिए स्नातक डिग्री जैसी न्यूनतम योग्यता जरूरी है। पदोन्नति कर्मचारियों का अधिकार नहीं है, बल्कि केवल नियमों के आधार पर अवसर है। नियमों में संशोधन करना उसका विशेषाधिकार है और यह न तो मनमाना है और न ही अवैध। कोर्ट ने सरकार के तर्कों से सहमति जताते हुए कहा कि किसी कर्मचारी की व्यक्तिगत कठिनाई से कोई कानून असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता। पदोन्नति का कोई मौलिक अधिकार नहीं है। स्नातक डिग्री को अनिवार्य करने वाला संशोधन न भेदभावपूर्ण है और न ही संविधान का उल्लंघन।

पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय शांताराम जी को मुख्यमंत्री साय ने दी अंतिम श्रद्धांजलि

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जागृति मंडल, पंडरी पहुँचकर छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री साय ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रद्धेय शांताराम जी संघ के वरिष्ठ प्रचारक थे और उनका मेरे साथ गहरा आत्मीय संबंध रहा है। वे सदैव अभिभावक के समान स्नेह और मार्गदर्शन प्रदान करते रहे। उनका निधन संघ परिवार, समाज और प्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा सभी शुभचिंतकों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने श्रद्धेय शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे हमारे लिए पिता तुल्य थे। उन्होंने मदकूदीप को पुनर्जीवित कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपनी विनम्रता तथा जीवन मूल्यों से सभी के आदर्श बने। संघ के वरिष्ठ प्रचारक के रूप में उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता और स्वयंसेवकों को परिवार मानकर निरंतर मार्गदर्शन किया। मुख्यमंत्री रहते हुए भी मुझे उनका स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहा। उनके निधन से पूरा प्रदेश शोकाकुल है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे, विधायक सर्वश्री अनुज शर्मा एवं मोतीलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कृषि कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं आमजन उपस्थित थे।

सरल और सहज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दिखा अपनत्व, नन्हे इवान को गोद में लेकर किया दुलार

रायपुर, रायगढ़ के खरसिया पहुँचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सहजता, सरलता और अपनेपन ने आज सभी को गहरे तक प्रभावित किया। खरसिया हेलीपैड पर जब उनकी नज़र ढाई साल के इवान पर पड़ी तो वे बच्चे को दुलारे बिना नहीं रह सके। आत्मीय मुस्कान के साथ मुख्यमंत्री श्री साय ने नन्हे इवान को अपनी गोद में उठाया और बड़े स्नेह से दुलार किया। नर्सरी में पढ़ने वाला इवान अपने पिता के साथ बड़े उत्साह से हेलीपैड पर मुख्यमंत्री को देखने आया था। बच्चे को अचानक मुख्यमंत्री  साय की गोद में देखकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक और आश्चर्यचकित रह गए। यह दृश्य मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सहजता, आत्मीयता और संवेदनशील व्यवहार का सजीव उदाहरण बन गया। इसे देखकर लोगों के मन में यह भाव सहज ही उमड़ पड़ा कि मुख्यमंत्री के दिलो-दिमाग में केवल प्रदेश की प्रगति और जनकल्याण का ही संकल्प नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के प्रति उनका गहरा अनुराग भी है। इवान के पिता  अमन गर्ग ने कहा कि अपने बेटे को मुख्यमंत्री की गोद में देखना उनके परिवार के लिए भावुक, अनमोल और अविस्मरणीय क्षण है। उन्होंने कहा कि यह स्मृति जीवन भर उनके साथ रहेगी।  गर्ग ने बताया कि इवान बड़े उत्साह से मुख्यमंत्री और हेलीकॉप्टर को देखने उनके साथ हेलीपैड आया था। मुख्यमंत्री की गोद में जाते ही उसकी खुशी दोगुनी हो गई। आज एक बार फिर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अपनत्व और बच्चों के प्रति उनका अनुराग सबके सामने आया। उनके इस आत्मीय व्यवहार ने न केवल अमन गर्ग के परिवार का दिल जीत लिया, बल्कि वहां मौजूद सभी लोगों के हृदय में भी अमिट छाप छोड़ दी।

कारीगरों को मिलेगा नया बाजार, प्रदेश में बनेगा शिल्प ग्राम और शिल्प नगरी– मंत्री गजेंद्र यादव

रायपुर : ग्रामोद्योग से गाँव-गाँव में रोजगार का होगा विस्तार – मंत्री गजेंद्र यादव कारीगरों को मिलेगा नया बाजार, प्रदेश में बनेगा शिल्प ग्राम और शिल्प नगरी– मंत्री गजेंद्र यादव ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक : छोटे उद्योगों से बड़े रोजगार की ओर कदम रायपुर ग्रामोद्योग, स्कूल शिक्षा एवं विधि विधायी विभाग के मंत्री गजेंद्र यादव ने आज यहां न्यू सर्किट हाउस रायपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभाग के अंतर्गत रेशम, हथकरघा, खादी, हस्तशिल्प एवं माटीकला बोर्ड की कार्यप्रगति का विस्तार से आकलन किया गया। मंत्री यादव ने बताया कि राज्य में लगभग 3.15 लाख हितग्राही ग्रामोद्योग के विभिन्न कुटीर उद्योगों से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिलों और विकासखंडों में रीपा (RIPA) भवनों में ग्रामोद्योग की गतिविधियाँ संचालित कर अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि दोना–पत्तल, कांसा, गोबर से जैविक खाद, पपीता से गुलकंद, फर्नीचर जैसे छोटे उद्योगों की स्थापना कर हितग्राहियों को वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके अलावा राज्य शासन ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि शासकीय विभागों में केवल राज्य के बुनकरों और कारीगरों द्वारा निर्मित सामग्री की ही आपूर्ति हो। साथ ही रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में शिल्प ग्राम एवं शिल्प नगरी के निर्माण की कार्ययोजना बनाई जाएगी, ताकि कारीगरों को बेहतर विपणन सुविधा मिले और राज्य की शिल्पकला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सके। बैठक में सचिव सह संचालक ग्रामोद्योग श्याम धावड़े, प्रबंध संचालक हस्तशिल्प एवं माटीकला बोर्ड जे. पी. मौर्य, उप सचिव अर्न मरकाम, अपर संचालक रेशम डॉ. राजेश बघेल, संयुक्त संचालक हथकरघा अ. अयाज़ सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने गोंडी अनुवादक ऐप ‘आदि वाणी’ परियोजना की सफलता पर दी बधाई

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से यहाँ उनके निवास कार्यालय में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के निदेशक प्रोफेसर ओमप्रकाश व्यास ने सौजन्य मुलाकात की।मुख्यमंत्री साय ने ‘आदि वाणी’ परियोजना के अंतर्गत गोंडी भाषा अनुवादक मोबाइल ऐप के सफल लॉन्च पर प्रोफेसर व्यास एवं उनकी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस ऐप के माध्यम से गोंडी बोलने वाले जनजातीय भाई-बहनों की आवाज़ राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचेगी। यह तकनीक उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने, शिक्षा तथा शासन-प्रशासन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ट्रिपल आई टी नया रायपुर भविष्य में भी इसी प्रकार के नवाचार और समाजोन्मुखी अनुसंधान से प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ाएगा। प्रोफेसर व्यास ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परियोजना में गोंडी भाषा के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच एवं अनुवाद प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से गोंडी से हिंदी और अंग्रेज़ी तथा इसके विपरीत अनुवाद संभव होगा। यह सुविधा अब मोबाइल ऐप के रूप में भी उपलब्ध है, जिससे आम नागरिक इसे आसानी से उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने अवगत कराया कि इस परियोजना में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के साथ-साथ आईआईटी दिल्ली, आईआईटी हैदराबाद और बिट्स पिलानी जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान भी सहभागी हैं। ‘आदि वाणी’ परियोजना को भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रायोजित किया गया है। प्रोफेसर व्यास ने बताया कि इस उपलब्धि से ट्रिपल आई टी नया रायपुर ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज कराई है। विशेष रूप से बस्तर अंचल के 30 लाख से अधिक गोंडी भाषी समुदाय को इस तकनीक से अपनी भाषा और संस्कृति की पहचान सुरक्षित करने और डिजिटल युग में अपनी आवाज़ को बुलंद करने का अवसर मिलेगा।