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तरनतारन में सिर्फ 11% मतदान, क्या अपनी सीट बचा पाएगी आम आदमी पार्टी?

तरन तारन   पंजाब की बहुचर्चित तरन तारन विधानसभा सीट पर मंगलवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान शुरू हुआ। अधिकारियों ने बताया कि सुबह 7 बजे से मतदान प्रारंभ हुआ जो शाम 6 बजे तक चलेगा। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब 11 फीसदी मतदान दर्ज किया गया है। यह उपचुनाव आम आदमी पार्टी (आप) के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी इस सीट को बरकरार रखने की कोशिश में है। वहीं कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल सहित विपक्षी दल इस मौके पर जनसमर्थन बढ़ाने और आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति में जुटे हैं। तरन तारन सीट आम आदमी पार्टी विधायक कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद रिक्त हुई थी। मतगणना 14 नवंबर को होगी।

छात्र-पुलिस संघर्ष: पंजाब यूनिवर्सिटी में हुई जोरदार झड़प और लाठीचार्ज

चंडीगढ़ चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनावों के ऐलान की मांग कर रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान आज हालात तब बेकाबू हो गए, जब प्रदर्शनकारी छात्रों की पुलिस से हिंसक भिड़ंत हो गई। पुलिस ने यूनिवर्सिटी परिसर में प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रवेश को रोकने की कोशिश की तो छात्र हिंसक हो गए और पुलिस से भिड़ गए। छात्रों और पुलिस के बीच देखते ही देखते धक्का मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने छात्रों को काबू में करने के लिए उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान छात्रों ने जमकर उत्पात मचाया। ये झड़प और लाठीचार्ज ऐसे वक्त पर हुआ, जब प्रदर्शनकारी छात्रों का साथ देने के लिए सिख संगठनों और कृषि यूनियनों के कार्यकर्ताओं समेत अन्य लोग विश्वविद्यालय परिसर में घुसना चाह रहे थे। ये लोग भी काफी विलंब से चल रहे पीयू सीनेट चुनावों की तारीखों की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहते थे। ‘पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले छात्र विश्वविद्यालय के शासी निकाय सीनेट और सिंडिकेट के पुनर्गठन के फैसले को अब केंद्र द्वारा वापस लिए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस और विद्यार्थियों के बीच धक्का-मुक्की इस दौरान विद्यार्थी और पुलिस के बीच बहस भी देखने को मिली। पुलिस के इंतजाम देखकर विद्यार्थियों ने समर्थकों से अपील की है कि पुलिस उन्हें जहां रोके, वहीं बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दें। पुलिस ने एक नंबर द्वार को बंद कर दिया है और दो तथा तीन नंबर के द्वार से भी कड़ी जांच के बाद ही जाने दिया जा रहा है। जब खबर आई कि पुलिस ने दो नंबर द्वार से कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है तो विद्यार्थी और भड़क उठे। वह गेट जबरन खोलकर यूनिवर्सिटी में घुस गये हैं। इस दौरान पुलिस और विद्यार्थियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। रविवार रात भी इस मुद्दे पर विद्यार्थियों ने हंगामा किया था। देर रात तक छात्र यूनिवर्सिटी के गेट पर धरने पर बैठे रहे। मामला बढ़ता देख वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंवरपाल कौर को खुद ही स्थिति संभालनी पड़ी थी। विद्यार्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए यूनिवर्सिटी में सोमवार और मंगलवार को अवकाश घोषित कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी में 2000 पुलिस कर्मचारी तैनात सोमवार को सुबह से ही यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों भीड़ जुटनी शुरू हो गयी थी। विद्यार्थियों के आह्वान पर उनके समर्थन में किसान और कई राजनीतिक दल भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। इसे देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और 2000 कर्मचारी तैनात किये हैं। पूरे शहर में 12 जगह नाकाबंदी की गयी है। यूनिवर्सिटी में सिर्फ उन्हीं को जाने की इजाजत है, जिनका कोई काम है। उसके लिए भी उनके पहचान पत्र देखे जा रहे हैं। विवाद सीनेट और सिंडिकेट भंग करने से शुरू हुआ बता दें कि यह विवाद पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट और सिंडिकेट भंग करने से शुरू हुआ। इससे विद्यार्थी भड़क उठे, तो केंद्र सरकार ने यह अधिसूचना वापस ले ली थी। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने घटना की निंदा करते हुए कहा, " पंजाब विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अपने ही परिसर में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। सुरक्षाकर्मियों द्वारा लड़कियों को धक्का दिया जा रहा है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। " राजा वडिंग ने कहा, " उनके पास वैध पहचान पत्र हैं – क्या यह लोकतंत्र है या छिपी हुई तानाशाही है? पंजाब विश्वविद्यालय में आज शांतिपूर्ण छात्रों पर पुलिस की बर्बरता की निंदा करने के लिए शब्द कम हैं। छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, क्योंकि उनका केंद्र सरकार पर से भरोसा उठ गया है जो पंजाब से विश्वविद्यालय छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंजाब के युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

तरनतारन में उपचुनाव प्रचार तेज, प्रत्याशी घर-घर जाकर करेंगे संपर्क; कल रहेगें स्कूल और ऑफिस बंद

 चंडीगढ़/तरनतारन विधानसभा के हलका तरनतारन-21 में 11 नवंबर को होने वाले उपचुनाव को लेकर पार्टियों का चुनाव प्रचार रविवार को समाप्त हो गया। आयोग ने सभी बाहरी लोगों को विधानसभा क्षेत्र छोड़ने को कहा है। इसी बीच चुनाव आयोग ने शांतिपूर्वक मतदान करवाने के लिए केंद्रीय बल की 12 कंपनियों को तैनात कर दिया है। यह पहली बार है कि जब राज्य में किसी उपचुनाव के दौरान इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय बल को तैनात किया गया हो। हालांकि चुनाव आयोग ने इसका कारण जिले का पाकिस्तान की सीमा से सटा होना बताया है। इसकी पुष्टि मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने की है। उन्होंने बताया कि 222 पोलिंग स्टेशनों को कवर करते हुए सभी 114 पोलिंग केंद्रों पर केंद्रीय बल के जवान तैनात रहेंगे। मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा। मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है, जिनकी निगरानी रिटर्निंग अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के स्तर पर चुनाव आयोग की देखरेख में की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी संवेदनशील मतदान केंद्र स्थलों की निगरानी के लिए 46 माइक्रो आब्जर्वर भी नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे निडर होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। वहीं, जिला चुनाव अधिकारी एस राहुल ने बताया कि अब प्रत्याशी केवल डोर टू डोर प्रचार कर सकेंगे। दस नवंबर की दोपहर को सभी पोलिंग पार्टियां रवाना कर दी जाएंगी। मतदान के बाद ईवीएम को इंटरनेशनल कालेज आफ नर्सिंग (पिद्दी) में बनाए गए स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा जाएगा। विधानसभा में मतदाताओं की स्थिति     कुल मतदाता : 1,92,838     पुरुष : 1,00,933     महिलाएं : 91,897     थर्ड जैंडर : 8     सर्विस मतदाता : 1,357     85 वर्ष से अधिक आयु वाले मतदाता : 1,657     18 से 19 वर्षीय मतदाता : 3,333     एनआरआइ मतदाता : 306     दिव्यांग मतदाता : 1,488  

केंद्र ने पंजाब में दी 30 हजार घरों की हरी झंडी, पीएम आवास योजना 2.0 में भारी रुचि

जालंधर  अपने घर का सपना आखिर किसका नहीं होता? पंजाब के हजारों परिवारों के चेहरे इन दिनों उम्मीद की नई चमक से भरे दिखाई दे रहे हैं। वजह है प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत राज्य में 30 हजार नए मकानों को मिली मंजूरी। पिछले सात महीनों में 60 हजार से ज्यादा लोगों ने इस योजना के लिए आवेदन किए, जो बताता है कि लोग इस योजना को लेकर कितना भरोसा जता रहे हैं। सरकार की ओर से मिले आंकड़ों के अनुसार, 5 अगस्त 2022 से अब तक 70,568 परिवारों को अपने घरों के लिए आर्थिक मदद मिलेगी। इनमें से बड़ी संख्या उन परिवारों की है जो अपने सपनों का घर बनाने के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे थे। एक लाख रुपये सब्सिडी दे रहा केंद्र राज्य सरकार योजना के लिए अपने हिस्से से एक लाख रुपये सब्सिडी दे रही है जबकि पहले यह राशि सिर्फ 75 हजार रुपये थी। इसी तरह डेढ़ लाख रुपये केंद्र सरकार की तरफ से भी दिए जा रहे हैं। केंद्र की मंजूरी के साथ ही लोगों को आवेदन राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। मकानों की नींव का काम पूरा होने के बाद कुल 50 हजार रुपये मिलेंगे जिसमें केंद्र का शेयर 30 और राज्य का 20 हजार रुपये होगा। इसी तरह बीम (लिंटेल) का काम पूरा होने के बाद एक लाख रुपये जारी किए जाएंगे। इसमें केंद्र 60 हजार और राज्य की तरफ से 40 हजार रुपये जारी किए जाएंगे। इसी तरह छत डालने का काम पूरा होने पर कुल 50 हजार रुपये जारी होंगे। मकान का पूरा होने के बाद 50 हजार रुपये रशि जारी की जाएगी। तीन लाख रुपये होनी चाहिए वार्षिक आय  योजना के तहत लाभार्थी को दो कमरे, एक बाथरूम, किचन बनाने के लिए राशि दी जाती है। लाभार्थी की वार्षिक आय तीन लाख रुपये होनी चाहिए। साथ ही उसके पास 45 वर्ग गज जमीन भी होनी चाहिए। जिन लोगों ने पिछले पांच साल में केंद्र व राज्य की किसी योजना का लाभ नहीं लिया, उनको यह राशि दी जाती है। स्थानीय निकाय विभाग का सर्वे जारी स्थानीय निकाय विभाग की तरफ से उन लोगों का सर्वे किया जा रहा है, जो योजना के तहत मकान बनाने चाहते हैं। इससे अधिक लाभार्थियों की पहचान करने में भी मदद मिल रही है। विभाग आवेदन में भी लोगों की सहायता कर रहा है। केंद्र ने अगस्त 2024 में पीएम आवास योजना 2.0 को मंजूरी दी थी। वहीं पीएम आवास योजना-1 वर्ष 2015 में जारी की गई थी ताकि पंजाब में उन गरीब लोगों को पक्का घर प्रदान किया जा सके, जो कच्चे घरों में रह रहे हैं। प्रदेश में पहले धीमी गति से योजना पर काम चल रहा था। इस कारण केंद्र ने पिछले साल निर्देश दिए थे कि राज्य सरकार की तरफ से या तो तय समय के अंदर इन मकानों का काम पूरा किया जाए या फिर लंबित मकानों और राशि को सरेंडर कर दिया जाए।  कैसे मिलेगा घर बनाने का लाभ? योजना के तहत लाभ उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है। ऐसे परिवारों को मकान बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 1.5 लाख रुपये और राज्य सरकार की तरफ से 50 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। बाकी राशि लाभार्थी स्वयं जुटाएगा। इसके अलावा, 75 हजार रुपये मकान तैयार होने की अवस्था अनुसार किस्तों में दिए जाएंगे। यह रकम सीधे उनके खाते में जाएगी, ताकि कोई दलाल या बिचौलिया बीच में न आए। स्थानीय निकाय विभाग कर रहा है सर्वे स्थानीय निकाय विभाग उन लोगों का सर्वे कर रहा है जो इस योजना के तहत घर बनाना चाहते हैं।     •    विभाग आवेदन में हुई गलतियों को भी ठीक कराने में मदद करेगा     •    सर्वे के बाद पात्र लोगों की सूची अंतिम रूप से तैयार होगी     •    अगस्त 2024 तक योजना का क्रियान्वयन तेज गति से किया जाएगा क्यों है यह योजना खास?     •    गरीब और मध्यम आय वर्ग के लिए बड़ी राहत     •    बिना बिचौलियों के सीधे लाभार्थी के खाते में पैसे     •    मकान निर्माण में पारदर्शिता     •    शहरों में झुग्गियों और असुरक्षित आवासों की संख्या कम होने की उम्मीद

पंजाब में ठंड बढ़ी, फरीदकोट सबसे ठंडा, प्रदूषण में गिरावट के साथ मौसम हुआ साफ

फरीदकोट  चंडीगढ़ और पंजाब में ठंडक लगातार बढ़ती जा रही है। रविवार को पहली बार चंडीगढ़ का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जो सामान्य से 2 डिग्री कम दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और गिरेगा तथा 13 नवंबर तक न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह और शाम के बाद अब दोपहर में भी हल्की ठंड महसूस होने लगी है। रविवार अवकाश होने के कारण लोगों ने सुहावने मौसम का भरपूर आनंद लिया। शहर के पर्यटन स्थलों पर दिनभर भीड़ नजर आई। सुखना लेक पर पहुंची पर्यटक आरती पाल ने बताया कि उमस भरे दिनों में यहां आना कम कर दिया था, लेकिन अब तापमान गिरने के साथ दोस्तों के साथ दोबारा आने के बाद यहां के मौसम और नजारों का आनंद लिया। साप्ताहिक अवकाश होने की वजह से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मौसम निदेशालय चंडीगढ़ का कहना है कि 15 नवंबर के बाद ठंड में और तेजी आएगी, जिसके चलते सुबह-शाम की ठिठुरन बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले करीब दो हफ्तों तक पंजाब में मौसम शुष्क रहेगा और आसमान साफ बना रहेगा। विभाग ने बताया है कि इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य स्तर के आसपास रहेगा। मौसम में आई इस ठंडक के साथ ही सुबह और शाम के समय ठंडी हवाएं महसूस की जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में लगातार हो रही गिरावट के चलते लोगों को सर्दी-जुकाम और अन्य मौसमी बीमारियों से सावधान रहना चाहिए। बढ़ती ठंड शरीर पर गहरा असर डाल सकती है, इसलिए नागरिकों को गर्म कपड़ों और खानपान का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।  पंजाब में फरीदकोट सबसे ठंडा पंजाब में पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार को पंजाब में रात के तापमान में 0.2 डिग्री की कमी दर्ज की गई। इससे यह सामान्य से 1.7 डिग्री नीचे गिर गया है। 8 डिग्री के न्यूनतम तापमान के साथ फरीदकोट सबसे ठंडा रहा।  पंजाब के अधिकतम तापमान में 0.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल यह सामान्य के पास बना हुआ है। लेकिन अमृतसर, लुधियाना व पटियाला का अधिकतम पारा सामान्य के नीचे दर्ज किया गया। सबसे अधिक 30.8 डिग्री का पारा फरीदकोट का दर्ज किया गया।  मौसम विभाग ने पंजाब में अगले छह दिन मौसम शुष्क बना रहने की भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर सुरिंदर पाल के मुताबिक आने वाले दिनों में मौसम भले ही शुष्क बना रहेगा, लेकिन तापमान में गिरावट जारी रहेगी। जिससे मौसम में ठंडक बनी रहेगी। अमृतसर का अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री (सामान्य से 1.4 डिग्री नीचे), लुधियाना का 28.0 डिग्री (सामान्य से 0.6 डिग्री नीचे) , पटियाला का 28.6 डिग्री (सामान्य से 0.2 डिग्री नीचे), बठिंडा का 27.5 डिग्री, गुरदासपुर का 27.3 डिग्री, एसबीएस नगर का 27.7 डिग्री, फाजिल्का का 27.3 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर का न्यूनतम पारा 10.2 डिग्री, लुधियाना का 11.8 डिग्री, पटियाला का 10.3 डिग्री, बठिंडा का 8.4 डिग्री, फरीदकोट व फिरोजपुर का 9.8-9.8 डिग्री व रोपड़ का 8.4 डिग्री दर्ज किया गया।

राजा वड़िंग फिर विवादों में, सिख ककारों को लेकर टिप्पणी पर सभी दलों ने जताई नाराजगी

चंडीगढ़  तरनतारन उपचुनाव में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। चुनाव प्रचार के दौरान नाबालिग सिख बच्चों के जूड़ों से मजाक करने वाला उनका वीडियो वायरल होने के बाद अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) भी मैदान में उतर आई है। वायरल वीडियो में राजा वड़िंग बच्चों के केसों को दोनों हाथों से छूते हुए और मजाकिया अंदाज में बोलते नजर आ रहे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एसजीपीसी ने तरनतारन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को लिखित शिकायत देकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि वड़िंग ने प्रचार के दौरान दो नाबालिग सिख बच्चों के केसों (जूड़ों) के साथ मजाक करते हुए वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। समिति ने आरोप लगाया कि यह हरकत सिख आस्था और धार्मिक प्रतीकों का खुला अपमान है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने वड़िंग की इस हरकत को ‘सिख धर्म के विरुद्ध अपवित्र कृत्य’ बताया। उन्होंने 17 सेकंड का वायरल वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते हुए कहा कि ‘गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज ने सिखों को जो पांच कक्कड़ प्रदान किए, उनमें केश पवित्रता का प्रतीक हैं। राजा वड़िंग ने उनका मजाक उड़ाकर सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है।’ बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लेने और सख्त कार्रवाई की मांग की। बच्चों के साथ केवल मजाक किया था : कांग्रेस वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता जसकरण काहलों ने इस विवाद को ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ बताया। उन्होंने कहा कि राजा वड़िंग ने बच्चों के साथ केवल मजाक किया था। इसे धार्मिक या राजनीतिक विवाद बनाना गलत है।

जालंधर में 13 नवंबर से लागू होगा नया सिस्टम, जानें कैसे बदलेगी आपकी रोजमर्रा की जिंदगी

जालंधर  शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था को लेकर नगर निगम ने फिर से बड़ा कदम उठाया है। निगम ने 143 करोड़ रुपये के दो टेंडर जारी किए हैं, जिनके तहत सेंट्रल, नॉर्थ, कैंट और वेस्ट हलकों में आने वाले सभी वार्डों में एक समान तरीके से कचरा उठाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद अब पूरे शहर से एक समान शुल्क (यूजर चार्ज) लिया जाएगा। निगम की योजना के अनुसार, नई एजेंसी अगले तीन साल तक घरों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग उठाने का काम करेगी। इसके अलावा, कचरे की प्रोसेसिंग और निस्तारण की जिम्मेदारी भी इन्हीं एजेंसियों को सौंपी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, पहले अलग-अलग जोनों में कचरा उठाने के अलग-अलग रेट तय थे, लेकिन अब पूरे शहर में एक जैसी दरें लागू होंगी। निगम के डोर-टू-डोर कलेक्शन प्रोजेक्ट पर 13 नवंबर से काम शुरू होने की संभावना है। इस दौरान यूनियन के विरोध को देखते हुए निगम ने लोगों से सहयोग की अपील की है। निगम का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार होगा और स्वच्छता स्तर बेहतर बनेगा। 

भीषण ठंड की दस्तक: पंजाब के कई जिलों में पारा जाएगा नीचे

पंजाब  राज्य में इस साल ठंड का असर सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। नवंबर की शुरुआत से ही पश्चिमी विक्षोभ और ला नीना की सक्रियता के कारण दिन और रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके चलते सुबह और रात के समय ठंड का असर तेज हो गया है और न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल सर्दी में बढ़ोतरी के पीछे ला नीना प्रभाव एक प्रमुख कारण है। दिसंबर में इसके असर के चलते पंजाब में ठंड और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। वहीं फिलहाल आने वाले दिनों में राज्य में बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। इसके अलावा कुछ जिलों में कोहरा छाए रहने की संभावना है। राज्य में आमतौर पर मौसम शुष्क रहेगा। इस वजह से कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में रात का तापमान और नीचे जा सकता है। पठानकोट, गुरदासपुर और अमृतसर जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जबकि बाकी इलाकों में यह 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। इस स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर और पश्चिमी पंजाब में ठंड सामान्य से ज्यादा महसूस की जा सकती है, जबकि बाकी हिस्सों में भी तापमान में गिरावट जारी रहेगी। 

बड़ी घोषणा: पंजाब के स्टूडेंट्स को मिलेगा GOLDEN CHANCE, जानें कैसे मिलेगा फायदा

पटियाला श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर पंजाबी विश्वविद्यालय ने छात्रों के लिए 'गोल्डन चांस' योजना की घोषणा की है। इसका उद्देश्य उन छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का मौका देना है जिन्होंने अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ दी थी। विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि इस योजना के तहत छात्रों को 53 हजार रुपये की फीस देनी होगी और इसके लिए फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 15 नवंबर है। इस सुनहरे अवसर के लिए, ओड सेमेस्टर यानी 1, 3 और 5 विषयों के पेपर दिसंबर 2025 में और ईवन सेमेस्टर यानी 2, 4 और 6 विषयों के पेपर मई 2026 में आयोजित किए जाएंगे, लेकिन इस सुनहरे अवसर को लेकर छात्रों में विरोध है। छात्र इतनी ज्यादा फीस को लेकर निराश हैं और विश्वविद्यालय के खिलाफ अपना विरोध जता रहे हैं। वहीं विश्वविद्यालय का तर्क है कि इस सुनहरे अवसर के लिए शुल्क कई वर्षों से चला आ रहा है और इसमें कोई बढ़ोतरी किए बिना केवल अवसर खोला गया है। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय अपने उन पुराने छात्रों को एक सुनहरा अवसर दे रहा है जो अपनी डिग्री "री-अपीयर" या किसी विषय में फेल हैं या अपने अंक या डिवीजन में संशोधन करना चाहते हैं और सभी अवसरों या कोर्स की समय सीमा समाप्त हो गई है। 

रेलवे का बड़ा फैसला: इन 3 फाटकों को किया जाएगा खत्म, लोगों को मिलेगी जाम से मुक्ति

जालंधर  शहर की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए रेलवे ने तीन प्रमुख रेलवे फाटकों पर अंडरब्रिज बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अलावलपुर, जल्लोवाल और करतारपुर रेलवे फाटकों को समाप्त कर लो-हाइट अंडरब्रिज बनाए जाएंगे। इन तीनों फाटकों से रोजाना 100 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं, जिसके कारण ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ गई थी। अब रेलवे द्वारा 10 करोड़ रुपये की इस योजना पर काम शुरू किया जाएगा। रेलवे के अंडरब्रिज निर्माण से शहरवासियों को मिलेगी राहत रेलवे ने इन तीनों फाटकों को बंद करने के लिए तकनीकी सर्वेक्षण पूरा कर लिया है और अब इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जल्द जारी किए जाएंगे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस अंडरब्रिज निर्माण से न केवल ट्रैफिक की समस्या हल होगी, बल्कि यह रेलवे की भी लागत में बचत करेगा। करतारपुर रेलवे फाटक सबसे व्यस्त करतारपुर का रेलवे फाटक शहर का सबसे व्यस्त फाटक है, जहां रोजाना 3 लाख से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। अंडरब्रिज बनने से इस फाटक पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को सुल्तानपुर लोधी और श्री गोइंदवाल साहिब जाने में भी आसानी होगी। इन तीन फाटकों पर अंडरब्रिज बनने से करीब 10 लाख लोग लाभान्वित होंगे, जिनमें गांवों के लोग और शहरवासियों को सीधे हाईवे कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा, यह योजना मानव रहित फाटकों को भी समाप्त कर देगी, जिससे सुरक्षित यात्रा में भी मदद मिलेगी।   गांवों से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी विशेष रूप से जल्लोवाल रेलवे फाटक के पास ब्यास पिंड से 10 गांवों को हाईवे से सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी, जिससे इन गांवों के निवासी सड़क यात्रा में सुविधा महसूस करेंगे। सभी फाटकों पर अंडरब्रिज बनने से हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, जिससे न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी बल्कि यात्रा में भी समय की बचत होगी। रेलवे द्वारा शुरू की गई इस योजना से शहर के ट्रैफिक में सुधार होगा और शहरवासियों को लंबे समय से परेशान कर रही फाटक के कारण होने वाली समस्याओं से निजात मिलेगी। इस कदम से शहर में यात्रा करना अब और भी आसान हो जाएगा।