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गौरेला-पेंड्रा- मरवाही : स्वामित्व योजना के तहत 24 गांवों में ड्रोन सर्वे जारी

ड्रोन टेक्नोलॉजी से बदलेंगे गांवों के नक्शे, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही में 24 गांवों का सर्वे संबंधित ग्रामों में चूना मार्किंग करते हुए ड्रोन फ्लाई सर्वे के लिए टीम गठित गौरेला पेंड्रा मरवाही स्वामित्व योजना के तहत पेण्ड्रारोड (गौरेला) तहसील के 22 और पेण्ड्रा तहसील के 2 गांवों में ड्रोन सर्वे का कार्य 1 सितम्बर से प्रारंभ हो गया है। यह कार्य 8 सितम्बर तक चलेगा। संबंधित ग्रामों में चूना मार्किंग करते हुए ड्रोन फ्लाई से सर्वे कार्य पूर्ण कराने के लिए राजस्व निरीक्षक, संबंधित हल्का पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक एवं ग्राम कोटवार को शामिल करते हुए ड्रोन सर्वे टीम गठित किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 सितम्बर को पेण्ड्रा तहसील के ग्राम जमड़ीखुर्द एवं लाटा और पेण्ड्रारोड तहसील के ग्राम मेढ़ुका का सर्वे किया गया। 2 सितम्बर को साल्हेघोरी, खम्लीकला, पंडरीपानी, लालपुर एवं मदनपुर का सर्वे किया गया। इसी कड़ी में 3 सितम्बर को बिजरवार, दौंजरा, धनौली, चुकतीपानी एवं बढ़ावनडांड़ में, 6 सितम्बर को आन्दु, डुमरिया, भदौरा, धनगंवा एवं ललाती में और 8 सितम्बर को बेलपत, करगीखुर्द, टीकरखुर्द एवं आमगांव में ड्रोन सर्वे निर्धारित है।

जनसमस्याओं एवं जनशिकायतों के लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से करें निराकरण

गौरेला पेंड्रा मरवाही : फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश जनसमस्याओं एवं जनशिकायतों के लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से करें निराकरण दो पहिया वाहन का उपयोग करने वाले शासकीय सेवकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाने के निर्देश कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक गौरेला पेंड्रा मरवाही साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने फ्लैगशिप योजनाओं के साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश जिला अधिकारियों को दिए। उन्होंने जनसमस्याओं एवं जनशिकायतों के निराकरण की विभागवार समीक्षा की तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण करने कहा। उन्होंने पीएम जनमन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना, उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने, आकांक्षी ब्लॉक गौरेला में नीति आयोग के दिशा निर्देशों के तहत सभी 40 इंडिकेटर में हितग्राहियों को संतृप्त करने, स्कूली बच्चों का आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाने, न्यायालयीन प्रकरणों में समय-सीमा में जवाब-दावा प्रस्तुत करने, वन अधिकार पट्टा, कार्यालयों में स्मार्ट विद्युत मीटर लगाने, सभी विभागों को अनिवार्य रूप से ई-ऑफिस का क्रियान्वयन करने, जिला रेडक्रॉस सोसायटी में सदस्यों की संख्या बढ़ाने के साथ ही आगामी जनगणना 2027 के लिए प्रारंभिक तैयारी आदि के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।           कलेक्टर ने सभी जिला अधिकारियों को मैदानी भ्रमण के दौरान विभागीय कार्यों के साथ-साथ आवास, पेंशन, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य, मूलभूत सुविधाओं सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति का अवलोकन करने और निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा। उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए छूटे हुए सभी किसानों से अनिवार्य रूप से एग्रीस्टेक पंजीयन कराने, स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन फ्लाई सर्वे का कार्य पूर्ण कराने, जिले में चिन्हित 169 ग्रामों में आदि सेवा केंद्र की स्थापना के लिए 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक सेवा पर्व का आयोजन एवं आदि कर्मयोगी सेवा अभियान और रजत जयंती वर्ष के तहत विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।       कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादातर मौत सिर में चोट लगने से होने के कारण जानमाल की सुरक्षा एवं यातायात नियमों का पालन के लिए दो पहिया वाहन का उपयोग करने वाले सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाने के संबंध में जारी निर्देश का पालन सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा कि हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से करने के लिए जनजागरूकता के तहत पेट्रोल-डीजल पंप संचालकों की बैठक लेकर ‘‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’’ के संबंध में निर्देशित किया गया है। उन्होंने ‘‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’’ का कड़ाई से पालन कराने खाद्य निरीक्षकों से पेट्रोल पंपों का निरीक्षण कराने जिला खाद्य अधिकारी को निर्देश दिए। बैठक में वनमण्डलाधिकारी ग्रीष्मी चांद, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, प्रभारी अपर कलेक्टर अमित बेक, संयुक्त कलेक्टर दिलेराम डाहिरे, एसडीएम पेण्ड्रारोड विक्रांत अंचल, एसडीएम मरवाही निकिता मरकाम, डिप्टी कलेक्टर देवेन्द्र सिरमौर, डिप्टी कलेक्टर आकांक्षा तिवारी सहित जिला, अनुविभाग एवं खण्डस्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

गौरेला-पेंड्रा- मरवाही : अवैध रेत खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 11 वाहन जप्त

गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि पिछले माह 20 से 31 अगस्त तक खनिज रेत के 10 वाहन एवं खनिज रेत के अवैध उत्खनन करते पाए जाने पर 1 जेसीबी वाहन पर खनिज अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई है। इन वाहनों को ग्राम सिलपहरी के सोन नदी क्षेत्र से, पतरकोनी सोन नदी क्षेत्र, मरवाही सोन नदी क्षेत्र, पीपरडोल सोन नदी क्षेत्र, अण्डी सोन नदी क्षेत्र, देवरीडांड सोन नदी क्षेत्र एवं जेसीबी वाहन को कोटखर्रा के सोनालि नाला से अवैध रेत उत्खनन करते पाए जाने पर जप्त किया गया है। जप्त वाहनों को पुलिस थाना गौरेला, पुलिस थाना मरवाही एवं रक्षित केंद्र अमरपुर के सुरक्षार्थ में रखा गया है। जप्त वाहनों में वाहन क्रमांक सोनालिका सोल्ड ट्रेक्टर वाहन मालिक प्रताप सिंह पोर्ते निवासी ग्राम सिलपहरी तहसील पेण्डा, वाहन क्रमांक सोल्ड महेन्द्रा ट्रेक्टर वाहन मालिक राजेश यादव निवासी ग्राम कुम्हारी तहसील मरवाही, वाहन क्रमांक  CG29A2536  वाहन मालिक भंवर सिंह निवासी ग्राम सिलपहरी तहसील पेण्ड्रा, वाहन क्रमांक CG3188226 वाहन का प्रकार ट्रेक्टर वाहन मालिक वीरेन्द्र सिंह मसराम निवासी पतरकोनी तहसील पेण्ड्रारोड, वाहन क्रमांक सोल्ड महेन्द्रा ट्रेक्टर वाहन का प्रकार ट्रेक्टर वाहन मालिक चेतराम कुरशाल निवासी ग्राम साल्हेकोटा थाना मरवाही तहसील मरवाही, वाहन क्रमांक CG10AV3892 वाहन का प्रकार ट्रेक्टर वाहन मालिक सगीर अंसारी निवासी ग्राम सेवरा थाना पेण्ड्रा तहसील पेण्ड्रा, वाहन क्रमांक CG23M1272 वाहन का प्रकार ट्रेक्टर वाहन मालिक बृजलाल पोर्ते निवासी ग्राम धनपुर तहसील मरवाही, वाहन क्रमांक सोल्ड पावर ट्रेक वाहन का प्रकार ट्रेक्टर वाहन मालिक कमलेश्वर पेन्द्रो निवासी ग्राम पीपलामार तहसील पेण्ड्रा, वाहन क्रमांक सोल्ड सोनालिका वाहन का प्रकार ट्रेक्टर वाहन मालिक भुवनेश्वर पोर्ते निवासी ग्राम पीपलामार तहसील पेण्ड्रा, वाहन क्रमांक CG31A0588 वाहन का प्रकार ट्रेक्टर वाहन मालिक शुभांशु दुबे निवासी ग्राम बन्धी तहसील पेण्ड्रा एवं वाहन क्रमाक सोल्ड जेसीबी वाहन मालिक अमृत लाल गुर्जर निवासी ग्राम कोटखरां तहसील पेण्ड्रारोड शामिल है।

संवेदनशीलता की मिसाल! महासमुंद प्रशासन ने रिटायर शिक्षकों को तुरंत दिया पेंशन आदेश

महासमुंद राज्य शासन की मंशा अनुरूप जिला प्रशासन महासमुंद ने सोमवार को एक संवेदनशील एवं सराहनीय पहल करते हुए शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के अगले ही दिन पेंशन अदायगी आदेश (पीपीओ) प्रदान किया। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन तथा जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे, सहायक संचालक सतीश नायर एवं जिला कोषालय अधिकारी महासमुंद संजय कुमार चौधरी के निर्देशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत महासमुंद हेमंत रमेश नंदनवार (आईएएस) द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षकों को पीपीओ प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुरलीधर भोई, प्रधान पाठक प्राथमिक शाला खैरमाल, जो 31 अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त हुए, को विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रकाश चंद्र मांझी की पहल पर 1 सितंबर 2025 को ही अवकाश नगदीकरण की राशि, जीपीएफ फाइनल पेमेंट, जीआईएस, एफबीएफ राशि तथा उपादान राशि के साथ पीपीओ प्रदान किया गया। इसी प्रकार चंद्रहास पात्र, प्रधान पाठक (मिडिल स्कूल) को भी पीपीओ आदेश सौंपा गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत हेमंत रमेश नंदनवार ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को शुभकामनाएँ एवं बधाई देते हुए कहा कि “शिक्षक समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन नई पीढ़ी को गढ़ने में समर्पित किया। प्रशासन की ओर से यह हमारा दायित्व है कि उन्हें सेवा निवृत्ति के पश्चात त्वरित सुविधा और सम्मान मिले।” इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षकों को प्रशासन की ओर से शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित भी किया गया। उप कोषालय अधिकारी सरायपाली अनिमेष सिंह द्वारा रिटायरमेंट के अगले ही दिन भुगतान सुनिश्चित किया गया। इस त्वरित कार्यवाही में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के शाखा प्रभारी रुपेश महापात्र का विशेष योगदान रहा।

गौरेला पेंड्रा मरवाही : कृषि स्थायी समिति जिला पंचायत की बैठक 3 सितम्बर को

गौरेला पेंड्रा मरवाही कृषि स्थायी समिति जिला पंचायत की बैठक 3 सितम्बर बुधवार को सुबह 11 बजे कार्यालय उप संचालक कृषि के सभा कक्ष में आयोजित किया गया है। बैठक में कृषि एवं उद्यान विभाग अंतर्गत खरीफ वर्ष 2025 के संबंध में बीज निगम एवं विपणन संघ द्वारा खरीफ वर्ष 2025 में बीज एवं उर्वरक भंडारण वितरण की स्थिति, पशुपालन विभाग के विभागीय योजनाओं, वर्षा जनित पशु रोगों के रोकथाम, सिंचाई, विद्युत एवं क्रेडा में क्रियान्वित किए जा रहे विभागीय योजनाओं के संबंध में चर्चा की जाएगी।

गौरेला पेंड्रा मरवाही : कलेक्टर जनदर्शन में मांगों, समस्याओं, शिकायतों से संबंधित 45 लोगों ने दिए आवेदन

गौरेला पेंड्रा मरवाही कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों की समस्याओं को बारी-बारी से समक्ष में सुना और उनके आवेदनों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को अंकित किया। उन्होंने राजस्व से संबंधित प्रकरणों की वस्तुस्थिति से अवगत होने तथा स्थल निरीक्षण कर तत्परतापूर्वक कार्रवाई सुनिश्चित करने तहसीलदारों को निर्देश दिए। जनदर्शन में वेतन भुगतान, पेंशन, फौती, नामांतरण, अभिलेख में नाम सुधारने, अतिक्रमण हटाने, पीएम आवास की राशि किसी अन्य व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो जाने, पासबुक किसी दूसरे व्यक्ति को देने, सीमांकन, अवैध निर्माण, पट्टा प्रदान करने, बटवारा, नक्शा सुधार, करेंट लगने से बैल मरने पर राहत राशि दिलाने, एलपीजी गैस की अनुदान राशि अप्राप्त होने आदि से संबंधित 45 लोगों से आवेदन प्राप्त हुए।

महासमुंद में 5 सितम्बर से लगेगा मोबाइल कैंप, श्रमिकों को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ

महासमुंद  छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिले में संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीयन नवीनीकरण और योजनाओं के आवेदन एवं निराकरण के लिए मोबाइल कैंप का आयोजन किया जा रहा है। श्रम पदाधिकारी ने बताया कि इन कैंपों का आयोजन विकासखंडवार अलग अलग तिथियों पर किया जाएगा। पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर एवं असंगठित कर्मकार के पंजीयन हेतु आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर एवं आय प्रमाण पत्र साथ लाएं। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, सरपंच एवं सचिव को निर्देशित किया गया है कि वे ग्राम पंचायतों में मुनादी कराएं, ताकि सभी श्रमिकों को इस कैंप की जानकारी दी जा सके। मोबाइल कैंप का आयोजन जिले में 5 सितम्बर से 15 अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा। जिसमें सरायपाली विकासखण्ड में 05 सितंबर को ग्राम कनकेवा में, 12 सितंबर को राफेल, 19 सितंबर को कुसमीसरार, 26 सितंबर को बरिहापाली, 06 अक्टूबर को बैदपाली, 10 अक्टूबर को अर्जुन्दा एवं 15 अक्टूबर को रूढ़ा में शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत 8 सितंबर को धनोरा में, 15 सितंबर को बरेकेलखुर्द, 22 सितंबर को कसीबहरा, 29 सितंबर को पिलवापाली, 7 अक्टूबर को अरंड एवं 13 अक्टूबर को छिंदौली में, बसना विकासखण्ड अंतर्गत 9 सितंबर को आमापाली में, 16 सितंबर को खरोरा, 23 सितंबर को परसकोल, 30 सितंबर को भूकेल, 8 अक्टूबर को चिमरकेल, 13 अक्टूबर को कायतपाली एवं 15 अक्टूबर को बिटांगीपाली में कैंप का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत 10 सितंबर को मोंगरापाली, 17 सितंबर को डोंगरगांव, 24 सितंबर को ख़ैरटखुर्द, 01 अक्टूबर को कलमीदादर, 9 अक्टूबर को तुपकबोरा, 14 अक्टूबर को गांजर में, महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत 11 सितंबर को उमरदा में, 18 सितंबर को सोरिद, 25 सितंबर को कौन्दकेरा, 3 अक्टूबर को जामली, 10 अक्टूबर को साराडीह एवं 14 अक्टूबर को बकमा में मोबाईल कैंप का आयोजन किया जाएगा।

धमतरी में 25 साल की बड़ी उपलब्धि: 623 ग्राम और 3,265 बसाहटों में 100% पेयजल पहुंचा

 विशेष लेख : रजत जयंती वर्ष 2025 पर विशेष धमतरी छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था। विगत 25 वर्षों में जिले के जल संसाधन एवं पेयजल आपूर्ति विभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2001 की तुलना में 2025 तक ग्रामीण एवं नगरीय दोनों क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। प्रशासनिक स्तर पर जहाँ पहले केवल तीन इकाइयाँ कार्यरत थीं, वहीं आज चार इकाइयाँ संचालित हो रही हैं। इनमें एक संभागीय कार्यालय, एक उप-संभागीय कार्यालय, एक जिला स्तरीय एवं दो ब्लॉक स्तरीय पेयजल परीक्षण प्रयोगशालाएँ सम्मिलित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की उपलब्धियाँ धमतरी जिले के सभी 623 ग्राम एवं 3,265 बसाहटों में अब शत-प्रतिशत पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वर्ष 2001 में केवल 2,769 ग्राम एवं बसाहटों तक ही पेयजल सुविधा पहुँच पाई थी, जबकि आज सभी 3,265 बसाहटें कवर हो चुकी हैं। विशेष उपलब्धि यह है कि जिले ने प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 40 लीटर पेयजल उपलब्ध कराने का मानक भी पूरा कर लिया है। वर्ष 2001 में यह सुविधा मात्र 2,622 बसाहटों तक सीमित थी, लेकिन आज सभी 3,265 बसाहटें इस मानक के अंतर्गत आ चुकी हैं। जिले में हैंडपंप स्थापना में भी बड़ी प्रगति हुई है। वर्ष 2001 में जहाँ केवल 3,451 हैंडपंप उपलब्ध थे, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 10,168 हो गई है। हर घर नल कनेक्शन (FHTC) योजना के अंतर्गत अब तक 1,53,514 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। वर्ष 2001 में मात्र 27 ग्रामों में ही नल आधारित जल प्रदाय योजनाएँ स्वीकृत थीं। अब यह संख्या बढ़कर 623 ग्रामों तक पहुँच गई है, जिनमें से 418 ग्रामों में पाइप लाइन आधारित जल प्रदाय योजनाएँ पूरी तरह लागू हो चुकी हैं। इन सभी ग्रामों में ओवरहेड टैंक आधारित पेयजल आपूर्ति प्रणाली भी स्थापित की गई है। जल संकटग्रस्त एवं खारे पानी प्रभावित ग्रामों में पेयजल उपलब्ध कराने हेतु जल जीवन मिशन के अंतर्गत बहु-ग्राम योजनाएँ लागू की जा रही हैं। इस क्रम में धमतरी जिले में स्वीकृत दो बहु-ग्राम योजनाओं से नगरी के वनांचल क्षेत्र के 76 ग्रामों के निवासियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा। समूह जल प्रदाय योजना संकरा के अंतर्गत उपचारित पानी गाँवों में पहुँचाया जाएगा। इसके लिए 3.5 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र 80% तक पूर्ण हो चुका है। 180 केएल क्षमता का संपवेल निर्मित हो गया है तथा 330 केएल क्षमता का 28 स्टेज एमबीआर निर्माणाधीन है। पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी प्रगति पर है। यह परियोजना नगरी वनांचल क्षेत्र को पेयजल संकट से मुक्त करने में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। नई तकनीकों को अपनाते हुए जिले में अब तक 182 सोलर डुअल पंप, 370 सौर आधारित मिनी जल प्रदाय योजनाएँ तथा 1,364 सिंगल फेज पावर पंप स्थापित किए गए हैं। पारदर्शिता एवं जल स्रोतों की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए 1,477 जल स्रोतों का जियो-टैगिंग किया गया है। नगरीय क्षेत्रों की उपलब्धियाँ नगरीय क्षेत्रों में भी पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। धमतरी नगर निगम क्षेत्र में संपूर्ण पेयजल आपूर्ति व्यवस्था उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त जिले की सभी पाँच नगर परिषदों में नल आधारित जल प्रदाय योजनाएँ पूर्ण रूप से लागू हो चुकी हैं। पिछले 25 वर्षों में धमतरी जिले की पेयजल व्यवस्था में हुई प्रगति सुदृढ़ प्रशासन, समर्पित विभागीय अधिकारियों तथा सक्रिय जनभागीदारी का परिणाम है। वर्ष 2001 की सीमित सुविधाओं से लेकर आज की शत-प्रतिशत कवरेज तक, जिला न केवल हर घर तक पेयजल पहुँचा रहा है बल्कि आधुनिक तकनीकों और सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के माध्यम से सतत एवं सुरक्षित जल आपूर्ति की दिशा में भी अग्रसर है।   विशेष लेख : शशिरत्न पराशर, उप संचालक

रायपुर: राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार 2024-25 के लिए 64 शिक्षक चयनित

रायपुर शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य एवं सेवाओं के लिए राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार वर्ष 2024-25 हेतु प्रदेशभर के कुल 64 शिक्षकों का चयन किया गया है। राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार अंतर्गत चयनित शिक्षकों को आगामी 5 सितम्बर शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार, चयनित शिक्षकों में प्राचार्य, प्राचार्य (एल.बी.), प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.), सहायक शिक्षक (एल.बी.) सहित विभिन्न श्रेणियों के शिक्षक शामिल हैं। पुरस्कार हेतु चयनित शिक्षकों में रायपुर जिले से प्रधान पाठक गोपाल राम यादव एवं सहायक शिक्षक एल.बी. श्रीमती कामिनी साहू, धमतरी से प्रधान पाठक श्रीमती किरण साहू एवं सहायक शिक्षक एल.बी. कु. प्रीति शांडिल्य का नाम शामिल है। इसी प्रकार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला से प्रधान पाठक से श्रीमती प्रियंका गोस्वामी एवं व्याख्याता एल.बी. श्री समय लाल काठे, राजनांदगांव से प्राचार्य डॉ. शोभा श्रीवास्तव एवं प्रधान पाठक श्री मुन्हेलाल लिल्हारे, दंतेवाड़ा से प्रधान अध्यापक श्रीमती सुमन जॉर्ज एवं सहायक शिक्षक एल.बी. श्रीमती सुनीता अजीत, कबीरधाम से व्याख्याता श्री रमेश कुमार चंद्रवंशी एवं व्याख्याता श्रीमती कामिनी जोशी, सरगुजा से शिक्षक श्रीमती बंदना महथा एवं व्याख्याता श्रीमती अनिता मंदिलवार का नाम शामिल है। नारायणपुर जिला से शिक्षक एल.बी. श्री उमेश कुमार सलाम एवं प्रधान अध्यापक सुश्री सविता यादव, जशपुर से प्रधान पाठक श्रीमती सरिता नायक एवं प्रधान पाठक श्री प्रवीण कुमार पाठक, कोरिया से व्याख्याता/(प्रभारी प्रचार्य) श्री अमित लाल गुप्ता एवं जेल शिक्षक श्रीमती विवेक सिद्धकी का नाम शिक्षक सम्मान पुरस्कार के लिए चयन किया गया है।  इसी प्रकार मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला से व्याख्याता एल.बी. श्री राजेश कुमार द्विवेदी एवं प्रधान पाठक श्रीमती मीना जायसवाल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से प्रधान अध्यापक श्री किशोर कुमार शर्मा एवं सहायक शिक्षक एल.बी. श्री राजेश कुमार प्रजापति, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से प्रधान पाठक श्रीमती संध्या साहू एवं व्याख्याता एल.बी. श्री संजय देवांगन का नाम शामिल है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिला से शिक्षक एल.बी. श्रीमती चन्द्रमुखी मेहता, दुर्ग से शिक्षक एल.बी. श्री नरोत्तम कुमार साहू एवं श्रीमती शिक्षक एल.बी. श्रीमती खेमलता गोस्वामी, कोरबा से शिक्षक एल.बी. श्रीमती मधुलिका एवं प्रधान पाठक श्रीमती प्रिया दुबे, सूरजपुर से प्रधान पाठक श्रीमती रंजय कुमार सिंह एवं व्याख्याता एल.बी श्री प्रदीप कुमार जायसवाल, बलौदाबाजार-भाटापारा से शिक्षक एल.बी. श्री मोहन लाल वर्मा एवं व्याख्याता एल.बी. श्री जगदीश साहू, मुंगेली से व्याख्याता एल.बी. श्रीमती दुर्गा तिवारी एवं सहायक शिक्षक एल.बी. श्रीमती सुधारानी शर्मा, कोण्डागांव से प्रभारी प्राचार्य श्री मनोज कुमार डड़सेना एवं शिक्षक एल.बी. श्री शिवचरण साहू, रायगढ़ से सहायक शिक्षक एल.बी. श्री टिकेश्वर प्रसाद पटेल एवं प्रधान पाठक श्री नंद किशोर सतपथी का नाम शामिल है। सुकमा जिला से सहायक शिक्षक श्रीमती अंजु बारसे एवं शिक्षक एल.बी. श्री गंगाधर राना, गरियाबंद से सहायक शिक्षक एल.बी. श्री खोमन लाल सिन्हा एवं शिक्षक एल.बी. श्रीमती दिप्ती मिश्रा, सक्ती से शिक्षक एल.बी. श्री संजीव कुमार चंद्रवंशी एवं सहायक शिक्षक एल.बी. श्रीमती नीरा साहू, बालोद से व्याख्याता एल.बी. श्री नरोत्तम कुमार यदु एवं सहायक शिक्षक एल.बी. सुश्री एनुका सार्वा का नाम शामिल है। जांजगीर-चांपा जिला से व्याख्याता श्री अमृत लाल साहू एवं व्याख्याता एल.बी. श्रीमती प्रतीक्षा सिंह, बेमेतरा से शिक्षक एल.बी. श्रीमती सुनीता राजपूत एवं शिक्षक एल.बी. श्रीमती केवरा सेन, महासमुंद से व्याख्याता एल.बी. श्री जगदीश सिन्हा एवं व्याख्याता एल.बी डॉ. श्रीमती ज्योति किरण चंद्राकर, बिलासपुर से व्याख्याता एल.बी. श्रीमती शांति सोनी एवं प्रधान पाठक श्री शिव कुमार छत्रवाणी का नाम शामिल है। बस्तर से व्याख्याता श्रीमती सईदा खान एवं व्याख्याता/प्रधान अध्यापक श्रीमती देवश्री गोयल, उत्तर बस्तर कांकेर से व्याख्याता श्रीमती कुसुम जैन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से प्राचार्य श्रीमती आरती तिवारी एवं प्रधान पाठक एल.बी. कु. साबरा निशा, बीजापुर से प्रधान पाठक श्री जगदीश तोरेंम एवं व्याख्याता एल.बी. श्री अरूण कुमार सिंह का चयन राज्यपाल सम्मान समारोह के लिए किया गया है।

महासमुंद : बलराम जयंती किसान दिवस पर प्राकृतिक खेती पर संगोष्ठी

महासमुंद कृषि के देवता भगवान श्री बलराम जी की जयंती को 29 अगस्त को जिले में किसान दिवस के रूप में उत्साह पूर्वक मनाया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र, भलेसर एवं कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग महासमुंद के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय संगोष्ठी एवं प्रशिक्षण आयोजित की गई। जिसका मुख्य विषय प्राकृतिक खेती, गौ कृषि वाणिज्य एवं तिलहन उत्पादन रहा। कृषि विज्ञान केन्द्र भलेसर में भगवान श्री बलराम एवं पारंपरिक कृषि यंत्रों की पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भारतीय किसान संघ महासमुंद के अध्यक्ष श्री कुबेर गिरी गोस्वामी तथा अध्यक्षता श्री धनंजय साहू जिला मंत्री, भारतीय किसान संघ ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत भलेसर सरपंच श्री सेवाराम कुर्रे उपस्थित रहे। डॉ. साकेत दुबे, विषय वस्तु विशेषज्ञ (उद्यानिकी) एवं प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कार्यक्रम का संचालन किया। संगोष्ठी में किसानों को प्राकृतिक एवं गौ आधारित कृषि तकनीकी की विस्तृत जानकारी दी गई। संगोष्ठी में 78 कृषकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में भारतीय किसान संघ महासमुंद के सदस्य, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा कृषि विज्ञान केन्द्र के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। इस अवसर पर किसानों को नींबू, आंवला, आम, जामुन सहित अन्य फलदार पौधों का वितरण किया गया।