samacharsecretary.com

भारी सुरक्षा घेरा: भगवंत मान के दौरे से पहले प्रशासन सतर्क, बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्थाएं

लुधियाना पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दौरे से पहले मिला हैंड ग्रेनेड पुलिस और सुरक्षा एजैंसियों के लिए बड़ा अलर्ट बन गया है। घटना के बाद अब प्रशासन ने सुरक्षा को 3 गुना बढ़ा दिया है। आर.टी.ओ. दफ्तर में होने वाले सी.एम. के समारोह की कमान खुद कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने अपने हाथों में ले ली है। उनके निर्देशन में डी.सी.पी. हैड क्वार्टर स्नेहदीप शर्मा और डी.सी.पी. सिटी रूपिंदर सिंह को सुरक्षा की फ्रंटलाइन पर तैनात किया गया है। सोमवार देर शाम ही सी.एम. सिक्योरिटी टीम लुधियाना पहुंच गई थी। टीम ने आर.टी.ओ. दफ्तर का पूरा दौरा कर हर प्वाइंट का बारीकी से निरीक्षण किया। सुरक्षा अधिकारियों ने प्रशासन से सभी आर.टी.ओ. कर्मचारियों की पूरी सूची ली है, कौन-कौन समारोह में ड्यूटी पर रहेगा और किससे सी.एम. मुलाकात करेंगे, इसकी पूरी डिटेल ली गई है। प्रैस कान्फ्रैंस का स्थान बदला, सुरक्षा बनी प्राथमिकता पहले सी.एम. की प्रैस कान्फ्रैंस आर.टी.ओ. दफ्तर के पार्किंग एरिया में रखी जानी थी लेकिन सिक्योरिटी टीम के सुझाव के बाद अब स्थान बदलकर मुख्य भवन के सामने कर दिया गया है। इसके लिए नई व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। मंगलवार को बम निरोधक दस्ते ने समारोह स्थल के हर कमरे, दराज और बंद गेट तक की तलाशी ली। आर.टी.ओ. दफ्तर के जिन हिस्सों पर ताले लगे थे, उन्हें खुलवाकर सुरक्षा कर्मियों ने चैकिंग की। सिक्योरिटी टीम ने निर्देश दिए हैं कि समारोह के दिन केवल वही कर्मचारी अंदर रहेंगे जिनकी पहले से वैरीफिकेशन हो चुकी है। समारोह के कुछ ही दूरी पर रखे गए तीनों आतंकी और गैंगस्टर गौर करने वाली बात यह है कि जिन 3 आतंकियों को हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया था, उन्हें और गैंगस्टर कौशल चौधरी को फिलहाल सी.आई.ए.-1 थाने में रखा गया है, जो आर.टी.ओ. दफ्तर से महज 50 मीटर की दूरी पर है। वहां पुलिस के जवान 24 घंटे निगरानी में तैनात हैं। डी.सी.पी. स्नेहदीप शर्मा ने बताया कि सुरक्षा के इंतजाम पूरी तरह से पुख्ता हैं। हर दिशा में पुलिस की तैनाती की गई है। प्रैस कान्फ्रैंस कहां होगी, यह प्रशासन तय करेगा, पर वहां की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी होगी। सी.एम. सिक्योरिटी टीम के साथ मिलकर सभी प्वाइंट चैक किए जा रहे हैं। किसी तरह की लापरवाही नहीं होगी।

विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए बुरी खबर, एयरपोर्ट पर मिला बड़ा झटका!

अमृतसर  अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में यहां आने वाले कई यात्रियों ने शिकायत की है कि एयरपोर्ट टर्मिनल के अंदर बड़ी संख्या में कबूतर घूमते नजर आते हैं। यात्रियों का कहना है कि कभी ये कबूतर सिर के ऊपर उड़ते हैं, तो कभी कपड़ों पर गंदगी गिरा देते हैं, जिससे बैठना भी मुश्किल हो जाता है। अमृतसर एयरपोर्ट पंजाब का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है, जहां हर दिन देश-विदेश से हजारों यात्री पहुंचते हैं। पर्यटन और प्रवासी पंजाबी समुदाय के लिए यह एक प्रमुख गेटवे है। इंटरनेशनल यात्री और विदेशों से आने वाले पंजाबी इस एयरपोर्ट पर लैंड होते हैं और फ्लाइट पकड़ते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट परिसर में पक्षियों की मौजूदगी न केवल यात्रियों की असुविधा बढ़ा रही है बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रही है। लुधियाना के उद्योगपति ने सोशल मीडिया पर एयरपोर्ट की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि देर रात के समय भी टर्मिनल के अंदर दर्जनों कबूतर उड़ते नजर आए। एयरपोर्ट जैसी हाई-सिक्योरिटी जगह पर पक्षियों का इस तरह प्रवेश होना बेहद चिंताजनक है और यह सफाई व रखरखाव की स्थिति पर सवाल उठाता है। वहीं हवाई सुरक्षा पर खतरा पैदा कर सकते हैं।  हवाई सुरक्षा पर मंडराता खतरा विशेषज्ञों का मानना है कि बर्ड स्ट्राइक विमानन सुरक्षा के लिए लगातार गंभीर चुनौती बना हुआ है। विश्व स्तर पर हर साल हजारों विमान पक्षियों की टक्कर से क्षतिग्रस्त होते हैं। कई बार यह घटनाएं जानलेवा भी साबित होती हैं। रनवे या उसके आसपास पक्षियों की मौजूदगी पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल दोनों के लिए जोखिमपूर्ण स्थिति पैदा करती है। एयरपोर्ट प्रशासन हुआ सक्रिय एयरपोर्ट निदेशक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि टर्मिनल क्षेत्र में पक्षियों की आवाजाही को रोकने के लिए टीम को निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट परिसर की सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा रहा है तथा आधुनिक तकनीकों की मदद से कबूतरों को दूर रखने के उपाय किए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि आने वाले दिनों में यात्रियों को साफ-सुथरा और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाएगा।

पाकिस्तानी जासूस पंजाब की फौजी छावनी में कर रहा था जासूसी, फोन से खुला बड़ा राज़

फगवाड़ा पंजाब पुलिस ने कपूरथला मिलिट्री कैंट में सफाई कर्मचारी के रूप में काम करने वाले एक सिविलियन कर्मचारी को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव तूरा ने बुधवार को बताया कि आरोपी की पहचान राजा के रूप में हुई है, जो कपूरथला जिले के मुश्केवद गांव का रहने वाला है। उसे पुलिस ने एक नियमित गश्त और चेकिंग अभियान के दौरान कांजली के वाई-प्वाइंट के पास हिरासत में लिया। उन्होंने बताया कि राजा आर्मी कैंट में ठेके पर एक निजी स्वच्छता कर्मी (सैनिटेशन वर्कर) के रूप में कार्यरत था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त किया और उसमें से पाकिस्तान में संपर्कों के साथ बातचीत के सबूत बरामद किए। जांच अधिकारियों का दावा है कि आरोपी प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्रों की तस्वीरें और रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि उसे यह जानकारी साझा करने के बदले पाकिस्तानी हैंडलरों से पैसे मिल रहे थे। अधिकारियों ने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन बताया है और कहा है कि आरोपी द्वारा साझा की गई जानकारी में रक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा, संरचना और गोपनीय परिचालन गतिविधियां शामिल थीं। इस संबंध में कपूरथला के कोतवाली थाना में ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत, साथ ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 152 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने जानकारी कहां से हासिल की और उसके संभावित सहयोगी कौन हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी जांच में शामिल हो रही हैं।

हर दिन बढ़ रहे मरीज, अस्पतालों में बेड की किल्लत! शहर में फैल रही ये बीमारी बनी चिंता का कारण

अहमदगढ़  शहर में डेंगू का प्रकोप दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते शहर के सभी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है लेकिन नगर परिषद अहमदगढ़ इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। नगर परिषद डेंगू मच्छरों से छुटकारा दिलाने के लिए कोई छिड़काव नहीं करवा रही है जिसके चलते डेंगू का प्रकोप दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। यहां यह बताना जरूरी है कि शहर के धार्मिक और सामाजिक कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाली संस्था श्री सालासर बाला जी सेवा मंडल पिछले कई दिनों से डेंगू से बचाव के लिए शहर के अलग-अलग इलाकों में दवा का छिड़काव करवा रही है। लेकिन करीब 40 हजार की आबादी वाले शहर में एक मशीन होना काफी नहीं है, वह भी प्राइवेट मशीन में। शहर में डेंगू के कारण सैंल कम होने का ट्रेंड दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, जिससे प्रभावित मरीज को बचाने के लिए लुधियाना से भारी खर्च पर सैंल मंगाकर मरीज को लगाए जा रहे है। जिसके कारण सैंल कम होने से एक डेंगू मरीज पर कम से कम 25 हजार का खर्च आ रहा है। अगर यह प्रोसेस दो बार किया जाए तो 50 हजार तक का खर्च लगभग तय है जिसके कारण शहरवासियों में डर का माहौल है। यहां देखने वाली बात यह है कि नगर परिषद शहरवासियों को इस बीमारी से लड़ने के लिए ओर कितना समय खुला छोड़ेगी या जल्द ही छिड़काव करके डेंगू को कम करने या खत्म करने में सफल होगी। 

मान सरकार ने दी बड़ी सौगात, हजारों कर्मचारियों के लिए मंजूर हुआ अहम प्रोजेक्ट

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने मोहाली जिले के डेराबस्सी के गांव मुबारकपुर में 100 बिस्तरों वाले आधुनिक ई.एस.आई. (Employee State Insurance Corporation) अस्पताल के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह अस्पताल अंग्रेजों के समय के बने पी.डब्ल्यू.डी. रेस्ट हाउस की लगभग साढ़े चार एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा। इसके बनने से डेराबस्सी क्षेत्र के करीब 50,000 औद्योगिक और निजी क्षेत्र के कामगारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। गौरतलब है कि डेराबस्सी और लालडू क्षेत्र में 500 से अधिक छोटे-बड़े और मध्यम स्तर के उद्योग हैं, जहां लगभग 40,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अलावा निर्माण क्षेत्र से जुड़े हजारों मजदूर अलग हैं। फिलहाल जिले में केवल एक ही ई.एस.आई. अस्पताल है, जो मोहाली में स्थित है और उसमें सिर्फ 50 बिस्तरों की क्षमता है। अक्सर मरीजों को वहां भर्ती या ऑपरेशन के लिए बिस्तर नहीं मिल पाता। इसी कारण डेराबस्सी क्षेत्र में ई.एस.आई. अस्पताल बनाने की मांग पिछले दो दशकों से चल रही थी। अप्रैल महीने में गांव मुबारकपुर-मीरपुर की जमीन रिकार्ड (साल 2022-23) के अनुसार 4 एकड़ 4 कनाल 11 मरले जमीन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग को अस्पताल निर्माण हेतु ट्रांसफर करने की मंजूरी दी गई थी। मजदूर वर्ग को सस्ता और उच्च गुणवत्ता वाला इलाज मिलेगा यह प्रोजेक्ट डेराबस्सी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा और यहां के लोगों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। डेराबस्सी हलका तेज़ी से विकसित हो रहा औद्योगिक इलाका है, जहां हजारों मजदूर अपनी रोज़ी-रोटी कमाते हैं। इस ई.एस.आई. अस्पताल के बनने से मजदूर वर्ग को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।अस्पताल में जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य सेवा, आपातकालीन उपचार, डायग्नोस्टिक सुविधाएं और स्पेशलिस्ट ओ.पी.डी. सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके चलते यह इलाका एक आदर्श स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभरेगा। अस्पताल का नाम जैन मुनि नेमचंद के नाम पर रखने की मांग डीसी के आदेशों पर साइट सिलेक्शन कमेटी ने रामगढ़-ढकोली रोड पर स्थित मुबारकपुर रेस्ट हाउस का निरीक्षण किया था। डेराबस्सी से सड़क कनेक्टिविटी, आसान पहुंच और औद्योगिक क्षेत्र के नज़दीक होने के कारण इस जगह को सबसे उपयुक्त माना गया। हालांकि, जैन सभा मुबारकपुर ने मांग की है कि इस अस्पताल का नाम जैन मुनि नेमचंद जी के नाम पर रखा जाए।

मौसम बदला मिज़ाज: हरियाणा में दिन के तापमान में आई गिरावट

चंडीगढ़  हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है। मंगलवार को राज्य के दक्षिणी और मध्यवर्ती जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई, जबकि कई इलाकों में दिनभर बादल छाए रहे। इस बदलाव के चलते दिन के तापमान में करीब 3.5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बुधवार को भी विक्षोभ का असर जारी रहेगा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पूर्वी और मध्य राजस्थान पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अलावा अरब सागर पर अत्यधिक कम दबाव का क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती तूफान सक्रिय है। हालांकि विक्षोभ के कमजोर पड़ने से हरियाणा में इसका केवल आंशिक असर ही देखने को मिल रहा है। मंगलवार को दक्षिणी और मध्यवर्ती जिलों में हल्की बरसात हुई, जबकि पश्चिमी जिलों में केवल बादल छाए रहे। उत्तरी जिलों में मौसम स्थिर बना रहा। दिनभर हवाओं की दिशा में परिवर्तन होता रहा—कभी उत्तरी, कभी उत्तर-पश्चिमी तो कभी दक्षिण-पूर्वी हवाएं चलीं। लगातार बादलों के कारण दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहा।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के असर से आने वाले दिनों में हरियाणा में दिन और रात, दोनों के तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी।

इतिहास रचेगा पंजाब पुलिस विभाग, कर्मियों की संख्या पहली बार एक लाख पार

राजपुरा  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंजाब पुलिस में कर्मियों की संख्या पहली बार एक लाख के आंकड़े को पार कर जाएगी क्योंकि राज्य सरकार द्वारा एक बड़ी भर्ती अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पटियाला स्थित लॉ यूनिवर्सिटी में पंजाब पुलिस के जांच अधिकारियों के लिए एनडीपीएस एक्ट पर एक कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस कार्यशाला में पंजाब पुलिस के लगभग 730 कर्मियों को एनडीपीएस अधिनियम की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की क्षमता पर कोई संदेह नहीं है, लेकिन पुलिस विभाग के लिए समय के साथ चलना ज़रूरी है। अगर अपराधी अपडेट हो रहे हैं, तो पुलिस को भी अपडेट करने के लिए एक अनूठा कार्यक्रम तैयार किया गया है। जांच अधिकारियों को साक्ष्य प्रबंधन, एनडीपीएस की विभिन्न धाराओं, बीएनएस में बदलाव और अन्य तकनीकी जानकारियां प्रदान करके उन्हें पूरी तरह से अपडेट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस से संबंधित इस अनूठे कार्यक्रम का आयोजन करने वाला पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर जगह एक बुरा इंसान होता है जिसके कारण सभी को बदनामी का सामना करना पड़ता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सभी बुरे हैं। मुख्यमंत्री ने हॉल में मौजूद पंजाब पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों को निष्ठा और ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि हमें पंजाब को अच्छे लोगों की सूची में शामिल करने के लिए सेवा करनी है, बुरे लोगों की सूची में नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर शानदार प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि नशे के विरुद्ध युद्ध के लिए एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा करने की ज़रूरत है, जिसके लिए नागरिकों को इस लड़ाई में पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना चाहिए। सीमा पार से नशों की तस्करी के लिए ड्रोन के इस्तेमाल को देखते हुए, इसके लिए एक उन्नत ड्रोन-रोधी प्रणाली शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि निजी नशा मुक्ति केंद्रों की कड़ी निगरानी और पुनर्वास केंद्रों में इस्तेमाल होने वाले नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए आज कैबिनेट द्वारा एक नया कानून पारित किया गया है।

बिहार में गरजे सीएम नायब सैनी: कांग्रेस और इंडी गठबंधन कर रहे तुष्टिकरण की राजनीति

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन का घोषणा पत्र पूरे बिहार की जनता की आकांक्षाओं का नहीं, बल्कि केवल एक विशेष वर्ग के हितों का प्रतिनिधित्व करता है।   सैनी ने कहा, ‘इनके घोषणा पत्र में आम नागरिक की चिंता नहीं, बल्कि वोट बैंक की राजनीति झलकती है। ये जब भी वोट मांगते हैं तो एक वर्ग विशेष को साधने की कोशिश करते हैं। देशभर में कांग्रेस और आईएनडीआई गठबंधन को जनता ने नकार दिया है, और बिहार की जनता भी अब इनके झांसे में नहीं आने वाली है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि महागठबंधन की नीतियां विकास और पारदर्शिता के बजाय भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इस बार जाति और वर्ग की राजनीति से ऊपर उठकर विकास के मुद्दे पर मतदान करेगी।

पंजाब में रियल एस्टेट को मिली रफ्तार, सरकार ने दी ‘स्टिल्ट-प्लस-4’ बिल्डिंग्स को हरी झंडी

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने शहरी क्षेत्रों में बनने वाले सभी नये आवासीय क्षेत्रों में स्टिल्ट-प्लस-4 मंजिलें बनाने की नीति को मंजूरी दे दी है। इस कदम से सरकार के लिए राज्य में अपार्टमेंट एक्ट लागू करने का रास्ता साफ हो जाएगा, जिससे लोग घरों में अलग-अलग फ्लोर खरीद सकेंगे। कैबिनेट द्वारा पंजाब एकीकृत भवन नियम, 2025 को मंजूरी दिए जाने के बाद, अब न्यूनतम 250 वर्ग गज के प्लॉट का मालिक स्टिल्ट-प्लस-चार मंजिलें बना सकता है। यह योजना केवल उन्हीं जगहों पर लागू होगी, जहां प्लॉट न्यूनतम 40 फीट चौड़ी सड़कों के किनारे स्थित हों। शुरुआत में सरकार ने इस योजना को सभी शहरी क्षेत्रों में लागू करने की योजना बनाई थी। हालांकि, हितधारकों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के बाद, मौजूदा नागरिक बुनियादी ढांचे पर अत्यधिक बोझ से बचने के लिए इस प्रावधान को शहर क्षेत्रों में नवनिर्मित लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों और सेक्टरों तक सीमित रखने का निर्णय लिया गया। इस फैसले से मोहाली, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर जैसे शहरों में रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आवास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने ट्रिब्यून को बताया कि पुराने और मौजूदा शहरी क्षेत्रों में, मालिक स्टिल्ट-प्लस-तीन मंजिलें बना सकते हैं, जबकि इमारत की अधिकतम ऊंचाई अब 11 मीटर के बजाय 13 मीटर तक की जा सकेगी। पड़ोसी राज्य हरियाणा द्वारा अपनाए गए नियमों के समान, नये नियमों के तहत नयी कॉलोनियों में स्टिल्ट-प्लस-चार मंजिल योजना के लिए ऊंचाई 15 मीटर से बढ़ाकर 21 मीटर कर दी गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य प्रमुख शहरों में आवास के दबाव को कम करना है।   एफएआर भी बढ़ाया सरकार ने आवासीय प्लॉटों के लिए ग्राउंड कवरेज में वृद्धि की भी अनुमति दी है, साथ ही फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) में 10 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि की अनुमति दी है। उदाहरण के लिए, 500 वर्ग गज के प्लॉट का मालिक अब 55 प्रतिशत की सीमा की तुलना में 65 प्रतिशत तक जमीन को कवर कर सकता है। हालांकि, यह शुल्क के आधार पर होगा। एफएआर में प्रत्येक 0.25 प्रतिशत की वृद्धि के लिए, कलेक्टर दर के 5 प्रतिशत के बराबर अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा, जिसकी अधिकतम सीमा कलेक्टर दर के 25 प्रतिशत तक होगी।

इतिहास रचा! राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बनीं पहली भारतीय राष्ट्रपति जिन्होंने उड़ाया राफेल लड़ाकू विमान

अंबाला  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल फाइटर जेट की सवारी की है। उन्होंने अंबाला के एयरफोर्स बेस से उड़ान भरी। इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। अहम बात यह है कि अंबाला एयरबेस से ही भारत के फाइटर जेट्स ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उड़ान भरी थी और पाकिस्तान एवं पीओके में घुसकर मार की थी। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया था और पाकिस्तान ने भी इसका जवाब देने की कोशिश की थी। इस दौरान अंबाला एयरबेस का भारत की ओर से इस्तेमाल किया गया था। राफेल विमान में चढ़ने से पहले राष्ट्रपति ने ‘जी-सूट’ पहना था। हाथ में हेलमेट लिए और धूप का चश्मा लगाए मुर्मू ने पायलट के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। पूर्वाह्न 11:27 बजे विमान के उड़ान भरने से पहले राष्ट्रपति ने विमान के अंदर से हाथ हिलाकर अभिवादन किया। आज सुबह वायुसेना स्टेशन पहुंचने पर राष्ट्रपति को औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया। इससे पहले सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर मुर्मू ने 8 अप्रैल, 2023 को असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन में सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी और वह ऐसा करने वाली तीसरी राष्ट्रपति बनी थीं। अंबाला में ही भारतीय वायुसेना का हिस्सा बने थे राफेल जेट फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित राफेल लड़ाकू विमान को सितंबर 2020 में अंबाला वायुसेना स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। पहले पांच राफेल विमानों को 17वें स्क्वाड्रन 'गोल्डन एरोज' में शामिल किया गया था। ये विमान 27 जुलाई, 2020 को फ्रांस से यहां पहुंचे थे। राफेल 2020 में अंबाला वायु सेना स्टेशन पर भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल हुए। ये 17 स्क्वाड्रन 'गोल्डन एरो' का हिस्सा हैं। बता दें कि भारत ने 4 दिन चले ऑपरेशन में पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। पाकिस्तान के डीजीएमओ की मांग पर जंग को रोका गया था। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा करते हैं कि उनके दखल के बाद ही भारत और पाकिस्तान संघर्ष रोकने को राजी हुए थे।