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एग्जाम टाइम में टीचर्स की मुश्किलें बढ़ीं: पंजाब सरकार के नए आदेश से बढ़ी जिम्मेदारी

लुधियाना आम आदमी पार्टी की राज्य सरकार 2022 में मुख्य रूप से तीन गारंटी – शिक्षा, स्वास्थ्य और नशा खत्म करने के वादों के साथ सत्ता में आई थी, जिसमें से सरकार चार साल बाद भी फेल रही है। पहले, भारत के चुनाव आयोग द्वारा निर्देशित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की तैयारी ने शिक्षक BLO को स्कूली शिक्षा से दूर रखा और अब राज्य सरकार द्वारा घोषित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना ने हदें पार कर दी हैं और स्कूलों में चल रही परीक्षाओं के बीच लुधियाना जिले में कई शिक्षकों को इस योजना के तहत ड्यूटी पर लगा दिया गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए संगठन के जिला अध्यक्ष रमनजीत सिंह संधू और महासचिव रूपिंदर पाल सिंह जंडियाली ने कहा कि पिछले महीने, पंजाब के मुख्यमंत्री ने राज्य के हर निवासी को 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा देने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की और अपने राजनीतिक मकसद को पूरा करने के लिए लोगों से इकट्ठा किए गए टैक्स को विज्ञापनों के रूप में बर्बाद करने के अलावा, उन्होंने स्कूली शिक्षा को भी भगवान भरोसे छोड़ दिया है। मौजूदा सरकार और शिक्षा मंत्री की कई बार स्टेज से टीचरों से सिर्फ़ पढ़ाई से जुड़े काम लेने की बात एक बड़ा झूठ साबित हुई है। सरकारी स्कूलों में पिछड़े और मेहनती लोगों के बच्चे पढ़ाई के लिए टीचरों का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन प्रशासन टीचरों को गैर-पढ़ाई वाले काम सौंप देता है। अब स्कूलों में नॉन-बोर्ड क्लास और बोर्ड क्लास के एग्जाम चल रहे हैं, इसी बीच जिला प्रशासन ने लुधियाना जिले के टीचरों की ड्यूटी मुख्यमंत्री सेहत योजना में लगा दी है। इससे पहले, पंजाब भर में लगभग 20,000 टीचर पहले से ही BLO ड्यूटी पर थे और एग्जाम की तैयारियों के दौरान लगभग डेढ़ महीने तक स्कूल से बाहर रखे गए थे। संगठन ने इन गैर-पढ़ाई वाले कामों की कड़ी निंदा की है और जोर देकर मांग की है कि पंजाब सरकार और जिला प्रशासन ऐसे कामों के लिए नई भर्तियां करें और टीचरों को छूट देने की पुरजोर मांग की है। जिला उपाध्यक्ष बलबीर सिंह बासियां, जंगपाल सिंह रायकोट, राजिंदर जंडियाली, प्रभजोत सिंह तलवंडी, नरिंदर सिंह रायकोट, अवतार सिंह खालसा, राकेश पुहीड़, 4161 मास्टर कैडर यूनियन पंजाब राज्य वित्त सचिव जसविंदर सिंह ऐतियाना, 6635 ई.टी.टी. टीचर्स यूनियन पंजाब जिला लुधियाना के अध्यक्ष परमिंदर सिंह मलौद, जिला सचिव बलजिंदर सिंह, अमरिंदर सिंह आदि ने राज्य सरकार से जोरदार अपील की कि स्कूलों में पढ़ाने के लिए भर्ती किए गए टीचरों से सिर्फ पढ़ाई का काम लिया जाए और परीक्षा के दिन लगाई गई गैर-पढ़ाई ड्यूटी से तुरंत छूट दी जाए। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना और अन्य प्रशासनिक ड्यूटी के लिए बेरोजगारों को रोजगार देने का प्रबंध किया जाए।

मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ीं कीमतें: प्लास्टिक ग्रेन्यूल 150 रुपये किलो, पंजाब के पैकेजिंग कारोबार पर मार

लुधियाना/जालंधर खाड़ी देशों से प्लास्टिक दानों की सप्लाई धीमी होने से कीमतें बढ़ी हैं। शिपिंग कंपनियां अतिरिक्त सुरक्षा शुल्क ले रही हैं और लंबा रूट अपना रही हैं, जिससे लागत बढ़ रही है। पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने पंजाब के प्लास्टिक उद्योग का गणित बिगाड़ दिया है। पॉलीप्रोपाइलीन (पीपी) बीते तीन महीने में 100 से 150 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। प्लास्टिक दानों की कीमतों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस उछाल से उत्पादन लागत बढ़ने पर उद्यमी नए ऑर्डर लेने से कतरा रहे हैं। समुद्री आपूर्ति शृंखला पर युद्ध के असर से पेट्रोकेमिकल उत्पाद महंगे हुए हैं। लुधियाना में पीपी के दाम 50 प्रतिशत बढ़े हैं, जबकि जालंधर में पैकेजिंग उत्पादों (बोतलें, डिब्बे) की कीमतों में 20 प्रतिशत तक उछाल आया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में तनाव से शिपिंग मार्ग प्रभावित हैं। जालंधर के कारोबारी रवि कपूर ने बताया कि खाड़ी देशों से प्लास्टिक दानों की सप्लाई धीमी होने से कीमतें बढ़ी हैं। शिपिंग कंपनियां अतिरिक्त सुरक्षा शुल्क ले रही हैं और लंबा रूट अपना रही हैं, जिससे लागत बढ़ रही है। प्लास्टिक मैन्युफैक्चरर्स एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान डॉ. मनकर गर्ग के अनुसार, लंबी अवधि के अनुबंध पुरानी दरों पर पूरे करना घाटे का सौदा बन गया है। मौजूदा ऊंचे दामों पर भी पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही और कई इकाइयों के पास कुछ दिनों का ही स्टॉक बचा है। पंजाब भर में पाइप, पैकेजिंग सामग्री और ऑटो पार्ट्स बनाने वाली हजारों एमएसएमई इकाइयां दबाव में हैं। विश्लेषकों का कहना है कि युद्ध जारी रहने पर पेट्रोकेमिकल उत्पादों के दामों में 20 प्रतिशत तक और बढ़ोतरी हो सकती है। उद्योग जगत ने सरकार से एमएसएमई को सस्ते कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है, अन्यथा उत्पादन और रोजगार संकट गहरा सकता है। पैकेजिंग उद्योग पर बढ़ा संकट पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से खाड़ी क्षेत्र के शिपिंग मार्ग प्रभावित हुए हैं। कच्चे तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की आपूर्ति बाधित होने से नैफ्था और प्लास्टिक दाने महंगे हुए हैं। बोतलें, डिब्बे और कंटेनर की कीमतों में उछाल आया है। माल की आवाजाही धीमी होने और अतिरिक्त सुरक्षा शुल्क से छोटे उद्यमियों के लिए पुराने ऑर्डर पूरे करना मुश्किल हो गया है।  

मिडिल ईस्ट संकट की मार अमृतसर पर: फ्लाइट शेड्यूल बदले, ट्रैवल एजेंसियों का कारोबार घटा

अमृतसर (पंजाब) ट्रैवल एजेंसियों से जुड़े कारोबारी परवीन सहगल का कहना है कि विदेश यात्रा से संबंधित बुकिंग में कमी हो गई है। खासकर दुबई, शारजाह और अन्य खाड़ी देशों के लिए टिकटों की मांग में गिरावट आई है। मध्य-पूर्व में युद्ध और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अमृतसर के कारोबार पर भी दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बदलाव और कुछ उड़ानों के रद्द होने से ट्रैवल एजेंसियों, पर्यटन और होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है।  श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से मध्य-पूर्व के कई शहरों के लिए उड़ानें संचालित होती हैं। हाल के दिनों में क्षेत्रीय हालात के कारण कुछ उड़ानों के समय में बदलाव और रूट परिवर्तन की स्थिति बनी है, जिससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विदेश यात्रा की बुकिंग में कमी ट्रैवल एजेंसियों से जुड़े कारोबारी परवीन सहगल का कहना है कि विदेश यात्रा से संबंधित बुकिंग में कमी हो गई है। खासकर दुबई, शारजाह और अन्य खाड़ी देशों के लिए टिकटों की मांग में गिरावट आई है। उड़ानों में अनिश्चितता के कारण कई यात्रियों ने अपनी यात्रा फिलहाल टाल दी है। पर्यटन कारोबार पर भी असर पर्यटन कारोबार पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। वॉल सिटी होटल एसोसिशन के प्रधान सुरिंदर सिंह ने बताया कि अमृतसर आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या कम होने की स्थिति में होटल, टूर ऑपरेटर और टैक्सी कारोबार से जुड़े लोगों की आय प्रभावित हो रही  है। शहर में आने वाले कई पर्यटक स्वर्ण मंदिर और अटारी बॉर्डर देखने आते हैं, जिनमें विदेशी यात्रियों की भी बड़ी संख्या रहती है। लेकिन अब इसमें गिरावट आ गई है। जिस कारण होटलों की बुकिंग रद्द हो चुकी है। बल कलां इंडस्ट्री एसोसिशन के प्रधान संदीप खोसला ने बताया  कि अगर मध्य-पूर्व में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और कार्गो सेवाओं पर इसका और असर पड़ सकता है, जिससे आयात-निर्यात से जुड़े व्यापार पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में भी व्यापारियों का माल कई जगहों पर फंसा हुआ है जिस कारण कई तरह  की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

पंजाब विधानसभा में हंगामा: सुखपाल खैरा की विवादित पोस्ट पर निंदा प्रस्ताव पारित

चंडीगढ़ विधानसभा में कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा के बयान को लेकर विवाद हो गया। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि खैरा ने एक विवादित पोस्ट डाला है जिसमें एक हजार रुपये देने पर महिला विधायकों को निशाना बनाया गया है। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि खैरा ने एक विवादित पोस्ट डाला है जिसमें एक हजार रुपये देने पर महिला विधायकों को निशाना बनाया गया है। यह दलित महिलाओं का अपमान है। चीमा ने कहा कि हर बार कांग्रेसी महिलाओं का अपमान करते हैं। इससे पहले बैंड बाजा वाला बयान दिया गया हैं। चीमा ने कहा कि इन लोगों ने सीमा पार कर लीं। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष बाजवा ने कहा कि मुझे इस तरह के पोस्ट की जानकारी नहीं है। अगर पोस्ट किया है तो हम उसकी निंदा करते हैं। आप विधायक इंदरजीत ने कहा कि यह महिलाओं का अपमान है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगें। इसके बाद आप महिला विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी जिसके बाद सदन को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही चीमा ने फिर कांग्रेस पर निशाना साधा। इसके बाद प्रताप बाजवा ने कहा कि खैरा कल सदन में अपना पक्ष रखेंगे। खैरा अपने बयान पर कायम वहीं हंगामे के बीच सुखपाल खैरा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने बयान पर कायम रहने की बात कही है। खैरा ने लिखा-मैंने जो कहा या सोशल मीडिया पर शेयर किया, मैं उस पर कायम हूं क्योंकि यह हजार रुपये की स्कीम वोट पाने का एक स्टंट है क्योंकि अगर आम आदमी पार्टी सच में अपना वादा पूरा करने के लिए सीरियस होती तो उन्हें यह पहले बजट में करना चाहिए था, आखिरी में नहीं।

पंजाब बॉर्डर पर BSF ने सीमा पार कर रहे घुसपैठिये को किया ढेर

तरन तारन. देर रात को सीमा पर तैनात बीएसएफ की टुकड़ी ने भारत पाक सीमापार करके भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए एक पाकिस्तानी घुसपैठिये को गोलियां मारकर ढेर कर दिया। शव को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। खेमकरण क्षेत्र में तैनात बीएसएफ की 142 वी बटालियन के जवानों ने रात को पाक की तरफ से हरकत महसूस की, जिसके बाद चौकसी बढ़ा दी गई। जवानों ने माइट विजन कैमरों की मदद से देखा कि पाकिस्तान की तरफ से एक संदिग्ध भारतीय क्षेत्र में दाखिल हो रहा है। कार्रवाई से पहले उसे चेतावनी दी गई, लेकिन इसके बाद भी वह घुसपैठ करता रहा तो उक्त संदिग्ध को जवानों ने गोलियों से ढेर कर दिया। संदिग्ध सामान बरामद बीएसएफ की पोस्ट नूरवाल के पास की उक्त घटना के बाद जवानों ने गोलियां लगने से मरने वाले की तलाशी ली। सूत्रों के मुताबिक, उसके कब्जे से कुछ संदिग्ध सामान मिला है। हालांकि, इस बाबत अभी किसी भी अधिकारी ने सामान की बरामदगी बाबत अधिकारित तौर पर पुष्टि नहीं की। मरने वाले पाक घुसपैठिये के शव को थाना वल्टोहा की पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है ।बाद में शव पट्टी अस्पताल।के शव गृह में रखवा दिया गया। लगातार हो रही है घुसपैठ भारत-पाकिस्तान सीमा पर बीएसएफ की और से लगातार चौकसी बढ़ाई गई है। आए दिन ड्रोन के जरिए हथियार,गोला बारूद और मादक पदार्थों की खेप भेजी जा रही है। एसएसपी सुरेंद्र लांबा कहते है कि सीमा पर तैनात बीएसएफ और पंजाब पुलिस की और से मिलकर अभियान चलाया जा रहा है।जिसके माध्यम से पाक के नापाक इरादों को विफल।किया जा रहा है।

पंजाब सदन में कांग्रेस विधायक की आपत्तिजनक टिप्पणी पर जमकर हंगामा

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा के शून्य काल के दौरान एक बार फिर से हंगामा हो गया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैरा का एक इंटरनेट मीडिया पर दिया गया बयान पढ़कर सुनाया जिसमें उन्होंने कहा कि 1000 रुपये लेकर औरतें कौन से सूरमाओं को पैदा कर देंगी। हरपाल चीमा ने इस अनुसूचित जाति समुदाय की बहू, बेटियों का अपमान बताते हुए कहा कि कांग्रेस की नेताओं की हर समय यही बयानबाजी रहती है। कभी यह किसी को काला कह देते हैं तो कभी किसी को बैंड बाजे बजाने वाला, इन्हें मानसिक तौर पर स्वास्थ्य लाभ लेने की जरूरत है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि उन्होंने सुखपाल सिंह खैहरा का यह बयान नहीं देखा है लेकिन अगर उन्होंने ऐसा कहा है तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं और इस बात को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। 'ये शब्दावली नहीं करेंगे बर्दाश्त' उन्होंने हरपाल चीमा की ओर से कांग्रेसी नेताओं की ओर से अनुसूचित जाति के प्रति बरती गई शब्दावली को लेकर भी कहा कि जिन लोगों की वित्त मंत्री ने बात की है वह इस सदन का हिस्सा नहीं है और वह अपनी बात कई बार स्पष्ट भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ही बूटा सिंह जैसे नेताओं को केंद्र सरकार में गृहमंत्री बनाया है इसलिए उनके प्रति सम्मान में कोई कमी नहीं है। इसलिए बार-बार उसे तरफ जाना ठीक नहीं है। माफी योग्य नहीं है बयान: सरबजीत कौर प्रताप सिंह बाजवा के माफी मांगने के बाद ऐसा लग रहा था की बात यहीं खत्म हो जाएगी। लेकिन आम आदमी पार्टी की विधायक इंद्रजीत मान और सरबजीत कौर अपनी सीटों पर खड़े होकर सुखपाल सिंह खैहरा के बयान का विरोध करने लगी और उन्होंने कहा कि बेशक प्रताप सिंह बाजवा ने इसकी माफी मांग ली हो लेकिन उनका यह बयान माफी योग्य नहीं है इसे लोगों में लेकर जाया जाएगा साथ ही उन्होंने खेहरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। मसला बढ़ते देखकर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए मुल्तवी कर दी।

पंजाब में 10वीं की अब ऑनलाइन चेक होंगी Answer Sheets

लुधियाना. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने 10वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा 2026 को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के अनुसार इस बार 10वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। जारी आदेशों के मुताबिक संबंधित अध्यापक अपने Registered E-mail ID और Registered Phone Number के जरिए लॉगिन करके Answer Sheets की मार्किंग करेंगे। यदि किसी शिक्षक के पास लॉगिन आईडी या पासवर्ड नहीं है तो वे बोर्ड कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। बोर्ड की ओर से जानकारी दी गई है कि 11 मार्च 2026 को सुबह 5 बजे से शिक्षकों की Login ID में 5 Dummy Answer Sheets अपलोड की जाएंगी, जिनकी जांच करके उन्हें Evaluation के लिए अपलोड करना होगा। इसके बाद उसी दिन सुबह 4 बजे तक उनकी स्क्रीन पर परिणाम दिखाई देगा और सही जांच करने वाले अध्यापकों को आगे की प्रक्रिया के लिए चुना जाएगा। इसके बाद चयनित शिक्षकों को पेन-पेपर टेस्ट और अन्य चरणों से भी गुजरना होगा। यह प्रक्रिया 12 मार्च 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। इस दौरान तकनीकी टीम भी मौजूद रहेगी, ताकि अध्यापक अपनी किसी भी प्रकार की Doubts या Query का समाधान कर सकें। बोर्ड ने कहा है कि इस नई प्रणाली का उद्देश्य परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाना है।

लुधियाना में तीन स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी

लुधियाना. महानगर के 3 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 7 बजे ई-मेल के जरिए सीबीएसई से संबंधित 3 स्कूलों को धमकी भरा संदेश मिला, जिसमें स्कूल परिसर में बम होने की बात कही गई थी। धमकी भरा मेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और स्कूल परिसरों की गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

ऑनलाइन बुकिंग के बिना नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर

फरीदकोट. मध्य पूर्व में बढ़ रहे ईरान–इजराइल तनाव का असर अब भारत में एलपीजी गैस सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है। भारत सरकार द्वारा जारी नई हिदायतों के अनुसार. अब उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस सिलेंडर केवल ऑनलाइन बुकिंग के बाद ही मिलेगा। उल्लेखनीय है कि नई प्रक्रिया के मुताबिक,अब सिलेंडर की डिलीवरी बुकिंग के बाद मिलने वाले डीएसी कोड के आधार पर ही की जाएगी। इसका उद्देश्य सप्लाई प्रणाली को पारदर्शी बनाना और गलत इस्तेमाल को रोकना बताया जा रहा है। दूसरी ओर कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई को लेकर भी दिक्कतें आने की संभावना जताई जा रही है। कमर्शिल सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार फिलहाल 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित हो रही है। फरीदकोट की गैस एजेंसियों के संचालकों ने बताया कि सरकार के निर्देशों के अनुसार अब हर उपभोक्ता को सिलेंडर लेने के लिए पहले ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी और डिलीवरी के समय मिलने वाला डीएसी कोड दिखाना जरूरी होगा। गैस एजेंसी संचालक संजीव जैन ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि जब सप्लाई फिर से शुरू होगी तभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अपनी ई-केवाइसी जल्द से जल्द करवा लें, ताकि भविष्य में सिलेंडर लेने के समय किसी तरह की परेशानी न हो। फिलहाल घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई बड़ी कमी नहीं है और बुकिंग के बाद एक से दो दिनों के भीतर सप्लाई दी जा रही है। हालांकि आने वाले दिनों में सरकार सप्लाई को लेकर कोई कोटा भी तय कर सकती है।

बिना बीमा दौड़ रहे 1 करोड़ वाहन, हादसे के पीड़ितों को मुआवजा मुश्किल; संसद के आंकड़ों पर हाईकोर्ट में अर्जी

चंडीगढ़ चंडीगढ़ में करीब 14.27 लाख वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से दो लाख से अधिक वाहन बिना वैध बीमा के सड़कों पर चल रहे हैं। वहीं हरियाणा में करीब 1.3 करोड़ वाहनों में से 41 लाख से अधिक वाहन बिना इंश्योरेंस के हैं।  पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में करीब एक करोड़ वाहन बिना वैध बीमा के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे को लेकर मोटर वाहन अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान नई अर्जी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल की गई है। मामले पर हाईकोर्ट 10 मार्च को सुनवाई करेगा। वाहनों का बीमा न होने से दुर्घटना की स्थिति पीड़ितों को मुआवजा मिलने में समस्या आ रही है। मोहाली निवासी एडवोकेट कुंवर पाहुल सिंह द्वारा दाखिल अर्जी में संसद में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला दिया गया है। अर्जी में बताया गया है कि ट्राइसिटी और दोनों राज्यों में बड़ी संख्या में वाहन बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के सड़कों पर चल रहे हैं, जो न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए भी गंभीर समस्या पैदा कर रहा है। जानिए… क्या है वाहनों की स्थिति अदालत को दिए गए आंकड़ों के अनुसार चंडीगढ़ में करीब 14.27 लाख वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से दो लाख से अधिक वाहन बिना वैध बीमा के सड़कों पर चल रहे हैं। वहीं हरियाणा में करीब 1.3 करोड़ वाहनों में से 41 लाख से अधिक वाहन बिना इंश्योरेंस के हैं। पंजाब की स्थिति इससे भी अधिक चिंताजनक बताई गई है, जहां लगभग 1.3 करोड़ वाहनों में से 56 लाख से ज्यादा वाहन बिना वैध बीमा के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। प्रतिशत के लिहाज से देखा जाए तो चंडीगढ़ में लगभग 15 प्रतिशत, हरियाणा में 32 प्रतिशत और पंजाब में करीब 42 प्रतिशत वाहन बिना बीमा के चल रहे हैं। दुर्घटनाओं के मामलों में पीड़ितों को समय पर नहीं मिल रहा मुआवजा अर्जी में कहा गया है कि ऐसी स्थिति में सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को समय पर मुआवजा दिलाने का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। सामान्यतः किसी सड़क दुर्घटना के बाद पीड़ित या उसके आश्रित मुआवजे के लिए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल) में याचिका दाखिल करते हैं। अधिकरण मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए मुआवजे की राशि तय करता है और यह निर्धारित करता है कि भुगतान की जिम्मेदारी किसकी होगी। यदि वाहन का बीमा होता है तो पीड़ित परिवार को बीमा कंपनी से मुआवजा मिलना अपेक्षाकृत आसान होता है। लेकिन यदि वाहन बिना बीमा के होता है तो मुआवजे की जिम्मेदारी सीधे वाहन चालक या मालिक पर आ जाती है। ऐसे मामलों में मुआवजा राशि की वसूली बेहद कठिन हो जाती है। कई बार चालक या मालिक के नाम पर पर्याप्त संपत्ति नहीं होती, जिससे पीड़ित परिवारों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है और कई मामलों में उन्हें मुआवजा मिल भी नहीं पाता। पीड़ितों को समय पर नहीं मिल रहा मुआवजा अर्जी में यह भी कहा गया है कि दुर्घटनाओं के मामलों में कई बार पुलिस द्वारा एक्सीडेंट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट समय पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में दाखिल नहीं की जाती, जिससे मुआवजा प्रक्रिया और भी लंबी हो जाती है। इसमें हाल ही में हाईकोर्ट द्वारा जारी प्रशासनिक आदेश का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को निर्देश दिया गया है कि मोटर दुर्घटना मामलों में मुआवजा राशि सीधे पीड़ितों के बैंक खातों में ट्रांसफर होने की निगरानी करें। हालांकि अर्जी में सवाल उठाया गया है कि यदि बड़ी संख्या में वाहन बिना वैध बीमा के सड़कों पर चलते रहेंगे तो पीड़ितों को समय पर मुआवजा देने का उद्देश्य कैसे पूरा होगा।