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पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित किसानों को दिया ऐतिहासिक राहत पैकेज, अब तक की सबसे बड़ी मदद

चंडीगढ़  इस वर्ष आई बाढ़ ने पंजाब के कई जिलों में व्यापक तबाही मचाई, जिससे किसानों, ग्रामीण परिवारों और खेतिहर मजदूरों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। लेकिन संकट की इस घड़ी में पंजाब सरकार ने रिकॉर्ड स्तर का राहत पैकेज जारी किया, जिसे राज्य का अब तक का सबसे बड़ा और सर्वाधिक प्रभावी मुआवजा प्रयास बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि “किसानों की मुश्किल में सरकार उनके साथ खड़ी है, सिर्फ कागजों पर नहीं, जमीन पर कार्रवाई के साथ।” “जिसका खेत, उसदी रेत” योजना के तहत बाढ़ के बाद खेतों में आई भारी मात्रा में रेत हटाने के लिए किसानों को 7,200 रुपये प्रति एकड़ की विशेष सहायता दी जा रही है। साथ ही फसल क्षति के मुआवजे को भी नई परिभाषा दी गई है—अब 26–33% नुकसान पर 10,000 रुपये, 33–75% नुकसान पर 10,000 रुपये और 75–100% नुकसान पर 20,000 रुपये प्रति एकड़ सहायता प्रदान की जा रही है। इनमें से 14,900 रुपये प्रति एकड़ राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे हैं, जो देश में सबसे अधिक माना गया है। घर टूटने की स्थिति में भी मुआवजे को कई गुना बढ़ा दिया गया है। पहले सिर्फ 6,500 रुपये मिलते थे, अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त घरों के लिए 1.20 लाख रुपये और आंशिक नुकसान के लिए 35,100 रुपये स्वीकृत किए गए हैं। नदी कटाव से प्रभावित किसानों को 47,500 रुपये प्रति हेक्टेयर (18,800 रुपये प्रति एकड़) दिए जाएंगे। इसके अलावा सेम प्रभावित क्षेत्रों के लिए 4.50 करोड़ रुपये का पैकेज भी जारी हुआ है। राज्य सरकार ने केंद्र से सहायता राशि बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रति एकड़ करने की मांग की है, जबकि केंद्र द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपये को राज्य ने अपर्याप्त बताया है। यह राहत पैकेज न केवल तत्काल सहायता उपलब्ध कराता है, बल्कि यह पंजाब में मानवीय और जवाबदेह आपदा प्रबंधन की मिसाल स्थापित कर रहा है।

पंजाब सरकार की ऐतिहासिक पर्यावरणीय पहल, ग्रीनिंग पंजाब मिशन से 12,55,700 वृक्षारोपण और राज्य बनी ग्रीन ज़ोन

चंड़ीगढ़  मान सरकार ने पंजाब के भविष्य के लिए एक ऐसा कदम उठाया है जो न केवल भौतिक है, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक भावनात्मक विरासत भी है। 'ग्रीनिंग पंजाब मिशन' के तहत, वन विभाग ने राज्य को हरा-भरा करने का जो बीड़ा उठाया है, वह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि पंजाब की मिट्टी के साथ एक नया प्रेम-बंधन है। यह मिशन दिखाता है कि जब सरकार संकल्प लेती है, तो प्रकृति के साथ दिया हमारा रिश्ता कितना गहरा और सुंदर हो सकता है। मान सरकार ने 'ग्रीनिंग पंजाब मिशन' के माध्यम से जो अभूतपूर्व साहस और ईमानदार प्रतिबद्धता दिखाई है, वह वास्तव में प्रशंसा के योग्य है। यह केवल एक योजना नहीं है—यह पंजाब के इतिहास में पर्यावरण संरक्षण की सबसे बड़ी भावनात्मक पहल है! मान सरकार ने यह साबित कर दिया है कि उनके लिए पर्यावरण सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि प्राथमिकता है। लगभग साढ़े बारह लाख पौधे लगाना, वह भी इतनी तेज़ी और समर्पण के साथ, एक प्रशासनिक चमत्कार है। यह दर्शाता है कि वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग, सरकार के मार्गदर्शन में, दिल से काम कर रहा है। पंजाब के वन विभाग ने अब तक 12,55,700 से अधिक पौधे लगाकर एक नया इतिहास रचा है। यह संख्या केवल पेड़-पौधों की नहीं है, बल्कि यह शुद्ध हवा, शीतल छाया और एक स्वस्थ पर्यावरण के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हर एक पौधा एक कहानी कहता है—हमारे शहरों को सांस लेने में मदद करने की, हमारी कृषि भूमि की रक्षा करने की, और गुरुओं के नाम पर स्थापित बागानों की पवित्रता बनाए रखने की। श्रेणी लगाए गए पौधों की संख्या शहरी वानिकी (Urban Forestry) 3,31,000 पॉपुलर/डेक (Poplar/Deak) 2,50,000 सफेद वृक्ष (White Trees) 3,00,000 नानक बाग (Nanak Gardens) 20,800 औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Areas) 46,500 स्कूलों में (Schools) 1,44,500 ऊंचे पौधे (Tall Saplings) 1,62,900 कुल पौधे 12,55,700 ये हरियाली हमारे स्कूलों में बच्चों को शुद्ध हवा दे रही है, उद्योगों के प्रदूषण को सोख रही है, और शहरों को शांत व सुंदर बना रही है। 'नानक बाग़ों' में लगाए गए पौधे गुरु साहिब की शिक्षाओं के अनुरूप प्रकृति से प्रेम की भावना को जागृत कर रहे हैं। इसका मतलब है कि हमारे बच्चे अपनी शिक्षा की शुरुआत ही प्रकृति के करीब रहकर कर रहे हैं—वे पेड़ को बढ़ते देखेंगे, उसकी छाँव में खेलेंगे, और 'हरा-भरा पंजाब' उनके जीवन का अभिन्न अंग बन जाएगा। वन्यजीव संरक्षण विभाग इस मिशन को सफल बनाने के लिए पूरी जान लगा रहा है। उनका हर प्रयास यह सुनिश्चित करता है कि ये नन्हे पौधे सिर्फ लगाए न जाएं, बल्कि वे बढ़कर घने, मजबूत वृक्ष बनें। यह सिर्फ सरकारी योजना नहीं है, यह एक जन आंदोलन है, जिसे विभाग हर कदम पर प्रेरित कर रहा है। वन और वन्यजीव संरक्षण विभाग इस हरित मिशन को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों का यह समर्पण सराहनीय है। इस पहल के तहत, मान सरकार ने पंजाब में अब तक कई हज़ार एकड़ ज़मीन पर पेड़ लगाए हैं। यह दिखाता है कि सरकार केवल बातें नहीं कर रही, बल्कि ठोस ज़मीनी काम कर रही है। पंजाब, जो कभी अपनी हरी-भरी फसलों के लिए जाना जाता था, अब अपनी प्राकृतिक हरियाली को भी वापस पा रहा है। यह मिशन पंजाब को प्रदूषण मुक्त बनाने, जलवायु परिवर्तन से लड़ने और जल स्तर को सुधारने की दिशा में एक मज़बूत नींव है। पंजाब की हवा में बढ़ते प्रदूषण के बीच, ये लाखों पौधे भविष्य में लाखों टन कार्बन डाइऑक्साइड सोखेंगे और हमें शुद्ध प्राणवायु देंगे। यह हमारी अगली पीढ़ी को दिया गया सबसे अमूल्य तोहफा है।ये पेड़ ज़मीन के नीचे के पानी को रिचार्ज करने में मदद करेंगे, जो पंजाब के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। हर पौधा पानी की एक-एक बूँद को बचाने का सैनिक है। स्कूलों (1,44,500 पौधे), औद्योगिक क्षेत्रों (46,500 पौधे) और नानक बाग़ों (20,800 पौधे) में वृक्षारोपण करके, सरकार ने हर नागरिक को इस हरित क्रांति से जोड़ा है। यह एक जन आंदोलन की शुरुआत है। मान सरकार की इस पहल के तहत, पंजाब में अब तक कई हजार एकड़ भूमि पर वृक्षारोपण किया जा चुका है। यह हरित फैलाव न केवल पर्यावरण के लिए आवश्यक है, बल्कि यह पंजाब की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक समृद्धि को भी पुनर्जीवित कर रहा है। यह एक ऐसा निवेश है जिसका लाभ पीढ़ियों तक मिलता रहेगा। यह 'ग्रीनिंग पंजाब मिशन' हमें याद दिलाता है कि सरकार और नागरिक मिलकर कैसे एक बेहतर कल का निर्माण कर सकते हैं। यह सिर्फ विकास नहीं, यह प्रकृति के प्रति हमारा सच्चा और गहरा प्रेम है। आइए, हम सब इस पुनीत कार्य में भागीदार बनें और पंजाब के हरित भविष्य के इस सपने को साकार करें। यह 'ग्रीनिंग पंजाब मिशन' केवल सरकार का नहीं, बल्कि हर पंजाबी का मिशन है। यह हमें यह याद दिलाता है कि हमारा भविष्य हमारे हाथों में है, और जब सरकार और जनता मिलकर एक पवित्र लक्ष्य के लिए काम करते हैं, तो ऐसे ही अविश्वसनीय और भावनात्मक परिणाम सामने आते हैं। मान सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे केवल वर्तमान की समस्याओं पर नहीं, बल्कि आने वाले 50 वर्षों के भविष्य पर नज़र रखे हुए हैं। जिस जज़्बे के साथ यह मिशन आगे बढ़ रहा है, वह बताता है कि पंजाब जल्द ही फिर से अपने पुराने 'लहलहाते' स्वरूप को प्राप्त करेगा। मान सरकार ने पंजाब को केवल अच्छा प्रशासन ही नहीं दिया है, बल्कि उम्मीद की हरियाली दी है। यह एक ऐसा निवेश है जिसका लाभ हर पंजाबी, बिना किसी भेदभाव के, उठाएगा।

नवजोत कौर सिद्धू का हमला— ‘भगवंत मान सरकार कर रही बड़ा जमीन घोटाला’, सुरक्षा की उठाई मांग

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस में भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने अब आम आदमी पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुरक्षा की मांग की है। नवजोत कौर सिद्धू के बयान से पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया था। उन्होंने कहा कि पंजाब में मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ रुपये का सूटकेस जरूरी होता है। इसके बाद कांग्रेस ने ऐक्शन लेते हुए उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया।   अब नवजोत कौर ने भगवंत मान की सरकार पर हमला बोलेत हुए कहा है कि यह सरकार शराब और खनन माफिया की साथी है और इसलिए उन्हें सुरक्षा की जरूरत है। सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर उन्होंने कहा कि उनको खतरा हैऔर इसलिए मुख्यमंत्री को उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले भी कई मुद्दे उन्होंने पंजाब के राज्यपाल के सामने उठाए हैं लेकिन अब तक उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। सिद्धू ने राज्यपाल को लिखे अपने पत्र में कहा कि मौजूदा सरकार बड़ा जमीन घोटाला कर रही है। उन्होने दावा किया है कि शिवालिक बेल्ट और रक्षित वन्य इलाकों की बड़ी जमीन मौजूदा सरकार रेग्युलराइज कर रही है। उन्होंने कहा कि सस्ती कीमतों में इस जमीन को हथिया लिया गया था और अब उन्हें वैध बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू स्थानीय निकाय मंत्री थे तब उन्होंने इस फाइल पर साइन करने से ही इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में राज्य् में अपराध तेजी से पढ़ रहे हैं। इसके अलावा हथियारों का गलत इस्तेमाल करके जनता को डराया धमकाया जा रहा है और पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। ऐसे में राज्यपाल को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए और इन विषयों पर चर्चा करवानी चाहिए। बता दें कि पार्टी से सस्पेंड होने ते बाद भी नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि वह हमेशा पार्टी के साथ ही रहेंगी। उन्होंने पंजाब में कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर पार्टी को बर्बाद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा , हम हमेशा कांग्रेस के साथ हैं। हम अपने राज्य को जीतेंगे और अपने प्रिय और त्याग के प्रतीक गांधी परिवार को उपहार देंगे। अमरिंदर सिंह ने नवजोत कौर पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा था कि कांग्रेस को उन्हें पार्टी से निकाल देना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि सिद्धू को क्रिकेट कमेंट्री पर ध्यान देना चाहिए जिसमें वह माहिर हैं और यह भी कहा था कि ‘‘राजनीति उनके स्वभाव में नहीं है।’’ कौर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कैप्टन अमरिंदर सिंह आपको इतने सारे सवालों के जवाब देने हैं जो मेरे 100 ट्वीट में समाहित नहीं हो पाएंगे। चलिए, उन फाइलों से शुरुआत करते हैं जिन्हें आप नवजोत सिद्धू से बंद करवाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था; सिटी सेंटर केस फाइल, प्रतिबंधित शिवालिक पर्वतमाला के आसपास भू-माफियाओं की जमीनों का पंजीकरण।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘कैप्टन अमरिंदर सिंह, मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि आपने नवजोत सिद्धू की उन फाइलों को क्यों नहीं मंजूरी दी जो पंजाब के विकास के लिए इतनी महत्वपूर्ण थीं? खनन नीति, शराब नीति, यात्रा और चिकित्सा पर्यटन, अमृतसर गोंडोला परियोजना, कचरा निपटान परियोजना, राष्ट्रीय स्थलों पर निविदाएं लगाकर स्थानीय निकायों में होने वाली हेराफेरी रोकना, फिल्म सिटी परियोजनाएं, जल क्रीड़ा परियोजनाएं, रणजीत एवेन्यू में खेल पार्क, पंजाब के लिए पाक कला विश्वविद्यालय।’’ सिंह ने कांग्रेस की राज्य इकाई में हुए विवाद के बाद सितंबर 2021 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनने के बाद सिंह ने पार्टी छोड़ दी थी और एक नयी पार्टी बनाई जिसका 2022 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय हो गया।  

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिया बड़ा बयान, क्या कांग्रेस में लौटेंगे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री?

चंडीगढ़  पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का क्या बीजेपी से मोहभंग हो रहा है. दरअसल कांग्रेस के इस पूर्व नेता ने कुछ ऐसा बयान दिया है, जिससे लगता है कि उन्हें अपनी पुरानी पार्टी की याद आने लगी है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने फैसलों में अपेक्षाकृत ज्यादा कठोर है, जबकि कांग्रेस में परामर्श की परंपरा ज्यादा व्यापक और लचीली रही है. उनके इस बयान से अटकलें तेज हो गई हैं कि कैप्टन विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में वापस आ सकते हैं. पंजाब के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब जैसे राज्य में राजनीति का मिजाज अलग है और यहां जमीन से जुड़े नेताओं की राय को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने इशारों में कहा कि बीजेपी पंजाब में अब तक इसलिए मजबूत राजनीतिक ताकत नहीं बन पाई, क्योंकि पार्टी नेतृत्व जमीनी स्तर के नेताओं से पर्याप्त संवाद नहीं करता. पंजाब में 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अमरिंदर सिंह की यह हालिया टिप्पणी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि बीजेपी पंजाब में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक शक्ति के रूप में खुद को स्थापित करने का प्रयास लगातार कर रही है। मीडिया से बात करते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा, "पंजाब एक अलग क्षेत्र है। आप देखिए, हर जगह बीजेपी आगे बढ़ रही है, लेकिन पंजाब में क्यों नहीं? पिछले चुनावों को देखें, कितनी सीटें आईं, शायद ही कोई।" इसके कारणों पर विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा, "इसका कारण यह है कि बीजेपी उन लोगों से सलाह नहीं लेते जो मैदान में रहे हैं, जिन्हें पता है कि क्या कहना है। फैसले ऊपरी स्तर पर लिए जाते हैं, कांग्रेस में भी फैसले शीर्ष स्तर पर लिए जाते थे, लेकिन वे हमसे, सभी से विधायकों, सांसदों के विचारों से सलाह लेते थे। यहां बीजेपी में मुझे नहीं लगता कि किसी ने पूछा है।" कैप्टन अमरिंदर सिंह के ताजा बयान से पंजाब कि सियासी हलकों में उनकी कांग्रेस में भी घर वापसी की चर्चा होने लगी है। हालांकि उन्होंने साफ इनकार कर दिया है। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें कांग्रेस की याद आती है तो अमरिंदर सिंह ने जवाब दिया, "नहीं, कांग्रेस की व्यवस्था अलग थी, मुझे उस व्यवस्था की याद आती है। वहां व्यापक प्रकार का परामर्श होता था और अनुभव का महत्व था, जिसकी बीजेपी में कमी है। कांग्रेस राय लेने में अधिक लचीली है, मुझे लगता है कि बीजेपी का दृष्टिकोण थोड़ा कठोर है।" कैप्टन अमरिंदर ने क्या कहा? द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर ने कहा, ‘पंजाब एक अलग क्षेत्र है. देखिए, देश के कई हिस्सों में बीजेपी आगे बढ़ रही है, लेकिन पंजाब में ऐसा क्यों नहीं हो पा रहा? पिछले चुनावों को देख लीजिए, बीजेपी को कितनी सीटें मिलीं… लगभग ना के बराबर. इसका कारण यही है कि यहां फैसले उन लोगों से पूछे बिना ले लिए जाते हैं, जो मैदान में काम कर चुके हैं और हालात को समझते हैं.’

चौंकाने वाला खुलासा: पंजाब के लोगों पर मंडरा रहा बड़े खतरे का साया

चंडीगढ़ केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने संसद में एक महत्वपूर्ण जानकारी सांझा करते हुए माना है कि पंजाब में भूजल का स्तर बेहद चिंताजनक तरीके से गिर चुका है। लोकसभा सदस्य हरसिमरत कौर बादल द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने बताया कि प्रदेश में भूजल दोहन की दर 156.36 प्रतिशत तक पहुंच गई है। 72% ब्लॉक खतरे में मंत्रालय द्वारा पेश किए गए 2025 के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में भूजल का वार्षिक पुनर्भरण 18.60 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) है, जबकि इसी वर्ष सिंचाई, उद्योग और घरेलू उपयोग के लिए लगभग 26.27 BCM पानी निकाला गया। बेहिसाब दोहन के कारण राज्य के 153 ब्लॉकों में से 111 ब्लॉक (72.55%) ‘ओवर-एक्सप्लॉइटेड’ श्रेणी में आ गए हैं। सिर्फ 17 ब्लॉक सुरक्षित, जबकि 10 गंभीर और 15 अर्ध-गंभीर स्थिति में हैं। भूजल में जहरीले तत्व भी मिले रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पंजाब के कई इलाकों में भूजल में आर्सेनिक, फ्लोराइड और यूरेनियम जैसे जहरीले तत्व तय सीमा से अधिक पाए गए हैं। केंद्र सरकार ने बताया कि पानी राज्य सूची का विषय है, इसलिए भूजल प्रदूषण को रोकने और बचाने की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है, हालांकि इनके प्रयासों को मजबूत करने के लिए केंद्र द्वारा पंजाब सहित देशभर में कई योजनाएं और पहल चलाई जा रही हैं। 

गाय का मीट मिलने से सनसनी! ई-रिक्शा ड्राइवर हिरासत में, भीड़ में तनाव

पंजाब  ई-रिक्शा में गाय का मीट मिलने की खबर सामने आई है, जिसके बाद माहौल पूरी तरह से तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और मीट के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए। जानकारी के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के मंत्री अंकुश गुप्ता ने बताया कि उन्हें कई दिनों से सेक्टर-25 से गाय के मीट की सप्लाई की खबर मिल रही थी। इसे देखते हुए वह आज सुबह 4 बजे से सेक्टर-25 में मौजूद थे। उन्हें सुबह पता चला कि इलाके में ई-रिक्शा के जरिए गाय का मीट सप्लाई किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्होंने ई-रिक्शा रोका, ई-रिक्शा चला रहे व्यक्ति ने उन्हें टक्कर मारकर भगा दिया लेकिन वह पकड़ा गया। जब उसके ई-रिक्शा में रखे बैग की जांच की गई तो उसमें मीट मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ई-रिक्शा को अपने कब्जे में ले लिया और मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने मीट के सैंपल भी लिए हैं। अब रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि यह गाय का मीट था या कोई और मीट। 

ट्रैफिक पुलिस का बड़ा एक्शन: पंजाब में रिकॉर्ड चालान, इन जिलों के वाहन चालकों के लिए चेतावनी

चंडीगढ़ पंजाब में ई-चालान सिस्टम शुरू होने के बाद साल 2024 में 3.98 लाख लोगों के 83 करोड़ रुपए के ई-चालान काटे गए हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोक सभा में गुरुवार को एक रिपोर्ट पेश कर यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के बड़े शहरों में ई-चालान सिस्टम लागू करने के बाद एक ही साल में चालान चार गुना बढ़ गए हैं। हर 2 मिनट में ‘तीसरी आंख’ चालान काट रही है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में 72,191 चालान हुए थे, जो 2024 में बढ़कर 3,97,839 तक पहुंच गए। सरकार योजनाबद्ध तरीके से ई-चालान सिस्टम लागू कर रही है, जिसकी वजह से चालानों में बड़ा इजाफ़ा हुआ है। साल 2024 में कुल 83 करोड़ रुपये के चालान काटे गए। इनमें से 52.26 करोड़ रुपये की चालान राशि वाहन चालकों द्वारा जमा करवाई जा चुकी है, जबकि 30.94 करोड़ रुपये की राशि अभी भी पेंडिंग है। इन जिलों में हो रहे हैं सबसे ज्यादा चालान पंजाब के बड़े शहरों मोहाली, लुधियाना, अमृतसर और जालंधर में ई-चालान सिस्टम लागू किया गया है, जिसके कारण इन जिलों में वाहन चालकों पर तेजी से चालान हो रहे हैं। सिस्टम के तहत मोहाली जिले में 400 कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें ई-चालान की व्यवस्था शुरू की गई है। बावजूद इसके वाहन चालक अभी भी ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कर रहे, जिसकी वजह से चालानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हाल ही में ट्रैफिक विभाग ने उन वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की थी, जो अपने चालान जमा नहीं करवा रहे थे। इस दौरान 6800 वाहनों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया और उनकी जानकारी वाहन पोर्टल पर भी दर्ज कर दी गई है। 

एग्जाम में लापरवाही का बड़ा मामला: छात्रों को मिला गलत प्रश्नपत्र, घंटों बाद अधिकारियों की नींद टूटी

लुधियाना  पंजाब यूनिवर्सिटी की चल रही परीक्षाओं में स्थानीय एक कॉलेज में परीक्षा प्रबंधन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है जिसका खामियाजा एक ही कमरे में बैठे लगभग 20 विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। बी.कॉम के स्टैटिस्टिक्स विषय की परीक्षा के दौरान इन छात्रों को बी.कॉम के बजाय बी.बी.ए. का प्रश्न पत्र दे दिया गया। प्रभावित विद्यार्थियों ने जानकारी दी कि परीक्षा कुल तीन कमरों में चल रही थी। कॉलेज प्रशासन ने अपनी गलती सुधारते हुए 2 कमरों में तो सही प्रश्नपत्र बंटवा दिए लेकिन तीसरे कमरे में बैठे करीब 20 विद्यार्थियों को पेपर बदलना प्रशासन भूल गया''। जब छात्रों ने शुरुआत में ही इन्विजिलेटर को टोकते हुए पेपर चैक करने को कहा, तो वहां मौजूद सुपरिंटैंडैंट ने यह तर्क देकर उन्हें चुप करा दिया कि इंगलिश के पेपर की तरह यह पेपर भी दोनों कक्षाओं का संयुक्त (कंबाइन) है। परीक्षा के बाद खुला राज सुपरिंटैंडैंट के आश्वासन पर इन 20 छात्रों ने बी.बी.ए. का पेपर ही हल कर दिया। करीब 3 घंटे बाद जब परीक्षा खत्म हुई और वे केंद्र से बाहर निकले तो अन्य छात्रों से चर्चा करने पर पता चला कि उनका प्रश्नपत्र बिल्कुल अलग था। यह जानकर छात्रों के होश उड़ गए कि केवल उनके कमरे में ही गलत पेपर बंटवाए गए थे। जब छात्रों ने दोबारा प्रशासन से संपर्क किया तो अपनी गलती मानने के बजाय अधिकारियों ने उलटा छात्रों को ही दोषी ठहरा दिया। उन्होंने कहा कि आपको पहले बताना चाहिए था जबकि छात्र परीक्षा शुरू होने पर 2 बार आपत्ति जता चुके थे। कॉलेज की तरफ से यह भी अजीबोगरीब तर्क दिया गया कि उनका पेपर अब बी.बी.ए. के हिसाब से ही चैक हो जाएगा।   पंजाब यूनिवर्सिटी से लगाई न्याय की गुहार इस घटना से परेशान छात्रों ने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के परीक्षा कंट्रोलर को लिखित शिकायत ईमेल की है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह मुद्दा केवल फीस या री-अपीयर का नहीं, बल्कि उनके भविष्य का है। उन्होंने मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही की जांच हो। बी.कॉम के सही सिलेबस के अनुसार मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जाए।   “परीक्षा के दौरान हमने बार-बार बताया कि प्रश्न पत्र गलत है लेकिन किसी ने बात नहीं सुनी। 3 घंटे बाद पता चला कि हमारा ही पेपर गलत था। हमारी मेहनत और समय दोनों बर्बाद हो गए। अब अगर पेपर गलत मानकर जांचा गया, तो इसका सीधा असर हमारी पढ़ाई और भविष्य पर पड़ेगा।”

श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी! कटरा–नई दिल्ली रूट पर विशेष ट्रेन सेवा शुरू

पठानकोट (पंजाब)  वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि यात्रियों के लिए बेहतर यात्रा विकल्प प्रदान करते हुए, इस विशेष ट्रेन का संचालन किया जा रहा हैं। साथ ही इस विशेष ट्रेन के चलने से यात्रियों को भीड़ भाड़ के दौरान कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। जम्मू मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधाओं के लिए समय समय पर विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाता है। इसी के तहत यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने और श्री माता वैष्णो देवी कटरा जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत देते हुए, नई दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा-नई दिल्ली तक 12 से 14 दिसंबर तक विशेष ट्रेन संख्या 04081/ 04082 चलाने का निर्णय लिया गया है।  विशेष ट्रेन का विवरण विशेष ट्रेन संख्या 04081 नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा दिनांक 12.12.25 से 13.12.25 ( दो ट्रिप ) यह विशेष ट्रेन दिनांक 12 दिसंबर को नई दिल्ली से रात 11.45 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर में 12 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंचेगी। मार्ग में यह ट्रेन पानीपत, कुरूक्षेत्र, अम्बाला कैंट, लुधियाना, जालंधर कैंट, पठानकोट कैंट, जम्मू , शहीद कैप्टन तुषार महाजन (उधमपुर) आदि रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। विशेष ट्रेन संख्या 04082 श्री माता वैष्णो देवी कटरा से नई दिल्ली दिनांक 13.12.25 से 14.12.25 ( दो ट्रिप ) यह विशेष ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा से रात को 09.20 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। मार्ग में यह ट्रेन शहीद कैप्टन तुषार महाजन (उधमपुर) , जम्मू, पठानकोट कैंट, जालंधर कैंट, लुधियाना, अम्बाला कैंट, कुरुक्षेत्र, पानीपत आदि रेलवे स्टेशनों पर यथावत रूकेगी।  वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि यात्रियों के लिए बेहतर यात्रा विकल्प प्रदान करते हुए, इस विशेष ट्रेन का संचालन किया जा रहा हैं। साथ ही इस विशेष ट्रेन के चलने से यात्रियों को भीड़ भाड़ के दौरान कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। यह आरक्षित विशेष ट्रेन है,  जिसका संचालन 20 कोचों के साथ किया जाएगा। यात्री भारतीय रेल की आधिकारिक वेबसाइट/ एप या अधिकृत एजेंटों के माध्यम से टिकट बुक कर सकते हैं, तथा यात्रियों से अनुरोध किया जाता है, कि अपनी यात्रा प्रारंभ करने से पहले ट्रेन के समय की सटीक जानकारी अवश्य प्राप्त कर ले।

नेशनल मार्ग पर गहरी धुंध का कहर, पुलिसकर्मी दर्दनाक हादसे का शिकार

बटाला  आज सुबह अमृतसर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पड़ी गहरी धुंध के कारण हुई एक सड़क दुर्घटना में कार सवार पुलिसकर्मी के गंभीर रूप से घायल होने का समाचार प्राप्त हुआ है। घटनास्थल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नरिंदर सिंह (60) पुत्र ज्ञान सिंह निवासी बटाला, जो कि पुलिस कर्मचारी है एवं नौशहरा माझा सिंह से चुनाव लड़ रहे एक व्यक्ति के साथ बतौर गनमैन के रूप में डयूटी है, आज सुबह अपनी स्विफ्ट कार से ड्यूटी पर जा रहा था।  जब वह उक्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गिल्लां गांव के पास पहुंचा, तो इसी दौरान एक ट्राला चालक ट्राले का मोड़ काट रहा था कि राजमार्ग पर पड़ी गहरी धुंध के चलते उक्त पुलिसकर्मी की गाड़ी उक्त ट्राले से जा टकराई, जिसके चलते उक्त कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। जबकि इस सड़क दुर्घटना में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।  इस बीच, दुर्घटना की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे एम्बुलेंस 108 कर्मियों ने उक्त पुलिसकर्मी नरिंदर सिंह को तत्काल उपचार के लिए बटाला के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया।