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वोटर सुविधा में बड़ा कदम: अब कॉल पर मिलेगा बीएलओ से तुरंत समाधान

नई दिल्ली  भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मतदाताओं की चुनाव संबंधी हर छोटी-बड़ी शिकायत और सवालों के त्वरित निपटारे के लिए दो प्रमुख सुविधाओं को और मजबूत किया है। राष्ट्रीय मतदाता हेल्पलाइन 1950 और नई 'बीएलओ के साथ बुक-अ-कॉल' सुविधा अब पूरे देश में सक्रिय हैं, जिसका उद्देश्य यह है कि कोई भी मतदाता चुनाव प्रक्रिया में असमंजस या परेशानी का शिकार न हो। आयोग के अनुसार टोल-फ्री नंबर 1800-11-1950 पर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक प्रशिक्षित अधिकारी मतदाताओं के फोन का जवाब देते हैं। चाहे नाम जोड़ना हो, वोटर आईडी में सुधार, मतदान केंद्र की जानकारी या कोई शिकायत, सब कुछ यहीं सुलझाया जाता है। यह केंद्र सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए केंद्रीय हेल्पलाइन का काम करता है। समय पर और स्थानीय स्तर की प्रतिक्रिया के लिए हर राज्य में राज्य संपर्क केंद्र (एससीसी) और हर जिले में जिला संपर्क केंद्र (डीसीसी) स्थापित किए गए हैं। ये केंद्र कार्य दिवसों में कार्यालय समय के दौरान खुले रहते हैं और क्षेत्रीय भाषाओं में सहायता देते हैं ताकि कोई मतदाता भाषा की बाधा से वंचित न रहे। हर शिकायत और सवाल को राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (एनजीएसपी 2.0) पर दर्ज किया जाता है। मतदाता ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकते हैं। आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ), जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) और निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को निर्देश दिए हैं कि 48 घंटे के अंदर हर अनुरोध का निपटारा हो। अब मतदाता ईसीआईएनईटी प्लेटफॉर्म या ईसीआईनेट ऐप के जरिए अपने बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। 'बुक-अ-कॉल विद बीएलओ' सुविधा से घर बैठे बीएलओ से फोन पर बात हो जाएगी। यह खास तौर पर ग्रामीण और दूरदराज के मतदाताओं के लिए उपयोगी है। यदि फोन नहीं करना चाहते, तो आयोग के आधिकारिक कंप्लेंट ईमेल पर शिकायत भेजें। हर मैसेज का जवाब दिया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि चुनाव से जुड़ी कोई भी जानकारी, सुझाव, फीडबैक या शिकायत के लिए 1950 हेल्पलाइन या बीएलओ अपॉइंटमेंट का इस्तेमाल करें। आयोग का दावा है कि यह पहल लोकतंत्र को और मजबूत बनाती है, जहां हर मतदाता की आवाज सुनी जाए।

ISIS मॉड्यूल के बाद दिल्ली पुलिस की एक और बड़ी कामयाबी, पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा युवक गिरफ्तार

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार कर बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जासूस की पहचान आदिल के तौर पर हुई है जो फेक पासपोर्ट रैकेट से जुड़ा था। उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। वह पिछले कुछ सालों से दिल्ली में ही रह रहा था। सामने आई जानकारी के मुताबिर उसके पास से पुलिस ने फेक पासपोर्ट भी बरामद किए हैं। जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान और अन्य कुछ देशों की यात्रा भी कर चुका है। रिपोर्ट्स की मानें तो उसके कुछ विदेश न्यूक्लियर एजेंसियों से भी लिंक की खबर है। ये गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पुलिस ने कुछ दिनों पहले ही आईएसआईएस से जुड़े संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा दिल्ली में गिरफ्तार किए गए आईएसआईएस के संदिग्ध आतंकी अदनान खान उर्फ अबू मोहम्मद और अदनान खान से यूपी एटीएस पूछताछ में जुट गई है। अदनान यूपी के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद मामले की सुनवाई कर रहे जज को धमकी देने का आरोप था। जिसके आरोप में वह जेल भी गया था। सितंबर 2024 से वह जमानत पर चल रहा था। सोमवार को लोकभवन में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था एल आर कुमार ने बताया कि अदनान खान किदवई नगर, एटा जनपद का रहने वाला है। उसके पिता दूरदर्शन में ड्राइवर हैं और दिल्ली के सादिक नगर स्थित सरकारी आवास में रहते हैं। उन्होंने कहा कि वह आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़ी विचारधारा से प्रभावित होकर ऑनलाइन माध्यम से आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहा था। उन्होंने बताया कि अदनान दिल्ली में फिदायीन हमले की फिराक में था। यूपी एटीएस की एक टीम उससे पूछताछ कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आया है कि अदनान दिल्ली में एक बड़े मॉल की रेकी कर चुका था और उसने दिवाली के दौरान धमाका करने की योजना बनाई थी। एजेंसियों का मानना है कि उसका उद्देश्य त्योहार के समय अधिक भीड़ वाले स्थान पर हमला कर दहशत फैलाना था। श्री कुमार ने कहा कि अदनान सोशल मीडिया के जरिये आईएसआईएस के संपर्क में आया था। धीरे-धीरे वह कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हुआ और फिर विदेशी हैंडलरों के संपर्क में जाकर आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया।  

दिल्ली में बादल तो बने, बारिश गायब! क्लाउड सीडिंग पर AAP का तंज– ‘सरकार की सीडिंग फुस्स’

नई दिल्ली  दिल्ली में आज दोपहर क्लाउड सीडिंग के कई ट्रायल किए गए. लेकिन रेखा सरकार का यह ट्रायल फिलहाल सवालों के घेरे में है. दो घंटे बीत जाने के बाद भी बारिश नहीं हुई है, जिस पर आप (AAP) ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधा है. AAP ने इसे आर्टिफिशियल रेन के नाम पर फर्जीवाड़ा बताया है. क्लाउड सीडिंग के बाद अधिकारियों ने दावा किया था कि 15 मिनट से 4 घंटे के भीतर बारिश शुरू हो सकती है, लेकिन तीन घंटे बाद भी आसमान साफ नजर आ रहा है. AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने वीडियो बनाकर दिल्ली सरकार के इस ट्रायल पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने लिखा, 'बारिश में भी फर्ज़ीवाड़ा, कृत्रिम वर्षा का कोई नामुनिशान नहीं दिख रहा है. इन्होंने सोचा होगा देवता इंद्र करेंगे वर्षा. सरकार दिखाएगी खर्चा.'   'देवता इंद्र करेंगे वर्षा, सरकार दिखाएगी खर्चा' सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'इंद्र देवता भी सरकार का साथ नहीं दे रहे. कल शाम को थोड़ी बहुत बारिश हो भी रही थी लेकिन अब तो जो थोड़े बहुत बादल दिख रहे थे, वो भी चले गए.' दिल्ली में हुआ ट्रायल बता दें कि राजधानी दिल्ली में आज क्लाउड सीडिंग का सफल ट्रायल किया गया. अब इसके तीन ट्रायल हो चुके हैं. इसके लिए IIT कानपुर के Cessna एयरक्राफ्ट ने मेरठ से उड़ान भरी और खेकरा, बुराड़ी, नार्थ करोल बाग, मयूर विहार, सड़कपुर और भोजपुर जैसे इलाकों में क्लाउड सीडिंग का ट्रायल किया. इस दौरान पायरो तकनीक का उपयोग करते हुए 8 क्लाउड सीडिंग फ्लेयर्स छोड़े गए.  मंत्री सिरसा ने दी क्लाउड सीडिंग की जानकारी दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिरसा ने इस बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 8 फ्लेयर्स को यूज किया गया. एक फ्लेयर 2.5 kg की है और लगभग दो से ढाई मिनट तक चलती है. इस पूरे प्रोसेस में आधा घंटा लगा था. इस ट्रायल के बाद बाहरी दिल्ली के इलाकों में हल्की बूंदाबांदी के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई थी. लेकिन यह बादलों में नमी पर निर्भर करता है. फिलहाल नमी कम है, क्योंकि दिल्ली में मौसम विभाग द्वारा अनुमानित तापमान सामान्य से 3 डिग्री कम है. 

दिल्ली में केजरीवाल की अग्निपरीक्षा: 3 झटकों के बाद अब 12 सीटों पर साख दांव पर

नई दिल्ली  दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के 8 महीने बाद पार्टी को पहली चुनावी परीक्षा का सामना करना होगा। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) के लिए भी यह नाक की लड़ाई होगी। दरअसल, दिल्ली नगर निगम के 12 वार्डों में उपचुनाव की घोषणा राज्य चुनाव आयोग ने कर दी है। 30 नवंबर को चुनाव होंगे और मतों की गिनती 3 दिसंबर को होगी। निगम के 12 वार्डों के उपचुनाव में हार-जीत से सदन की सरकार भले ही ना बदले लेकिन भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच यह नाक की लड़ाई जरूर होगी। वहीं कांग्रेस के पास भी अपनी स्थिति बेहतर करने का मौका होगा। इस चुनाव को सबसे अहम 'आप' के लिए माना जा रहा है, जिसे अपने सबसे बड़े गढ़ में लगातार तीन बड़े झटकों का सामना करना पड़ा है। पहले 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से गठजोड़ के बावजूद पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई तो इस साल की शुरुआत में उसे विधानसभा की सत्ता भी गंवानी पड़ी। बात यहीं खत्म नहीं हुई और आपसी फूट की वजह से निगम की सरकार भी हाथ से चली गई। ऐसे में अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली पार्टी पूरी ताकत झोंककर दमदार तरीके से वापसी करना चाहेगी। इन मुद्दों पर लड़ा जाएगा चुनाव यह चुनाव दिल्ली नगर निगम के कामकाज के ऊपर और दिल्ली में कूड़े व कचरे के निस्तारण, बाजारों में सफाई व्यवस्था समेत अन्य मुद्दों पर चुनाव लड़ा जाएगा। इसके अलावा तीनों लैंडफिल साइट में स्थित वर्षों पुराने कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के मुद्दें पर भी चुनाव में अहम भूमिका निभाएगा। इसके अतिरिक्त सभी निगम के 12 जोन के 250 वार्डों में सप्ताह विभिन्न बार कूड़ा एकत्रित करने के लिए आने वाले ऑटो टिप्पर के मुद्दे भी स्थानीय स्तर पर अहम है। सड़क किनारे मलबा डालने, निगम की सभी सेवाएं जैसे स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस, फैक्ट्री लाइसेंस की प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे, सीलिंग जैसे मुद्दे व्यापारियों के लिए अहम है। अभी सदन में 238 सदस्य हैं निगम के सदन में कुल 250 पार्षदों में से अभी 238 पार्षद सदन के सदस्य हैं। इसमें भाजपा के 117 पार्षद, आम आदमी पार्टी के 99 पार्षद, इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (आईवीपी) के 15 पार्षद और कांग्रेस के 7 पार्षद हैं। सदन में बहुमत के लिए कुल 126 सदस्य चाहिए होते हैं। अभी मौजूदा समय में आईवीपी, भाजपा को बाहर से समर्थन कर रही है। इन वार्ड पर होंगे उपचुनाव मुंडका, शालीमार बाग बी, अशोक विहार, चांदनी चौक, चांदनी महल, द्वारका बी, दिचाऊं कलां, नारायणा, संगम विहार-ए, दक्षिण पुरी, ग्रेटर कैलाश और विनोद नगर में उपचुनाव होंगे। इन सभी 11 वार्डों के पार्षद फरवरी 2025 के विधानसभा चुनाव में विधायक का चुनाव जीत गए थे। जिसके बाद यह 12 वार्ड खाली हो गए हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा के आठ विधायक जीते थे। जबकि चांदनी चौक, चांदनी महल और दक्षिणपुरी से आम आदमी पार्टी के पार्षद विधानसभा चुनाव जीते थे। भाजपा की द्वारका बी वार्ड से पार्षद रहीं कमलजीत सहरावत वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव में पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद का चुनाव जीती थीं। जिसके बाद से यह वार्ड खाली है। यह है वार्डों की स्थिति शालीमार बाग-बी ( वार्ड संख्या 56), अशोक विहार (वार्ड संख्या 65) , द्वारका-बी (वार्ड संख्या 120) , ढिचाऊं कलां (वार्ड संख्या 128) और ग्रेटर कैलाश (वार्ड संख्या 173) महिला वार्ड हैं। मुंडका (वार्ड संख्या 25), चांदनी चौक (वार्ड संख्या 74), चांदनी महल (76), नारायणा (वार्ड संख्या 139) , संगम विहार-ए (वार्ड संख्या 163) , विनोद नगर ( वार्ड संख्या 198) सामान्य वार्ड और दक्षिण पुरी (वार्ड संख्या 64) अनुसूचित जाति (एससी) वार्ड है। इन वार्डों में सत्ता पक्ष को मजबूती शालीमार बाग-बी वार्ड से वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पार्षद का चुनाव जीती थीं। इस वर्ष दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में शालीमार बाग विधानसभा से जीत दर्ज कर वह विधायक बनी थी। इसके मुंडका, अशोक विहार, द्वारका बी, दिचाऊं कलां, नारायणा, संगम विहार-ए, ग्रेटर कैलाश और विनोद नगर में भाजपा के पार्षद रह चुके हैं। इन कारणों से इन वार्डों में सत्ता पक्ष ने मजबूती की उम्मीद जताई है। हालांकि, दिल्ली में कूड़े के निस्तारण और अवैध रूप से फैंके जा रहे कूड़े के मुद्दे, सीलिंग के मुद्दे पर सत्ता पक्ष को विपक्ष घेर सकता है। कई कार्यों से हम चुनाव जीतेंगे: योगेश वर्मा सत्ता पक्ष से निगम के केशवपुरम वार्ड से पार्षद और निगम की शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने कहा कि हम चुनाव की घोषणा का स्वागत करते हैं। सितंबर महीने में दिल्ली के नागरिकों के लिए ग्रेटर कैलाश, पंजाबी बाग में नई मल्टी लेवल कार पार्किंग को शुरू किया। इसके अलावा रिहायशी इलाकों में स्पा सेंटरों को संचालन न करने समेत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। गोयला डेयरी समेत कई स्थानों पर बायोगैस सीएनजी प्लांट जैसे कार्य शुरू हो गए। इन सब कार्यों को लेकर हमें उम्मीद है कि हम मजबूती से सभी वार्डों में चुनाव की जीत दर्ज करेंगे।  

एयर इंडिया की बस में अचानक आग, दिल्ली एयरपोर्ट पर बाल-बाल बचे यात्री

नई दिल्ली  दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा हो गया है। यहां टर्मिनल 3 पर खड़ी बस में भीषण आग लग गई है। गनीमत रही कि हादसे के वक्त बस में कोई यात्री मौजूद नहीं था। हादसा मंगलवार दोपहर को उस वक्त हुआ जब बस एक विमान के पास खड़ी थी। बस का संचालन एयर इंडिया एसएटीएस एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया था। यह एक थर्ड पार्टी प्रोवाइडर है जो कई एयरलाइनों की ग्राउंड सर्विस संभालता है। ये आग कैसे लगी और इसमें कोई घायल हुआ है या नहीं, इस बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। दोपहर करीब एक बजे, आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में एयर इंडिया की एक बस में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सीआईएसएफ सहित अन्य संबंधित एजेंसियों ने घटना पर तुरंत कार्रवाई की। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, उस समय बस में कोई यात्री या सामान नहीं था। घटना के समय बस में केवल ड्राइवर ही मौजूद था। आग पर काबू पा लिया गया है। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए बस की जांच की जाएगी।

अमृता हत्या मामले में खुलासा: लिव-इन पार्टनर और UPSC छात्र का गहन involvement, सुमित-संदीप बने राजदार

 नई दिल्ली दिल्ली में 32 साल के UPSC छात्र के मर्डर केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अश्लील वीडियो बनाने के जुर्म में रामकेश मीणा की हत्या करने वाली उसकी लिव इन पार्टनर ने जो हथकंडे अपनाए वो वाकई चौंकाने वाले हैं। अब दिल्ली पुलिस ने एक और नई बात बताते हुए कहा कि मृतक रामकेश के पास उसकी लिव इन पार्टनर के अलावा 15 और ऐसे अश्लील वीडियो का कलेक्शन था। UPSC छात्र के फ्लैट से बरामद हुई एक हार्ड डिस्क में 15 से अधिक महिलाओं के ऐसे ही वीडियो मिले हैं। पुलिस ने बताया कि फोरेंसिक विशेषज्ञ वीडियो सामग्री की जांच कर रहे हैं ताकि महिलाओं की पहचान हो सके और यह पता लगाया जा सके कि वीडियो उनकी सहमति से रिकॉर्ड किए गए थे या नहीं। मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा,'ऐसा लगता है कि मृतक ने कई महिलाओं के साथ ऐसा ही किया था और अपने लैपटॉप पर उनके निजी वीडियो रिकॉर्ड करता था। लैपटॉप अभी बरामद नहीं हुआ है,लेकिन हार्ड डिस्क जब्त कर ली गई है और इसमें 15 से अधिक महिलाओं के वीडियो हैं। बता दें कि 32 वर्षीय व्यक्ति का जला हुआ शव 6 अक्टूबर को गांधी विहार,तिमारपुर स्थित उसके चौथे मंजिल के अपार्टमेंट से बरामद किया गया था। शुरुआत में पुलिस ने आग से लापरवाही बरतने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था,लेकिन बाद की जांच में पता चला कि यह सोच-समझकर की गई हत्या का मामला था। पुलिस ने  बताया कि उसकी पार्टनर मुरादाबाद की 21 वर्षीय BSc फोरेंसिक साइंस की छात्रा है। उसे पूर्व-प्रेमी और एक अन्य व्यक्ति के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कहा कि महिला गुस्से और अपमान से भरी हुई थी क्योंकि उसे पता चला कि उसने चुपके से उसके अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किए थे और जब उसने डिलीट करने को कहा तो उसने मना कर दिया। जांचकर्ताओं के अनुसार,आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ित की हत्या कर दी और इस हत्या को आकस्मिक आग लगने की घटना के रूप में दर्शाने की कोशिश की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा,'जब उसने उससे विरोध किया और उसने फुटेज हटाने से मना कर दिया,तो उसे धोखा मिला और अपमानित महसूस हुआ। जांच करने वाले अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी ने फोरेंसिक साइंस की अपनी पृष्ठभूमि और क्राइम शो में अपनी रुचि का उपयोग करते हुए बड़ी सावधानी से हत्या को छुपाने की योजना बनाई थी। कथित तौर पर 5 अक्टूबर की रात को वह अपने पूर्व-प्रेमी और एक अन्य सहयोगी के साथ पीड़ित के फ्लैट पर गई थी। तीनों ने कथित तौर पर पीड़ित पर हमला किया और मोबाइल चार्जर के तार से उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी, फिर शव पर तेल और शराब डाली। अधिकारी ने आगे कहा,'उन्होंने गैस रेगुलेटर खोल दिया और एक लाइटर जलाया,जिससे अचानक आग लगने का सीन बनाया गया। सिलेंडर को पीड़ित के सिर के पास रखा गया था। लगभग एक घंटे बाद आग फैली और सिलेंडर फट गया,जिससे शव पूरी तरह से जल गया।' अमृता की LPG सिलेंडर वाली साजिश में राजदार बने सुमित-संदीप  राजधानी के गांधी विहार इलाके में हुए यूपीएससी छात्र हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है. एजेंसी के मुताबिक, पुलिस ने सोमवार को बताया कि इस महीने की शुरुआत में उत्तरी दिल्ली के गांधी विहार में अपने फ्लैट में अपने 32 साल के लिव-इन पार्टनर की हत्या करने वाली महिला ने लाश को जलाने के लिए तेल, घी और शराब का इस्तेमाल किया था. दिल्ली पुलिस ने इस हत्या के सिलसिले में आरोपी की पहचान अमृता चौहान (21) के रूप में हुई है, और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी UPSC की तैयारी कर रहे रामकेश मीणा की जली हुई लाश उनके फ्लैट में मिलने के कुछ दिनों बाद हुई है. पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी फॉरेंसिक साइंस की स्टूडेंट अमृता ने अपने पूर्व बॉयफ्रेंड सुमित कश्यप (27) और उसके साथी संदीप कुमार (29) के साथ मिलकर मीणा का गला घोंटकर हत्या कर दी. इसके बाद, लाश को पूरी तरह जलाने के इरादे से उस पर तेल, घी और शराब डाली. पर्दे के पीछे साजिश का खेल… एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने बताया, "आरोपी लड़की ने अपनी फॉरेंसिक साइंस की जानकारी का इस्तेमाल करके इस घटना को एक एक्सीडेंटल आग की तरह दिखाने की कोशिश की. तीनों आरोपी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के रहने वाले हैं." ऑफिसर ने कहा, "अमृता ने अपने पूर्व बॉयफ्रेंड सुमित और उसके दोस्त संदीप के साथ मिलकर यह मर्डर प्लान किया था, जिससे वह एक हार्ड डिस्क वापस ले सके, जिसमें कथित तौर पर उसके अश्लील वीडियो थे." ऑफिसर ने आगे बताया कि यह घटना 6 अक्टूबर को हुई, जब गांधी विहार में चौथी मंजिल के एक फ्लैट में आग लगने की खबर मिली. आग बुझाने के बाद, पुलिस को युवक की जली हुई लाश मिली. अमृता ने खुद बताई पूरी कहानी… घटना के बाद संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन फॉरेंसिक टीमों को आग लगने के पैटर्न में कुछ गड़बड़ियां मिलने के बाद शक बढ़ गया. पुलिस ने बताया कि टीम ने CCTV फुटेज खंगाला, जिसमें 5 अक्टूबर की रात को दो नकाबपोश आदमी बिल्डिंग में घुसते दिखे, और उनके बाद अमृता और एक और आदमी भी आया. उनके जाने के कुछ ही मिनट बाद आग लग गई. अधिकारी ने बताया कि कॉल डेटा रिकॉर्ड के एनालिसिस से यह भी कन्फर्म हुआ कि घटना के वक्त अमृता का मोबाइल फोन क्राइम सीन के पास ही था. उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे शक बढ़ता गया, पुलिस टीम ने अमृता की हरकतों पर नज़र रखना शुरू कर दिया. बड़े पैमाने पर छापेमारी के बाद, उसे 18 अक्टूबर को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया गया. पूछताछ के दौरान उसने सुमित और संदीप के साथ मिलकर हत्या की प्लानिंग करने की बात कुबूल कर ली." एक्स ने घोंटा गला, अमृता ने डाला घी… पुलिस के मुताबिक, अमृता ने बताया कि उसे पता चला था कि मीणा ने चुपके से उसके इंटीमेट वीडियो रिकॉर्ड किए थे और उन्हें एक हार्ड डिस्क में सेव कर लिया था. जब उसने उन्हें डिलीट करने से मना कर दिया, तो वह अपने एक्स-बॉयफ्रेंड सुमित … Read more

दिल्ली की छठ पूजा में पहली बार प्रधानमंत्री, PM मोदी करेंगे वासुदेव घाट पर श्रद्धा-सम्मान

नई दिल्ली दिल्ली में इस बार छठ महापर्व का आयोजन पहले से कहीं अधिक भव्य और सुव्यवस्थित होने जा रहा है। राजधानी के यमुना किनारे स्थित घाटों पर दिल्ली सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए हैं। जहां पिछले वर्षों में भीड़ और अव्यवस्था के कारण भक्तों को पूजा-अर्चना में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, वहीं इस बार सरकार ने घाटों की संख्या के साथ-साथ उनकी चौड़ाई भी बढ़ा दी है, ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता और सुरक्षा दोनों मिल सके। पिछले साल तक जहां सुरक्षा व प्रतिबंध के चलते यमुना नदी के पास बांस-बल्ली लगाकर श्रद्धालुओं की पहुंच सीमित कर दी जाती थी, वहीं इस बार दिल्ली सरकार ने नदी के दोनों किनारों पर अलग-अलग घाट बनवाए हैं। इन घाटों पर प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा और जल स्तर की निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत राहत मिल सके। विशेष बात यह है कि इस बार यमुना का पानी भी अपेक्षाकृत साफ दिखाई दे रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखा जा रहा है। वासुदेव घाट पूजा करने जाएंगे पीएम मोदी छठ पर्व को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 अक्टूबर को वासुदेव घाट पर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे। यह दिल्ली में पहला मौका होगा जब कोई प्रधानमंत्री छठ पूजा में शामिल होंगे। जिसे लेकर दिल्ली पुलिस, जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने कमर कस ली है। प्रधानमंत्री के आगमन से पहले घाट की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली नगर निगम की टीमों ने घाट के आसपास से आवारा कुत्तों को हटाने का कार्य भी पूरा कर लिया है, ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो। तीन घंटे तक वासुदेव घाट पर सीएम रेखा गुप्ता ने लिया जायजा इस बीच, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को वासुदेव घाट का दौरा किया और करीब तीन घंटे तक सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों को सर्वोत्तम सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने घाट पर उपस्थित श्रद्धालुओं और महिलाओं से बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं को समझा और कहा कि छठ पर्व आस्था और स्वच्छता का प्रतीक है, सरकार चाहती है कि हर भक्त श्रद्धा और सुरक्षा के साथ पूजा कर सके। छठ महापर्व को लेकर दिल्ली सरकार ने राजधानी के विभिन्न घाटों पर तैयारियां तेज कर दी हैं। लोक निर्माण, जल एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश वर्मा ने रविवार को मटीयाला, नजफगढ़, विकासपुरी, नांगलोई, नरेला और पल्ला घाट सहित कई स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने नौका से यमुना तट के घाटों का भी जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंत्री ने सफाई, प्रकाश, जल गुणवत्ता और सुरक्षा की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि छठ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और प्रकृति का संगम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार स्वच्छ और सुरक्षित पर्व सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दिल्लीवासियों को छठ की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हर घर में पवित्रता, समृद्धि और खुशहाली लाए।  

छठ से पहले दिल्ली में यमुना सफाई पर सियासी बयानबाजी, मंत्री ने कहा कुछ और ही सच

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने छठ से पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी ने कभी दावा नहीं किया कि यमुना साफ है या पानी पीने लायक है लेकिन इस साल छठ वहां हो सकती है। कपिल मिश्रा रविवार को क्राउन प्लासा और वसुदेव घाट पर छठ पूजा की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने ये बात कही। इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्ट और अरविंद केजरीवाल पर भी जोरदार निशाना साधा। कपिल मिश्रा ने कहा, भाजपा ने कभी यह दावा नहीं किया कि यमुना साफ है या इसका पानी पीने योग्य है, लेकिन छठ पूजा की जा सकती है। उन्होंने आगे कहा, दिल्ली सरकार ने भव्य छठ पूजा की तैयारी कर ली है। पिछली सरकार ने यमुना घाट पर छठ पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन इस बार छठ पूजा यमुना घाट पर ही होगी। कपिल मिश्रा ने पूछा,मैं अरविंद केजरीवाल से पूर्वांचल के लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमों के बारे में पूछना चाहता हूं। उन्होंने पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया था। उन्होंने ऐसा क्यों किया? इस बार पूजा इतनी अच्छी तरह से कैसे हो रही है? इस बीच, क्राउन प्लाजा के पास तैयारियों का जायजा लेते हुए कपिल मिश्रा ने कहा, मैं यहां घाटों की तैयारी का जायजा लेने आया हूं और कुछ इंतजाम हैं जो हमें अगले कुछ घंटों में जल्दी से करने होंगे। वे सिर्फ़ अरविंद केजरीवाल को ही दोष दे रहे होंगे, क्योंकि पिछले 11 सालों से उनकी ही सरकार थी। यमुना नदी की पिछले साल की स्थिति और इस साल की स्थिति की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत बड़ा अंतर है।  

राजधानी में एनकाउंटर! ‘गला घोटूं गैंग’ का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर पकड़ा गया

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस ने अपराध पर नकेल कसते हुए एक बार फिर बहादुरी दिखाई है। साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 'गला घोटूं गैंग' के एक सक्रिय सदस्य हिमांशु को शनिवार रात एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। बदरपुर फ्लाइओवर के पास पुलिस और गैंगस्टर हिमांशु के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान हिमांशु के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे धर दबोचा। घायल हिमांशु को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिमांशु पुल प्रहलादपुर इलाके में हाल ही में हुई एक सनसनीखेज लूट की वारदात में वांछित था। उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर फूड डिलीवरी एग्जीक्यूटिव का गला घोंटकर लूटपाट की थी। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें अपराधी डिलीवरी एग्जीक्यूटिव का गला घोंटते हुए और फिर मौके से भागते हुए दिखाई दिए थे। हिमांशु के खिलाफ पहले भी अपहरण और लूट के कई गंभीर मामले दर्ज हैं। कैसे काम करता है गला घोटूं गैंग? ये गैंग लोगों का गला घोटकर उन्हें लूटने का काम करता है। गिरोह के सदस्य आमतौर पर टू व्हीलर पर सवार होकर जोड़े में वारदातों को अंजाम देते हैं। वे अपने शिकार के पास पीछे से आते हैं और उनका गला तब तक घोंटते हैं जब तक वे बेहोश न हो जाएं। बेहोश होने के बाद वे उनका कीमती सामान और नकदी लूटकर फरार हो जाते हैं।  

दिल्ली में बदलेंगे स्कूल एडमिशन के नियम, 2026 से 6 साल पर होगा कक्षा 1 में प्रवेश

नई दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने राजधानी के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में पहली में दाखिले की उम्र को एक समान करने का फैसला लिया है। इसके तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहली कक्षा में प्रवेश केवल उन्हीं बच्चों को मिलेगा जिनकी उम्र 31 मार्च तक छह वर्ष या उससे अधिक होगी। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप किया गया है। दाखिले की अधिकतम और न्यूनतम आयु तय नई नीति के तहत प्रारंभिक शिक्षा को और व्यवस्थित करने के लिए फाउंडेशनल स्टेज की पूरी संरचना को फिर से तय किया गया है। अब नर्सरी, लोअर केजी और अपर केजी को बालवाटिका-1, बालवाटिका-2 और बालवाटिका-3 कहा जाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार, नर्सरी में दाखिले के लिए बच्चे की उम्र कम से कम तीन वर्ष और अधिकतम चार वर्ष होनी चाहिए।   मौजूदा सत्र के विद्यार्थी रहें अप्रभावित लोअर केजी के लिए चार से पांच वर्ष, अपर केजी के लिए पांच से छह वर्ष और पहली कक्षा के लिए छह से सात वर्ष की आयु तय की गई है। विद्यालय प्रमुख विशेष परिस्थितियों में एक माह तक की उम्र में छूट दे सकेंगे। नई आयु संरचना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ताकि मौजूदा सत्र के विद्यार्थियों पर इस बदलाव का कोई असर न पड़े। उम्र मानदंड से छूट दी जाएगी परिपत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई बच्चा किसी स्कूल से कोई पिछली कक्षा पास कर चुका है और उसके पास स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र या अंकपत्र है तो उन्हें अगली कक्षा में प्रवेश के लिए उम्र मानदंड से छूट दी जाएगी। यानी वह बच्चा अपनी पिछली कक्षा के अनुरूप अगली कक्षा में प्रवेश पा सकेगा। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तीन से आठ वर्ष की उम्र के बच्चे खेल और गतिविधियों के माध्यम से बुनियादी सीख विकसित करें, ताकि आगे की पढ़ाई के लिए मजबूत नींव रखी जा सके।