samacharsecretary.com

खतरे के निशान के पास पहुंची यमुना, 32 गांवों में सतर्कता बढ़ी

नई दिल्ली सावधान! दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर फिर से खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है. गाजियाबाद में यमुना और हिंडन नदी के किनारे बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है, इसलिए जिला प्रशासन ने इन नदियों के किनारे स्थित लगभग 32 गांवों में निगरानी शुरू कर दी है. इसके साथ ही, डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों को भी चेतावनी दी गई है. प्रशासन के अनुसार, रविवार को पुराने लोहे के पुल के पास जलस्तर 204.05 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 2024.50 मीटर से थोड़ा कम है, जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर से अभी भी नीचे है. इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सावधानी बरतने का निर्णय लिया है. हिंडन नदी गाजियाबाद से होकर गौतमबुद्धनगर में यमुना में मिलती है, जबकि यमुना नदी लोनी क्षेत्र से दिल्ली में प्रवेश करती है और गौतमबुद्धनगर के रास्ते मथुरा की ओर बढ़ती है. गाजियाबाद में यमुना और हिंडन के किनारे लगभग 32 गांव स्थित हैं. नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने पर बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है, और वर्तमान में पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के कारण यमुना का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है. रविवार को यमुना का जल स्तर 209.00 मीटर दर्ज किया गया, जो दो दिन पहले 209.50 मीटर था. हथनी कुंड से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण अगले दो से तीन दिनों में जलस्तर में और वृद्धि की संभावना है, इसलिए इन नदियों के तटबंधों की निगरानी की जा रही है. हाल ही में हिंडन नदी में पानी का स्तर तेजी से बढ़कर 1900 क्यूसेक तक पहुंच गया है, जबकि कुछ दिन पहले यह मात्र 660 क्यूसेक था. इस वृद्धि के कारण डूब क्षेत्र में खतरा उत्पन्न हो गया है. दो साल पहले जब हिंडन में पानी का स्तर 2000 क्यूसेक से अधिक था, तब बाढ़ आई थी, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया था और सिटी फोरेस्ट पूरी तरह से जलमग्न हो गया था. अब एक बार फिर हिंडन में पानी बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बढ़ गई है. सिचाई विभाग ने डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों को चेतावनी दी है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन गांवों के निकट स्थित डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गतिविधि या अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाना चाहिए. इसके अलावा, सिचाई विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने भी यह स्पष्ट किया है कि यदि इस क्षेत्र में जनधन की हानि होती है, तो संबंधित व्यक्ति इसके लिए स्वयं जिम्मेदार होगा. हिंडन किनारे आवासीय क्षेत्र में प्रवेश कर जाता है पानी सिचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार वर्ण ने जानकारी दी कि बरसात के मौसम में हिंडन नदी का पानी कई किलोमीटर तक आवासीय क्षेत्रों में घुस जाता है. इसे रोकने के लिए नदी के किनारे तटबंध बनाए गए हैं और बाढ़ की एक सीमा निर्धारित की गई है, जिसे डूब क्षेत्र कहा जाता है. इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है, फिर भी धीरे-धीरे यहां अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है. यमुना और हिंडन के डूब क्षेत्र में बाढ़ की संभावना को लेकर चेतावनी जारी की गई है, और अवैध अतिक्रमण के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है. जलस्तर पर नजर रख रहा प्रशासन प्रशासन यमुना के बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रहा है. अधिकारियों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर राहत और बचाव कार्य तुरंत आरंभ किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि यमुना में 204.5 मीटर पर चेतावनी, 205.3 मीटर पर खतरा और 206 मीटर पर निकासी की प्रक्रिया शुरू होती है. इस स्तर पर प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाता है. केंद्रीय बाढ़ कक्ष के अनुसार, जलस्तर में वृद्धि का प्रमुख कारण वजीराबाद और हथिनीकुंड से हर घंटे बड़ी मात्रा में पानी का प्रवाह है. इसके अलावा, हरियाणा और उत्तराखंड के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश भी जलस्तर को लगातार बढ़ा रही है. जानकारी के अनुसार, वजीराबाद बैराज से लगभग 30,800 क्यूसेक और हथिनीकुंड बैराज से लगभग 25,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे दिल्ली में चेतावनी के स्तर के करीब पहुंचने की संभावना बढ़ गई है.

दिल्ली मेट्रो का यात्री रिकॉर्ड टूटा, राखी के दिन 81 लाख से ज्यादा लोगों ने किया सफर

नई दिल्ली रक्षा बंधन पर दिल्ली मेट्रो ने रिकॉर्ड बना डाला। रक्षाबंधन से एक दिन पहले 8 अगस्त 2025 को दिल्ली मेट्रो ने अब तक की सबसे बड़ी डेली राइडरशिप दर्ज की। इस दिन 81 लाख से भी ज्यादा पैसेंजर ने दिल्ली मेट्रो में सफर किया। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने ट्वीट करते हुए बताया कि 8 अगस्त को सभी कॉरिडोर मिलाकर कुल 81.87 लाख पैसेंजर जर्नी हुईं, जो एक नया रिकॉर्ड है। डीएमआरसी ने इसे यात्रियों के बढ़ते भरोसे का संकेत बताया। रक्षाबंधन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने उसी दिन 92 अतिरिक्त ट्रिप चलाईं। अगले दिन, यानी रक्षाबंधन पर, 455 अतिरिक्त ट्रिप का संचालन किया। डीएमआरसी के मुताबिक, इससे पहले का रिकॉर्ड 18 नवंबर 2024 को बना था, जब 78.67 लाख पैसेंजर जर्नी दर्ज हुई थीं। अन्य उच्च राइडरशिप वाले दिनों में 20 अगस्त 2024 शामिल है, जब 77.48 लाख जर्नी हुई थीं। 13 फरवरी 2024 को 71.09 लाख जर्नी दर्ज की गई थीं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तौर पर बढ़ती मेट्रो की लोकप्रियता दिल्ली मेट्रो का यह नया रिकॉर्ड राजधानी और आसपास के इलाकों में मेट्रो के बढ़ते महत्व और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तौर पर उसकी लोकप्रियता को एक बार फिर साबित करता है। अधिकारी ने बताया कि त्योहारों के दौरान बढ़ी हुई डिमांड को पूरा करने के लिए मेट्रो अपनी ऑपरेशन कैपेसिटी को एडजस्ट करती है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिल सके। क्यों बढ़ जाती है मेट्रो में भीड़? त्योहारी सीजन में लोग ट्रैफिक जाम से बचने और समय पर गंतव्य तक पहुंचने के लिए मेट्रो को प्राथमिकता देते हैं। 8 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर लंबा जाम था, जिससे बचने के लिए मेट्रो सबसे सुविधाजनक विकल्प रही। यह न केवल समय बचाती है बल्कि आरामदायक और सुरक्षित सफर भी सुनिश्चित करती है। रक्षाबंधन जैसे मौकों पर घर जाने, खरीदारी करने और रिश्तेदारों से मिलने के लिए मेट्रो की लोकप्रियता और भी बढ़ जाती है।

गडकरी का कटाक्ष: दादागिरी के पीछे यही वजह है… टैरिफ विवाद में अमेरिका पर निशाना

नई दिल्ली. अमेरिका से चल रहे टैरिफ तनाव पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने परोक्ष रुप से अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि आज जो देश दुनिया में अपनी दादागिरी चला रहे हैं, वह ऐसा इसलिए कर पा रहे हैं क्योंकि वह आर्थिक रूप से मजबूत हैं। उन देशों के पास टेक्नोलॉजी भी है। हमें अगर भारत की 'विश्व गुरु' की छवि को आगे बढ़ाना है तो हमें भी टेक्नोलॉजी और आर्थिक क्षेत्र में मजबूत होना होगा। नागपुर के विश्वेश्वेरैया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में अपनी बात रखते हुए केंद्रीय मंत्री ने आयात को कम करने और निर्यात को बढ़ाने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, "अगर हमारे निर्यात और अर्थव्यवस्था की दर बढ़ती है, तो मुझे नहीं लगता कि हमें किसी के पास जाने की जरूरत पड़ेगी। जो लोग ‘दादागिरी’ कर रहे हैं, वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे आर्थिक रूप से मजबूत हैं और उनके पास टेक्नोलॉजी है।" गडकरी ने भारत की संस्कृति और विश्व बंधुत्व की भावना पर जोर देते हुए कहा कि आज अगर हम आर्थिक रूप से सशक्त हो जाएं और टेक्नोलॉजी में भी आगे हो जाएं। इसके बाद भी हम किसी पर धौंस नहीं जमाएंगे क्योंकि हमारी संस्कृति में यह नहीं है। हमारी संस्कृति हमें सिखाती है कि विश्व का कल्याण सबसे महत्वपूर्ण है। गडकरी ने कहा आज दुनिया की सभी समस्याओं का उपाय साइंस, टेक्नोलॉजी और नॉलेज है। अगर हम इन तीनों चीजों का उपयोग करेंगे तो हमें कभी भी दुनिया के सामने झुकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि रिसर्च सेंटर्स, आईआईटी और इंजीनियरिंग कॉलेजों को देश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शोध करना चाहिए। सभी जिलों, राज्य और क्षेत्रों में अलग-अलग बातें हैं। हमें सभी को ध्यान में रखकर काम करना होगा। अगर हम लगातार ऐसे काम करेंगे तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था की विकास दर तीन गुना तक बढ़ जाएगी।

पहलगाम अटैक के बाद कैसे बदली रणनीति? आर्मी चीफ ने बताई पूरी कहानी

नई दिल्ली.  सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने 22 अप्रैल को हुए पाहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने बताया कि हमले के अगले ही दिन सशस्त्र बलों को “फ्री हैंड” दे दिया गया था, ताकि वे अपनी रणनीति और विवेक के अनुसार कार्रवाई कर सकें। जनरल द्विवेदी ने कहा कि 23 अप्रैल को हुई बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा- “अब बहुत हो चुका”। इस बैठक में तीनों सेना प्रमुख मौजूद थे और यह सहमति बनी कि निर्णायक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “पहली बार हमने इस तरह का राजनीतिक आत्मविश्वास, स्पष्टता और दिशा देखी, जिसने हमारे कमांडरों का मनोबल बढ़ाया।” 25 अप्रैल को सेना प्रमुख ने उत्तरी कमान का दौरा किया, जहां विस्तृत योजना पर काम हुआ। नौ में से सात प्रमुख आतंकी ठिकानों को प्राथमिकता दी गई। लक्ष्य था कि पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय आतंकवादी बुनियादी ढांचे को तबाह करना है। इन सात लक्ष्यों को सटीकता से नष्ट किया गया और बड़ी संख्या में आतंकियों को मार गिराया गया। पाहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सेना प्रमुख की पहली बैठक 29 अप्रैल को हुई थी। जनरल द्विवेदी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक नाम नहीं था, बल्कि यह पूरे राष्ट्र को जोड़ने वाला अभियान था। यही वजह थी कि लोग पूछ रहे थे- आपने क्यों रोका? और इस सवाल का पूरा जवाब दिया गया।” हमले के पंद्रह दिन बाद, 7 मई को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह के अनुसार, इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमान और एक बड़ा एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) विमान मार गिराया गया। 100 से अधिक आतंकियों को पाकिस्तान और PoK में ढेर किया गया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को हाल के वर्षों की सबसे सटीक और सफल जवाबी सैन्य कार्रवाई माना जा रहा है। सेना प्रमुख के अनुसार, स्पष्ट राजनीतिक समर्थन और तीनों सेनाओं की संयुक्त योजना ने इसे संभव बनाया।

दिल्ली अस्पताल में आग लगने से हड़कंप, एक कर्मचारी की मौत, मरीजों को शीशे तोड़कर सुरक्षित निकाला गया

नई दिल्ली  रक्षाबंधन के दिन दिल्ली के आनंद विहार स्थित कॉस्मॉस (KOSMOS) हॉस्पिटल में शनिवार दोपहर अचानक आग लग गई, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में कुछ ऑक्सीजन सिलेंडर भी आ गए, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई। हालांकि, समय रहते दिल्ली फायर ब्रिगेड की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और मरीजों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया। इस दौरान एक हाउसकीपिंग स्टाफ की मौत हो गई, जबकि चार लोग बेहोश हो गए। हादसे के कारणों की जांच जारी है। शार्ट सर्किट से लगी भीषण आग स्थानीय सूत्रों और अस्पताल स्टाफ के अनुसार, आग शार्ट सर्किट के कारण लगी थी। इसके बाद हॉस्पिटल में दो से तीन ऑक्सीजन सिलेंडरों में ब्लास्ट हुआ, जिसने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया। दिल्ली फायर ब्रिगेड की तीन फायर टेंडर टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। उन्होंने धुआं भर जाने के कारण फूटे हुए शीशों के रास्ते मरीजों को निकाला और उन्हें पुष्पांजलि हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया। एक हाउसकीपिंग स्टाफ की मौत, चार लोग बेहोश आग लगने के दौरान हॉस्पिटल के हाउसकीपिंग स्टाफ अमित ने खुद को एक स्टोर रूम में बंद कर लिया था। दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई। इसके अलावा, चार अन्य लोग बेहोश हो गए हैं, जिनमें से अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वे मरीज हैं या तीमारदार। फायर ब्रिगेड की टीम ने समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। 

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: 334 दलों का पंजीकरण रद्द, देश में बचे सिर्फ 67 क्षेत्रीय पार्टियां

नई दिल्ली  अब देश में सिर्फ 6 राष्ट्रीय पार्टियां रह गई हैं। उनमें अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP), मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP), देश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP), कॉम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी), मुख्य विपक्षी कांग्रेस और राष्ट्रीय पिपुल्स पार्टी (NPP)। भारत के चुनाव आयोग ने निर्वाचन प्रणाली की सफाई की बात करते हुए 334 राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। देश में सिर्फ 6 राष्ट्रीय दल हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय पार्टियों की संख्या घटकर 67 रह गई है। आपको बता दें कि भारत में राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के प्रावधानों के तहत निर्वाचन आयोग (ECI) में किया जाता है। राजनीतिक दलों के रजिस्ट्रेशन के लिए जारी दिशानिर्देशों में यह प्रावधान है कि यदि कोई दल लगातार 6 वर्षों तक चुनाव नहीं लड़ता है तो उसे पंजीकृत दलों की सूची से हटा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत दल को रजिस्ट्रेशन के समय अपना नाम, पता, पदाधिकारियों के नाम आदि का विवरण देना होता है। इनमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन होने पर उसे बिना विलंब निर्वाचन आयोग को सूचित करना अनिवार्य है। इससे पहले, जून 2025 में निर्वाचन आयोग ने राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को 345 दलों की जांच करने का निर्देश दिया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने इसकी जांच की, इन दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। प्रत्येक दल को व्यक्तिगत सुनवाई के माध्यम से अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया गया। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर पाया गया कि कुल 345 दलों में से 334 तय शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं। शेष मामलों को पुनः जांच के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को वापस भेजा गया है। आयोग ने सभी तथ्यों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की अनुशंसाओं पर विचार करने के बाद 334 दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया। भारत में अब सिर्फ 6 राष्ट्रीय पार्टियां चुनाव आयोग की नई कार्रवाई के बाद अब देश में सिर्फ 6 राष्ट्रीय पार्टियां रह गई हैं। उनमें अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP), मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP), देश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP), कॉम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी), मुख्य विपक्षी कांग्रेस और राष्ट्रीय पिपुल्स पार्टी (NPP)। क्षेत्रीय दलों की लिस्ट 1. आजसू पार्टी (AJSU Party) 2. ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) 3. ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक 4. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) 5. ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस 6. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) 7. ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) 8. अपना दल (सोनेलाल) 9. असम गण परिषद 10. भारत आदिवासी पार्टी 11. भारत राष्ट्र समिति (BRS) 12. बीजू जनता दल (BJD) 13. बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट 14. सिटिजन एक्शन पार्टी – सिक्किम 15. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) 16. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (मुक्ति) 17. देशिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम 18. द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) 19. गोवा फॉरवर्ड पार्टी 20. हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी 21. इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) 22. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) 23. इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा 24. जम्मू एवं कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस 25. जम्मू एवं कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी 26. जम्मू एवं कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी 27. जनसेना पार्टी 28. जनता दल (सेक्युलर) 29. जनता दल (यूनाइटेड) 30. जननायक जनता पार्टी 31. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) 32. झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) 33. केरल कांग्रेस 34. केरल कांग्रेस (एम) 35. लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) 36. लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) 37. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) 38. महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी 39. मिजो नेशनल फ्रंट 40. नाम तमिलर कच्ची 41. नागा पीपुल्स फ्रंट 42. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) 43. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी – शरदचंद्र पवार गुट 44. नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी 45. पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट 46. पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल 47. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) 48. राष्ट्रीय लोक समता पार्टी 49. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी 50. रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) 51. रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी 52. रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी 53. समाजवादी पार्टी (SP) 54. शिरोमणि अकाली दल (SAD) 55. शिवसेना 56. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) 57. सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट 58. सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा 59. तेलुगु देशम पार्टी (TDP) 60. टिपरा मोटा पार्टी 61. यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी 62. यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी, लिबरल 63. विदुथलाई चिरुथैगल कच्ची 64. वॉयस ऑफ द पीपुल पार्टी 65. युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) 66. जोराम नेशनलिस्ट पार्टी 67. जोराम पीपुल्स मूवमेंट  

दिल्ली के जैतपुर में मंदिर की दीवार गिरने से हुई दर्दनाक मौतें, 7 घायल

नई दिल्ली दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी इलाके जैतपुर के हरि नगर में आज उस वक्त हड़कंप मच गया। यहां एक पुराने मंदिर की दीवार अचानक भरभराकर ढह गई। दीवार का हिस्सा गिरने से 8 लोग नीचे दब गए थे, जिनमें से 7 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें एक ही परिवार के चार लोग शामिल हैं। इस हादसे में कुल 8 लोग बुरी तरह घायल हुए थे, जिनमें से 7 की अब तक मौत हो चुकी है। एक का इलाज चल रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के घरों में लोग दहशत में आ गए। दमकल कर्मी मलबे में फंसे लोगों को निकालने और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए हैं। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन बचाव कार्य जोरों पर है। हरि नगर में दीवार गिरने की घटना पर एडिशनल डीसीपी साउथ ईस्ट ऐश्वर्या शर्मा ने कहा, 'यहां एक पुराना मंदिर है और उसके बगल में पुरानी झुग्गियां हैं जहां कबाड़ी रहते हैं। रात भर हुई भारी बारिश के कारण दीवार गिर गई। 8 लोग फंस गए थे, जिन्हें बचाकर अस्पताल ले जाया गया। उनका इलाज चल रहा है। हमें नहीं पता कि कितने लोग मरे हैं, लेकिन हमारे अनुसार, 3-4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जो शायद बच न पाएं। हमने अब इन झुग्गियों को खाली करा दिया है ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो।' क्या है हादसे की वजह? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत पुरानी थी और संभवतः रखरखाव की कमी या निर्माण में खामियों के कारण यह हादसा हुआ। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं, और स्थानीय लोग इस बात से नाराज हैं कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से कोई कदम नहीं उठाए गए। दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर स्थिति को संभाल रही हैं। आसपास के इलाकों को खाली करवाया जा रहा है ताकि कोई और खतरा न हो। यह हादसा एक बार फिर दिल्ली में पुरानी इमारतों की सुरक्षा पर सवाल उठाता है।  

दिल्ली में बाढ़ की आशंका बढ़ी, प्रशासन ने यमुना किनारे बढ़ाई निगरानी

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। यमुना नदी का जलस्तर शनिवार सुबह 9 बजे ओल्ड रेलवे ब्रिज पर 204.40 मीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान 204.50 मीटर से बस थोड़ा ही नीचे है। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित विभागों को बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। क्यों बढ़ रहा है जलस्तर? केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया, "यमुना का जलस्तर बढ़ने का मुख्य कारण वजीराबाद और हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे बड़ी मात्रा में पानी का छोड़ा जाना है।" इसके अलावा, हरियाणा और उत्तराखंड के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई बारिश ने भी नदी के जलस्तर को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। बैराज से पानी की स्थिति बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, वजीराबाद बैराज से हर घंटे करीब 30,800 क्यूसेक और हथिनीकुंड बैराज से 25,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यह पानी दिल्ली पहुंचने में आमतौर पर 48 से 50 घंटे का समय लेता है। ऊपरी क्षेत्रों से कम मात्रा में पानी छोड़े जाने के बावजूद, दिल्ली में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। क्या है खतरे का निशान? दिल्ली में यमुना के लिए चेतावनी स्तर 204.50 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 205.30 मीटर पर है। यदि जलस्तर 206 मीटर तक पहुंचता है, तो शहर में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ओल्ड रेलवे ब्रिज यमुना के प्रवाह और बाढ़ के जोखिम को मापने का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। प्रशासन की तैयारी प्रशासन ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए सभी जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। संबंधित एजेंसियों को नदी के किनारे बसे इलाकों में नजर रखने और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है। दिल्लीवासियों से भी अपील की गई है कि वे नदी के आसपास सावधानी बरतें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।  

निर्माणाधीन मेट्रो लाइन का एक हिस्सा 15 मीटर तक धंसा, पुलिस ने की बैरिकेडिंग

नई दिल्ली वसंत कुंज स्थित मसूदपुर फ्लाईओवर के पास निर्माणाधीन मेट्रो लाइन का एक हिस्सा धंस गया। फ्लाईओवर के पास बैरिकेड लगाकर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है।  डीएमआरसी के मुताबिक मसूदपुर फ्लाईओवर के पास मेट्रो के खोदाई वाले क्षेत्र में फुटपाथ का लगभग 10 से 15 मीटर का हिस्सा धंस गया है। किसी भी व्यक्ति या सामग्री को कोई नुकसान नहीं हुआ है।  एहतियात के तौर पर मसूदपुर फ्लाईओवर के नीचे फुटपाथ के पास की सड़क पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। डीएमआरसी दिल्ली यातायात पुलिस के साथ समन्वय कर रही है ताकि यातायात सुचारू रहे।  

देश की राजधानी में बारिश का कहर: कई इलाके डूबे, उड़ानों में देरी, सांसदों के फ्लैट्स के पास भी भरा पानी

नईदिल्ली  आज रक्षाबंधन है और दिल्ली-एनसीआर में सुबह हुई भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. बारिश ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया. सड़कों पर घुटनों तक पानी आ गया. जगह-जगह ट्रैफिक जाम के हालात बन गए. उड़ान संचालन पर भी असर पड़ा है. बड़ी संख्या में उड़ानें लेट भी लेट हुई हैं. दिल्ली में जलभराव से हालात खराब हैं. बीडी मार्ग पर सांसदों के फ्लैट हैं. यहां नर्मदा अपार्टमेंट के ठीक सामने जलभराव देखा जा रहा है. दिल्ली में तेज बारिश होने पर इस हिस्से में जलभराव आम बात बन गई है. जब पानी का स्तर बढ़ता है तो निकासी के लिए नालियां खोली जाती हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर में रेड अलर्ट जारी किया है. दिनभर मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है. खासकर पूर्वी और सेंट्रल दिल्ली में तेज बारिश होने की संभावना है. दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने यात्रियों को उड़ानों की जानकारी के लिए अपनी-अपनी एयरलाइन से संपर्क करने की सलाह दी. एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा कि मौसम प्रतिकूल है. हालांकि परिचालन इस समय सामान्य है. इंडिगो और स्पाइसजेट ने यात्रियों को शहर में ट्रैफिक जाम को लेकर अलर्ट रहने के लिए कहा. दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने स्पष्ट किया है कि बारिश के कारण IGI एयरपोर्ट पर कोई फ्लाइट डायवर्जन नहीं हुआ है. एयरपोर्ट और यात्रियों के लिए एडवाइजरी एक यात्री ने आजतक को बताया, मेरी फ्लाइट त्रिवेंद्रम से रात 11:45 बजे लैंड हुई, लेकिन घर (मयूर विहार) पहुंचने में तीन घंटे से ज्यादा लग गए. जबकि दूरी सिर्फ 25 किमी है. सराय काले खा के पास एक घंटे का जाम था और कम से कम चार जगह पानी भरा था. सुबह 5:30 से 8:30 बजे के बीच कितनी बारिश हुई? – सफदरजंग: 49.6 मिमी – पूसा: 47.0 मिमी – मयूर विहार: 42.0 मिमी – प्रगति मैदान: 40.6 मिमी कई इलाकों में पानी भरने से मुश्किलें आईटीओ, मुनीरका मेट्रो स्टेशन गेट नंबर-1, मोती बाग, एपीएस कॉलोनी, अकबर रोड, साउथ एवेन्यू, रंजीत सिंह फ्लाईओवर, मंडी हाउस, मिंटो रोड, संगम विहार, वसंत कुंज, आरके पुरम, कनॉट प्लेस, पंचकुइयां मार्ग समेत कई जगहों पर जलभराव की स्थिति है. यमुना का जलस्तर सुबह 8 बजे 204.4 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 204.5 मीटर से 10 सेमी कम है. खतरे का स्तर 205.33 मीटर है. यानी नदी फिलहाल बाढ़ स्तर से करीब 93 सेमी नीचे बह रही है. गाजियाबाद में भी बारिश का असर सुबह से हो रही बारिश के कारण एनएच-9 विजय नगर अंडरपास और रेलवे स्टेशन जाने वाली मुख्य सड़क पर पानी भर गया. वाहन पानी में से गुजरते नजर आए. नोएडा में घुटनों तक पानी नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई सड़कें जलभराव की चपेट में हैं. सूरजपुर कस्बे में घुटनों तक पानी भर गया. जलभराव से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है और प्राधिकरण के दावों की पोल खुल गई. मौसम का पूर्वानुमान IMD ने बताया कि अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. दिल्ली में 12 अगस्त तक गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. हिमाचल में भी बारिश का अलर्ट पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का पूर्वानुमान है. 3 जिलों के लिए 11 और 12 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट और बाकी के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. 20 जून से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 202 मौतें हो चुकी हैं. अगस्त में यहां सामान्य से 35% ज्यादा बारिश हुई है, जबकि शिमला और मंडी जिलों में यह औसत से 65% तक ज्यादा है.