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बीजापुर के ग्राम गमपुर में स्वास्थ्य विभाग का विशेष अभियान बना ग्रामीणों के लिए राहत

रायपु दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र ग्राम गमपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कठिन परिस्थितियों के बीच पहुंचकर जनसेवा का सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया। बीजापुर जिले के उप स्वास्थ्य केंद्र डोडीतुमनार की टीम ने जंगल और खराब रास्तों की चुनौतियों के बावजूद गांव में यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग सर्वे सफलतापूर्वक पूरा किया। इस दौरान कुल 771 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ मलेरिया, टीबी, एनीमिया, उच्च रक्तचाप और गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच भी की। सर्वेक्षण के दौरान 5 मलेरिया मरीजों की पहचान कर तुरंत उपचार शुरू किया गया। वहीं 2 संभावित टीबी मरीजों और 1 हाई रिस्क गर्भवती महिला को आगे की जांच और उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। जांच के दौरान 1 उच्च रक्तचाप और 2 एनीमिया से पीड़ित मरीजों को भी चिन्हित किया गया। उन्हें आवश्यक दवाएं और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया गया। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को साफ-सफाई, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और संक्रामक बीमारियों से बचाव के बारे में भी जागरूक किया। ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार उनके गांव के पास इतने बड़े स्तर पर स्वास्थ्य जांच सुविधा उपलब्ध हुई है, जिससे लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। टीम के लगातार प्रयासों से ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है। ग्राम गमपुर में चलाया गया यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, बल्कि यह भी दिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी स्वास्थ्य विभाग लोगों तक सेवाएं पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

ग्रामीणों तक पहुंचीं शासकीय योजनाएं, शिविर में ही हुआ समस्याओं का समाधान

रायपुर सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत एर्राबोर में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और खुशियों का केंद्र बन गया। कलेक्टर  अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। शिविर का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाना था। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित रहकर लोगों की समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान की प्रक्रिया शुरू की। शिविर में विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वहीं गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और 6 माह के बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इससे कार्यक्रम में सामाजिक और मानवीय जुड़ाव का वातावरण देखने को मिला। ग्रामीणों की सुविधा के लिए शिविर में राशन कार्ड ई-केवाईसी, महतारी वंदन योजना ई-केवाईसी, नया आधार कार्ड पंजीयन एवं अपडेट, बी-1 और किसान किताब वितरण तथा एग्री स्टेक पंजीयन जैसी जरूरी सेवाएं भी मौके पर उपलब्ध कराई गईं। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों को कुल 250 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें पंचायत विभाग के 165, कृषि विभाग के 22, विद्युत विभाग के 14 तथा राजस्व और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 11-11 आवेदन शामिल रहे। सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। कार्यक्रम में स्थानीय सरपंच मती लक्ष्मी कट्टम, पूर्व सरपंच, पंचगण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विश्वास और सहभागिता को नई मजबूती मिली है।

गोबरानवापारा में रेत के अवैध उत्खनन-भण्डारण पर खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2 पोकलेन जब्त-सील

रायपुर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के आदेशानुसार तथा उप-संचालक (खनिज प्रशासन) श्री राजेश मालवे के नेतृत्व में खनिज विभाग के अमले द्वारा 18 एवं 19 मई 2026 को गोबरानवापारा क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन एवं अवैध भण्डारण के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की गई। सहायक खनि अधिकारी, खनि निरीक्षक एवं खनिज अमले द्वारा की गई जांच में ग्राम लखना रेत खदान में स्वीकृत क्षेत्र के बाहर तथा पर्यावरणीय शर्तों का उल्लंघन कर 02 चेन माउंटेड पोकलेन मशीनों से रेत का अवैध उत्खनन किया जाना पाया गया। कार्रवाई करते हुए दोनों पोकलेन मशीनों को मौके पर ही जब्त कर सीलबंद किया गया तथा अवैध उत्खनन कार्य तत्काल बंद कराया गया। इसी क्रम में तहसील गोबरानवापारा के ग्राम नवागांव, जौंदा, जौंदी तथा डगनिया में महानदी से रेत लाकर श्री अनिल कुमार साहू, श्री गोविंद साहू, श्री ईश्वर पटेल, श्री प्रताप सेन, श्री त्रिलोकी साहू, श्री अजय साहू तथा श्री मनीष ठाकुर द्वारा बिना वैध अनुमति के रेत का अवैध भण्डारण किया जाना पाया गया। खनिज विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के प्रावधानों के तहत संपूर्ण अवैध रेत को जब्त कर लिया गया है एवं संबंधित अवैध भण्डारणकर्ताओं को जवाब-तलब हेतु नोटिस जारी किया गया है। उप-संचालक खनिज श्री राजेश मालवे ने बताया कि जिले में खनिज रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज अमले द्वारा उक्त क्षेत्रों में लगातार गश्त कर सतत कार्रवाई की जा रही है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

‘सुशासन तिहार’ की धूम: एक ही छत के नीचे खुले सरकारी योजनाओं के द्वार हितग्राहियों के चेहरे खिले

​रायपुर       मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप सारंगढ़ नगरपालिका क्षेत्र के राजापारा रंगमंच में मंगलवार को 'सुशासन तिहार शिविर' का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर ने आम जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को मिटाते हुए एक ही छत के नीचे ढेरों सरकारी सुविधाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुँचाया। शिविर में उमड़ी नगरवासियों की भारी भीड़ इस बात का प्रमाण रही कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर मजबूती से उतर रही हैं।         ​शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी सौगातें दी गईं, जिसमें 6 हितग्राहियों को नए भवनों के निर्माण के लिए अनुज्ञा प्रमाण पत्र सौंपे गए, वहीं 3 हितग्राहियों को उनका आशियाना पूर्ण होने पर भवन पूर्णता प्रमाण पत्र वितरित किया गया। अपना पक्का आशियाना और कानूनी दस्तावेज पाकर हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने राज्य सरकार व जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया।        ​इसी तरह महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल पर पारंपरिक और मंगलमयी माहौल देखने को मिला, जहाँ विभागीय सजगता के साथ 2 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया और 2 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म पूरी की गई। इसके साथ ही, उपस्थित महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य, बेहतर पोषण और सही देखभाल के प्रति जागरूक करते हुए महत्वपूर्ण परामर्श भी दिए गए।       ​प्रशासनिक मुस्तैदी दिखाते हुए खाद्य विभाग की ओर से मौके पर ही 2 हितग्राहियों को नए राशन कार्ड वितरित किए गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए 2 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए और जरूरतमंद लोगों को फूड बास्केट का वितरण भी किया गया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में पहुंचे बड़ी संख्या में नगरवासियों का ब्लड प्रेशर, शुगर एवं अन्य जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उचित चिकित्सीय सलाह दी गई।       ​ सुशासन का असली अर्थ चरितार्थ करते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने न केवल अपनी योजनाओं की जानकारी दी, बल्कि जनता से सीधे आवेदन और शिकायतें भी प्राप्त कीं। कई जटिल समस्याओं का विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही त्वरित निराकरण कर आमजन को मार्गदर्शन दिया गया, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली।       ​इस जन-सरोकार के कार्यक्रम में स्थानीय पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, नगरपालिका सीएमओ सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी-कर्मचारी और भारी संख्या में सजग नागरिक उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से शासन की योजनाओं को सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का यह प्रयास बेहद सफल और सराहनीय रहा।

मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से बढ़ी आत्मनिर्भरता की उम्मीद

रायपुर विष्णु देव साय के सुशासन में आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत गांव-गांव में आयोजित समाधान शिविर जरूरतमंद लोगों के लिए राहत एवं सहायता का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में सक्ती विकासखंड के ग्राम रगजा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम नंदौरकला निवासी दिव्यांग तुलेश्वरी की समस्या का मौके पर ही समाधान किया गया। अस्थि बाधित होने के कारण तुलेश्वरी को दैनिक कार्यों एवं आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन प्राप्त होते ही समाज कल्याण विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए समाधान शिविर में ही उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। इस अवसर पर सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ वासु जैन सहित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त होने पर तुलेश्वरी के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा तथा वे अपने दैनिक कार्य आसानी से कर सकेंगी। उन्होंने शासन की इस संवेदनशील पहल के लिए विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का त्वरित लाभ पहुंचाकर शासन संवेदनशील एवं जनहितैषी प्रशासन की मिसाल प्रस्तुत कर रहा

सहकारिता आयुक्त ने मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं शुरू करने के दिए निर्देश

रायपुर राज्य के शहरी सहकारी बैंकों में आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने के लिए आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़  महादेव कावरे ने समीक्षा बैठक ली। इस समीक्षा बैठक में राज्य के 12 शहरी नागरिक सहकारी बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में सहकारिता आयुक्त ने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि वे भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू की गई नवाचारात्मक पहलों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को बेहतर और आसान बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एईपीएस (आधार आधारित भुगतान प्रणाली) जैसी सुविधाएं शुरू की जाएं। सहकारिता आयुक्त ने बैंकों को यह भी निर्देशित किया कि वे तकनीकी सहायता और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए गठित अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ें। इससे बैंकों को नई तकनीक अपनाने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने में मदद मिलेगी। बैठक में अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन, नई दिल्ली के अधिकारी  सुमीत हंस ने बैंकों को संगठन से जुड़ने के लाभ और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे सहकारी बैंक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को तेजी से लागू कर सकेंगे। इस अवसर पर व्यावसायिक सहकारी बैंक रायपुर, नागरिक सहकारी बैंक रायपुर, लक्ष्मी नागरिक सहकारी बैंक रायपुर, रायपुर अर्बन मर्केंटाइल को-ऑप बैंक, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, रायगढ़, महासमुंद, अंबिकापुर और जगदलपुर के सहकारी बैंक शामिल हुए। सहकारिता आयुक्त  कावरे ने सभी बैंकों को तय समय-सीमा में आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए। इस पहल से प्रदेश के सहकारी बैंकों में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा और ग्राहकों को अधिक सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं मिल सकेंगी।

प्रभारी सचिव हिमशिखर गुप्ता ने वीसी के जरिए परखी जमीनी हकीकत

रायपुर       सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के प्रभारी सचिव हिमशिखर गुप्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और फ्लैगशिप योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान कलेक्टर ने जिले की वर्तमान प्रगति और क्रियान्वयन की बिंदुवार जानकारी साझा की। इस उच्च स्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक में जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। ​राजस्व मामलों में तेजी और अधोसंरचना निर्माण के निर्देश        प्रभारी सचिव ने राजस्व कार्यों के त्वरित निराकरण पर जोर देते हुए भू-अभिलेख, भू-अर्जन और डायवर्शन के नक्शा-खसरा को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन रिकॉर्ड में अपडेट रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जिले में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट, एसडीएम कार्यालय, जिला पंचायत, जिला अस्पताल और ट्राइबल हॉस्टल के जीर्णोद्धार कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। ​पेयजल, मनरेगा और ग्रामीण विकास पर फोकस      ​ बैठक में जल जीवन मिशन, जल आवर्धन योजना और मल्टी विलेज पेयजल योजनाओं की समीक्षा की गई ताकि हर घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा मनरेगा के तहत रोजगार सृजन, पीएम ग्राम सड़क योजना, स्वामित्व योजना और 'लखपति दीदी' योजना के तहत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की प्रगति को भी देखा गया। ​स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा की पड़ताल  जिले के अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति, सरकारी अस्पतालों में सामान्य प्रसव व ऑपरेशन की संख्या बढ़ाने और बिलाईगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जीर्णोद्धार पर चर्चा हुई। इसी तरह पीएम स्कूल निर्माण और हाईस्कूल/हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाओं में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का ई-केवाईसी (e-KYC) कार्य, किसान सम्मान निधि, एग्रीस्टेक पंजीयन और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की समीक्षा की गई। ​कृषि, आपूर्ति और कानून व्यवस्था की समीक्षा    ​ प्रभारी सचिव ने खरीफ सीजन के मद्देनजर रासायनिक खाद की उपलब्धता व भंडारण की जानकारी ली। साथ ही धान उठाव और भारतीय खाद्य निगम (FCI) में चावल भंडारण की स्थिति का जायजा लिया। जिले में पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति, खनिज विभाग की गतिविधियों और डीएमएफ (DMF) राशि से संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई। ​        प्रभारी सचिव ने जिले में तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन, उप जेल की स्थिति, सड़क सुरक्षा, आपराधिक आंकड़ों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की कड़ाई से समीक्षा की। मुख्यमंत्री घोषणा के कार्यों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इसी तरह जिला खनिज न्यास (DMF) के सहयोग से युवाओं के लिए संचालित तेजस निःशुल्क फ्री कोचिंग, ग्राम सुखापाली की 25 एकड़ शासकीय भूमि पर हो रही सामूहिक अमरूद की विशेष खेती,​सपेरा बस्ती के 40 हितग्राहियों के लिए पीएम आवास निर्माण की प्रगति,​मकरी दरहा में पहुंच सीसी रोड, लातनाला पर एनीकट निर्माण और जिले के मॉडल आंगनबाड़ियों की स्थिति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

पशुपालन से मजबूत होगी आजीविका, ग्रामीण परिवार को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा

रायपुर सुकमा जिले की जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत गोंदपल्ली के पटेलपारा निवासी  पोड़ियामी जोगा को सुशासन तिहार के माध्यम से बड़ी राहत मिली है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा उन्हें एक लाख 10 हजार रुपये की लागत से बकरी शेड निर्माण की सुविधा प्रदान की गई है। इससे उनके पशुपालन कार्य को नई मजबूती मिली है और आय बढ़ाने का रास्ता भी आसान हुआ है।  पोड़ियामी जोगा ने सुशासन तिहार 2025 के दौरान आयोजित शिविर में बकरी शेड निर्माण के लिए आवेदन दिया था। आवेदन मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शीघ्र स्वीकृति प्रदान की और तय समय-सीमा में बकरी शेड का निर्माण पूरा कराया गया। बकरी शेड बनने से अब पशुओं की देखभाल बेहतर तरीके से हो रही है। इससे पशुपालन कार्य में सुविधा बढ़ी है और भविष्य में आय में वृद्धि की उम्मीद भी मजबूत हुई है। हितग्राही  जोगा ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान हो रहा है और ग्रामीणों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।

दंतेवाड़ा प्रशासन की अनूठी पहल “उजर 100” योजना से संवरेगा मेधावियों का भविष्य

रायपुर बस्तर अंचल के प्रतिभावान और जरूरतमंद युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के लिए दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने एक बेहद संवेदनशील और अनूठी शैक्षणिक पहल की है। जिले के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को देश-प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से “उजर 100” योजना शुरू की गई है। ​इस महत्वाकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन, चयन प्रक्रिया और पात्रता नियमों को तय करने के लिए आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में दोपहर 3 बजे एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्ययोजना का खाका तैयार किया गया। ​100 सीटों का वर्गवार निर्धारण, स्थानीय को प्राथमिकता     ​योजना के तहत कुल 100 सीटों का कोटा निर्धारित किया गया है। सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए इसमें वर्गवार सीटें तय की गई हैं। जिसमे ​अनुसूचित जनजाति (ST) के 76,​अनुसूचित जाति (SC) के 06,​अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 14 और ​अनारक्षित (General) के 04 सीटें शामिल है। इसके साथ ही कुल सीटों में 6 प्रतिशत आरक्षण दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित रहेगा। योजना का लाभ केवल दंतेवाड़ा जिले के मूल निवासी छात्रों को ही मिलेगा, जिन्होंने प्रथम प्रयास में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की हो। ​5 लाख की आय सीमा, लेकिन 'सुपर टैलेंटेड' बच्चों को पूरी छूट  ​सामान्यतः योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। लेकिन प्रशासन ने प्रतिभा को नियमों में नहीं बांधा है। छत्तीसगढ़ बोर्ड (CGBSE) की प्रावीण्य सूची में जिले के शीर्ष 10 स्थान पाने वाले छात्रों और IIT, NIT, NEET, JEE, NDA व AIIMS जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षाओं में चयन पाने वाले विद्यार्थियों पर आय की कोई सीमा लागू नहीं होगी। इसी तरह छत्तीसगढ़ बोर्ड के टॉप 100 या सीबीएसई के टॉप 20 छात्र, राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में चयनित विद्यार्थी, नक्सल प्रभावित परिवारों के बच्चे, खनन प्रभावित ग्रामों के छात्र और बीपीएल (BPL) कार्डधारी परिवारों के होनहार बच्चे इस योजना में पहली प्राथमिकता पर होंगे। ​पढ़ाई से लेकर रहने-खाने का खर्च उठाएगी सरकार; सीधे खाते में आएगा पैसा    ​"उजर 100" योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को कॉलेज की फीस, हॉस्टल, भोजन और अध्ययन सामग्री (किताबें-कॉपी) का पूरा खर्च दिया जाएगा। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों (Professional Courses) की पूरी फीस सीधे संबंधित शिक्षण संस्थान को भेजी जाएगी। वहीं, हॉस्टल और किताबों का खर्च डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे छात्र के बैंक खाते में जमा किया जाएगा। ​काउंसिलिंग के लिए मिलेगी  हवाई यात्रा की सुविधा जिला प्रशासन ने मेधावियों के प्रोत्साहन के लिए बड़े कदम उठाए हैं। यदि जिले का कोई छात्र IIT, NIT, AIIMS, NEET या NDA जैसी परीक्षाओं में चुना जाता है, तो उसे संस्थान में रिपोर्टिंग या काउंसिलिंग के लिए जाने हेतु बस, रेल या हवाई यात्रा की मुफ्त सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्रों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। ड्रॉप लेकर तैयारी करने वाले छात्रों को विशेष परिस्थिति में कोचिंग सहायता भी मिलेगी। ​ऑफलाइन होंगे आवेदन, बनेगी वेटिंग लिस्ट   ​ चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए आवेदन ऑफलाइन माध्यम से जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा में जमा किए जाएंगे। स्क्रूटनी, मेरिट लिस्ट और फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद जिला स्तरीय कमेटी अंतिम मुहर लगाएगी। मुख्य सूची के साथ 50 विद्यार्थियों की एक प्रतीक्षा सूची (Waiting List) भी बनाई जाएगी, ताकि कोई सीट खाली रहने पर दूसरे हकदार को मौका मिल सके। ​"उजर 100" योजना दंतेवाड़ा के युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी। आर्थिक तंगी के कारण अब किसी भी होनहार का सपना नहीं टूटेगा। यहाँ के बच्चे अब राष्ट्रीय पटल पर जिले का नाम रोशन करेंगे।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने सम्पूर्ण देश के नक्सलमुक्त होने के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक अभिनंदन एवं आभार प्रकट किया

रायपुर   केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी सहित इन सदस्य राज्यों और केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह बैठक केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत अंतर-राज्य परिषद सचिवालय द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार की मेज़बानी में आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने कहा कि यह बहुत हर्ष का विषय है कि यह बैठक बस्तर में आयोजित की जा रही है और इससे पहले ही आज पूरा बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि आज भारत के नक्सल मुक्त होने का संपूर्ण श्रेय हमारे सुरक्षाबलों के जवानों के परिश्रम और बहादुरी को जाता है। हमारी एजेंसियों ने बहुत सटीकता के साथ इनपुट एकत्र किए, सभी राज्यों के पुलिसबलों और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के साथ मिलकर हर इनपुट पर सटीक कार्रवाई करने से संबंधित समयबद्ध निर्णय किए। इसके साथ ही Whole of the Government Approach के साथ सभी राज्य सरकारों और केन्द्र सरकार के सभी विभागों ने नक्सलमुक्त हुए क्षेत्रों में विकास को पहुंचाने का काम किया।  अमित शाह ने कहा कि हमारी लड़ाई समाप्त नहीं हुई है क्योंकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र लगभग पांच दशक से विकास की दौड़ में पिछड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इन क्षेत्रों को विकास के मामले में देश के बाकी क्षेत्रों के समकक्ष नहीं ले आते, तब तक हमारी लड़ाई समाप्त नहीं होगी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने पूरे देश के नक्सल मुक्त होने के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक अभिनंदन किया। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जो भी चीजें चाहिए थीं, उन्होंने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के साथ समन्वय कर उन्हें प्राप्त किया और जहां नेतृत्व की जरूरत थी, वहां मुख्यमंत्री जी और उपमुख्यमंत्री जी ने नेतृत्व भी प्रदान किया और इसी का परिणाम है कि आज बस्तर नक्सल मुक्त हो चुका है।  अमित शाह ने कहा कि राज्यों के बीच के और राज्यों और केन्द्र के बीच के सभी विवादित मुद्दे समाप्त कर हम आज एक अच्छे वातावरण में यह बैठक कर रहे हैं।  शाह ने कहा कि आज की बैठक में सभी एजेंडा विकास की मॉनिटरिंग से संबंधित थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में हमारा संघीय ढांचा मजबूत हुआ है और क्षेत्रीय परिषद की बैठकें निरंतर हो रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप बहुत बड़े भूभाग में चार राज्यों के बीच और चार राज्यों का केन्द्र के साथ कोई विवाद ही नहीं बचा है, यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य हैं। उत्तर के हिमालय क्षेत्र से लेकर गंगा-यमुना के मैदानी भूभाग से लेकर मध्य भारत के पठारी, वन समृद्ध और खनिज समृद्ध क्षेत्र इस क्षेत्र में आते हैं, जो निश्चित रूप से देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होने कहा कि यह क्षेत्र हमें देश के अनाज के भंडारों को भरने में बड़ी मदद करता है। इस क्षेत्र के समृद्ध खनिज भंडार से देश के विकास को गति मिलती है और इसी क्षेत्र की समृद्ध विरासत और संस्कृति ने देश को आगे बढ़ाने में मदद की है। इसी क्षेत्र में देश के आस्था के सभी केंद्र करीब-करीब एक ही जगह पर आए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लगभग सात राज्यों को जोड़ता है और इस दृष्टि से पूरे मध्य क्षेत्र का बहुत महत्व है। गृह मंत्री ने कहा कि आज यह पूरा क्षेत्र ना केवल नक्सल मुक्त हुआ है, बल्कि विवादों से भी मुक्त हुआ है, जो हम सबके लिए बहुत हर्ष का विषय है।  अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषद बैठकों का एक मजबूत और जीवंत तंत्र बना है – हमने इसे निर्णायक, निरंतर और परिणामदायी बनाया है। 2004 से 2014 के 10 वर्षों में क्षेत्रीय परिषद की मात्र 11 बैठकें हुई थीं, जो 2014 से 2026 के बीच बढ़कर 32 हो गई हैं। पहले 10 वर्षों में स्टैंडिंग कमेटी की 14 बैठकें हुई थीं, जो इस अवधि में ढाई गुना बढ़कर 35 हुई हैं। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 में मात्र 569 मुद्दों पर चर्चा हुई थी, जबकि 2014 से 2026 में 1729 मुद्दों पर चर्चा हुई है, और उनमें से लगभग 80% मुद्दों का सफल निराकरण भी कर लिया गया है। लंबित मुद्दों में से अधिकांश मॉनिटरिंग से संबंधित हैं, जिनमें किसी भी प्रकार का विवाद शेष नहीं है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन -2 पर हमें अभी से फोकस करना चाहिए और हर घर में नल से जल पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, पोषण और समाज कल्याण बहुत संवेदनशील मुद्दे हैं। गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों और सभी मुख्य सचिवों से आह्वान किया कि कुपोषण के खिलाफ भारत सरकार की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ें। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल ड्रॉपआउट दर और स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी और अधिक कार्य हों। वित्तीय समावेशन और बिजली सुधार इस विकसित क्षेत्र को पूर्ण विकसित बनाने में बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं।  अमित शाह ने कहा कि शहरी नियोजन, जन स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन और बिजली सुधार के चारों क्षेत्र में भी और अधिक गति से कार्य करें। गृह मंत्री ने अपील की कि हमारा कम से कम 50% ध्यान ग्रामीण विकास और व्यक्ति को मजबूत बनाने वाली योजनाओं पर रहना चाहिए। गृह मंत्री ने कहा कि हर 5 किलोमीटर के दायरे में बैंक की सुविधा उपलब्ध होना बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि हमारी सभी योजनाएं Direct Benefit Transfer (DBT) आधारित हैं, इसीलिए सभी राज्यों को इस दिशा में ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है। केन्द्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने कहा कि POCSO और बलात्कार के मामलों में अगर समय से DNA जांच हो जाए तो इनमें दोषसिद्धि की दर शत-प्रतिशत हो सकती है।  शाह ने कहा कि … Read more