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नए बिजली कनेक्शन वालों के लिए खुशखबरी, पंजाब सरकार ने किया अहम ऐलान

चंडीगढ़ पंजाब के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने राज्य सरकार के एक बड़े जन-हितैषी फैसले का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) अब आवेदकों को आवश्यक गारंटी जमा करवाने के बाद बिना NOC  के भी बिजली कनेक्शन जारी करेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि नागरिकों को बिना देरी के बुनियादी सुविधाएं मिलें और कानूनी प्रक्रिया भी सुचारू रूप से पूरी हो सके। मंत्री ने बताया कि पहले बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदकों को स्थानीय निकायों जैसे MC, GAMADA, GLADA, JDA, ADA, PDA या BDA से NOC, रेगुलराइजेशन सर्टिफिकेट या पास बिल्डिंग प्लान आदि दस्तावेज जमा करवाने पड़ते थे। कई बार यह मंज़ूरियां मिलने में देरी होती थी, जिससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर अब इसका व्यावहारिक समाधान लागू कर दिया गया है। नए नियम क्या कहते हैं?     यदि आवेदक यह लिखित रूप में देगा कि भविष्य में किसी भी योग्य विभाग द्वारा उसकी इमारत को अवैध घोषित किया जाता है तो उसका बिजली कनेक्शन काटा जा सकता है,     तो उसे सप्लाई कोड 2024 के अनुसार कनेक्शन जारी कर दिया जाएगा।     आवेदक को सामान्य शुल्कों के साथ-साथ डिसमेंटलिंग (तोड़–फोड़) चार्ज को कवर करने के लिए सर्विस कनेक्शन चार्ज के बराबर राशि सुरक्षा के रूप में जमा करानी होगी।     मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था जनता की सुविधा और सुरक्षा—दोनों को ध्यान में रखकर लागू की गई है।     उन्होंने कहा कि मान सरकार का मानना है कि हर परिवार को बुनियादी सेवाएं मिलनी चाहिए और कोई भी नागरिक बिजली जैसी महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित न रहे। फार्म सरल होंगे, रिकॉर्ड डिजिटल होंगे बिजली मंत्री ने बताया कि बिजली कनेक्शन से जुड़े आवेदन फॉर्म को सरल बनाया जा रहा है और रिकॉर्डों का डिजिटलाइजेशन तेज गति से किया जा रहा है।

पंजाब में AAP को बड़ा झटका, विधायक की कुर्सी खतरे में – हो सकता है उपचुनाव!

चंडीगढ़/तरनतारन पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खडूर साहिब से आप विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने छेड़छाड़ मामले में सजा पर रोक लगाने की मांग वाली विधायक की याचिका खारिज कर दी है। इसके बाद विधायक की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गौरतलब है कि तरनतारन की जिला सत्र अदालत ने 2013 के उस्मान कांड मामले में मनजिंदर सिंह लालपुरा को 4 साल कैद की सजा सुनाई थी। विधायक ने अदालत के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। आज हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी है।  वहीं इधर कयास लगने शुरू हो गए हैं कि विधायक वाली कुर्सी जानी तय है। अगर कुर्सी चली जाती है तो 6 महीने के अंदर-अंदर चुनाव करवाने जरूरी होते हैं। अगर विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा की सजा बरकरार रहती है तो उनकी जगह उपचुनाव होने तय हैं।   जानें क्या है पूरा मामला गौरतलब है कि 3 मार्च 2013 को उस्मान गांव की एक महिला अपने पिता कश्मीर सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने पंजाब इंटरनेशनल पैलेस पहुंची थी। पीड़िता के साथ वहां मौजूद टैक्सी चालकों ने छेड़छाड़ की। जब उसने विरोध किया तो टैक्सी चालकों ने उस पर हमला कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने भी बीच सड़क पर परिवार पर हमला कर दिया। आरोपी टैक्सी चालकों में से एक मनजिंदर सिंह लालपुरा 2022 में खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के विधायक चुने गए थे। तरनतारन की एक अदालत ने विधायक लालपुरा को दोषी ठहराया और चार साल जेल की सजा सुनाई।

रोज़गार का मौका! पंजाब सरकार ने मंजूरी दी, जल्द शुरू होगी सैकड़ों पदों पर नियुक्ति

चंडीगढ़ पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को घोषणा की कि वित्त विभाग ने पशुपालन विभाग में 345 वेटरनरी इंस्पेक्टरों की चरणबद्ध भर्ती के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पशुपालन विभाग में वर्तमान में वेटरनरी इंस्पेक्टरों  के कुल 2010 स्वीकृत पद हैं और इन पदों में से 345 पद वर्तमान में रिक्त हैं तथा 1665 वेटरनरी इंस्पेक्टरों कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग ने इन 345 रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरने की मंजूरी दे दी है, जिनमें से 150 पद चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पहले चरण में और शेष 195 पद अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान दूसरे चरण में भरे जाएंगे। वित्त मंत्री, जो कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के अध्यक्ष भी हैं, ने बताया कि पंजाब राज्य पशु चिकित्सा निरीक्षक संघ के साथ हुई बैठक में मौजूदा पदों को भरने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान पशुपालन विभाग ने बताया कि राज्य के 22 वेटरनरी पॉलीक्लिनिकों में उपचाराधीन पशुओं की संख्या बढ़ रही है, जिसके कारण विभाग में कर्मचारियों की कमी हो रही है। पंजाब के पशुपालकों के लिए पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू और कुशल बनाए रखने हेतु सभी 345 रिक्त पदों को भरने की मंजूरी को एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पशुपालन विभाग राज्य में 22 वेटरनरी पॉलीक्लिनिकों, 1,367 पशु अस्पतालों और 1,489 पशु औषधालयों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से सेवाएं प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पशुओं की उचित देखभाल की सुचारू सेवा सुनिश्चित करके विभाग को मजबूत करने का एक प्रयास है। 

दिल्ली की जहरीली हवा में बच्चे बेहाल, महंगे प्राइवेट स्कूल भी नहीं दे पा रहे सुरक्षित माहौल

पंजाब  दिल्ली में AQI खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। वायु प्रदूषण ने बच्चों की सेहत को बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। अभिभावकों द्वारा बच्चों की सेहत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है। इसी बीच स्कूल बच्चों को लेकर लापरवाही कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि शहर का एक बड़ा स्कूल जो कि एक महीने की करीब 60 हजार फीस हर छात्र से लेता हैं वह एयर प्यूरीफायर लगाने से इनकार कर रहा हैं। इसके साथ ही पुराने खराब हो चुके एयर प्यूरीफायर बदलने को भी तैयार नहीं हैं। इस संबंध में स्कूल की ही एक टीचर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की है। उनका कहना है कि भारी फीस लेने के बाद भी स्कूल मैनेजमेंट बच्चों की बुनियादी स्वास्थ्य जरूरतों की परवाह नहीं कर रहा और बजट की कमी का बहाना बनाकर बेहतर एयर प्यूरीफायर लगाने से बच रहा है। पोस्ट में बताया कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से कहता है कि कक्षाओं में 30–45 के बीच AQI  रहता है पर जब स्टाफ ने इसे चैक किया तो  AQI 145 से 200 के बीच पाया गया। वहीं इसकी शिकायत करने पर अध्यापकों को फटकार लगाई गई। इसे लेकर अभिभावकों में नाराजगी पाई जा रही है कि भारी-भरकम फीस लेने के बाद भी आखिर बच्चों को सुविधाएं क्यों नहीं दी जा रही। ये मुद्दा सोशल मीडिया पर चर्चा कका विषय बना हुआ है और इसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। 

डीआईजी भुल्लर के परिवार के खातों पर रोक, आर्थिक संकट के बीच डी-फ्रीज की मांग

चंडीगढ़  रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए रोपड़ रेंज के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके परिवार को अब आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (सीबीआई) द्वारा उनके साथ-साथ उनके बेटे और पिता के बैंक खातों को भी फ्रीज किए जाने के बाद रोजमर्रा का घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। इसी सिलसिले में सोमवार को डीआईजी भुल्लर की ओर से जिला अदालत में बैंक खातों को डी-फ्रीज करने की मांग करते हुए एक अर्जी दाखिल की गई। अदालत ने इस पर सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जिस पर 20 नवंबर को सुनवाई होगी। भुल्लर के वकील ने दलील दी कि जबकि सीबीआई उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच जारी रखे, लेकिन उनके परिवार के खाते फ्रीज होने से दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उनके अनुसार, खेती-बाड़ी सहित घर के खर्चे और अन्य स्त्रोतों से प्राप्त आय तक पहुंच न होने से परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। खाते फ्रीज होने से बढ़ी परेशानीसीबीआई ने न केवल भुल्लर का सैलरी अकाउंट बल्कि उनके बेटे का वेतन खाता और पिता का पेंशन खाता भी फ्रीज कर दिया है। उनके बेटे के पंजाब में असिस्टेंट एडवोकेट जनरल होने के बावजूद वह अपनी सैलरी का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, भुल्लर के परिवार को किराए और खेती से होने वाली आमदनी भी अब बैंक खाते फ्रीज होने के कारण नहीं मिल पा रही है, जिससे रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। रिश्वतखोरी और जांच की पृष्ठभूमिगौरतलब है कि सीबीआई ने पिछले महीने डीआईजी भुल्लर और उनके सहयोगी कृष्णु शारदा को मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप व्यापारी आकाश बत्ता से ₹8 लाख की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन पर आय से अधिक संपत्ति का केस भी दर्ज किया गया। सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। एक महीने पहले जिस घर से नोटों के ढेर बरामद किए गए थे, वहीं अब परिवार रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जूझ रहा है। अदालत में सुनवाई के साथ यह मामला अब और गंभीर मोड़ लेता दिख रहा है।

भारत में पहली बार ‘नेट योजना’ की शुरुआत, पंजाब ने बढ़ाया कदम

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने संचार तकनीकी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. पंजाब पूरे भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने संशोधित भारत नेट योजना को पूरी तरह से लागू कर दिया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार ने तकनीकी विकास को प्राथमिकता देती आई है. इसी कड़ी में पंजाब के मुख्य सचिव के. ए. पी सिन्हा को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार सीजीएम बीसएनएल सर्कल अजय कुमार करड़ा द्वारा चंडीगढ़ में प्रदान किया गया. भगवंत मान सिंह के नेतृत्व में मुख्य सचिव के.ए.पी सिन्हा ने इस उपलब्धि को पंजाब की तकनीकी का बड़ा प्रतीक बताया उन्होंने बताया कि राज्य के कुल 43 छाया क्षेत्रों में इंटरनेटट सेवाएं सफलतापूर्वक पहुंचा दी गई हैं और केवल एक ही गांव बाकी है. नवंबर के अंत तक उस गांव में भी ब्रॉडबैंड सुविधाएं पहुंच जाएंगी, जिससे लोग डिजिटल सेवाओं तक आसानी से पहुंच पाएंगे. भारत नेट योजना का मुख्य उद्देश्य देश की सभी ग्राम पंचायतों, घरों और शैक्षणिक सामाजिक संस्थानों को हाई स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ना है. यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ई-हेल्थ, ऑनलाइन शिक्षा और अन्य डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने के लिए बनाई गई है. यह योजना सबसे पहले अमृतसर के हर्षा चिन्ना ब्लॉक से शुरू की गई थी. कई सरकारी एजेंसियों और जिला अधिकारियों की सहायता से अब तक न 1000 किलोमीटर OFC बिछाई जा चुकी है. भगवंत मान सिंह के नेतृत्व में मुख्य सचिव और दूरसंचार की संयुक्त बैठक में लिए गए फैसले से ये उपलब्धि हासिल हुई है. बीएसएनएल ने बताया कि पठानकोट कोट इंडो-पाक सीमा के पास स्थित गांव रमकलवां को ‘विद्या मित्रम’ योजना के तहत वाई-फाई की सेवा उपलब्ध कराई गई है. बीएसएनएल ने मुख्य सचिव से अनुरोध किया कि राज्यभर के सरपंचों को ऐसे प्रयासों के लिए प्रेरित किया जाए.

मान सरकार की पहल: बच्चों को साइबर सुरक्षा के रक्षक बनाने में जुटी पंजाब पुलिस

चंडीगढ़ पंजाब के स्कूलों में एक खामोश क्रांति हो रही है। यह किताबों में नहीं लिखी, न ही सिर्फ पारंपरिक शिक्षकों द्वारा पढ़ाई जा रही है। यह एक ऐसी क्रांति है जहां मलेरकोटला की एक बच्ची ऑनलाइन खतरों से खुद को बचाना सीख रही है, पठानकोट का एक लड़का समझ रहा है कि दादी की बैंकिंग जानकारी क्यों गुप्त रखनी चाहिए, और पूरी पीढ़ी को डर से नहीं बल्कि जागरूकता से लैस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के दूरदर्शी नेतृत्व में, पंजाब पुलिस की ‘सांझ’ पहल ने पारंपरिक पुलिसिंग से आगे बढ़कर विश्वास, साझेदारी और सक्रिय सामुदायिक जुड़ाव का एक पुल बना दिया है जो अब पंजाब के बच्चों का भविष्य गढ़ रहा है। पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम डिवीजन द्वारा शुरू की गई ‘साइबर जागो’ पहल प्रतिक्रियात्मक पुलिसिंग से निवारक शिक्षा की ओर एक बड़ा बदलाव दर्शाती है, जो पंजाब के हर कोने में पहुंच रही है जहां युवा मन जटिल डिजिटल दुनिया में आगे बढ़ रहे हैं। पहले प्रशिक्षण कार्यशाला में 75 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया और पंजाब भर के 3,968 सरकारी हाई स्कूलों को कवर करने की योजना बनाई गई है।  यह सिर्फ एक और सरकारी कार्यक्रम नहीं है – यह मान सरकार द्वारा पंजाब के सबसे कीमती संसाधन यानी इसके बच्चों के चारों ओर बुनी जा रही एक सुरक्षा कवच है। इस पहल का भावनात्मक महत्व तब स्पष्ट हो जाता है जब हम जानते हैं कि 14-16 वर्ष की आयु के 76 प्रतिशत बच्चे अब सोशल मीडिया के लिए स्मार्टफोन का उपयोग करते है, जो उन्हें साइबर बुलिंग, पहचान की चोरी और ऑनलाइन शोषण के प्रति संवेदनशील बनाता है। आप सरकार के तहत पंजाब पुलिस के दृष्टिकोण को जो चीज़ अनोखा बनाती है, वह है ‘सांझ’ शब्द में निहित गहरी सहयोगी भावना – जिसका अर्थ है साझेदारी। सांझ परियोजना ने पूरे राज्य में ज़िला सामुदायिक पुलिस संसाधन केंद्र, 114 उप-मंडल सामुदायिक पुलिसिंग सुविधा केंद्र और 363 पुलिस स्टेशन आउटरीच केंद्र स्थापित किए है, एक अभूतपूर्व नेटवर्क बनाया है जहां पुलिस अधिकारी केवल कानून लागू नहीं करते बल्कि आने वाली पीढ़ियों के मार्गदर्शक, गाइड और रक्षक बनते हैं। हर हफ्ते, पंजाब पुलिस के जवान स्कूलों में अधिकार की डराने वाली वर्दी में नहीं, बल्कि बड़े भाई-बहन और शिक्षकों के रूप में जाते है जो देखभाल और चिंता की भाषा बोलते है। साइबर क्राइम डिवीजन की प्रमुख स्पेशल डीजीपी वी. नीरजा ने ज़ोर देकर कहा कि “डिजिटल सामग्री की व्यापक उपलब्धता के साथ, बच्चे ऑनलाइन अवसरों और खतरों दोनों का सामना कर रहे हैं,” यह उजागर करते हुए कि कोविड महामारी ने बच्चों के डिजिटल विसर्जन को कैसे तेज किया, जो अक्सर उनके माता-पिता की समझ से आगे निकल गया। मान सरकार ने इस कमज़ोरी को जल्दी पहचाना और एक व्यापक रणनीति के साथ जवाब दिया। साइबर जागो के तहत प्रशिक्षित शिक्षक केवल साइबर स्वच्छता नहीं सिखाते – वे छात्रों को संभावित खतरों की पहचान करने, एआई से संबंधित खतरों को समझने और ऑनलाइन बाल यौन शोषण का प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए सशक्त बनाते है। साझ पहल की खूबसूरती पंजाब के ‘साझे चूल्हे’ की सांस्कृतिक भावना के साथ इसकी भावनात्मक प्रतिध्वनि में निहित है – वह साझा चूल्हा जो सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। शक्ति हेल्पडेस्क कार्यक्रमों के माध्यम से, पंजाब पुलिस श्री मुक्तसर साहिब और एसबीएस नगर जैसे जिलों के स्कूलों में जागरूकता सेमिनार आयोजित करती है, छात्रों को अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श, बाल शोषण, नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरों और हेल्पलाइन नंबर 112/1098 के बारे में शिक्षित करती है। मान सरकार ने सुनिश्चित किया है कि पंजाब में हर बच्चा जानता है कि उनकी पुलिस बल में एक रक्षक है। इस पहल को पुलिसिंग से एक सामाजिक आंदोलन में बदलने वाली चीज़ है प्रौद्योगिकी का मानवीय संवेदनशीलता के साथ एकीकरण। पीपीसाझ मोबाइल एप्लिकेशन नागरिकों को डिजिटल रूप से पुलिस सेवाओं तक पहुंचने, एफआईआर की प्रतियां प्राप्त करने और पंजाब में कहीं से भी सत्यापन प्रक्रिया करने की अनुमति देता है, जबकि एक साथ ही पुलिस कर्मी स्कूलों में आमने-सामने सत्र आयोजित करते है। सीएम भगवंत मान के शासन दर्शन के तहत, पुलिस दूर के प्रवर्तक नहीं बल्कि सामुदायिक कल्याण में सुलभ भागीदार है। जब एक 14 वर्षीय छात्र ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के बारे में सीखता है, तो वह ज्ञान दादा-दादी को यूपीआई घोटालों से बचाने के लिए घर जाता है। जब एक लड़की अपने डिजिटल अधिकारों को समझती है, तो वह अपने दोस्तों की सुरक्षा की वकालत करने वाली बन जाती है। जैसा कि डीजीपी नीरजा ने कहा, यह एक बार की मुहिम नहीं बल्कि साइबर सुरक्षा को पंजाब की स्कूली संस्कृति का हिस्सा बनाने के दीर्घकालिक प्रयास की शुरुआत है। मान सरकार का विजन स्पष्ट है: एक ऐसी पीढ़ी बनाना जो डिजिटल रूप से साक्षर, सामाजिक रूप से जागरूक और खुद को और दूसरों की रक्षा करने में सशक्त हो। आप सरकार के तहत सांझ की सफलता शासन दर्शन में एक मौलिक बदलाव को दर्शाती है – ऊपर से नीचे के निर्देशों से लेकर नीचे से ऊपर की साझेदारी तक। प्रत्येक साझ केंद्र पुलिस-जनता समितियों के साथ एक स्वायत्त पंजीकृत सोसायटी के रूप में संचालित होता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सामुदायिक आवाज़ें पुलिसिंग प्राथमिकताओं को आकार दे। सीएम मान द्वारा समर्थित इस लोकतांत्रिक दृष्टिकोण ने पुलिस की सार्वजनिक धारणा को प्रवर्तकों से सक्षमकर्ताओं में, अधिकार के आंकड़ों से अधिवक्ताओं में बदल दिया है।  

सीमा पर BSF का कमाल: ड्रोन के साथ हेरोइन और कारतूस बरामद, तस्करों में हड़कंप

चंडीगढ़  पंजाब में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने ड्रोन, हेरोइन और गोला-बारूद की बड़ी खेप बरामद कर एक बार फिर तस्करी नेटवर्क पर सख्त प्रहार किया है। अमृतसर सेक्टर में तैनात जवानों ने डीजेआई मैविक 3 क्लासिक मॉडल का एक ड्रोन पकड़ा। प्राथमिक जांच में सामने आया कि ड्रोन का इस्तेमाल पाकिस्तान की ओर से प्रतिबंधित सामग्री भेजने के लिए किया जाता था। वहीं, तरनतारन जिले में गश्ती कर रही टुकड़ी ने खेतों की ओर संदिग्ध हलचल दिखने पर इलाके को घेरा और तलाशी के दौरान 548 ग्राम हेरोइन बरामद की। उधर, फिरोजपुर सेक्टर में बीएसएफ ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए बाड़ के पास से 5 पैकेटों में कुल 2.649 किलोग्राम हेरोइन रिकवर की। पैकेटों पर अक्सर इस्तेमाल होने वाले पाकिस्तान-आधारित ड्रग नेटवर्क के पहचान-चिह्न पाए गए। इसी कड़ी में बीएसएफ और पंजाब पुलिस के संयुक्त अभियान में मुक्तियावाला क्षेत्र के पास से 9एमएम के 50 राउंड कारतूस भी बरामद किए गए। यह आशंका जताई जा रही है कि यह कारतूस किसी तस्करी रूट के माध्यम से भारत के अंदर गैंगस्टरों या तस्करी गिरोहों तक पहुंचाए जाने थे। बीएसएफ ने बताया कि हाल के दिनों में सीमा पर ड्रोन गतिविधियों में वृद्धि हुई है, लेकिन जवानों की सतर्कता और आधुनिक तकनीक के प्रयोग से इन प्रयासों को लगातार नाकाम किया जा रहा है। बल ने स्पष्ट किया कि सीमा सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी अवैध गतिविधि को तुरंत ध्वस्त कर दिया जाएगा।

साइबर फ्रॉड की बड़ी कुंडली उजागर! पंजाब पुलिस ने पकड़े 150+ म्यूल अकाउंट, लुधियाना में केस दर्ज

लुधियाना  पंजाब पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। राज्य में 150 से ज़्यादा एक्टिव "म्यूल अकाउंट" का पता लगाया है। इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधी ऑनलाइन धोखाधड़ी से लूटे गए पैसे को प्राप्त करने और ट्रांसफर करने के लिए करते थे। ये खाते ज्यादातर लुधियाना में पाए गए है। जिसके बाद राज्य साइबर सेल ने लुधियाना कमिश्नरेट के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई है। लुधियाना पुलिस खाते के विवरण की जांच में जुटी मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस अब जानिए… क्या होते हैं म्यूल अकाउंट?  इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधी ऑनलाइन धोखाधड़ी से लूटे गए पैसे को प्राप्त करने और ट्रांसफर करने के लिए करते थे। ये खाते ज्यादातर लुधियाना में पाए गए है। जिसके बाद राज्य साइबर सेल ने लुधियाना कमिश्नरेट के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई है। लुधियाना पुलिस खाते के विवरण की जांच में जुटी     वरिष्ठ अधिकारियों को आशंका है कि ये खाते न केवल साइबर धोखेबाजों की मदद कर सकते हैं, बल्कि संगठित अपराध समूहों द्वारा भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इससे कानून और व्यवस्था के लिए खतरा पैदा हो सकता है।     राज्य साइबर क्राइम सेल से मिली जानकारी के आधार पर लुधियाना पुलिस ने खाते के विवरण की जांच और इसमें शामिल व्यक्तियों का पता लगाना शुरू कर दिया है। पुलिस के एस सीनियर अधिकारी ने पुष्टि की कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (4) (धोखाधड़ी) और 61 (2) (आपराधिक साजिश) के तहत FIR दर्ज की गई है। मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस     उन्होंने कहा कि हमें 150 से ज़्यादा म्यूल अकाउंट के बारे में जानकारी मिली है। हमारी टीमें अब यह पता लगाने के लिए हर विवरण की जांच कर रही हैं कि उन्हें किसने बनाया और कौन उन्हें चला रहा है। अब धोखाधड़ी वाले खातों के नेटवर्क के पीछे के मास्टरमाइंड की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।     पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन खातों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों या अवैध नकद लेनदेन को सुविधाजनक बनाने के लिए किया गया था। जबकि म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल आमतौर पर साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त आय को रूट करने के लिए किया जाता है।     इससे पहले अगस्त महीने में साइबर विंग ने चार लोगों -गौतम (23),एहसास (24),आकाश (20) सभी अमृतसर निवासी और अनमोल (21) निवासी अबोहर को फाजिल्का से गिरफ्तार किया था। जो कथित तौर पर लगभग दो वर्षों से इसी तरह का रैकेट चला रहे थे।     पुलिस ने उनसे 10.96 लाख रुपए, 9 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 32 डेबिट कार्ड, 10 सिम कार्ड, 15 बैंक पासबुक और एक चेक बुक बरामद की थी। जांच से पता चला कि गिरोह ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों से मामूली भुगतान पर बैंक खाते हासिल किए थे। फिर उनका इस्तेमाल साइबर अपराधों के माध्यम से चुराए गए पैसे को लेयर करने के लिए किया।     अवैध धन को बाद में क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों के माध्यम से विदेश भेजा गया। आरोपी दक्षिण पूर्व एशिया में स्थित विदेशी हैंडलर्स द्वारा चलाए जा रहे कई टेलीग्राम ग्रुपों पर भी सक्रिय पाए गए। अब जानिए… क्या होते हैं म्यूल अकाउंट?     म्यूल अकाउंट बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल अपराधी अवैध धन को लॉन्ड्रिंग या स्थानांतरित करने के लिए करते हैं। इन्हें उन व्यक्तियों द्वारा संचालित किया जा सकता है जिन्हें नौकरी के घोटालों, ऑनलाइन ऑफ़र या सोशल मीडिया संदेशों के माध्यम से "मनी म्यूल" बनने के लिए बहलाया-फुसलाया जाता है।     इसमें पैसा प्राप्त करने और स्थानांतरित करने के लिए कमीशन का वादा किया जाता है। इस तरह के खाते धोखेबाजों को चोरी किए गए धन के स्रोतों को छिपाने में मदद करते हैं और अक्सर फ़िशिंग घोटालों, ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य वित्तीय अपराधों से जुड़े होते हैं।

ठंड ने बढ़ाई सिहरन! अमृतसर में विज़िबिलिटी 800 मीटर, फरीदकोट 5.6°C के साथ सबसे ठंडा

पटियाला  पंजाब में अब घना कोहरा पड़ने लगा है। कोहरे की वजह से अमृतसर में सुबह साढ़े आठ बजे दृश्यता 800 मीटर दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान में सामान्य से 2.5 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। सबसे कम 5.6 डिग्री के तापमान के साथ फरीदकोट ठंडा रहा।  मौसम विभाग ने आने वाले छह दिन मौसम शुष्क रहने की भविष्यवाणी की है, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट के साथ मौसम में ठंडक बढ़ेगी। सूबे के अधिकतम तापमान में 0.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल यह सामान्य के पास बना हुआ है। लेकिन अमृतसर, लुधियाना व पटियाला का पारा सामान्य के नीचे दर्ज किया गया। सबसे अधिक 29.6 डिग्री का पारा मानसा का दर्ज किया गया। ब्यूरो पराली जलाने के 95 नए मामले  पंजाब में पराली रोज जल रही है और प्रदूषण भी फैल रहा है। हालांकि पिछले कुछ साल के मुकाबले मामले कम दर्ज हुए हैं लेकिन शून्य जैसी स्थिति कभी आएगी ऐसा लगता नहीं। रविवार को कुल 95 मामले दर्ज किए गए। अब तक इस सीजन में 4972 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। हवा इस बार भी खराब है लेकिन गनीमत ये है कि एक्यूआई 200 से 250 के दायरे तक ही सीमित है। सबसे खराब हवा मंडी गोबिंदगढ़ व रूपनगर की रही जहां का एक्यूआई क्रमश: 225 और 213 रहा। इसके अलावा खन्ना का 191, लुधियाना का 159, जालंधर का एक्यूआई 147, पटियाला का 142, बठिंडा का 139 और अमृतसर का 121 दर्ज किया गया।