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भारत की GDP 8.2%—NDA नेताओं ने कहा, मोदी नेतृत्व ने दिखाया असर

नई दिल्ली वैश्विक अनिश्चितता और यूएस टैरिफ के बीच साल की दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी 8.2 प्रतिशत रही। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "2014 के बाद से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। मैं पीएम को धन्यवाद देना चाहता हूं। जहां पूरे विश्व में मंदी की स्थिति है, वहीं भारत का विकास तेजी से हो रहा है। जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी है, तब से हर तरफ विकास हुआ है। भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और आगे भी लगातार हो रही है। उसके लिए मैं पीएम मोदी के कुशल नेतृत्व का आभार व्यक्त करना चाहता हूं।  हमारी सुशासन की सरकार ने विकास से लेकर लॉ एंड ऑर्डर तक को संभाला है। पीएम मोदी और एनडीए सरकार की यही खूबी है।" भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इस उपलब्धि को पीएम मोदी के करिश्माई नेतृत्व का नतीजा बताया। उन्होंने कहा, "जब अमेरिका ने भारत पर प्रतिबंध लगाए थे, तो कांग्रेस ने कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था डूब जाएगी। राहुल गांधी ने भी भारत की अर्थव्यवस्था को डूबती हुई अर्थव्यवस्था बताया था। लेकिन हमारे देश ने दिखा दिया कि हम तमाम विषम परिस्थिति और संघर्ष के बावजूद 8.2 प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त कर रहे हैं, जो किसी भी दूसरे देश की तुलना में ज्यादा है। हमें पूरी उम्मीद है कि इस वर्ष का पूरा आंकड़ा 7 प्रतिशत से ऊपर का रहेगा। भारत ने दिखा दिया कि चाहे जितना प्रतिबंध लगाया जाए, हमारी अर्थव्यवस्था हिल नहीं सकती।" जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, "यह भारत की शानदार उपलब्धि है। ट्रंप टैरिफ का जो खौफ था, जिसके कारण दुनिया की ज्यादातर एजेंसी भारत की अर्थव्यवस्था को स्थिर बता रही थी, लेकिन इतने अच्छे ग्रोथ रेट की अपेक्षा किसी को नहीं थी। पीएम मोदी के नेतृत्व में जो नीतिगत फैसले लिए गए और कई तरह के सुधारों को लेकर जो ढांचागत जो बदलाव हुए, उसके कारण अर्थव्यवस्था एक मुक्कमल ऊंचाई पर पहुंची है। अगर यह रफ्तार जारी रही तो हम चुनौतियों को अवसर में बदल सकते हैं और हम दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था भी बनेंगे।"

किरण बेदी बोलीं—दिल्ली की हवा खतरनाक! PM मोदी को भेजी चिट्ठी में उठाए बड़े मुद्दे

नई दिल्ली  दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर हर ओर चिंता जताई जा रही है. विपक्षी दल भी प्रदूषण को लेकर सरकार पर हमला कर रहे हैं. अब राजधानी की दूषित हवा को लेकर पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर और आईपीएस अधिकारी डॉक्टर किरण बेदी ने चिंता जताई है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि देश की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है, लेकिन प्रशासनिक समन्वय और दीर्घकालिक योजना की कमी इस संकट को हर साल और भयावह बना रही है. किरण बेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक विस्तृत पत्र में कहा है कि दिल्लीएनसीआर की हवा अब एक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से आपातकाल बन चुकी है और इसे केवल अस्थायी उपायों से नहीं रोका जा सकता. उन्होंने अपने X पोस्ट में कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई राष्ट्रीय चुनौतियों में समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की थी, और उसी तरह की उच्च-स्तरीय, नियमित मॉनिटरिंग आज दिल्ली के प्रदूषण संकट को रोकने के लिए जरूरी है. पीएम मोदी को दिए 4 सुझाव पीएम मोदी को लिखे पत्र में किरण बेदी ने अपने 4 सुझाव भी दिए हैं. उनका कहना है कि 3 पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों के साथ प्रधानमंत्री की हर महीने ऑनलाइन बैठकें होनी चाहिए, साथ ही शीर्ष स्तर पर नियमित समीक्षा किए जाने से राज्यों में जवाबदेही बढ़ेगी और स्थिति बिगड़ने से रोकी जा सकेगी. इसके अलावा उन्होंने पीएम मोदी से मन की बात कार्यक्रम के जरिए जन-भागीदारी का संदेश देने का सुझाव दिया है. विभागीय समन्वय की कमी को दूर करने के सुझाव के साथ ही प्रशासन के सक्रिय किए जाने की बात भी कही है. उन्होंने कहा कि शासन केवल बैठकों से नहीं चलता, अधिकारियों को मैदान में उतरकर स्थिति का वास्तविक आकलन करना चाहिए. स्थायी समाधान के विकल्प पूर्व पुलिस अफसर ने कहा कि हर साल का प्रदूषण संकट इसलिए होता क्योंकि सरकारें तात्कालिक उपायों पर निर्भर रहती हैं, जैसे स्मॉग टॉवर और ऑडईवन. इसी तरह कई एजेंसियों के बीच जिम्मेदारी बंटी हुई होती है. इसके अलावा वाहन, उद्योग, निर्माण धूल और पराली जैसे बड़े स्रोतों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित नहीं किया जाता. साथ ही लंबे समय वाली नीतियों की तुलना में अल्पकालिक राजनीतिक फायदे प्राथमिकता बन जाते हैं. जबकि वास्तविक सुधार के लिए मजबूत प्रवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा और ट्रांसपोर्ट में लंबे निवेश की जरूरत है. राजधानी में वायु प्रदूषण को लेकर किरण बेदी ने कहा कि दिल्ली को भी इस संकट से निपटने में केंद्र और राज्य सरकार के साथ समन्वय की उतनी ही जरुरत थी जितनी अन्य विकास कार्यों में डबल इंजन की बात कही जाती है. हवा की गुणवत्ता में सुधार तभी होगा जब शीर्ष नेतृत्व, सभी राज्य, और हर विभाग मिलकर ईमानदार और सतत स्तर प्रयास करेंगे.  

दिल्ली में अनमोल बिश्नोई की कस्टडी बढ़ी 7 दिन, NIA करेगी अहम पूछताछ—कई खुलासों की उम्मीद

नई दिल्ली  दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को गैंगस्टर अनमोल बिश्वोई की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कस्टडी 7 दिन बढ़ा दी है। मामले की अगली सुनवाई 5 दिसंबर को होगी। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई और इंटरनेशनल गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई पर खतरे की आशंका को देखते हुए जज ने खुद राष्ट्रीय जांच एजेंसी हेडक्वार्टर पहुंचकर मामले की सुनवाई की। कोर्ट के 7 दिन की कस्टडी बढ़ाने के इस आदेश से एनआईए को गैंगस्टर नेटवर्क, फंडिंग चेन और विदेश से होने वाली आपराधिक गतिविधियों की बारीकी से जांच करने का पर्याप्त समय मिलेगा। एनआईए के वकील राहुल त्यागी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि अनमोल बिश्नोई से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। इसी को देखते हुए कोर्ट ने 7 दिन की और कस्टडी बढ़ा दी है। पूछताछ में अभी और खुलासे हो सकते हैं। एनआईए के अधिकारियों ने आशंका जताई थी कि अनमोल बिश्नोई पर हमला हो सकता है। इसी को देखते हुए एनआईए हेडक्वार्टर में ही मामले की सुनवाई की गई। शुरुआती पूछताछ में अनमोल बिश्नोई ने बताया है कि उसके गिरोह में कितने लोग हैं और कहां-कहां से काम किया जाता है। इसके साथ ही कई खुलासे हुए हैं। 5 दिसंबर तक एनआईए उससे पूछताछ करेगी। एनआईए ने अमेरिका से प्रत्यर्पण कर 19 नवंबर को भारत पहुंचते ही अनमोल बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट ने गैंगस्टर अनमोल बिश्वोई को 11 दिनों के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कस्टडी में भेज दिया था, हालांकि केंद्रीय जांच एजेंसी ने कोर्ट से 15 दिन की कस्टडी मांगी थी। 2022 से फरार चल रहे अनमोल को एनआईए के मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था। उस पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। वह लॉरेंस के टेरर सिंडिकेट से जुड़ा 19वां आरोपी है। अनमोल को नवंबर 2024 में कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में अवैध प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जहां एफबीआई ने डीएनए और वॉयस सैंपल से उसकी पहचान की थी। उसके बाद लंबी डिपोर्टेशन प्रक्रिया चली थी। इससे पहले मार्च 2023 में एनआईए ने लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व में टेरर-गैंगस्टर साजिश मामले में अनमोल के खिलाफ 1200 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। जांच में पाया गया कि 2020 से 2023 के बीच अनमोल ने गोल्डी बराड़ और लॉरेंस के इशारों पर भारत में कई आपराधिक गतिविधियां अंजाम दीं। वह अमेरिका से ही गैंग को निर्देश देता था और शूटरों को शरण, हथियार और लॉजिस्टिक सप्लाई मुहैया कराता था। पंजाब के फाजिल्का का रहने वाला अनमोल नेपाल, दुबई और केन्या के रास्ते अप्रैल 2022 में फर्जी पासपोर्ट पर अमेरिका भागा था। अनमोल का नाम कई हाई प्रोफाइल केसों से जुड़ा है। अक्टूबर 2024 में मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में वह मुख्य साजिशकर्ता था।

आंसू छलकते रहे, अरविंद केजरीवाल ने नहीं सुनवाई: राजेश गुप्ता ने AAP छोड़ BJP में शामिल

नई दिल्ली दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका लगा है. दिल्ली के पार्टी उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय प्रवक्ता और विधानसभा की याचिका एवं अनुमान समिति के पूर्व अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने भाजपा का दामन थाम लिया है. गुप्ता AAP के कर्नाटक प्रभारी भी थे, ने शुक्रवार को भाजपा मुख्यालय में औपचारिक रूप से सदस्यता ली. यह कदम दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद AAP के कई नेताओं के पलायन का हिस्सा लग रहा है. बीजेपी में शामिल होने के बाद गुप्ता ने कहा, ‘आप ने अपनी मूल विचारधारा से भटककर भ्रष्टाचार में डूब गई है. भाजपा के साथ विकास और राष्ट्रवाद की राह पर चलेंगे.’ भाजपा नेता बैजयंत पांडा ने उनका स्वागत करते हुए कहा, ‘आप का ‘आपदा’ अब भाजपा की ताकत बनेगा.’

दिल्ली की दूषित हवा पर राहुल गांधी गंभीर, बोले— संसद चर्चा करे, ठोस कदम उठाए जाएं

नई दिल्ली  दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा लगातार खराब होती जा रही है। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रदूषण का मुद्दा उठाया। इसे लेकर उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किए हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि बच्चों का दर्द सबसे गहरी चोट की तरह मांओं के दिल में उतरता है। दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ लड़ रहीं ऐसी ही कुछ साहसी मांओं से मिला—वे अपने ही नहीं, बल्कि पूरे देश के बच्चों के भविष्य को लेकर डरी हुई हैं। उन्होंने कहा कि जहरीली हवा से छोटे-छोटे बच्चे फेफड़ों, दिल और मानसिक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन इतनी भयावह राष्ट्रीय आपदा के बीच भी केंद्र सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है और समय तेजी से हमारे हाथों से फिसल रहा है। भारत को तुरंत इस पर गंभीर चर्चा और निर्णायक कार्रवाई चाहिए, ताकि हमारे बच्चे साफ हवा तक के लिए संघर्ष न करें, बल्कि एक ऐसे भारत में बड़े हों जो उन्हें सेहत, सुरक्षा और उभरने का पूरा आसमान दे सके। राहुल गांधी ने दूसरे पोस्ट में कहा कि मैं जिस भी मां से मिलता हूं, वह मुझसे यही कहती है कि उसका बच्चा जहरीली हवा में सांस लेकर बड़ा हो रहा है। वे डरे हुए और गुस्से में हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से कहा कि हमारे सामने भारत के बच्चों के दम घुट रहे हैं। आप चुप कैसे रह सकते हैं? आपकी सरकार जल्द ही कोई प्लान क्यों नहीं तैयार करती? उन्होंने कहा कि भारत को एयर पॉल्यूशन पर तुरंत संसद में बहस और इस हेल्थ इमरजेंसी से निपटने के लिए एक सख्त लागू करने लायक एक्शन प्लान की जरूरत है। हमारे बच्चों को साफ हवा मिलनी चाहिए, बहाने और ध्यान भटकाने वाली चीजें नहीं होनी चाहिए। साथ ही लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे उन महिलाओं से बात करते नजर आ रहे हैं, जो दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता जता रही हैं। वीडियो में महिलाएं अपने बच्चों पर प्रदूषित हवा से पड़ रहे असर के बारे में बात कर रही हैं और कह रही हैं कि उनका स्वास्थ्य दिन-ब-दिन खराब होता जा रहा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर इस मुद्दे को अभी नजरअंदाज किया गया तो इससे देश को लंबे समय तक स्वास्थ्य और आर्थिक नुकसान होगा। साथ ही महिलाओं ने कहा कि सरकार सही हेल्थ एडवाइजरी क्यों नहीं जारी कर रही है या तुरंत बचाव के उपाय क्यों नहीं कर रही है। राहुल गांधी ने इसके जवाब में कहा कि प्रदूषण इसलिए बढ़ रहा है, क्योंकि पक्षकारों को मौजूदा सिस्टम से फायदा होता है और वे सुधार के कदम उठाने से बचते हैं।

कपिल शर्मा कैफे फायरिंग केस में ब्रेकथ्रू, मुख्य साज़िशकर्ता पुलिस के शिकंजे में

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कनाडा में स्थित कॉमेडियन कपिल शर्मा के ‘कैप्स कैफे’ पर फायरिंग कराने के मुख्य साजिशकर्ता को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए इस गैंगस्टर की पहचान बंधु मान सिंह सेखों के रूप में हुई है, जो गोल्डी ढिल्लों गैंग का भारत-कनाडा बेस्ड हैंडलर बताया जा रहा है और उसके खिलाफ कई क्रिमिनल केस दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच ने उसके कब्जे से हाई-एंड PX-3 (मेड इन चाइना) पिस्टल 8 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस साल जुलाई में खुले कनाडा के सरे इलाके में खुले कपिल शर्मा के ‘कैप्स कैफे’ को सबसे पहले 10 जुलाई को अज्ञात लोगों ने निशाना बनाया था। उसके बाद 7 अगस्त और 16 अक्टूबर को कैफे पर दो और हमले हुए। गनीमत रही कि इन घटनाओं में कोई घायल नहीं हुआ। कपिल शर्मा ने बुधवार को मुंबई में कहा था कि कनाडा में उनके कैफे पर फायरिंग की तीन घटनाओं ने अधिकारियों को देश में ऐसे हमलों के खिलाफ कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया है। शर्मा ने कहा कि मुझे लगता है कि वहां के नियम और पुलिस के पास शायद ऐसी घटनाओं को कंट्रोल करने की शक्ति नहीं है। लेकिन जब हमारा मामला हुआ, तो यह संघीय सरकार के पास गया और कनाडा की संसद में इस पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि असल में, गोलीबारी की हर घटना के बाद, हमारे कैफे में ज्यादा संख्या में लोग आए। इसलिए अगर भगवान मेरे साथ हैं तो सब ठीक है। शर्मा ने कहा कि हमलों के बाद कई लोगों ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना ​​है कि भगवान जो भी करते हैं, हमें उसके पीछे की कहानी पता नहीं चलती… मुझे वहां से बहुत से लोगों के कॉल आए जिन्होंने मुझे बताया कि बहुत कुछ हो रहा था, लेकिन मेरे कैफे में गोलीबारी के बाद, यह एक खबर बन गई और अब वहां कानून व्यवस्था की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।’’ कपिल शर्मा ने कहा कि मैंने मुंबई या हमारे देश में कहीं भी कभी असुरक्षित महसूस नहीं किया। मुंबई जैसा कोई दूसरा शहर नहीं है।

DDA लाएगा किफायती फ्लैट, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा विशेष डिस्काउंट

 नई दिल्ली दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी सौगात लेकर आ रहा है. दिसंबर में, DDA अपनी 'कर्मयोगी आवास योजना' शुरू करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य नरेला क्षेत्र में बने रेडी-टू-मूव-इन फ्लैट्स को जल्दी बेचना है.    DDA की यह पहल सिर्फ किफायती आवास देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विंध्याचल क्षेत्र को शिक्षा और खेल हब के रूप में विकसित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा भी है, जिसके तहत यहां संस्थानों और खेल सुविधाओं के लिए भूमि आवंटित की जा रही है, ताकि यह क्षेत्र आवास और संस्थागत विकास दोनों के लिए एक पसंदीदा जगह बन सके. कहां मिल रहे हैं फ्लैट? 'कर्मयोगी आवास योजना' की शुरुआत सेक्टर A1 से A4 के पॉकेट 9 में फ्लैट्स की बिक्री से होगी, और शुरुआती प्रतिक्रिया को देखने के बाद ही अगले चरण तय किए जाएंगे. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह योजना कुल मिलाकर पॉकेट 9, 6 और 13 को कवर करेगी.

दिल्लीवालों सावधान! बढ़ते स्मॉग पर विशेषज्ञों ने जारी किया रेड अलर्ट

नई दिल्ली  एक हेल्दी बॉडी के लिए कई तरह विटामिन, पोषक तत्वों, प्रोटीन, फाइबर की जरुरत होती है। इसी के साथ विटामिन डी भी हमारे शरीर की हड्डियों के लिए बहुत जरुरी है। हड्डियों के अलावा इससे  हमारा इम्यून सिस्टम भी बेहतर बनाता है। इस विटामिन को प्राप्त करने का सबसे आसान और बेहतरीन तरीका धूप है, जिसके लिए आपको पैसे खर्च करने की जरुरत भी नहीं। दिल्ली- एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के बीच डॉक्टरों ने वहां के लोगों के लिए बड़ी चेतावनी जारी कर दी है। डॉक्टर्स का कहना है कि प्रदूषण के चलते लोग धूप नहीं सेंक सकते, लेकिन ऐसे में हड्डियों के लिए विटामिन डी लेना बहुत जरुरी है। इस कमी को नजरअंदाज़ न करें। आइए यहां जानते हैं कि क्या हैं विटामिन डी के लक्षण और इसे कैसे पूरा किया जा सकता है।   विटामिन डी की कमी के लक्षण      बार-बार बीमार पड़ना (इम्यूनिटी कमज़ोर होना)     थकान और कमज़ोरी महसूस होना     डिप्रेशन     हड्डियों और पीठ में दर्द     इन तरीकों से पूरी कर सकते हैं विटामिन डी की कमी अगर आपकी लाइफस्टाइल बिज़ी है या प्रदूषण के कारण धूप कम मिल रही है, तो इन 6 आसान बिना खर्च वाले तरीकों को अपना सकते हैं:     खिड़कियाँ खोलें: ऑफिस, घर और कार की खिड़कियाँ खुली रखें ताकि धूप अंदर आ सके। (सीधी धूप में सनस्क्रीन ज़रूर लगाएँ)।     धूप में पिएं मॉर्निंग कॉफी/चाय: सुबह की चाय या कॉफी को धूप में बैठकर एन्जॉय करने की आदत डालें। सुबह की धूप लेना सबसे अच्छा है।     मछली खाएं: ट्यूना, सैल्मन और मैकेरल जैसी फैट वाली मछलियाँ विटामिन डी के बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत हैं।     पूरा अंडा खाएं: अंडे की जर्दी में विटामिन डी प्राकृतिक रूप से पाया जाता है, इसलिए पूरा अंडा खाना फ़ायदेमंद है।     लंच टाइम पर वॉक: लंच के समय थोड़ा समय निकालकर धूप में टहलें। (धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन ज़रूर लगाएँ)।     कम समय की धूप पर्याप्त: एक अध्ययन के अनुसार स्वस्थ वयस्कों के लिए दोपहर में 15 मिनट से भी कम समय तक धूप में रहना भी विटामिन डी का पर्याप्त स्तर बनाए रखने के लिए काफी है।  

दिल्ली की हवा बदतर, फिर भी GRAP-3 क्यों हटाया? गोपाल राय ने सरकार से पूछा सवाल

नई दिल्ली 'आप' नेता गोपाल राय ने गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के तहत स्टेज-3 प्रतिबंधों को हटाने के सरकार के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि हवा की गुणवत्ता खराब होने के बावजूद यह कदम उठाया गया। यह तब हुआ जब कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) ने बुधवार को स्टेज-3 के उपाय वापस ले लिए, क्योंकि पिछले तीन दिनों में डेटा में कथित तौर पर सुधार दिखा था। हालांकि, राय ने दावा किया कि यह फैसला गलत था और प्रदूषण डेटा मॉनिटरिंग में ट्रांसपेरेंसी को लेकर चिंता जताई। आईएएनएस से ​​बात करते हुए, गोपाल राय ने कहा, "भाजपा सरकार जिस तरह से प्रदूषण को संभाल रही है, उससे कई सवाल उठते हैं। एक नया सवाल सामने आया है कि अगर आज का प्रदूषण लेवल कल से ज्यादा है, तो ग्रेप-3 क्यों हटाया गया? आज एक्यूआई कल से ज्यादा है, फिर भी स्टेज-3 की पाबंदियां हटा दी गईं। जब प्रदूषण का लेवल कम था, तब ग्रेप-3 लागू था।" राय ने तर्क दिया कि ऐसे समय में पाबंदियां हटाना गैर-जिम्मेदाराना था जब प्रदूषण पारंपरिक रूप से पीक पर होता है। उन्होंने कहा, "यह पहली बार है जब दिल्ली में सर्दियों में प्रदूषण का लेवल बढ़ रहा है, फिर भी पाबंदियों में ढील दी जा रही है। सरकार को प्रदूषण कम करने के लिए काम करना चाहिए, लेकिन इसके बजाय वह डेटा को गलत तरीके से पेश कर रही है। यह दिल्ली के लोगों के खिलाफ एक मानवीय अपराध है, जो स्वास्थ्य पर असर झेल रहे हैं।" उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरकार संकट को सुलझाने के बजाय आंकड़ों में हेरफेर कर रही है। राय ने कहा, "दिल्ली में एयर प्यूरीफायर बिक चुके हैं, और अस्पतालों में सांस के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और इसके बजाय डेटा छिपा रही है। भले ही वे प्रदूषण को कंट्रोल न कर सकें, लेकिन आंकड़ों में हेरफेर करना गलत है।" बुधवार को, सीएक्यूएम ने स्टेज-3 की पाबंदियों को हटाने की घोषणा करते हुए हवा की क्वालिटी में धीरे-धीरे सुधार का हवाला दिया। इस वापसी के साथ, दिल्ली अब स्टेज-2 पाबंदियों के तहत काम करेगी। सर्दियों के दौरान, दिल्ली-एनसीआर हवा की क्वालिटी के लेवल के आधार पर एक ग्रेडेड प्रोटोकॉल का पालन करता है- स्टेज 1 (खराब, एक्यूआई 201-300), स्टेज 2 (बहुत खराब, एक्यूआई 301-400), स्टेज 3 (गंभीर, एक्यूआई 401-450), और स्टेज 4 (गंभीर प्लस, एक्यूआई 450 से ऊपर)। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को कहा कि स्टेज-3 हटाने के साथ, ऑफिस के लिए 50 प्रतिशत वर्क-फ्रॉम-होम का नियम और स्कूलों के लिए हाइब्रिड मोड बंद कर दिया गया है। स्टेज-3 की पाबंदियों में गैर-जरूरी कंस्ट्रक्शन, पत्थर तोड़ने, माइनिंग और पुराने डीजल मालवाहक गाड़ियों के चलने पर रोक शामिल है। बदले हुए उपायों के तहत, दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ स्टेज-2 की पाबंदियां लागू रहेंगी।

CM रेखा गुप्ता की बड़ी घोषणा: अब लोगों को मिलेगा बैंक में अटका पैसा

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को केंद्र सरकार की तरफ से शुरू की गई ‘मेरी पूंजी, मेरा अधिकार’ मुहिम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पत्रकारों से इस अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि इससे आम लोगों को उनके बैंक खाते में फंसे रुपए मिलने में मदद मिलेगी। मौजूदा समय में बड़ी संख्या में लोगों के पैसे बैंक में फंसे हुए हैं। ऐसी स्थिति में इस योजना से लोगों को उनके पैसे बड़ी ही आसानी से मिल जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि सरकारों को आम जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं रहता है, लेकिन हमारी सरकार ऐसी नहीं है। वह आम जनता के हितों को हमेशा से ही सर्वोच्च प्राथमिकता देती हुई आई है। यह उसी का नतीजा है कि आज की तारीख में 'मेरी पूंजी, मेरा अधिकार' स्कीम शुरू की गई है। अब तक इस योजना से अनेक लोग लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने बताया कि कई बार पिता बैंक में पैसे जमा कराकर रखते हैं, लेकिन बेटे को इस बारे में जानकारी नहीं होती है। किसी ने म्युचुअल फंड में निवेश किया था, लेकिन परिवार में किसी को इस बारे में पता नहीं होता। पिता की मृत्यु के बाद उनकी तरफ से जमा कराए गए पैसे कहां-कहां रखे गए हैं? कभी-कभी इस बारे में भी बेटे को जानकारी नहीं होती है। ऐसी स्थिति में यह योजना काफी कारगर साबित होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना के माध्यम से हमारी सरकार यही चाहती है कि आम जनता को उनका पैसा मिले। यह हमारी सरकार की पारदर्शिता है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि आम जनता का एक भी पैसा बैंक न फंसा रहे। उन्हें उनका पैसा मिले। उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। इस योजना के माध्यम से यह भी साफ हो चुका है कि हमारी सरकार पारदर्शिता के साथ काम करती है। बात जब पारदर्शिता की आती है तो हम किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं कर सकते हैं। दिल्ली की सीएम ने बताया कि अब तक केंद्र सरकार के वित्त विभाग की तरफ से आम जनता को 85 हजार करोड़ रुपए की राशि दी जा चुकी है। इससे आम जनता को उनका फंसा हुआ पैसा मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार भी इस दिशा में अपने कदम आगे बढ़ा चुकी है। हमारी सरकार भी बैंकों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगी कि राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को उनका फंसा हुआ पैसा मिले। हम आगामी दिनों में इस संबंध में बैंक से वार्ता भी करेंगे।