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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की खराब सेहत को देखते हुए कैबिनेट बैठक हुई स्थगित

चंडीगढ़  आज शाम होने वाली पंजाब कैबिनेट की बैठक स्थगित कर दी गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की खराब सेहत को देखते हुए यह बैठक आज नहीं होगी। बैठक की नई तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। मुख्यमंत्री मान ने पंजाब में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए यह बैठक बुलाई थी, लेकिन अब उनकी सेहत में सुधार होने के कारण यह बैठक आज नहीं होगी। बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान हाल ही में बीमार पड़ गए थे। तेज बुखार होने के कारण सीएम मान अपनी सरकारी रिहायश में हैं। आम आदमी पार्टी सुप्रीमो और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी उनका हालचाल जानने मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। इसके बाद उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से भी मुलाकात की। आपको ये भी बता दें कि इस समय पंजाब के कई इलाके बाढ़ की मार झेल रहे हैं और मुख्यमंत्री मान रोजाना ही बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे थे।   

सरकार बच्चे के इलाज के लिए परिवार की हर संभव मदद करेगी: मुख्यमंत्री भगवंत मान

अमृतसर  अमृतसर के गांव तलवंडी का 8 साल का बच्चा अभिजोत सिंह किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि बच्चे के परिवार का एक वीडियो आज सामने आया। सरकार बच्चे के इलाज के लिए परिवार की हर संभव मदद करेगी। वह राज्य में किसी भी व्यक्ति को इलाज और दवा से वंचित नहीं रहने देंगे।

रमन अरोड़ा पर नया केस, जमानत मिलते ही हुई गिरफ्तारी

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक रमन अरोड़ा को जालंधर की रामा मंडी पुलिस एक नए मामले में प्रोडक्शन वारंट पर ले गई। रमन अरोड़ा भ्रष्टाचार के मामले में नाभा की नयी ज़िला जेल में बंद थे। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 105 दिनों के बाद रमन अरोड़ा को ज़मानत दी थी। रमन अरोड़ा को बृहस्पतिवार दोपहर जेल से रिहा किया जाना था। विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के एक मामले में हाईकोर्ट से ज़मानत मिलने के एक दिन बाद, जालंधर सेंट्रल से आप विधायक रमन अरोड़ा के खिलाफ रामा मंडी थाने में एक नया मामला दर्ज किया गया है। विधायक के खिलाफ यह मामला 30 अगस्त को एक निजी संस्था द्वारा दर्ज कराई गई जबरन वसूली की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। विधायक को 23 मई को गिरफ्तार किया गया था। सनौर के विधायक पठानमाजरा के 11 मददगार गिरफ्तार : पटियाला पुलिस ने सनौर के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पुलिस हिरासत से भागने में मदद करने के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। दूसरी ओर फरार विधायक ने अपने वकीलों के माध्यम से अग्रिम ज़मानत याचिका दायर की है। शुक्रवार को सुनवाई होगी।

नीना मित्तल ने किया ग्रामीणों से संवाद, घग्गर किनारे गांवों का दौरा

पंजाब  घग्गर नदी में लगातार बढ़ रहे पानी के बहाव ने नज़दीक के गावों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस गम्भीर स्थिति का जायजा लेने के लिये विधायका नीना मित्तल ने टीम के साथ गांव झजो व बुढ़णपुर का दौरा किया और गांव निवासियों को हर सम्भव मदद करने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर विधायका नीना मित्तल ने बताया कि मुख्यमंत्री भगंवत मान की अगुवाई में पंजाब सरकार, जिला प्रशासन पूरी तैयारी से स्थिति पर नजर रखे हुये है। उन्होंने कहा कि अभी तक पानी के कारण किसी भी तरह का बड़ा नुक्सान नहीं हुआ है। प्रशासन ने आने वाले खतरे को देखते हुये व्यापक प्रबंध किये है। इस में राहत सामग्री, रैस्क्यू टीमें व एमरजेंसी सहूलियतें भी शामिल है। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है। इस मौके पर विधायका ने सम्बधित अधिकारियों को आदेश दिये कि गांवों में लोगों के लिये हर सम्भव सहायता यकीनी बनाएं।

पूर्व विधायक अरविंद खन्ना ने कहा- सरकार के कुप्रबंधन ने पंजाब को डुबोया

पंजाब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अरविंद खन्ना ने पंजाब में बाढ़ से हुई तबाही के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि सरकार के कुप्रबंधन के कारण प्रदेश वासियों को तबाही का सामना करना पड़ा। आज यहां अरविंद खन्ना ने कहा कि पंजाब सरकार बाढ़ को लेकर कतई गंभीर नहीं हुई। अनुभवहीन सरकार ने समय रहते न तो फील्ड में जाकर धरातल का मुआयना किया और न ही अधिकारियों को कोई निर्देश दिए गए।

बाढ़ प्रभावित बच्चों के लिए आर्थिक मदद: तुरंत आवेदन करें और पाएं छात्रवृत्ति

पंजाब पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के कारण हज़ारों परिवार विस्थापित हो गए हैं और अपनी जिंदगी फिर से शुरू करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इन आपदाग्रस्त क्षेत्रों में छात्रों और अभिभावकों की भारी मुश्किलों को समझते हुए, देश भगत यूनिवर्सिटी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के उन छात्रों के लिए ट्यूशन फीस में 50% छात्रवृत्ति की घोषणा की है।   है कि प्रतिकूल समय में भी शिक्षा जारी रहनी चाहिए। इस मौके पर प्रभावित लोगों के प्रति अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए देश भगत यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. ज़ोरा सिंह ने कहा कि हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन ने अनगिनत परिवारों के जीवन को प्रभावित किया है, जिससे न केवल घरों और आजीविका को नुकसान पहुंचा है, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए अनिश्चितता भी पैदा हुई है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि शिक्षा आशा की नींव है और भविष्य के पुनर्निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है।

शिवराज चौहान बोले: कमजोर तटबंध और अवैध खनन ने बनाई प्रलय जैसी स्थिति

पंजाब  पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार राज्य को मौजूदा संकट से बाहर निकालने के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं पर काम करेगी। पंजाब की स्थिति को "प्रलय" बताते हुए चौहान ने कहा कि वह किसानों, पशुधन और कृषि भूमि को हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपेंगे और केंद्र सरकार एक व्यापक राहत और पुनर्वास पैकेज लेकर आएगी। शिवराज चौहान ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी पंजाब की स्थिति को लेकर गहरी चिंता में हैं। उनके ही निर्देश पर मैंने कल पंजाब का दौरा किया। यहां प्रलय जैसी स्थिति है। फसलें नष्ट हो गई हैं। इस कठिन समय में केंद्र सरकार पंजाब की जनता और किसानों के साथ खड़ी है।” उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए सुनियोजित पुनर्विकास की जरूरत है। मंत्री ने कहा “पंजाब को मौजूदा संकट से बाहर निकालने के लिए हमें अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक योजना की जरूरत है।” चौहान ने चेतावनी दी कि पानी उतरने के बाद संक्रमण फैलने का खतरा रहेगा। उन्होंने कहा, “मरे हुए जानवरों का सही ढंग से निपटान करना होगा ताकि महामारी न फैले। खेतों में सिल्ट जमा हो गई है। अगली फसल बचाने के लिए हमें एक डी-सिल्टिंग योजना बनानी होगी।” उन्होंने याद दिलाया कि जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे और प्रकाश सिंह बादल पंजाब के मुख्यमंत्री थे, तब केंद्र ने सतलुज, ब्यास, रावी और घग्गर नदियों के किनारे तटबंध बनाए थे, ताकि संकट के समय फसलों और कृषि भूमि को बचाया जा सके। चौहान ने अमृतसर, पठानकोट और गुरदासपुर बेल्ट का दौरा करने के बाद कहा “अवैध खनन के कारण ये तटबंध कमजोर हो गए हैं और पानी गांवों में घुस आया है। भविष्य में संकट रोकने के लिए हमें इन तटबंधों को पुनः मजबूत करना होगा।” उन्होंने इस आपदा के समय पंजाब की सेवा भावना की सराहना भी की। चौहाने कहा, “मैंने पंजाब की सेवा भावना देखी। सामाजिक कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर राहत, भोजन, कपड़े और दवाइयां बांट रहे हैं। मैं पंजाब की सेवा भावना को सलाम करता हूं। जरूरतमंद की सेवा ईश्वर की पूजा के समान है। पड़ोसी राज्य भी मदद के लिए आगे आए हैं। संकट के समय एकता की यह भावना ही हमें सभी मुश्किलों से उबरने की ताकत देती है।”

23 जिलों में बाढ़ से हाहाकार, नांगल-आनंदपुर साहिब में अलर्ट जारी, डूबे 1902 गांव

अमृतसर इन दिनों पूरा पंजाब इन दिनों बाढ़ से जूझ रहा है. इस प्राकृतिक आपदा में 43 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1.71 लाख हेक्टेयर में फैली फसलें बर्बाद हो गई हैं. 23 जिलों के 1902 गांव पानी में पूरी तरह से डूब गए हैं, जिससे 3,84,205 लोग प्रभावित हुए हैं. साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 20,972 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. पंजाब के राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने कहा कि अभूतपूर्व बाढ़ के कारण 23 जिलों के कुल 1,902 गांव प्रभावित हुए हैं, जिससे 3.84 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 20,972 लोगों को निकाला गया है. 24 घंटे में छह और लोगों की मौत हो गई. इसके साथ ही 14 जिलों में मृतकों की संख्या बढ़कर अब 43 हो गई है. 14 जिलों में 43 लोगों की मौत उन्होंने बताया कि मौतें होशियारपुर (7), पठानकोट (6), बरनाला और अमृतसर (5-5), लुधियाना और बठिंडा (4-4), मनसा (3), गुरदासपुर और एसएएस नगर (2-2), पटियाला, रुपनगर, संगरूर, फाजिल्का और फिरोजपुर (1-1) में दर्ज की गई हैं. पठानकोट में तीन लोग लापता हैं. बाढ़ से संबंधित आंकड़े 1 अगस्त से 4 सितंबर तक की अवधि के हैं. उन्होंने बताया कि 1.71 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर खड़ी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचने की खबर है, जिसमें गुरदासपुर, अमृतसर, फाजिल्का, फिरोजपुर, कपूरथला और मानसा सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं. इसी बीच AAP आदमी पार्टी के प्रमुख केजरीवाल ने केंद्र सरकार पंजाब की मदद करने की अपील की है. केजरीवाल ने बयान जारी कर कहा कि मैं केंद्र सरकार से विनती करना चाहूंगा कि इस भीषण स्थिति में जितनी हो सके पंजाब की मदद करें. उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा अफगानिस्तान को मुहैया कराई मदद का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने अभी देखा कि केंद्र सराकर ने अफगानिस्तान में भूकंप आया तो वहां पर उन्होंने काफी मदद भेजी है. वो अच्छी बात है, दुनिया में कहीं भी कुछ हो तो हमें मदद करनी चाहिए, लेकिन पंजाब में इतना बड़ा संकट है तो पंजाब को भी केंद्र सरकार मदद करे. शिवराज सिंह ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा गुरुवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों अमृतसर, गुरदासपुर और कपूरथला का दौरा किया और लोगों को आश्वासन दिया कि संकट की इस घड़ी में केंद्र उनके साथ खड़ा है. उन्होंने कहा कि दो केंद्रीय दल स्थिति का आकलन करने के लिए पंजाब का दौरा कर रहे हैं और वे केंद्र सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगे. उन्होंने कहा, 'नुकसान साफ़ दिख रहा है. फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं और खेत जलमग्न हो गए हैं.' राज्यपाल ने कृषि मंत्री को सौंपी रिपोर्ट पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने अमृतसर एयरपोर्ट पर शिवराज चौहान को बाढ़ की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी, जिसमें जानमाल, फसलों और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की जानकारी दी गई. इसके अलावा अरविंद केजरीवाल ने भी कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और केंद्र से इस संकट में पंजाब की मदद करने की अपील की. इससे पहले दिन में केजरीवाल ने चंडीगढ़ स्थित अपने आधिकारिक आवास पर मान से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. बुखार से पीड़ित मान बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान केजरीवाल के साथ नहीं जा सके. प्रभावित गांव में गजटेड अधिकारी तैनात मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक गांव में एक गजटेड अधिकारी को तैनात किया गया है. उनका कहना है कि इससे प्रभावित लोगों की समस्याएं आसानी से प्रशासन तक पहुंच सकेंगी, जिससे समस्या का समाधान तुरंत हो सके. राज्य सरकार ने बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए विशेष गिरदावरी का आदेश दिया है. भाखड़ा बांध पर जलस्तर स्थिर इस बीच रूपनगर के उपायुक्त वरजीत सिंह वालिया ने नंगल और आनंदपुर साहिब के कई गांवों में सतलुज नदी के पास निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने या जिला प्रशासन द्वारा स्थापित राहत शिविरों में जाने की अपील की है. उन्होंने बताया कि भाखड़ा बांध का जलस्तर स्थिर है. गुरुवार को बांध से लगभग 85,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इससे पहले दिन में डीसी ने कहा था कि बांध में जलस्तर 1,679 फीट तक पहुंच गया है, जबकि पानी का डिस्चार्ज लगभग 75,000 क्यूसेक है और इसे बढ़ाकर 80,000 से 85,000 क्यूसेक किया जा सकता है. पटियाला जिला प्रशासन ने भी घग्गर नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के मद्देनजर पटरान में घग्गर नदी के निकटवर्ती गांवों के निवासियों के लिए अलर्ट जारी किया है. आपको बता दें कि पंजाब दशकों में अपनी सबसे भीषण बाढ़ आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है. ये बाढ़ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद सतलुज, व्यास और रावी नदियों के साथ-साथ मौसमी नालों में आए उफान का नतीजा है. इसके अलावा पंजाब में हाल के दिनों में हुई भारी बारिश ने लोगों की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है.

अरविंद केजरीवाल ने पंजाब बाढ़ पर साधा केंद्र पर निशाना, कहा- अन्य देशों को मदद मिली, हमारी नहीं

पंजाब  पंजाब में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई रखी है और एक के बाद एक राज्य के सभी 23 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए है। हजारों गांव और लाखों परिवार इस बाढ़ की त्रासदी में बर्बाद हो गए है और दिन पर दिन यहां हालात और बिगड़ते जा रहे है। इस बाढ़ के चलते अब तक पंजाब में 30 लोगों की मौत हो गई है और 67,000 एकड़ कृषि भूमि नष्ट हो गई है। राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही अपने स्तर पर बचाव कार्य कर रही है और लोगों को हर संभव सहायता देने का दावा कर रही है। लेकिन इसी बीच आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल का एक बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर पंजाब के हालातों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। सरकार ने अफगानिस्तान में मदद भेजी, पंजाब में भी भेजे केजरीवाल गुरुवार को पंजाब के कपूरथला में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे थे। इस दौरान केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि, चारों तरफ बाढ़ आई हुई है… लोगों को बचाने और राहत देने के लिए हमारे सभी लोग काम कर रहे हैं… बहुत से लोगों को घरों से निकालकर राहत शिविरों में भेजा गया है। सरकार द्वारा राहत शिविरों में भी बहुत अच्छा इंतजाम किया गया है… बाढ़ से करीब 1400 गांव और 3 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसी दौरान केजरीवाल ने मोदी सरकार पर भी निशाना साध दिया। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार ने अफगानिस्तान में मदद भेजी है लेकिन सरकार को पंजाब में भी मदद भेजनी चाहिए।   एक्स पर शेयर किया पोस्ट अपने दौरे के बाद दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट इसे लेकर कुछ पोस्ट शेयर किए। केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, पंजाब सरकार हर पीड़िता परिवार के साथ मज़बूती से खड़ी है और लोगों तक हर संभव मदद पहुंचाई जाएगी। एक अन्य पोस्ट में केजरीवाल ने लिखा, 37 साल में पहली बार पंजाब इतनी भयंकर बाढ़ से जूझ रहा है और हमारी सरकार दिन-रात लोगों की मदद में लगी है। उन्होंने आगे लिखा, यह संकट बड़ा है, पर उससे भी बड़ा है पंजाबियों का जज़्बा और एक-दूसरे की मदद करने की भावना। यही भावना हमें जल्द इस आपदा से बाहर निकालेगी।

बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़ी मदद: पंजाब सरकार ने मंजूर किए 71 करोड़ रुपये

पंजाब  पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार बाढ़ के दौरान राज्यवासियों को हुए नुकसान की भरपाई करने तथा उनके लिये समय पर राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए तुरंत उपाय के रूप में कुल 71 करोड़ रुपये जारी किए हैं। 71 करोड़ रुपये जारी मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बतया कि पहले चरण में सभी जिलों को 35.50 करोड़ रुपये पहले ही जारी किये जा चुके हैं। अब सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित 12 जिलों के लिए 35.50 करोड़ रुपये की और राशि मंजूर कर दी गई है। बताया कि राज्य सरकार जन-धन की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है और प्रभावित परिवारों को बिना किसी देरी के आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भगवंत मान सरकार तुरंत राहत के साथ-साथ पुनर्वास भी सुनिश्चित कर रही है। इस दौरान सरकार द्वारा विशेष ध्यान उन किसानों पर दिया जा रहा है, जिन्हें फसलों का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इन जिलों को आवंटित की गई धनराशि जिलावार विवरण साझा करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव-कम-वित्त आयुक्त (राजस्व) अनुराग वर्मा ने बताया कि जिन जिलों को यह फंड आवंटित किए गए हैं। उनमें अमृतसर को 5 करोड़ रुपये, बठिंडा को 2 करोड़ रुपये, बरनाला को 1 करोड़ रुपये, फरीदकोट को 1 करोड़ रुपये, फिरोज़पुर को 5 करोड़ रुपये, फाजिल्का को 5 करोड़ रुपये, फतेहगढ़ साहिब को 1 करोड़ रुपये, गुरदासपुर को 6.5 करोड़ रुपये, होशियारपुर को 3 करोड़ रुपये, जालंधर को 5 करोड़ रुपये, कपूरथला को 5 करोड़ रुपये, लुधियाना को 5 करोड़ रुपये, मोगा को 1.5 करोड़ रुपये, मानसा को 1 करोड़ रुपये, मालेरकोटला को 1 करोड़ रुपये, पटियाला को 5 करोड़ रुपये, पठानकोट को 4 करोड़ रुपये, रूपनगर को 2.5 करोड़ रुपये, श्री मुक्तसर साहिब को 2 करोड़ रुपये, एसएएस नगर को 2 करोड़ रुपये, एसबीएस नगर को 1 करोड़ रुपये, संगरूर को 1.5 करोड़ रुपये और जिला तरन तारन को 5 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।