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भटगांव से अनरोखा पकनी मार्ग के चौड़ीकरण को मिली 10.95 करोड़ की मंजूरी

रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से सूरजपुर जिले में भटगांव से अनरोखा पकनी तक 7.80 किमी लंबी सड़क के चौड़ीकरण व निर्माण को राज्य शासन ने 10.95 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। यह मंजूरी वित्त विभाग की सहमति के बाद जारी हुई है। यह सड़क परियोजना आवागमन को सुगम बनाने के साथ व्यापारिक और सामाजिक गतिविधियों को भी गति देगी। क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने गंभीरता से लेकर सरकार के समक्ष लगातार रखा, जिसके फलस्वरूप स्वीकृति प्राप्त हुई। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है। यह सड़क बरसात में होने वाली दिक्कतों को खत्म कर एंबुलेंस, स्कूल वाहन व आपातकालीन सेवाओं की सुविधा बढ़ाएगी। परियोजना की गुणवत्ता और समयसीमा की निगरानी संबंधित विभाग द्वारा की जाएगी। यह कार्य न सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा बल्कि क्षेत्रीय विकास का नया अध्याय भी जोड़ेगा।

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को श्रावण मास शुभारंभ अवसर पर दी शुभकामनाएं

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान शिव की आराधना के पवित्र श्रावण मास के 11 जुलाई से शुभारंभ के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। उन्होंने सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावण मास शिवभक्तों के लिए अत्यंत महत्व का समय होता है। इस मास में श्रद्धालु विशेष रूप से सोमवार का व्रत रखते हैं और गहन भक्ति भाव से भगवान शंकर की पूजा-अर्चना करते हैं। सावन के दौरान शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु कांवर यात्रा पर निकलते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कामना की कि भगवान शिव की कृपा सभी पर बनी रहे तथा यह पावन मास प्रदेशवासियों के जीवन में नई ऊर्जा और शांति का संचार करे।

कोयलीबेड़ा क्षेत्र में पंच पद अपवर्जन का फैसला, 52 ग्राम पंचायतों के 242 वार्ड प्रभावित

उत्तर बस्तर कांकेर कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 129 (ड) के तहत अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में वार्ड पंच पद हेतु आरक्षित पदों की अपवर्जन के लिए आदेश जारी किया है। जारी आदेशानुसार जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा (पखांजूर) की 52 ग्राम पंचायत में आरक्षित वर्ग के मतदाता मौजूद नहीं होने के कारण पंच पद के आरक्षण का अपवर्जन किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पखांजूर द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन के आधार पर जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा के ग्राम पंचायत आलोर के 03 वार्डों में, प्रेमनगर के 07, द्वारिकापुरी के 06, यशवंतनगर के 05, बापूनगर के 05, कोयगांव के 03, विवेकानन्दनगर के 03, देवपुर के 08 कल्याणपुर के 05, रविन्द्रनगर के 04, हांकेर के 03, मायापुर के 09 और बैकुण्ठपुर के कुल 06 वार्डों का अपवर्जन किया गया है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत रामकृष्णपुर के 07 वार्डों, हरिहरपुर के 04, चांदीपुर के 02, चाणक्यपुरी के 07, पित्तभोड़िया के 03, छोटेकापसी के 04, कृष्णनगर के 09, सत्यनगर के 05, ऐसेबेड़ा के 03, बलरामपुर के 04, भिंगीडार के 06, चंदनपुर के 05, श्यामनगर के 03, माटोली के 03, लखनपुर के 04, दुर्गापुर के 06, पेनकोड़ो के 05, इन्द्रप्रस्थ के 07, पुरूषोत्तमनगर के 08 वार्डों का अपवर्जन किया गया है। उदयपुर के 03, जयश्रीनगर के 06, वनश्रीनगर के 05, श्रीपुर के 05, मरोड़ा के 03, लक्ष्मीपुर के 02, जनकपुर के 04, विजयपुर के 05, पाडें़गा के 05, बान्दे कॉलोनी के 02, नागलदण्ड के 05, हनुमानपुर के 03, विष्णुपुर के 06, कुरेनार के 01, विकासपल्ली के 06, राधानगर के 07, गोविन्दपुर के 05, जानकीनगर के 04, स्वरूपनगर के 02 और ग्राम पंचायत ओरछागांव के 01 वार्डों में अनुसूचित जनजाति वर्ग का कोई भी सदस्य निवास नहीं करता है। उक्त ग्राम पंचायतों में वार्ड पंच पद को अनुसूचित जनजाति के आरक्षण यथा स्थिति स्थानों या पद के आबंटन से अपवर्जित किया गया है। कलेक्टर के परीक्षण उपरांत 28 पंचायतों के 53 वार्डों में नहीं किया जाएगा अपवर्जन इसी तरह कलेक्टर द्वारा जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा की 28 ग्राम पंचायतों के 53 वार्ड पंच पद के अपवर्जन संबंधी प्रस्ताव के परीक्षण उपरांत आरक्षित वर्ग के मतदाता मौजूद होने के कारण अपवर्जन नहीं किए जाने के लिए उप जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र प्रेषित किया गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा की ग्राम पंचायत मण्डागांव के 01, मदले के 02, विवेकानन्दनगर के 01, कल्याणपुर के 02, बैकुण्ठपुर के 02, रामकृष्णपुर के 03 तथा हरिहरपुर, सत्यनगर, बलरामपुर, गुड़ाबेड़ा एवं केसेकोड़ी के 01-01 और लखनपुर के 03 वार्डों में आरक्षित वर्ग के मतदाता मौजूद हैं। इसी प्रकार ग्राम पंचायत इन्द्रप्रस्थ, माचपल्ली, मरोड़ा, लक्ष्मीपुर, शंकरनगर, पाडें़गा, कुरेनार, विकासपल्ली और उलिया के 01-01, ग्राम पंचायत ताड़ावायली के 02, कंदाड़ी के 10, सितरम के 04, पानीडोबीर के 05, गोविन्दपुर के 01, जानकीनगर के 02 तथा स्वरूपनगर के 01 वार्ड में पंच पद हेतु आरक्षित वर्ग के मतदाता मौजूद हैं। इस आधार पर इन पंचायतों में वार्ड पंच के आरक्षण का अपवर्जन नहीं किया जाएगा।  

मोर आवास-मोर अधिकार योजना बनी उम्मीद की किरण, बीजापुर में 30 हजार से अधिक परिवार लाभान्वित

मोर आवास-मोर अधिकार योजना बनी उम्मीद की किरण, बीजापुर में 30 हजार से अधिक परिवार लाभान्वित प्रशासन की पहुंच बढ़ी -165 ग्राम पंचायतों में हुआ सर्वे रायपुर मोर आवास मोर अधिकार योजना के तहत् राज्य के बीजापुर जिले में बड़ा बदलाव देखने को मिल  रहा है। अब तक जिले में 30 हजार से अधिक परिवार आवास प्लस सर्वे में शामिल हो चुके हैं। जिससे उन्हें स्थाई आवास की दिशा में एक नई आश मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप सभी पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2018 में तैयार की गई आवास प्लस की सूची में छूटे हुए पात्र परिवारों को सर्वे में शामिल करने मोर दुवार – साय सरकार थीम पर प्रदेश भर में महाअभियान चलाया गया। जिले में कुल 30 हजार 186 परिवार इस सर्वे में शामिल हुए है। इस सर्वे की महत्वपूर्ण बात यह है कि 2018 में जहां 117 ग्राम पंचायतों में ही सर्वे किए गए थे, वहीं इस बार जिले में कुल 170 ग्राम पंचायतों में से 165 ग्राम पंचायतों में सर्वे कार्य पूर्ण किया गया है। पहुंच विहीन  ग्राम पंचायतें जो दशकों से माओवाद प्रभावित क्षेत्र होने के कारण पूर्व में किये गए सर्वे में छूट गए थे। उन क्षेत्रों में भी जिला प्रशासन की ठोस रणनीति की बदौलत पहली बार वंचित परिवार का सर्वे कर पात्र परिवारों को शामिल करने में सफलता मिली है।      प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के जिला समन्वयक श्री गंभीर सिंह परिहार ने बताया कि कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के मार्गदर्शन में जरूरत मंद वंचित परिवार तक पहुंचने आवास प्लस सर्वे 2.0 की कार्ययोजना बनाई गई। जिला प्रशासन की विशेष पहल पर निरंतर मॉनिटरिंग एवं नियमित समीक्षा से बड़ी संख्या में परिवार सर्वे में शामिल हुए हैं। मोर दुवार साय सरकार थीम पर प्रदेश भर में 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सर्वेक्षण विशेष पखवाड़ा चलाये जाने का शासन स्तर से निर्णय था, सर्वे करने की अंतिम तिथि 15 मई निर्धारित थी। तय समय-सीमा में सर्वे से वंचित परिवारों को जोड़ने हेतु जिला स्तर से पत्र प्रेषित कर पुनः आवास प्लस ऐप को चालू करवाने हेतु राज्य शासन को पत्र प्रेषित किया। जिसे स्वीकार करते हुए भारत सरकार द्वारा 16 जून से 26 जून तक सर्वे तिथि को बढ़ाया गया।     जिला प्रशासन की सक्रियता और समर्पित कार्यप्रणाली के चलते यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी पात्र परिवारों को उनका हक मिल सके।

श्रीमती सुमित्रा बाई को प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला और महतारी वंदन योजना से मिली नई दिशा

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाओं का लाभ अब समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है। जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम खटंगा के एक साधारण परिवार की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है, जहाँ शासन की तीनों योजनाओं ने एक साथ उनकी ज़िंदगी को नई दिशा दी है। हितग्राही सुरेश राम की पत्नी श्रीमती सुमित्रा बाई बताती हैं कि पहले हम कच्चे घर में रहते थे। बरसात हो या गर्मी, हमेशा डर बना रहता था। पानी टपकता था, दीवारें गिरने का डर और रात-बिरात साँप, बिच्छू का डर अलग से। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर अब हमारे लिए एक नई दुनिया जैसा है। अब न डर है, न परेशानी, घर भी साफ-सुथरा है, और बच्चों को पढ़ने-लिखने का भी अच्छा माहौल मिल गया है। सुमित्रा बाई आगे बताती हैं कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर और चूल्हा मिलने से अब हम धुँआ से मुक्ति मिली और खाना बना पाते हैं। पहले जंगल से लकड़ी लाना पड़ता था और आग जलाना तब बहुत मुश्किल था। आँख में जलन होती थी एवं खाँसी और समय भी ज़्यादा लगता था। अब रसोई में आसानी से खाना बन जाता है। उन्होंने आगे बताया कि, मुझे मुख्यमंत्री महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1000 रूपए मिलते हैं। उसी से हम तेल, नमक, साबुन जैसे ज़रूरी सामान खरीद लेते हैं। कभी बेटी को स्कूल के लिए कॉपी-किताब भी लेना हो, तो उसी से काम चल जाता है।  उनकी बेटी कुमारी संगीता बताती है, जब कच्चा घर था, तब हम पढ़ाई भी ठीक से नहीं कर पाते थे। बरसात के दिन बहुत दिक्कत होती थी। अब जब पक्का घर मिला है, तो मन लगता है। हम अब बहुत खुश हैं।” परिवार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया।

उद्यमिता और बैंकिंग की भी मिलेगी जानकारी, 17 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित

धमतरी स्वरोजगार करने के इच्छुक गांव के बेरोजगार युवक-युवतियां फोटो फ्रेमिंग और  मछलीपालन के तरीके सीखेंगे। इसके लिए उन्हें फोटो फ्रेमिंग लेमिनेशन एंड स्क्रीन प्रिंटिंग और मछलीपालन की निःशुल्क ट्रेनिंग मिलेगी। बड़ौदा आरसेटी में आयोजित इन प्रशिक्षणों के लिए 35-35 सीटें आरक्षित हैं और इस अवधि में रहने की सुविधा भी मिलेगी। फोटो फ्रमिंग और मछलीपालन के ट्रेनिंग में 18 से 45 साल तक की आयु के युवा शामिल हो सकते हैं। फोटो फ्रेमिंग लेमिनेशन एड स्क्रीन प्रिंटिंग ट्रेनिंग के लिए आगामी 15 जुलाई तक और मछलीपालन ट्रेनिंग के लिए 17 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है। बड़ौदा आरसेटी के निदेशक, श्री यज्ञेश्वर सामल ने बताया कि फोटो फ्रेमिंग लेमिनेशन एंड स्क्रीन प्रिंटिंग ट्रेनिंग के दौरान युवाओं को स्क्रीन प्रिंटिंग से विजिटिंग, लेटर हेड, आमंत्रण कार्ड छपाई के साथ-साथ फोटो फ्रेमिंग के आवश्यक सामान की जानकारी, डिजाईन, लेमिनेशन के प्रकार बताए जाएंगे। इसी तरह मछलीपालन प्रशिक्ष्ण में मछलीपालन की विधि, मछली बीज, मछलियों की प्रजाति, मत्स्य पालन संस्कृति, तकनीक, मछली स्वास्थ्य प्रबंधन, सुरक्षा, स्वच्छता, बीज उत्पादन आदि के संबंध में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही उद्यमिता संबंधी जानकारी भी दी जाएगी।            युवाओं को शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बीपीएल राशनकार्ड की फोटोकॉपी और चार पासपोर्ट फोटो के साथ आवेदन कम्पोजिट भवन के पीछे, बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान धमतरी में जमा करना होगा। अधिक जानकारी के लिए मोबाईल नंबर +91-94082-27557, +91-88394-68509 और +91-97559-17024 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

सिम्स में चिकित्सकों का कमाल, 65 वर्षीय महिला के पेट से निकाला 10 किलो से अधिक का ट्यूमर

रायपुर बिलासपुर जिले की कबीरधाम निवासी लक्ष्मी चौहान, जो पिछले दो वर्षों से पेट में सूजन और लगातार बढ़ती शारीरिक परेशानियों से जूझ रही थीं। उन्हें पिछले 10 दिनों से लगातार उल्टियां हो रही थीं और भोजन ग्रहण करने व मल-मूत्र त्याग में भी असमर्थता थी। परिजनों द्वारा उन्हें सिम्स लाया गया, सिम्स के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में भर्ती किया गया, सिम्स में उनकी जांच डॉ. नेहा सिंह के द्वारा की गई।      मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल भर्ती कर रक्त, मूत्र एवं सोनोग्राफी जांच की गई। सोनोग्राफी रिपोर्ट में पेट में एक बड़ा ट्यूमर होने की पुष्टि हुई। डॉ. नेहा सिंह ने विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमन जोगी को मामले से अवगत कराया। मरीज की हालत की गंभीरता को देखते हुए डॉ. संगीता द्वारा मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. लखन सिंह एवं अधिष्ठाता डॉ. रामनेश मूर्ति से चर्चा कर जीवन रक्षक ऑपरेशन की सहमति प्राप्त की गई।        सिम्स प्रबंधन द्वारा एक विशेषज्ञ टीम गठित की गई, जिसमें डॉ. संगीता रमन जोगी, डॉ. दीपिका सिंह, डॉ. रचना जैन, डॉ. अंजू गढ़वाल एवं निश्चेतना विभाग से डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. श्वेता, डॉ. प्राची, डॉ. आकांक्षा एवं नर्सिंग स्टाफ से ब्रदर अश्विनी शामिल थे। टीम द्वारा की गई जटिल सर्जरी में मरीज के पेट से 10 किलो 660 ग्राम वजनी ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला गया। सर्जरी पूरी तरह सफल रही और फिलहाल मरीज की स्थिति पहले से बेहतर है। सिम्स प्रबंधन द्वारा डॉक्टरों की टीम को उनके समर्पण और तत्परता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया है। सिम्स के डाक्टरों के विशेषज्ञ टीम द्वारा जटिल सर्जरी कर 65 वर्षीय महिला के पेट से 10 किलो से अधिक वजन का ट्यूमर सफलता पूर्वक निकाला गया।

खाद-बीज के 4775 मानक और 297 नमूने अमानक पाए गए

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा राज्य में रासायनिक उर्वरकों, बीज एवं पौध संरक्षण औषधियों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कृषि विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखते हुए बीज, खाद और कीटनाशक औषधियों के सेम्पल ले रहे हैं, जिसकी जांच गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला में की जा रही है।   खरीफ सीजन 2025 में  राज्य में रासायनिक उर्वरकों, बीज एवं पौध संरक्षण औषधियों के जांच के लिए अबतक 6245 नमूने लिए गए है। इनमें से सभी प्रक्ररणों को गुणवत्ता जांच के लिए भेजे गए है, जिसमें 4775 नमूने मानक और 297 अमानक पाए गए। 31 नमूनों को निरस्त किया गया तथा 1142 नमूनों में जांच की कार्यवाही चल रही हैं।    कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग द्वारा इस खरीफ सीजन में बीज के 5515 नमूने, उर्वरक के 4000 और पौध संरक्षण औषधी के 969 नमूनों को गुणवत्ता जांच के लिए लक्ष्य रखा गया हैं। लक्ष्य के विरूद्ध अबतक बीज के 4439, उर्वरक के 1641 और पौध संरक्षण औषधी के 165 नमूने लिए गए हैं। जिसे जांच गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला में प्ररीक्षण कराया गया जिसमें बीज के 3613 नमूने मानक तथा 245 अमानक पाए गए, इसी तरह उर्वरक के 1078 नमूने मानक और 45 नमूने अमानक पाए गए तथा पौध संरक्षण औषधी के 84 नमूने अमानक तथा 7 नमूने अमानक पाए गए। 

बच्चों के पोषण अभियान के साथ महिलाओं की आर्थिक समृद्धि को मजबूती देगी यह पहल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए रेडी टू ईट निर्माण का कार्य पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने के निर्णय पर अमल की पहल की शुरुआत आज रायगढ़ जिले से की गई है।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण के लिए अनुबंध पत्र सौंपे। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविंद्र गबेल, महापौर श्री जीवर्धन चौहान एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण एवं वितरण का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया है। यह कार्य प्रारंभिक चरण में 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया जाएगा। रायगढ़ इस पहल का पहला जिला बना है, जहाँ 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र वितरित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। यह योजना महिलाओं को स्वरोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक सार्थक पहल है। साथ ही, बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि विगत डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अधिकांश कार्यों को धरातल पर उतारा गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि, तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में  5500 रुपये प्रति मानक बोरा की वृद्धि तथा चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत जैसे कार्य इसके सशक्त उदाहरण हैं। साथ ही, रामलला दर्शन योजना एवं तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके गांव में ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब तक प्रदेश की 1,460 पंचायतों में ऐसे सेवा केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे हजारों माताएं और बहनें सरल, सुरक्षित और सुलभ बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। आने वाले समय में शेष पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु सतत कार्य कर रही है। पूरे देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का जो लक्ष्य रखा गया है, उसके अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। इसी दिशा में रेडी टू ईट योजना प्रारंभ की जा रही है, जिसके प्रथम चरण में 6 जिलों को शामिल किया गया है। रायगढ़ ऐसा पहला जिला है जहाँ महिला समूहों को अनुबंध पत्र सौंपे गए हैं। वित्त मंत्री ने अनुबंध प्राप्त सभी महिला समूहों से गुणवत्ता युक्त कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि वे इस योजना को एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत करें। यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि राज्य के पोषण अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी। उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में रेडी टू ईट कार्य हेतु 10 महिला समूहों का चयन किया गया है, जिन्हें अनुबंध पत्र प्रदान किए गए हैं। इन समूहों को रेडी टू ईट यूनिट की स्थापना हेतु प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत उद्योग विभाग द्वारा पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।रायगढ़ जिले की रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू परियोजनाओं के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट वितरण हेतु महिला समूहों का चयन किया गया है।

MSME क्षेत्र के लिए वैकल्पिक वित्तीय स्रोतों पर केंद्रित कार्यशाला का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न

धमतरी  छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को पारंपरिक बैंकिंग साधनों से आगे बढ़कर वैकल्पिक वित्तीय स्रोतों से सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस आरएएमपी योजना के तहत ’’वैकल्पिक वित्तपोषण” पर आज एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक जिंजर लीफ रेस्टोरेंट रुद्री में आयोजित की गई। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक ने बताया कि यह योजना भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय तथा विश्व बैंक द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित है। इसका उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाना, वित्तीय पहुंच को आसान करना तथा उन्हें प्रतिस्पर्धी एवं सतत् विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है। कार्यशाला श्री योगेश कुमार द्वारा प्रतिभागियों आरएएमपी योजना की जानकारी दी गई। इसके बाद ब्रांच ऑफिस इन-चार्ज सिडबी रायपुर के श्री अमित खरे ने सिडबी के माध्यम से एमएसएमई को उपलब्ध विभिन्न वित्तीय सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। वहीं एनएसई श्री उर्मिल ने एनएसई इमर्ज में सूचीकरण की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, पात्रता मानदंड और इससे मिलने वाले लाभों पर प्रस्तुति दी।           कार्यशाला में इनवॉसमार्ट के श्री निखिल ने बिल डिस्काउंटिंग और ट्रेड्स प्लेटफॉर्म के संचालन एवं लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रेड्स प्लेटफॉर्म विलंबित भुगतानों की समस्या के समाधान, समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने और एमएसएमई के नकदी प्रवाह में सुधार के लिए एक प्रभावी माध्यम है। इस कार्यशाला में जिला व्यापार उद्योग केंद्र के प्रबंधक श्री प्रशांत चंद्राकर, अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री इंद्र कुमार टिलवानी, राइस मिलर्स एसोसिएशन के श्री मोहन गोलछा, कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के श्री संतोष शाह, सीए श्री अभिषेक पारख सहित जिले के 40 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों, राइस मिलर्स, महिला उद्यमियों एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने हिस्सा लिया। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों ने विषय की उपयोगिता पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और ऐसी कार्यशालाओं को निरंतर आयोजित करने की मांग की। यह कार्यशाला एमएसएमई के लिए पूंजी बाजार में प्रवेश, वैकल्पिक वित्त स्रोतों की समझ और वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुई।