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CM रेखा गुप्ता पर हमले की वारदात, BJP का दावा- सिर पर मेज लगने से चोट आई

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार को साप्ताहिक जन सुनवाई के दौरान हमला हुआ है. यह घटना मुख्यमंत्री आवास पर जन सुनवाई के दौरान की है. आरोपी शख्स को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है. मुख्यमंत्री आवास के अधिकारियों के मुताबिक, जिस समय सीएम जन सुनवाई कर रही थी. उसी समय एक शख्स अपनी शिकायत लेकर वहां पहुंचा. इस दौरान उसने मुख्यमंत्री को थप्पड़ मार दिया. शख्स को हिरासत में ले लिया गया है. आरोपी को सिविल लाइन पुलिस स्टेशन ले जाया गया है.  शुरुआती जानकारी में आरोपी ने अपना नाम राजेश भाई खिमजी सकरिया बताया है. आरोपी राजकोट का रहने वाला है. उसकी उम्र 41 साल है. गृह मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को दिल्ली की मुख्यमंत्री पर हुए हमले की जानकारी दी है. दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर ने भी बताया कि जन सुनवाई के बहाने एक शख्स सीएम गुप्ता के पास पहुंचा. उसने पहले सीएम को कुछ कागज दिया, फिर चिल्लाने लगा और थप्पड़ मार दिया. हालांकि, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने दिल्ली सीएम को थप्पड़ मारे जाने से इनकार किया है. दिल्ली BJP अध्यक्ष ने हमले पर क्या कहा? दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस पूरी घटना का ब्योरा बताते हुए कहा कि आज सुबह जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जनता के बीच में थी और उनसे बात कर रही थी. इस बीच एक शख्स उनके पास आता है, कुछ कागज रखता है और अचानक उनका हाथ पड़कर उन्होंने खींचने की कोशिश करता है. इस दौरान धक्का-मुक्की होती है और उनका सिर शायद मेज के एक कोने पर लगा. वहां मौजूद लोगों ने उसे व्यक्ति को पकड़ लिया. पुलिस अभी जांच कर रही है कि वह शख्स कौन है अभी पुलिस पूरी जांच में जुटी है. मुख्यमंत्री की हालत स्थिर है. डॉक्टर उन्हें देख चुके हैं. उन्हें सदमा लगा है. मैंने मुख्यमंत्री से मुलाकात की है वह मजबूत महिला है,  जानती हैं कि दिल्ली को लेकर एक कमिटमेंट है. उन्होंने कहा है कि वह अपने रोजमर्रा के कामों से नहीं रुकेंगी. उन्हें पत्थर नहीं मारा, थप्पड़ नहीं मारा है, जो भी यह चल रहा है वह गलत है. दिल्ली सीएम पर हमले करने वाले आरोपी शख्स की उम्र 35 साल बताई जा रही है. दिल्ली बीजेपी ने इस घटना की निंदा की है. बीजेपी नेता रमेश बिधूड़ी ने कहा कि मुझे लगता है कि रेखा गुप्ता पर हमले की यह कोशिश जन सुनवाई को डीरेल करने की मंशा से की गई है. बीजेपी नेता तेजिंदर बग्गा ने कहा कि जन सुनवाई के दौरान दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता पर हमले की खबर से हैरान हूं. मैं उनकी सुरक्षा और जल्द ठीक होने की कामना करता हूं. बजरंग बली आप पर कृपा बनाए रखें.  आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सीएम पर हमले की निंदा की है. आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है. हमारी पार्टी का इस तरह के मामलों पर स्पष्ट रुख है.  पुलिस का कहना है कि डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस मुख्यमंत्री आवास पर पहुंच गए हैं और मामले की जांच कर रहे हैं. इस घटना पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने कहा कि दिल्ली सीएम पर हुआ  हमला निंदनीय है. लोकतंत्र में असहमति और विरोध की जगह होती है लेकिन हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है. उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी. आशा है कि मुख्यमंत्री पूरी तरह सुरक्षित है.  इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली कांग्रेस प्रमुश देवेंद्र यादव ने कहा कि यह घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. मुख्यमंत्री पूरी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करती है और मुझे लगता है कि इस तरह की घटनाओं की निंदा होनी चाहिए. लेकिन इस घटना ने महिला सुरक्षा की पोल खोल दी है. अगर दिल्ली की मुख्यमंत्री ही सुरक्षित  नहीं है तो एक आम महिला राजधानी में कैसे सुरक्षित हो सकती है? सूत्रों का कहना है कि आरोपी ने अपना जो नाम और पता बताया है, उसे वेरिफाई किया जा रहा है. इसके िलए दिल्ली पुलिस ने गुजरात पुलिस से संपर्क किया है.

हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी: अवैध निर्माण पर कार्रवाई जरूरी, उगाही के लिए कोर्ट का इस्तेमाल नहीं

नई दिल्ली अनधिकृत निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि दिल्ली में अनधिकृत निर्माण करने वालों से धन उगाही के लिए अदालत का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा की पीठ ने कहा कि अनधिकृत निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन इस न्यायालय का इस्तेमाल ऐसे निर्माण करने वालों से धन उगाही के लिए नहीं किया जा सकता। यह स्पष्ट रूप से न्यायालय की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।   तीन लोगों ने डाली थी याचिका अदालत ने उक्त टिप्पणी जामिया नगर इलाके में एक संपत्ति पर तीन व्यक्तियों द्वारा किए जा रहे अवैध और अनधिकृत निर्माण को रोकने और उसे ध्वस्त करने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने की मांग से जुड़ी तीन व्यक्तियों की याचिका पर की। पीठ ने नोट किया कि याचिकाकर्ता दिल्ली के बजाय अमरोहा का निवासी है और उसका संबंधित निर्माण और इलाके से कोई सरोकार है। अदालत ने यह भी पाया कि एक ही संपत्ति के लिए तीन अलग-अलग लोगों द्वारा याचिकाएं दायर की गई हैं। ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया सुनवाई के दौरान दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने तर्क दिया कि एक कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया गया था। इसके बाद 10 जुलाई को आंशिक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है और आगे की कार्रवाई चार सितंबर के लिए निर्धारित की गई थी। वहीं, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की तरफ से तर्क दिया गया कि हाई कोर्ट के समक्ष ऐसे कई मामले हैं, जिनमें ऐसे लोगों द्वारा याचिकाएं दायर की गई थीं जो न तो उस इलाके में रहते हैं और न ही उस संपत्ति से उनका कोई संबंध है। कैसे दायर हो रहीं अलग-अलग याचिकाएं अदालत ने नोट किया कि मामले की सुनवाई शुरू होने पर याचिकाकर्ता की ओर से कोई भी पेश नहीं हुआ, जबकि आदेश पारित होने से पहले मामले की कुछ समय तक सुनवाई हो चुकी थी। तथ्यों को रिकार्ड पर लेते हुए पीठ ने कहा कि एमसीडी पहले ही संबंधित संपत्ति में मौजूद अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, लेकिन अनधिकृत निर्माण होने के संबंध में लोगों को ब्लैकमेल करके उनसे जबरन वसूली करने के उद्देश्य से दायर की जाने वाली ऐसी याचिकाओं को उचित नहीं ठहराया जा सकता। वहीं, अदालत ने संबंधित डीसीपी को यह जांच करने का निर्देश दिया कि एक ही संपत्ति के संबंध में अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा अलग-अलग याचिकाएं कैसे दायर की जा रही हैं।

राजा गार्डन दिल्ली: आग में 3 लोगों की हुई जान, दो लड़कियां भी शामिल

नई दिल्ली  पश्चिम दिल्ली के राजा गार्डन इलाके में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। बताया जाता है कि दोपहर लगभग 3:08 बजे महाजन इलेक्ट्रॉनिक्स की इमारत में भीषण आग लगने से 3 लोगों की मौत हो गई जबकि एक अन्य की हालत नाजुक बताई जाती है। मरने वालों में 2 लड़कियां भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि उसकी टीमें मौके पर पहुंचीं। हादसा कैसे हुआ इसको लेकर जांच चल रही है। बताया जाता है कि इस इमारत में बेसमेंट भी है। बेसमेंट के साथ तीन मंजिलों वाली इस इमारत में हादसा तीसरी मंजिल पर स्थित दफ्तर में हुआ। हादसे के शिकार लोगों ने तीसरी मंजिल पर दफ्तर में खुद को कैद कर लिया था। इस वजह से ये लोग आग की चपेट में आ गए। सूचना पर दमकल विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू पाने के बाद तीसरी मंजिल पर फंसे लोगों को निकाला और अस्पताल भेजा। पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। खबर लिखे जाने तक इस घटना में दो युवतियों समेत तीन की मौत हो चुकी थी। बताया जाता है कि एक अन्य गंभीर रूप से जख्मी हुआ है जिसका इलाज जारी है। फिलहाल मृतकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा। मृतकों में शामिल एक युवती का नाम आयुषी उम्र 23 साल जबकि दूसरी का नाम अमनदीप कौर बताया जाता है। अमनदीप की उम्र 21 साल है। हादसे में जान गवाने वाले लड़के का नाम रवि बताया जा रहा है। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हमने दमकल की 5 गाड़ियों को मौके पर भेजा। बचाव कर्मियों ने देखा कि 4 लोग धुएं के कारण बेहोश हो गए थे। उन्हें कैट्स एम्बुलेंस से पास के अस्पताल में ले जाया गया। अधिकारी ने यह भी बताया कि आग को बुझाने और बचाव अभियान शाम 4.10 बजे समाप्त हो गया।  

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: आवारा कुत्तों के मुद्दे में बाधा डालने वालों पर भी होगी कानूनी कार्रवाई

 नई दिल्ली सर्वोच्च अदालत ने ये भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति या संगठन इसका विरोध करता है तो उसके खिलाफ भी अनिवार्य कार्रवाई की जाए। आवारा कुत्तों के लोगों पर हमलों और रेबीज संक्रमण के कई मामले सामने आने के चलते सुप्रीम कोर्ट ने यह बात कही है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने कहा कि एनसीटी-दिल्ली, एमसीडी, एनएमडीसी तुरंत आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू करें और खासकर उन इलाकों में जहां आवारा कुत्तों का खतरा ज्यादा है। अदालत ने कहा कि आवारा कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई में कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति या संगठन इस काम में आड़े आए तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई करें।  

खतरे के निशान के पास पहुंची यमुना, 32 गांवों में सतर्कता बढ़ी

नई दिल्ली सावधान! दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर फिर से खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है. गाजियाबाद में यमुना और हिंडन नदी के किनारे बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है, इसलिए जिला प्रशासन ने इन नदियों के किनारे स्थित लगभग 32 गांवों में निगरानी शुरू कर दी है. इसके साथ ही, डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों को भी चेतावनी दी गई है. प्रशासन के अनुसार, रविवार को पुराने लोहे के पुल के पास जलस्तर 204.05 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 2024.50 मीटर से थोड़ा कम है, जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर से अभी भी नीचे है. इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सावधानी बरतने का निर्णय लिया है. हिंडन नदी गाजियाबाद से होकर गौतमबुद्धनगर में यमुना में मिलती है, जबकि यमुना नदी लोनी क्षेत्र से दिल्ली में प्रवेश करती है और गौतमबुद्धनगर के रास्ते मथुरा की ओर बढ़ती है. गाजियाबाद में यमुना और हिंडन के किनारे लगभग 32 गांव स्थित हैं. नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने पर बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है, और वर्तमान में पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के कारण यमुना का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है. रविवार को यमुना का जल स्तर 209.00 मीटर दर्ज किया गया, जो दो दिन पहले 209.50 मीटर था. हथनी कुंड से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण अगले दो से तीन दिनों में जलस्तर में और वृद्धि की संभावना है, इसलिए इन नदियों के तटबंधों की निगरानी की जा रही है. हाल ही में हिंडन नदी में पानी का स्तर तेजी से बढ़कर 1900 क्यूसेक तक पहुंच गया है, जबकि कुछ दिन पहले यह मात्र 660 क्यूसेक था. इस वृद्धि के कारण डूब क्षेत्र में खतरा उत्पन्न हो गया है. दो साल पहले जब हिंडन में पानी का स्तर 2000 क्यूसेक से अधिक था, तब बाढ़ आई थी, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया था और सिटी फोरेस्ट पूरी तरह से जलमग्न हो गया था. अब एक बार फिर हिंडन में पानी बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बढ़ गई है. सिचाई विभाग ने डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों को चेतावनी दी है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन गांवों के निकट स्थित डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गतिविधि या अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाना चाहिए. इसके अलावा, सिचाई विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने भी यह स्पष्ट किया है कि यदि इस क्षेत्र में जनधन की हानि होती है, तो संबंधित व्यक्ति इसके लिए स्वयं जिम्मेदार होगा. हिंडन किनारे आवासीय क्षेत्र में प्रवेश कर जाता है पानी सिचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार वर्ण ने जानकारी दी कि बरसात के मौसम में हिंडन नदी का पानी कई किलोमीटर तक आवासीय क्षेत्रों में घुस जाता है. इसे रोकने के लिए नदी के किनारे तटबंध बनाए गए हैं और बाढ़ की एक सीमा निर्धारित की गई है, जिसे डूब क्षेत्र कहा जाता है. इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है, फिर भी धीरे-धीरे यहां अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है. यमुना और हिंडन के डूब क्षेत्र में बाढ़ की संभावना को लेकर चेतावनी जारी की गई है, और अवैध अतिक्रमण के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है. जलस्तर पर नजर रख रहा प्रशासन प्रशासन यमुना के बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रहा है. अधिकारियों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर राहत और बचाव कार्य तुरंत आरंभ किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि यमुना में 204.5 मीटर पर चेतावनी, 205.3 मीटर पर खतरा और 206 मीटर पर निकासी की प्रक्रिया शुरू होती है. इस स्तर पर प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाता है. केंद्रीय बाढ़ कक्ष के अनुसार, जलस्तर में वृद्धि का प्रमुख कारण वजीराबाद और हथिनीकुंड से हर घंटे बड़ी मात्रा में पानी का प्रवाह है. इसके अलावा, हरियाणा और उत्तराखंड के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश भी जलस्तर को लगातार बढ़ा रही है. जानकारी के अनुसार, वजीराबाद बैराज से लगभग 30,800 क्यूसेक और हथिनीकुंड बैराज से लगभग 25,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे दिल्ली में चेतावनी के स्तर के करीब पहुंचने की संभावना बढ़ गई है.

दिल्ली मेट्रो का यात्री रिकॉर्ड टूटा, राखी के दिन 81 लाख से ज्यादा लोगों ने किया सफर

नई दिल्ली रक्षा बंधन पर दिल्ली मेट्रो ने रिकॉर्ड बना डाला। रक्षाबंधन से एक दिन पहले 8 अगस्त 2025 को दिल्ली मेट्रो ने अब तक की सबसे बड़ी डेली राइडरशिप दर्ज की। इस दिन 81 लाख से भी ज्यादा पैसेंजर ने दिल्ली मेट्रो में सफर किया। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने ट्वीट करते हुए बताया कि 8 अगस्त को सभी कॉरिडोर मिलाकर कुल 81.87 लाख पैसेंजर जर्नी हुईं, जो एक नया रिकॉर्ड है। डीएमआरसी ने इसे यात्रियों के बढ़ते भरोसे का संकेत बताया। रक्षाबंधन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने उसी दिन 92 अतिरिक्त ट्रिप चलाईं। अगले दिन, यानी रक्षाबंधन पर, 455 अतिरिक्त ट्रिप का संचालन किया। डीएमआरसी के मुताबिक, इससे पहले का रिकॉर्ड 18 नवंबर 2024 को बना था, जब 78.67 लाख पैसेंजर जर्नी दर्ज हुई थीं। अन्य उच्च राइडरशिप वाले दिनों में 20 अगस्त 2024 शामिल है, जब 77.48 लाख जर्नी हुई थीं। 13 फरवरी 2024 को 71.09 लाख जर्नी दर्ज की गई थीं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तौर पर बढ़ती मेट्रो की लोकप्रियता दिल्ली मेट्रो का यह नया रिकॉर्ड राजधानी और आसपास के इलाकों में मेट्रो के बढ़ते महत्व और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तौर पर उसकी लोकप्रियता को एक बार फिर साबित करता है। अधिकारी ने बताया कि त्योहारों के दौरान बढ़ी हुई डिमांड को पूरा करने के लिए मेट्रो अपनी ऑपरेशन कैपेसिटी को एडजस्ट करती है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिल सके। क्यों बढ़ जाती है मेट्रो में भीड़? त्योहारी सीजन में लोग ट्रैफिक जाम से बचने और समय पर गंतव्य तक पहुंचने के लिए मेट्रो को प्राथमिकता देते हैं। 8 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर लंबा जाम था, जिससे बचने के लिए मेट्रो सबसे सुविधाजनक विकल्प रही। यह न केवल समय बचाती है बल्कि आरामदायक और सुरक्षित सफर भी सुनिश्चित करती है। रक्षाबंधन जैसे मौकों पर घर जाने, खरीदारी करने और रिश्तेदारों से मिलने के लिए मेट्रो की लोकप्रियता और भी बढ़ जाती है।

गडकरी का कटाक्ष: दादागिरी के पीछे यही वजह है… टैरिफ विवाद में अमेरिका पर निशाना

नई दिल्ली. अमेरिका से चल रहे टैरिफ तनाव पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने परोक्ष रुप से अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि आज जो देश दुनिया में अपनी दादागिरी चला रहे हैं, वह ऐसा इसलिए कर पा रहे हैं क्योंकि वह आर्थिक रूप से मजबूत हैं। उन देशों के पास टेक्नोलॉजी भी है। हमें अगर भारत की 'विश्व गुरु' की छवि को आगे बढ़ाना है तो हमें भी टेक्नोलॉजी और आर्थिक क्षेत्र में मजबूत होना होगा। नागपुर के विश्वेश्वेरैया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में अपनी बात रखते हुए केंद्रीय मंत्री ने आयात को कम करने और निर्यात को बढ़ाने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, "अगर हमारे निर्यात और अर्थव्यवस्था की दर बढ़ती है, तो मुझे नहीं लगता कि हमें किसी के पास जाने की जरूरत पड़ेगी। जो लोग ‘दादागिरी’ कर रहे हैं, वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे आर्थिक रूप से मजबूत हैं और उनके पास टेक्नोलॉजी है।" गडकरी ने भारत की संस्कृति और विश्व बंधुत्व की भावना पर जोर देते हुए कहा कि आज अगर हम आर्थिक रूप से सशक्त हो जाएं और टेक्नोलॉजी में भी आगे हो जाएं। इसके बाद भी हम किसी पर धौंस नहीं जमाएंगे क्योंकि हमारी संस्कृति में यह नहीं है। हमारी संस्कृति हमें सिखाती है कि विश्व का कल्याण सबसे महत्वपूर्ण है। गडकरी ने कहा आज दुनिया की सभी समस्याओं का उपाय साइंस, टेक्नोलॉजी और नॉलेज है। अगर हम इन तीनों चीजों का उपयोग करेंगे तो हमें कभी भी दुनिया के सामने झुकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि रिसर्च सेंटर्स, आईआईटी और इंजीनियरिंग कॉलेजों को देश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शोध करना चाहिए। सभी जिलों, राज्य और क्षेत्रों में अलग-अलग बातें हैं। हमें सभी को ध्यान में रखकर काम करना होगा। अगर हम लगातार ऐसे काम करेंगे तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था की विकास दर तीन गुना तक बढ़ जाएगी।

पहलगाम अटैक के बाद कैसे बदली रणनीति? आर्मी चीफ ने बताई पूरी कहानी

नई दिल्ली.  सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने 22 अप्रैल को हुए पाहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने बताया कि हमले के अगले ही दिन सशस्त्र बलों को “फ्री हैंड” दे दिया गया था, ताकि वे अपनी रणनीति और विवेक के अनुसार कार्रवाई कर सकें। जनरल द्विवेदी ने कहा कि 23 अप्रैल को हुई बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा- “अब बहुत हो चुका”। इस बैठक में तीनों सेना प्रमुख मौजूद थे और यह सहमति बनी कि निर्णायक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “पहली बार हमने इस तरह का राजनीतिक आत्मविश्वास, स्पष्टता और दिशा देखी, जिसने हमारे कमांडरों का मनोबल बढ़ाया।” 25 अप्रैल को सेना प्रमुख ने उत्तरी कमान का दौरा किया, जहां विस्तृत योजना पर काम हुआ। नौ में से सात प्रमुख आतंकी ठिकानों को प्राथमिकता दी गई। लक्ष्य था कि पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय आतंकवादी बुनियादी ढांचे को तबाह करना है। इन सात लक्ष्यों को सटीकता से नष्ट किया गया और बड़ी संख्या में आतंकियों को मार गिराया गया। पाहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सेना प्रमुख की पहली बैठक 29 अप्रैल को हुई थी। जनरल द्विवेदी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक नाम नहीं था, बल्कि यह पूरे राष्ट्र को जोड़ने वाला अभियान था। यही वजह थी कि लोग पूछ रहे थे- आपने क्यों रोका? और इस सवाल का पूरा जवाब दिया गया।” हमले के पंद्रह दिन बाद, 7 मई को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह के अनुसार, इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमान और एक बड़ा एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) विमान मार गिराया गया। 100 से अधिक आतंकियों को पाकिस्तान और PoK में ढेर किया गया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को हाल के वर्षों की सबसे सटीक और सफल जवाबी सैन्य कार्रवाई माना जा रहा है। सेना प्रमुख के अनुसार, स्पष्ट राजनीतिक समर्थन और तीनों सेनाओं की संयुक्त योजना ने इसे संभव बनाया।

दिल्ली अस्पताल में आग लगने से हड़कंप, एक कर्मचारी की मौत, मरीजों को शीशे तोड़कर सुरक्षित निकाला गया

नई दिल्ली  रक्षाबंधन के दिन दिल्ली के आनंद विहार स्थित कॉस्मॉस (KOSMOS) हॉस्पिटल में शनिवार दोपहर अचानक आग लग गई, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में कुछ ऑक्सीजन सिलेंडर भी आ गए, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई। हालांकि, समय रहते दिल्ली फायर ब्रिगेड की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और मरीजों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया। इस दौरान एक हाउसकीपिंग स्टाफ की मौत हो गई, जबकि चार लोग बेहोश हो गए। हादसे के कारणों की जांच जारी है। शार्ट सर्किट से लगी भीषण आग स्थानीय सूत्रों और अस्पताल स्टाफ के अनुसार, आग शार्ट सर्किट के कारण लगी थी। इसके बाद हॉस्पिटल में दो से तीन ऑक्सीजन सिलेंडरों में ब्लास्ट हुआ, जिसने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया। दिल्ली फायर ब्रिगेड की तीन फायर टेंडर टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। उन्होंने धुआं भर जाने के कारण फूटे हुए शीशों के रास्ते मरीजों को निकाला और उन्हें पुष्पांजलि हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया। एक हाउसकीपिंग स्टाफ की मौत, चार लोग बेहोश आग लगने के दौरान हॉस्पिटल के हाउसकीपिंग स्टाफ अमित ने खुद को एक स्टोर रूम में बंद कर लिया था। दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई। इसके अलावा, चार अन्य लोग बेहोश हो गए हैं, जिनमें से अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वे मरीज हैं या तीमारदार। फायर ब्रिगेड की टीम ने समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। 

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: 334 दलों का पंजीकरण रद्द, देश में बचे सिर्फ 67 क्षेत्रीय पार्टियां

नई दिल्ली  अब देश में सिर्फ 6 राष्ट्रीय पार्टियां रह गई हैं। उनमें अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP), मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP), देश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP), कॉम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी), मुख्य विपक्षी कांग्रेस और राष्ट्रीय पिपुल्स पार्टी (NPP)। भारत के चुनाव आयोग ने निर्वाचन प्रणाली की सफाई की बात करते हुए 334 राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। देश में सिर्फ 6 राष्ट्रीय दल हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय पार्टियों की संख्या घटकर 67 रह गई है। आपको बता दें कि भारत में राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के प्रावधानों के तहत निर्वाचन आयोग (ECI) में किया जाता है। राजनीतिक दलों के रजिस्ट्रेशन के लिए जारी दिशानिर्देशों में यह प्रावधान है कि यदि कोई दल लगातार 6 वर्षों तक चुनाव नहीं लड़ता है तो उसे पंजीकृत दलों की सूची से हटा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत दल को रजिस्ट्रेशन के समय अपना नाम, पता, पदाधिकारियों के नाम आदि का विवरण देना होता है। इनमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन होने पर उसे बिना विलंब निर्वाचन आयोग को सूचित करना अनिवार्य है। इससे पहले, जून 2025 में निर्वाचन आयोग ने राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को 345 दलों की जांच करने का निर्देश दिया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने इसकी जांच की, इन दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। प्रत्येक दल को व्यक्तिगत सुनवाई के माध्यम से अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया गया। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर पाया गया कि कुल 345 दलों में से 334 तय शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं। शेष मामलों को पुनः जांच के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को वापस भेजा गया है। आयोग ने सभी तथ्यों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की अनुशंसाओं पर विचार करने के बाद 334 दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया। भारत में अब सिर्फ 6 राष्ट्रीय पार्टियां चुनाव आयोग की नई कार्रवाई के बाद अब देश में सिर्फ 6 राष्ट्रीय पार्टियां रह गई हैं। उनमें अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP), मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP), देश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP), कॉम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी), मुख्य विपक्षी कांग्रेस और राष्ट्रीय पिपुल्स पार्टी (NPP)। क्षेत्रीय दलों की लिस्ट 1. आजसू पार्टी (AJSU Party) 2. ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) 3. ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक 4. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) 5. ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस 6. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) 7. ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) 8. अपना दल (सोनेलाल) 9. असम गण परिषद 10. भारत आदिवासी पार्टी 11. भारत राष्ट्र समिति (BRS) 12. बीजू जनता दल (BJD) 13. बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट 14. सिटिजन एक्शन पार्टी – सिक्किम 15. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) 16. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (मुक्ति) 17. देशिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम 18. द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) 19. गोवा फॉरवर्ड पार्टी 20. हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी 21. इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) 22. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) 23. इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा 24. जम्मू एवं कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस 25. जम्मू एवं कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी 26. जम्मू एवं कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी 27. जनसेना पार्टी 28. जनता दल (सेक्युलर) 29. जनता दल (यूनाइटेड) 30. जननायक जनता पार्टी 31. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) 32. झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) 33. केरल कांग्रेस 34. केरल कांग्रेस (एम) 35. लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) 36. लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) 37. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) 38. महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी 39. मिजो नेशनल फ्रंट 40. नाम तमिलर कच्ची 41. नागा पीपुल्स फ्रंट 42. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) 43. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी – शरदचंद्र पवार गुट 44. नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी 45. पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट 46. पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल 47. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) 48. राष्ट्रीय लोक समता पार्टी 49. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी 50. रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) 51. रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी 52. रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी 53. समाजवादी पार्टी (SP) 54. शिरोमणि अकाली दल (SAD) 55. शिवसेना 56. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) 57. सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट 58. सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा 59. तेलुगु देशम पार्टी (TDP) 60. टिपरा मोटा पार्टी 61. यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी 62. यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी, लिबरल 63. विदुथलाई चिरुथैगल कच्ची 64. वॉयस ऑफ द पीपुल पार्टी 65. युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) 66. जोराम नेशनलिस्ट पार्टी 67. जोराम पीपुल्स मूवमेंट