samacharsecretary.com

शॉकिंग हमला! मनोरंजन कालिया के घर फेंका गया ग्रेनेड, जांच में सामने आई बड़ी साजिश

मोहाली/जालंधर  पंजाब के पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया के जालंधर स्थित घर पर हुए ग्रेनेड हमले की सुनवाई एन.आई.ए. की विशेष न्यायाधीश मनजोत कौर की अदालत में हुई। इस मामले में आरोपी सैदुल अमीन और हरियाणा के कुरुक्षेत्र निवासी अभिजोत जांगड़ा वी.सी. के जरिए अदालत में पेश हुए। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 10 नवंबर तय की है। इस मामले में एन.आई.ए. ने पिछली सुनवाई में खालिस्तान समर्थकों समेत 4 लोगों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोप पत्र में गिरफ्तार दो आरोपियों सैदुल अमीन (उत्तर प्रदेश निवासी) और अभिजोत जांगड़ा (हरियाणा के कुरुक्षेत्र निवासी) के अलावा दो फरार आरोपियों के नाम शामिल हैं। फरार आरोपियों की पहचान हरियाणा के यमुनानगर निवासी कुलबीर सिंह सिद्धू और करनाल निवासी मनीष उर्फ काका राणा के रूप में हुई है।  पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता के घर पर 7 अप्रैल, 2025 की रात को हमला हुआ था। कुछ दिनों बाद, 12 अप्रैल को, जांच एन.आई.ए. को सौंप दी गई। एन.आई.ए. द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बी.के.आई.) के सदस्य सिद्धू ने अपने साथी मनीष के साथ मिलकर पंजाब के प्रमुख नेताओं को निशाना बनाने के लिए एक आतंकवादी गिरोह बनाया ताकि लोगों में भय का माहौल बनाया जा सके और फिरौती के माध्यम से बी.के.आई. के लिए धन इकट्ठा किया जा सके। एन.आई.ए. के अनुसार, मनीष ने अमीन की भर्ती की थी, जिसने पूर्व मंत्री के घर पर ग्रेनेड फेंका था। जांच एजेंसी ने कहा कि सिद्धू ने अमीन को ग्रेनेड दिया था, जबकि जांगड़ा ने धन मुहैया कराया था। हमले के बाद सिद्धू ने एक पोस्टर प्रसारित किया था, जिसमें उसने मनीष के साथ साजिश रचने की जिम्मेदारी ली थी। सिद्धू के खिलाफ 'रेड कॉर्नर' नोटिस जारी किया गया है और उसकी गिरफ्तारी पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

किसानों के हक का गबन: मंडियों में तराजू के खेल से हो रही भारी चोरी

चंडीगढ़  पंजाब के किसानों का आरोप है कि उनकी फसल को कम तौला जा रहा है. खासकर कुछ चावल मिलों की ओर से ऐसा किया जा रहा है. किसानों का आरोप है कि पंजाब के निजी और सरकारी अधिकृत धान केंद्रों पर आढ़तियों यानी कमीशन एजेंटों की तरफ से ऐसा किया जा रहा है. कई जिलों के किसानों का दावा है कि कुछ एजेंट, कुछ मंडी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर रहे हैं. इस वजह से वास्तविक उपज से कम वजन दिखाने के लिए तौल और तराजू में हेराफेरी की जा रही है. इससे उन्हें अपनी धान की उपज का सही पैसा नहीं मिल पा रहा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जब कोई किसान अपनी फसल मंडी में लाता है, तो उसे पहले बिजली के पंखे के सामने सुखाया जाता है, फिर बोरियों में रखा जाता है और बाद में बोरियों की सिलाई से पहले तौला जाता है. फिर इसे मिलों में ले जाया जाता है. यहां पर इसे मिलों में रखा जाता है. पंजाब में सरकार की तरफ से खरीदा गया सारा धान पहले 5,000 से ज़्यादा चावल मिलों में संग्रहीत किया जाता है और मिलिंग के बाद, चावल भारतीय खाद्य निगम (FCI) को आपूर्ति किया जाता है. प्राइवेट मंडियों में मंगा रहे हैं फसल की उपज कई किसानों और मंडी सूत्रों के मुताबिक, कुछ कमीशन एजेंट अपने साथ जुड़े किसानों को सरकारी मंडियों के बजाय निजी मंडियों में अपनी उपज लाने के लिए कह रहे हैं. किसानों का आरोप है कि मंडियों में एजेंटों की तरफ से तराजू में पहले से ही छेड़छाड़ की जाती है और प्रति क्विंटल धान का असली वजन 2 से 3 किलोग्राम कम दिखाया जाता है. ऐसे में प्राइवेट प्रतिष्ठानों में तौल मशीनों पर अक्सर पर्याप्त सरकारी निगरानी नहीं होती. आरोप है कि ये एजेंट कम वजन दिखाकर बाकी पैसे हड़प लेते हैं. किसानों का आरोप है कि आर्थिक रूप से की जा रही इस हेराफेरी की वजह से किसानों को प्रति ट्रॉली धान पर हजारों रुपये का नुकसान हो सकता है. बेमौसम बारिश और कीटों से हुए नुकसान के कारण इस सीज़न में पहले से ही कम पैदावार से जूझ रहे किसानों ने कहा कि कम तौल एक और झटका है. कई किसानों ने बताया कि इस साल उनकी फसल सामान्य पैदावार की तुलना में प्रति एकड़ 5 से 10 क्विंटल कम है. मंडी बोर्ड के अधिकारी ने क्या कहा? वहीं मंडी बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जैसे-जैसे पंजाब में धान की खरीद आगे बढ़ रही है, किसानों को उम्मीद है कि ज्यादा सतर्कता, डिजिटल निगरानी और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से उस प्रणाली में विश्वास बहाल होगा जो लंबे समय से राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही है.  

टक्कर इतनी जबरदस्त कि वाहन बिखर गए, फगवाड़ा में सड़क हादसे का खौफनाक मंजर

फगवाड़ा फगवाड़ा होशियापुर रोड पर गांव रावलपिंडी के पास देर रात तेज रफ्तार में आ रही इनोवा कार की ट्रैक्टर ट्राली के साथ टक्कर होने की सूचना मिली है। घटे हादसे में ट्रैक्टर ट्राली चालक सहित इनोवा कार में सवार 3 लोग जख्मी हुए हैं। दुर्घटना में घायल हुए सभी चार घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल फगवाड़ा लाया गया हैं जहां सरकारी डॉक्टरों द्वारा इनका उपचार जारी है। हादसे में जख्मीं ट्रैक्टर चालक अमनदीप सिंह पुत्र महिन्द्र सिंह वशी गांव पलपोता जिला जालंधर ने बताया कि वह अपनी ट्रैक्टर ट्राली पर जब जा रहा था तब गांव रावलपिंडी के पास तेज रफ्तार में आ रही इनोवा कार ने उसके ट्रैक्टर को अपनी चपेट में ले लिया। अमनदीप सिंह के अनुसार इनोवा कार में शराब की बोतलें और गिलास आदि मौजूद थे। खबर लिखे जाने तक थाना रावलपिंडी की पुलिस घटे हादसे के कारणों की जांच कर रही है। 

डीपफेक पर सख्त हुआ सरकार का रुख, भगवंत मान का फेक वीडियो हटाने का आदेश

मोहाली  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ सोशल मीडिया पर प्रसारित एक AI डीपफेक वीडियो मामले में मोहाली की अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए फेसबुक और गूगल को आपत्तिजनक सामग्री हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि संबंधित कंपनियां वीडियो से जुड़ा पूरा डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखें, ताकि साक्ष्य नष्ट न हो सकें। यह आदेश 22 अक्टूबर को जारी किया गया। आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “पंजाब के मुख्यमंत्री का एक डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया पर कुछ ‘राइट-विंग ट्रोल्स’ द्वारा शेयर किया जा रहा था। यह पूरी तरह फर्जी वीडियो है। अदालत ने इस सामग्री को इंटरनेट से हटाने के आदेश दिए हैं।” इस मामले ने सोशल मीडिया पर भारी विवाद और भ्रम की स्थिति पैदा कर दी थी। इसके बाद पंजाब स्टेट क्राइम पुलिस स्टेशन ने कनाडा निवासी जगमन समरा के खिलाफ ‘अश्लील और भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने’ का मामला दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, जगमन समरा नाम के फेसबुक अकाउंट (URL: [facebook.com/jagman.samra.369309](https://www.facebook.com/jagman.samra.369309)) से कई आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट की गईं, जिनका उद्देश्य विभिन्न समूहों में वैमनस्य फैलाना था। पुलिस की शिकायत में कहा गया है “यह सामग्री अश्लील, अवैध है और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच नफरत, दुश्मनी या दुर्भावना फैलाने की क्षमता रखती है।” यह पोस्ट सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल की नजर में आने के बाद सामने आई। इंस्पेक्टर गगनप्रीत सिंह की शिकायत पर, 21 अक्टूबर को पंजाब स्टेट क्राइम पुलिस स्टेशन में BNS की धाराओं 340(2), 352(1), 353(2), 351(2), 336(4) और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया। फिलहाल, पुलिस ने मामले की डिजिटल जांच शुरू कर दी है और आरोपित की साइबर गतिविधियों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। AAP का कहना है कि यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है और इसका मकसद पंजाब सरकार व मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करना है।

सीएम भगवंत मान का बड़ा ऐलान: बेरोजगार युवाओं को मिलेगी नौकरी, खुलेंगे नए अवसर

पंजाब  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार युवाओं को नौकरी मांगने वालों की बजाय नौकरी देने वाला बनाकर उनकी तकदीर बदलने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। यहां शहीद सूबेदार मेवा सिंह स्कूल ऑफ एमिनेंस के विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब में शैक्षिक क्रांति के एक नए युग की शुरुआत की है। उन्होंने एक बयान में कहा कि यह क्रांति छात्रों को प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करके और उन्हें जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने में सक्षम बनाकर वांछित परिणाम दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने 2022 में ‘‘शिक्षा क्रांति'' शुरू की है ताकि पंजाब के बच्चों को अपने सपनों को हकीकत में बदलने और जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद मिल सके। मान ने दावा किया कि अतीत पर नजर डालने पर यह देखना वास्तव में निराशाजनक है कि कैसे दोषपूर्ण नीतियों के कारण गरीब बच्चों को शिक्षा के उनके अधिकार से वंचित किया गया। हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में ‘‘क्रांतिकारी'' कदम उठाए हैं, जिनकी देशभर में व्यापक सराहना हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में 231.74 करोड़ रुपये के निवेश से 118 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' स्थापित किए जा रहे हैं। मान ने कहा कि इन स्कूलों को वंचित बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक उल्लेखनीय शुरुआत माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में विद्यार्थियों को निःशुल्क वर्दी उपलब्ध कराई जा रही है तथा विशेषकर लड़कियों के लिए निःशुल्क बस सेवा की व्यवस्था की गई है, ताकि एक भी लड़की शिक्षा प्राप्त करने से वंचित न रह जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों को नीट, जेईई और एनआईएफटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गर्व की बात है कि 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' और अन्य सरकारी स्कूलों से 265 छात्रों ने जेईई मेन्स, 44 ने जेईई एडवांस और 848 छात्रों ने नीट में सफलता प्राप्त की।

रोबोटिक खच्चर से बदलेंगे रणक्षेत्र के नियम, ग्राउंड रोबोटिक म्यूल आतंकी सर्च और फायरिंग में सक्षम

चंडीगढ़   आतंक ग्रस्त व संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में ग्राउंड रोबोटिक म्यूल (खच्चर) के जरिये अब सर्च ऑपरेशन और आसान हो जाएंगे। चार कैमरों से लैस यह ऐसा उपकरण है जो न केवल इलाकों की रेकी करेगा बल्कि इमरजेंसी में दुश्मन व आतंकियों पर फायरिंग भी कर सकता है। खड्ग-2 कोर की एक रेजिमेंट के अधीनस्थ यह उपकरण तैयार किया गया है जो अभी अंडर ट्रायल है लेकिन जल्द ही यह सेना की ताकत बनेगा। घाटी के विभिन्न आतंकी व सीमा क्षेत्रों मे कई बार विभिन्न सैन्य ऑपरेशनों के दाैरान सेना को ऐसे इलाकों की रेकी करनी पड़ती है जहां जोखिम बहुत ज्यादा होता है। भवनों, खंडहरों व घरों में आतंकियों के छिपे रहने की सूचना पर वहां बिना क्लीयरेंस सैन्य कार्रवाई में जोखिम और बढ़ जाता है। इस स्थिति में इन क्षेत्रों में जवानों की ओर से रेकी करने पर उनकी जान को ज्यादा खतरा रहता है। अब यह काम सेना का ग्राउंड रोबोटिक खच्चर करेगा ताकि जवानों की जान पर खतरे और जोखिम को कम किया जा सके। इसके अलावा युद्ध की स्थिति में जवानों तक मेडिकल सामग्री और गोला-बारूद के बक्से पहुंचाने में भी इस उपकरण का इस्तेमाल किया जा सकेगा। संबंधित रेजिमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि बतौर ट्रायल इसे सेना की कुछ यूनिटों को उपलब्ध करवाया गया है और इसके अच्छे परिणाम भी सामने आ रहे हैं। उपकरण की खासियत     इस मानवरहित जमीनी उपकरण से सेना को खुफिया, निगरानी व टोही अभियानों में मदद मिलेगी।     यह रोबोटिक खच्चर सीढ़ी भी चढ़ सकेगा जबकि ऊंचाई व ढलान पर भी चढ़ने में कोई दिक्कत नहीं होगी।     यह उपकरण चार यूएचडी और एचडी फ्रंट कैमरों से लैस है। वीडियो और ऑडियो सिस्टम भी इंस्टाॅल है।     इसमें वाई-फाई, एलटीई, मैनेट नेटवर्क व रेडियो कनेक्टिविटी की सुविधा भी रहेगी।     इसका वजन 52 किलोग्राम है जबकि इसका ऑपरेशनल समय तीन घंटे है।     इसकी स्पीड 10 किलोमीटर प्रति घंटा होगी और यह -20 डिग्री सेल्सियस व +45 डिग्री सेल्सियस में काम कर सकेगा।     इसकी पेलोड क्षमता 10 किलोग्राम है। इसमें चार सेंसर लगाए गए हैं।     रोबोटिक खच्चर 25 सेंटीमीटर का एक पग रखकर आगे-पीछे चल सकेगा। इसमें 1 किलो का डी-मोट कंट्रोलर भी इंस्टॉल होगा।     50 मीटर वाई-फाई सुविधा के चलते इसे मोबाइल से भी कनेक्ट कर ऑपरेट किया जा सकता है।  

पंजाब की फसल कटाई में धीमी रफ्तार, 67% प्रमुख एरिया में अभी बाकी है धान की कटाई

चंडीगढ़ पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की  जारी रिपोर्ट के अनुसार अभी फिलहाल सिर्फ 33 प्रतिशत एरिया में धान की फसल कटाई हुई इसलिए फसल के 67 प्रतिशत प्रमुख एरिया की कटाई बाकी है। फसल में नमी की समस्या भी अब पहले से कम हो गई है जिस कारण अगले दो सप्ताह के दौरान किसानों कटाई पर जोर रहेगा। बाढ़ व बारिश के कारण पहले ही धान की कटाई में देरी हुई है। इसका असर पराली जलाने के मामलों पर भी देखने को मिलेगा। पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई) चंडीगढ़ की संयुक्त टीम की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में दिवाली से पहले 17 अक्तूबर को पराली जलाने के 37 मामले सामने आए थे लेकिन 21 अक्तूबर को यह केस बढ़कर 109 तक पहुंच गए। इस तरह मामलों में पहले से ही बढ़ोतरी हुई है।  हरियाणा में पराली के 6 मामले पकड़ में आए थे जो 21 अक्तूबर को बढ़कर 18 एक हो गए। पीयू-पीजीआई की टीम सैटेलाइट से पराली जलाने के मामले पर नजर रख रही है। अगर कुल मामलों की बात की जाए तो 1 सितंबर से लेकर 21 अक्तूबर तक पंजाब में पराली के 583, हरियाणा में 301 और पंजाब पाकिस्तान में 3935 केस अब तक रिपोर्ट किए गए हैं। पंजाब के चार जिलों में अब तक सबसे अधिक कटाई प्रदेश के चार जिलों में ही धान की अब तक सबसे अधिक कटाई हुई है। अमृतसर में 1.80 लाख एरिया में धान की रोपाई हुई थी और अब तक 70 प्रतिशत एरिया में फसल की कटाई हो चुकी है। इसी तरह गुरदासपुर में 1.55 लाख हेक्टेयर एरिया में फसल की रोपाई हुई थी, जबकि 62.74 प्रतिशत एरिया में फसल की कटाई की जा चुकी है। इसी तरह रोपड़ में 72 प्रतिशत और तरनतारन में 67.95 प्रतिशत कटाई का काम पूरा हो चुका है। अब इन जिलों में कटाई पकड़ेगी जोर लुधियाना में सबसे अधिक 2.57 लाख हेक्टेयर एरिया में धान की फसल लगाई गई थी लेकिन अभी तक जिले में सिर्फ 26% एरिया में ही फसल कटाई हो पाई है। इसके अलावा बठिंडा में 2.14 लाख हेक्टेयर में धान की खेती हुई जबकि सिर्फ 13% एरिया में कटाई हो पाई है। श्री मुक्तसर साहिब 31%, संगरुर 17%, मोगा में 8%, फिरोजपुर 37% और जालंधर में 23% फसल की कटाई हो सकी है। आने वाले दिनों में इन जिलों में कटाई रफ्तार पकड़ेगी जिससे पराली जलाने के मामले भी बढ़ सकते हैं। 175 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य सरकार ने इस बार 175 लाख मीट्रिक टन खरीद धान की खरीद का लक्ष्य तय किया है। बाढ़ के कारण प्रदेश में फसल का काफी नुकसान हुआ है। अब तक 5 लाख एकड़ एरिया में फसल खराब हो चुकी है जिस कारण इस लक्ष्य को भी कम किया गया है। पहले सरकार ने 180 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया था। धान की खरीद के लिए इस बार 1822 नियमित केंद्र स्थापित किए गए हैं।

Registry कराने वालों के लिए जरूरी खबर, पंजाब सरकार ने किया ऐलान

मोहाली पंजाब सरकार ने मोहाली जिले के विभिन्न कस्बों और गांवों में जमीन के कलेक्टर रेट्स में वृद्धि कर दी है, जिसके बाद आम जनता, किसानों और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हज़ारों लोग चिंतित हैं। अब रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया महंगी हो जाएगी। इस मामले पर ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष रणजीत सिंह जीती पटियाला ने कहा कि मोहाली, खरड़, डेराबस्सी और अन्य क्षेत्रों में कलेक्टर रेट्स में कई बार बढ़ोतरी की जा चुकी है, जिसका असर संपत्ति की खरीद और बिक्री पर प्रतिकूल पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला न केवल आम लोगों पर बोझ डालेगा, बल्कि रियल एस्टेट उद्योग और छोटे निवेशकों के लिए भी नुकसानदायक साबित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनहित की बजाय कुछ बड़े पूंजीपतियों के पक्ष में काम कर रही है। कांग्रेस पार्टी इस मामले को गंभीरता से उठाएगी और सरकार से मांग करेगी कि वह कलेक्टर रेट्स की वृद्धि को तुरंत रद्द करे। उन्होंने कहा कि सरकार को छोटे व्यापारियों और आम लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर रेट्स पर पुनर्विचार करना चाहिए।

बदलियों को लेकर शिक्षा विभाग के आदेशों ने मचाई हलचल

लुधियाना डायरेक्टोरेट ऑफ स्कूल एजुकेशन (सैकेंडरी), पंजाब द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पत्र सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और सभी स्कूल प्रमुखों को जारी किया गया है जिसमें अध्यापक, कम्प्यूटर फेकल्टीज और नॉन-टीचिंग स्टाफ के ट्रांसफर आवेदनों की वेरिफिकेशन को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। पत्र के अनुसार, टीचर ट्रान्सफर पॉलिसी-2019 के तहत तबादलों की प्रक्रिया चल रही है और समय-समय पर इसमें संशोधन किए गए हैं। इसी तरह पंजाब आई.सी.टी. एजुकेशन सोसाइटी (पी.आई.सी.टी.ई.एस.) के अधीन कार्यरत कम्प्यूटर फैकल्टीज के लिए भी अलग ट्रांसफर पॉलिसी लागू की गई है। शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार छूट प्राप्त श्रेणी के अंतर्गत आने वाले अध्यापक, कम्प्यूटर फेकल्टीज और नॉन-टीचिंग स्टाफ को अपनी जनरल डिटेल्स, रिजल्ट्स और सर्विस रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी भरने के लिए 8 अक्तूबर से 17 अक्तूबर तक का समय दिया गया था। तारीख की गलती ने करवाई किरकिरी हालांकि पत्र में वैरिफिकेशन की तारीख 21 अक्तूबर 2024 से 24 अक्तूबर 2024 लिखी गई है जबकि वर्तमान वर्ष 2025 चल रहा है। यह गलती इस बात का संकेत देती है कि विभाग अपने आधिकारिक दस्तावेजों की जांच और प्रूफ रीडिंग को लेकर कितना लापरवाह है। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्कूल प्रमुखों/ डी.डी.ओज को ईपंजाब पोर्टल पर स्टाफ मेन्यू में दिए गए ट्रांसफर एंड वैरिफिकेशन लिंक पर जाकर आवेदक द्वारा भरे गए डाटा की जांच करनी होगी। किसी भी त्रुटि की स्थिति में डाटा को सही कर एप्रूव बटन दबाना आवश्यक है। जिन स्कूलों या दफ्तरों में स्कूल प्रमुख/डी.डी.ओ. नहीं हैं, वहां कार्यरत सीनियर अध्यापक या कर्मचारी केवल ट्रांसफर प्रक्रिया के उद्देश्य से आवेदक का डाटा वैरिफाई करेंगे, ताकि समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा हो सके।

भाखड़ा बांध सुरक्षा अब CISF के हाथ में, जल आपूर्ति पर पूरी निगरानी

पंजाब  नंगल में भाखड़ा डैम प्रोजेक्ट की सुरक्षा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) संभालेगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मई में इस काम के लिए CISF के 296 सशस्त्र सुरक्षा कर्मचारियों को तैनात करने की मंजूरी दी थी। इसके तहत नंगल टाउनशिप में CISF को प्रोजेक्ट में शामिल करने के लिए एक समारोह का आयोजन किया गया। भाखड़ा डैम सतलुज नदी पर स्थित है और 261 मीटर की ऊंचाई वाले टीहरी डैम के बाद 225.55 मीटर ऊंचाई के साथ एशिया का दूसरा सबसे ऊंचा डैम है। जल संग्रहण क्षमता के मामले में यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा डैम है, पहला इंदिरा सागर डैम, मध्य प्रदेश में स्थित है। ध्यान देने योग्य है कि केंद्रीय सरकार के इस फैसले के विरोध में पंजाब विधानसभा ने जुलाई में भाखड़ा-नंगल डैम प्रोजेक्ट पर CISF कर्मचारियों की तैनाती के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया था। इससे पहले डैम की सुरक्षा पंजाब पुलिस द्वारा की जा रही थी। इस कदम का उद्देश्य डैम के सुरक्षा मानकों को और मजबूत करना और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव सुनिश्चित करना बताया गया है।