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दिल्ली में ‘No PUC, No Fuel’ लागू, PUC नहीं होने पर कटेगा ₹10 हजार तक चालान

 नई दिल्ली दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने का दौर शुरू होने से पहले सरकार ने कुछ नए कदम उठाए हैं. इनमें सबसे अहम है 'नो पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, नो फ्यूल' नियम. इसके तहत अगर आपकी गाड़ी के पास वैध PUC (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट) नहीं है, तो पेट्रोल पंप पर आपको फ्यूल नहीं दिया जाएगा।  इस नियम को लागू करने के लिए दिल्ली के करीब 500 पेट्रोल पंप पर ऑटोमैटिक सिस्टम लगाया गया है. इन पेट्रोल पंप पर कैमरे लगाए गए हैं. ये कैमरे परिवहन के डेटाबेस से जुड़े हैं. सिस्टम गाड़ी का नंबर स्कैन करके यह पता करता है कि उसका PUC वैध है या नहीं।  जैसे ही बिना वैध PUC वाली गाड़ी पेट्रोल पंप पर पहुंचती है, सिस्टम उसका नंबर पहचान लेता है. इसके बाद ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट होता है. इसमें गाड़ी के नंबर के साथ बताया जाता है कि उसके पास वैध पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं है. ऐसी गाड़ी को तुरंत ईंधन देने से रोक दिया जाता है. यानी पेट्रोल या डीजल लेने से पहले वाहन मालिक को PUC बनवाना होगा।  पेट्रोल पंप पर ही PUC बनवाने की सुविधा सरकार ने वाहन मालिकों के लिए एक ऑप्शन भी रखा है. कई पेट्रोल पंप पर PUC बनवाने वाले कियोस्क लगाए गए हैं. अगर किसी वाहन का PUC वैध नहीं है, तो वह वहीं अपना प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवा सकता है. इसके बाद वाहन में ईंधन भरवाया जा सकता है. यानी वाहन मालिक को PUC बनवाने के लिए अलग जगह जाने की जरूरत नहीं होगी।  अगर वाहन मालिक के पास PUC नहीं है, तो उसे इसे बनवाने के लिए कुछ समय दिया जा सकता है. लेकिन अगर तय समय के बाद भी वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं बनवाया गया, तो कार्रवाई हो सकती है. ऐसी गाड़ियों पर करीब ₹10 हजार तक का चालान लगाया जा सकता है।  दरअसल, दिल्ली में हर साल सर्दियों के दौरान प्रदूषण बड़ी समस्या बन जाता है. तापमान गिरने के साथ हवा की गुणवत्ता भी खराब होने लगती है. ऐसे में सरकार ने इस बार प्रदूषण बढ़ने से पहले ही कुछ कदम लागू किए हैं. अब करीब 500 पेट्रोल पंप पर यह सिस्टम काम कर रहा है. कैमरे, परिवहन डेटाबेस और ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट के जरिए नियम लागू किया जा रहा है।  हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि ऐसे कदमों से दिल्ली के प्रदूषण में कितना फर्क पड़ेगा. आने वाले दिनों में इसका असर साफ होगा. फिलहाल सरकार की कोशिश है कि बिना वैध PUC वाली गाड़ियों पर लगाम लगाई जाए और प्रदूषण को बढ़ने से पहले नियंत्रित किया जा सके। 

दिल्ली दंगा केस: उमर खालिद-शरजील इमाम को नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट ने बेल की अपील ठुकराई

नई दिल्ली साल 2020 के दिल्ली दंगे के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को दिल्ली हाईकोर्ट ने फिर से राहत देने से इनकार कर दिया है और दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। बता दें कि दोनों आरोपी फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े यूएपीए मामले में लगभग 6 साल से बंद हैं।सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि यह कोर्ट न्यायिक अनुशासन से बंधा हुआ है। आदालत ने आगे कहा कि वह शरजील इमाम और उमर खालिद पर लगाई गई शर्तों में बदलाव नहीं कर सकता है। क्या थीं शर्तें दरअसल, जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस दिनेश भट्ट की बेंच ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश में किसी तरह का बदलाव नहीं कर सकते। उस आदेश में जमानत पाने के लिए कुछ शर्तें रखी गईं हैं, जिनमें पहली, संरक्षित गवाहों के बयान पूरे होने पर और दूसरी, आदेश पारित होने की तारीख 5 जनवरी, 2026 से एक साल पूरा होने पर ही जमानत पर विचार किया जा सकता है। बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट से पहले कड़कड़डूमा कोर्ट ने बीते 4 जुलाई 2026 को दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी 5 जनवरी 2026 को झटका दिया था। शरजील इमाम और उमर खालिद पर दिल्ली में दंगे भड़काने का आरोप बता दें कि शरजील इमाम और उमर खालिद पर मुख्य रूप से फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों की बड़ी साजिश रचने का आरोप है। दोनों पर देश विरोधी भड़काऊ भाषण देने का भी आरोप है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक दोनों ने CAA और NRC के विरोध प्रदर्शनों की आड़ में हिंसा भड़काने की सोची-समझी योजना बनाई थी।  

दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, उमर खालिद और शरजील इमाम को नहीं मिली जमानत

 नई दिल्ली दिल्ली दंगे से जुड़े साजिश वाले केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने खालिद और इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया है। दोनों करीब 6 साल से जेल में बंद हैं और जमानत के लिए निचली से सबसे ऊपरी अदालत तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं। फरवरी 2020 में नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हुए दंगों को लेकर दर्ज 'वृहत साजिश' वाले यूएपीए केस में जमानत के लिए दोनों आरोपियों ने जमानत की अर्जी दायर की थी। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और दिनेश भट्ट की बेंच ने उमर खालिद और शरजील इमाम की ओर से इस केस में दायर तीसरी याचिका खारिज की। बेंच ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के 5 जनवरी के फैसले को नहीं बदल सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों आरोपियों से कहा गया था कि वे गवाही पूरी होने या आदेश पारित होने की तारीख से एक साल की अवधि पूरी होने, इनमें से जो भी पहले हो, उसके बाद जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं। संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर उपजे विरोध प्रदर्शन के बाद हुए सांप्रदायिक दंगे में 53 लोगों की मौत हो गई, जबकि 700 से अधिक लोग जख्मी हुए थे। उमर खालिद और शरजील इमाम पर दिल्ली पुलिस ने दंगों के मास्टरमाइंड होने के आरोप लगाए हैं। एक्टिविस्ट खालिद सैफी और आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन जैसे अन्य लोगों पर भी वृहत साजिश केस में आरोप लगे हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस मामले की जांच कर रही है। 2020 में हुई थी गिरफ्तारी इससे पहले निचली अदालत ने भी उनकी जमानत याचिकाएं खारिज की हैं, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया था। इमाम को इस मामले में 25 अगस्त 2020 को गिरफ्तार किया गया था, जबकि खालिद को 13 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया गया। दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट में इन याचिकाओं का विरोध करते हुए दावा किया कि दोनों दंगों के 'मुख्य साजिशकर्ता' हैं।

MCD हाउस मीटिंग में कई प्रस्ताव पास, 48 गांव होंगे शहरीकृत; सफाई पर बढ़ेगी निगरानी

नई दिल्ली एमसीडी की हाउस मीटिंग में मंगलवार को 70 मेकैनिकल रोड स्वीपिंग मशीन और बैटरी से चलने वाले 1000 वैक्यूम बेस्ड लिटर पिकर मशीनों को खरीदने सहित कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए गए। डिप्टी मेयर डॉ. मोनिका पंत की अध्यक्षता में बैठक हुई। आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद बैठक में मौजूद नहीं रहे। शुरुआत में नेता विपक्ष अंकुश नारंग बैठक में आए और शोक प्रस्ताव पढ़ने के बाद बैठक छोड़कर चले गए। सत्ता पक्ष ने बैठक के शुरुआत में ही एजेंडा पास कर दिया। इसके बाद पल्यूशन और अवैध निर्माण जैसे मुद्दों पर चर्चा शुरू हुई। मेकैनिकल रोड स्वीपिंग और लिटर पिकर मशीनें खरीदी जाएंगी डिप्टी मेयर डॉक्टर मोनिका पंत ने बताया कि निगम द्वारा 70 रोड स्वीपर खरीदे जाएंगे। 1,000 वैक्यूम बेस्ड बैटरी से चलने वाली लिटर पिकर मशीनें खरीदने के प्रस्ताव को भी सदन ने मंजूरी दे दी है। बैठक में एमसीडी एक्ट की धारा 506 (ए) के तहत दिल्ली के 48 गांवों को शहरीकृत घोषित करने से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। एजेंडा पास करने के बाद बैठक में प्रदूषण, अवैध निर्माण और अन्य गंभीर नागरिक मुद्दों पर विभिन्न दलों के पार्षदों द्वारा सार्थक चर्चा की गई। इस बीच आप के निगम पार्षदों ने मंच की तरफ वाले गेट से अंदर घुसने की कोशिश की, सिक्यूरिटी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। एंट्री को लेकर निगम पार्षदों और सिक्यूरिटी स्टाफ के साथ धक्का मुक्की भी हुई। नेता विपक्ष अंकुश नारंग जैसे ही बाकी निगम पार्षदों के साथ बैठक मे पहुंचे, डिप्टी मेयर ने सदन की बैठक को अगली बैठक तक के लिए स्थगित कर दिया। इसके बाद विपक्षी निगम पार्षदों ने थप्पड़ मामले को लेकर जमकर नारे लगाए। ‘PRAGATI-50’ से कूड़े पर पैनी नजर दिल्ली-NCR में साफ-सफाई और कूड़ा प्रबंधन को लेकर अब निगरानी और सख्त होने वाली है। केंद्र सरकार ने दिल्ली-NCR समेत देशभर के 50 शहरों को स्वच्छता के नए मॉडल के तौर पर विकसित करने के लिए 'PRAGATI-50' पहल शुरू की है। इसमें दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड, MCD और NDMC के अलावा हरियाणा के फरीदाबाद और गुरुग्राम को भी शामिल किया गया है। इन शहरों में सिर्फ सफाई अभियान चलाने के बजाय कूड़ा प्रबंधन, सीवेज, इस्तेमाल किए गए पानी, नागरिक भागीदारी और जमीन पर दिखने वाले साफ-सफाई के परिणामों की तय मानकों पर निगरानी होगी। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को नई दिल्ली में इस पहल की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इन 50 शहरों को दूसरे शहरों के लिए स्वच्छता के रोल मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। खास बात यह है कि मंत्री खुद हर दो महीने में समीक्षा बैठक कर इन शहरों की प्रगति देखेंगे। मंत्री खुद दो महीने में समीक्षा बैठक कर इन शहरों की प्रगति देखेंगे PRAGATI-50 में दिल्ली के तीनों प्रमुख शहरी निकायों को जगह मिली है। वहीं हरियाणा से गुरुग्राम, फरीदाबाद और करनाल को चुना गया है। इससे कूड़ा उठाने, कचरे की छंटाई, इस्तेमाल किए गए पानी के प्रबंधन और सफाई जैसे मुद्दों पर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। सरकार ने इसके लिए स्वच्छतम पोर्टल पर PRAGATI की तर्ज पर डिजिटल रिव्यू सिस्टम भी तैयार किया है। मंत्रालय के अधिकारी विशेष शहरों की जिम्मेदारी लेकर नियमित निगरानी और मदद करेंगे। इसके लिए स्वच्छता ऐप के साथ ही डेडिकेटेड वाट्सऐप चैनल भी शुरू किया गया है। इसके जरिए लोग सफाई से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराने और शहर को साफ रखने में भागीदारी करने में आसानी से सक्षम होंगे। मंत्रालय के मुताबिक प्रोग्राम में कंस्ट्रक्शन एंड डिस्ट्रक्शन (C&D) कचरे के लिए सेकेंडरी कलेक्शन सेंटर बनाने की SOP और कचरे को घर से ही अलग करने से जुड़ी गाइडलाइन भी जारी की गई।

हांगकांग-वियतनाम के रास्ते आए 10 प्रोफेशनल ड्रोन, दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा खुलासा

नई दिल्ली  दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर तीन भारतीय पैसेंजर को 10 मिलिट्री-ग्रेड ड्रोन के साथ पकड़ा गया है। छानबीन के बाद इन्हें प्रोफेशनल ग्रेड ड्रोन बताया जा रहा है, जो थर्मल इमेजिंग और लेजर रेंज फाइंडर से लैस है। मंगलवार को अधिकारियों ने हांगकांग से वियतनाम के रास्ते भारत लाए गए इन अनमैन्ड एरियल व्हीकल की जानकारी दी है। दिल्ली कस्टम्स (एयरपोर्ट एंड जेनरल) ने एक्स पोस्ट के माध्यम से 10 मिलिट्री-ग्रेड ड्रोन की इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इस बरामदगी की जानकारी दी है। जब्त किए गए ड्रोन की कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक जब्त किए गए 10 ड्रोन की कीमत 1,03,55,900 रुपये बताया जा रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार ये ड्रोन 25 सितंबर को वियतनाम के रास्ते हांगकांग से टर्मिनल-3 पहुंचा था। कस्टम अधिकारियों ने खुफिया सूचना के आधार पर ग्रीन चैनल पार करने के दौरान संदिग्ध पैसेंजरों को रोक लिया। हालांकि, इस मामले की जानकारी मंगलवार को सार्वजनिक की गई। जब सामान की विस्तृत जांच की गई तो उसमें से बरामद हुए 10 मिलिट्री-ग्रेड ड्रोन के साथ उससे जुड़े उपकरण भी लाए गए हैं, जिनमें कंट्रोलर, गिम्बल के साथ कैमरे, केबल, प्रोपेलर और जॉयस्टिक्स शामिल हैं। क्यों कहा जा रहा है मिलिट्री-ग्रेड ड्रोन एक चार्टर्ड इंजीनियर के मूल्यांकन से इस बात की पुष्टि हुई है कि ये ड्रोन प्रोफेशनल-ग्रेड के हैं, जिसमें थर्मल इमेजिंग और लेजर रेंज फाइंडर की सुविधा उपलब्ध है। आधिकारिक बयान के अनुसार इन ड्रोनों को मिलिट्री या डिफेंस-ग्रेड का यूएवी माना गया है, जिनके लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन के पास रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। कस्टम्स एक्ट, 1962 के तहत यात्रियों को हिरासत में ले लिया गया है और लाए गए सामानों की आगे की जांच जारी है। मिलिट्री-ग्रेड लोन लाने का मकसद साफ नहीं हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि विदेश से इस रह के ड्रोन तस्करी करके लाने का मकसद क्या है। यह भी साफ नहीं है कि इस ड्रोन को कहीं और सप्लाई किया जाना था या धरे गए पैसेंजर इसे अपने इस्तेमाल के लिए लेकर आ रहे थे।  

Delhi PUC Enforcement: 1 अक्टूबर से सख्ती, इन वाहनों पर होगी सरकार की नजर

नई दिल्ली दिल्ली में गाड़ी चलाते हैं तो 1 अक्टूबर की तारीख याद रख लीजिए. क्योंकि अब सिर्फ गाड़ी का इंजन, ब्रेक और हॉर्न ही नहीं, आपकी जेब में रखा PUC सर्टिफिकेट भी सरकार की नजर में होगा. PUC वैलिड नहीं है तो मुश्किल बढ़ सकती है. दिल्ली सरकार ने साफ कर दिया है कि 1 अक्टूबर से इनवैलिड या एक्सपायर्ड PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों के लिए इंफोर्समेंट ड्राइव (Enforcement Drive) शुरू होगी. यानी सड़क पर निकलने से पहले यह देख लेना जरूरी होगा कि आपकी गाड़ी प्रदूषण जांच में पास है या नहीं।  दरअसल, सर्दियों की शुरुआत के साथ ही दिल्ली की हवा खराब होने लगती है. और इस बार सरकार पहले से ही कड़ी तैयारी में है. दिल्ली ही हवा को साफ रखने के लिए सरकार ने बुराड़ी में ऐसा ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) भी शुरू किया है, जहां सालाना 1 लाख वाहनों की जांच हो सकेगी. मतलब दिल्ली की सड़कों पर अब प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों की पहचान और कार्रवाई, दोनों पर निगरानी बढ़ने वाली है।  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन के लॉन्च के मौके पर कहा कि, "दिल्ली में 1 अक्टूबर से वैलिड पीयूसी सर्टिफिकेट से जुड़ा इंफोर्समेंट सिस्टम लागू किया जाएगा. इसके तहत वाहनों के PUC certificate की वैधता की जांच की जाएगी. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार पूरे साल वायु प्रदूषण कम करने के लिए अलग-अलग कदम उठा रही है और यह उसी दिशा में एक और पहल है।  सरकार PUC सेंटर्स की निगरानी और उनके काम करने के तरीके को भी ज्यादा इफेक्टिव और भरोसेमंद बनाने की तैयारी कर रही है. इसके लिए तकनिकियों में बदलाव किया जाएगा और इसे और भी एडवांस बनाया जाएगा. ताकि PUC सर्टिफिकेट जारी करने के प्रोसेस और उसकी मॉनिटरिंग पर बेहतर नजर रखी जा सके।  कैमरों से निगरानी मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली के सभी PUC सेंटर्स पर कैमरा लगाए जा रहे हैं. इन कैमरों की मदद से यह निगरानी की जाएगी कि PUC सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया सही तरीके से हो रही है या नहीं. सरकार का फोकस PUC सिस्टम को ज्यादा ट्रांसपैरेंट और भरोसेमंद बनाने पर है. इससे उन वाहनों पर भी नजर रखने में मदद मिल सकती है, जिनके प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता खत्म हो चुकी है या जो तय प्रदूषण मानकों पर खरे नहीं उतरते।  10,000 का चालान बिना वैलिड पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट के वाहन चलाते हुए पकड़े जाने की स्थिति में वाहन चालक को मोटी चपत लग सकती है. अधिकारियों का कहना है कि, PUC नियमों का उल्लंघन करने के लिए 10,000 रुपये तक का चालान काटा जा सकता है. इसलिए वाहन मालिकों को तत्काल अपने वाहनों के पीयूसी की जांच करनी चाहिए और यदि वैलिडिटी खत्म हो गई है या आने वाले दिनों में समाप्त होने वाली है तो समय से पहले PUC जांच करवा कर सर्टिफिकेट प्राप्त करना जरूरी है।  बुराड़ी में देश का सबसे बड़ा ATS रेखा गुप्ता ने बुराड़ी में जिस ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का उद्घाटन किया है, उसे उन्होंने देश का सबसे बड़ा ATS बताया है. इस स्टेशन के जरिए बड़ी संख्या में कमर्शियल व्हीकल्स की फिटनेस और पॉल्यूशन से जुड़ी जांच की जाएगी. सरकार के मुताबिक, इससे दिल्ली की सड़कों पर चलने वाले ज्यादातर कमर्शियल वाहनों की आसानी से जांच की जा सकेगी. बुराड़ी ATS में हर साल 40,000 हैवी मोटर व्हीकल्स और 60,000 लाइट मोटर व्हीकल्स की जांच करने की क्षमता होगी. यानी यह स्टेशन सालाना कुल 1 लाख वाहनों की टेस्टिंग कर सकेगा।  ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर पंकज सिंह ने बताया कि बुराड़ी ATS में वाहनों की फिटनेस टेस्टिंग पूरी तरह ऑटोमेटेड प्रोसेस के जरिए होगी. इस टेस्टिंग के दौरान ब्रेकिंग इफिसिएन्सी, सस्पेंशन परफॉर्मेंस, हेडलाइट कंडिशन, साइड-स्लिप और इमिशन लेवल जैसे पैरामीटर्स की जांच की जाएगी. इसके अलावा वाहनों के अंडरसाइड की भी जांच की जाएगी. इस ऑटोमेटेड टेस्टिंग सिस्टम के जरिए यह तय हो सकेगा कि, उक्त वाहन शहर में चलने लायक है या नहीं।  दिल्ली सरकार के मुताबिक, बुराड़ी से पहले 3 सितंबर को तेहखंड में भी एक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का उद्घाटन किया गया था. इस ATS में हर साल करीब 72,000 वाहनों की जांच करने की क्षमता है. सरकार अब दिल्ली में ATS और PUC सेंटर्स के नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दे रही है. एक तरफ ऑटोमेटेड टेस्टिंग के जरिए वाहनों की फिटनेस और इमिशन की जांच की जाएगी, वहीं दूसरी तरफ PUC सेंटर्स पर कैमरा और टेक्नोलॉजी के जरिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। 

प्रदूषण पर दिल्ली सरकार का प्लान, पार्किंग शुल्क बढ़ेगा; EV पार्किंग फ्री

नई दिल्ली दिल्ली में 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना होगा। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को पार्किंग शुल्क से राहत मिलेगी। प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने कई बड़े कदमों की जानकारी दी है। ऑफिस की टाइमिंग में भी बदलाव किया जाएगा। दिल्ली सरकार के मुताबिक, 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा। इसका मकसद निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करना और लोगों को सार्वजनिक परिवहन की ओर बढ़ाना है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पार्किंग शुल्क फ्री रहेगा। ऑफिस टाइमिंग में भी होगा बदलाव प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए ऑफिस की टाइमिंग में बदलाव किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे ट्रैफिक और प्रदूषण के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि फिलहाल दिल्ली में 588 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। बेड़े में 150 और इलेक्ट्रिक बसें जोड़ने की तैयारी है। सरकार सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। सरकार ने दिल्ली में 62 प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान की है। इनमें से 42 जगहों पर प्रदूषण का स्तर पहले ही नियंत्रण में लाया जा चुका है। बाकी जगहों पर भी काम जारी है। मंत्री ने बताया कि इन हॉटस्पॉट के 3 किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की समीक्षा की जा रही है। इसके लिए सभी 11 जिला मजिस्ट्रेटों के कार्यालयों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। हॉटस्पॉट के आसपास आने वाली खास जगहों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इनमें श्मशान घाट, डंपिंग साइट और निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकलने वाले कचरे वाली जगहें शामिल हैं। इन स्थानों के बेहतर प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन के साथ काम किया जा रहा है। 'ब्राउन पैच' से धूल रोकने की तैयारी सड़क किनारे उड़ने वाली मिट्टी और धूल को कम करने के लिए 'ब्राउन पैच' विकसित किए जाएंगे। सरकार जन-भागीदारी अभियान के जरिए हरियाली बढ़ाने पर भी काम करेगी। इसका उद्देश्य सड़क किनारे मौजूद मिट्टी और धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करना है। दिल्ली में सड़कों की गहरी सफाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। योजना के मुताबिक हर दो हफ्ते में सड़कों की डीप क्लीनिंग की जाएगी। इसका मकसद सड़कों पर जमा मिट्टी और धूल को हटाना है। इस काम के लिए बनाई गई टीमों में हर गाड़ी पर चार लोग होंगे। इनमें दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और MCD के प्रतिनिधि शामिल होंगे। दिल्ली पुलिस के साथ भी तालमेल किया जाएगा। 'जीरो बर्निंग' के तहत बनाए जाएंगे हीटिंग स्पॉट सर्दियों में खुले में जलाने की समस्या से निपटने के लिए 'जीरो बर्निंग' पहल के तहत इस बार 'हीटिंग स्पॉट' बनाए जाएंगे। अस्थायी शेल्टर में हीटिंग की व्यवस्था होगी। लोगों को ठंड से बचाने के लिए शेल्टर के अंदर जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। 'नो PUC, नो फ्यूल' मिशन मोड में लागू होगा सिरसा ने बताया कि दिल्ली में 'नो PUC, नो फ्यूल' को मिशन मोड में लागू किया जाएगा। यानी प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) को लेकर नियमों के पालन पर जोर दिया जाएगा। सारथी ऐप को मिशन मोड में बढ़ावा सार्वजनिक वाहनों को प्राथमिकता देने और मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए दिल्ली मेट्रो के सारथी ऐप को मिशन मोड में प्रमोट किया जाएगा। सरकार का फोकस लोगों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने पर है। 3,065 किलोमीटर सड़कों के पुनर्निर्माण का लक्ष्य दिल्ली में सड़कों के पुनर्विकास पर भी काम चल रहा है। सरकार के मुताबिक, 2026 में 3,065 किलोमीटर सड़कों के पुनर्निर्माण का लक्ष्य रखा गया था। 20 सितंबर तक 1,193 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। प्रदूषण कम करने के लिए कई मोर्चों पर काम दिल्ली सरकार की रणनीति में पार्किंग शुल्क बढ़ाने, EV को बढ़ावा देने, सार्वजनिक परिवहन मजबूत करने, प्रदूषण हॉटस्पॉट पर काम करने, सड़कों की डीप क्लीनिंग, धूल रोकने के लिए हरियाली बढ़ाने और 'नो PUC, नो फ्यूल' को मिशन मोड में लागू करने जैसे कदम शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन सभी उपायों को तेज गति से लागू किया जा रहा है।

WPL 2027 की रिटेंशन लिस्ट जारी, ग्रेस हैरिस-स्नेहा राणा समेत कई बड़े नाम बाहर

नई दिल्ली महिला प्रीमियर लीग 2027 के पांचों फ्रेंचाइजी ने रिटेंशन लिस्ट जारी कर दी है। आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स ने अपने बड़े खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। रिलीज किए गए और रिटेन किए गए खिलाड़ियों की पूरी सूची देखिए। WPL 2027 के लिए सभी टीमों द्वारा रिलीज किए गए प्लेयर्स की सूची रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू: WPL 2027: गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लिन्से स्मिथ, ग्रेस हैरिस, दयालन हेमलता और गौतमी नाइक को रिलीज कर दिया है। ग्रेस हैरिस आरसीबी की बड़ी प्लेयर थीं। दिल्ली कैपिटल्स: WPL 2027: दिल्ली कैपिटल्स ने एलाना किंग, एडला सृजना, लिजेल ली, प्रगति सिंह, स्नेहा राणा, तानिया भाटिया को महिला प्रीमियर लीग 2027 के लिए अपनी टीम से रिलीज कर दिया है। लिजेल ली और स्नेहा राणा दिल्ली कैपिटल्स की बड़ी प्लेयर थीं। मुंबई इंडियंस: WPL 2027: दो बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने जी कमलिनी, मिल्ली इलिंगवर्थ, क्रांति रेड्डी, पूनम खेमनार, सैका इशाक और त्रिवेणी वशिष्ठ को रिलीज कर दिया है। गुजरात जायंट्स: WPL 2027: गुजरात जायंट्स ने डैनी व्याट-हॉज, आयुषी सोनी, तितास साधु और शिवानी सिंह को रिलीज कर दिया है। यूपी वारियर्स: WPL 2027: यूपी वॉरियर्स ने आशा शोभना, श्वेता सहरावत, किरण नवगिरे, डिएंड्रा डॉटिन, एमी जोन्स और क्लोट्रायोन को टीम से बाहर कर दिया है। WPL 2027 के लिए सभी टीमों द्वारा रिटेन किए गए प्लेयर्स की सूची दल्ली कैपिटल्स रिटेंशन लिस्ट: एनाबेल सदरलैंड, चिनेल हेनरी, दीया यादव, जेमिमा रोड्रिग्स, लौरा वोल्वार्ड्ट, लकी हैमिल्टन, ममता मदिवाला, मरिज़ाने काप, मिन्नू मनी, एन श्री चरणी, नंदनी शर्मा, निकी प्रसाद, शेफाली वर्मा। गुजरात जायंट्स द्वारा रिटेन किए गए प्लेयर: अनुष्का शर्मा, एश्ले गार्डनर, बेथ मूनी, भारती फुलमाली, जॉर्जिया वेयरहैम, हैप्पी कुमारी, जिंतीमनी कलिता, कनिका अहूजा, काश्वी गौतम, किम गार्थ, राजेश्वरी गायकवाड़, रेणुका सिंह, सोफी डिवाइन, तनुजा कंवर, यास्तिका भाटिया मुंबई इंडियंस द्वारा रिटेन किए गए खिलाड़ी: अमनजोत कौर, अमेलिया केर, हरमनप्रीत कौर, हेली मैथ्यूज, नेट साइवर-ब्रंट, निकोला केरी, राहिला फिरदौस, सजीवन सजना, संस्कृति गुप्ता, शबनिम इस्माइल, वैष्णवी शर्मा आरसीबी द्वारा रिटेन किए गए खिलाड़ी: स्मृति मंधाना, ऋचा घोष, श्रेयंका पाटिल, पूजा वस्त्रकार, अरुंधति रेड्डी, राधा यादव, नादिन डी क्लर्क, जॉर्जिया वॉल, सायली सतघारे, प्रेमा रावत, प्रत्युषा कुमार, लॉरेन बेल यूपी वारियर्स द्वारा रिटेन किए गए खिलाड़ी: दीप्ति शर्मा, हरलीन देओल, क्रान्ति गौड़, मेग लैनिंग, फीबी लिचफील्ड, प्रतिका रावल, शिखा पांडे, शिप्रा गिरी, सिमरन शेख, सोफी एक्लेस्टोन, तारा नॉरिस। 28 अक्टूबर को होगा ऑक्शन बता दें कि कोई भी फ्रेंचाइजी अधिकतम 18 खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल कर सकती है। इनमें से अधिकतम 6 विदेशी खिलाड़ी हो सकते हैं। महिला प्रीमियर लीग का ऑक्शन अगले महीने यानी अक्टूबर में 28 तारीख को कोच्चि में आयोजित किया जाएगा। टाटा महिला प्रीमियर लीग का 2027 संस्करण 14 जनवरी से 7 फरवरी तक खेला जाएगा।

दिल्ली की कॉलोनियों में सुधरेंगी सड़क-नाली और ड्रेनेज सुविधाएं, 214 करोड़ से होंगे 53 विकास कार्य

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत किराड़ी, बवाना, मुंडका, नरेला और नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्रों की अनधिकृत कॉलोनियों में 214.12 करोड़ रुपये की लागत से 53 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से 27 अनधिकृत कॉलोनियों में सड़क, नाली, सीवेज और ड्रेनेज जैसी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। इससे करीब डेढ़ से पौने 2 लाख लोगों को फायदा मिलने का दावा किया गया है। सीएम ने कहा कि सड़क, नाली, सीवेज और ड्रेनेज जैसी बुनियादी सुविधाएं हर शख्स का अधिकार है। सरकार का मकसद विकास का फायदा दिल्ली के हर इलाके और गली तक पहुंचाना है। 53 प्रोजेक्ट के तहत 1,062 सड़कों और गलियों को डेवलप किया जाएगा। साथ ही 89.82 किलोमीटर सड़क नेटवर्क और 147.69 किमी ड्रेनेज नेटवर्क बनाया जाएगा। किराड़ी में सबसे ज्यादा 105 करोड़ के काम मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन परियोजनाओं में सबसे बड़ा हिस्सा किराड़ी विधानसभा क्षेत्र का है। यहां 14 अनधिकृत कॉलोनियों में 105.51 करोड़ रुपये की लागत से 27 विकास कार्य किए जाएंगे। इसके तहत 640 सड़क और गलियों, 50.71 किलोमीटर सड़क तथा 101.42 किलोमीटर ड्रेनेज नेटवर्क बनाने की योजना है। इसी तरह बवाना में 38.83 करोड़ रुपये की लागत से 9 काम, मुंडका में 22.05 करोड़ रुपये से 5 काम, नरेला में 14.48 करोड़ रुपये से 4 काम और नांगलोई जाट में 33.25 करोड़ रुपये से 8 काम किए जाएंगे। 5 विधानसभा क्षेत्रों के 1.75 लाख लोगों को मिलेगी इससे राहत इस मौके पर दिल्ली के पीडब्ल्यूडी और जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि 214.12 करोड़ रुपये के 53 विकास कार्य वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में कदम हैं। रोड, सीवर और ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत होने से इन इलाकों में नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा। कार्यक्रम में उत्तर पश्चिमी दिल्ली से सांसद योगेन्द्र चांदोलिया, कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, रविन्द्र इन्द्राज सिंह और विधायक राज करण, मनोज शौकीन, गजेंद्र दलाल समेत कई लोग मौजूद रहे।

चुनाव आयोग विवाद के बीच रेखा गुप्ता बोलीं- विपक्ष देश में झूठा माहौल बनाने की कोशिश कर रहा

नई दिल्ली चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े हालिया विवाद के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर हमला बोला है. मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष देश में एक ऐसा झूठा माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसका हकीकत से कोई दूर-दूर तक वास्ता नहीं है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मीडिया से बातचीत करते हुए विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया और कहा कि उनका एकमात्र मकसद जनता को भ्रमित करना है.  उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी नाकामियों, देश के खिलाफ किए गए कृत्यों और चल रहे विकास कार्यों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बेतुके मुद्दे खड़े कर रहा है, जिनका कोई आधार नहीं है. सीएम रेखा ने सवाल उठाया कि आज विपक्ष चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल उठा रहा है, उन पर बेबुनियाद आरोप लगा रहा है और गिरफ्तारियों की मांग कर रहा है, जबकि उनके अपने शासनकाल में चुनाव आयोग कैसे काम करता था, ये किसी से छिपा नहीं है. उस दौर में आयोग पूरी तरह से सरकारों के इशारों पर चलता था. पारदर्शी तरीके से काम कर रहा है चुनाव आयोग चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आयोग पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन कर रहा है. वर्तमान व्यवस्था में आयोग के तीनों कमिश्नर हर फैसले पर पूरी तरह से एकमत होकर फैसला लेते हैं. चुनाव आयोग ने पहले ही सभी तथ्यों को पूरी पारदर्शिता के साथ जनता के सामने रख दिया है, जिससे ये साफ हो जाता है कि हर फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है. आयोग का कामकाज बेहद तारीफ के काबिल और निष्पक्ष है. राहुल गांधी पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग विपक्ष के तेवर पर नाराजगी जताते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने सीधे तौर पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और दूसरे विपक्षी नेताओं पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं द्वारा जिस तरह की गतिविधियां चलाई जा रही हैं और अनर्गल बयान दिए जा रहे हैं, वो देशद्रोह से कम नहीं है. मुख्यमंत्री ने मांग की है कि ऐसे नेताओं के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए ताकि देश की संस्थाओं पर उंगली उठाने वालों को कड़ा संदेश मिल सके.