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डैम हादसे में 4 लोगों की जान गई, 3 घायल – मुख्यमंत्री साय ने की संवेदना व्यक्त

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर जिले के ग्राम धनेशपुर स्थित लुत्ती (सतबहिनी) डैम टूटने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हादसे में 4 लोगों की मृत्यु, 3 लोगों के घायल होने तथा 3 लोगों के लापता होने की सूचना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत दुखद और पीड़ादायी घटना है। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी वर्षा के कारण उत्पन्न इस प्राकृतिक आपदा से जनहानि के साथ-साथ भवनों को क्षति पहुंची है, फसलों का नुकसान हुआ है और पशुहानि भी हुई है। यह स्थिति प्रभावित परिवारों के लिए बेहद कठिन और दुखदायी है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि इस कठिन घड़ी में प्रदेश सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमें पूरी तत्परता से जुटी हुई हैं। घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था कराई गई है तथा लापता लोगों की खोज के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घटना में हुई जनहानि के लिए शासकीय नियमों के अनुरूप अनुग्रह सहायता स्वीकृति का प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए। प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मकान, फसल और पशुहानि का विस्तृत सर्वे कर शीघ्र राहत सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता एवं सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

धर्मांतरण के खेल का खुलासा, चंगाई सभा से 5 दबोचे गए

सूरजपुर भटगांव थाना क्षेत्र के बुंदिया में पुलिस ने 5 लोगों को प्रलोभन देकर धर्मपरिवर्तन के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपियों के खिलाफ ग्रामीण रामानंद बरगाह ने थाने में शिकायत की थी उसे मंगल टोप्पो के घर में आयोजित चंगाई सभा में बुलाया गया. जहां उसे बिमारी ठीक करने और अन्य प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करने की बात कही गई. रामानंद ने भटगांव थाना में दी गई शिकायत में बताया कि गांव के मंगल साय के घर में चंगाई सभा आयोजित की गई थी. जिसमें उसे भी बुलाया गया था. सभा के दौरान रामानंद के साथ पहुंचे लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए बिमारी ठीक करने और अन्य प्रलोभन दिया गया. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई की. पादरी समेत 5 आरोपियों को धर्मान्तरण के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायलय पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.

जमीन सौदों पर लगी पाबंदी खत्म : रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग पर फिर से शुरू होगी रजिस्ट्री

रायपुर रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ सड़क को टू से फोरलेन करने की प्रकिया तेज हो गई है. नेशनल हाइवे ने सड़क का एलाइनमेंट जिला प्रशासन को सौंप दिया है. इसके बाद रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग के करीब 35 गांवों में जमीन खरीदी-बिक्री पर लगी दो महीने पुरानी रोक हटा दी गई है. अब सड़क चौड़ीकरण के तहत दोनों ओर 100 मीटर छोड़कर बाकी जमीन की खरीदी-बिक्री की जा सकेगी. एनएच की टीम ने तहसील कार्यालय से जमीन के दस्तावेजों का मिलान पूरा कर लिया है. दस्तावेजों के अध्ययन में पता चला कि इस रोड के किनारे ज्यादातर जमीन नेशनल हाइवे की है. इसलिए महज 10 प्रतिशत जमीन ही नेशनल हाइवे को अधिग्रहण करनी पड़ेगी. सड़क चौड़ीकरण के लिए डीपीआर तैयार करने का काम अंतिम चरण में है. डीपीआर फाइनल होते ही नेशनल हाइवे जल्द ही इसका टेंडर जारी करेगा. 186 किमी नई सड़क बनेगी रायपुर-बलौदाबाजार और सारंगढ़ तक करीब 186 किलोमीटर तक सड़क का चौड़ीकरण होना है. एनएच प्रथम चरण में रायपुर से धनेली 0 प्वाइंट से 53.1 किलोमीटर तक फोरलेन का काम होना है. दूसरे चरण में 53.1 किलोमीटर से 85.6 किलोमीटर तक तथा तीसरे चरण में 85.6 से 186 किलोमीटर तक फोरलेन सड़क चौड़ीकरण होना है. सड़क चौड़ीकरण से लोगों को मिलेगी राहत फोरलेन सड़क निर्माण होने से इस मार्ग में परिवहन सुविधा सुगम हो जाएगी. अभी टू लेन सड़क होने से बड़ी गाड़ियों की आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. सड़क के चौड़ीकरण होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी. रोक हटाई गई रायपुर एडीएम कीर्तिमान राठौर ने जानकारी दी कि रायपुर-बलौदाबाजार चौड़ीकरण के लिए कुछ गांवों की जमीन खरीदी-बिक्री पर रोक थी. नेशनल हाइवे ने एलाइन्मेंट दे दिया है. अब सड़क के दोनों तरफ 100 मीटर छोड़कर जमीन की खरीदी बिक्री हो सकेगी. इसके लिए आदेश जारी हो गया है.

नवा रायपुर में संयुक्त पावर कंपनी भवन की आधारशिला, CM साय ने दिया ‘जीरो पावर कट से मुफ्त बिजली’ का संकल्प

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर सेक्टर-24 में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के संयुक्त मुख्यालय भवन का शिलान्यास किया। रजत जयंती वर्ष और गणेश चतुर्थी जैसे पावन अवसर पर सम्पन्न इस समारोह में उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और भवन का थ्री-डी मॉडल अनावृत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता को नई ऊंचाई देगा, तीनों पावर कंपनियों के बीच समन्वय को मजबूत करेगा और उपभोक्ताओं को एक ही छत के नीचे सभी सेवाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने इस अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत मौलश्री पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षीय यात्रा यह प्रमाण है कि जब संकल्प और संवेदनशीलता साथ चलें तो परिणाम ऐतिहासिक होते हैं। वर्ष 2000 में प्रदेश केवल 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन करता था, आज यह क्षमता बढ़कर 30 हजार मेगावाट हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में 1320 मेगावाट क्षमता के नए संयंत्र का शुभारंभ इस उपलब्धि को और सुदृढ़ करने वाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह प्रगति हर नागरिक के विश्वास, मेहनत और भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सम्पन्न उनकी जापान और दक्षिण कोरिया यात्रा ने यह अनुभव कराया कि छत्तीसगढ़ अब वैश्विक स्तर की अधोसंरचना और कार्यसंस्कृति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। संयुक्त मुख्यालय भवन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवन का निर्माण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए, ताकि यह ऊर्जा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बने। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत पावर सेक्टर में हाल ही में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। इसके परिणामस्वरूप आने वाले वर्षों में 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन संभव होगा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल प्रदेशवासियों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराएगी बल्कि पड़ोसी राज्यों की ज़रूरतें भी पूरी करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने छत्तीसगढ़ को मुफ्त बिजली की ओर तेजी से अग्रसर कर दिया है और अब दूरस्थ अंचलों तक इस योजना का लाभ पहुँच रहा है। वन मंत्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को राज्य निर्माण में उनके योगदान के लिए नमन किया। उन्होंने कहा कि लगभग 270 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन ग्रीन एनर्जी आधारित होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि संयुक्त मुख्यालय भवन 10,017 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में नौ मंजिला स्वरूप में निर्मित होगा। इसमें छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड और पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए तीन अलग-अलग टॉवर होंगे। 1300 कर्मचारियों की क्षमता वाले इस भवन में 210 सीटों का प्रेक्षागृह, कर्मचारियों के लिए जिम, दो मंजिला बेसमेंट पार्किंग, मैकेनिकल स्टैक पार्किंग और ई-व्हीकल चार्जिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यह भवन बीईई की पांच सितारा और गृहा की फाइव स्टार ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप निर्मित होगा तथा भवन प्रबंधन प्रणाली से इसका संपूर्ण संचालन होगा। नवा रायपुर में बन रहा यह अत्याधुनिक भवन मंत्रालय, संचालनालय और पुलिस मुख्यालय के समीप होने से अंतर्विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ करेगा तथा प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

लिंगेश्वरी मंदिर में लगा भक्तों का मेला, माता के जयकारों से गूंजा वातावरण

कोंडागांव छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में स्थित माता लिंगेश्वरी मंदिर में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. देशभर से श्रद्धालु यहां केवल संतान प्राप्ति की कामना लेकर पहुंचे. यह मंदिर खास इसलिए है क्योंकि इसके पट साल में सिर्फ एक दिन के लिए ही खुलते हैं. यही कारण है कि इसे एक दिन का मंदिर भी कहा जाता है. बता दें, आज सूर्योदय से पहले मंदिर के द्वार खोले गए और सूर्यास्त से पहले ही बंद कर दिए गए. अगले एक वर्ष बाद ही श्रद्धालुओं को यहां दर्शन का अवसर मिलेगा. मंदिर में दर्शन के लिए दूर-दराज से आए भक्त एक दिन पूर्व से ही लाइन में लग गए थे. कई किलोमीटर लंबी कतारों में श्रद्धालु अपने साथ भोजन और आवश्यक सामग्री लेकर पहुंचे. संतान की प्राप्ति की अद्भुत मान्यता मान्यता है कि माता लिंगेश्वरी के दरबार में माथा टेकने और यहां प्रसाद स्वरूप दिए जाने वाले खीरे का सेवन करने से संतान प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होती है. परंपरा के अनुसार दंपत्ति को खीरा प्रसाद के रूप में दिया जाता है. पति और पत्नी इसे नाखून से दो बराबर हिस्सों में बांटकर ग्रहण करते हैं. सुरक्षा के कड़े इंतजाम श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई. कभी यह इलाका नक्सल प्रभावित रहा है, जिसके चलते पहले लोग यहां आने से कतराते थे. लेकिन अब माहौल बदल चुका है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं.

सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर, पर नहीं मिली एंबुलेंस : ऑक्सीजन खत्म होने से महिला की मौत

भानुप्रतापपुर छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां दुर्गूकोंदल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से महिला मरीज की स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल में एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिली. परिजन निजी वाहन से मरीज को लेकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हुए, इस दौरान रास्ते में ही ऑक्सीजन खत्म हो गई, जिससे मरीज की मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, बीती रात ग्राम मेड़ो में 29 वर्षीय संतोषी सेन को सांप ने डंस दिया. रात 2 बजे महिला को दुर्गूकोंदल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उनकी स्थित को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी. पता करने पर इंतजार करने कहा गया. मरीज की स्थिति बिगड़ती रही पर 5 घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं आई. इसके चलते परिजनों ने निजी वाहन से जिला अस्पताल ले जाने का फैसला लिया. परिजन निजी वाहन बुलाया और महिला को लेकर जिला अस्पताल रवाना हुए. समस्या यहीं पर समाप्त नहीं हुई, क्योंकि मरीज के लिए लगाया गया ऑक्सीजन सिलेंडर खाली था. अस्पताल से निकलने के कुछ देर बाद ही गैस खत्म हो गई, जिससे मरीज ने दम तोड़ दिया. परिजनों ने महिला को पास ही स्थित भानुप्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. भानुप्रतापपुर में ही मृत महिला का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है.

भ्रष्टाचार पर शिकंजा: रिश्वत लेते धराया पटवारी संघ का अध्यक्ष

खैरागढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को खैरागढ़ में जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष और पटवारी धर्मेंद्र कांडे को रिश्वतखोरी के मामले में रंगे हाथों गिरफ्तार किया. अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. ग्राम डोकरा भाटा निवासी भागचंद कुर्रे अपने ज़मीन संबंधी कार्य को लेकर कई दिनों से पटवारी धर्मेंद्र कांडे से संपर्क कर रहा था. पटवारी ने काम कराने के एवज में पहले 10 हज़ार रुपए की मांग की थी. बाद में सौदा 9 हज़ार रुपए में तय हुआ. शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एसीबी को दी. योजना के तहत आज पीड़ित भागचंद कुर्रे ने अपना बाज़ार के ऊपर स्थित पटवारी कार्यालय में जाकर आरोपी को 9 हज़ार रुपए सौंपे. रुपए लेने के बाद धर्मेंद्र कांडे कलेक्टर कार्यालय की एक बैठक में चला गया. एसीबी की टीम ने मौके पर दबिश देते हुए कलेक्टर कार्यालय से ही आरोपी पटवारी को रिश्वत की राशि सहित गिरफ्तार कर लिया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि धर्मेंद्र कांडे जिला पटवारी संघ का अध्यक्ष भी है. यानी जो संगठन अपने साथियों को ईमानदारी और पारदर्शिता की सीख देने का दावा करता है, उसका ही मुखिया घूस लेते पकड़ा गया. इस घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र की नीयत पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.

रायपुर में किसानों की बदलती तस्वीर, हितैषी नीतियों से मिल रही नई दिशा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पारदर्शी सुशासन का परिणाम अब गावों में दिखने लगा है। नेक नियत व ईमानदारी ने शासकीय योजनाओं को लागू करने से इससे प्रदेश के किसानों का जीवन स्तर कैसे सुधारा जा सकता है, इसका जीता-जागता उदाहरण हमें दिखने को मिल रहा है। जिला मुंगेली के विकासखण्ड पथरिया अंतर्गत ग्राम क़लारजेवरा के कृषक सीताराम राजपूत, पिता ईश्वर प्रसाद ने सब्जी की आधुनिक खेती अपनाकर अपनी मेहनत और लगन से एक नई मिसाल कायम की है। राजपूत के परिवार में उनके दादाजी और पिताजी पहले से ही बागवानी और कृषि कार्य करते आ रहे थे। लगभग 10 वर्षों तक उनके पिता ने परंपरागत धान की खेती की। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सीताराम राजपूत ने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद खेती को अपना व्यवसाय बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने 02 एकड़ भूमि में सब्जी की खेती की शुरुआत की और धीरे-धीरे इसे बड़े पैमाने पर विस्तार दिया। आज सीताराम राजपूत सब्जी की खेती से प्रतिवर्ष लगभग 15-16 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।     जिला उद्यानिकी विभाग मुंगेली के मार्गदर्शन में राजपूत ने विभिन्न योजनाओं का लाभ लिया। इनमें सब्जी मिनीकिट, कृषि यंत्र, बीज, जैविक खाद, सामुदायिक नर्सरी और ड्रिप सेट जैसी आधुनिक सुविधाएँ शामिल हैं। इन संसाधनों का उपयोग कर उन्होंने खेती को लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय का रूप दिया। सीताराम राजपूत ने स्वच्छ श्रीजना महोत्सव, जिला स्तरीय किसान मेला, मत्स्य पालन एवं कृषि संगोष्ठियों तथा विभिन्न कृषि प्रदर्शनियों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी यह उपलब्धि जिले के अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत है।

मुख्यधारा में वापसी: 33 लाख इनामी 20 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, महिलाओं की भी बड़ी भूमिका

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा में 33 लाख के ईनामी नक्सली समेत कुल 20 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 9 महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं, जिनमें  1 एसीएम,  4 पार्टी सदस्य और 15 अग्र संगठन सदस्य हैं. इनमें से एक PLGA बटालियन (माओवादी संगठन) की सक्रीय हार्डकोर महिला नक्सली थी. इन सभी ने आज सुकमा पुलिस के पास जाकर आत्मसमर्पण किया है. बता दें, सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे सर्चिंग ऑपरेशन के चलते नक्सलियों पर भारी दबाव बढ़ा है. इसके साथ ही सरकार द्वारा आत्मसमर्पिण करने वाले नक्सलियों के लिए चलाए जा रहे पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित हो कर नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा को चुना है. आत्मसमर्पित में से 2 नक्सलियों पर ₹08-08 लाख के ईनाम घोषित थे. 1 नक्सली पर ₹05 लाख घोषित थे. 4 नक्सलियों पर ₹02-02 लाख और अन्य 4 नक्सलियों पर ₹01-01 लाख घोषित थे. इस तरह आज कुल ₹33 लाख ईनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है.

रायपुर में त्योहारों पर सख्ती, CCTV से निगरानी और एक्स्ट्रा फोर्स तैनात, DJ-पटाखे बैन

रायपुर   रायपुर में गणेश विसर्जन और ईद मिलाद-उन-नबी पर जिला प्रशासन ने डीजे और पटाखों पर बैन लगा दिया है। शांति समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक में बताया गया कि चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी। साथ ही हुड़दंगियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  एडीएम उमाशंकर बंदे और एएसपी लखन पटले ने समाज प्रमुखों से बातचीत करते हुए कहा कि, लोग परंपराओं और उत्साह के साथ त्योहार मनाएं, लेकिन शांति और भाईचारा बनाए रखना सबसे अहम है। एएसपी ट्रैफिक प्रशांत शुक्ला और अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। ईद मिलाद-उन-नबी पर भी जिला प्रशासन ने DJ और पटाखों पर बैन लगा दिया है। ईद मिलाद-उन-नबी 4 या 5 सितंबर को मनाई जाएगी। शांति समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। एडीएम उमाशंकर बंदे और एएसपी लखन पटले ने समाज प्रमुखों से बातचीत करते हुए कहा कि लोग परंपराओं और उत्साह के साथ त्योहार मनाएं इस दौरान शांति और भाईचारा बनाए रखना सबसे अहम है। एएसपी ट्रैफिक प्रशांत शुक्ला और अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। DJ और पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध एएसपी लखन पटले ने कहा कि जुलूस के दौरान समय का विशेष ध्यान रखा जाएगा। डीजे का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस बार जुलूस में पटाखों का भी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रूट तय किए गए हैं। हुड़दंगियों पर होगी सख्त कार्रवाई पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान हुड़दंग और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शांति समिति और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक करें। यह बैठक न केवल थानों में बल्कि मोहल्लों, कॉलोनियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी ली जाए। जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शांति समिति और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठकें करें। यह बैठकें न केवल थानों में बल्कि मोहल्लों, कॉलोनियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी ली जा जाए। त्योहारों के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सभी चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिस बल हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी। ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान हुड़दंग और शांति भंग करने की अधिकारियों ने कहा कि गणेश विसर्जन और ईद-ए-मिलाद दोनों पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में भाईचारे के साथ मनाए जाएं। त्योहारों में शांति और ख़ुशी का माहौल बनाये रखना हर समुदाय की जिम्मेदारी है. हर चौक-चौराहे पर अतिरिक्त बल तैनात त्योहारों के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सभी चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिस बल हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। अधिकारियों ने कहा कि गणेश विसर्जन और ईद-ए-मिलाद दोनों पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में भाईचारे के साथ मनाए जाएं। त्योहारों की खुशी में शांति और सुरक्षा का ध्यान रखना सभी की जिम्मेदारी है।