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श्रावणी मेला स्पेशल: महादेवसाल स्टेशन पर रुकेंगी तीन ट्रेनें, यात्रियों को मिलेगा फायदा

तीन ट्रनों के स्थायी ठहराव से मिलेगी यात्रियों को राहत, महादेवसाल स्टेशन पर श्रावणी मेला के लिए रुकेंगी ट्रेनें महादेवसाल स्टेशन पर तीन ट्रेनों का स्थायी ठहराव, श्रावणी मेले में यात्रियों को बड़ी राहत तीन ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी, श्रावणी मेला में महादेवसाल स्टेशन पर होगी सुविधा श्रावणी मेला स्पेशल: महादेवसाल स्टेशन पर रुकेंगी तीन ट्रेनें, यात्रियों को मिलेगा फायदा रायपुर   यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने/गुजरने वाली तीन ट्रेनों के अस्थायी ठहराव को अब आगामी आदेश तक के लिए बढ़ा दिया है। ये ठहराव पहले प्रायोगिक रूप से पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल के दो स्टेशनों- अशोक नगर और मुंगावली में शुरू किए गए थे।     गाड़ी संख्या 18573/18574 विशाखापत्तनम-भगत की कोठी-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस का ठहराव अशोक नगर स्टेशन में जारी रहेगा। गाड़ी संख्या 20971/20972 उदयपुर-शालीमार-उदयपुर एक्सप्रेस का ठहराव मुंगावली स्टेशन में अब स्थायी रूप से लागू रहेगा। 18207/18208 दुर्ग-अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस का ठहराव मुंगावली स्टेशन में अब स्थायी रूप से लागू रहेगा। बता दें कि इससे पहले इन तीनों ट्रेनों का ठहराव प्रायोगिक रूप में शुरू किया गया था, जिसे यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। यात्रियों की संख्या और मांग को देखते हुए रेलवे ने इन स्टापेज को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया है। रेलवे का यह निर्णय न केवल यात्रियों को सुविधा देगा, बल्कि क्षेत्रीय आवागमन को भी बेहतर बनाएगा। रेलवे की ओर से उठाया गया यह कदम स्थानीय यात्रियों के लिए यह एक बड़ी राहत है, जो अब बिना अतिरिक्त यात्रा किए अपने नजदीकी स्टेशनों से ही ट्रेनों की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें। श्रावणी मेला के दौरान दर्शनार्थियों के लिए खास सुविधा श्रावणी मेला के दौरान दर्शनार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल अंतर्गत महादेवसाल स्टेशन में चार जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव दिया गया है। यह सुविधा 11 जुलाई से 9 अगस्त तकलागू रहेगी। इस पहल से महादेवसाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में विशेष राहत मिलेगी। इन ट्रेनों का रहेगा ठहराव     13287/13288 दुर्ग–आरा–दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस     18477/18478 पुरी–योगनगरी ऋषिकेश–पुरी उत्कल एक्सप्रेस     18109/18110 टाटानगर–इतवारी–टाटानगर एक्सप्रेस     18113/18114 टाटानगर–बिलासपुर–टाटानगर एक्सप्रेस रेल प्रशासन ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से गुजरने वाली इन ट्रेनों का महादेवसाल स्टेशन पर दो मिनट का ठहराव रहेगा, ताकि श्रावणी मेले में शामिल होने वाले यात्री आसानी से महादेवसाल मंदिर तक पहुंच सकें। 

7 करोड़ की प्रोत्साहन राशि गबन मामले में प्रबंधक गिरफ्तार, तेंदूपत्ता घोटाले में 12 की जेल यात्रा

रायपुर  छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने फुलबगड़ी प्राथमिक लघुवनोपज सहकारी समिति के प्रबंधक राजशेखर पुराणिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी को साल 2021-22 के तेंदूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक घोटाले में संलिप्त पाया गया। आरोप है कि संग्राहकों को दी जाने वाली करीब सात करोड़ रुपए की राशि का इन्होंने गबन किया था। ईओडब्ल्यू इस घोटाले में शामिल 12 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। इसमें तत्कालीन डीएफओ अशोक कुमार पटेल, उप वनक्षेत्रपाल चैतूराम बघेल, देवनाथ भारद्वाज, पोड़ियामी इड़िमा उर्फ हिडमा और वनरक्षक मनीष कुमार बारसे, सात लघुवनोपज सहकारी समिति के प्रबंधक व सहयोगी मनोज कवासी, सुनील नुप्पो,रवि कुमार गुप्ता, आयतू कोरसा, समेत राजशेखर पुराणिक व अन्य शामिल है। घोटाले में डीएफओ की मुख्य भूमिका जांच में सामने आया है कि घोटाले में मुख्य भूमिका तत्कालीन डीएफओ अशोक कुमार पटेल की रही है। उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अन्य अधिकारियों और सहकारी समिति प्रबंधकों के साथ मिलकर संग्राहकों को दी जाने वाली तेंदूपत्ता बोनस राशि का बंदरबांट किया। यह है मामला वर्ष 2021-22 के दौरान तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले श्रमिकों को सरकार द्वारा प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) के रूप में करोड़ों रुपये वितरित किए जाने थे, लेकिन ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया कि इस राशि में से लगभग सात करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। आरोपी ने संग्राहकों के नाम पर फर्जी भुगतान दिखाकर, धोखाधड़ी से रकम निकाल ली और इसे निजी लाभ के लिए उपयोग किया। ईओडब्ल्यू के घेरे में अभी और कई आरोपी ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की विवेचना जारी है। आने वाले दिनों में अन्य संदिग्धों पर भी शिकंजा कस सकता है। जांच एजेंसी इस घोटाले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, ताकि तेंदूपत्ता संग्राहकों के हक की राशि की हेराफेरी करने वालों को सख्त सजा दिलाई जा सके। बता दें कि तेंदूपत्ता बोनस छत्तीसगढ़ के लाखों आदिवासी मजदूरों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। इस तरह का घोटाला न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि वन समुदाय के अधिकारों का शोषण भी है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

छत्तीसगढ़ में मूसलधार का दौर, रायपुर-दुर्ग और 33 जिलों में भीगने की तैयारी 10 जिलों में बारिश का अलर्ट…

रायपुर  प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने 10 जुलाई को मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कई इलाकों में पिछले 24 घंटे के भीतर तेज बारिश दर्ज की गई है। बता दें कि पिछले 24 घंटे में दुर्ग में सर्वाधिक 130 मिमी बारिश हुई है, जिसका नतिजा है कि शिवनाथ नदी उफान पर और आसपास के इलाके में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। वहीं बालोद में 120 मिमी, अहिवारा में 100 मिमी और राजधानी में 60 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री पेंड्रा रोड में दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 20.0 डिग्री दुर्ग और राजनांदगांव में रहा। CG में हफ्तेभर से लगातार बारिश हो रही है। इस बीच मौसम विभाग ने 9 जिलों बलरामपुर, बालोद, बलौदाबाजार, धमतरी, दुर्ग, कोरिया, महासमुंद, रायपुर और सूरजपुर में अचानक बाढ़ आने का खतरा जताते हुए अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा आज सेंट्रल छत्तीसगढ़ के दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, कांकेर, महासमुंद, गरियाबंद सहित 10 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। रायपुर-बेमेतरा, कबीरधाम सहित 13 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच मौसम विभाग ने अगले 3 घंटे के लिए कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर सहित 21 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी गया है। रायपुर-बलौदा बाजार, रायगढ़, जशपुर समेत 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। इसके बाद कल यानी 11 जुलाई से बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है। बुधवार को दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर संभाग के जिलों में भारी बारिश हुई है। कवर्धा जिले के भौराटोला में बिजली गिरने से नाबालिग की मौत हो गई। आने वाले दिनों में कम हो सकती है बारिश मौसम विभाग के अनुसार, 11 जुलाई से बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है। आगामी दो दिनों तक राज्य में हल्की से मध्यम बारिश और एक-दो स्थानों पर भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से खारुन नदी का जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन ने जारी किया अलर्ट बारिश को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों, नदी-नालों के पास रहने वालों को सतर्क रहने की अपील की है। बिजली गिरने की संभावना को लेकर भी चेतावनी दी गई है। स्कूलों को भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बना हुआ है यह सिस्टम मौसम विभाग के मुताबिक गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र छत्तीसगढ़ की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह सिस्टम 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तारित ऊपरी हवा के चक्रीय चक्रवात से जुड़ा हुआ है। इसी के प्रभाव से राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसके अलावा मानसून द्रोणिका अमृतसर, चंडीगढ़, निजामाबाद, शाहजहांपुर, कानपुर, डाल्टनगंज होते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल से बंगाल की खाड़ी तक फैली है। एक अन्य द्रोणिका उत्तर-पूर्व अरब सागर से होते हुए दक्षिण गुजरात, महाराष्ट्र, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा को पार करते हुए बंगाल की ओर बढ़ रही है। रायपुर में बादल छाए, रुक-रुक कर होगी बारिश गुरुवार को रायपुर सहित अधिकांश जिलों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ने की भी संभावना है। राजधानी में अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री रहने का अनुमान है। शिवनाथ नदी में बाढ़ का खतरा राजनांदगांव में लगातार बारिश के बाद शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। जिससे 4 जलाशयों से कुल 36 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। मोंगरा बैराज से 20 हजार क्यूसेक, घुमरिया नाला बैराज से 10,800 क्यूसेक, सूखा नाला बैराज से 5,200 क्यूसेक और खातू टोला बैराज से 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बता दें कि राजनांदगांव जिले में अब तक 250 मिमी पानी बरसा है जो औसत से 10 मिमी अधिक है। इसमें से 156 मिमी बारिश पिछले चार दिनों में ही हुई है। शिवनाथ नदी में फंसे 32 मजदूरों का रेस्क्यू इससे पहले बुधवार को दुर्ग के थनौद गांव में शिवनाथ नदी में आई बाढ़ में फंसे 32 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया। इनमें बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। सभी भारत माला परियोजना में काम करने आए थे। तभी नदी का जलस्तर बढ़ गया। बता दें कि लगातार बारिश से प्रदेश में कई नदी-नाले उफान पर हैं।   रायगढ़ जिले में सबसे ज्यादा बारिश इसके अलावा कवर्धा जिले में ही एक ही परिवार की दो महिलाओं की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों महिलाएं चरोटा भाजी (साग) तोड़ने गई थीं। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और गरज-चमक के साथ बिजली गिर पड़ी। यह घटना घटना 8 जुलाई की शाम लगभग 6:00 बजे की है। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 336.3 मि.मी. औसत बारिश दर्ज की गई है। रायगढ़ जिले में सबसे ज्यादा 473.5 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 153.0 मिमी बारिश हुई है।

रायपुर : राज्यपाल श्री डेका से गेंड़ी लोक नृत्य कलाकार ने की भेंट

रायपुर राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में तिफरा बिलासपुर के गेंडी लोक नृत्य कलाकार  श्री अनिल कुमार गढ़ेवाल ने सौजन्य भेंट की।  इस अवसर पर नृत्य के कलाकार श्री लक्ष्मी नारायण मांडले उपस्थित भी थे।

वनाधिकार पट्टेधारियों के फौती नामांतरण हेतु संवेदनशीलता के साथ करें कार्यवाही- कमिश्नर डोमन सिंह

 कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ली भैरमगढ़- नरहरपुर सहित माकड़ी एवं बकावण्ड ब्लॉक के अधिकारियों की बैठक राजस्व प्रकरणों के निराकरण सहित खाद-बीज की सुलभता और मौसमी बीमारियों के नियंत्रण एवं उपचार हेतु प्रभावी पहल करने पर बल वनाधिकार पट्टेधारियों के फौती नामांतरण हेतु संवेदनशीलता के साथ करें कार्यवाही- कमिश्नर डोमन सिंह जगदलपुर कमिश्नर बस्तर संभाग डोमन सिंह ने कहा कि वनाधिकार पट्टेधारियों के फौती नामांतरण सुनिश्चित करने हेतु संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही करें। इस दिशा में राजस्व एवं वन विभाग द्वारा समन्वित तौर पर मैदानी अमले के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करवाया जाए। साथ ही कोटवारों के जरिए मुनादी करवाकर ग्रामीणों को अवगत कराया जाए। वहीं पटवारी हल्का और रेंज ऑफिस में सम्बंधित वनाधिकार पट्टेधारकों से आवेदन पत्र प्राप्त कर फौती नामांतरण की कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। वर्षाकाल के दौरान नदी-नाले उफान पर रहने की स्थिति का सतत निगरानी रखने सहित बाढ़ आपदा से बचाव सम्बन्धी त्वरित पहल करें। आम जनता को बाढ़ की स्थिति में नदी-नाले नहीं पार करने हेतु समझाइश दी जाए और इस बारे में मैदानी अमले एवं कोटवारों के माध्यम से जनजागरूकता निर्मित किया जाए। साथ ही प्राकृतिक आपदा पीड़ितों को आरबीसी 6-4 के तहत तत्काल सहायता प्रदान करें। कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए भैरमगढ़-नरहरपुर सहित माकड़ी एवं बकावण्ड विकासखण्ड से सम्बंधित एसडीएम, तहसीलदार और अन्य खण्ड स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान उक्त निर्देश दिए।       कमिश्नर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा अब तक हुई वर्षा की स्थिति, खरीफ फसल सीजन हेतु खाद-बीज भंडारण स्थिति, किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता का संज्ञान लिया और कृषकों की मांग के अनुरूप खाद-बीज सुलभ करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निराकरण स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्धारित समय-सीमा में राजस्व प्रकरणों को अनिवार्य रूप से निराकृत किए जाने कहा। वहीं वर्षाकालीन मौसमी बीमारियों की स्थिति पर सतत निगरानी रखने सहित मौसमी बीमारियों के नियंत्रण एवं उपचार हेतु व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि मैदानी अमले के द्वारा शुद्ध पेयजल का उपयोग, गर्म एवं ताजा भोजन का सेवन करने सहित मलेरिया, बुखार, उल्टी-दस्त से पीड़ित होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में ईलाज करवाने इत्यादि स्वास्थ्य शिक्षा ग्रामीणों को प्रदान किया जाए। साथ ही हाट-बाजारों में मुनादी के जरिए जनजागरूकता निर्मित किया जाए। मितानिनों के दवा पेटी में आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की सुलभता सहित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें। हाट-बाजार स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ की अनिवार्य रूप से उपस्थिति सुनिश्चित किया जाए। मौसमी बीमारी प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित बचाव एवं उपचार सहायता के लिए कॉम्बेट चिकित्सा दलों को सक्रिय रखा जाए और सम्बंधित प्रभावित ईलाके में आवश्यक दवाइयों तथा एम्बुलेंस के साथ तत्काल सहायता उपलब्ध कराया जाए। कमिश्नर ने स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज एवं एंटी वेनम इंजेक्शन की अनिवार्य रूप से उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा। वहीं आधार कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड पंजीयन प्रगति का संज्ञान लेकर छूटे हुए लोगों को लक्षित कर प्राथमिकता से पंजीयन किए जाने के निर्देश दिए। इस हेतु सबसे ज्यादा गैप वाले बसाहटों पर पहले ध्यान देने कहा। स्कूली बच्चों को पाठ्य पुस्तक एवं गणवेश प्रदाय सहित मध्यान्ह भोजन का सुचारू संचालन करने के निर्देश कमिश्नर ने स्कूली बच्चों को नियमित तौर पर स्कूल से जोड़ने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर शाला प्रबंधन समितियों की बैठक कर माता-पिता एवं अभिभावकों को समझाइश देने कहा। साथ ही मध्यान्ह भोजन के सुचारू संचालन के लिए महिला स्व सहायता समूहों की व्यापक सहभागिता, खाद्यान्न का उठाव एवं अन्य व्यवस्था सहित आंगनबाड़ी केंद्रों में लक्षित लाभार्थियों को समेकित बाल विकास सेवाओं की उपलब्धता यथा स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, गर्म भोजन एवं रेडी टू ईट पोषण आहार की सुलभता पर चर्चा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूली बच्चों को पाठ्य पुस्तक एवं गणवेश वितरण स्थिति का संज्ञान लेते हुए न्यौता भोज आयोजन हेतु ग्राम पंचायतों का सहयोग लेने सहित स्थानीय पंचायत पदाधिकारी तथा मैदानी अमले को भी सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित किए जाने कहा।           कमिश्नर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति और पेयजल प्रबंधन की समीक्षा करते हुए सुधार योग्य हेण्डपम्पों एवं सोलर ड्यूल पम्पों का मरम्मत किए जाने सहित पेयजल स्रोतों का अनिवार्य रूप से क्लोरीनेशन किए जाने के निर्देश दिए । साथ ही ग्रामीणों को हेण्डपम्पों एवं सोलर ड्यूल पम्पों के जल का ही उपयोग किए जाने की समझाइश देने कहा। वहीं पूर्व में जलजनित संक्रामक बीमारी से प्रभावित ईलाके के जल स्रोतों के पानी का परीक्षण करवाने के निर्देश दिए। बैठक में विद्युत सुविधा की उपलब्धता, उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न एवं अन्य जरूरी सामग्रियों का भण्डारण एवं राशनकार्ड धारकों को वितरण, पहुंचविहीन केन्द्रों में आगामी चार माह के लिए खाद्यान्न एवं अन्य दैनिक जरूरी सामग्रियों के प्रदाय स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में डिप्टी कमिश्नर बीएस सिदार, आरती वासनिक एवं गीता रायस्त सहित विभिन्न विभागों के संभाग स्तरीय अधिकारी भी मौजूद थे।

राज्यपाल डेका को लोकायुक्त ने सौंपा वार्षिक प्रतिवेदन

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ लोक आयोग के लोकायुक्त न्यायमूर्ति आई.एस. उबोवेजा ने भेंट कर छत्तीसगढ़ लोक आयोग का 23 वां वार्षिक प्रतिवेदन राज्यपाल को सौंपा। इस अवसर पर कानूनी सलाहकार अजीत कुमार राजभानु, उप सचिव के.पी. सिंह भदौरिया, तकनीकी सलाहकार राकेश पुरम एवं पी.एस. राजेश गजेंद्र भी उपस्थित थे।

रायपुर : राज्यपाल डेका से हरिभूमि के प्रधान संपादक ने सौजन्य की भेंट

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में दैनिक हरिभूमि समाचार पत्र और आई.एन.एच. चैनल के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने सौजन्य भेंट की।

रायपुर : सौर ऊर्जा से जगमगाया बस्तर का बेस्ट टूरिज्म विलेज धुड़मारास

रायपुर : सूरज की तपिश से फैल रहा घर आँगन में उजियारा, प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना बनी आमजन के लिए लाभकारी रायपुर : पीएम सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना बनी क्रांति का आधार, अनिल कुमार साहू को मिली राहत, बिजली बिल हुआ शून्य सौर ऊर्जा से उपभोक्ता ऊर्जा क्षेत्र में हुआ आत्मनिर्भर अनिल कुमार साहू को मिली राहत, बिजली बिल हुआ शून्य रायपुर : सौर ऊर्जा से जगमगाया बस्तर का बेस्ट टूरिज्म विलेज धुड़मारास रायपुर सूरज की तेज गर्मी से सोलर पैनल को ऊर्जा मिलने से लोगों को आसानी से बिजली मिल रही है जिससे घर रोशन हो रहे हैं।प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।  बलौदाबाजार शहर के प्रतिष्ठा कॉलोनी निवासी  प्रसन्न दीवान ने इस योजना के तहत अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम स्थापित कर योजना का लाभ उठाया है। उन्होंने बताया कि योजना की जानकारी उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से प्राप्त हुई जिसके बाद उन्होंने बिजली विभाग से संपर्क कर विस्तृत जानकारी ली। दीवान ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और सरल है। उन्होंने योजना के तहत आवेदन कर 5 किलोवाट का सौर ऊर्जा प्रणाली अपने घर में स्थापित कराया, जिससे उन्हें ₹78,000 की सब्सिडी प्राप्त हुई। यह प्रणाली पिछले 6 महीनों से सुचारू रूप से कार्य कर रही है और इससे उन्हें प्रत्यक्ष रूप से आर्थिक लाभ हो रहा है। पहले जहां उन्हें हर माह भारी भरकम बिजली बिल चुकाना पड़ता था, अब बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से न केवल बिजली बचत हो रही है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। दीवान ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे भी अपने घरों में इस योजना का लाभ लेकर न केवल बिजली की बचत करें, बल्कि अपनी आय में भी वृद्धि करें। इसके लिए दीवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है और देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रही है। रायपुर : पीएम सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना बनी क्रांति का आधार, अनिल कुमार साहू को मिली राहत, बिजली बिल हुआ शून्य सौर ऊर्जा से उपभोक्ता ऊर्जा क्षेत्र में हुआ आत्मनिर्भर अनिल कुमार साहू को मिली राहत, बिजली बिल हुआ शून्य रायपुर : सौर ऊर्जा से जगमगाया बस्तर का बेस्ट टूरिज्म विलेज धुड़मारास छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना आम जनता के लिए आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत साधन बनती जा रही है। यह योजना अब प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा बदलाव लेकर आई है। सक्ति जिले के डभरा निवासी अनिल कुमार साहू स योजना का लाभ उठाकर इसे अपने जीवन में बदलाव की एक मिसाल बना दिया है। साहू अपने घर की छत पर 3 किलोवॉट का सोलर रूफटॉप सिस्टम लगवाया है, जिसकी मदद से वे प्रतिदिन गर्मियों में 16 से 18 यूनिट और बरसात में 10 से 12 यूनिट तक बिजली का उत्पादन कर रहा है। इस संयंत्र के संचालन के पहले ही महीने उनकी बिजली बिल माइनस में चला गया, और अब पूरी तरह शून्य हो गया है। इतना ही नहीं, अतिरिक्त बिजली ग्रिड को सप्लाई कर वे आमदनी भी अर्जित कर रहा है। इस सोलर सिस्टम पर 78,000 रुपये की सब्सिडी और 10 वर्षों की गारंटी मिली है। साहू के अनुसार, यह संयंत्र 2 से 3 वर्षों में अपनी लागत निकाल लेगा, जिसके बाद लाभ ही लाभ होगा। उन्होंने इस योजना को आर्थिक बचत के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा का साधनष् बताया। साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना देश और राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। योजना की प्रक्रिया भी बेहद सरल है दृ उपभोक्ता वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके बाद अधिकृत वेंडर द्वारा संयंत्र की स्थापना की जाती है और सत्यापन के पश्चात सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। यह योजना छत्तीसगढ़ के शहरी और ग्रामीण इलाकों में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घट रही है और हर घर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। रायपुर : सौर ऊर्जा से जगमगाया बस्तर का बेस्ट टूरिज्म विलेज धुड़मारास छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर जिला के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आने वाला छोटा सा आदिवासी गांव धुड़मारास आज विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा दुनिया के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में शामिल यह गांव अब पर्यावरणीय संरक्षण और सतत विकास का मॉडल बनकर उभरा है। प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक जीवनशैली से परिपूर्ण यह गांव, अब सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर अंचल में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ स्थानीय सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। धुड़मारास गांव में क्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा आधारित विभिन्न परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर स्वच्छ पेयजल, रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था और शैक्षणिक संस्थानों में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के माध्यम से गांव में 03 नग सोलर ड्यूल पम्प की स्थापना कर शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। 02 नग सोलर हाईमास्ट संयंत्र की स्थापना कर रात्रिकालीन प्रकाश की व्यवस्था की गई है। ग्राम की गलियों में सोलर पावर स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में सौर ऊर्जा आधारित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। क्रेडा के अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश राणा द्वारा परियोजनाओं की निरंतर निगरानी कर कार्यों को गुणवत्ता पूर्ण ढंग से सम्पन्न कराया गया। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा बस्तर जिले के धुड़मारास गांव और चित्रकोट गांव को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सर्वश्रेष्ठ गांव के रूप में पुरस्कृत किया गया है। प्राकृतिक रूप से समृद्ध धुड़मारास गांव कांगेर नदी की सुरम्य धारा, हरियाली, जैव विविधता एवं पारंपरिक बस्तरिया संस्कृति पर्यटकों को … Read more

रायपुर : प्रदेश में अब तक 349.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 349.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक रायगढ़ जिले में सर्वाधिक 501.9 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 167.3 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 264.6 मि.मी., सूरजपुर में 405.0 मि.मी., बलरामपुर में 465.8 मि.मी., जशपुर में 448.2 मि.मी., कोरिया में 383.3 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 297.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 308.4 मि.मी., बलौदाबाजार में 305.9 मि.मी., गरियाबंद में 300.8 मि.मी., महासमुंद में 316.2 मि.मी. और धमतरी में 313.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर में 350.5 मि.मी., मुंगेली में 373.1 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 353.5 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 460.0 मि.मी., सक्ती में 401.9 मि.मी., कोरबा में 448.0 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 333.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। दुर्ग जिले में 301.3 मि.मी., कबीरधाम में 247.8 मि.मी., राजनांदगांव में 289.7 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 480.9 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 245.7 मि.मी., बालोद में 371.6 मि.मी. और बस्तर जिले में 436.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। कोंडागांव में 263.0 मि.मी., कांकेर में 365.5 मि.मी., नारायणपुर में 314.1 मि.मी., दंतेवाड़ा में 395.7 मि.मी., सुकमा में 205.5 मि.मी. और बीजापुर में 432.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मैनपाट में भगवान बुद्ध की प्रतिमा का किया अनावरण

रायपुर : छत्तीसगढ़ में बौद्ध परंपरा की जड़ें अत्यंत गहरी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बुद्ध प्रतिमा की स्थापना से मैनपाट बनेगा शांति और समावेशी संस्कृति की नई पहचान : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मैनपाट में भगवान बुद्ध की प्रतिमा का किया अनावरण मुख्यमंत्री ने की 30 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा, सीसी रोड और मंदिर शेड निर्माण को दी मंजूरी तिब्बती रीति-रिवाजों के अनुरूप आत्मीय स्वागत से मुख्यमंत्री हुए अभिभूत रायपुर  छत्तीसगढ़ में बौद्ध परंपरा की जड़ें अत्यंत गहरी हैं और भगवान बुद्ध के प्रेम, शांति एवं करुणा के संदेश को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार विकास के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित होटल ग्राउंड परिसर में नवस्थापित भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में इस पावन अवसर पर आमंत्रण के लिए तिब्बती समुदाय के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई ऐसे स्थल हैं, जहां भगवान बुद्ध की उपासना की जाती है। सिरपुर में बौद्ध, जैन और सनातन परंपराएं एक साथ देखने को मिलती हैं, जो राज्य की समावेशी संस्कृति का अद्वितीय उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने दलाई लामा जी के 90वें जन्मदिवस का स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन भगवान बुद्ध की करुणा, प्रेम और शांति के सिद्धांतों का सजीव प्रतीक है। आज की दुनिया के लिए उनका संदेश नई आशा और सकारात्मकता का स्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विश्व भर के नेताओं ने दलाई लामा जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं, जो यह दर्शाता है कि भगवान बुद्ध के विचारों का वैश्विक जीवन पर कितना गहरा प्रभाव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैनपाट प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से भरपूर स्थल है, जो पर्यटकों को रोमांचित करता है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, और राज्य सरकार इसके समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नवीन औद्योगिक नीति में पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी गई है, और मैनपाट जैसे क्षेत्रों में होम स्टे सुविधा शुरू करने वालों को विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तिब्बती सहकारी समिति की मांग पर मैनपाट स्थित सैला रिसॉर्ट से बौद्ध मंदिर तक सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये तथा प्राचीन बौद्ध मंदिर में शेड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर पौधरोपण किया। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम में पारंपरिक तिब्बती रीति-रिवाजों के अनुसार मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जिससे वातावरण उल्लासमय हो गया। कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, कलेक्टर विलास भोसकर, सेटलमेंट अधिकारी सुस्वांग यांग्सो, तिब्बती सहकारी समिति के अध्यक्ष तामदिंग सेरिंग, मठ प्रमुख लामा दुब्जे, लामा जिनपा सहित तिब्बती समुदाय के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थे।