samacharsecretary.com

कोलकाता लॉ कॉलेज में इस्तीफे पर नया मोड़, वाइस प्रिंसिपल मोहम्मदी तरन्नुम ने मारी पलटी

नई दिल्ली लॉ कॉलेज की वाइस-प्रिंसिपल मोहम्मदी तरन्नुम अटेंडेंस से जुड़े विवाद के बाद सुर्खियों में आ गईं. मामले को लेकर कॉलेज में छात्रों का विरोध प्रदर्शन हुआ और उनके इस्तीफे की मांग भी जोर पकड़ने लगी. इस दौरान ABVP के कार्यकर्ताओं ने उनके ऑफिस को गंगाजल से शुद्ध किया है. लेकिन यह घटना तब और पेचीदा हो गई जब मोहम्मदी तरन्नुम ने अपने इस्तीफे को लेकर बयान दिया. उन्होंने अपने इस्तीफे का फैसले को बदल दिया था. बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह कॉलेज में अपनी सेवाएं जारी रखेंगी. राज्य के शिक्षा मंत्री ने भी साफ कर दिया है कि उन्हें मोहम्मदी तरन्नुम का इस्तीफा नहीं मिला है।  कौन हैं मोहम्मदी तरन्नुम?  सुरेंद्रनाथ लॉ कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल डॉ. मोहम्मदी तरन्नुम इन दिनों कॉलेज में हुए विवाद को लेकर चर्चा में हैं. लेकिन उनकी शैक्षणिक योग्यता भी लोगों के बीच सुर्खियों में रहता है. उन्होंने कानून की उच्च शिक्षा हासिल की है. सुरेंद्रनाथ लॉ कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध उनके प्रोफाइल के अनुसार उन्होंने LL.B., LL.M. और Ph.D. (Law) की पढ़ाई की है।  छात्रों का बढ़ा विवाद  इसके बाद कॉलेज परिसर में छात्रों प्रदर्शन तेज हो गया. उनपर आरोप है कि प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों ने वाइस-प्रिंसिपल को घंटों उनके कार्यालय में ही रहने के लिए मजबूर किया. इस दौरान कॉलेज में बिजली और पानी की सेवाएं प्रभावित होने की भी बात सामने आई. आरोप यह भी है कि छात्रों ने उन पर इस्तीफे के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया, जिसके बाद उनके इस्तीफे की खबर सामने आई।  कमरे का शुद्धिकरण  घंटों चले घेराव के बाद जब वाइस-प्रिंसिपल के इस्तीफे की खबर सामने आई, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े छात्रों ने इसे अपनी बड़ी जीत के तौर पर पेश किया. इसके बाद छात्रों ने वाइस-प्रिंसिपल के कार्यालय में गंगाजल से शुद्ध किया।  मैंने इस्तीफा नहीं दिया… हालांकि, पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ तब आया जब कॉलेज से निकलते वक्त वाइस-प्रिंसिपल मोहम्मदी तरन्नुम ने इस्तीफे को लेकर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से पद नहीं छोड़ा है बल्कि उनपर दबाव बनाया गया है. अब इस मामले में उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने भी बयान दिया है. उन्होंने कहा कि उन्हें तरन्नुम का इस्तीफा नहीं मिला है। 

दिल्ली में अवैध इमारतों पर MCD का एक्शन, 2,453 भवनों का सर्वे, 14 गिराने के आदेश

नई दिल्ली  सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने खतरनाक और अवैध रूप से बनी इमारतों के खिलाफ सोमवार को भी कार्रवाई जारी रखी। 40 इमारतों में तोड़फोड़ की गई, जबकि 8 प्रॉपर्टी सील की गईं। इसके अलावा बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन करने के आरोप में 14 इमारतों को गिराने के ऑर्डर पास किए गए। अधिकारियों ने बताया कि सत्य निकेतन में खतरनाक बिल्डिंग को तोड़ने का काम लगातार चल रहा है। 5वीं और चौथी मंजिल पूरी तरह तोड़ी जा चुकी है, जबकि तीसरी मंजिल को तोड़ने का काम चल रहा है। अधिकारी के अनुसार, मंगलवार को तीसरी मंजिल टूटने के बाद बिल्डिंग पर JCB से कार्रवाई शुरू की जाएगी। बिल्डिंग को पूरी तरह जमीन से मिलाने के बाद दूसरी खतरनाक इमारतों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू होगी। अब तक सर्वे में करीब 2,453 इमारतों की पहचान हुई MCD ने सोमवार को तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान करोल बाग जोन के टीसी कैंप, ब्लॉक-टी, पांडव नगर, ईस्ट पटेल नगर, रेगरपुरा, करोल बाग, माता रामेश्वरी, नेहरू नगर और नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया, फेज-I में भी कार्रवाई की। ईस्ट जोन में ईस्ट विनोद नगर, मयूर बिहार फेज-दो, रघुबरपुरा और गांधी नगर के धर्मपुरा समेत विभिन्न इलाकों में कार्रवाई की गई। 2,453 इमारतों का सर्वे MCD के सर्वे में अब तक करीब 2,453 इमारतों की पहचान की गई है, जिनमें नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा से जुड़ी कमियां सामने आई हैं। इन इमारतों में आगे भी जांच और कार्रवाई का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। कई इलाकों में जारी रहेगी कार्रवाई अधिकारियों के अनुसार, सर्वे के दौरान खतरनाक और अवैध निर्माण वाली इमारतों को चिन्हित किया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रॉपर्टी के खिलाफ तोड़फोड़, सीलिंग या अन्य जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

रोहित शर्मा से आगे निकलीं स्मृति मंधाना, अब विराट कोहली के रिकॉर्ड पर नजर

नई दिल्ली हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने महिला एशिया कप 2026 अपने नाम किया। भारत ने फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से धूल चटाई। हरमन ब्रिगेड ने दुबई के मैदान पर 183/5 का स्कोर खड़ा किया। स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने अर्धशतक जमाया। मंधाना ने 39 गेंदों में पांच चौकों और तीन छक्कों की मदद से 59 रन बनाए। शेफाली ने 39 गेंदों में 68 रन जुटाए, जिसमें 9 चौके और दो सिक्स हैं। श्रीलंकाई टीम जवाब में 111 रनों पर ढेर हो गई और भारत ने रिकॉर्ड आठवीं बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। यह टूर्नामेंट का दसवां संस्करण था। रोहित शर्मा से आगे निकलीं स्मृति मंधाना 30 वर्षीय स्मृति मंधाना टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा 50 प्लस स्कोर बनाने वाले भारतीयों की लिस्ट में दूसरे पायदान पर पहुंच गई हैं। वह दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा से आगे निकली हैं। मंधाना ने अब तक 176 T20I मैचों में 4751 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतकीय और 38 अर्धशतकीय पारियां हैं। उन्होंने महिला एशिया कप में एक शतक लगाया। 'हिटमैन' के नाम से मशहूर रोहित ने सबसे छोटे फॉर्मेट में भारत के लिए 159 मुकाबले खेले और 4231 रन बटोरे। उन्होंने पांच शतक और 32 अर्धशतक ठोके। मंधाना ने खतरे में डाला कोहली का रिकॉर्ड मंधाना ने विराट कोहली का रिकॉर्ड खतरे में डाला दिया है। सुपरस्टार बल्लेबाज कोहली ने T20I में भारत की ओर से सबसे ज्यादा पचास प्लस पारियां खेलने का कारनामा अंजाम दिया है। उन्होंने 125 मैचों में 4188 रन जोड़े, जिसमें एक शतक और 38 अर्धशतक शामिल हैं। मंधाना आने वाले समय में दो पचास प्लस स्कोर बनाते ही कोहली का रिकॉर्ड ध्वस्त कर देंगे। कोहली और रोहित टी20 इंटरेशनल के अलावा टेस्ट से भी संन्यास ले चुके हैं। दोनों भारत के लिए सिर्फ वनडे क्रिकेट खेलते हैं। T20I में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने वाले भारतीय 39 – विराट कोहली 38 – स्मृति मंधाना 37 – रोहित शर्मा 29 – सूर्यकुमार यादव 24 – केएल राहुल 21 – शेफाली वर्मा 19 – हरमनप्रीत कौर गौरतलब है कि स्मृति मंधाना और शेफाली की शानदार बल्लेबाजी के बाद श्री चरणी ने की अगुआई में भारतीय गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन किया। स्पिनर चरणी ने 20 रन देकर चार विकेट चटकाए। दीप्ति शर्मा ने तीन जबकि क्रांति गौड़ और शेफाली वर्मा ने एक-एक शिकार किया। फाइनल में शेफाली को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस धमाकेदार जीत के साथ भारत ने पिछले संस्करण के फाइनल में श्रीलंका से मिली हार का बदला लिया।  

सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD की बड़ी कार्रवाई, 11 प्रॉपर्टी पर बुलडोजर और 4 सील

नई दिल्ली  सत्य निकेतन पीजी हादसे को रविवार को एक हफ्ते पूरे हो गए। यहां अब अधिकतर दुकानें फिर से खुल गई हैं। सड़कों पर लोग भी नजर आ रहे हैं। पर लोगों के मन से हादसे का खौफ नहीं हट रहा। चिह्नित की गई इमारतों में अब भी तोड़फोड़ का काम चल रहा है। बाजार में दुकानदार दुकान खोलकर तो बैठे हैं, लेकिन चिंता उनके चेहरे पर साफ नजर आ रही है। 'कोरोना से भी बुरा हाल' किताबों की दुकान चलाने वाले आकाश ने बताया कि दुकान खोलना मजबूरी है, लेकिन समझ नहीं आ रहा कि ग्राहक कहां से आएंगे? पहले दिनभर चहल-पहल रहती थी। अब कई स्टूडेंट्स घर लौट गए हैं। कुछ ने दूसरे इलाकों में पीजी ले लिया है। सीधे दुकानदारों की कमाई पर असर पड़ा है। कोरोना के समय भी कारोबार इतना खराब नहीं हुआ था, जितना अभी है। मजदूरों पर भी हो रहा असर मार्केट और आसपास के पीजी में सामान पहुंचाने, खान ले जाने, निर्माण और छोटे-मोटे काम करने वाले मजदूरों को यहां लगातार काम मिलता था, लेकिन अब काम अचानक कम हो गया है। मजदूर रमेश ने बताया कि पहले दिनभर कोई न कोई काम मिल जाता था, लेकिन अब पहले जैसी स्थिति नहीं है। 'जख्म ताजा है, इसलिए सबको याद है…'     मार्केट में खाना खाने आए मोतीलाल नेहरू कॉलेज के स्टूडेंट अमन के चेहरे पर गुस्सा और मायूसी दोनों दिख रही थी। उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह से पूरा इलाका छावनी जैसा बना है। अगर हादसे के बाद इतनी बड़ी पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी यहां लग सकती है तो पहले क्यों नहीं लगी? अगर समय रहते कार्रवाई हुई होती तो शायद आज हालात कुछ और होते।     वहीं, सुभाष और शुभम त्यागी को पटियाला हाउस कोर्ट में संडे को पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। स्थानीय लोगों की नजर जांच पर है कि सिर्फ पीजी संचालकों की भूमिका सामने आती है या इमारत की स्थिति, निर्माण में हुए बदलाव और विभागों की जिम्मेदारी की भी जांच होगी। 11 प्रॉपर्टी तोड़ीं, 4 को किया सील सभी 12 ज़ोनों में अवैध और बिल्डिंग बायलॉज की धज्जियां उड़ाकर बनी प्रॉपर्टीज के खिलाफ संडे को भी एमसीडी की कार्रवाई जारी रही। रविवार को साउथ ज़ोन के तहत आने वाले गौतम नगर इलाके में दो प्रॉपर्टीज सहित 11 प्रॉपर्टी पर डिमोलिशन एक्शन लिया गया। इसके अलावा 4 प्रॉपर्टी को सील किया गया। पीतमपुरा इलाके में एक बिल्डिंग को खतरनाक घोषित करते हुए उसे खाली कराया गया। इस बिल्डिंग में 16 फ्लैट बने हुए हैं। एमसीडी के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि सत्य निकेतन में ध्वस्त हुई बिल्डिंग के बराबर वाली जिस बिल्डिंग को मैनुअली तोड़ा जा रहा है, उस बिल्डिंग की अभी तक डेढ़ मंजिल ही टूट पाई है।     सोमवार को पूरी दो मंजिलों को तोड़ दिया जाएगा। इसके बाद एक ही दिन में पूरी बिल्डिंग को जमीन से मिला दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इसी बिल्डिंग के आसपास बिल्डिंग नंबर 74 से लेकर बिल्डिंग नंबर 76 को भी खतरनाक घोषित कर दिया गया है।     इसके बाद इन बिल्डिंग को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इन बिल्डिंग को तोड़ने से पहले एहतियात के तौर पर बिल्डिंग नंबर 73 और बिल्डिंग नंबर 77 को खाली कराया जाएगा।     ध्यान रहे कि एनबीटी ने सबसे पहले इन खतरनाक बिल्डिंग को हाइलाइट किया था। अधिकारी ने बताया रविवार को सैदुल्लाजाब में जिस बिल्डिंग को तोड़ा जा रहा था, उसके ऊपर रविवार को भी कार्रवाई जारी रही। एक बिल्डिंग को खतरनाक घोषित किया     4 मंजिला इमारत झुकी, दो परिवारों को निकाला     मालिक को खुद ही बिल्डिंग गिराने को कहा गया है बाजार हुआ वीरान सत्य निकेतन में एमसीडी की ओर से चिह्नित की गई इमारतों में तोड़फोड़ का काम लगातार जारी है बिल्डिंग में नोटिस लगा दिया गया है गांधी नगर स्थित चांद मोहल्ले में रविवार को चार मंजिला इमारत अचानक झुक गई। सूचना के बाद पुलिस तुरंत टीम मौके पर पहुंची और इमारत में रहने वाले दो परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। पूरी इमारत को खाली करा लिया गया है। साथ ही, दिल्ली नगर निगम ने इसके मालिक को इमारत खुद गिराने का निर्देश दिया है।     एमसीडी के एक अधिकारी ने बताया कि मकान मालिक से रविवार को ही इमारत गिराने को कहा है। ऐसा न करने पर एमसीडी जरूरी नियमों के तहत कार्रवाई करेगी।     पुलिस अधिकारी ने बताया कि रविवार दोपहर पुलिस को सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस वाले मौके पर पहुंचे और दो परिवारों को सुरक्षित निकाला गया।

गणपति बप्पा मोरया! दिल्ली में 12 दिन गूंजेगा जयकारा, 25 सितंबर को होगा विसर्जन

नई दिल्ली गणेश चतुर्थी के साथ आज से राजधानी में गणपति उत्सव की रौनक बढ़ जाएगी। मुंबई के प्रसिद्ध 'लाल बाग के राजा' की तर्ज पर दिल्ली में भी कई बड़े सार्वजनिक गणेश महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। पीतमपुरा से लेकर लक्ष्मी नगर तक इस बार धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और पर्यावरण से जुड़े संदेश भी इस बार पंडालों में दिखाई देंगे। पीतमपुरा के डीडीए ग्राउंड में लाल बाग का राजा ट्रस्ट दिल्ली की ओर से 14 से 24 सितंबर तक 10वां गणपति पूजा महा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक 14 सितंबर शाम 6 बजे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गणपति प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इस दौरान 2100 श्रद्धालु एक साथ शंखनाद कर रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करेंगे। गणपति पंडाल में दिखेगी भारत की तकनीकी ताकत इसके साथ ही लक्ष्मी नगर में श्री गणेश सेवा मंडल की ओर से 14 से 25 सितंबर तक प्रियदर्शिनी विहार स्थित डीडीए मिनी क्रिकेट स्टेडियम, बैंक एन्क्लेव में 12 दिवसीय गणेशोत्सव का आयोजन होगा। इस बार यहां गणेश महोत्सव की सिल्वर जुबली है। ऐसे में इस बार की थीम 'विघ्नहर्ता से विकासकर्ता 25 वर्ष की आस्था, 2047 विकसित आधुनिक भारत का संकल्प' रखी गई है। गणपति बप्पा के हाथों में मेड इन इंडिया ड्रोन, ब्रह्मोस मिसाइल और सेमीकंडक्टर की प्रस्तुति इस बार खास आकर्षण होगी। पूजा में क्या क्या खास…     2100 श्रद्धालु पीतमपुरा में एक साथ करेंगे शंखनाद     12 दिनों का गणेशोत्सव लक्ष्मी नगर में मनाया जाएगा     12 ज्योतिर्लिंगों की झलक के साथ ही केदारनाथ मंदिर का डिजाइन भी यहां आएगा नजर इस बार 12 दिन गूंजेगा ‘गणपति बप्पा मोरया’ विघ्नहर्ता, प्रथम पूज्य और सिद्धियों के दाता भगवान श्री गणेश के स्वागत की तैयारी घरों और पंडालों में पूरी हो गई है। महापर्व इस बार 12 दिनों का होगा। अनंत चतुर्दशी यानी 25 सितंबर को गणपति विसर्जन होगा। आम तौर पर 11वें दिन विसर्जन होता था, लेकिन इस बार 12वें दिन होगा। बप्पा की स्थापना के तीन उत्तम मुहूर्त     मुंबई के प्रख्यात ज्योतिर्विद् आचार्य पं. घनश्याम तिवारी के अनुसार, 14 सितंबर को बप्पा की     आज से शुरू होगा गणेश महापर्व, 25 को अनंत चतुर्दशी पर होगा विसर्जन     तिथि बढ़ने से एक दिन ज्यादा मिलेगा पूजा का अवसर     स्थापना के तीन शुभ मुहूर्त हैं। पहला सुबह 7:15 से 7:59 बजे, दूसरा 9:30 से 11:02 बजे और तीसरा दोपहर 12:09 से 12:58 बजे तक रहेगा। क्या कहते हैं दिल्ली के ज्योतिषाचार्य वहीं, पंडितों की मानें तो दिल्ली में गणेश पूजा और मूर्ति स्थापना के लिए दोपहर का समय सबसे शुभ माना गया है। पंचांग के अनुसार सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दौरान श्रद्धालु गणपति की स्थापना कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सकते हैं। ज्योतिषाचार्य आशीष शास्त्री के मुताबिक इस बार गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जा रही है। चतुर्थी तिथि सोमवार सुबह करीब 7:07 बजे शुरू होकर 15 सितंबर की सुबह 7:44 बजे तक रहेगी। गणेश चतुर्थी पर मध्याह्न काल में पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है। इसी वजह से गणपति की स्थापना के लिए दोपहर का समय रखा गया है।

Delhi Teachers Transfer Policy: शिक्षकों के तबादले को लेकर नई नीति लाएगी सरकार, जल्द हो सकती है घोषणा

नई दिल्ली दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार 17 सितंबर से शुरू होने वाले 'सेवा पखवाड़े' के दौरान सरकारी स्कूलों के टीचर्स के नई ट्रांसफर पॉलिसी की घोषणा कर सकती है। सरकार इसके लिए एक अलग पोर्टल भी बना सकती है, जिसमें पॉइंट्स-बेस्ड सिस्टम को शामिल किया जा सकता है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की योजना इस प्रस्तावित पॉलिसी के जरिये सरकारी स्कूलों में टीचर्स के ट्रांसफर की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और टेक्नोलॉजी पर आधारित बनाना है। एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में टीचर्स के लिए पहले से ही ट्रांसफर पॉलिसी मौजूद है, लेकिन इसे सही ढंग से और पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। हालांकि, ऐसा माना जा रहा है कि नई पॉलिसी के जरिये पूरे प्रोसेस को एक सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन प्लैटफॉर्म बनाकर इन खामियों को दूर किया जाएगा। टीचर्स को मिलेगी यूनिक आईडी प्रस्तावित पॉलिसी में सभी टीचर्स को एक यूनिक आईडी देने पर विचार किया जा सकता है, जिसके जरिये उनके सर्विस रिकॉर्ड, पोस्टिंग हिस्ट्री, टेन्योर और दूसरी जरूरी जानकारियां एक सेंट्रल डेटाबेस में रखी जा सकेंगी। अधिकारियों ने बताया कि टीचर अपनी जानकारी देख सकेंगे और जब ट्रांसफर विंडो खुलेगी तो पोर्टल के जरिये इस प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे। एक अधिकारी ने कहा कि अभी ट्रांसफर का ऑनलाइन प्रोसेस शिक्षा निदेशालय के पोर्टल के जरिये किया जाता है, लेकिन नई पॉलिसी को लागू करने के लिए सरकार एक अलग पोर्टल बनाया सकता है। ट्रांसफर में इन बातों का रखा जाएगा ध्यान इस प्रस्तावित पॉलिसी की एक मुख्य विशेषता पॉइंट्स-बेस्ड सिस्टम होने की उम्मीद है। अधिकारी ने बताया कि टीचर्स को अलग-अलग कैटेगरी में पॉइंट्स दिए जाएंगे और उनके कुल स्कोर के आधार पर और खाली जगहों के हिसाब से ट्रांसफर की प्राथमिकता तय होगी।इसमें सर्विस की अवधि, मौजूदा स्कूल में कार्यकाल और व्यक्तिगत या पारिवारिक परिस्थितियों जैसी बातों को भी ध्यान में रखा जाएगा। दिल्ली ने टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी बनाते समय हरियाणा के ऑनलाइन ट्रांसफर मॉडल के कुछ पहलुओं का भी ध्यान रखा है। हरियाणा में उम्र के हिसाब से पॉइंट और महिला कर्मचारियों के लिए अलग से प्रावधान शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली सरकार हरियाणा के ट्रांसफर फॉर्मूले को हूबहू अपनाने के बजाय इस सिस्टम के कुछ हिस्सों को अपना सकती है। दिल्ली का सिस्टम उन टीचर्स को अतिरिक्त वेटेज दे सकता है, जिन्होंने एक ही स्कूल में लंबा समय बिताया है। साथ ही इसमें महिला टीचर, सिंगल पेरेंट, विधवा या विधुर, दिव्यांग टीचर और गंभीर बीमारी या परिवार से जुड़ी मुश्किल स्थितियों का सामना कर रहे टीचर्स को भी ध्यान में रखा जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे जोड़ों को भी अतिरिक्त पॉइंट देने पर विचार किया जा सकता है, जिनमें पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हों।

साउथ रिज फेज-2 में 400 हेक्टेयर जमीन, एलजी की मंजूरी का इंतजार

नई दिल्ली  दिल्ली के रिज को संरक्षित करने की कवायद अब तेज हो गई है। साउथ रिज फेज-2 (A) के तहत 15 गांवों की 400.541 हेक्टेयर जमीन को रिज क्षेत्र में शामिल करने के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन तैयार कर लिया गया है। लॉ और रेवेन्यू विभाग से जांच पूरी होने के बाद फाइल अंतिम मंजूरी के लिए एलजी के पास भेजी गई है। मंजूरी मिलने के बाद इसकी अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी एनजीटी में जमा कराई है। दो हिस्सों में बांटा गया साउथ रिज फेज-2 साउथ रिज फेज-2 को दो हिस्सों में बांटकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। फेज-2 (A) में 15 गांवों की 400.541 हेक्टेयर जमीन शामिल है। लॉ और रेवेन्यू विभाग ड्राफ्ट की जांच पूरी कर चुके हैं और अब एलजी की मंजूरी का इंतजार है। वहीं, फेज-2 (पार्ट बी) में शामिल बाकी क्षेत्रों का दोबारा ग्राउंड वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। इनमें आबादी क्षेत्र, अतिक्रमण, गांव की आबादी, अनधिकृत कॉलोनियां, जेजे क्लस्टर और धार्मिक संरचनाएं शामिल हैं। राजस्व विभाग के साथ मिलकर इनकी वास्तविक और कानूनी स्थिति की दोबारा जांच की जा रही है। 4 साल में 35.5 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड (डीआरएमबी) ने 2026-27 से 2029-30 तक के ईको-रिस्टोरेशन प्लान को मंजूरी दी है। इसके तहत 6,303.55 हेक्टेयर क्षेत्र में 35.5 लाख पेड़ और करीब 65 लाख झाड़ियां, बेल और बांस लगाने का लक्ष्य है। 2026-27 में करीब 1,490 हेक्टेयर में 28.5 लाख से ज्यादा पौधे लगाने की योजना है। सेंट्रल, साउथ रिज में 8 थीम आधारित वन भी विकसित होंगे।

दिल्ली PG बिल्डिंग हादसे में बड़ा अपडेट, आरोपी शुभम त्यागी गिरफ्तार; पुलिस करेगी पूछताछ

नई दिल्ली  सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने के मामले में फरार चल रहे PG ऑपरेटर शुभम त्यागी ने शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उससे हादसे की वजह और PG के संचालन से जुड़े सवालों के जवाब जानने के लिए रिमांड मांगी। दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया आरोपी अदालत ने त्यागी को दो दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। हादसे के बाद से त्यागी फरार था। पुलिस उसकी तलाश में कई जगहों पर दबिश दे रही थी। उसकी अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज हो चुकी थी। इसके एक दिन बाद उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस आरोपी से करेगी ये पूछताछ अब पुलिस त्यागी से PG के रोजमर्रा के संचालन को लेकर पूछताछ करेगी। वहां कितने लोग रहते थे? उनकी जानकारी कैसे दर्ज की जाती थी? प्रॉपर्टी का लीज एग्रीमेंट क्या था? इमारत में मरम्मत या निर्माण का काम किसके कहने पर चल रहा था? इन सभी पहलुओं की जांच होगी। पुलिस ने त्यागी का मोबाइल फरेंसिक जांच के लिए भेजा है। क मंजिल किराए पर लेकर चलाया था PG इससे हादसे के आसपास की उसकी बातचीत और संपर्कों की जानकारी जुटाई जाएगी। सह-आरोपी सुधांशु लोवनीश के मोबाइल का भी डिजिटल विश्लेषण किया जा रहा है। लोवनीश पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस के मुताबिक, त्यागी और लोवनीश ने प्रॉपर्टी मालिक हरिराम गुप्ता से एक मंजिल किराए पर लेकर PG चलाया था। बिल्डिंग की जांच कर रही पुलिस मामले में अब तक 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें हरिराम बंसल (81), उनकी पत्नी उर्मिला बंसल (75), उनके बेटे महेश बंसल, लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज कुमार और दोनों PG ऑपरेटर शामिल है। जांच में इमारत में चल रहे मरम्मत के काम पर भी फोकस है। हादसे के समय बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के स्तर तक लाने के लिए उसमें भराव किया जा रहा था। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या किसी स्ट्रक्चरल बदलाव या सुरक्षा नियमों की अनदेखी से इमारत कमजोर हुई। कॉन्ट्रैक्टर ने मालिकों को दी थी चेतावनी पुलिस के मुताबिक, इमारत में एक दुकान की दीवार गिराए जाने के बाद कॉन्ट्रैक्टर ने मालिक और PG ऑपरेटरों को स्ट्रक्चरल सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी थी। हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार और चार इंजीनियरों को अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया। दिल्ली पुलिस ने शहर के दूसरे PG की भी जांच शुरू की है।

टीचर्स ट्रांसफर में बड़ा बदलाव: यूनिक आईडी से जुड़ेगा पूरा सर्विस रिकॉर्ड, ऑनलाइन होगा आवेदन

नई दिल्ली सरकारी स्कूलों के टीचर्स के ट्रांसफर की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए सरकार नई ट्रांसफर पॉलिसी तैयार कर रही है, जिसमें टीचर्स का ट्रांसफर पॉइंट सिस्टम के आधार पर होगा। टीचर्स का एक यूनिक आईडी भी बनेगा, जिसमें उनका पूरा सर्विस रिकॉर्ड होगा। सूत्रों की मानें तो सरकार 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा पखवाड़े के दौरान इसका ऐलान कर सकती है। अलग-अलग कैटिगरी के आधार पर दिए जाएंगे अंक अधिकारियों के मुताबिक नई टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी में सबसे अहम हिस्सा पॉइंट आधारित ट्रांसफर सिस्टम होगा। इसमें अलग-अलग कैटिगरी के आधार पर टीचर्स को अंक दिए जाएंगे और कुल अंक के आधार पर उपलब्ध रिक्तियों में ट्रांसफर की प्राथमिकता तय होगी। हालांकि, किन परिस्थितियों के लिए कितने अंक मिलेंगे, इसका अंतिम फैसला किया जा रहा है। टीचर्स की पारिवारिक स्थिति, शारीरिक अक्षमता, महिला और सिंगल पैरंट्स जैसी स्थितियों पर भी अंक मिलेंगे। यूनिक आईडी दिए जाने की संभावना प्रस्तावित पॉलिसी में प्रत्येक टीचर को एक यूनिक आईडी दिए जाने की संभावना है। इसके जरिए टीचर का पूरा सर्विस रिकॉर्ड, वर्तमान स्कूल में कार्यकाल, पूर्व पोस्टिंग और अन्य जरूरी जानकारियों का एक सेंट्रलाइज डेटाबेस भी बनेगा। टीचर्स पोर्टल पर अपनी जानकारी देख सकेंगे और ट्रांसफर विंडो खुलने पर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकेंगे। लंबे समय से एक ही स्कूल में तैनात टीचर्स को अतिरिक्त वेटेज देने पर भी विचार हो रहा है। हरियाणा मॉडल का अध्ययन सरकार ने हरियाणा मॉडल का भी अध्ययन किया है। हरियाणा में कंप्यूटराइज्ड सर्विस रिकॉर्ड और मेरिट के आधार पर खाली पदों का आवंटन किया जाता है। वहां कुल 80 अंकों में उम्र को 60 अंक का प्रमुख आधार बनाया गया है, जबकि 20 अंक विशेष श्रेणियों के लिए रखे गए है। इनमें महिला कर्मचारी, कुछ श्रेणियो की सिंगल महिलाएं, विधवा-विधुर और कपल केस शामिल है। इसमे स्थानीय जरूरतों के हिसाब से प्राथमिकता मिलेगी वेरिफिकेशन के बाद ट्रांसफर ट्रांसफर से पहले शिक्षकों से व्यक्तिगत और सर्विस रिकॉर्ड ऑनलाइन सत्यापित कराने की योजना है। विभाग रिकॉर्ड के आधार पर अंक तय कर उन्हें पब्लिक कर सकता है। इसके बाद टीचर्स अपने रिकॉर्ड या पॉइंट को लेकर आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम ट्रांसफर सूची जारी होगी। ट्रांसफर से पहले स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या, स्वीकृत पद और विषयवार शिक्षको की जरूरत का डेटा की भी मैपिंग की जाएगी

दिल्ली से गुरुग्राम का सफर होगा और तेज, द्वारका-महिपालपुर से हरियाणा बॉर्डर तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी

गुरुग्राम गुरुग्राम में बढ़ते ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए सरकार जल्द ही एक तीन लेन वाला एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना बना रही है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसके लिए प्लान तैयार कर लिया है.  इसके बनने से दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे पर लगने वाला जाम काफी हद तक कम हो जाएगा. इसके लिए दिल्ली की शिव मूर्ति महिपालपुर और एम्बिएंस मॉल के पास हरियाणा बॉर्डर के बीच तीन-लेन वाला एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा।  यह एलिवेटेड कॉरिडोर करीब 2 कलोमीटर लंबा बनाया जा सकता है. दरअसल एक्सप्रेसवे के इसी हिस्से में सबसे ज्यादा जाम लगता है. सुबह-शाम दिल्ली-गुरुग्राम के बीच सफर करने वालों को इससे काफी परेशानी झेलनी पड़ती है. खासकर ऑफिस आने-जाने वाले लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं.. हर दिन वे इस जाम से जूझते हैं. लेकिन नया एलिवेटेड रोड बनने से उनको सबसे ज्यादा राहत मिलेगी।  181 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा एलिवेटेड रोड जानकारी के मुताबिक, एलिवेटेड रोड करीब 181 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा. यह रोड तीन लेन को होगा.इसके दोनों तरफ दो-दो लेन की सर्विस रोड बनाई जाएगी.सालों से इस योजना पर विचार चल रहा है. पहले सड़क चौड़ी करने और फ्लाईओवर का प्रस्ताव रखा गया. लेकिन अब एलिवेटेड रोड बनाए जाने को ट्रैफिक जाम से मुक्ति का ज्यादा बढ़िया समाधान माना गया है।  द्वारका अंडरपास के ट्रैफिक को मिलेगा नया रोड NHAI योजना बना रहा है कि तीन-लेन वाले एलिवेटेड कॉरिडोर रंगपुरी के पास द्वारका एक्सप्रेसवे इंटरचेंज की राइट-टर्न टनल से बनाया जाए. इसे सेक्टर 10 तक बनाए जाने की प्लानिंग है. जिससे इसे द्वारका एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर हाईवे के बीच कनेक्ट हो सके. वहीं अंडरपास से निकलने वाले ट्रैफिक को शहर की तरफ जाने वाले एलिवेटेड सेक्शन पर भेजने का प्रस्ताव है।  राजोकरी फ्लाईओवर के समानांतर चलेगा नया रोड नए एलिवेटेड रोड के बनने के बाद NH8 से गुजरने वाले वाहनों को अंडरपास से निकलते ही शानदार कॉरिडोर मिलेगा, जिससे उनको जाम में नहीं फंसना पड़ेगा. द्वारका एक्सप्रेसवे से आने वाले ट्रैफिक को मौजूदा सड़क के ही ऊपर से ले जाने की योजना है, ताकि लोग जाम में न फंसे. बता दें कि नया एलिवेटेड रोड मौजूदा राजोकरी फ्लाईओवर के समानांतर चलेगा।  शिव मूर्ति और हरियाणा बॉर्डर के बीच होगा है भारी जाम इसका प्रस्ताव इस रूट पर ट्रैफिक की पूरी स्थिति देखने के बाद तैयार किया गया है. जिससे पता चला कि शिव मूर्ति और हरियाणा बॉर्डर के बीच NH8 के पूरे हिस्से पर पीक आवर्स में खचाखच जाम रहता है. सर्विस रोड पर भी बिल्कुल जगह नहीं होती. वाहन रेंग-रेंगकर चलते हैं. महिपाल फ्लाईओवर तक गाड़ियों की लंबी लाइनें लगी रहती हैं. जब से द्वारका एक्सप्रेसवे खुला है, तब से ये परेशानी और भी बढ़ गई है।  वर्तमान में मिलेनियम सिटी में घुसते ही शिव मूर्ति पर जाम लग जाता है. सोनीपत, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद से आने वाले वाहनों को जाम से ज्यादा जूझना पड़ता है. जिसकी वजह से एम्बिएंस मॉल की ओर जाना मुश्किल हो जाता है।  हर दिन ट्रैफिक में नहीं फंसना पड़ेगा एक सर्वे से पता चला है कि NH8 के मुख्य कैरिजवे पर हर दिन एक तरफ 1.2 लाख और दूसरी तरफ 1.6 लाख गाड़ियां होकर गुजरती हैं. सर्विस रोड और अलग-अलग इंटरचेंज रास्तों से भी हजारों गाड़ियां होकर गुजरती हैं.हालांकि दिल्ली से NH-8 पर आने वाले वाहनों को प्रस्तावित एलिवेटेड रोड पर जाने की परमिशन नहीं होगी. ये वाहन  मौजूदा चार-लेन वाले कैरिजवे पर ही चलेंगे. नया एलिवेटेड कॉरिडोर मुख्य रूप से द्वारका एक्सप्रेसवे अंडरपास से निकलने वाले वाहनों के लिए बनाया जा रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा।