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कांग्रेस घिरी चारों तरफ! नवजोत कौर विवाद पर अब AAP की एंट्री

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के हालिया बयान ने पंजाब की सियासत में हलचल मचा दी है. उनके इस दावे “कांग्रेस में 500 करोड़ रुपए न होने पर CM की कुर्सी नहीं मिलती” पर अब आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस को आडे हाथ लिया है. आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक के बाद एक छह AI से बनाए गए पोस्टर्स जारी किए हैं. इन पोस्टर्स में तंज कसते हुए दिखाया गया है कि पंजाब में “CM की कुर्सी” कथित तौर पर धन के बल पर मिलती है. यह निशाना नवजोत कौर सिद्धू के बयान से जोड़कर साध जा रहा है.   CM भगवंत मान का बयान दूसरे पोस्टर में CM भगवंत मान का वह कथित बयान दिखाया गया है कि “500 करोड़ देकर कोई सेवा नहीं हो सकती… जो पार्टी 500 करोड़ लेती है, वो पहले खुद 500 करोड़ पूरा करे.” सिद्धू और अन्य नेताओं पर निशाना तीसरे पोस्टर में नवजोत कौर के बयान को आधार बनाकर रफ्तार चौधरी, सिद्धू और अन्य कांग्रेस नेताओं पर व्यंग्य किया गया है कि टिकट-पद के लिए उनके ऊपर “आरोपों की मार” पड़ रही है.   कौन बनेगा चीफ मिनिस्टर थीम चौथे पोस्टर में मशहूर टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की तर्ज पर ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ बनाया गया है. इसमें सवाल पूछा गया है कि ‘कांग्रेस में CM की कुर्सी की सही कीमत क्या है? विकल्प के तौर पर 100, 350, 400 और 500 करोड़ दिए गए हैं. नोटों से बनी CM कुर्सी तक की सीढ़ियां एक अन्य AI पोस्टर में CM कुर्सी तक पहुंचने के लिए नोटों की गड्डियों से सीढ़ी बनाई गई है. इसके साथ लिखे पंजाबी में मैसेज का मतलब है कि कांग्रेस के अलग-अलग नेता केवल गुणगान करते रहे गए और चन्नी मुख्यमंत्री बनने में कामयाब हो गए. अकाली दल भी कर चुका है AI वीडियो जारी AAP से पहले अकाली दल भी इसी मामले पर एक AI वीडियो जारी कर चुका है. इसमें दावा किया गया था कि चन्नी ने 500 करोड़ रुपए देकर कांग्रेस हाईकमान से CM की कुर्सी हासिल की थी. नवजोत कौर सिद्धू का बयान अब पंजाब सियासत में नया विवाद बन चुका है, जिसका विपक्ष लगातार इस्तेमाल कर रहा है. नवजोत कौर ने आरोप लगाया था कि पंजाब कांग्रेस के नेता पैसा लेकर टिकट देते हैं. उन्होंने अपने आरोप में कई वरिष्ठ नेताओं का नाम लिया था. इसके बाद उन्हें कांग्रेस पार्टी से निकाल दिया गया.  

सिमरजीत बैंस को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा, FIR रद्द करने से किया इनकार

पंजाब  सिमरजीत बैंस को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। मिली जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से इनकार कर दिया है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बरगाड़ी बेअदबी की घटना से जुड़े विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में पूर्व MLA सिमरजीत सिंह बैंस और दूसरों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इनकार कर दिया है।  IPC कोर्ट को खास अपराधों, खासकर पब्लिक जस्टिस के खिलाफ अपराधों (जैसे झूठी गवाही, कोर्ट में जालसाजी) या कानूनी अथारिटी के अधिकार का संज्ञान लेने से रोकता है, जब तक कि संबंधित पब्लिक सर्वेंट या कोर्ट द्वारा शिकायत दर्ज न की गई हो ताकि फालतू प्राइवेट केस को रोका जा सके और न्यायिक ईमानदारी बनी रहे। कोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 195 के तहत रोक सिर्फ मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेने के स्टेज पर लागू होती है, FIR या जांच के स्टेज पर नहीं। जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने कहा कि मजिस्ट्रेट द्वारा अपराधों का संज्ञान लेते समय कानून की सही प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए और वह स्टेज अभी नहीं आया है। इसलिए, इस सेक्शन के नियमों का कथित उल्लंघन इस स्टेज पर संबंधित FIR को रद्द करने की मांग का आधार नहीं है। 

पंजाब कांग्रेस एक्शन मोड में: नवजोत कौर-सिद्धू विवाद की रिपोर्ट पार्टी प्रभारी के पास

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस में फिर से तनाव की स्थिति बनती दिख रही है. पंजाब के पूर्व अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री रहे नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर की ओर से प्रदेश कांग्रेस संगठन और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ की जा रही बयानबाजी ने तूल पकड़ लिया है. पंजाब कांग्रेस की ओर से सिद्धू दंपति की बयानबाजी और उससे पार्टी को हो रहे नुकसान की एक रिपोर्ट पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल को भेजी गई है. बघेल को भेजी गई इस रिपोर्ट में हाल ही में डॉक्टर नवजोत कौर सिद्धू की बयानबाजी और पिछले 4 सालों में पार्टी के कार्यक्रमों में सिद्धू दंपति की सक्रियता और पार्टी के कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेने जैसी बातों का जिक्र किया गया है. रिपोर्ट में साल 2022 के तकरार का जिक्र रिपोर्ट में साल 2022 में तत्कालीन प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी द्वारा नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर पार्टी आलाकमान को लिखे गए एक पत्र का भी जिक्र किया गया है. इस पत्र में यह बताया गया था कि उस दौरान नवजोत सिंह सिद्धू और चरणजीत सिंह चन्नी के बीच जारी तकरार और भ्रम की स्थिति की वजह से कांग्रेस को तब के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. उस दौरान जो रिपोर्ट और चिट्ठी प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी की ओर से पार्टी आलाकमान को भेजी गई थी वो भी एक बार फिर से इस ताजा रिपोर्ट का हिस्सा बनाई गई है. ‘सिद्धू दंपति की वजह से हो रहा नुकसान’ पंजाब कांग्रेस की ओर से अब जो रिपोर्ट पार्टी प्रभारी को दी गई है, उसमें सीधे तौर पर लिखा गया है कि सिद्धू की पत्नी डॉक्टर नवजोत कौर सिद्धू के बयानों से पार्टी को खासा नुकसान हुआ है. पिछले कुछ सालों में नवजोत सिंह सिद्धू भी पार्टी लाइन से हटकर या पंजाब कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ बयान देते रहे हैं, उनके इस तरह के बयानों से भी पार्टी को लगातार नुकसान ही हुआ है. रिपोर्ट में यह भी सलाह दी गई है कि बागी तेवर दिखा रहे सिद्धू दंपति को अनुशासन में रखना बेहद आवश्यक है, नहीं तो पंजाब में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की छवि और प्रदेश संगठन की छवि को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ नवजोत ने खोला मोर्चा पंजाब कांग्रेस में पिछले दिनों तब हलचल मची थी, जब नवजोत कौर ने सोशल मीडिया के जरिए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के बारे में बड़ा आरोप लगाया और कहा कि वह उन्हें पंजाब का कांग्रेस अध्यक्ष नहीं मानती हैं. वह एक बेपरवाह, गैर-जिम्मेदार, नैतिक रूप से बेईमान और भ्रष्ट अध्यक्ष हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार हैं, लेकिन यह पद उसे ही मिलता है जो 500 करोड़ रुपये की अटैची देता है. उनके इस बयान के बाद प्रदेश इकाई ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया.  

निवेश, तकनीक और रोजगार—विदेश दौरे ने पंजाब की इंडस्ट्रियल छलांग को दिया नया आयाम

चंडीगढ़  जापान और दक्षिण कोरिया के निवेश दौरों के अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि उन्होंने पंजाब दुनिया में उभरता हुआ औद्योगिक राज्य है. उन्होंने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करना और औद्योगिक विकास को गति देकर युवाओं के लिए रोज़गार के अधिक अवसर पैदा करना है. यह ऐतिहासिक दौरा औद्योगिक विकास को तेज़ रफ्तार देने और उसे आवश्यक बल प्रदान करने में सहायक होगा. मुख्यमंत्री मान ने कहा कि एक बैठक के दौरान जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (जेबीआईसी) के सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर ओगावा काजूनोरी ने पंजाब के औद्योगिक और स्वच्छ ऊर्जा प्रोजेक्टों की संभावनाओं की खोज में रुचि दिखाई. उन्होंने कहा कि वे जापानी कंपनियों के माध्यम से संभावित वित्तीय अवसरों पर तकनीकी विचार-विमर्श जारी रखने के लिए सहमत हुए हैं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि बैंक ने पंजाब निवेश सम्मेलन के निमंत्रण का भी स्वागत किया है और इसमें भाग लेने की इच्छा जताई. अगले साल प्रोग्रेसिव पंजाब निवेश सम्मेलन मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह भी बताया कि आइसन इंडस्ट्री कंपनी लिमिटेड के सीईओ और ईवीपी टोमोनोरी काई तथा टोरू नकाने ने भविष्य के निर्माण या अनुसंधान एवं विकास अवसरों के लिए पंजाब की संभावनाओं में सकारात्मक रुचि दिखाई. उन्होंने कहा कि यामाहा मोटर कंपनी लिमिटेड के ग्लोबल स्ट्रैटेजी मैनेजर और प्रोडक्ट प्लानिंग ग्रुप तनाका हिरोकी तथा सुजुकी मारी ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, अनुसंधान एवं विकास सहयोग और कौशल विकास पहलकदमियों में निवेश पर खुलकर चर्चा की. भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने प्रोग्रेसिव पंजाब निवेश सम्मेलन 2026 के निमंत्रण का भी स्वागत किया और पंजाब के निवेश-अनुकूल माहौल से जुड़े रहने में रुचि दिखाई. मुख्यमंत्री ने कहा कि होंडा मोटर कंपनी लिमिटेड के साथ बैठक में डिपार्टमेंट मैनेजर तत्सुओ नाकामुरा और आई.टी.ओ. कियोशी ने पंजाब में भारतीय साझेदारों के माध्यम से कंपोनेंट निर्माण की संभावनाएं तलाशने की बात कही. भगवंत सिंह मान ने कंपनी को पूर्ण सुविधा और नीतिगत सहायता का भरोसा दिया तथा उन्हें पंजाब निवेश सम्मेलन 2026 के लिए निमंत्रण दिया. जापान में एनईसी कॉर्पोरेशन के साथ बैठक मुख्यमंत्री ने कहा कि संसदीय उप-मंत्री (अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग) कोमोरी ताकुओ ने जापानी फर्मों को इन्वेस्ट पंजाब से जोड़ने के लिए समन्वय बनाए रखने पर सहमति जताई. उन्होंने कहा कि फुजित्सु लिमिटेड के टेक्नोलॉजी बिज़नेस मैनेजमेंट यूनिट के प्रमुख जूंगो ओकाई ने डिजिटल गवर्नेंस सॉल्यूशंस में रुचि दिखाई और भरोसा दिया कि वे भारत में भविष्य के प्रोजेक्टों के लिए मोहाली का चयन करेंगे. भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी जापान यात्रा के दूसरे दिन की शुरुआत एनईसी कॉर्पोरेशन के साथ बैठक से हुई. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बाद में दिन में 250 से अधिक प्रतिभागियों, जिनमें जापानी उद्योग एवं व्यापारिक संस्थाओं के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे, ने टोक्यो रोड शो में भाग लिया. उन्होंने कहा कि डी.जी. जेट्रो इंडिया सुजुकी ताकाशी की मजबूत संस्थागत भागीदारी भारत-जापान आर्थिक संबंधों के लिए उच्च स्तरीय समर्थन को दर्शाती है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि हीरो मोटोकॉर्प (सुमितोमो और किरियू कॉर्पोरेशन), वर्धमान स्पेशल स्टील्स (आइची स्टील) और एक्सेल स्काउट द्वारा साझा किए गए अनुभवों ने पंजाब में सफल साझेदारियों की मिसाल पेश की. मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरे दिन आईची स्टील के मुख्यालय में बैठक हुई जिसमें चेयरमैन फुजियोका ताकाहिरो और प्रेसिडेंट इतो तोशिओ ने सम्मेलन के निमंत्रण का स्वागत करते हुए मजबूत रिश्तों और व्यापक निवेश में रुचि व्यक्त की. उन्होंने कहा कि आईची स्टील और वर्धमान स्पेशल स्टील्स ने पंजाब में निवेश गतिविधियों का संयुक्त रूप से अध्ययन करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें 500 करोड़ रुपए के निवेश का मूल्यांकन शामिल है. ओसाका रोड शो में मिले कई दिग्गज निवेशक मुख्यमंत्री ने कहा कि ओसाका रोड शो में ओसाका क्षेत्र की शीर्ष कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और डीजी जेट्रो, ओसाका प्रीफेक्चरल गवर्नमेंट और एमईटीआई कांसाई से मजबूत संस्थागत साझेदारी में गहरी रुचि दिखाई. उन्होंने कहा कि 80 से अधिक डेलीगेट्स ने रोड शो में हिस्सा लिया, जिससे भविष्य के निवेश की संभावना मजबूत हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स शेयर पॉलिसी के अनुसार पंजाब में निर्माण यूनिट का मूल्यांकन करना शामिल है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने कारोबार करने की सुगमता के बारे में कानूनी फर्मों से भी बैठकें की और गोलमेज में दक्षिण कोरिया की प्रमुख संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले 42 से अधिक डेलीगेट्स ने हिस्सा लिया, जिनमें शीर्ष कानूनी फर्में और उद्योग संघ शामिल थे. उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया के उद्योग जगत के नेताओं ने उत्तरी भारत के लिए पंजाब में निर्माण तथा अनुसंधान एवं विकास हब के रूप में संभावनाएं तलाशने में गहरी रुचि दिखाई.  

अवैध कब्जों पर चला परिषद का हथौड़ा, झज्जर में 8 कमर्शियल प्रतिष्ठान एक साथ सील

झज्जर  झज्जर नगर परिषद ने गुरूवार को टैक्स बकाया वसूली के लिए शहर में सिलिंग अभियान चलाते हुए ढाबा, दुकानों और बैंक स्थित बिल्डिंग सहित आठ प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। परिषद के अनुसार जिन प्रतिष्ठानों को सील किया गया है, उन पर लाखों रुपये का हाउस टैक्स बकाया था। कार्रवाई शुरू होते ही शहर में हड़कंप मच गया और कई बकायादार मौके पर पहुंचे। वहीं पर टैक्स जमा कराना शुरू कर दिया। कार्रवाई के दौरान एक बिल्डिंग में चल रहे बैंक पर भी ताला लगाया गया, जिस पर करीब साढ़े तीन लाख रुपये का टैक्स बकाया बताया गया है। सिलिंग के कारण उसी बिल्डिंग में बने पीजी में रह रहे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक के कर्मचारी ने बताया कि जिस बिल्डिंग में उनका बैंक है उस बिल्डिंग पर करीब साढे़ तीन लाख रूपए का टैक्स नगर परिषद का बकाया है। परिषद ने कई बार इन्हें नोटिस दिए है। जब टैक्स नहीं भरा गया तो आखिरकार फिर यह सीलिंग की कार्यवाहीं परिषद को करनी पड़ी। सीलिंग के दौरान बैंक के सभी कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया गया और उसके बाद बिल्डिंग पर सील लगा दी गई। उधर इसी बिल्डिंग में एक पीजी में रहने वाले लोगों ने भी मीडिया के सामने अपना दर्द ब्यां किया। सीलिंग के बाद उन्हें काफी परेशान हो रही है। नगर परिषद सचिव ने शहरवासियों से अपील की कि समय पर टैक्स जमा कराएं, ताकि उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि टैक्स वसूली अभियान निरंतर जारी रहेगा। परिषद का दावा है कि शहर में अभी भी कई प्रतिष्ठान ऐसे हैं, जिन पर लाखों रुपये का टैक्स बकाया है और उन पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

मोहाली होगी ग्लोबल इन्वेस्टर्स की पहली पसंद, भगवंत मान ने किया ऐलान

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी जापान और दक्षिण कोरिया यात्रा से लौटने के बाद कहा कि जापान स्थित कई बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ आईटी क्षेत्र, चिकित्सा और कृषि अनुसंधान, बागवानी और अन्य क्षेत्रों में पंजाब में निवेश करने की इच्छुक हैं, और मोहाली को इस मुहिम में निवेश के लिये पसंदीदा जगह के तौर पर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘कंपनियां 14 से 16 मार्च तक यहां आयोजित होने वाले निवेश शिखर सम्मेलन में भाग लेंगी।’ उन्होंने कहा कि होंडा मोटर्स, टोपन, कोरियाई कंपनी नोगशिम ने पंजाब में निवेश पर सकारात्मक रुख दिखाया है। कांग्रेस पर कसा तंज इस मौके पर कांग्रेस पर तंज कसते हुए मान ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी राज्य में एक नए आर्थिक विकास मॉडल के प्रणेता हैं। उन्होंने कहा कि जहां वह पंजाब के कल्याण के लिए लगातार काम कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस अपनी पार्टी में मुख्यमंत्री, मंत्री या विधायक पद की कीमत पूरी दुनिया को बता रही है। जापान और कोरिया की 10 दिवसीय यात्रा से लौटे मान ने कहा कि कांग्रेस में चल रही अंदरूनी कलह उनके नेताओं की ‘नीयत’ और पंजाब के कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की कमी को उजागर करती है।

नए बिजली मीटरों पर गुस्सा फूटा, पंजाब में आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार

लुधियाना भारतीय किसान यूनियन पंजाब प्रधान दिलबाग सिंह गिल द्वारा अपनी यूनियन के नेताओं सहित राहों रोड स्थित गौतम नगर जीवन कॉलोनी और गौंसगढ़ गांव की दर्जनों कॉलोनी में घरों में लगे बिजली के चिप वाले मीटर उतारने के लिए आंदोलन छेड़ दिया गया है जिसकी शुरुआत यूनियन द्वारा बुधवार की सुबह को की जा रही है l मामले संबंधी जानकारी देते हुए प्रधान दिलबाग सिंह गिल ने बताया कि सरकार द्वारा पावर कॉम विभाग का निजीकरण किया जा रहा है जिससे आम जनता महंगाई की चक्की में पिस कर रह जाएगी क्योंकि बिजली आम जनता की मूलभूत सुविधाओं का मुख्य आधार है और निजीकरण होने पर प्राइवेट कंपनियां आम जनता विशेष कर गरीब और जरूरतमंद परिवारों से बिजली के मुंह मांगे दाम वसूलने पर उतार आएंगे जिसके कारण लोगों में हाहाकार मचेगी l जिसे ध्यान में रखते हुए भारतीय किसान मजदूर यूनियन द्वारा निजीकरण के विरोध में बिजली के चिप वाले मीटर उतारने संबंधी कदम उठाया गया है एक सवाल के जवाब में दिलबाग से गिल ने बताया कि बिजली के उतारे गए सभी मीटर यूनियन द्वारा पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन के फिरोजपुर रोड स्थित सेंट्रल जोन कार्यालय में जमा करवा दिया जाएंगे उन्होंने बताया कि बिजली के मीटर उतारे जाने के बाद जब तक पावर कॉम विभाग द्वारा पुराने सिस्टम वाले गरारी या फिर इलेक्ट्रॉनिक वाले मीटर लोगो के घरों में नहीं लगाए जाते जब तक  लोग डायरेक्ट कुंडली डालकर अपने घरों में बिजली जलाने के लिए आजाद है।  उन्होंने दावा किया है कि अगर पावर कॉम द्वारा संबंधित लोगों के खिलाफ खिलाफ जुर्माना या फिर पर्चा दर्ज करवाने संबंधी कार्रवाई की जाती है तो भारतीय किसान यूनियन ऐसे सभी लोगों का केस अदालत में लड़ने और उनके जुर्माने माफ करवाने के लिए वचनबद्ध है l  

प्राइमरी टीचर भर्ती में नया नियम: B.Ed. उम्मीदवारों को करना होगा 6 महीने का ट्रेनिंग कोर्स

लुधियाना स्टेट कॉसिल फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एस.सी.ई.आर.टी.), पंजाब ने बी. एड. डिग्री के आधार पर नियुक्त प्राइमरी शिक्षकों की पेशेवर योग्यता पूरी करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। एस.सी.ई. आर. टी., पंजाब ने समूह जिला शिक्षा अफसरों (ए.शि.) को नैशनल इंस्टीच्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एन. आई. ओ.एस.) द्वारा करवाए जा रहे 6 महीने के' ब्रिज कोर्स' के लिए संबंधित शिक्षकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा है। यह कोर्स' प्राइमरी टीचर एजुकेशन' में 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स है, जिसे ओपन और डिस्टेंस लर्निंग (ओ.डी.एल.) मोड के माध्यम से पूरा करवाया जाएगा। एस. सी.ई.आर.टी. द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इन निर्देशों की हू-ब-हू पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होने शिक्षकोंको हिदायत दी है कि वे अपने अन.आई.एस. के पोर्टल पर अपना पंजीकण समय रहते जरूर करवाए। एन.आई.ओ.एस. ने भी उम्मीदवारों को सलाहदी है कि वे आवेदन करने से पहले योग्यता मानदंडों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उनकी पालना करें। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि य समय सीमा के भीतर सभी योग्य शिक्षकों का पंजीकरण सुनिश्चित करवाया जाए। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 25 दिसंबर है।  कौन है इस कोर्स का पात्र? यह ब्रिज कोर्स विशेष रूप से उन प्राइमरी शिक्षकों के लिए अनिवार्य है जो बी.एड. डिग्री के साथ नियुक्त हुए थे। जिनकी नियुक्ति एनसीटीई की दिनांक 28 जून 2018 की नोटिफिकेशन के अनुसार हुई थी।  जो माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 11 अगस्त 2023 को दिए गए फैसले से पहले सेवा में आ चुके थे।

नवजोत सिद्धू विवाद पर हाईकमान की एंट्री, पूरी रिपोर्ट तलब

चंडीगढ़ अमृतसर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के मामले में अब कांग्रेस हाईकमान की एंट्री हो गई है। हाईकमान ने पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल से नवजोत कौर सिद्धू के संबंध में रिपोर्ट तलब की है। गौरतलब है कि नवजोत कौर सिद्धू लगातार कांग्रेस नेताओं के खिलाफ खुलेआम बयानबाजी करती नजर आ रही थीं। इसी कारण पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था। अब यह पूरा मामला कांग्रेस हाईकमान तक पहुंच चुका है। बताया जा रहा है कि संसद सत्र के बाद पंजाब कांग्रेस को लेकर दिल्ली में हाईकमान की ओर से बैठक बुलाई जा सकती है। यह भी बता दें कि हाल ही में नवजोत कौर सिद्धू ने मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर 500 करोड़ रुपए से जुड़ा बयान दिया था, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद भी नवजोत कौर सिद्धू का कांग्रेस नेताओं और पार्टी प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के प्रति आक्रामक रुख लगातार जारी है। इसी को देखते हुए अब इस मामले में कांग्रेस हाईकमान ने दखल दिया है। 

200 मीटर ज़ोन में अब पूरा नियंत्रण! पंचायत चुनाव 2025 को लेकर नए आदेश जारी

गुरदासपुर राज्य चुनाव आयोग, पंजाब द्वारा राज्य में जिला परिषद् और पंचायत समितियों के चुनाव 14 दिसंबर, 2025 को करवाने के आदेश जारी किए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट गुरदासपुर आदित्य उप्पल ने चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निर्विघ्न संपन्न कराने तथा अमन-कानून की व्यवस्था बनाए रखने के लिए, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किए हैं। चुनाव आयोग की हिदायतों के मद्देनजर, यह आशंका जताई गई है कि चुनाव वाले दिन पोलिंग बूथों के 200 मीटर के दायरे के अंदर प्रचार, सेल्युलर फोन/वायरलेस सेट/लाउड स्पीकर, मेगाफोन आदि का प्रयोग, या प्रचार से संबंधित पोस्टर/बैनर लगाने से अमन-शांति भंग हो सकती है। इससे सुरक्षा बलों के काम में बाधा आ सकती है, अमन-कानून की स्थिति बिगड़ सकती है और निजी/सरकारी संपत्ति तथा मानव जीवन को हानि पहुंच सकती है। इसलिए, चुनावों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए तुरंत ज़रूरी उपाय किए गए हैं। जारी आदेशों के अनुसार, चुनाव वाले दिन 14 दिसंबर, 2025 को जिला गुरदासपुर के अंदर बने पोलिंग बूथों के 200 मीटर के दायरे में कई महत्वपूर्ण प्रतिबंध लागू रहेंगे। इन प्रतिबंधों के तहत पोलिंग बूथों या आस-पास की सार्वजनिक/निजी जगह पर किसी भी उम्मीदवार/व्यक्ति/समर्थक द्वारा प्रचार नहीं किया जाएगा। पोलिंग बूथों के नजदीक किसी भी व्यक्ति द्वारा शोर शराबा या हुल्लड़बाज़ी नहीं की जाएगी। पोलिंग बूथों के 200 मीटर के दायरे के अंदर किसी भी व्यक्ति द्वारा लाउड स्पीकर, वायरलेस सेट, कॉर्डलेस/सेल्युलर फोन, मेगाटोन आदि का प्रयोग नहीं किया जाएगा, न ही प्रचार से संबंधित किसी भी किस्म का पोस्टर/बैनर लगाया जाएगा। साथ ही, कोई भी राजनीतिक पार्टी या उम्मीदवार पोलिंग बूथ के 200 मीटर के दायरे के अंदर अपना पोलिंग बूथ/टेंट नहीं लगाएगा। चुनाव आयोग या संबंधित अधिकारियों द्वारा अधिकृत व्यक्ति के सिवाय, कोई भी व्यक्ति पोलिंग बूथ के 200 मीटर के दायरे के अंदर अपना प्राइवेट वाहन नहीं ले जाएगा। ये आदेश चुनाव ड्यूटी पर तैनात ऑब्ज़र्वर, प्रशासनिक/पुलिस अधिकारी, सुरक्षा कर्मचारी, और पोलिंग/काउंटिंग से संबंधित सरकारी कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे।