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2034 तक खिंची डेडलाइन, दिल्ली को पानी सप्लाई की बड़ी योजना हुई प्रभावित

नई दिल्ली पानी की किल्लत से जूझ रही दिल्ली के लिए आगे की राह फिर मुश्किल भरी हो सकती है। राजधानी की प्यास बुझाने के लिए जिन तीन प्रमुख बांधों- लखवार, रेणुका और किशाऊ पर उम्मीदें टिकी थीं, उनका निर्माण कार्य पिछड़ने से दिल्ली की जलापूर्ति योजनाओं को झटका लगा है। विशेष रूप से लखवार बांध के 2031 तक पूरा होने की संभावना थी, अब काम 2034 तक खिंच गया है। दिल्ली जल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में शहर में पानी की मांग लगभग 1250 मिलियन गैलन प्रतिदिन (MGD) है, जबकि आपूर्ति केवल 1000 एमजीडी के आसपास ही हो पा रही है। इस 250 एमजीडी के अंतर को पाटने के लिए सरकार ने यमुना पर बनने वाले इन तीन बांधों के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये का निवेश किया है। भविष्य का सारा वॉटर इन्फ्रास्ट्रक्चर, जैसे नए ट्रीटमेंट प्लांट और पाइपलाइन नेटवर्क, इन्हीं बांधों से मिलने वाले पानी के भरोसे तैयार किया जा रहा है। किस डैम से दिल्ली को कितना मिलेगा पानी डैम     दिल्ली को मिलेगा पानी (MGD में) रेणुका     440 किशाऊ     372 लखवार     135 पानी मिलने की डेडलाइन अब तीन साल आगे बढ़ी योजना के मुताबिक, 2031 से लखवार बांध से दिल्ली को 135 एमजीडी पानी मिलना था, लेकिन इसकी डेडलाइन अब तीन साल आगे बढ़ा दी गई है। इसी तरह, रेणुका बांध से 2030 तक 440 एमजीडी पानी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इसके निर्माण को लेकर भी फिलहाल कोई ठोस अपडेट नहीं है। इसके अलावा, किशाऊ बांध से भविष्य में 372 एमजीडी पानी मिलना प्रस्तावित है। कुल मिलाकर इन तीनों परियोजनाओं से दिल्ली को 947 एमजीडी अतिरिक्त पानी मिलना है, जो शहर की बढ़ती जनसंख्या की जरूरतों के लिए अनिवार्य है। बढ़ती आबादी के कारण पानी की मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर जल बोर्ड के अधिकारियों का साफ कहना है कि बढ़ती आबादी के कारण पानी की मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है। इस कमी को केवल ट्यूबवेल के जरिए पूरा करना नामुमकिन है। मानक के अनुसार, एक ट्यूबवेल घंटों चलने के बाद भी महज 0.01 एमजीडी पानी ही दे पाता है।  

उत्तर भारत में भीषण लू का अलर्ट, 22 मई तक गर्मी से नहीं मिलेगी राहत

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में आने वाले दिनों में भीषण गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाली है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 22 मई तक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में लू से लेकर गंभीर लू (सीवियर हीटवेव) की स्थिति बनी रह सकती है। दिल्ली-NCR में 45 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में अगले तीन दिनों के दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। रविवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। इसके बाद आसमान साफ रहने से गर्मी और बढ़ेगी और तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। रात के समय भी गर्म हवाएं चलने और तापमान अधिक रहने से लोगों को राहत मिलने की संभावना कम है। क्या होती है हीटवेव? मौसम विभाग के अनुसार, मैदानी इलाकों में जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाए और सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस या अधिक ऊपर चला जाए, तो उसे हीटवेव माना जाता है। यदि तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंच जाए, तो उसे सीधे लू की स्थिति माना जाता है, चाहे सामान्य तापमान से अंतर कितना भी हो। स्वास्थ्य पर पड़ सकता है गंभीर असर तेज गर्मी और लू के कारण डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। गर्मी से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय     दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें।     पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।     हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें।     बाहर निकलते समय टोपी, छाता या गमछे का इस्तेमाल करें।     बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। राहत के आसार नहीं मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है। लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।  

DMRC का नया प्लान: यात्रियों के लिए बढ़ेंगी मेट्रो सेवाएं, 24 अतिरिक्त फेरे जोड़ने का फैसला

नई दिल्ली  दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा की बचत और सुविधाजनक यातायात को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डीएमआरसी 18 मई 2026 से अपनी सेवाओं के विस्तार की रणनिति बना रही है। डीएमआरसी की ओर से यात्रियों की संख्या और सड़क परिवहन के बढ़ते रुझान को देखते हुए, हर सोमवार को 6 अतिरिक्त ट्रेनों के माध्यम से 24 अतिरिक्त फेरे (ट्रेन यात्राएं) संचालित की जाएंगी। इस विस्तार का उद्देश्य बढ़ती यात्रियों की संख्या के दौरान निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित करना है। डीएमआरसी यात्रियों की संख्या में किसी भी संभावित वृद्धि पर लगातार निगरानी रखेगा ताकि आवश्यकता पड़ने पर मांग के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जा सकें। डीएमआरसी उठा रही ये कदम     अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती     अतिरिक्त टिकट काउंटरों का संचालन     अतिरिक्त डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) एवं बैगेज स्कैनर सक्रिय करना     फ्रिस्किंग प्वाइंट्स पर प्रतीक्षा समय कम करना     व्यस्त अवधि के दौरान यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करना गंतव्य स्थलों तक आसान संपर्क सुविधा दिल्ली मेट्रो का विस्तृत नेटवर्क रेलवे स्टेशनों, प्रमुख अंतरराज्यीय बस अड्डों (ISBT), एयरपोर्ट टर्मिनलों, नमो भारत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS), नोएडा मेट्रो और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो के साथ सीधी एवं निर्बाध मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी प्रदान कर एक महत्वपूर्ण परिवहन जीवनरेखा के रूप में कार्य कर रहा है।  

राऊज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी केस पर बहस, नागरिकता और वोटर लिस्ट पर उठे सवाल

नई दिल्ली दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य सोनिया गांधी के खिलाफ दाखिल उस रिवीजन पिटीशन पर सुनवाई टल गई, जिसमें बिना भारतीय नागरिकता हासिल किए वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने का आरोप लगाया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई को होगी। पिछली सुनवाई ने दिया था निर्देश पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों को एक सप्ताह के भीतर अपनी लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसी दौरान शिकायतकर्ता के वकील विकास त्रिपाठी ने चुनाव आयोग से प्राप्त कुछ दस्तावेजों को कोर्ट रिकॉर्ड पर रखने की अनुमति मांगी थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। याचिकाकर्ता ने लगाया आरोप सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया कि फिलहाल उनकी मांग ट्रायल शुरू कराने की नहीं है बल्कि पुलिस जांच करवाने की है। उनका कहना था कि मामले में कई ऐसे सवाल हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी ने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता हासिल की थी, लेकिन उनका नाम वर्ष 1980 की नई दिल्ली की मतदाता सूची में पहले से मौजूद था। याचिकाकर्ता ने उठाया सवाल याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया है कि जब 1983 में नागरिकता मिली तो फिर 1980 की वोटर लिस्ट में उनका नाम किस आधार पर शामिल किया गया था। याचिका में यह भी पूछा गया है कि क्या उस समय वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के लिए किसी फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया था। नाम हटाने की पूछी वजह इसके अलावा याचिका में यह भी दावा किया गया है कि वर्ष 1982 में सोनिया गांधी का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था। शिकायतकर्ता ने सवाल किया है कि आखिर नाम हटाने की वजह क्या थी और इसके पीछे कौन से दस्तावेज या प्रक्रिया अपनाई गई थी। अब इस पूरे मामले पर अदालत 4 जुलाई को आगे की सुनवाई करेगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।  

जमीन घोटाला मामले में Robert Vadra को राहत, अदालत ने मंजूर की बेल

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को गुरुग्राम के शिकोहपुर लैंड डील से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहत मिल गई है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी।  रॉबर्ट वाड्रा बुधवार को खुद अदालत में पेश हुए थे. अदालत में पेशी के बाद उन्हें नियमित प्रक्रिया के तहत जमानत दे दी गई. कानूनी जानकारों के मुताबिक, किसी भी आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत में पेश होकर जमानत लेना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है।  ‘मैं निडर हूं, ईडी को झेलना है’ कोर्ट से मिली जमानत के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, ‘मैं निडर हूं. मैं डरता नहीं हूं. अब तक ईडी को झेलना है, क्योंकि वह तो सरकार के इशारे पर चलती है।  क्या है पूरा मामला? यह मामला हरियाणा के गुरुग्राम स्थित शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़ा है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है. ईडी ने 17 जुलाई 2025 को इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।  इससे पहले पिछली सुनवाई में दिल्ली हाई कोर्ट ने वाड्रा को कोई अंतरिम राहत नहीं दी थी और उन्हें निचली अदालत में पेश होने के लिए कहा था. मामले की सुनवाई के दौरान वाड्रा की ओर से पेश वकील ने दलील दी थी कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला नहीं बनता. वाड्रा के वकील ने अदालत से यह भी कहा था कि ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया जाना चाहिए. हालांकि अदालत ने 2 अगस्त 2025 को वाड्रा सहित 10 अन्य आरोपियों को प्री-समन जारी किए थे।  ईडी का आरोप है कि शिकोहपुर भूमि सौदे में वित्तीय अनियमितताएं हुईं और इसी से जुड़े लेन-देन की जांच मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से की जा रही है. मामले में आगे की सुनवाई अब राउज एवेन्यू कोर्ट में होगी। 

भक्तों की मेहनत से मिली शनिदेव की मूर्ति, अंगूरी बाग से पुलिस ने की बरामदगी

नई दिल्ली  चांदनी चौक इलाके में अंग्रेजों के जमाने के मंदिर से चोरी हुई शनिदेव की अष्टधातु की मूर्ति मिल गई है। चोर ने मूर्ति को लाल के किले के पास स्थित अंगूरी बाग इलाके में महज चार हजार रुपये में बेच दिया था। मामले का खुलासा मंदिर के ही एक भक्त की वजह से हो सका। वह खुद आरोपी की तलाश कर रहे थे। संदेह होने पर पुलिस को बुलाया गया और कल देर रात मूर्ति को बरामद कर लिया गया। अब कल यानी शनि जयंती के अवसर पर निकलने वाली पारंपरिक नवगृह परिक्रमा हर ‌वर्ष की तरह धूम धाम से निकल सकेगी। परिक्रमा में मूर्ति को भी ले जाया जाता है। यही डर मंदिर के पुजारी को सता रहा था कि परिक्रमा तक मूर्ति मिलेगी या नहीं। अब मूर्ति मिलने पर उन्होंने राहत की सांस ली है। भक्त ने ढूंढे भगवान चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 5 के पास स्थित श्री शिव नवगृह के मंदिर के पुजारी मुकेश शर्मा ने बताया, हमें शुरू से शक था कि यह मूर्ति बिकने के लिए अंगूरी बाग इलाके में ही जाएगी। इस कारण मंदिर में आने वाले एक भक्त वहां चोर की फोटो लेकर घूम रहे थे और आरोपी के बारे में पता कर रहे थे। कल कुछ सूचना के आधार पर संदेह हुआ कि मूर्ति वहां दुकान चलाने वाली महिला की दुकान में है। इसके बारे में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दुकान की तलाशी ली, जिसमें मूर्ति बरामद हो गई। महिला ने चार हजार रुपये में मूर्ति खरीदने का खुलासा किया है। फिलहाल मूर्ति को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। कोर्ट के जरिए वापस लेंगे मूर्ति पुजारी ने बताया कि वह आज कोर्ट जाकर कानूनी प्रक्रिया के तहत मूर्ति को वापस अपने कब्जे में लेंगे। इसके बाद मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया जाएगा। कल सुबह अभिषेक होगा, महालड्डू भोग लगेगा, फिर प्रसाद बंटेगा और शाम चार बजे शोभा यात्रा निकाली जाएगी। जो आस-पास के कई स्थानों से निकलेगी।  

स्वच्छ परिवहन की ओर बड़ा कदम, दिल्ली में चलेंगी हाइड्रोजन से चलने वाली बसें

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पहली बार, हाइड्रोजन गैस से चलने वाली बसों का संचालन शुरू हो गया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने दिल्ली मेट्रो को दो ऐसी अत्याधुनिक बसें सौंपी हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन 15 मई यानी आज से सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में एक एकीकृत हाइड्रोजन चालित शटल बस सेवा शुरू की। यह पहल आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सहयोग से की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य स्वच्छ, टिकाऊ और आधुनिक शहरी परिवहन को बढ़ावा देना है। यह सेवा अंतिम छोर तक बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने में सहायक होगी। इन बसों में जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और सीसीटीवी प्रणाली लगी होगी। यह वास्तविक समय की निगरानी, सुरक्षा और समयबद्धता सुनिश्चित करेगी। यह शटल सेवा सभी कार्य दिवसों (सोमवार से शुक्रवार, राजपत्रित अवकाशों को छोड़कर) में चलेगी। सेवा का समय सुबह 8:30 बजे से 12:30 बजे तक और दोपहर 3:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक रहेगा। कनेक्टिविटी और मार्ग यह सेवा सेंट्रल सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इसका लक्ष्य सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में स्थित प्रमुख सरकारी कार्यालयों को भी जोड़ना है। यह सरकारी अधिकारियों और आम जनता को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करेगी। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। यह सेवा कार्तव्य भवन, विज्ञान भवन, निर्माण भवन, अकबर सड़क और बड़ौदा हाउस जैसे प्रमुख स्थलों को कवर करेगी। नेशनल स्टेडियम, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट्स और इंडिया गेट भी इस मार्ग में शामिल होंगे। डीएमआरसी बस संचालन, कंडक्टर, टिकटिंग और यात्री सहायता की जिम्मेदारी संभालेगा। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड ड्राइवरों की व्यवस्था करेगा। साथ ही वह हाइड्रोजन ईंधन सहायता भी उपलब्ध कराएगा। सेवा की फ्रीक्वेंसी हर 30 मिनट पर एक बस होगी। एक बस दक्षिणावर्त और दूसरी वामावर्त दिशा में चलेगी। किराया नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड, यूपीआई और नकद भुगतान के माध्यम से लिया जाएगा। इसमें 10 रुपये और 15 रुपये की किफायती स्टेज आधारित टिकट दरें निर्धारित हैं।  

‘अपमान’ मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का सख्त रुख, ऐक्शन लेने का किया ऐलान

 नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत ने कथित शराब घोटाले से जुड़े केस में बड़ा ऐक्शन लिया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कुछ प्रतिवादियों के खिलाफ अवमानना का ऐक्शन लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कुछ प्रतिवादियों ने उनके खिलाफ अत्यंत मानहानिकारक और दुर्भावनापूर्ण सामग्री पोस्ट की और वह इस पर चुप नहीं रह सकती हैं। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने गुरुवार को कहा कि उन्हें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक का प्रतिनिधित्व करने के लिए न्याय मित्रों के नामों का ऐलान करना था। उन्होंने कहा, 'इस बीच मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ प्रतिवादी मेरे और इस अदालत के खिलाफ अत्यंत अपमानजनक और बेहद निंदनीय सामग्री पोस्ट कर रहे हैं। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि वह शाम 5 बजे इस पर विस्तृत आदेश सुनाएंगी। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने और क्या कहा? जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा, 'आज मैं एमिकस क्यूरी के नामों का ऐलान करने वाली थी। मैंने प्रयास किया और कुछ वरिष्ठ अधिकवक्ताओं ने सहमति भी व्यक्त की। लेकिन इस बीच यह मेरे संज्ञान में आया कि मेरे और इस अदालत के खिलाफ बहुत अपमानजनक और निंदनीय सामग्री पोस्ट की जा रही है। मैं चुप नहीं रह सकती। इसलिए मैंने कुछ प्रतिवादियों और अन्य अवमानना ​​करने वालों के खिलाफ अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू करने का फैसला किया है। मेरा आदेश तैयार है, मैं इसे करीब 5 बजे सुनाऊंगी और इसके बाद ही तय करूंगी कि इस केस का मैं क्या करुंगी।' क्या है पूरा विवाद गौरतलब है कि कथित शराब घोटाले केस की सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं ने बहिष्कार किया है, जिनमें अरविंद केजरीवाल सबसे प्रमुख और पहले हैं। फरवरी के अंत में ट्रायल कोर्ट से 12 आरोपियों को आरोप मुक्त किए जाने के खिलाफ सीबीआई ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। केजरीवाल चाहते थे कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से लेकर इस केस को किसी और बेंच को दिया जाए। केजरीवाल और उनके सहयोगियों ने जज पर कई तरह के सवाल खड़े किए हैं। कहा है कि उनसे न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती है। आरएसएस से जुड़े वकीलों के संगठन के कार्यक्रम में जाने और हितों के टकराव जैसे आरोप लगाकर अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि उन्हें शंका है कि जस्टिस स्वर्ण कांता उन्हें न्याय नहीं दे सकती हैं। उन्होंने ओपन लेटर भी लिखा था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ इस दौरान सोशल मीडिया पर काफी कुछ लिखा गया है और आरोप मढ़े गए हैं।

ट्रैफिक और ईंधन बचाने की नई पहल, सरकार ने लागू किया ऑनलाइन क्लास और वर्क फ्रॉम होम मॉडल

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपील को लागू करने का फैसला किया है. इसमें रेखा सरकार के आदेश के अनुसार, स्कूल-कॉलेज को ऑनलाइन जारी करने का आदेश दिया गया है. दरअसल, रेखा गुप्ता सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर पेट्रोल-डीजल की बेतहाशा खपत और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ नाम के एक अभियान का घोषणा किया है. इस अभियान में कई बड़े और चौंकाने वाले प्रशासनिक बदलावों की घोषणा की गई है. इन फैसलों का सीधा असर दिल्ली की सरकारी कार्यप्रणाली, यातायात और आम जनता के रूटीन पर पड़ेगा। सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों की टाइमिंग में बदलाव और साथ ही हफ्ते में कुछ दिन वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दी गई है. उन्होंने कॉलेज स्कूलों को ऑनलाइन मोड में चलाने की अपील की है. साथ ही कोर्ट से भी ऑनलाइन सुनवाई के लिए निवेदन किया है. सरकार का मुख्य फोकस ईंधन की बचत और बिजली की खपत को कम करने पर है।  आइए जानते हैं सरकार द्वारा लिए गए अहम फैसले क्या हैं: दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए सरकार ने दफ्तरों के समय में बड़ा बदलाव किया है- नया समय: दिल्ली सरकार के दफ्तर अब सुबह 10:30 बजे से शाम 7:00 बजे तक खुलेंगे. वहीं, MCD के दफ्तरों का समय सुबह 7:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहेगा. वर्क फ्रॉम होम: दिल्ली सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए हफ्ते में 2 दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) अनिवार्य कर दिया गया है. प्राइवेट कंपनियों को भी ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू करने के लिए सरकार की तरफ से समान एडवाइजरी (Advisory) जारी की जाएगी।  ऑनलाइन ही होगी मीटिंग: सरकार की 50 प्रतिशत आधिकारिक बैठकें अब सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से ही आयोजित की जाएंगी।  ‘मेट्रो मंडे’ और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा: पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक नई पहल शुरू की है. सप्ताह के पहले दिन यानी सोमवार को ‘मेट्रो मंडे’ (Metro Monday) घोषित किया गया है, जहां लोगों से मेट्रो का इस्तेमाल करने की अपील की गई है. जो सरकारी कर्मचारी ऑफिस आने-जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे, उनके ‘ट्रांसपोर्ट अलाउंस’ में 10% की बढ़ोतरी की जाएगी. सरकारी कॉलोनियों में कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए 29 कॉलोनियों में 58 फीडर बसें (Feeder Buses) चलाई जाएंगी।  नो व्हीकल डे: जनता से अपील की गई है कि वे हफ्ते में कम से कम एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाएं और माल ढुलाई के लिए ट्रकों की जगह ट्रेनों का इस्तेमाल करें।  सरकारी खर्चे और VVIP कल्चर पर लगाम विदेश यात्राओं पर बैन: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त निर्देश दिया है कि अगले एक साल तक दिल्ली सरकार का कोई भी मंत्री या अधिकारी किसी भी आधिकारिक (Official) विदेश यात्रा पर नहीं जाएगा. आम जनता से भी विदेशी यात्राएं कम करने की अपील की गई है।      अगले 3 महीनों तक सरकार द्वारा आयोजित होने वाले सभी बड़े इवेंट्स कैंसिल कर दिए गए हैं.     अधिकारियों के पेट्रोल कोटे (लिमिट) में 20 प्रतिशत और डोमेस्टिक अलाउंस (घरेलू भत्ते) में भी 20% की कटौती की गई है.     अगले 6 महीनों तक सरकार के किसी भी विभाग में कोई नया वाहन नहीं खरीदा जाएगा. वाहनों का इस्तेमाल ‘न्यूनतम जरूरत’ के हिसाब से ही होगा. ऊर्जा बचत और EV पॉलिसी बिजली की खपत को नियंत्रित करने के लिए सरकारी दफ्तरों में AC का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखना अनिवार्य कर दिया गया है. बिजली की बर्बादी रोकने के लिए हर कॉरिडोर में एक ‘मास्टर स्विच’ लगाया जाएगा. इसके अलावा, सीएम ने जानकारी दी है कि अदालतों से भी निवेदन किया गया है कि वे ज्यादा से ज्यादा ‘ऑनलाइन हियरिंग’ (Online Hearing) करें। 

राजधानी शर्मसार: बस में महिला के साथ गैंगरेप, आरोपी ड्राइवर और कंडक्टर पकड़े गए

नई दिल्ली  दिल्ली में फिर निर्भया जैसी गैंगरेप की घटना सामने आई है। घटना दिल्ली के रानीबाग इलाके की है। रानीबाग इलाके में चलती प्राइवेट बस में महिला के साथ गैंगरेप हुआ है। पीड़िता के मुताबिक वह सोमवार रात काम से लौट रही थी। सरस्वती विहार बस स्टैंड पर उसने बस को हाथ दिया। बस धीमी हुई, ड्राइवर और कंडक्टर ने महिला को जबरन अंदर खींच लिया और फिर पूरी रात उसके साथ गैंगरेप किया। बाद में आरोपी महिला को सड़क किनारे फेंककर भाग गए। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस मामले में FIR दर्ज करके बस को कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से आरोपियों की पहचान करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि बस को कब्जा में ले लिया गया है। इसकी फोरेंसिक जांच की जाएगी। पुलिस टीम इस बात की भी पुष्टि कर रही हैं कि क्या इस अपराध में और भी लोग शामिल थे। बहरहाल, महिला ने बताया कि आरोपी वारदात के बाद उसे सुनसान इलाके में फेंककर भाग गए। किसी तरह उसने पुलिस को फोन करके पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत मिलते ही रानीबाग थाना पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और बस की पहचान कर ली। इसके बाद बस को जब्त करके ड्राइवर और कंडक्टर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है। दो आरोपी गिरफ्तार जांच के दौरान पुलिस ने बस ड्राइवर और कंडक्टर को मुख्य आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच को गति दी जा रही है। मेडिकल जांच और एफआईआर दर्ज महिला का मेडिकल जांच कराने के बाद औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों को केस की जांच में शामिल किया जा रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके। तीन बच्चों की मां है पीड़िता जानकारी के मुताबिक पीड़िता एक विवाहित महिला है और उसके तीन बच्चे हैं। पुलिस इस पूरे मामले को संवेदनशीलता के साथ देख रही है और हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई जारी दिल्ली पुलिस ने बताया कि मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है। अन्य संभावित सबूतों को जुटाया जा रहा है और यह भी देखा जा रहा है कि घटना के पीछे कोई और व्यक्ति या साजिश तो शामिल नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाई जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पहले भी हुई ऐसी वारदात ऐसा मामला इससे पहले साल 2012 में भी देखा गया था। दिल्ली में हुए निर्भया कांड (Nirbhaya case) ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उस घटना के बाद सार्वजनिक परिवहन और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सख्त कानून और नीतिगत बदलाव किए गए, लेकिन समय-समय पर इस तरह की घटनाएं यह सवाल फिर से उठाती हैं कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है।