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दंतेवाड़ा-नारायणपुर सीमा पर मुठभेड़, कई नक्सली ढेर होने की खबर

नारायणपुर- दंतेवाड़ा नारायणपुर और दंतेवाड़ा सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच जबर्दस्त मुठभेड़ चल रही है. STF, DRG कोबरा और नारायणपुर की टीम के जॉइंट ऑपरेशन में कई नक्सलियों के मारे जाने और घायल होने की खबर हे. यह मुठभेड़ नारायणपुर और दंतेवाड़ा की सीमा पर पूर्व बस्तर इलाके में चल रही है. दंतेवाड़ा एसपी गौरव रॉय ने सुरक्षा बलों के संयुक्त ऑपरेशन की पुष्टि की है उन्होंने बताया कि मुठभेड़ नारायणपुर और दंतेवाड़ा की सीमा पर चल रही है, जिसमें कई नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है और कई नक्सली मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी मिली है. गौरतलब है छ्तीसगढ़ में एंटी नक्सल ऑपरेशन के तहत केंद्र और राज्य की ओर से लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं. केंद्रीय मंत्री गृह मंत्री अमित शाह ने पूरे देश से नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए 31 मार्च, 2026 की तारीख मुकर्रर की है. सुरक्षा बलों के संयुक्त ऑपरेशन से नक्सली हलकान है और लगातार सरेंडर कर रहे हैं.

मंत्रालय में कार्यभार ग्रहण करते ही सक्रिय हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

रायपुर पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित कार्यालय मे विधिवत पूजा अर्चना कर कामकाज की शुरूआत की। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, विधायक अनुज शर्मा, संपत अग्रवाल, प्रबोध मिंज, श्रीमती उद्धेश्वरी पैंकरा, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष शशांक शर्मा एवं पवन साय और वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर बधाई और शुभकामनाएं दी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने मंत्रालय में कामकाज संभाला संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव के मार्गदर्शन में राज्य में पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में काफी तेजी से कार्य करना है। राज्य में पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में काफी संभावनाऐं है। पर्यटन क्षेत्रों के विकसित होंने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेगें। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की मदद से राज्य में सड़क कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है, इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्य में नई सड़कों की स्वीकृति के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय भू-तल परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी के प्रति आभार जताया।   पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने मंत्रालय में कामकाज संभाला     इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग सुब्रत साहू, संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के जनरल मैनेजर वेदव्रत सिरमौर, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव श्रीमती पुष्पा साहू सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

रायपुर : विद्यार्थी करेंगे, विश्वविद्यालय का नाम रोशन- उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा

रायपुर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करें, ताकि वे देश और दुनिया में अपनी पहचान बना सकें और विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित कर सकें।         मंत्री वर्मा आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।         बैठक में मंत्री वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में विद्यार्थियों का ड्रॉपआउट नहीं होना चाहिए, इसके लिए विश्वविद्यालयों को कड़ी निगरानी रखनी होगी और विद्यार्थियों को हर संभव सहायता उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने कुलपतियों से कहा कि परीक्षा का टाइम-टेबल पहले से तय करें ताकि परीक्षाएं समय पर आयोजित हो सकें।        बैठक में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों पर चर्चा की गई। वर्मा ने विश्वविद्यालयों से अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं के कोर्स और नई शैक्षणिक योजनाओं को आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया। विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक एवं नॉन-शैक्षणिक पदों की स्थिति, स्वीकृत पद, कार्यरत प्राध्यापकों की संख्या तथा पाठ्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की गई।      बैठक में उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने अवगत कराया कि सभी पाठ्यक्रम यूजीसी और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप निर्धारित होंगे। कुलपतियों ने अपने-अपने विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध कॉलेजों की स्थिति का प्रस्तुतीकरण भी दिया। इस अवसर पर प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में हुए गड़बड़ी की होगी पुलिस से जांच- शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव

रायपुर : शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने मंत्रालय में ली समग्र शिक्षा विभाग की अधिकारियों की समीक्षा बैठक व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में हुए गड़बड़ी की होगी पुलिस से जांच- शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव  भ्रष्टाचार और लापरवाही बर्दाश्त नहीं: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव शिक्षा की गुणवत्ता सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता: शिक्षा मंत्री यादव रायपुर   स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य में संचालित शैक्षणिक योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों की समीक्षा की गई। मंत्री यादव ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अधिकारियों को गंभीरता और जिम्मेदारी से कार्य करना होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के सभी शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि तथा आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।मंत्री यादव ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना प्रदेश सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें ढिलाई, भ्रष्टाचार और गैर-जिम्मेदारी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे। व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी पर नाराजगी व्यक्त की व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में सबसे अधिक शिकायतें आने पर मंत्री ने नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में किसी भी प्रकार का लेन-देन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्यवाही होगी। गड़बड़ी की पुलिस से जांच कराने के निर्देश दिए।  भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्त रुख मंत्री यादव ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। विद्यार्थियों को वितरित की जाने वाली सामग्रियों की गुणवत्ता सर्वाेच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि घटिया या निकृष्ट सामग्री देने वाले आपूर्तिकर्ताओं को काली सूची में डाला जाए। उन्होंने वित्तीय अनुशासन पर बल देते हुए कहा कि बजट का समुचित एवं समय पर उपयोग किया जाए और उपयोगिता प्रमाण पत्र भारत सरकार को समय पर भेजा जाए, ताकि अनुदान की आगामी किश्त समय पर राज्य को प्राप्त हो सके। बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी एवं समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक संजय झा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजनाओं व गतिविधियों की जानकारी दी। मंत्री यादव ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नवाचार और तकनीकी उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कक्षाएँ, डिजिटल अधिगम, विज्ञान प्रयोगशालाएँ और पुस्तकालय जैसी सुविधाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा पद्धति से लाभान्वित हो सकें। साथ ही उन्होंने ऑनलाइन पाठ्यक्रम, डिजिटल अध्ययन सामग्री और शैक्षणिक अनुप्रयोगों के उपयोग से शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि करने के निर्देश दिए। बैठक में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों में शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ व्यावसायिक कौशलों के विकास, उन्हें रोजगार उन्मुख बनाने, समावेशी शिक्षा, बलवाड़ी, खेल एवं शारीरिक शिक्षा, वार्षिक शाला अनुदान, निपुण भारत मिशन, शाला त्यागी बच्चों की पुनर्वापसी, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान, प्रधानमंत्री विद्यालय, विद्या समीक्षा केंद्र, मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान और रजत जयंती समारोह से जुड़ी गतिविधियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री यादव ने छात्रावासों, कन्या छात्रावासों और पोटा केबिनों में सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। हाल ही में पाकेला (छिंदगढ़ विकासखण्ड) के पोटा केबिन में भोजन में ज़हरीला पदार्थ मिलाने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ शासन की छवि को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाती हैं। अतः जिम्मेदारी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव और मरम्मत पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता– मुख्यमंत्री साय

रायपुर : लुत्ती बांध के टूटने पर जताई गहरी नाराज़गी, इस तरह की गलती नहीं की जाएगी बर्दाश्त – मुख्यमंत्री साय सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव और मरम्मत पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता– मुख्यमंत्री साय मैदानी अधिकारी–कर्मचारी फील्ड में जाकर बांधों एवं संबंधित संरचनाओं का करें सतत निरीक्षण– मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की जल संसाधन विभाग के कामकाज की समीक्षा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर–रामानुजगंज जिले में स्थित लुत्ती बांध के टूटने की घटना पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की गलती किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साय ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि मैदानी अधिकारी और कर्मचारी फील्ड में जाकर नियमित निरीक्षण नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतत रूप से फील्ड में जाकर बांधों सहित अन्य संरचनाओं का निरंतर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव और मरम्मत पर विशेष ध्यान देने, सभी बांधों की जलभराव क्षमता, वर्तमान सिंचाई स्थिति और आगामी परियोजनाओं की प्रगति आदि के सम्बन्ध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा–निर्देश दिए। साथ ही विशेष रूप से बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 का कड़ाई से पालन करने तथा जिला प्रशासन के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने लक्षित सिंचाई क्षमता और वास्तविक सिंचाई क्षमता के बीच अंतर को कम करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेषकर बस्तर और सरगुजा संभाग की अधूरी योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने तथा निर्माणाधीन वृहद परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर बल दिया, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में 04 वृहद परियोजनाएँ, 357 लघु परियोजनाएँ और 300 एनीकेट, इस प्रकार कुल 661 कार्य प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 1036 जीर्णोद्धार कार्य भी चल रहे हैं। इस तरह कुल 1697 कार्य प्रगतिरत हैं, जिनमें लगभग ₹8966 करोड़ की राशि व्यय होगी। इस बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव रवि मित्तल, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उईके तथा बस्तर, सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग मंडलों के मुख्य अभियंता सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

रायपुर को बड़ी सौगात: अब बिना जोखिम के होगी नदी पार, CM विष्णुदेव साय का ऐलान

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले– अब जान जोखिम में डालकर नदी पार करने की जरूरत नहीं मुख्यमंत्री ने चार उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण को दी मंजूरी रायपुर जशपुर जिले में आवागमन को सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय द्वारा लगातार पहल की जा रही है। जिले में सड़क, पुल-पुलियों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले में चार वृहद पुलों निर्माण के लिए कुल 13 करोड़ 46 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। जिले के गुलझरिया-बम्हनी मार्ग पर श्री नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुँच मार्ग के निर्माण की काफी अरसे से मांग की जा रही थी। बरसात के दिनों में ग्रामीणों को नदी पार करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीनदी पर पुल निर्माण के लिए 3 करोड़ 66 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस पुल के निर्माण से गुलझरिया और बम्हनी के बीच बसे लगभग दर्जनभर गांवों के निवासियों का विकासखंड मुख्यालय दुलदुला तक पहुँचना सरल हो जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच कनेक्टिविटी हेतु एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध हो सकेगा। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले में अन्य तीन पुल निर्माण की भी स्वीकृति दी है। इनमें किलकिला से केराकछार मार्ग पर बेनसारी नाला में पुल निर्माण के लिए 1.71 करोड़ रुपये, कांसाबेल से शब्दमुंडा मार्ग पर मैनी नदी में पुराने जर्जर पुल की जगह नए पुल के निर्माण के लिए 3.49 करोड़ रुपये जिला मुख्यालय जशपुर में बांकी नदी पर जर्जर पुल के स्थान पर उच्च स्तरीय नए पुल के निर्माण 4 करोड़ 60 लाख रुपये की स्वीकृति शामिल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि किसी भी जिले के विकास का आधार बुनियादी ढांचा होता है। जशपुर जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। सड़क और पुल-पुलिया निर्माण के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है। 

संपत्ति करों के युक्तियुक्तकरण के लिए उप मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों की ली बैठक

रायपुर : विसंगतियां दूर करने संपत्ति कर सुधार अति आवश्यक : अरुण साव संपत्ति करों के युक्तियुक्तकरण के लिए उप मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों की ली बैठक वार्षिक भाड़ा मूल्य को संपत्ति के वर्तमान मूल्यों के अनुरूप अपडेट करने के दिए निर्देश महापौर, आयुक्त, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष तथा सीएमओ वर्चुअल बैठक में हुए शामिल रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज नगरीय निकायों में संपत्ति करों के युक्तियुक्तकरण के लिए बैठक ली। मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित वर्चुअल बैठक में राज्य के सभी नगर निगमों के महापौर व आयुक्त तथा नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों के अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री साव के साथ नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और संचालक आर. एक्का भी मंत्रालय से बैठक में ऑनलाइन जुड़े। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में कहा कि नगरीय निकायों के कार्यों से प्रदेश की छवि निर्मित होती है। शहर में नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना संबंधित नगरीय निकाय की जिम्मेदारी है। उन्होंने महापौरों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्षों से कहा कि शहर को आगे ले जाने का जिम्मा आप पर है। शहर में संपत्ति करों के मूल्यांकन और उनमें सुधार की शुरुआत अपने कार्यालयों और अपने घरों से करें। उन्होंने कहा कि वार्षिक भाड़ा मूल्य (ARV) को वर्तमान संपत्ति मूल्यों के अनुरूप अपडेट करने से राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी होगी। इससे कर भार सभी संपत्ति मालिकों पर समानुपातिक रूप से वितरित होगा। उन्होंने कहा कि अधिक राजस्व से निकाय वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनेंगे और उन्हें अनुदानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। बढ़े हुए राजस्व से नागरिकों को तेजी से बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय निकायों से कहा कि राज्य शासन की मंशा ई-गवर्नेंस मॉडल के माध्यम से नागरिकों को पारदर्शी और सुगम सेवाएं प्रदान करने की है। यह शहरों के चहुंमुखी विकास और त्वरित नागरिक सेवाओं के लिए जरूरी है। इससे साफ-सफाई, पानी और बिजली आपूर्ति की व्यवस्थाएं और बेहतर होंगी। साव ने बताया कि वर्ष 2016 के बाद से संपत्ति कर प्रणाली में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके चलते कई नगरीय निकायों में विसंगतियां उत्पन्न हो गई हैं। उन्होंने सभी महापौरों और अध्यक्षों से संपत्ति करों में सुधार के कार्यों को पूरी शिद्दत और गंभीरता से करने का आग्रह किया। साव ने बैठक में नगरीय निकायों को अटल परिसरों और नालंदा परिसरों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को रोज प्रातः भ्रमण कर निर्माण और साफ-सफाई के कार्यों का निरीक्षण करने को भी कहा। उन्होंने निविदा प्रक्रिया में त्रुटि या लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। नगरीय प्रशासन विभाग की उप सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य भी बैठक में मौजूद थे।

रायपुर में CM साय के निर्देश पर तेजी से राहत, बाढ़ पीड़ितों को राशन-इलाज के साथ मिलेंगे जरूरी दस्तावेज

रायपुर बस्तर संभाग में पिछले सप्ताह हुई अतिवृष्टि ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। अपने विदेश दौरे से लौट कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा पहुंचकर संभागीय बैठक में जिला कलेक्टरों को राहत और बचाव कार्यो में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिये थे। अब मुख्यमंत्री के इस निर्देश पर तेजी अमल किया जा रहा है।  बाढ़ पीड़ित नागरिकों को जहां एक ओर राशन, ईलाज और दवाईयां के साथ-साथ गैस चुल्हे और सिंलेण्डर दिये गये हैं वहीं राहत शिविरों में उनके दैनिक जीवन की उपयोगी सभी व्यवस्थाएं भी की गई है। अब बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही नुकसान का वास्तविक आंकलन और अन्य जरूरी सहायता तथा मुआवजा देने की कार्यवाही पर भी तेजी से अमल किया जा रहा है। बाढ़ के पानी में खराब या नष्ट हो गये जरूरी दस्तावेजों को बनाने का काम भी राजस्व विभाग ने शुरू कर दिया हैं। बाढ़ की इस भीषण आपदा में छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नेतृत्व में एक संवेदनशील पहल कर त्वरित राहत कार्य और सहायता-मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर पीड़ित परिवारों को एक बड़ी राहत दी है।       बाढ़ से प्रभावित गाँवों में राहत दल तेजी से काम कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रभावित गांवों में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के लोहन्डीगुड़ा तहसील के मांदर गांव के प्रभावित किसानों को किसान किताब वितरित की जा रही है, जो बाढ़ के कारण बह गई थी। किसान किताब के मिलने से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और भविष्य में किसी भी सहायता के लिए पात्र बनने में मदद करेगी। वहीं प्रभावितों को नवीन राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड एवं बैंक पासबुक तैयार कर प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने के लिए घर-घर सर्वे कर रही हैं और पात्रता के अनुसार तत्काल राहत राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर कर भुगतान कर रही हैं।       सरकार का ध्यान इस बात पर है कि किसी भी पीड़ित परिवार को उनकी जरूरत के समय अकेला न छोड़ा जाए। इसके लिए, मकान क्षति सहित पशु, फसल और घरेलू सामग्री की क्षति का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर, हर एक प्रकरण पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है, ताकि जरूरतमंद प्रभावितों तक मुआवजा राशि सीधे और समय पर पहुँच सके। स्थानीय प्रभावित परिवारों ने सरकार की इस पहल की सराहना की है। एक प्रभावित ग्रामीण मुरहा पटेल ने कहा कि हमने सोचा था कि बाढ़ के बाद सब कुछ खत्म हो गया, लेकिन सरकार की इस त्वरित मदद ने हमें फिर से जीवन को नये सिरे से शुरू करने की उम्मीद दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला आधिकारियों की इस पहल को प्रशासन की ओर से एक मजबूत और मानवीय दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। जो यह दर्शाता है कि आपदा की घड़ी में सरकार न सिर्फ राहत कार्य बल्कि पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस तरह के प्रयास बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से सहारा देते हैं, जिससे उन्हें जीवन को सामान्य पटरी पर लाने में मदद मिलती है।

मुख्यमंत्री करमा तिहार 2025 कार्यक्रम में हुए शामिल, करमा दलों को सम्मानित कर किया प्रोत्साहित

रायपुर : संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी बल्कि नैतिक कर्तव्य भी – मुख्यमंत्री साय करमा तिहार के रंग में डूबा मुख्यमंत्री निवास मुख्यमंत्री करमा तिहार 2025 कार्यक्रम में हुए शामिल, करमा दलों को सम्मानित कर किया प्रोत्साहित रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ आदिवासी कंवर समाज युवा प्रभाग रायपुर द्वारा आयोजित प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत – 2025 करमा तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की।  मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इस संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी, बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है। ऐसे पर्व और परंपराएँ समाज को एकजुट होने का अवसर देती हैं, जिससे स्नेह, सद्भाव एवं सौहार्द की भावना विकसित होती है। संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी बल्कि नैतिक कर्तव्य भी – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि कंवर समाज के युवाओं द्वारा राजधानी रायपुर में करमा तिहार का आयोजन किया जा रहा है। हमारी आदिवासी संस्कृति में अनेक प्रकार के करमा तिहार मनाए जाते हैं। आज एकादशी का करमा तिहार है, जो हमारी कुंवारी बेटियों का पर्व है। इस करमा तिहार का उद्देश्य है कि हमारी बेटियों को उत्तम वर और उत्तम गृहस्थ जीवन मिले। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर बेटियाँ अच्छे वर और अच्छे घर की कामना करती हैं। इसके बाद दशहरा करमा का पर्व आता है, जिसमें विवाह के पश्चात पहली बार जब बेटी मायके आती है, तो वह उपवास रखकर विजयादशमी का पर्व मनाती है। इसी प्रकार जियुत पुत्रिका करमा मनाया जाता है, जिसमें माताएँ पुत्र-पुत्रियों के दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं। यह एक कठिन व्रत होता है, जिसमें माताएँ चौबीस घंटे तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास करती हैं। संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी बल्कि नैतिक कर्तव्य भी – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यदि छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां अंग्रेजों के विरुद्ध 12 आदिवासी क्रांतियाँ हुईं। हमारी सरकार नया रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम में आदिवासी संस्कृति के महानायकों की छवि को आमजन की जागरूकता के लिए प्रदर्शित करने मॉडल के रूप में उकेरा जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को आमंत्रित किया जा रहा है। उनके करकमलों से इस म्यूजियम का शुभारंभ किया जाएगा। संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी बल्कि नैतिक कर्तव्य भी – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी समाज के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देती रही है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने आजादी के लगभग 40 वर्षों बाद आदिवासी विभाग का पृथक मंत्रालय बनाकर आदिवासी समाज के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हीं के बताए मार्ग पर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आदिवासी समाज के बेहतरी एवं समग्र विकास के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना का संचालन कर रहे हैं, जिससे हितग्राहियों को शत-प्रतिशत योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे डॉ. रमन सिंह ने बस्तर, सरगुजा एवं मध्य क्षेत्र प्राधिकरण का गठन कर विकास को गति प्रदान करने का कार्य किया। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि युवा आदिवासियों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से हमने नई उद्योग नीति बनाई है, जिसमें बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आदिवासी बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। इसके लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना राज्य में ही की जा रही है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी आदिवासी संस्कृति अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली परंपरा रही है। इसी परंपरा के निर्वहन में आज हम करमा तिहार मना रहे हैं। हमारी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। साय जी के नेतृत्व में ही बस्तर संभाग में बस्तर पांडुम के नाम से ओलंपिक का आयोजन किया गया, जिसकी चर्चा पूरे भारत में हुई। कश्यप ने इस अवसर पर समस्त छत्तीसगढ़वासियों को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। संरक्षक, अखिल भारतीय कंवर समाज विकास समिति पमशाला, जशपुर, श्रीमती कौशिल्या साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज और प्रकृति एक-दूसरे के अभिन्न अंग हैं। आदिवासी समाज के लिए प्रकृति सदैव आराध्य रही है। करमा पर्व प्रकृति प्रेम का पर्व है। हमारी संस्कृति अत्यंत गौरवशाली रही है और उसका संरक्षण तथा समय के साथ संवर्धन आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि समाज की महिलाएँ आगे आकर इस संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने सभी को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राम कुमार टोप्पो, विधायक आशाराम नेताम, विधायक प्रबोध मिंज, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम राम सेवक सिंह पैकरा, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष सुमोना सेन, सभापति जिला पंचायत धमतरी टीकाराम कंवर, प्रदेश अध्यक्ष कंवर समाज हरवंश सिंह मिरी, अध्यक्ष कंवर समाज रायपुर महानगर मनोहर सिंह पैकरा सहित कंवर समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

काव्य की महफिल: चक्रधर समारोह 2025 में गूंजा हास्य और वीर रस का संगम

रायपुर, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह में आठवें दिन हास्य, वीर रस और व्यंग्य के साथ काव्य पाठ और मधुर गीत-गायन-संगीत  की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह की आठवीं शाम छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कवि पद्मश्री स्व.डॉ.सुरेन्द्र दुबे की स्मृतियों को नमन करते हुए एक विशेष काव्य संध्या का आयोजन रायगढ़ के रामलीला मैदान में हुआ। पद्मश्री डॉ.दुबे, जिन्होंने हास्य और व्यंग्य को वैश्विक पहचान दिलाई, अनेक बार इस मंच पर अपनी रचनाओं से श्रोताओं को गुदगुदा चुके थे। उनकी स्मृतियों को समर्पित इस संध्या में प्रदेश के ख्यात कवियों ने वीर रस, हास्य और व्यंग्य की रचनाओं से दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। समारोह में राजनांदगांव के पद्मलोचन मुंहफट ने हास्य, व्यंग्य और पैरोडी से हंसी की फुहारें बिखेरीं। भिलाई के किशोर तिवारी ने अपने मधुर गीतों से श्रोताओं के दिलों को छू लिया। मुंगेली के देवेन्द्र परिहार ने ओजस्वी वीर रस की कविताओं ने वातावरण को ऊर्जावान बना दिया। रायपुर की शशि सुरेन्द्र दुबे ने गीत और व्यंग्य की रचनाओं से श्रोताओं को गुदगुदाया और सोचने पर विवश किया। रायगढ़ के नरेन्द्र गुप्ता ने वीर रस की कविताओं ने देशभक्ति और पराक्रम की भावना को जीवित किया। बिलाईगढ़ के बंशीधर मिश्रा ने हास्य कविताओं की चुटीली पंक्तियों से माहौल को खुशनुमा बना दिया। कवर्धा के अभिषेक पांडे ने युवा ऊर्जा और समकालीन व्यंग्य से भरी हास्य कविताओं ने मंच को जीवंत किया। बता दे कि गत वर्ष आयोजित 39वें चक्रधर समारोह में डॉ.दुबे ने अपनी चिरपरिचित पैनी व चुटीली कविताओं से मंच को हँसी और व्यंग्य से गूंजा दिया था। अब वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी साहित्य साधना और कला अवदान अमर है। इस काव्य संध्या ने उनके योगदान को सच्ची श्रद्धांजलि दी। शशि सुरेंद्र दुबे-छत्तीसगढ़ की जानीमानी कवयित्री और दिवंगत डॉ.सुरेंद्र दुबे की धर्मपत्नी हैं। उन्होंने ‘वाह वाह क्या बात है‘ जैसे कई टीवी कार्यक्रमों और दूरदर्शन पर काव्य पाठ किया है। उनका काव्य संग्रह ‘पट्टी खोलो गांधारी‘ प्रकाशित हो चुका है। किशोर तिवारी-मधुर गीतकार हैं, जो वाह वाह क्या बात है समेत विभिन्न राष्ट्रीय मंचों, आकाशवाणी और दूरदर्शन पर काव्य पाठ कर चुके हैं। पद्मलोचन मुंहफट-पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे के शिष्य, पद्मलोचन हास्य-व्यंग्य और पैरोडी के लिए मशहूर हैं। उन्होंने देश के 16 राज्यों में काव्य पाठ कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। देवेन्द्र परिहार-वीर रस के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने ज़ी न्यूज़ के कवि युद्ध सहित कई राष्ट्रीय और प्रादेशिक चौनलों पर काव्य पाठ किया है। नरेंद्र गुप्ता-रायगढ़ के मूल निवासी और वीर रस के कवि हैं। उन्हें अटल साहित्य सम्मान और दिनकर साहित्य सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। बंशीधर मिश्रा-ख्यात हास्य कवि, जो देश के कई राज्यों में काव्य पाठ और मंच संचालन कर चुके हैं। वे वाह भाई वाह टीवी शो में भी 6 एपिसोड में शामिल हुए थे। उनकी हास्य संग्रह ‘भूतहा लोरी‘ प्रकाशित हो चुकी है और उन्हें धुरंधर हास्य सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया है। अभिषेक पांडे-युवा कवि, वक्ता और आयोजक हैं, जो अपनी वक्ता कला के लिए युवा पुरस्कार से सम्मानित हैं। वे दूरदर्शन सहित विभिन्न निजी चौनलों पर काव्य पाठ कर चुके हैं। सुप्रसिद्ध संगीतकार एवं गायक अर्नव चटर्जी ने अपनी अनूठी प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जन्में और ऑल इंडिया रेडियो, मुंबई से प्रमाणित गायक अर्नव चटर्जी ने भजन, गज़ल और गीतों की प्रस्तुति दी। उनकी मधुर आवाज़ और सुर-ताल की अद्भुत संगति ने श्रोताओं को मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान अर्नव चटर्जी ने फिल्म, टीवी सीरियल, म्यूज़िक एल्बम और डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के लिए किए गए अपने सृजनात्मक योगदान की झलक भी प्रस्तुत की। संगीत प्रेमियों ने उन्हें खड़े होकर तालियों से सम्मानित किया। चक्रधर समारोह की इस संध्या में उनकी प्रस्तुति ने न केवल भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया बल्कि अर्नव चटर्जी की संगीतमयी संध्या ने समारोह को अविस्मरणीय बना दिया।