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मौसम विभाग की चेतावनी: पंजाब में 18 सितंबर तक सतर्क रहें

पंजाब  पंजाब के मौसम को लेकर नई चेतावनी जारी हुई है। दरअसल, मौसम विभाग के निदेशक डॉ. सुरिंदर पाल के अनुसार  राज्य में 17-18 सितंबर को भारी बारिश होने के आसार है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर निचले इलाकों में रहने वालों को बारिश के दिनों में सावधानी बरतने की अपील की गई है। कहा जा रहा है कि फिलहाल बड़े पैमाने पर बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन 17-18 सितंबर को पंजाब भर में तेज बारिश देखने को मिल सकती है।  लोगों को सावधान रहने की अपील  वहीं आपको बता दें कि राज्य में लगातार बारिश रुकने से नदियों और दरियाओं का पानी घटने लगा है। लोगों को कुछ हद तक राहत मिली है। घग्गर दरिया, जो एक हफ़्ता पहले खतरे के निशान से ऊपर बह रहा था, अब नीचे उतरना शुरू हो गया है। इसी तरह टांगरी और मारकंडा नदियों का पानी भी खतरे के निशान से नीचे आ गया है, जिससे बाढ़-प्रभावित इलाकों में काफी सुधार दिखाई दे रहा है। पानी का बढ़ना रुकने से न सिर्फ़ गांवों में लोग अब अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं, बल्कि खेतों से भी खड़ा पानी सूखने लगा है।  इस कारण किसानों में फसल बचाने की उम्मीद जग रही है। प्रशासन ने लोगों को सावधान रहने की अपील की है क्योंकि कमजोर बांध, टूटी हुई सड़कें और कमजोर किनारे अभी भी कभी भी ख़तरा पैदा कर सकते हैं।  राहत टीमें अभी भी मैदान में तैनात हैं। हालांकि बाढ़ का खतरा अब घटता जा रहा है, लेकिन प्रभावित इलाकों में साफ़-सफ़ाई, बीमारियों से बचाव और लोगों के पुनर्वास का बड़ा चुनौतीपूर्ण काम अभी भी सामने खड़ा है। 

मान सरकार ने शुरू किया पंजाब को पटरी पर लाने का मिशन

पंजाब  पंजाब को दोबारा पटरी पर लाने के लिए आम आदमी पार्टी की मान सरकार ने एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। बाढ़ का पानी कई इलाकों से उतर चुका है, लेकिन गांव-गांव में अभी भी सिल्ट, गंदगी और मलबा फैला हुआ है। जनजीवन सामान्य करने और बीमारियों से बचाव के लिए सरकार ने सफाई से लेकर स्वास्थ्य और किसानों की मदद तक का व्यापक प्लान बनाया है। मान सरकार ने कहा है कि 2300 से ज़्यादा गांव और वार्ड में सफाई का महाअभियान चलेगा। हर गांव में जेसीबी, ट्रैक्टर- ट्रॉली और मज़दूरों की टीमें भेजी जा रही हैं। ये टीमें मलबा और सिल्ट हटाएंगी, मरे हुए जानवरों को नष्ट करेंगी और इसके बाद हर गांव में फॉगिंग होगी ताकि कोई बीमारी न फैले। इस काम के लिए ₹100 करोड़ का फंड रखा गया है। हर गांव को तुरंत ₹1 लाख दिया गया है और ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त पैसा भी मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि 24 सितंबर तक गाँवों से मलबा हट जाए, 15 अक्टूबर तक सामाजिक जगहों की मरम्मत पूरी हो और 22 अक्टूबर तक तालाबों की सफाई हो जाए।स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। बाढ़ प्रभावित 2303 गांवों में मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। जिन 596 गांवों में पहले से आम आदमी क्लिनिक हैं, वहाँ ये कैंप चलेंगे। बाकी 1707 गांवों में स्कूल, धर्मशाला, आंगनवाड़ी या पंचायत भवन में कैंप लगेंगे। हर कैंप में डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ और दवाइयाँ मौजूद होंगी। इसके अलावा 550 एंबुलेंस भी तैनात की जा रही हैं, ताकि लोगों को तुरंत इलाज मिल सके। पशुधन को बचाने के लिए भी सरकार ने मोर्चा संभाला है। रिपोर्ट के मुताबिक़ 713 गांवों में करीब 2.5 लाख पशु प्रभावित हुए हैं। इसके लिए वेटनरी डॉक्टरों की टीमें गांवों में पहुंच चुकी हैं। खराब चारा हटाया जा रहा है, किसानों को पोटाशियम परमैगनेट दिया जा रहा है और 30 सितंबर तक सभी प्रभावित पशुओं का टीकाकरण पूरा किया जाएगा। किसानों की सबसे बड़ी चिंता फसल बेचने की है। मान सरकार ने इस बार खरीद जल्दी शुरू करने का फ़ैसला किया है। 16 सितंबर से मंडियों में खरीद शुरू होगी। जिन मंडियों को बाढ़ से नुकसान हुआ है, वहां तेज़ी से सफाई और मरम्मत हो रही है, ताकि 19 सितंबर तक सभी मंडियाँ किसानों की फसल खरीदने के लिए तैयार हो जाएं।मान सरकार का कहना है कि यह सिर्फ़ राहत का काम नहीं, बल्कि पंजाब को दोबारा खड़ा करने का संकल्प है। सरकार ने लोगों से भी अपील की है कि एनजीओ, यूथ क्लब और समाजसेवी संस्थाएँ इस काम में हाथ बंटाएं। पंजाब ने हर संकट में मिलकर लड़ाई लड़ी है, इस समय संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो, जब सरकार अपने लोगों के साथ खड़ी हो—तब हर पंजाबी दिल से कह उठता है, ‘ए मान सरकार साडे नाल खड़ी  

हर मां और बच्चा सुरक्षित: बाढ़ राहत में मान सरकार का मानवीय चेहरा

पंजाब  दशकों के बाद, पंजाब एक बार फिर से बाढ़ जैसी भयानक त्रासदी से जूझ रहा है जिसने पंजाब के लोगों का जीवन तहस नहस कर दिया है। इस मुश्किल घड़ी में, जहां मान सरकार अपने लोगों के साथ एक परिवार की तरह कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उनको जरूरत की हर चीज उपलब्ध करा रही है, वहीं महिलाओं की बुनियादी ज़रूरतों को भी पूरा करने में मान सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है और गर्भवती महिलाओं का भी ख़ास ख्याल रखा है। मान सरकार ने इन महिलाओं की देखभाल के लिए कई ज़रूरी निर्देश भी दिए हैं। आप पार्टी की युवा और महिला विंग ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों – नाभा, पठानकोट, गुरदासपुर और कई अन्य ज़िलों में राहत कार्य तेज़ कर दिए है। कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर राहत सामग्री, राशन पहुंचाया और ख़ास तौर पर महिलाओं और बच्चों की ज़रूरतों का ध्यान रखा। इसके अलावा, फ़िरोज़पुर और फाज़िल्का के राहत शिविरों में महिलाओं को सैनिटरी पैड और मच्छरदानियां भी बांटी गईं। बाढ़ प्रभावित जिलों में तैनात 11,103 से अधिक आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवाइयाँ उपलब्ध करा रही हैं और जल एवं वेक्टर जनित बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ा रही हैं। वे गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग और देखभाल को भी प्राथमिकता दे रही हैं और यह सुनिश्चित कर रही हैं कि नियमित टीकाकरण मे कोई रुकावट ना आए । मान सरकार ने बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों और गर्भवती महिलाओं की सहायता के लिए लगभग 458 रैपिड रिस्पांस टीमें, 360 मोबाइल मेडिकल यूनिट और 424 एम्बुलेंस तैनात कीं और बोट एम्बुलेंस के ज़रिए प्रसव सुविधाएं प्रदान कीं। इतना ही नहीं, सवास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए कई चिकित्सा शिविर भी लगाए और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई। इन शिविरों में प्रसव पूर्व जांच और दवाइयां भी उपलब्ध करावाई गई। गुरदासपुर में, अधिकारियों ने गर्भवती महिलाओं सहित गंभीर रूप से बीमार मरीजों को आपातकालीन स्थिति में निकालने के लिए विशेष रूप से बोट एम्बुलेंस और एक हेलीकॉप्टर तैनात किया है। इन प्रयासों से आठ गर्भवती महिलाओं को बचाया गया है, जिनमें से एक महिला ने बोट पर ही चिकित्सकीय देखरेख में सुरक्षित डिलीवरी की और स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को बचाव कार्यों के लिए सक्रिय किया एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को बचाव कार्यों के लिए सक्रिय किया गया। सतलुज नदी के पास भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाढ़ प्रभावित सीमावर्ती गांवों के निवासियों के लिए स्वास्थ्य विभाग आशा की किरण बनकर उभरा है। सिविल सर्जन डॉ. राजविंदर कौर ने बताया कि पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने विभाग को बाढ़ पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान करने, खासकर संकटग्रस्त गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित निकालने और डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन आदेशों का पालन करते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने टेंडी वाला से मंजीत कौर और कालू वाला से मनप्रीत कौर को सफलतापूर्वक बचाया और उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उन्होंने सुरक्षित रूप से अपने बच्चों को जन्म दिया। गर्भवती महिलाओं के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा निःशुल्क उपलब्ध करवाई गई। सैनिटरी नैपकिन और प्रसूति देखभाल पर काम किया इस चुनौतीपूर्ण समय में स्वास्थ्य विभाग के विशेष चिकित्सा शिविरों ने महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की हैं और प्रभावित परिवारों को हौंसला दिया है। अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक, स्वास्थ्य विभाग इस संकट में समुदाय के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा है और उनका साथ दिया है। इसलिए, आप सरकार की ये पहल स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि उन्होंने महिलाओं की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान दिया है और सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण पहलुओं – जैसे सैनिटरी नैपकिन, प्रसूति देखभाल – पर भी काम किया है, जो इस कठिन समय में महिलाओं के लिए बेहद ज़रूरी हैं। सतलुज नदी के पास के गांवों में चिन्हित 45 गर्भवती महिलाओं में से, पिछले सप्ताह चार डिलिवरियां हुई तीन सरकारी अस्पतालों में और एक निजी पैनल में।  

स्वच्छ पटियाला अभियान तेज़: मेयर कुंदन गोगिया ने बताई मुख्य योजनाएं

राजपुरा पटियाला को एक साफ सुथरा व स्वच्छ वातावरण का शहर बनाने की ओर कदम उठाते हुये नगर निगम ने केंद्रीय जेल के नज़दीक भादसों रोड पर स्थित सैकेंडरी वेस्ट कुलैक्शन करने वाले स्थान को पक्के तौर पर साफ कर कूड़े के डम्प को हटा दिया है। मेयर कुंदन गोगिया व कमिश्नर परमवीर सिंह की अगुवाई में चल रही इस मुहिम के दौरान नगर निगम की सेहत विभाग की टीम की ओर से आज जगह को साफ किया गया है। मेयर कुंदन गोगिया ने कहा कि पटियाला शहर को साफ सुथरा बनाना ही उनकी प्राथमिकता है। इसके लिये निगम पूरी तरह से जुटा हुआ है, निगम की टीम घर घर कूडा इकट्ठा करने के कार्य को और मजबूत कर रही है ताकि शहर में किसी जगह गंदगी ना रहे।

हथियारों का जखीरा पकड़ा गया: पुलिस ने 43 पिस्तौल और 2317 कारतूस जब्त किए

फिरोजपुर  पंजाब में बाढ़ की आड़ में पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी की जा रही है। इसी कड़ी में फाजिल्का पुलिस ने लगातार दूसरे दिन पाकिस्तान से हो रही हथियार तस्करी को नाकाम किया है। शुक्रवार को सीआईए स्टाफ ने गश्त के दौरान गांव थेह कलंदर के निकट दो आरोपियों को दबोचकर उनके कब्जे से 16 पिस्तौल, 38 मैगजीन और 1847 जिंदा रौंद बरामद किए। इससे एक दिन पहले बृहस्पतिवार को पुलिस ने 27 पिस्तौल जब्त की थी। आरोपियों की पहचान गुरविंदर सिंह निवासी गांव झोक डिपुलाना और सोना सिंह निवासी महातम नगर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों बाढ़ का फायदा उठाकर पाकिस्तान से अवैध हथियार ला रहे थे। दो दिनों में लगातार दूसरी बड़ी बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद यह पता लगाया जाएगा कि ये हथियार किन गिरोहों या व्यक्तियों को सप्लाई किए जाने थे और क्या वे पहले भी इस तरह की तस्करी में शामिल रहे हैं। वहीं, बृहस्पतिवार को काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) फिरोजपुर ने स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) फाजिल्का के साथ संयुक्त ऑपरेशन में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक सीमा पार से चल रहे संगठित हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था, जिसमें 27 आधुनिक .30 बोर पिस्टलें और 470 कारतूसों सहित दो हथियार सप्लायर्स को गिरफ्तार किये गये। यह जानकारी पुलिस डायरेक्टर जनरल (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान मंगल सिंह उर्फ मंगली, निवासी तेजा रहेला, फाजिल्का, और गुरमीत सिंह, निवासी ग्राम मुहार जमशेर, फाजिल्का के रूप में हुई। विदेशी संस्था और इसकी भूमिका की जांच जारी डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि हथियारों का यह बड़ा खेप पाकिस्तान से एक विदेशी संस्था के माध्यम से प्राप्त किया गया था और राज्य में आपराधिक गिरोहों द्वारा उपयोग किया जाना था। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपी इन हथियारों को अपने विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर आपराधिक समूहों के संचालकों को पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे। डीजीपी ने बताया कि इस मॉड्यूल में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान करने तथा तस्करी किए गए हथियारों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। इस अवसर पर एआईजी सीआई फिरोजपुर गुरसेवक सिंह बराड़ ने भी ऑपरेशन बारे जानकारी दी।

सामाजिक चुनौतियों का डटकर सामना करने पर जोर: डॉ. ज़ोरा सिंह

समराला देश भगत विश्वविद्यालय गोबिंदगढ़ में कार्यक्रम के दौरान देश और विदेश से आए करीब 100 पीएचडी स्कॉलर्स का स्वागत किया। शुरुआती भाषण चांसलर प्रो. हर्ष सदावर्ती ने कहा कि यह यात्रा न सिर्फ डिग्री हासिल करने के लिए है बल्कि यह ज्ञान की सीमाओं से आगे जाकर अपने-अपने क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए है। उद्घाटन समारोह में कुलाधिपति डॉ. ज़ोरा सिंह और प्रो-चांसलर डॉ. तजिंदर कौर उपस्थित थीं। डॉ. ज़ोरा सिंह ने अपने उद्बोधन में सभी विद्वानों का स्वागत करते हुए उनसे सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हुए खुद को समर्पित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश भगत विश्वविद्यालय शैक्षणिक आकांक्षाओं को हकीकत में बदलने का संस्थान है। डॉ. तजिंदर कौर ने अकादमिक उत्कृष्टता और विद्वत्तापूर्ण गतिविधियों के प्रति विश्वविद्यालय के समर्पण को दोहराया। इस अवसर पर प्रो-वाइस-चांसलर प्रो. अमरजीत सिंह और निदेशक अनुसंधान प्रो अजय गुप्ता ने भी संबोधित किया। शैक्षणिक चर्चाओं के अलावा, कार्यक्रम में आने वाले समूह की विविध प्रतिभाओं का भी जश्न मनाया गया। नव नामांकित पीएचडी स्कॉलर्स गुंजन चन्ना, मनीषा और रश्मि ने प्रभावशाली संगीत और नृत्य प्रदर्शनों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे ओरिएंटेशन में एक जीवंत सांस्कृतिक स्पर्श जुड़ गया। डीन रिसर्च प्रो. हरप्रीत सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया।

बाढ़ प्रभावितों को बड़ी सौगात, दिवाली तक मिलेंगे मुआवजे के चेक – CM भगवंत मान

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अस्पताल से छुट्टी मिलने के एक दिन बाद शुक्रवार को फिर सक्रिय हो गए। उन्होंने बाढ़ राहत कार्यों का आकलन करने और राज्य के क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण की योजनाओं को लेकर बैठकें कीं। उन्होंने कहा, 'मैं पंजाब का मुख्यमंत्री नहीं हूं, मैं दुख मंत्री हूं। मैं राज्य के लोगों के साथ खड़ा हूं, जो बाढ़ के कारण अब तक के सबसे बुरे संकट का सामना कर रहे हैं। दुख साझा करण नाल दुख अद्धा रह जांदा है। 'सीएम ने कहा कि वह बाढ़ प्रभावित लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उनकी सरकार 45 दिनों के भीतर पूरा मुआवजा जारी कर देगी। मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैंने सभी उपायुक्तों को फसल नुकसान की विशेष गिरदावरी पूरी करने, जान-माल के नुकसान, पशुओं की मौत और घरों को हुए नुकसान की रिपोर्ट जल्द देने और उनका सत्यापन करने का निर्देश दिया है, जिससे हम तुरंत मुआवजा देना शुरू कर सकें।' उन्होंने कहा कि चेक दिवाली तक दिए जाएंगे।  उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से मुआवजा देने के काम की निगरानी कर रहा हूं, क्योंकि लोगों को तत्काल राहत की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब फसल नुकसान के लिए सबसे ज्यादा मुआवजा 20 हजार रुपये प्रति एकड़ देगा। उनके साथ राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन और मुख्य सचिव केएपी सिन्हा मौजूद रहे।

बड़ा फैसला: छेड़छाड़ मामले में विधायक लालपुरा को 4 साल की कैद

संगरूर/ तरनतारन  करीब 12 साल पहले अनुसूचित जाति की एक युवती से छेड़छाड़ और उसे प्रताड़ित करने के मामले में तरनतारन की अदालत ने खडूर साहिब से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा और सात अन्य को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रेम कुमार ने आरोपियों को बुधवार को दोषी करार दिया था। एससी/एसटी एक्ट और आईपीसी की विभिन्न धाराआें के तहत लालपुरा के अलावा दविंदर कुमार, सरज सिंह, अश्विनी कुमार, तरसेम सिंह, हरजिंदर सिंह (सभी पुलिसकर्मी), हरविंदर सिंह शोशी और कंवलदीप सिंह को चार साल जेल की सजा सुनाई गई है। तीन अन्य दोषियों को एक-एक साल के कारावास की सजा सुनाई गई। अदालत ने यह भी कहा कि पीड़िता मुआवजे की हकदार है, जिसकी राशि अभी तय नहीं की गई है। मामला उस समय का है जब मनजिंदर सिंह लालपुरा टैक्सी ड्राइवर थे। घटना 3 मार्च 2013 को हुई थी, जब पीड़िता अपने माता-पिता के साथ एक शादी में गई थी। इसी दौरान उसके साथ छेड़छाड़ व मारपीट की गयी। सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया था।

26 सितंबर को सुनाई जाएगी अहम तारीख, सिद्धू मूसेवाला मामले में कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश

मानसा पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में अदालत ने जेल प्रशासन को आरोपियों को फिजिकल तौर पर पेश करने के आदेश जारी किए हैं। अदालत ने 26 सितंबर को मामले के 6 आरोपियों को अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, आज मानसा की सेशन कोर्ट में इस केस की सुनवाई हुई, जिसमें सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह की गवाही शुरू हुई। इस दौरान वे थोड़े भावुक भी हो गए। हत्याकांड के आरोपियों की पहचान के बारे में बात करते हुए बलकौर सिंह ने कहा कि उनकी नजर कमजोर है और वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आरोपियों की पहचान नहीं कर सकते। उन्होंने आरोपियों को अदालत में सामने पेश करने की अपील की। इस अपील को स्वीकार करते हुए अदालत ने आदेश दिया कि आरोपियों को फिजिकली पेश किया जाए। इसके लिए 26 सितंबर की तारीख तय की गई है। इस दौरान संदीप केकड़ा, अंकित सिरसा और दीपक मुंडी समेत 6 आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।

महिला ने उठाया शिवलिंग का मामला, HC में जज ने किया चौंकाने वाला सवाल

पंजाब  पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को हिंदू धार्मिक प्रतीक शिवलिंग के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर दायर एक जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया। याचिका में एक निजी कंपनी द्वारा शिवलिंग को ट्रेडमार्क के रूप में इस्तेमाल किए जाने पर आपत्ति जताई गई थी। मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति संजिव बेरी की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले में अत्यधिक संवेदनशील हो रही हैं। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस ने सुनवाई के दौरान कहा, “आप इन चीजों को लेकर इतने संवेदनशील क्यों हो रही हैं? मैंने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया। यह सालों से चल रहा है। अचानक यह धार्मिक भावनाओं का उफान क्यों? आप जरूरत से जायादा संवेदनशील हो रही हैं।” याचिकाकर्ता मेघना खुल्लर ने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि शिवलिंग जैसे पवित्र प्रतीक का व्यावसायिक उपयोग धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और इसे रोकने के लिए हस्तक्षेप होना चाहिए। इसपर कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों के लिए पहले से ही अपील मंच और कानूनी प्रक्रिया मौजूद है। कोर्ट ने कहा, “इन ब्रांड्स के लोगो होते हैं, जिन्हें अलग-अलग कानूनों के तहत सुरक्षा मिली होती है। आपको वहीं जाना चाहिए। कोर्ट नहीं आना चाहिए।” एएसजी सत्य पाल जैन ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार पहले ही याचिकाकर्ता से कथित व्यावसायिक उपयोग की जानकारी मांगी थी, लेकिन अब तक पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। कोर्ट ने पाया कि शिकायत पहले से ही संबंधित अधिकारियों के पास लंबित है और उस पर कार्रवाई चल रही है। उन्होंने कहा, “ऐसी स्थिति में यह कोर्ट उस प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करना चाहेगा। इस आधार पर याचिका खारिज की जाती है।” हालांकि, हाईकोर्ट ने शिकायत का हल नहीं निकलने की स्थिति में याचिकाकर्ता को पुनः कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की स्वतंत्रता दी है।