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दिल्ली SIR की डेडलाइन बढ़ी, 4 दिसंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

नई दिल्ली  दिल्ली में चल रही एसआईआर के लिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) द्वारा जारी ड्राफ्ट पर आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा एक माह के लिए बढ़ा दी गई है मतदाता एसआईआर पर अपने दावे और आपत्तियां 30 अक्टूबर तक दर्ज करा सकते हैं। जबकि 30 नंवबर तक ड्राफ्ट एसआईआर में आए नोटिस का निस्तारण किया जाएगा। जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर को जारी करने की तारीख तय की गई है। जबकि पहले यह तारीख चार नवंबर थी। नागरिक उपरोक्त समयावधि में ड्राफ्ट सूची में नाम न होने पर फार्म 6 भर सकते हैं। साथ ही पता या आवास बदलने पर फार्म आठ भर सकते हैं। पोलिंग बूथों पर लगेंगे विशेष शिविर वहीं, सीईओ कार्यालय रविवार यानि 27 सितंबर को को एसआईआर के तहत दिल्ली भर के 14,947 पोलिंग बूथों पर विशेष शिविर लगाएगा। इन शिविरों का उद्देश्य उन पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करना है, जिनका नाम अभी तक सूची में दर्ज नहीं हो पाया है। आयोग के अनुसार, दिल्ली में अब तक फार्म- 6 के करीब सवा तीन लाख आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। फार्म- 6 नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। नाम दर्ज कराने की अपील आयोग ने पात्र नागरिकों से विशेष शिविरों का लाभ उठाकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की अपील की है। शिविरों में मतदाता नाम जुड़वाने के साथ ही एसआईआर से संबंधित अन्य प्रक्रियाओं और दस्तावेजों को लेकर भी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। आयोग के मुताबिक, जिन पात्र नागरिकों के नाम सूची में छूट गए हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्म- 6 जमा कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि एसआईआर के दौरान प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए जाएंगे। सीईओ ने 29 और 30 सितंबर को दिल्ली भर के कालेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में 18-25 वर्ष की आयु के युवा मतदाताओं के लिए विशेष शिविरों की भी घोषणा की है। SIR में गलती है तो ऐसे कराएं सुधार एसआईआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम की स्पेलिंग, उम्र, जन्मतिथि या पता गलत है या मतदाता को शिफ्टेड दिखाया गया है, तो दावा अवधि में सुधार कराया जा सकता है। दिल्ली के सीईओ कार्यालय के अनुसार, मौजूदा मतदाता के विवरण में सुधार और पता बदलने के लिए फार्म-8 तथा ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने पर नाम जुड़वाने के लिए फार्म- 6 भरना होगा। ऑफलाइन तरीका संबंधित बीएलओ, ईआरओ, एईआरओ से फार्म-6 या फार्म-8 लें। सही जानकारी भरकर दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रति लगाएं और बीएलओ या चुनाव कार्यालय में जमा करें। जमा करने की रसीद जरूर लें। ऑनलाइन तरीका voters.eci.gov.in पर जाएं – लॉगिन कर रजिस्ट्रेशन करें। संबंधित फार्म चुनें, विवरण भरें, दस्तावेज अपलोड करें, आवेदन जमा करें। आवेदन का रेफरेंस नंबर सुरक्षित रखें, इसी से स्थिति जांची जा सकती है। ऑनलाइन नोटिस कैसे जांचें सबसे पहले वोटर सर्विस पोर्टल पर जाएं। विकल्प चुनें, होमपेज या मेनू सेक्शन में ''Submit Document Against Notice Issued'' या ''List of persons to whom notices have been issued'' वाले विकल्प पर क्लिक करें। इसमें जिले का नाम डालें। अपने इलाके का नाम चुनें। पोलिंग स्टेशन चुनें। इसके बाद आपके पोलिंग स्टेशन की लिस्ट खुल जाएगी।  

आस्था कुंज गैंगरेप के बाद एक्शन, पार्कों-स्कूलों के आसपास 30 कंपनियां तैनात

नई दिल्ली  आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की से गैंगरेप की घटना के बाद दिल्ली के पार्को, बड़े बाजारों, सुनसान जगहों, स्कूल और कॉलेज के पास जिला पुलिस के साथ-साथ कई अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को भी लगाया गया है। सभी जिलों में तैनात की गईं दो दो कंपनियां दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी दिल्ली के सभी 15 जिलों में सुरक्षा के लिए अर्ध सैनिक बलों की दो-दो कंपनियों की तैनाती की गई है। इसमें CRPF , CISF BSF और असम राइफल्स जैसे अर्धसैनिक बलों की कंपनियां शामिल है। सबसे ज्यादा तैनाती इस क्षेत्र में तैनात जवान दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर लगातार, पार्क, स्कूल और कॉलेज के आसापास, बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन और बाजार समेत उन जगहों पर खास तौर पर तैनात किए गए हैं, जहां महिलाओं और छात्राओं की आवाजाही अधिक है। एक कंपनी में होते हैं 50 से 60 जवान पुलिस अधिकारी के मुताबिक अर्धसैनिक बलों की एक कंपनी में 50 से 60 जवान रहते हैं। पूरी दिल्ली में जरूरत के हिसाब से करीब 30 कंपनियों की तैनाती दिल्ली पुलिस के साथ की गई है। कंपनियों के जवान दिल्ली पुलिस के साथ पैदल गश्त और बाइक से गश्त कर रहे हैं। मामले में क्या बोले डीसीपी सचिन शर्मा डीसीपी नई दिल्ली सचिन शर्मा ने बताया कि नई दिल्ली जिले में दो टुकड़ियों के अलावा पहले से भी बीएसएफ के जवान अलग-अलग जगहों पर तैनात रहते हैं। ये जवान नेहरू पार्क, लोधी गार्डन, कनॉट प्लेस सेंट्रल पार्क और बुद्धा जयंती गार्डन समेत नई दिल्ली के सभी बड़े पार्को, स्कूल व कॉलेज, बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन के अलावा कनॉट प्लेस के इनर और आउटर सर्कल, जनपथ, कनॉट प्लेस मार्केट, तुगलक रोड, इंडिया गेट, नई दिल्ली के सभी बड़े पार्कों और जंतर मंतर पर तैनात रहते है। बीएसएफ के जवान सभी थानों के स्टाफ के साथ पट्रोलिंग करते हैं।

चलती बस गैंगरेप मामले पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा बयान, बोलीं- ‘गलती हुई थी’

नई दिल्ली  हाल में ही राजधानी दिल्ली में गैंगरेप, महिलाओं से छेड़छाड़ समेत कई गंभीर आपराधिक मामले सामने आए हैं। सिलसिलेवार हुई इन घटनाओं के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रशासन की कमियों को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार इन घटनाओं से सबक ले रही है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। टाइम्स नाउ के पॉडकास्ट में टाइम्स ग्रुप की एडिटर-इन-चीफ नविका कुमार से बातचीत के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने 16 वर्षीय लड़की से चलती बस में गैंगरेप के मामले पर प्रशासन की गलती को स्वीकार किया है। सीएम रेखा गुप्ता से जब पूछा गया किय 2012 में हुए गैंगरेप के मामले से क्या उन्होंने सबक नहीं लिया और 47 किलोमीटर तक चलने वाली बस को कई चेकपॉइंट से गुजरने के बावजूद एक बार भी क्यों नहीं रोका गया। गैंगरेप की घटना पर मानी गलती मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जवाब में कहा, 'निश्चित रूप से, एक गलती हुई थी। बस की जांच नहीं की गई थी। इस घटना के बाद, सभी एजेंसियों को एहसास हुआ कि किसी भी बस को नहीं छोड़ा जाना चाहिए। हां, 11 चालान काटे गए थे। मैंने यह भी कहा है कि किसी भी बस के ड्राइवर या कंडक्टर का भले ही वह प्राइवेट एजेंसी का हो पूरा पुलिस रिकॉर्ड चेक किया जाना चाहिए। किसी भी ऐसे व्यक्ति को, जिसका क्रिमिनल रिकॉर्ड हो, चाहे वह स्कूल बस चला रहा हो, प्राइवेट बस या सरकारी बस, उसे अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। सभी का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी है। इन चीजों को सख्ती से लागू किया जाएगा।' 'हर घटना हम सभी के लिए दर्दनाक' सीएम रेखा गुप्ता ने आगे कहा, 'ऐसा नहीं है कि हमने कुछ सीखा नहीं है। मैं कह सकती हूं कि इस शहर में होने वाली हर घटना हम सभी के लिए दुखद होती है। उन्होंने कहा, अगर मैं अपनी बात करूं, एक मां, एक महिला, एक मुख्यमंत्री और समाज के एक हिस्से के तौर पर तो ऐसी घटना होने पर हमें भी उतना ही दुख होता है। रेखा गुप्ता ने कहा, हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करते हैं कि ऐसी कोई घटना न हो। हम 100 प्रतिशत नतीजे चाहते हैं। हम इसी उम्मीद में काम करते हैं कि हमें 100 प्रतिशत नतीजे मिलें। पुलिस बल दिन-रात काम करते हैं। पूरा प्रशासन और सिस्टम इसमें शामिल होता है। लेकिन अगर एक भी घटना होती है, तो वह हम सभी के लिए दुखद होती है।' आस्था कुंज गैंगरेप के बाद डार्क स्पॉट पर जोर दक्षिण दिल्ली के कालकाजी में आस्था कुंज पार्क में एक नाबालिग के साथ गैंगरेप और उसके बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के बारे में पूछे जाने पर रेखा गुप्ता ने कहा, 'किसी बेटी या महिला के साथ होने वाली हर घटना के बारे में मैं तुरंत पता लगाने की कोशिश करता हूं कि यह कैसे हुई, क्या हुआ, और किन चीजों को ठीक करने की जरूरत है या सरकार को क्या काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियों को ऐसे डार्क स्पॉट तुरंत सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद करीब एक लाख नई स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। ये सेंसर से जुड़ी हैं और खराब होने पर कंट्रोल रूम को तत्काल अलर्ट मिलता है, जिसके बाद संबंधित एजेंसी उसे ठीक करने पहुंचती है। सत्य निकेतन हादसे पर बोलीं- जिम्मेदारी से इनकार नहीं सत्य निकेतन में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार और नगर निगम की जिम्मेदारी से इनकार नहीं किया। हालांकि, उन्होंने इसके लिए पिछली सरकारों पर भी दोष मढ़ा। उन्होंने कहा, 'मैं यह नहीं कहूंगी कि कोई जिम्मेदारी नहीं है। जिम्मेदारी तो जरूर है। दिल्ली एक दिन में नहीं बनी। यह कई सालों में बनी। तब कौन सी सरकारें थीं? नगर निगम में कौन था? दिल्ली सरकार में कौन था?' पुरानी सरकारों पर खड़े किए सवाल पीजी के रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई अब शुरू होने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'मुझे CM बने डेढ़ साल हो गए हैं। क्या हमसे पहले कोई सरकार नहीं थी? अब तक ऐसा क्यों नहीं किया गया? क्या इससे पहले दिल्ली में कोई घटना नहीं हुई थी? क्या आग नहीं लगी या इमारतें नहीं गिरीं? सरकारें अब तक सो क्यों रही थीं? क्या वे रेखा गुप्ता के आने और कुछ करने का इंतजार कर रही थीं? कम से कम रेखा गुप्ता घटना वाली जगह पर जाती हैं और वहां तीन घंटे तक खड़ी रहती हैं। और वह दर्द को समझती और महसूस करती हैं। वह प्रशासन पर नजर भी रखती हैं, ताकि मशीनरी पहुंचने में कोई देरी न हो।' उन्होंने कहा, 'मैंने वह किया जो दूसरी सरकारों ने नहीं किया। दिल्ली में SDRF नहीं था। जब आपको कहीं से तुरंत राहत की जरूरत होती है, तो आपको ऐसी फोर्स चाहिए होती है जो उस स्थिति को संभाल सके। दिल्ली के पास ऐसा काम करने के लिए कोई फोर्स नहीं थी। उस घटना के बाद, दिल्ली के पास अपना SDRF है। मैं भी पूछ सकती हूं कि पिछली सरकारों ने ऐसा क्यों नहीं किया? जब पहले ऐसी घटनाएं होती थीं, तो CM कितनी बार वहां जाकर खड़े हुए और बात की?'

दिल्ली SIR में 3.26 लाख Form-6 आवेदन, जानें किस जिले से आए सबसे ज्यादा

नई दिल्ली दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान क्लेम और ऑब्जेक्शन की प्रक्रिया में अब 6 दिन ही बचे हैं। वोटर लिस्ट में नए नाम जुड़वाने के लिए 31 अगस्त से 23 सितंबर के बीच 1,14,073 फॉर्म-6 के आवेदन जमा किए जा चुके हैं। दिल्ली में अब तक आए कितने आवेदन 30 अगस्त को भेजे गए 2,12,400 आवेदनों को मिलाकर अब तक फॉर्म-6 के कुल 3,26,473 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। हलांकि, इनमें कितने आवेदनों का निस्तारण हुआ है इसके बारे में आयोग ने कोई डेटा जारी नहीं किया है। कहां से आए सबसे ज्यादा आवेदन SIR में क्लेम और ऑब्जेक्शन की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलेगी। फॉर्म 6 के लिए सबसे ज्यादा आवेदन वेस्ट जिले से आए हैं। यहां से 14,056 लोगों ने नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया। इसके बाद नॉर्थ-वेस्ट जिले में 11,819, ईस्ट में 11,412, साउथ ईस्ट में 11,124 और नॉर्थ ईस्ट में 10,534 आवेदन आए हैं। मामले में क्या बोला दिल्ली इलेक्शन ऑफिस दिल्ली इलेक्शन ऑफिस ने कहा है कि जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, वे तय घोषणा और जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ फॉर्म-6 भरकर फाइनल वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, ऐसे नए आवेदक जिनकी उम्र 1 अक्टूबर तक 18 वर्ष पूरी हो रही है, वे भी फॉर्म-6 के जरिए वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। 'ऑनलाइन आवेदन में डॉक्यूमेंट्स की कॉपी अपलोड करनी होती है' SIR को लेकर बड़ी संख्या में NBT रीडर्स के सवाल मिल रहे हैं। उनके इन सवालों के जवाब चुनाव आयोग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने दिए हैं:

दिल्ली वोटर लिस्ट पर बड़ा अपडेट: 33 लाख SIR नोटिस का 20 दिन में समाधान, दस्तावेज से दूर होगी गड़बड़ी

नई दिल्ली दिल्ली में SIR प्रक्रिया के तहत 33 लाख वोटरों को थमाए गए नोटिस के मामले में अब मतदाताओं को टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं है। अगर वह भारत का नागरिक है, 18 साल का है और जिंदा है, तो निश्चिंत रहिए। हर सूरत में उनका नाम वोटर लिस्ट में जुड़ जाएगा। इसके लिए चुनाव आयोग ने 20 दिन का एक मास्टर प्लान बनाया है। जिसमें इस दौरान वोटरों को दिए गए सभी तरह के नोटिसों का समाधान कर दिया जाएगा। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि इस समस्या को जल्द से जल्द समाधान करने के लिए दो अलग-अलग सिस्टम बनाए गए हैं। पहला, लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के नाम पर जिस भी किसी वोटर के नाम में थोड़ी-बहुत असमानता (गड़बड़ी) रह गई है। उसे 10 दिनों के अंदर मामूली दस्तावेजी प्रक्रिया के तहत दूर कर दिया जाएगा। इसके लिए बीएलओ को कहा गया है कि वह इसमें बहुत अधिक गहराई में ना जाते हुए बस उसके लेटेस्ट नाम के बारे में जानकारी कन्फर्म कर लें। उदाहरण के तौर पर अगर 2003 एसआईआर में उसका नाम केवल सुरेश था और अब इस नाम के पीछे सरनेम में अग्रवाल, शर्मा, कुमार, झा, चटर्जी या बनर्जी या अन्य कुछ जोड़ा गया है तो ऐसे मामलों को बहुत अधिक गंभीर ना माना जाए। अगर वोटर की उम्र, डेट ऑफ बर्थ, फादर नेम और उसके भारतीय होने में कोई संदेह नहीं है तो उसे किसी भी मान्य दस्तावेज के आधार पर ओके कर दिया जाए। ऐसा नहीं कि छोटी-छोटी क्लेरिकल मिस्टेक या फिर कमियों के रहते हुए वोटर को परेशान किया जाए। इससे 33 लाख में से करीब 15 लाख वोटरों की समस्या का समाधान हो जाएगा। जिसमें बीएलओ और चुनाव आयोग को बहुत कुछ अलग से करने की जरूरत नहीं होगी। पुराने SIR से मैपिंग न होने पर भी दस्तावेज के आधार पर जुड़ सकेगा नाम बाकी बचे 18 लाख वोटरों में से जिस किसी के पुराने एसआईआर से मैपिंग नहीं हो रही है या फिर अन्य किसी तरह की बड़ी समस्या लग रही है। तो ऐसे मामलों में भी वोटर से डिक्लेरेशन कराते हुए कोई भी मान्य दस्तावेज के आधार पर इसे वोटर लिस्ट में ऐड कर लिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि ऐसे किसी भी मामले में अगर किसी वोटर का नाम पुराने एसआईआर में नहीं भी था तो भी अब चल रही एसआईआर प्रक्रिया में ऐसे किसी वोटर का नाम डिलीट नहीं किया जा सकता। सेंटरों पर भी जो हियरिंग चल रही हैं। उनमें भी वोटरों को बहुत अधिक उलझाने की कोई जरूरत नहीं है। जुड़वा बच्चों और कम उम्र के माता-पिता वाले मामलों में बीएलओ खुद करें पुष्टि ऐसे भी किसी मामले में जिनके दो बच्चे हैं और उनके डेट ऑफ बर्थ में सेम डेट आ रही है। ऐसे में अगर वोटर कहता है कि यह उनके जुड़वा बच्चे हैं तो उससे बीएलओ अपने स्तर पर कन्फर्म करके ऐसे मामलों को ओके कर दें। इसी तरह से किसी वोटर और उसके माता-पिता की उम्र में 15-16 साल का ही अंतर है तो भी बीएलओ और एईआरओ अपने स्तर पर कन्फर्म करके ऐसे मामलों का जल्द से जल्द निपटारा कर दें। सूत्रों का कहना है कि अब पुरानी वोटर लिस्ट और एसआईआर में दी गई फोटो के भी मिलान करने शुरू कर दिए गए हैं। इस मसले को 23 सितंबर को एनबीटी ने प्रमुखता से उठाया था। समस्या दूर होते ही वोटरों को मैसेज, ऑनलाइन भी अपडेट होगी जानकारी इसके अलावा इस अभियान में एक और काम करने की कोशिश की जा रही है। वह यह कि जिस-जिस भी वोटर की प्रॉब्लम दूर होती जाएगी। उसके पास मैसेज भेजने की भी योजना बनाई जा रही है। ताकि उस वोटर को पता लग जाए कि अब उसे सेंटर में जाने की कोई जरूरत नहीं है और उसको मिले नोटिस की समस्या दूर हो चुकी है। ऐसे वोटरों की ऑनलाइन जारी की गई लिस्ट के आगे भी समस्या समाधान लिखा जाएगा। ताकि सभी को ऑनलाइन भी यह जानकारी अपडेट हो सके।

वाहन चालकों के लिए जरूरी खबर, बिना PUC के 1 अक्टूबर से नहीं मिलेगा Fuel

 नई दिल्ली No Valid PUCC No Fuel Rule: अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और आपका आना-जाना गाजियाबाद-दिल्ली के बीच होता रहता है तो ये ख़बर आपके लिए बेहद जरूरी है. गाजियाबाद में वाहन चालकों के लिए एक अक्टूबर से फ्यूल खरीदने के नियम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब बिना वैलिड पॉल्यूशन अंडरकंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) वाले वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं दिया जाएगा. जिला पूर्ति विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।  वाहन मालिकों से कहा गया है कि वे 30 सितंबर से पहले अपने वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता जांच लें और प्रमाणपत्र समाप्त हो चुका है या जल्द समाप्त होने वाला है तो समय रहते उसे रिन्यू करा लें. जिला पूर्ति अधिकारी अमित कुमार तिवारी ने बताया कि एक अक्टूबर से व्यवस्था लागू होने के बाद पेट्रोल पंप पर फ्यूल देने से पहले वाहन के प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता की जांच की जाएगी।  इसके लिए जिले के पेट्रोल पंपों पर विशेष ऐप की व्यवस्था की गई है. वाहन का नंबर स्कैन या दर्ज करने के बाद ऐप के माध्यम से तत्काल पता चल सकेगा कि संबंधित वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र वैध है या नहीं. वैध प्रमाणपत्र होने पर ही फ्यूल दिया जाएगा.  उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से फिलहाल व्यवस्था को लेकर पेट्रोल पंपों पर परीक्षण भी किया जा रहा है, ताकि एक अक्टूबर से इसे लागू करने में तकनीकी दिक्कत न आए. पेट्रोल पंप संचालकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित तिथि से बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन उपलब्ध न कराया जाए।  वाहन चालकों को पहले से जानकारी देने पर जोर नई व्यवस्था को लेकर वाहन चालकों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि वाहन मालिक आखिरी समय का इंतजार करने के बजाय 30 सितंबर तक अपने दस्तावेज जांच लें. खासतौर पर ऐसे वाहन जिनका PUCC पहले ही समाप्त हो चुका है या उसकी अवधि खत्म होने वाली है, वे समय रहते प्रमाणपत्र बनवा लें।  हालांकि, ट्रायल के दौरान यह भी सामने आया कि कई वाहन चालकों को अभी तक इस व्यवस्था की जानकारी नहीं है. कुछ वाहन मालिकों ने प्रमाणपत्र की अनिवार्यता और फ्यूल लेने से पहले उसकी जांच को लेकर जानकारी की कमी की बात कही. वहीं, कुछ वाहन चालकों ने प्रदूषण जांच को जरूरी बताते हुए व्यवस्था का समर्थन भी किया. दूसरी ओर, इसे लागू करने के तरीके को लेकर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि आपात स्थिति में फ्यूल की जरूरत पड़ने पर क्या होगा और पेट्रोल पंपों पर जांच के कारण भीड़ या अव्यवस्था की स्थिति न बने, इसके लिए क्या व्यवस्था होगी।  जिला पूर्ति अधिकारी अमित कुमार तिवारी ने स्पष्ट किया कि बिना वैलिड PUCC वाहन चलाने पर केवल पेट्रोल-डीजल मिलने में परेशानी नहीं होगी, बल्कि नियमों के तहत चालान की कार्रवाई भी की जा सकती है. इसके लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक व्यवस्था की जा रही है. विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य वाहन चालकों को परेशान करना नहीं, बल्कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ लोगों को समय से प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाने के लिए प्रेरित करना है। 

नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में नाम का आरोप, सोनिया गांधी मामले में 29 सितंबर को फिर सुनवाई

नई दिल्ली  दिल्ली की एक अदालत ने मजिस्ट्रेट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें सोनिया गांधी का नाम नागरिकता हासिल करने से तीन साल पहले मतदाता सूची में शामिल किए जाने के आरोप की जांच से इनकार किया गया था। दिल्ली की अदालत ने कहा कि मजिस्ट्रेट के आदेश में ठोस कारण नहीं बताया गया, इससे पता चलता है कि मामले पर ठीक से विचार नहीं किया गया। अदालत ने मामला फिर मजिस्ट्रेट को भेजा, कारणों के साथ आदेश पारित करने और नए सिरे से सुनवाई का निर्देश दिया है। सोनिया गांधी मामले में सेशंस कोर्ट ने क्या कहा सोनिया गांधी से जुड़े वोटर लिस्ट मामले में स्पेशल जज (MP-MLA केस) ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी का नाम भारत का नागरिक बनने से पहले वोटर लिस्ट में शामिल किए जाने से जुड़ी शिकायत पर मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश के खिलाफ रिवीजन की मंजूरी दे दी है। सेशन कोर्ट ने एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के 2025 में दिए गए आदेश को रद्द कर दिया है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सोनिया के खिलाफ FIR की मांग वाली शिकायत किया था खारिज दिल्ली की अदालत ने मामले को फिर से सुनवाई करने और एक विस्तृत आदेश पारित करने के लिए वापस भेज दिया गया है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली शिकायत को खारिज कर दिया था। सेशन कोर्ट ने कहा कि बिना सर्टिफाई किए गए रिकॉर्ड की फोटोकॉपी के आधार पर शिकायत को Bold Assertion के तौर पर खारिज करना गलत था। इसे रद्द किया जाना चाहिए। सेशन कोर्ट ने नागरिकता मुद्दे पर दिए ये निर्देश सेशन कोर्ट ने नागरिकता के मुद्दों पर अधिकार-क्षेत्र से जुड़ी टिप्पणी को गलत माना। सेशन कोर्ट ने कहा कि जिस आदेश को चुनौती दी गई है, उसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मामला संज्ञेय अपराध का है या नहीं। सेशन कोर्ट ने कहा कि नागरिकता के मामले में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के बारे में की गई टिप्पणियां अनुचित हैं। मामले को वापस भेज दिया गया है और इसकी अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।

ओखला में बनेंगे अफसरों के 2 टावर, 160 फ्लैट्स के साथ होगी बेसमेंट पार्किंग

नई दिल्ली  जम्मू-कश्मीर कैडर खत्म कर आईएएस अफसरों को एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम, केंद्र शासित प्रदेश) कैडर में शामिल करने के बाद दिल्ली सरकार में अफसरों की संख्या बढ़ गई है। इस रैंक के अफसरों के लिए सरकारी आवास की संख्या अब कम पड़ रही है। इसलिए सरकार ओखला स्थित अपोलो हॉस्पिटल के पास 16,175.12 वर्ग मीटर में टाइप-5 व टाइप-6 के फ्लैट्स के निर्माण की योजना बना रही है। यहां दो टावर बनाए जाएंगे। प्रत्येक टावर में 80-80 फ्लैट्स होंगे। दो मंजिला बेसमेंट पार्किंग की सुविधा भी होगी। इस प्रोजेक्ट पर कुल 319.72 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। रेजिडेंशियल टावर के निर्माण के लिए दो मॉडल चुने गए हैं, जिनमें एक अक्षरधाम के पास बना कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज और दूसरा केंद्र सरकार की जीपीआरए कॉलोनियां हैं। धारा 370 हटने के बाद बदला कैडर ढांचा पीडब्ल्यूडी अफसरों के अनुसार, केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद सिविल सर्विसेज के जम्मू-कश्मीर कैडर को खत्म कर दिया था। जम्मू-कश्मीर कैडर को एजीएमयूटी कैडर में शामिल कर दिया गया है। ऐसे में दिल्ली सरकार में कार्यरत अफसरों की संख्या में इजाफा हो गया है। ओखला में बनेंगे 160 अफसर फ्लैट ऐसे में प्लान बनाया गया है कि ओखला के पास टाइप-5 के 80 और टाइप-6 के भी 80 फ्लैट्स बनाए जाएं। टाइप-5 के टावर में दो ब्लॉक होंगे, जिसमें एक ए-ब्लॉक और दूसरा बी-ब्लॉक होगा। दोनों टावर का निर्माण 16,175.12 वर्ग मीटर (3.9 एकड़) में किया जाएगा। अफसरों का कहना है कि जिस तरह से डीडीए ने अक्षरधाम के पास कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज बनाया है, उस मॉडल की भी स्टडी की जा रही है। दूसरा मॉडल केंद्र सरकार की जीपीआरए कॉलोनियां है। दोनों में से किसी एक मॉडल के आधार पर ऑफिसर फ्लैट्स बनाए जाएंगे। दिल्ली सरकार इस पर खर्च करेगी 319.72 करोड़ रुपये दोनों टावर आसपास ही होंगे। दोनों के लिए कॉमन बेसमेंट पार्किंग बनाई जाएगी, जो दो मंजिला होगी। टावर-1 के निर्माण पर कुल 54.28 करोड़ और टावर-2 (ए व बी-ब्लॉक) के निर्माण पर 78.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बेसमेंट पार्किंग के निर्माण पर 63.78 करोड़ रुपये खर्च होने का आकलन किया गया है। इसके अलावा दोनों टावर के चारों तरफ इंटरनल रोड, लैंडस्केपिंग व सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इस कार्य पर कुल 9.40 करोड़ रुपये खर्च होने का आकलन किया गया है।

‘दिल्ली बनेगा खालिस्तान’ धमकी से सनसनी, कई स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे संदेश

नई दिल्ली दिल्ली के कम से कम छह स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सोमवार सुबह इन स्कूल प्रशासनों को बम की धमकी वाला ईमेल मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य एजेंसियां सक्रिय हो गईं। स्कूलों को खाली कराया गया। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड स्कूल परिसरों की जांच कर रहे हैं। धमकी में दिल्ली को खालिस्तान बनाने की बात कही गई है। धमकी वाले लेटर में क्या लिखा धमकी भरे इमेल में कथित तौर पर दिल्ली को खालिस्तान बनाने की बात कही गई है। ईमेल में दिल्ली के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। 21 से 29 सितंबर के दौरान दिल्ली आने-जाने वाली ट्रेनों में सफर न करने की सलाह दी गई है। ईमेल में दावा किया गया है कि पंजाब से दिल्ली आने वाली रेलवे पटरियों पर आईईडी ब्लास्ट किए जाएंगे। जानकारी के अनुसार, दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके के संस्कृत‍ि स्कूल, द ब्रिटिश स्कूल और नेवी चिल्ड्रन स्कूल समेत चार स्कूलों को सुबह करीब 9:30 बजे धमकी वाला ईमेल मिला। स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। इसके बाद सुरक्षा के जरूरी कदम उठाए गए। पुलिस ने क्या बताया दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, उसे बम की धमकी से जुड़े 5 कॉल मिले। सुबह 9.41 बजे से 11.11 बजे के बीच स्कूलों में बम की धमकी से संबंधित पांच कॉल प्राप्त हुए। इनमें से पहला कॉल सुबह 9.41 बजे हौज खास स्थित मदर इंटरनेशनल स्कूल से आया। परिसर में तलाशी अभियान के बाद धमकी झूठी पाई गई। चाणक्यपुरी स्थित नेवी चिल्ड्रन्स स्कूल के संबंध में सुबह 10:34 बजे दूसरी कॉल आई, जबकि तीसरी कॉल सुबह 10:50 बजे रोहिणी के सेक्टर 14 स्थित बाल भारती स्कूल से आई। राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले स्प्रिंगडेल्स स्कूल, सलवान पब्लिक स्कूल और बाल भारती पब्लिक स्कूल तथा करोल बाग पुलिस स्टेशन क्षेत्रांर्गत आने वाले सेंट थॉमस स्कूल और जूनियर्स स्कूल से भी कॉल रिसीव हुईं। कमला मार्केट पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले सिविक सेंटर में भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। धमकी भरे ईमेल में दिल्ली के स्कूलों को निशाना बनाने की बात कही गई है। ईमेल में 21 से 29 सितंबर के बीच दिल्ली आने-जाने वाली ट्रेनों में सफर से बचने की चेतावनी भी दी गई। इसमें पंजाब से दिल्ली आने वाली रेलवे पटरियों को लेकर भी धमकी दी गई है। जानकारी के मुताबिक, चाणक्यपुरी इलाके के संस्कृति स्कूल, द ब्रिटिश स्कूल और नेवी चिल्ड्रन स्कूल समेत चार स्कूलों को सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे धमकी वाला ईमेल मिला। ईमेल मिलते ही स्कूल प्रशासन ने पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए। स्कूल परिसरों की जांच के लिए बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) और डॉग स्क्वॉड को तैनात किया गया। पुलिस ने क्या बताया? दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, सोमवार सुबह स्कूलों में बम की धमकी से जुड़े पांच कॉल मिले। ये कॉल सुबह 9:41 बजे से 11:11 बजे के बीच प्राप्त हुए। पहला कॉल सुबह 9:41 बजे हौज खास स्थित मदर इंटरनेशनल स्कूल से आया। परिसर में तलाशी अभियान चलाने के बाद धमकी को फर्जी पाया गया। इसके बाद सुबह 10:34 बजे चाणक्यपुरी स्थित नेवी चिल्ड्रन्स स्कूल से बम की धमकी को लेकर कॉल मिली। तीसरी कॉल सुबह 10:50 बजे रोहिणी सेक्टर-14 स्थित बाल भारती स्कूल से आई। पुलिस के मुताबिक, राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के स्प्रिंगडेल्स स्कूल, सलवान पब्लिक स्कूल और बाल भारती पब्लिक स्कूल तथा करोल बाग थाना क्षेत्र के सेंट थॉमस स्कूल और जूनियर्स स्कूल से भी धमकी से संबंधित सूचनाएं मिलीं। इसके अलावा कमला मार्केट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिविक सेंटर को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिलने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां सभी स्थानों पर जांच और तलाशी अभियान चला रही हैं। बम की धमकी से हड़कंप, एजेंसियां सतर्क धमकी की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां और कर्मचारी मौके पर भेजे गए। पुलिस की कई टीमें भी संबंधित स्कूलों में पहुंचीं। बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने स्कूल परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस को शुरुआती जांच के आधार पर आशंका है कि धमकी वाले ईमेल फर्जी हो सकते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा को देखते हुए सभी जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं और ईमेल के स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इस महीने कई फर्जी धमकियां मिल चुकीं दिल्ली में स्कूलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को धमकी भरे ईमेल मिलने का सिलसिला नया नहीं है। इसी महीने भी कई संस्थानों को इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। 15 सितंबर को सरदार पटेल विद्यालय, द ब्रिटिश स्कूल, एयर फोर्स बाल भारती स्कूल और कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल समेत कई प्रमुख स्कूलों को बम धमाके की धमकी वाले ईमेल मिले थे। वहीं, महीने की शुरुआत में दिल्ली विधानसभा, सिविक सेंटर और मेयर कार्यालय समेत कई स्कूलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को भी बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल प्राप्त हुए थे। बम की धमकी से हड़कंप, एजेंसियां सतर्क सूचना के बाद दमकल की गाड़ियां और कर्मचारी मौके पर भेजे गए। पुलिस की कई टीमें भी स्कूलों में पहुंचीं। बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों और अन्य एजेंसियों ने स्कूलों की जांच की, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं नजर आया। पुलिस को आशंका है कि ये धमकी भरे ईमेल फर्जी हो सकते हैं। इस महीने कई फर्जी धमकियां मिल चुकीं धमकियों का यह सिलसिला नया नहीं है। इसी महीने इसी तरह की कई धमकियां मिल चुकी हैं। 15 सितंबर को सरदार पटेल विद्यालया, द ब्रिटिश स्कूल, एयर फोर्स बाल भारती स्कूल और कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल सहित कई प्रमुख स्कूलों को बम धमाकों की धमकियों वाले ईमेल मिले थे। इस महीने की शुरुआत में, दिल्ली विधानसभा, सिविक सेंटर और मेयर कार्यालय सहित कई स्कूलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को भी बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल प्राप्त हुए थे।

SIR नोटिस के बाद पोलिंग स्टेशनों पर पहुंचे वोटर, नाम सुधार और दस्तावेजों को लेकर बढ़ी परेशानी

 नई दिल्ली SIR के तहत रविवार को लोगों की मदद के लिए स्पेशल कैंप लगाया गया। सभी 14,947 पोलिंग स्टेशन पर कैंप लगाए गए थे। सुबह 10 बजे से लगे कैंप में बीएलओ का सर्वर डाउन होने से लोगों के काम नहीं हो पाए। इससे लंबा इंतज़ार करना पड़ा। अधिकतर लोग नाम में करेक्शन के नोटिस जारी होने के बाद पहुंचे थे। तुर्कमान गेट के पोलिंग स्टेशन बुलबुल खाना में अधिकतर वोटर और उनके रिश्तेदार नाम में करेक्शन के लिए जारी नोटिस से जुड़ी समस्या लेकर आए थे। यहां सुईवालान के अधिकतर वोटर थे। एक वोटर का नाम पहले मोहम्मद अली था, बाद में शराफ़त अली दर्ज हो गया। वह करेक्शन के लिए आवेदन देने आए थे। जबकि एक वोटर का नाम नसरीन खानम था। शादी के बाद उनका नाम नसरीन तकी हो गया। लास्ट SIR से मैपिंग तो हो गई, लेकिन नाम में करेक्शन के लिए नोटिस किया गया। 6 से ज्यादा भाई-बहनों वाले मामलों में भी नोटिस, दस्तावेज जुटाने में परेशानी यहां मौजूद बीएलओ जौहर सुल्ताना ने बताया कि कई मामले ऐसे भी आए हैं, जिनमें 6 से ज्यादा भाई-बहन हैं। उनकी उम्र के डिफरेंस के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं। जिनकी उम्र के बीच S महीने या उससे कम का अंतर है, उन्हें नोटिस दिया गया है। डॉक्यूमेंट्स मांगे जा रहे हैं। उन्हें काफी परेशानी हो रही है। जौहर ने बताया कि नोटिस जारी होने वालों की सूची ऑनलाइन जारी कर दी गई है, लेकिन बहुत लोगों को जानकारी नहीं है। कई को पता चला है कि उन्हें नोटिस जारी किया गया है और वे चक्कर काट रहे हैं। अब पहले के पोलिंग स्टेशन भी बदल गए हैं। हालांकि, हमारे पास जो जानकारी है, उससे हम मदद कर रहे हैं। जौहर ने कहा कि कई बार इंटरनेट में नेटवर्क की समस्या हो जाती है। इसलिए वाई-फाई की सुविधा दी जानी चाहिए। पहाड़गंज में 168 नोटिस, नाम की स्पेलिंग सुधारने के लिए पहुंचे वोटर पहाड़गंज के पोलिंग स्टेशन मुल्तानी ढांडा में 168 नोटिस जारी किए गए हैं। यहां की बीएलओ पूनम ने बताया कि दोपहर 2 बजे तक 45 से 50 के करीब लोग आए हैं। ज्यादातर को नाम करेक्शन के मामले में नोटिस जारी हुआ है। यहां आए वोटर राजेश वाधवा ने बताया कि नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ थी। उनका बूथ भी बदल गया है। जानकारी लेने और डॉक्यूमेंट्स देने पहुंचे थे। 27 सितंबर को लगेगा कैंप दिल्ली चुनाव आयोग की ओर से सभी पोलिंग स्टेशन पर अब 27 सितंबर को स्पेशल कैंप लगाया जाएगा। इसमें नोटिस और परेशानियों का निस्तारण किया जाएगा। जारी ड्राफ्ट रोल में करीब 97 लाख लोगों के नाम हैं। दिल्ली चुनाव आयोग ने बताया कि इनमें करीब 33 लाख को नोटिस भेजे गए हैं। इसके अलावा करीब 1.5 करोड़ लोगों में से अब तक 47 लाख लोगों को एब्सेंट, शिफ्ट, डेथ और डुप्लिकेट की सूची में डाला गया है। नोटिस को लेकर CEO ने दिया जवाब SIR को लेकर वीआईपी और अन्य चिन्हित वोटर्स को नोटिस जारी किए जाने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ऑफिस ने कहा है कि नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित वोटर का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया जाएगा। CEO के अनुसार, 31 अगस्त को जारी की गई ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल वोटर्स को पुराने इंटेंसिव रिवीजन की लिस्ट से लिंक किए जाने के आधार पर देखा गया है। जिन वोटर्स का पुराने रिकॉर्ड से लिंक नहीं हो पाया या उनके द्वारा दी गई जानकारी में कई तरह की कमियां हैं, उन्हें सिस्टम के जरिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इसके अलावा यह भी स्पष्ट किया कि नोटिस वाले वोटर्स को ERO या BLO के पास अपना जवाब और डॉक्यूमेंट्स जमा करने का मौका मिलेगा।