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घर में आई खुशियों की बहार, सीमा हैदर और पाकिस्तानी भाभी ने मनाया जश्न

ग्रेटर नोएडा पाकिस्तानी भाभी के नाम से मशहूर सीमा हैदर इन दिनों बहुत खुश है। वजह ही कुछ ऐसी है। दो साल पहले चार बच्चों को लेकर पड़ोसी मुल्क से भागकर आई सीमा हैदर और सचिन की जिंदगी लगातार बदलती जा रही है। दोनों की चर्चित प्रेम कहानी सोशल मीडिया पर इतनी वायरल हुई कि लाखों लोग अब भी हर दिन उनके बारे में जानना चाहते हैं। और लोगों की इसी उत्सुकता से सीमा और सचिन की बल्ले-बल्ले हो गई है। यूट्यूब की कमाई से कुछ दिन पहले एक कमरा बनवाने वाली सीमा हैदर नया शानदार घर बनवा रही है।   अपने नए घर को बनते देख सीमा हैदर और सचिन मीणा खुशी से झूम रहे हैं। अपने यूट्यूब अकाउंट पर दोनों अपने प्रशंसकों के साथ इस खुशी को साझा भी कर रहे हैं। बीच-बीच में वे वीडियो बनाकर दिखाते हैं कि कंस्ट्रक्शन का काम किस तरह चल रहा है और कितना तैयार हो चुका है। सीमा हैदर एक वीडियो में कहती है कि पुराना घर काफी छोटा था और परिवार में सदस्यों की संख्या अधिक होने की वजह से बहुत दिक्कत होती थी। पांच बच्चों और पति-पत्नी के लिए एक कमरे में गुजारा करना कठिन था। सीमा हैदर ने कहा कि भगवान, प्रशंसकों और यूट्यूब के आशीर्वाद से उन्होंने ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में ही एक नया प्लॉट खरीदा है और इस पर अब नया मकान बनाया जा रहा है। दो मंजिले में मकान को बेहद खुबसूरती के साथ बनाया जा रहा है। सीमा और सचिन ने यह तो नहीं बताया कि उन्होंने प्लॉट और इस मकान में कितना पैसा खर्च किया है, लेकिन जाहिर एनसीआर में जमीन खरीदने और मकान बनवाने का खर्च का अंदाजा यहां रहने वाले लोग आसानी से लगा सकते हैं। जाहिर है कि यूट्यूब और सोशल मीडिया के अन्य प्लैटफॉर्म से सीमा और सचिन की अच्छी कमाई हो रही है। सीमा के भारत आने के बाद से ही सचिन उस किराने की दुकान में नौकरी छोड़ चुका है जहां वह कभी दिन के 8-10 घंटे बिताकर गुजारा लायक कमा पाता था।  

आतंकी कनेक्शन का दोहराव! अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर रिपोर्ट के सनसनीखेज़ खुलासे

नई दिल्ली  दिल्ली कार ब्लास्ट के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम सुर्खियों में आया. दरअसल, दिल्ली में ब्लास्ट करने वाले उमर नबी का कनेक्शन इसी यूनिवर्सिटी से था. तभी से यूनिवर्सिटी पर जांच तेज कर दी गई है. हाल ही में इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट आई, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ. बता दें कि 2008 में अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में भी एक अल-फलाह स्टूडेंट का नाम सामने आया था. अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट 2008 इंडियन मुजाहिदीन का सक्रिय सदस्य मिर्जा शादाब बेग भी अल-फलाह इंजीनियरिंग कॉलेज का ही छात्र रह चुका है. बेग ने 2007 में फरीदाबाद स्थित अल-फलाह इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन) पूरा किया था. इसके बाद साल 2008 में अहमदाबाद में हुए सीरियल धमाकों में वह शामिल पाया गया था. यह आतंकी पिछले कई सालों से गायब है. सूत्रों के मुताबिक, इसकी लोकेशन अफगानिस्तान में बताई जाती है.   धौज स्थित यूनिवर्सिटी पर जांच दिल्ली धमाके के बाद फरीदाबाद के धौज में स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर से जांच एजेंसियों के रडार पर आ गई है. अल-फलाह कॉलेज की शुरुआत अल-फलाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के रूप में हुई थी. बाद में 2014 में हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज अमेंडमेंट एक्ट के तहत इसे यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला. 2008 जयपुर ब्लास्ट में अहम भूमिका मिर्जा शादाब बेग इंडियन मुजाहिदीन के लिए एक बेहद अहम सदस्य था. 2008 के जयपुर धमाकों में विस्फोटक इकट्ठा करने के लिए मिर्जा शादाब बेग उडुपी गया था. वहीं पर मिर्जा ने रियाज और यासीन भटकल को बड़ी मात्रा में डेटोनेटर और बेयरिंग मुहैया कराए थे, जिनसे IED तैयार किए गए. इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई के कारण बेग बम बनाने की तकनीक में काफी माहिर माना जाता था. अहमदाबाद-सूरत धमाकों में बड़ी भूमिका अहमदाबाद धमाकों से करीब 15 दिन पहले बेग अहमदाबाद पहुंचा था और उसने पूरे शहर की रेकी की थी. बेग ने तीन टीमों के साथ मिलकर धमाकों की प्लानिंग की और लॉजिस्टिक, IED फिटिंग और बम तैयार करने का काम किया था. इसके अलावा, गोरखपुर में हुए 2007 के बम धमाकों में भी शादाब बेग का नाम सामने आया था. इन धमाकों में 6 लोग घायल हुए थे. बाद में आईएम से लिंक जुड़ने पर गोरखपुर पुलिस ने उसकी संपत्ति कुर्क कर ली थी.

कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन आज दिल्ली में, मेजबानी करेंगे NSA अजीत डोभाल

नई दिल्ली  नई दिल्ली में हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने वाले कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की सातवीं बैठक आज होगी। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करेंगे। इस बैठक में मालदीव, मॉरीशस, श्रीलंका और बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शामिल होंगे।  सेशेल्स इस बार पर्यवेक्षक देश के तौर पर हिस्सा लेगा, जबकि मलेशिया को विशेष अतिथि के रूप में न्योता दिया गया है। इससे पहले छठी बैठक दिसंबर 2023 में मॉरीशस में हुई थी। इसके बाद अगस्त 2024 में श्रीलंका में सभी सदस्य देशों ने कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन के औपचारिक संस्थापक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे। इन देशों के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी लगातार संपर्क में रहते हैं और उनकी आखिरी बैठक जुलाई 2024 में ऑनलाइन हुई थी। कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन की शुरुआत इस मकसद से हुई थी कि हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा के मुद्दे पर सभी देश मिलकर काम करें। इस बार की बैठक में सदस्य देश पिछले ढाई साल में किए गए कामों की समीक्षा करेंगे और आगे की दिशा तय करेंगे। चर्चा के मुख्य विषय समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद और उग्रवाद से मुकाबला, ड्रग्स और मानव तस्करी जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध पर रोक, साइबर सुरक्षा, बिजली-पानी-पोर्ट जैसे अहम ढांचे की सुरक्षा, और प्राकृतिक आपदाओं में एक-दूसरे की तुरंत मदद करना रहेंगे। साथ ही 2026 के लिए नई कार्ययोजना और रोडमैप को मंजूरी दी जाएगी। भारत इस समूह में सबसे बड़ा और सक्रिय सदस्य है और लगातार कोशिश कर रहा है कि हिंद महासागर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पड़ोसी और द्वीपीय देश एक मजबूत मंच पर साथ आएं। गुरुवार की बैठक से इस दिशा में एक और ठोस कदम बढ़ने की उम्मीद है।

निठारी हत्याकांड में नया मोड़: मकान मालिक पांधर ने खोले पुराने राज, आखिर किसने की थी हत्याएं?

नोएडा  नोएडा के निठारी इलाके में 2005-06 के बीच कई महिलाओं और बच्चों के अचानक लापता होने की घटनाओं ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। मामला तब और गंभीर हो गया जब जांच में घर के पास नालियों से मानव अस्थियां बरामद हुईं और गंभीर आरोप सामने आए – बलात्कार, हत्या और नेक्रोफिलिया तक। इस खौफनाक कहानी का केंद्र बिंदु बना बंगलो D-5, जिसके मालिक मोनिंदर सिंह पांधर और उनके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली पर आरोप लगे। हालांकि, 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को सभी मामलों में बरी कर दिया, लेकिन सवाल अब भी वही है: बच्चों की हत्या किसने की? 17 साल की जेल, अब खुला मोनिंदर पांधर का सच व्यवसायी पांधर ने भारत टुडे के साथ विशेष बातचीत में अपने 17 साल के जेल जीवन और रहस्यमयी घटनाओं के बारे में बताया। उनका कहना है कि उन्हें हमेशा मीडिया हंगामा और जांच में अनियमितताओं का सामना करना पड़ा। पांधर ने कहा, “मुझे हत्या या बलात्कार के किसी भी मामले में कभी चार्जशीट नहीं किया गया। फिर सवाल उठता है कि जिम्मेदार कौन? क्या पुलिस, क्या मैं, या कोई और?” उन्होंने दावा किया कि मीडिया दबाव के कारण जांच पूरी तरह प्रभावित हुई और कई बार जांचकर्ताओं को सही दिशा में काम करने का मौका ही नहीं मिला। लापता बच्चों की कहानी 2005-06 के दौरान निठारी इलाके से कई बच्चे, ज्यादातर लड़कियां, गायब हुईं। उनकी अस्थियां घर के पास की नाली से बरामद हुईं। पांधर का कहना है कि बच्चों के लापता होने की खबरें 2006 में केस सामने आने के बाद ही सुर्खियों में आईं। उन्होंने साफ किया कि अधिकांश बच्चे D-1 से D-6 घरों और निठारी ब्रिज के आसपास गायब हुए थे, केवल D-5 तक ही सीमित नहीं थे। पांधर ने यह भी बताया कि वह बिजनेस के चलते सप्ताह में केवल कुछ दिन ही घर में रहते थे। वहीं, घर के पास पहले से ही पुलिस की गश्त लगी हुई थी। उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया और कहा कि जवान ज्यादा उम्र के थे, जो पर्याप्त सतर्क नहीं रह पाए। सुरेंद्र कोली पर मोनिंदर पांधर की राय पांधर ने जोर देकर कहा कि उन्होंने कभी सुरेंद्र कोली में कोई संदेहजनक गतिविधि नहीं देखी। कोली को मुख्य आरोपी मानते हुए जनता के बीच छवि बनाई गई थी। पांधर ने कहा, “अगर वह अच्छा नहीं होता, तो मैं उसे अपने घर में नहीं रखता।” हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि घर में कभी-कभार एस्कॉर्ट्स आती थीं, लेकिन लगातार पार्टी या असामान्य गतिविधियों का मुद्दा नहीं था। कुछ लड़कियां घर में इसलिए आती थीं क्योंकि वहां वातावरण शांत और आरामदायक था।   रहस्य ही रह गया सवाल यह है कि क्या एस्कॉर्ट्स की उपस्थिति ने कोली को प्रभावित किया? पांधर ने स्पष्ट किया, “मैं किसी के मन की बात नहीं जान सकता, केवल वही इसका जवाब दे सकता है।” पांधर को खुद तब पता चला जब पुलिस ने उनकी हिरासत में skeletal remains की सूचना दी। उन्होंने कहा, “सबसे पहले जनता को पता था, मुझे नहीं। मैं सबसे ज्यादा हैरान हुआ जब मेरे घर का नाम सामने आया।” 

दिल्ली-एनसीआर में घुटन भरी हवा, ग्रेटर नोएडा का AQI खतरनाक स्तर पर पहुंचा

नोएडा  दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति पर पहुंच चुका है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ग्रेटर नोएडा देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में पहले स्थान पर दर्ज किया गया है। मंगलवार को जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 454 तक पहुंचा था, वहीं बुधवार सुबह नॉलेज पार्क–V स्टेशन पर एक्यूआई बढ़कर 473 तक जा पहुंचा, जो सीजन का सबसे भयावह स्तर है। यह स्तर ‘गंभीर श्रेणी’ से भी आगे निकल चुका है और स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे जीवन के लिए अत्यंत हानिकारक बता रहे हैं। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद की स्थिति भी कम गंभीर नहीं है।  दिल्ली के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एक्यूआई 400 से 450 के बीच रिकॉर्ड किया गया, जबकि नोएडा में सेक्टर-125, सेक्टर-116 और सेक्टर-1 जैसे क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर 430 से 445 के बीच बना हुआ है। गाजियाबाद में संजय नगर और लोनीमें एक्यूआई 440 से ऊपर दर्ज किया गया, जो दिन-प्रतिदिन बढ़ती प्रदूषण की भयावह तस्वीर पेश करता है। ऐसे हालत तब बने हैं जब दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप -3 (ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान) के नियम लागू हैं। इस चरण में कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर रोक, जेनरेटर सेट पर प्रतिबंध, डीजल ट्रकों की एंट्री पर नियंत्रण और सड़क पर पानी का छिड़काव जैसे कई सख्त कदम उठाए जाते हैं। बावजूद इसके, प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लग रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ते वाहन, कचरा जलाना, निर्माण कार्य, औद्योगिक धुंआ और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने जैसी वजहें लगातार हवा की गुणवत्ता को और खराब कर रही हैं। उधर मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह तेज़ हवाओं या बारिश की संभावना नहीं है, वहीं न्यूनतम तापमान लगभग 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने तथा दिनभर कोहरे की स्थिति बनी रहने से प्रदूषक कण वातावरण में फंसे रहेंगे। इसका मतलब है कि आगामी दिनों में प्रदूषण से राहत की संभावना बेहद कम दिखाई दे रही है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि वर्तमान स्तर की हवा बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और हृदय या श्वास संबंधी रोगियों के लिए अत्यंत खतरनाक है। उन्होंने लोगों को घर के बाहर अनावश्यक न निकलने, मास्क पहनने और सुबह-शाम की सैर टालने की सलाह दी है। 

‘शहादत’ बयान पर बवाल: आतंकी उमर नबी को असदुद्दीन ओवैसी की दो-टूक

नई दिल्ली  दिल्ली में बम धमाका करके अपने साथ 15 लोगों की जिंदगी छीनने वाला आतंकी उमर नबी बम बांधकर इस तरह किए जाने वाले फिदायीन हमलों को मजहब का सबसे अच्छा काम मनता था। उमर के फोन से निकले एक वीडियो में वह इसे इस्लाम में जायज ठहराने की कोशिश करता दिखा। अब एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने आतंकी के कुतर्कों का जवाब देते हुए कहा कि यह इस्लाम में हराम है। उन्होंने कहा कि यह आतंकवाद के अलावा कुछ नहीं है।   दिल्ली में लाल किले के पास कार में धमाका करके मासूम लोगों की जान लेने वाले आतंकी का मोबाइल फोन कश्मीर से बरामद किया गया है। घटना से कुछ दिन पहले वह अपने घर गया था और अपने भाई को एक फोन यह कहकर दे आया था कि यदि उसके बारे में कोई जानकारी आए तो इसे पानी में फेंक देना। अब पुलिस ने उसके भाई को हिरासत में लेकर फोन बरामद किया तो उसमें यह वीडियो सामने आया। वीडियो में उमर नबी फिदायीन हमले को जायज ठहराते हुए कहता है कि इसे गलत समझा जा रहा है और इसके खिलाफ कई तर्क दिए जा रहे हैं, लेकिन सुसाइड बॉम्बिंग शहादत का अभियान है जिसे इस्लाम में भी इसी रूप में बताया गया है। ओवैसी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा कि दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी उमर नबी का एक बिना तारीख वाला वीडियो आया है जिसमें वह सुसाइड बॉम्बिंग को 'शहादत' और 'गलत समझा गया' बताते हुए उचित ठहरा रहा है। ओवैसी ने कहा, 'सुसाइड इस्लाम में हराम है और निर्दोष लोगों की हत्या बहुत बड़ा पाप है। इस तरह की हरकत कानून के भी खिलाफ है। इसे किसी भी तरह से 'गलत नहीं समझा गया' है। यह आतंकवाद के अलावा कुछ नहीं है।' गृहमंत्री अमित शाह से सवाल एआईएमआईएम नेता ने गृहमंत्री अमित शाह की ओर से किए गए दावे का जिक्र करते हुए पूछा कि इस समूह का पता नहीं लगा पाने के लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव के दौरान अमित शाह ने संसद को भरोसा दिया कि पिछले छह महीने में कोई भी स्थानीय कश्मीरी आतंकवादी समूहों में शामिल नहीं हुआ। तब यह समूह कहां से आया? इस समूह का पता नहीं लगा पाए जाने के लिए कौन जिम्मेदार है?'

कैश में कार खरीद और दिल्ली धमाका—डॉ. शाहीन-मुजम्मिल की करतूत से उठे बड़े सवाल

नई दिल्ली  दिल्ली बम धमाके मामले में आरोपी शाहीन सईद और मुजम्मिल शकील को लेकर कुछ नए खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों नई मारुति सुजुकी ब्रेजा खरीदी थी, जो विस्फोटक सामग्री ले जाने या बम पहुंचाने के लिए तैयार की जा रही 32 कारों में से एक थी। जांचकर्ताओं से जुड़े सूत्रों ने मंगलवार को एनडीटीवी को यह जानकारी दी। हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े दोनों डॉक्टरों शाहीन सईद और मुजम्मिल शकील गिरफ्तार हो चुके हैं। इन्होंने 25 सितंबर को शोरूम में सिल्वर रंग की यह कार खरीदी थी। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि उन्होंने पेमेंट कैश में किया था। 30 कारों की जानकारी आई सामने बीते सोमवार को लाल किले के पास हुंडई i20 कार में धमाका हुआ, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, यह गाड़ी उन 30 कारों में शामिल थी जिन्हें सीरियल धमाकों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जाना था। इन हमलों का निशाना कई जगहें थीं, जिनमें दिल्ली में 6 ठिकाने शामिल थे। ये हमले 6 दिसंबर को होने वाले थे। ये वही तारीख है जब 1992 में उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भीड़ ने 16वीं शताब्दी की बाबरी मस्जिद को गिरा दिया था। कई गाड़ियां हो चुकीं बरामद रिपोर्ट में बताया गया कि अब तक कई गाड़ियां बरामद हो चुकी हैं। इनमें वो ब्रेज़ा भी शामिल है जिसकी रजिस्ट्रेशन नंबर HR 87U 9988 है और यह हरियाणा में रजिस्टर्ड है। यह गाड़ी फरीदाबाद स्थित अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के कैंपस से बरामद हुई। यूनिवर्सिटी अब दिल्ली कार बम कांड की जांच के केंद्र में है। पिछले सोमवार को एक मारुति स्विफ्ट डिजायर जब्त की गई थी, जिसमें असॉल्ट राइफल और गोला-बारूद मिला था। बुधवार को फरीदाबाद में लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट भी मिली थी।  

चेहरे पर नहीं थी कोई शिकन: दिल्ली धमाके के आरोपी से मुलाकात के बाद वकील का बड़ा बयान

नई दिल्ली दिल्ली कार ब्लास्ट के मामले में एनआईए ने आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी के सहयोगी आमिर राशिद अली को गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में है। इस बीच उसकी सरकारी वकील का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया है कि उन्होंने राशिद से बात की थी और उसके चेहरे पर ना तो कोई पछतावा था और ना ही कोई अपराध बोध। एडवोकेट स्मृति चतुर्वेदी ने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आगे की जांच के लिए आमिर राशिद अली की रिमांड (पुलिस हिरासत) मांगी और कहा कि यह बहुत ज़रूरी है। उन्होंने आगे बताया कि जब उन्होंने ने आमिर से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह धमाके में इस्तेमाल की गई गाड़ी का रजिस्टर्ड मालिक है। एडवोकेट स्मृति चतुर्वेदी ने कहा,आमिर राशिद अली के चेहरे पर कोई अपराध बोध नहीं था, पछतावे की कोई भावना नहीं थी और ना ही चेहरे पर कोई शिकन थी।  

उमर का धमाके से पहले का वीडियो सामने आया, फर्राटेदार अंग्रेज़ी में आत्मघाती हमले को सही ठहराया

नई दिल्ली  दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम देने वाले आतंकी मोहम्मद उमर नबी का एक नया वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में उमर नबी अंग्रेजी में तकरीर दे रहा है और इस वीडियो में वो सुसाइड बॉम्बिंग को सही ठहरा रहा है. इस वीडियो में आतंकी उमर नबी अकेले है और कैमरे के सामने बैठ कर वीडियो बना रहा है.  इस वीडियो में आतंकी उमर कहता है कि सुसाइड बॉम्बिंग को ठीक से समझा नहीं गया है.  वीडियो में अपने टी शर्ट में लैपल लगाया हुआ उमर कहता है, "लोग जो सबसे बड़ी गलती करते हैं, वह यह समझने में नाकाम रहना है कि बम विस्फोट या आत्मघाती बम विस्फोट का विचार असल में क्या है. इसके खिलाफ कई विरोधाभास और अनगिनत तर्क हैं." वह आगे कहता है, "आत्मघाती हमलों की मुख्य समस्या यह है कि जब कोई व्यक्ति यह मान लेता है कि उसकी मृत्यु एक निश्चित समय और स्थान पर होगी, तो वह एक खतरनाक मानसिक स्थिति में चला जाता है. वह यह मानने लगता है कि मृत्यु ही उसकी एकमात्र मंज़िल है." आगे वह कहता है कि, 'लेकिन सच्चाई यह है कि ऐसी सोच, या ऐसी परिस्थितिया,  किसी भी लोकतांत्रिक या इंसानी व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकतीं, क्योंकि वे जीवन, समाज और कानून के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन करती हैं.' ये वीडियो यही तक है. इसलिए सुसाइड बॉम्बिंग पर उसके आगे के विचार सामने नहीं आ पाए हैं. लेकिन इस वीडियो में आतंकी उमर काफी इत्मीनान सा मालूम होता है और वह सिर हिला-हिलाकर बात कर रहा है.  ये वीडियो आतंकियों का मनोविज्ञान पढ़ने वाले वैज्ञानिकों के लिए बड़े काम की चीज हो सकती है. बता दें कि लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है. ये धमाका तब हुआ जब कार में बैठे एक शख्स ने मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के बाहर खुद को उड़ा लिया था.  जांच एजेंसियों ने आतंकी उमर की मां का डीएनए सैंपल लेकर पुष्टि की है कि कार चलाने वाला शख्स आतंकी उमर ही था. और इस धमाके में उसके चिथड़े उड़ गए हैं. इस केस की जांच अभी जारी ही है. पुलिस ने इस मामले में दिल्ली हरियाणा जम्मू-कश्मीर से कई लोगों को गिरफ्तार किया है.  इस केस का लिंक फरीदाबाद में बरामद हुए 2900 किलो विस्फोटक से जुड़ा है.  डॉ उमर कौन हैं? आतंकी डॉ उमर मूल रूप से पुलवामा के कोइल गांव का रहने वाले था. भारत विरोधी गतिविधियों में उसकी काफी दिलचस्पी थी.  पुलिस सूत्रों का कहना है कि हाल के महीनों में उमर का व्यवहार बदल गया था. 30 अक्टूबर से उन्होंने फरीदाबाद में स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय की ड्यूटी छोड़ दी थी और फरीदाबाद और दिल्ली का चक्कर लगाने लगता था. वो अक्सर रामलीला मैदान और सुनहरी मस्जिद के पास की मस्जिदों में रुकता था.  पुलिस के अनुसार वह 9 नवंबर को फरीदाबाद में छापेमारी के बाद लापता हो गया था, जिसके बाद एक गोदाम से लगभग 2,900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद हुआ था और उसके कुछ साथियों की गिरफ्तारी हुई थी. 

यमुना सिटी में 7 सेक्टरों के किनारे विकसित होगा नया रिवरफ्रंट: जानें YEIDA की पूरी मास्टर प्लानिंग

नई दिल्ली यमुना सिटी में सात सेक्टरों के पास यमुना नदी के किनारे कई किलोमीटर लंबा रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। इस परियोजना को शहर को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए विशेष परियोजना के रूप में शामिल किया गया है और इसका विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में यह रिवर फ्रंट यमुना नदी के आसपास बसे सेक्टर-26बी, 27, 26, 25, 24, 24ए, 23डी और अन्य क्षेत्रों में विकसित किया जाएगा। इन सेक्टरों के आसपास इस परियोजना के तहत सुंदर और व्यवस्थित नदी किनारे का निर्माण किया जाएगा। रिवर फ्रंट परियोजना के तहत नदी और आसपास के सेक्टरों के बीच एक लंबा व चौड़ा रास्ता विकसित किया जाएगा। इस मार्ग पर घास के टीले, शेड, फूलों की क्यारियां, रंग-बिरंगी रोशनी वाले फव्वारे, जॉगिंग और साइकिल ट्रैक, आकर्षक लैंडस्केपिंग, साथ ही खानपान कियोस्क, नदी देखने और बैठने के व्यू पॉइंट बनाए जाएंगे। यह सुविधाएं न केवल नदी तट से सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी, बल्कि जल गुणवत्ता में सुधार में भी मदद करेंगी। परियोजना में तटबंध का निर्माण किया जाएगा, जो मानसून के दौरान बाढ़ से क्षेत्र की सुरक्षा करेगा। साथ ही, क्षेत्र की उन्नत जल निकासी प्रणाली और रियल-टाइम मॉनिटरिंग बाढ़ से सुरक्षा को और प्रभावी बनाएगी। तालाबों-नहरों के आसपास 30 मीटर में ग्रीन बेल्ट होगा फेज-1 में कुल 10 प्रमुख झीले, नहरें और 135 तालाब शामिल हैं। ये तालाब और नहरें भूजल पुनर्भरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। वर्तमान में 38 तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। मास्टर प्लान के अनुसार, इन तालाबों और नहरों को हरित संरक्षण क्षेत्र के रूप में रखा गया है और इसके आसपास खुले हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। नहरों के दोनों किनारों पर 30 मीटर और प्राकृतिक जलधाराओं के दोनों किनारों पर 15 मीटर की ग्रीन बेल्ट बनाई जाएगी। शैलेंद्र भाटिया, ओएसडी यीडा, ने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी को ध्यान में रखते हुए, फेज-1 में 15 प्रतिशत हरित क्षेत्र निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि यह पहल शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने और यहां आने वाले लोगों को अलग और आकर्षक अनुभव प्रदान करने में मदद करेगी। पर्यटकों को बोटिंग की सुविधा मिलेगी नए आगरा शहर में 823.7 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रीन रिवर बफर जोन विकसित किया जाएगा। इस क्षेत्र में रंग-बिरंगे फूल, दुर्लभ पेड़-पौधे और जलस्रोत तैयार किए जाएंगे। पर्यटकों के लिए यहां बोटिंग, वॉकवे और फूड स्टॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, वेलनैस टूरिज्म एक्टिविटी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें योग और आयुर्वेदिक मसाज जैसी गतिविधियों के माध्यम से लोग अपने शरीर और मन को स्वस्थ कर सकेंगे। धनौरी वेटलैंड पर्यटन स्थल बनेगा धनौरी वेटलैंड क्षेत्र, जो लगभग 100 एकड़ में फैला है, का उत्तर-पूर्वी भाग दलदली और जलभराव वाला है, जिसका कुल क्षेत्रफल 46.35 हेक्टेयर है। इस क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के विदेशी जलीय जीव और सारस पाए जाते हैं। फिलहाल पर्यटकों के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं है। इस वेटलैंड के संरक्षण के लिए 112.89 हेक्टेयर का प्रभाव क्षेत्र (जोन ऑफ इन्फ्लुएंस) चिन्हित किया गया है, जिसके चारों ओर 100 मीटर का हरित बफर जोन तैयार होगा। इस जोन में हरे-भरे घास के टीले, वॉकवे, रंग-बिरंगे फव्वारे आदि बनाए जाएंगे, ताकि लोग प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकें। साथ ही, इस क्षेत्र के पास 10 हेक्टेयर में पशु बचाव और पुनर्वास केंद्र विकसित किया जा रहा है, जो काले हिरण और अन्य वन्य जीवों का आश्रय बनेगा।