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1 अक्टूबर से बिना Biometric e-KYC नहीं मिलेगा Subsidised LPG Refill, सरकार ने जारी किया नया नियम

नई दिल्ली  पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी (LPG) रिफिल के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (Biometric Aadhaar Authentication – BAA) को अनिवार्य करने की घोषणा की है। यह नियम 1 अक्टूबर से लागू होगा। मंत्रालय के अनुसार, इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य फर्जी और दोहराए गए कनेक्शनों को खत्म करना है ताकि सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे। 89.9 प्रतिशत उपभोक्ता करा चुके हैं ऑथेंटिकेशन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के लगभग 27.43 करोड़ उपभोक्ता (89.9 प्रतिशत) पहले ही अपना बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा करा चुके हैं। जिन लोगों ने यह प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा कुछ भी करने की आवश्यकता नहीं है और उनकी सिलेंडर बुकिंग पहले की तरह जारी रहेगी। 1 अक्टूबर से क्या बदलेगा? जिन्होंने ऑथेंटिकेशन करा लिया है, उनके लिए प्रक्रिया पहले जैसी ही रहेगी और वे रियायती दर पर सिलेंडर बुक कर सकेंगे। वहीं, जिन्होंने ऑथेंटिकेशन नहीं कराया है, उनके लिए सब्सिडी वाली तय दर (आरएसपी) पर सिलेंडर बुकिंग ऑथेंटिकेशन पूरा होने के बाद ही संभव हो पाएगी। ऑथेंटिकेशन पूरा करने के आसान तरीके उपभोक्ता निम्नलिखित तीन में से किसी भी तरीके से अपना बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा कर सकते हैं…     सिलेंडर डिलीवरी के समय: डिलीवरी बॉय मोबाइल ऐप के जरिए मौके पर ही ऑथेंटिकेशन पूरा कर सकता है।     डिस्ट्रिब्यूटर के शोरूम पर: उपभोक्ता सीधे अपने एलपीजी वितरक (एजेंसी) के शोरूम पर जाकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करा सकते हैं।     ओएमसी के मोबाइल ऐप द्वारा: उपभोक्ता घर बैठे कंपनियों के आधिकारिक ऐप के माध्यम से खुद भी e-KYC कर सकते हैं…     इंडेन (Indane) ग्राहक: IndianOil ONE ऐप     भारतगैस (Bharatgas) ग्राहक: HelloBPCL ऐप     एचपी गैस (HP Gas) ग्राहक: HP PAY ऐप सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी वास्तविक लाभार्थी को एलपीजी सेवा से वंचित करना नहीं, बल्कि प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।  

SpiceJet Flight Delay: दिल्ली से 5 उड़ानों में देरी, 500 से ज्यादा यात्री परेशान

नई दिल्ली मामला सुबह-सुबह का है. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से उड़ने वाली 4 घरेलू और 1 अंतरराष्ट्रीय उड़ान देर से रवाना हुईं. इससे 500 से ज्यादा यात्रियों पर असर पड़ा. टर्मिनल 1 से जाने वाली चार घरेलू उड़ानें प्रभावित हुईं. इनमें तीन लेह की और एक जम्मू की थी. इन उड़ानों के करीब 450 यात्री परेशान हुए. लेह की उड़ान SG127 को सुबह 4.50 बजे उड़ान भरनी थी. लेकिन यह सुबह करीब 9 बजे रवाना हुई. लेह की दूसरी उड़ान SG121 का तय समय सुबह 6.10 बजे था. तीसरी लेह उड़ान SG125 को सुबह 8.45 बजे जाना था. जम्मू की उड़ान SG2160 का तय समय सुबह 7.40 बजे था और यह एक घंटे से ज्यादा देरी से चली।  सूत्रों का दावा है कि रात करीब 2.30 बजे IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 पर लेह की उड़ानों के यात्रियों का चेक इन शुरू करने के लिए एयरलाइन का चेक इन स्टाफ पहुंचा ही नहीं. यात्रियों को समझ नहीं आ रहा था कि वे किससे संपर्क करें. वे काफी नाराज थे. ड्यूटी मैनेजर को बुलाया गया, जिसके बाद यात्रियों को शांत कराया गया. इसके बाद ही इस उड़ान का चेक इन शुरू हुआ।  दिल्ली से दुबई जाने वाली उड़ान SG5111 को टर्मिनल 3 से सुबह 7.45 बजे रवाना होना था. यह उड़ान भी देर से चली. फ्लाइट रडार के आंकड़ों के मुताबिक इसने सुबह 9.42 बजे उड़ान भरी. सूत्रों के अनुसार बाद में जम्मू की एक और लेह की दो उड़ानें रवाना हो चुकी थीं।. स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि SG121 और SG127 (दिल्ली से लेह) और SG2160 (दिल्ली से जम्मू) परिचालन कारणों से देरी से चलीं. कंपनी के मुताबिक ये उड़ानें रवाना होकर अपने गंतव्य पर पहुंच चुकी हैं. प्रवक्ता ने यात्रियों को हुई असुविधा पर गहरा खेद जताया।  दिल्ली एयरपोर्ट ने भी बयान जारी किया. एयरपोर्ट ने कहा कि स्पाइसजेट की कुछ उड़ानों में परिचालन गड़बड़ी से यात्रियों को दिक्कत हुई, इसका उसे खेद है. एयरपोर्ट की टीमें एयरलाइन और संबंधित पक्षों के साथ तालमेल करके प्रभावित यात्रियों की मदद कर रही हैं, ताकि हालात सामान्य हो सकें. यात्रियों से धैर्य की अपील की गई है और ताजा जानकारी के लिए एयरलाइन से संपर्क करने को कहा गया है।   

दिल्ली की वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका, बेघर और ट्रांसजेंडरों के लिए विशेष शिविर; जानें तारीख

 नई दिल्ली  दिल्ली में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बेघर लोगों, ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्करों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। दिल्ली के 13 जिलों में ये शिविर 23 और 24 सितंबर को शाम पांच से रात नौ बजे तक डयूसिब के रैन बसेरों और दूसरे चिन्हित स्थानों पर लगाए जाएंगे। ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्करों तक पहुंचने के लिए उनके साथ काम करने वाले एनजीओ की मदद ली जाएगी। शिखिर में बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) भी मौजूद रहेंगे। अधिकारियों के मुताबिक इन लोगों को पहचान, पते और जरूरी दस्तावेज देने में कई बार परेशानी होती है। बेघर लोगों के पास स्थायी पता, पारिवारिक रिकॉर्ड या दूसरे जरूरी दस्तावेज नहीं होने से उनकी जानकारी सत्यापित करने में भी दिक्कत आती है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने कहा है कि जो व्यक्ति किसी इलाके का सामान्य निवासी है, उसका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। अधिकारियों को चुनाव आयोग के मैनुअल ऑफ इलेक्ट्रोरल रोल्स-2023 के मुताबिक इन आवेदनों पर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। ऑनलाइन फार्म जमा करने को प्रोत्साहित करने के साथ आवेदकों से फिजिकल फार्म भी लेने को कहा गया है। गौरतलब है कि 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में दिल्ली में 97,53,577 मतदाता हैं। इनमें 49,88,993 पुरुष और 47,64,137 महिला वोटर हैं। वहीं, 2025 विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाता सूची में 1,55,24,858 वोटर थे। ड्राफ्ट सूची में थर्ड जेंडर वोटरों की संख्या भी 1,261 से घटकर 447 रह गई है। ड्राफ्ट सूची से छूटे पात्र मतदाता 30 सितंबर तक फार्म छह के जरिए अपना नाम जोड़ने के लिए दावा कर सकते हैं। दावे और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलेगी। अंतिम मतदाता सूची चार नवंबर को जारी होगी। इसके अलावा 20 और 27 सितंबर को दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर सुबह 10 से शाम पांच बजे तक सामान्य विशेष शिविर लगाए जाएंगे। यहां मतदाता ड्राफ्ट सूची चेक करने, फार्म जमा करने और आवेदन भरने में मदद ले सकेंगे।  

एअर इंडिया AI-171 हादसा: जांच में पारदर्शिता पर FAS के सवाल, AAIB ने आरोपों को नकारा

नई दिल्ली एअर इंडिया की उड़ान AI-171 हादसे की जांच को लेकर विमानन सुरक्षा संगठन फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (एफएएस) ने विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। एफएएस के कार्यकारी निदेशक एड पियर्सन ने AAIB के महानिदेशक जीवीजी. युगंधर को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि हादसे से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और तकनीकी खराबी से संबंधित आंकड़ों को जांच में सामने नहीं लाया गया। जांच की पारदर्शिता पर एफएएस के सवाल पत्र में कहा गया है कि हादसे के बाद एफएएस ने यूके AAIB एक्सपर्ट के माध्यम से भारतीय जांच एजेंसी को सैकड़ों आधिकारिक गैर-सार्वजनिक दस्तावेज सौंपे थे। संगठन के अनुसार, इन दस्तावेजों में दुर्घटनाग्रस्त बोइंग 787 विमान के सिस्टम में चल रही कई तरह की खराबियों से संबंधित जानकारी थी। एफएएस का कहना है कि विमान के एयरक्राफ्ट कम्युनिकेशंस एड्रेसिंग एंड रिपोर्टिंग सिस्टम और एयरक्राफ्ट हेल्थ मैनेजमेंट डेटा स्ट्रीम से भी ऐसी जानकारियां मिलीं, जो हादसे से ठीक पहले हुई तकनीकी विफलताओं और उनके सटीक समय की ओर इशारा करती हैं। तकनीकी दस्तावेजों को दबाने का आरोप पियर्सन ने पत्र में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आइसीएओ) के नियमों के तहत जांच एजेंसी का दायित्व है कि हादसे से जुड़े सभी प्रासंगिक तथ्यों को एकत्र करे, दर्ज करे और उनका पारदर्शी विश्लेषण करे। एफएएस का आरोप है कि AAIB ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में इन दस्तावेजों का जिक्र तक नहीं किया। संगठन के अनुसार, जांच एजेंसी का रुख पायलटों पर दोष मढ़ने जैसा दिख रहा है, जबकि तकनीकी खामियों को दरकिनार किया जा रहा है। जांच एजेंसी ने आरोपों का किया खंडन AAIB ने एफएएस के आरोपों का खंडन करते हुए जांच में निष्पक्षता का दावा किया है। ब्यूरो के जवाब के अनुसार, एफएएस की ओर से दिए गए सभी तकनीकी इनपुट और दस्तावेज 10 जून 2026 को प्राप्त हो चुके थे और जांच टीम उनका गहराई से अध्ययन कर रही है। AAIB ने कहा कि पूरी जांच 'एयरक्राफ्ट (इ इन्वेस्टिगेशन आफ एक्सीडेंट्स एंड इंसिडेंट्स) रूल्स, 2025' और आइसीएओ प्रविधानों के तहत निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। एफएएस ने दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग AAIB के स्पष्टीकरण के बावजूद एफएएस ने जांच से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को तुरंत सार्वजनिक रिकाॅर्ड में शामिल करने की मांग की है। संगठन ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि समय रहते सुरक्षा चेतावनियां जारी क्यों नहीं की गईं। एफएएस का कहना है कि विमानन सुरक्षा में गोपनीयता के बजाय समय पर दी गई पारदर्शी जानकारी भविष्य में होने वाले हादसों को रोकने में मदद कर सकती है। क्या है AI-171 हादसा जून 2025 में एअर इंडिया की उड़ान AI-171 (बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर) अहमदाबाद से लंदन जाते समय टेकआफ के ठीक 32 सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी।

दिल्ली PG हादसा: हाई कोर्ट ने कहा- लापरवाही और आपराधिक व्यवहार का नतीजा नजर आती है घटना

नई दिल्ली सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने से हुई सात लोगों की मौत के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने घटना को महज हादसा मानने से इनकार किया। चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने बुधवार को कहा कि यह घटना लापरवाही और आपराधिक व्यवहार का नतीजा नजर आती है। कोर्ट ने स्टूडेंट्स के सुरक्षित आवास की लंबे समय से चली आ रही समस्या पर भी गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि छोटे शहरों से अपने करियर और बेहतर भविष्य के सपने लेकर दिल्ली आने वाले छात्रों के लिए सुरक्षित आवास की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बेंच ने कहा कि राजधानी में छात्रों के आवास की समस्या पिछले 20 से 25 सालों से बनी हुई है। कोर्ट ने संकेत दिया कि घटना के बाद की गई कार्रवाई से इस मूल समस्या का समाधान नहीं होगा     सत्य निकेतन में इमारत को तोड़ने का काम जारी     12 इमारतों के खिलाफ तोड़फोड़ के ऑर्डर पास     आज भी कार्रवाई जारी रहने के हैं आसार सत्य निकेतन PG हादसे पर हाई कोर्ट में सुनवाई यह टिप्पणी दानवीर राठी की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आई। याचिका में सत्य निकेतन और दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के आसपास चल रहे PG आवासों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच, स्वतंत्र जांच और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे व पुनर्वास की मांग की गई है। कोर्ट ने इससे पहले 7 सितंबर को MCD को घटना की उच्चस्तरीय जांच करने का निर्देश दिया था। 25 सितंबर को होगी इस मामले में सुनवाई यह मामला 6 सितंबर को सत्य निकेतन में बहुमंजिला लड़कों के PG बिल्डिंग के गिरने से जुड़ा है। हादसा मरम्मत कार्य के दौरान हुआ था। इसमें सात लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। मृतकों में स्टूडेंट्स और निर्माण कार्य से जुड़े मजदूर शामिल थे। हाई कोर्ट ने लंबित एक अन्य याचिका के साथ जोड़ते हुए 25 सितंबर को सुनवाई के लिए लगा दिया है। अवैध और खतरनाक इमारतों पर MCD का एक्शन जारी MCD का खतरनाक और अवैध रूप से बनी इमारतों के खिलाफ एक्शन बुधवार को भी जारी रहा। निगम ने सभी 12 जोनों में 46 इमारतों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 11 संपत्तियों को सील किया। वहीं, बिल्डिंग बॉयलाज का उल्लंघन कर बनाई जा रही 12 इमारतों के खिलाफ तोड़फोड़ के ऑर्डर भी पास किए गए। MCD ने मंगलवार को भी 40 इमारतों में तोड़फोड़ की थी और 16 को सील किया था। MCD से मिली जानकारी के अनुसार, सत्य निकेतन में खतरनाक इमारत को तोड़ने का काम मैनुअल ऐक्शन की वजह से काम तेजी से नहीं हो पा रहा है। अवैध निर्माण पर MCD सख्त अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के तहत शाहदरा नॉर्थ जोन के कर्दमपुरी, शाहदरा के प्रसादी मोहल्ला, उस्मानपुर और न्यू उस्मानपुर में इमारतों के खिलाफ एक्शन लिया गया। वहीं, शाहदरा साउथ जोन के शास्त्री पार्क, सेंट्रल नॉर्थ जोन में स्वरूप नगर और रानी बाग सहित अन्य स्थानों पर भी तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई। MCD ने दोहराया कि अनाधिकृत निर्माण की इजाजत नहीं दी जाएगी।

18 सितंबर को डूसू चुनाव, दिल्ली यूनिवर्सिटी में सुरक्षा बढ़ी; कॉलेजों में तैनात होंगे शिक्षक

 नई दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में शिक्षकों की भूमिका और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त संदेश दिया है। कुलगुरु प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय और उसके शिक्षकों के लिए सभी विद्यार्थी बराबर हैं। इसलिए शिक्षक किसी भी तरह के पक्षपात से बचें। उन्होंने डूसू चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने पर जोर देते हुए कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित पक्षों को पूरी जिम्मेदारी निभानी होगी। बुधवार को कुलगुरु की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय अधिकारियों, कॉलेजों के प्राचार्यों, छात्रावासों के प्रोवोस्ट और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। इसमें चुनावी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। पुलिस समन्वय के लिए हर कॉलेज में नियुक्त होगा शिक्षक कुलगुरु ने सभी प्राचार्यों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने कॉलेजों में अगले तीन-चार दिनों तक सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए रखें। प्रत्येक कॉलेज में एक शिक्षक को पुलिस के साथ समन्वय के लिए नियुक्त किया जाएगा। चुनाव प्रबंधन में शिक्षकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। कुलगुरु ने कहा कि इससे चुनाव प्रक्रिया बेहतर तरीके से संपन्न कराने में मदद मिलेगी। 17 को पहुंचेंगी ईवीएम, 18 को मतदान बैठक में बताया गया कि मतदान से एक दिन पहले 17 सितंबर को कॉलेजों में ईवीएम पहुंचाई जाएंगी। इसके लिए सुबह आठ बजे से प्रक्रिया शुरू होगी और नियुक्त मास्टर ट्रेनर ईवीएम पहुंचाएंगे। 18 सितंबर को डे-क्लास के विद्यार्थियों के लिए सुबह 8:30 बजे से दोपहर एक बजे तक और इवनिंग-क्लास के विद्यार्थियों के लिए दोपहर तीन बजे से शाम 7:30 बजे तक मतदान होगा। मतदान के बाद ईवीएम को छात्र प्रतिनिधियों और चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी में सील कर मल्टीपर्पस हॉल (यूनिवर्सिटी इंडोर स्टेडियम) में जमा कराया जाएगा। 19 सितंबर को इसी हॉल में मतगणना होगी। संवेदनशील स्थानों पर रात में गश्त, महिला कॉलेजों में विशेष सुरक्षा चुनाव के दौरान संवेदनशील स्थानों पर हिंसा रोकने के लिए 18 सितंबर तक रात में पुलिस गश्त जारी रहेगी। मतदान के दिन कॉलेजों, विभागों और संस्थानों के बाहर पुलिस तैनात रहेगी। महिला कॉलेजों में महिला पुलिसकर्मियों की व्यवस्था भी की जाएगी। बैठक में डीन ऑफ कॉलेज प्रो. बलराम पाणी, साउथ कैंपस निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता, मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. राज किशोर शर्मा, मुख्य रिटर्निंग अधिकारी डॉ. राजेश सिंह समेत विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, विभागाध्यक्ष, छात्रावासों के प्रोवोस्ट-वार्डन और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

दिल्ली में ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण को बड़ा कदम, NGO और संस्थानों को मिलेगा अनुदान

नई दिल्ली दिल्ली के स्मारकों के संरक्षण के लिए दिल्ली सरकार ने वित्तीय सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुरातत्व विभाग ने गैर सरकारी संगठनों, न्यास, फाउंडेशन और शैक्षणिक संस्थानों से आवेदन मांगे हैं। दिल्ली मुख्यमंत्री विरासत नवोत्थान योजना के तहत परियोजनाओं के लिए अधिकतम दो करोड़ रुपये तक सहायता दी जाएगी। स्मारकों के संरक्षण के लिए अनुदान देने संबंधी आदेश दिल्ली सरकार ने जारी कर दिया है। पुरातत्व विभाग ने पात्र संस्थाओं से वित्तीय सहायता के लिए आवेदन मांगे हैं। यह सहायता दिल्ली मुख्यमंत्री विरासत नवोत्थान योजना के तहत दी जाएगी। सामान्य प्रोजेक्ट में 75% खर्च सरकार का अनुदान योजना के तहत किसी परियोजना के लिए अधिकतम दो करोड़ रुपये प्रति वित्तीय वर्ष तक सहायता दी जा सकेगी। सामान्य परियोजनाओं में विभाग और संबंधित संस्था के बीच खर्च का अनुपात 75:25 रहेगा। महत्वपूर्ण स्मारकों से जुड़े संरक्षण कार्यों में सरकार 90 प्रतिशत और संबंधित संस्था 10 प्रतिशत खर्च वहन करेगी। वहीं सरकारी संस्थानों की परियोजनाओं का 100 प्रतिशत खर्च सरकार उठाएगी। जरूरत पर दो करोड़ की सीमा बढ़ेगी योजना में संरक्षण कार्य की आवश्यकता को देखते हुए दो करोड़ रुपये की अधिकतम सीमा बढ़ाने का भी प्रविधान है। इसके लिए सिफारिश समिति की अनुशंसा जरूरी होगी। सरकार ने कुछ दिन पहले ही स्मारकों के संरक्षण के लिए सहायता अनुदान योजना की अधिसूचना जारी की थी। दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी किया वित्तीय सहायता के लिए पात्र संस्थाओं को दिल्ली सरकार के पुरातत्व विभाग के निदेशक के नाम से जारी पोर्टल के माध्यम से आनलाइन आवेदन करना होगा। विश्वविद्यालय और सरकारी अथवा स्वायत्त संस्थाएं रजिस्ट्रार या विभागाध्यक्ष के माध्यम से आवेदन कर सकेंगी। गैर सरकारी संगठनों, न्यास और फाउंडेशन आदि के लिए भारत सरकार के दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।

Delhi Weather: बढ़ने लगी गर्मी-उमस, अगले हफ्ते दिल्ली से मानसून की हो सकती है विदाई

नई दिल्ली राजधानी में मॉनसून की विदाई के लिए मौसम की परिस्थितियां अब बदलने लगी हैं। पिछले कुछ दिनों से तापमान बढ़ रहा है, नमी घट रही है और मौसम धीरे-धीरे शुष्क हो रहा है। स्काईमेट के अनुसार, अगले हफ्ते दिल्ली से मॉनसून की वापसी हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 18 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियां काफी कम हो जाएंगी। मंगलवार को उमस की वजह से तेज गर्मी महसूस हुई। दिनभर धूप-छांव का दौर चलता रहा और कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हुई। अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री रहा, यह सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक है। रिज में बूंदाबांदी हुई, जबकि गुरुग्राम में 0.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। अन्य इलाकों में मौसम शुष्क रहा। नमी का स्तर 61 से 87 प्रतिशत के बीच रहा। 18 सितंबर के बाद बारिश कम होने की संभावना है बुधवार को बादल छाए रहने और कुछ जगहों पर बूंदाबांदी की संभावना है। अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 24 डिग्री के आसपास रह सकता है। 17 सितंबर को भी हल्की बारिश हो सकती है। 18 सितंबर से मौसम के शुष्क होने की संभावना है। 18 से 21 सितंबर के बीच आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान 33 से 36 और न्यूनतम 23 से 26 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ दिन में गर्मी और उमस फिर बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून की विदाई के साथ दिल्ली में मौसम शुष्क होने लगेगा।

सत्य निकेतन हादसे के बाद बड़ा कदम, दिल्ली में 10 हजार छात्र-छात्राओं के लिए बनेंगे हॉस्टल

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्रों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि दिल्ली सरकार 10,000 छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाने की योजना पर काम कर रही है। इन हॉस्टलों में छात्र और छात्राएं दोनों रह सकेंगे। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती आवास उपलब्ध कराना है। संबंधित विभागों के साथ बैठकें की गई सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली के किसी भी विश्वविद्यालय या कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र इन हॉस्टल सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इस योजना को लागू करने के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठकें की गई हैं। सरकार ने हॉस्टल निर्माण के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान भी शुरू कर दी है और इसके लिए ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। चिंता मुक्त रहेंगे अभिभावक, छात्रों को मिलेगा सुरक्षित और बेहतर माहौल मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हॉस्टलों में छात्रों की जरूरतों और उन्हें उपलब्ध कराई जाने वाली जरूरी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की है। उनका लक्ष्य ऐसे हॉस्टल तैयार करना है, जहां देशभर से दिल्ली पढ़ने आने वाले छात्रों को सुरक्षित और बेहतर माहौल मिल सके। रेखा गुप्ता ने भरोसा दिलाया कि इन हॉस्टलों के निर्माण के बाद अभिभावक अपने बच्चों को दिल्ली में बिना किसी चिंता के छोड़ सकेंगे। वहीं, छात्रों को रहने और खाने की परेशानियों से राहत मिलेगी और वे पूरी तरह अपनी पढ़ाई तथा अपने भविष्य के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने छात्रों की ज़रूरतों और इन हॉस्टलों में ज़रूरी सुविधाओं पर अच्छी तरह से विचार किया है। मैं आपको भरोसा दिलाती हूँ कि हम ऐसे हॉस्टल बनाएँगे जहाँ देश भर के माता-पिता पूरी निश्चिंतता के साथ अपने बच्चों को भेज सकें, और जहाँ छात्र—खाने-पीने या रहने की चिंता से मुक्त होकर—पूरी तरह से अपने सपनों को पूरा करने पर ध्यान दे सकें। सत्य निकेतन में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार इमारतों की जांच बढ़ाएगी, सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करेगी और पूरी राजधानी में पेइंग गेस्ट (PG) आवासों से जुड़े नियमों की समीक्षा करेगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि उन्होंने दिल्ली में इमारत की सुरक्षा, छात्रों के रहने की व्यवस्था और PG नियमों पर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई एक संयुक्त समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि बैठक में सख्त सुरक्षा जांच, ज़िम्मेदारी तय करने और सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर ज़ोर दिया गया। मुख्यमंत्री गुप्ता ने घोषणा की कि शहरी विकास मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता वाली एक समिति मौजूदा PG नियमों की समीक्षा करेगी। यह समिति विश्वविद्यालयों, दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के माध्यम से छात्रों के लिए आवास की सुविधा बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार करेगी।  सत्य निकेतन में सात लोगों की मौत गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री का यह ऐलान दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए हादसे के बाद आया है। बता दें कि यहां एक पांच मंजिला इमारत के अचानक ढह जाने से सात लोगों की मौत हो गई है। इस इमारत में लड़कों का पीजी चलता था। इस घटना के बाद MCD के कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया और जर्जर पीजी, मकानों, हॉसटल और घरों का सर्वे कर उन्हें सील करने के निर्देश भी लगातार दिए जा रहे हैं।

दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन में चूक से हड़कंप, 3 इटैलियन यात्री बिना जांच देश से निकले; गृह मंत्रालय ने बुलाई बैठक

 नई दिल्ली दिल्ली एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल पैसेंजर्स की आवाजाही से जुड़ी एक गंभीर चूक सामने आई है, जिसने सुरक्षा और इमिग्रेशन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामला तीन विदेशी यात्रियों से जुड़ा है, जो दिल्ली पहुंचने के बाद तय प्रक्रिया पूरी किए बिना ही अपनी अगली इंटरनेशनल फ्लाइट तक पहुंच गए. अब इस मामले में मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने एअर इंडिया से जवाब तलब किया है. एयरलाइन को बताना होगा कि आखिर यह चूक कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।  यह मामला 4 सितंबर का है. तीन इटैलियन पैसेंजर एअर इंडिया की फ्लाइट से अमृतसर से दिल्ली पहुंचे थे. इसके बाद उन्हें लुफ्थांसा की दिल्ली से म्यूनिख जाने वाली फ्लाइट पकड़नी थी. नियम के मुताबिक दिल्ली पहुंचने के बाद इन यात्रियों को अराइवल इमिग्रेशन एरिया में जाकर निर्धारित इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी थी. लेकिन सूत्रों के मुताबिक ऐसा नहीं हुआ. यात्रियों को इंटरनेशनल ट्रांसफर एरिया की ओर ले जाया गया और वहीं से वे लुफ्थांसा की फ्लाइट में सवार हो गए।  एअर इंडिया को शो कॉज नोटिस मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने एअर इंडिया के सीईओ तेवोल्डे गेब्रेमारियम (Tewolde Gebremariam) को शो कॉज नोटिस जारी किया है. एयरलाइन से 9 बिंदुओं पर लिखित जवाब मांगा गया है. मिनिस्ट्री ने एअर इंडिया को जवाब देने के लिए 7 दिन का समय दिया है. एयरलाइन को 19 सितंबर तक यह बताना होगा कि उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए. सिविल एविएशन​ मिनिस्ट्री ने अपने नोटिस में यात्रियों को संभालने और उन्हें एस्कॉर्ट करने वाले एअर इंडिया और SATS के कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।  सबसे अहम सवाल यह है कि तीनों यात्रियों को इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर रूट से क्यों ले जाया गया, जबकि उन्हें दिल्ली के अराइवल इमिग्रेशन एरिया से होकर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी थी. यानी जांच का एक बड़ा हिस्सा इस बात पर केंद्रित है कि यात्रियों को किस प्रक्रिया के तहत और किसकी निगरानी में ट्रांसफर एरिया तक पहुंचाया गया. मिनिस्ट्री ने लुफ्थांसा की दिल्ली-म्यूनिख फ्लाइट का ऑनवर्ड बोर्डिंग पास अमृतसर में जारी किए जाने पर भी सवाल उठाया है. नोटिस के मुताबिक हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत स्पोक एयरपोर्ट पर इस तरह का बोर्डिंग पास जारी करने की अनुमति नहीं होती. मिनिस्ट्री ने एअर इंडिया के नोडल अधिकारी और पूरे सुपरवाइजरी मैकेनिज्म से भी जवाब मांगा है. एअर इंडिया ने फिलहाल इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है।  क्या है हब-एंड-स्पोक सिस्टम? एअर इंडिया कुछ रूट्स पर हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत काम करती है. अमृतसर से जुड़ी कुछ उड़ानें भी इस व्यवस्था का हिस्सा हैं. आसान भाषा में समझें तो इस व्यवस्था में विदेश जाने वाले यात्री स्पोक एयरपोर्ट पर ही इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. इसके बाद हब एयरपोर्ट पहुंचने पर उन्हें मुख्य रूप से सिक्योरिटी चेक के बाद अपनी इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़नी होती है. लेकिन इस मामले में अमृतसर-दिल्ली और दिल्ली-म्यूनिख की उड़ानें इस व्यवस्था के तहत नहीं थीं. इसलिए यात्रियों को दिल्ली में अराइवल इमिग्रेशन की निर्धारित प्रक्रिया से गुजरना जरूरी था।  गृह मंत्रालय ने भी बुलाई बैठक मामले को लेकर गृह मंत्रालय ने भी मंगलवार को अधिकारियों और संबंधित पक्षों की बैठक बुलाई है. गृह मंत्रालय ने इसे सुरक्षा और इमिग्रेशन से जुड़ी गंभीर चूक बताया है. केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में पी बालाजी (एअर इंडिया में ग्रुप हेड- गवर्नेंस, रेगुलेटरी, कंप्लायंस और कॉर्पोरेट अफेयर्स) समेत इंटेलिजेंस ब्यूरो और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के कमिश्नर और दिल्ली एयरपोर्ट के सीईओ के भी बैठक में शामिल होने की उम्मीद है. गृह मंत्रालय ने संबंधित मिनिस्ट्री से हब-एंड-स्पोक नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों पर एक प्रेजेंटेशन भी मांगी है।