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कर्नाटक में कड़ा कदम: जबरन वसूली और फायरिंग के आरोप में लारेंस गैंग के तीनों आरोपित होंगे डिपार्ट

चंडीगढ़  कनाडा में मशहूर कमेडियन कपिल शर्मा के कैफे केप्स कैफे पर फायरिंग करने वाले तीन अपराधियों को कनाडा सरकार ने डिपार्ट करने के आदेश जारी कर दिए हैं। अभी इनकी शिनाख्त नहीं बताई गई है। विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह सभी यह कार्रवाई दा कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (सीबीएसए) की तरफ से की गई है। एजेंसी ने ब्रिटिश कोलंबिया में पंजाबी मूल के व्यवसाय मालिकों को निशाना बनाकर चल रहे जबरन वसूली नेटवर्क से जुड़े एक जांच के बाद तीन भारतीय नागरिकों को निर्वासित कर दिया है। 7 नवंबर को घोषित ये निर्वासन, बीसी एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स के तहत किया गया पहला निर्वासन है, जो सीबीएसए, आरसीएमपी और स्थानीय पुलिस एजेंसियों का एक संयुक्त अभियान है। 40 सदस्यीय टास्क फोर्स की स्थापना इस वर्ष के प्रारंभ में प्रांत में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध समूहों के विरुद्ध खुफिया जानकारी और प्रवर्तन प्रयासों के समन्वय के लिए की गई थी। सीबीएसए अधिकारियों के अनुसार, 78 अतिरिक्त विदेशी नागरिक वर्तमान में कनाडा में प्रवेश की संदिग्ध अयोग्यता के लिए आव्रजन जांच के दायरे में हैं, जिनमें जबरन वसूली के मामलों से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों से संभावित संबंध भी शामिल हैं। 2025 की शुरुआत में ब्रिटिश कोलंबिया में जबरन वसूली के मामले तेजी से बढ़े हैं। अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके व्यवसाय मालिकों से क्रिप्टोकरेंसी भुगतान की मांग कर रहे हैं। मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे हिंसा और आगजनी पर उतर आए। सरी, लोअर मेनलैंड और फ्रेजर वैली के कई छोटे व्यवसाय हैं। जिनपर हमले हुए हैं। इनमें सरी का बार-बार निशाना बनाया जाने वाला केप्स कैफे भी शामिल है। हालांकि अधिकारियों ने निर्वासित व्यक्तियों की पहचान, राष्ट्रीयता या गंतव्य का सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया है। लेकिन, कानून प्रवर्तन सूत्रों से पता चलता है कि इस नेटवर्क में शामिल कई पीड़ित और अपराधी पंजाबी मूल के हैं। सीबीएसए ने आगे की जानकारी न देने के कारणों के रूप में परिचालन सुरक्षा संबंधी चिंताओं और आव्रजन एवं शरणार्थी संरक्षण अधिनियम के तहत गोपनीयता प्रावधानों का हवाला दिया। अधिकारियों का कहना है कि यह निष्कासन बीसी के पंजाबी व्यापारिक समुदाय के सदस्यों को निशाना बनाकर हाल ही में हुई हिंसा और धमकी के पीछे के संगठित नेटवर्क को ध्वस्त करने के चल रहे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

खुशखबरी: पंजाब में घर बैठे आसानी से उपलब्ध होंगी ये सेवाएं

कपूरथला प्रशासन ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राज्य में फेसलैस आर.टी.ओ. सेवाएं शुरू की हैं। अब पंजाबी नागरिक अपने घरों में बैठकर ही ड्राइविंग लाइसैंस और वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट से जुड़ी 56 महत्वपूर्ण सेवाएं ऑनलाइन तरीके से प्राप्त कर सकेंगे। अब लोग 1076 पर एक कॉल करके अपना ड्राइविंग लाइसैंस, आर.सी. और अन्य जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। लोगों को भ्रष्टाचार, असुविधा और बिचौलियों से मुक्ति मिल रही है और ऐसा देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी पहली बार हो रहा है। राज्य में पहली बार फेसलैस आर.टी.ओ. सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इस पहल को वास्तव में परिवहन विभाग में एक डिजिटल क्रांति कहा जा सकता है क्योंकि लोगों को अब ये सेवाएं उनके घर-द्वार पर मिलेंगी। ड्राइविंग लाइसैंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र से जुड़ी कुल 56 प्रमुख सेवाओं को अब पूरी तरह से फेसलैस कर दिया गया है। अब नागरिकों को आर.टी.ओ. कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे क्योंकि ये सेवाएं पंजाब भर में स्थापित सेवा केंद्रों के माध्यम से प्रदान की जाएंगी और इन केंद्रों के कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिया गया है। लोगों को आर.टी.ओ. कार्यालयों में काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था और आज के दिन यह असुविधा समाप्त हो रही है, जिससे आम आदमी को काफी लाभ हो रहा है। इस पहल से आम आदमी को होने वाली असुविधा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। यह राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरैंस नीति के अनुरूप है।  इससे पहले राजस्व सुधारों से लोगों को काफी लाभ हुआ है जिससे लोगों को बड़े पैमाने पर सशक्त बनाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा और उनकी सेवाओं का राज्य सरकार द्वारा उनकी योग्यता के अनुसार अन्य विभागों में उचित उपयोग किया जाएगा। पहले लोगों को परेशान करने के लिए रिबन काटे जाते थे, लेकिन अब राज्य सरकार उन्हें व्यापक सुविधा प्रदान करने के लिए कार्यालयों पर ताला लगा रही है। राज्य सरकार ने लोगों की अनावश्यक लूट को रोकने के लिए अब तक पंजाब में 19 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं। इस सुविधा के लागू होने से लोगों को अब आर.टी.ओ. दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। लोग सेवा केंद्रों और 1076 हैल्पलाइन के माध्यम से भी ये सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। अब लर्नर्ज लाइसैंस आधार ई-के.वाई.सी. वेरिफिकेशन के जरिए तुरंत जारी किए जाएंगे, जिससे नए ड्राइवरों के लिए प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है। इसके साथ ही, फैंसी नंबरों की नीलामी प्रणाली भी ऑनलाइन कर दी गई है, जिससे इच्छुक लोग पारदर्शी तरीके से अपनी पसंद के नंबर प्राप्त कर सकेंगे। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान परिवहन विभाग ने कुल 29,23,390 आवेदनों पर कार्रवाई की,जिनमें से 19,63,209 वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट से और 9,60,181 ड्राइविंग लाइसैंस सेवाओं से संबंधित थे। ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि पंजाब सरकार की डिजिटल माध्यम से सेवाएं देने की कोशिश बहुत तेजी से सफल हो रही है।

लुधियाना: दंडीस्वामी मंदिर में 38 दिवसीय भव्य उत्सव, हरिनाम संकीर्तन का 75वां वर्षगांठ भी मनाया जाएगा

लुधियाना  पंजाब के लुधियाना में प्रतिष्ठित श्री सिद्धपीठ श्री दंडी स्वामी मंदिर में 38 दिन तक देश विदेश से संत पधारेंगे। मंदिर में 75वें श्री हरिनाम संकीर्तन एवं गौलोकवासी पंडित श्री जगदीश चंद्र कोमल महाराज के 25वें वरदान दिवस के पावन अवसर महामहोत्सव करवाया जा रहा।  इंद्रेश महाराज 8 व 9 नवंबर को सत्संग करेंगे। उसके बाद संतों का आगमन होता रहेगा। यह धार्मिक महोत्सव 8 नवंबर, शनिवार से शुरू होकर 15 दिसंबर तक श्रद्धाभाव और हर्षोल्लास के साथ चलेगा।यह एक महीने से अधिक समय तक चलने वाला यह धार्मिक आयोजन पंजाब में पहली बार श्री दंडी स्वामी मंदिर में हो रहा है। देश-विदेश के संत करेंगे अमृतवर्षा सिद्धपीठ श्री दंडी स्वामी ट्रस्ट, सेवा परिकर और श्री राधा गोविंद संकीर्तन मंडल (सेवक सिद्धपीठ) की ओर से पंडित राज कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस महामहोत्सव में देश-विदेश के विश्वविख्यात संत, कथा वाचक और संकीर्तनकर्ता पधार रहे हैं। ये सभी अपनी ज्ञान और भक्ति की अमृतवर्षा से भक्तों को सम्मोहित करेंगे। प्रमुख कार्यक्रम और तिथियां * शुभारंभ: 8 और 9 नवंबर को श्री धाम वृंदावन से पधार रहे सुप्रसिद्ध श्री इंद्रेश उपाध्याय जी महाराज के मंगल प्रवचनों से महामहोत्सव का शुभारंभ होगा। * श्री राम कथा: 5 दिसंबर से 13 दिसंबर तक श्री राम कथा का विशेष आयोजन श्री गौर दास जी महाराज द्वारा किया जाएगा। * भव्य शोभा यात्रा: 6 दिसंबर को दोपहर में श्री सिद्धपीठ से भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। समापन महामहोत्सव का समापन 15 दिसंबर को होगा। इस दिन संक्रांति उत्सव, वरदान दिवस और सफला एकादशी का महा प्रसाद भंडारा आयोजित किया जाएगा। प्रवचन एवं संकीर्तन के प्रमुख आकर्षण उत्सव में श्री इंद्रेश उपाध्याय जी महाराज, श्री ज्ञानानंद जी महाराज, श्री कुंज बिहारी दास जी, श्री चित्र-विचित्र जी महाराज, श्री राधा कृष्ण जी महाराज, श्री गौर दास जी महाराज समेत 20 से अधिक विश्वविख्यात संत अपने प्रवचनों और हरिनाम संकीर्तन से भक्तों को लाभान्वित करेंगे। ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुगम व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:

स्कूल स्तर पर कमेटियां बनेंगी, पंजाब में 10वीं की छात्राओं के लिए साइकोमेट्रिक टेस्ट प्रक्रिया शुरू

चंडीगढ़  पंजाब में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली 10वीं की स्टूडेंट्स के साइकोमेट्रिक टेस्ट करवाने की प्रक्रिया शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी। शिक्षा विभाग ने जिला स्तर पर उन कंपनियों से प्रपोजल मांगे हैं जो साइकोमेट्रिक टेस्ट करती हैं।  शिक्षा विभाग ने 10 क्लास की स्टूडेंट के ये टेस्ट 31 मार्च 2025 से पहले करवाने थे लेकिन शिक्षा विभाग स्टूडेंट्स के टेस्ट समय पर नहीं करवा पाया। शिक्षा विभाग ने टेस्ट की प्रक्रिया अब शुरू की है। विभाग का मकसद 10वीं की स्टूडेंट के दिमाग का आंकलन करना है ताकि उनकी योग्यता के हिसाब से उन्हें करियर से संबंधित गाइडेंस दी जा सके। पंजाब की बेटियों की मानसिक क्षमता बढ़ाने, उनके इंटरेस्ट को समझने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. शिक्षा विभाग ने प्रदेश में 10 वीं की छात्राओं के लिए साइक्रोमेट्रिक टेस्ट शुरू किया है, ताकि इन छात्रों को सही करियर तलाशने में मदद मिल सके. पंजाब सरकार के मुताबिक प्रदेश में हाईस्कूल में पढ़ने वाली 93819 से ज्यादा छात्राओं को इस टेस्ट में शामिल किया जाएगा, ताकि वे अपनी ताकत और कमजोरी को पहचान सकें. ये प्रक्रिया अगले एक माह में यानी 31 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी. शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के मुताबिक साइक्रोमेट्रिक टेस्ट के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से 6.56 करोड़ रुपये आवंटित भी किए जा चुके हैं. क्या होता है साइकोमेट्रिक टेस्ट यह एक तरह का मनोवैज्ञानिक परीक्षण है, जो किसी छात्र की क्षमता के बारे में पता लगा जा सकता है, इससे उसकी योग्यता, क्षमता के साथ उसके व्यवहार का भी पता चलता है. पंजाब सरकार का मानना है कि साइक्रेमेट्रिक टेस्ट से छात्राएं आत्मविश्वास के साथ अपना करियर चुन सकेंगीं. अब तक छात्राएं अपनी क्षमता को नहीं परख पातीं और उन्हें करियर में क्या करना है या किस विषय की पढ़ाई करनी है ये नहीं चुन पातीं. इससे उनके करियर पर प्रभाव पड़ता है. क्या है योजना का उद्देश्य साइकोमेट्रिक टेस्ट का उद्देश्य छात्राओं के मानसिक क्षमता को समझना है, ताकि इसके हिसाब से ही उन्हें ये बताया जा सके कि उनके लिए कौन सा करियर सूइटेबल है. शिक्षा मंत्री बैंस के मुताबिक यह एक ऐसा दौर होता है जब छात्राएं कंफ्यूज रहते हैं कि करियर में उन्हें क्या करना है. इसका असर उन्हीं पढ़ाई पर पड़ता है. खास तौर से सरकारी स्कूलों के बच्चों पर, क्योंकि निजी स्कूलों में उन्हें करियर काउंसिलिंग की सेवा मिल जाती है. प्रदेश भर में बनाई गईं समितियां पंजाब सरकार की ओर से योजना को सफल बनाने के लिए जिला स्तरीय समितियों को गठित किया है, जिन्हें जिला शिक्षा अधिकारी लीड करेंगे. योजना को सफल बनाने के जिम्मेदारी इन्हीं समितियों की होगी   कमेटियों की देखरेख में होंगे टेस्ट शिक्षा विभाग ने जिला स्तर पर डीईओ की अगवाई में टीम बनाई है जो कि टेस्ट करने के लिए कंपनियों को हायर करेगी। उसके बाद स्कूल स्तर पर कमेटियां बनेंगी जिनके सामने लड़कियों के टेस्ट करवाए जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारियों ने कंपनियां हायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। लुधियाना में डीईओ ने कंपनियों को 10 नवंबर तक प्रपोजल जमा करवाने को कहा है। 10वीं क्लास के बाद करियर चुनने में कंफ्यूज्ड रहती हैं छात्राएं 10वीं क्लास के बाद यानि 11 वीं क्लास में स्ट्रीम का सिलेक्शन सबसे महत्वपूर्ण होता है। स्ट्रीम सिलेक्शन ही बच्चे के करियर का निर्धारण करता है। रिटायर्ड प्रिंसिपल अनूप पासी का कहना है कि 10 क्लास में अगर बच्चे का आंकलन कर दिया जाए कि वह किस फील्ड के लिए परफेक्ट है तो उसे 11वीं क्लास में स्ट्रीम सिलेक्शन में दिक्कत नहीं आएगी। एससीईआरटी के अधीन करवाए जा रहे हैं टेस्ट छात्राओं के साइकोमेट्रिक टेस्ट करवाने की जिम्मेदारी स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) को सौंपी गई है। इस टेस्ट के लिए सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को टेस्ट की राशि भेज दी गई है। पूरे पंजाब में 90 हजार के करीब छात्राओं का साइकोमेट्रिक टेस्ट किया जाएगा। साइकोमेट्रिक टेस्ट क्या होता है मनोविज्ञान पर आधारित यह एक ऐसा वैज्ञानिक परीक्षण होता है, जिसके जरिए किसी व्यक्ति की व्यक्तित्व, मानसिक क्षमता, रुचि, सोचने-समझने की क्षमता, भावनात्मक संतुलन और व्यवहारिक गुणों को परखा जाता है। यह टेस्ट आमतौर पर दो मुख्य भागों में होता है – एप्टीट्यूड टेस्ट : इससे यह जाना जाता है कि व्यक्ति में किसी विशेष क्षेत्र (जैसे विज्ञान, कला, गणित, प्रशासन आदि) में सफलता पाने की कितनी क्षमता है पर्सनैलिटी टेस्ट : इससे व्यक्ति के स्वभाव, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और सामाजिक व्यवहार का मूल्यांकन किया जाता है। टेस्ट का मकसद छात्रों की करियर गाइडेंस में मदद करना। यह पता लगाना कि स्टूडेंट का झुकाव किस विषय या पेशे की ओर है। भावनात्मक और मानसिक हेल्थ को समझना।

राष्ट्रीय स्तर पर बटाला पुलिस को मिला सम्मान, पूरे देश में हुई तारीफ की वर्षा

बटाला  मौजूदा समय में मोबाइल फोन इंसान के जीवन का अटूट हिस्सा बन गया है, जिसके न होने से एक कमी का एहसास होता है। ऐसे में अगर किसी का मोबाइल फोन गुम या चोरी हो जाए तो स्वाभाविक है कि उस शख्स की चिंता बढ़ जाएगी। मोबाइल फोन चोरी या गुम होने के बाद लगता है कि शायद ही अब यह वापस मिल पाएगा। लेकिन ऐसा नहीं है… क्योंकि पंजाब के बटाला पुलिस ने जो कर दिखाया है उसके लिए पुलिस महकमे को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। बटाला पुलिस ने चोरी व गुम हुए हजारों मोबाइल ढूंढ निकाले और उन्हें उनके असली मालिकों को भी सही सलामत सौंपा।  गुम हुए मोबाइल फोन बरामदगी में शानदार प्रदर्शन के लिए बटाला पुलिस को राष्ट्रीय सम्मान मिला है। पंजाब में बटाला पुलिस जिला पहला पुलिस जिला बना है, जिसने सबसे ज्यादा चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों तक पहुंचाए हैं। करीब एक साल पहले डीजीपी गौरव यादव और स्पेशल डीजीपी साइबर क्राइम के मार्ग दर्शन में बटाला के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में पहले आपका गुम मोबाइल अब वापिस आपके हाथ मुहिम शुरू की थी।  इस मुहिम द्वारा और दूरसंचार विभाग (डीओटी) और भारत सरकार के सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल की मदद से बटाला पुलिस ने 1100 से अधिक गुम हुए मोबाइलों को ट्रेस करके वापिस उनके मालिकों को सौंपे हैं। बरामद किए मोबाइलों की बाजारी कीमत लगभग 2.20 करोड़ लगाई गई है। बटाला पुलिस की इसी सफलता को देखते हुए दूरसंचार विभाग और भारत सरकार ने बटाला पुलिस को सोलन, हिमाचल प्रदेश में आयोजित नार्थ जोन सुरक्षा कान्फ्रेंस के दौरान सुनीता चंद्रा, डायरेक्टर जनरल, दूरसंचार विभाग, भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया। इस मौके पर एसएसपी बटाला सुहेल कासिम मीर ने इस सफलता को अपनी टीम की लगन और जन सहयोग को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि बटाला पुलिस टेक्नोलॉजी द्वारा जनहित में लोगों की सेवा करने लिए बचनबद्ध है और लोगों में अपना विश्वास मजबूत कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि लोग अपने गुम मोबाइलों की रिपोर्ट दर्ज सांझ केंद्र में करवांए और साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन बटाला से संपर्क करें।  

विदेश में चमका पंजाब का लाल! अमृतधारी सिख की उपलब्धि पर जश्न

जालंधर अमेरिका के कनेक्टिकट शहर में हुए स्थानीय चुनावों में जालंधर के स्वर्णजीत सिंह खालसा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर न सिर्फ सिख समुदाय, बल्कि पूरे पंजाब का नाम रोशन किया है। वह कनेक्टिकट के पहले सिख मेयर बने हैं। चुनाव में उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार पीटर नाइस्ट्रम की जगह लेते हुए नॉरविच शहर की कमान संभाल ली है। स्वर्णजीत सिंह ने 2,458 वोट पाकर जीत हासिल की, जबकि उनके मुकाबले ट्रेसी गॉल्ड को 2,250 और स्वतंत्र प्रत्याशी मार्शिया विल्बर को केवल 110 वोट मिले। इस जीत से डैमोक्रेटिक पार्टी को भी नॉरविच में महत्वपूर्ण बढ़त मिली, जहां पहले लंबे समय तक रिपब्लिकन का प्रभाव रहा था।   संघर्ष से नेतृत्व तक का सफर स्वर्णजीत सिंह खालसा का परिवार 1984 के सिख नरसंहार के दौरान विस्थापित हुआ था। बाद में परिवार फिर पंजाब में बसा और फिर स्वर्णजीत 2007 में रोज़गार और अपने नए भविष्य की तलाश में अमेरिका पहुंचे। नॉरविच में उन्होंने शुरुआत में गैस स्टेशन चलाया और बाद में रियल एस्टेट कारोबार में भी पहचान बनाई। 2021 में वह नॉरविच सिटी काउंसिल में चुने गए, जो कनेक्टिकट में किसी सिख समुदाय का पहला प्रतिनिधित्व था। अब 2025 में, वह शहर के मेयर बन गए हैं — यह सिख समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है। लोगों के बीच भरोसा और काम का असर चुनाव प्रचार के दौरान स्वर्णजीत ने स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखा, जिनमें किफायती आवास, स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा, समुदाय में एकजुटता प्रमुख रहे। खालसा अब शहर के बुनियादी ढांचे और डाऊनटाऊन विकास को आगे बढ़ाने के लिए नगर विकास एजैंसी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इससे स्थानीय व्यापारियों, जिनमें पंजाबी और भारतीय समुदाय भी शामिल हैं, के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। उनके समर्थन में न सिर्फ पंजाबी या एशियाई समुदाय आए, बल्कि स्थानीय अमेरिकी परिवारों ने भी उन पर भरोसा जताया। कांग्रेसी सदस्य जो कोर्टनी ने उनके साथ डोर-टू-डोर जाकर प्रचार किया। पहचान और मूल्यों से जुड़ी छवि एक अमृतधारी सिख होने के नाते उन्होंने समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने का काम भी किया। उन्होंने स्कूलों में जाकर बच्चों को सिख इतिहास और पगड़ी की गरिमा के बारे में समझाया और नफरत अपराधों के खिलाफ आवाज उठाई। एफ.बी.आई. भी कर चुकी है सम्मानित स्वर्णजीत सिंह खालसा ने यू.एस. में स्थानीय कानून प्रवर्तन एजैंसियों के साथ मिलकर पुलिस अधिकारियों को सिख धर्म, पगड़ी और किरपान की वास्तविकता व महत्व के बारे में शिक्षित किया। उनके काम के सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए एक अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजैंसी ने उनका नामांकन किया था और उन्हें एफ.बी.आई. लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया।  9/11 के बाद अमेरिका में कई बार सिखों, मुसलमानों और अरब समुदायों को गलत पहचान के कारण निशाना बनाया गया। स्वर्णजीत सिंह खालसा ने न केवल सिखों के लिए, बल्कि उन सभी समुदायों के लिए आवाज उठाई, जिन्हें किसी और की हिंसा और नफरत की कीमत चुकानी पड़ी। अपने अभियानों में वे पुलिस और नागरिकों को बताते रहे हैं कि पगड़ी पहचान है, हथियार नहीं। पगड़ी सिख की शान है, उसकी असल पहचान किरपान कोई हथियार नहीं, बल्कि धार्मिक अनुशासन और सत्य की रक्षा का प्रतीक है।   पिता परमिंदरपाल सिंह खालसा भी हैं राजनीति से जुड़े  बेटे सरवनजीत सिंह के मेयर बनने पर उनके पिता परमिंदरपाल सिंह खालसा बेहद खुश हैं। वह पंजाब में राजनीति से जुड़े हैं। शिरोमणि अकाली दल के जिला यूथ प्रधान से लेकर पार्टी के राष्ट्रीय सीनियर उपाध्यक्ष के पद पर भी वह रहे। राजनीति के साथ-साथ सिख सेवक सोसायटी के साथ मिल कर वह लोक सेवा का काम कर रहे हैं। वह सोसाइटी के भारत में प्रमुख की भूमिका निभा रहे हैं। कोरोना से लेकर पंजाब में बाढ़ के हालात में उनकी सोसाइटी की तरफ से प्रभावित लोगों को हर प्रकार की सहायता दी जा रही है, जिसमें भोजन से लेकर बीज और मकान बना कर दिए जाने की योजना भी शामिल है।  

प्रशासन में हड़कंप! पंजाब में ADC सस्पेंड, मामला पहुंचा सरकार तक

मोगा जिले की डिप्टी कमिश्नर पर सख्त एक्शन लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, पंजाब सरकार ने मोगा की एडीसी और नगर कमिश्नर  चारुमिता पर बड़ी कार्रवाई की गई है। जमीन से जुड़े गबन के आरोपों के बाद पंजाब सरकार ने कार्रवाई करते हुए डीसी चारुमिता को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।  सरकारी आदेशों के अनुसार  उप मंडल मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ज.), मोगा और नगर निगम कमिश्नर मोगा को पंजाब सिविल सेवाएं (सजा एवं अपील) नियम 1970 के नियम 4(1) (a) के तहत सरकारी सेवा से सस्पेंड किया गया है। जानकारी के मुताबहिक, सस्पेंड अवधि में अधिकारी को पंजाब सिविल सेवा नियम, भाग I, धारा 1 के नियम 7.2 के प्रावधानों के अनुसार भत्ते प्राप्त होंगे। निलंबन की अवधि के दौरान, अधिकारी का मुख्यालय चंडीगढ़ रहेगा और वह सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना अपना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। 

पराली जलाने पर अब नहीं बचेगी ढिलाई, राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होगी रेड एंट्री

संगरूर/बरनाला धान की पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्ण रूप से लगाम कसने के लिए, जिला प्रशासन बरनाला हर संभव प्रयास कर रहा है। जिला उपायुक्त (डी.सी.) टी. बेनिथ पिछले एक सप्ताह से रोजाना जिले के विभिन्न गांवों का दौरा कर रहे हैं और पराली जलाने के मामलों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं। इसी कड़ी में जब डी.सी. बरनाला टी. बेनिथ गश्त कर रहे थे, तो उन्होंने गांव पक्खो कलां में खेतों में लगी आग देखी। उन्होंने तुरंत फायर इंजन की मदद ली और स्वयं मौके पर जाकर आग बुझाई। इस दौरान, उन्होंने जोर देकर कहा कि जिला बरनाला में किसी भी कीमत पर आग नहीं लगने दी जाएगी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।   किसानों पर होगी बड़ी कार्रवाई डी.सी. ने स्पष्ट किया कि जो किसान खेतों में आग लगाएंगे, उनके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे: * उनकी 'फर्द' (जमीन के रिकॉर्ड/जमाबंदी) में 'लाल एंट्री' (एक प्रकार का प्रतिकूल या नकारात्मक रिकॉर्ड) दर्ज की जाएगी। * उनका चालान काटा जाएगा। * उनके खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली को आग न लगाएं, बल्कि इसका खेतों में ही उचित प्रबंधन करें, जिससे पर्यावरण को बचाया जा सके। डी.सी. ने कहा कि पराली जलाने पर जीरो टॉलरैंस नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की। उनकी लापरवाही के कारण खेतों में आग लगी, जिसके लिए आज 5 कर्मचारियों को चार्जशीट किया गया है। डी.सी. ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे धान की पराली जलाने के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए जीरो टॉलरैंस नीति का सख्ती से पालन करें। डी.सी. बरनाला ने बताया कि अब तक जिला बरनाला में पराली जलाने के मामलों में 23 पुलिस केस (एफआईआर) दर्ज किए गए हैं। कुल 1.20 लाख रुपए का जुर्माना (चालान) किया गया है। डीसी ने सेखा, झालूर, नंगल, भद्दलवड़, संग्हेड़ा, भोतना, टल्लेवाल, भदौड़, शहना, कोठे गिल, उगोके, ढिलवां, पक्खोके और चीमा सहित कई गांवों का दौरा किया और अधिकारियों व कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें सख्त हिदायतें दीं।

कांग्रेस पार्षदों का प्रदर्शन तेज, नगर निगम लुधियाना में मचा घमासान

लुधियाना  नगर निगम लुधियाना के माता रानी चौक स्थित कार्यालय में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। यह विवाद कांग्रेस पार्षदों और नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर परमदीप सिंह खैहरा के बीच हुआ। मामला विकास कार्यों में कथित लापरवाही और राजनीतिक पक्षपात से जुड़ा बताया जा रहा है। कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि शहर में विकास कार्य ठप पड़े हैं, शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही और आम आदमी पार्टी के हारे हुए उम्मीदवारों के कहने पर ही काम करवाए जा रहे हैं। कांग्रेस पार्षद इंदरजीत इंदी ने आरोप लगाया कि एडिशनल कमिश्नर ने कुछ दिन पहले एक मीटिंग के दौरान उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की बात कही थी। इसी मुद्दे को लेकर सभी पार्षद विरोध दर्ज करवाने पहुंचे थे।   सूत्रों के अनुसार, पहले तो कार्यालय के भीतर कहासुनी हुई, लेकिन जब एडिशनल कमिश्नर बाहर निकले तो कांग्रेस पार्षदों ने उनका घेराव किया। इस दौरान काफी देर तक तीखी नोकझोंक होती रही। बताया जा रहा है कि मीटिंग से जुड़ी जानकारी बी. एंड आर. ब्रांच के एक कर्मचारी द्वारा लीक की गई थी। बाद में कांग्रेसी पार्षदों और अधिकारियों के बीच बैठक हुई, जिसमें पार्षदों ने शहर में सड़कों, पार्किंग और स्ट्रीट लाइटों के कार्यों को जल्द शुरू करने की मांग की।

पंजाब में खौफ का माहौल! शिव सेना नेता को निशाना, फायरिंग में एक की जान गई

होशियारपुर  होशियारपुर शहर के नारायण नगर इलाके में उस समय दहशत फैल गई जब एक कार सवार लोगों ने शिवसेना हिंदुस्तानी के उपाध्यक्ष राजिंदर राणा पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया और वह फरार हो गए। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। घटना के दौरान गोलियां भी चलाई गईं, जिससे एक युवक घायल हो गया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस बारे में स्पष्ट नहीं किया है। जानकारी के अनुसार, पुरानी रंजिश और विवाद के चलते एक पुराने मामले में दो पक्ष अदालत में पेश हुए थे। सुनवाई के दौरान एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया और एक युवक की बुरी तरह पिटाई कर दी। इसके बाद दूसरे पक्ष ने शाम करीब साढ़े पांच बजे नारायण नगर में शिवसेना हिंदुस्तानी के नेता राजिंदर राणा और उनके परिवार को घेर लिया और उनकी कार पर हमला कर दिया। पूरी घटना सी.सी.टी.वी. में कैद हो गई, जिसमें युवक एक सफारी कार से उतरकर पास में खड़ी एक कार में सवार लोगों पर हमला करते नजर आ रहे हैं। भागने के लिए चालक कार को तेजी से भगाकर सूरज नगर पुरानी कॉलोनी की ओर ले गया। हमलावरों ने उनका पीछा किया। कार इतनी तेज़ गति से चल रही थी कि पहले एक ईंट की दीवार से टकराई और फिर बैंक कॉलोनी निवासी एक बुज़ुर्ग महिला को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी और कार चलाने लायक हालत में नहीं थी। कार में सवार लोग कार वहीं छोड़कर भाग गए। बताया जा रहा है कि कार में सवार एक युवक को गोली मार दी गई और वह नजदीक छिप गया था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। पीछा कर रहे हमलावरों की गाड़ी भी मौके से फरार हो गई। मृतक की पहचान बैंक कॉलोनी निवासी जीवन लता (70) के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और निवासियों ने पुलिस से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की।