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बड़ी सौगात! पंजाब में पोर्टल रीलॉन्च से आया ₹29,480 करोड़ का निवेश और 67,672 नौकरियों का अवसर

चंडीगढ़ पंजाब में निवेश की बयार इन दिनों कुछ ऐसी चल रही है कि हर तरफ विकास और रोज़गार की बातें हो रही हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार के प्रयासों से राज्य में औद्योगिक माहौल पूरी तरह बदल गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक पंजाब में ₹29,480 करोड़ का निवेश आ चुका है, जिससे 67,672 नई नौकरियां पैदा होने का अनुमान है। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि पंजाब अब निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। पिछले ढाई सालों में मान सरकार ने कुल मिलाकर ₹88,000 करोड़ से ज़्यादा का निवेश राज्य में लाया है, जो किसी भी सूरत में एक बड़ी उपलब्धि है। सरकारी प्रवक्ता ने दावा किया कि टाटा स्टील लिमिटेड ने ₹2,600 करोड़, सनातन पॉलीकॉट प्राइवेट लिमिटेड ने ₹1,600 करोड़, और अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनियों ने पंजाब में निवेश किया है। इसके अलावा इंफोसिस ने भी मोहाली में अपने ऑपरेशन को बढ़ाने के लिए करीब ₹300 करोड़ के निवेश की घोषणा की है, जिससे 2,500 सीधी नौकरियां और 210 अप्रत्यक्ष नौकरियां पंजाबियों को मिलेंगी। यह सब मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी नीतियों और उद्योग-समर्थक माहौल का नतीजा है। सरकार ने शुरू से ही यह तय किया था कि पंजाब को उद्योगों के लिए सबसे आसान और पारदर्शी राज्य बनाना है, और इसी दिशा में लगातार काम किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि निवेश प्रोत्साहन पोर्टल को नए सिरे से लॉन्च करना मान सरकार का एक बेहद अहम फैसला साबित हुआ है। इस पोर्टल के रीलॉन्च के बाद प्रोजेक्ट आकर्षण में 167% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है। पहले निवेशकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, फाइलें एक विभाग से दूसरे विभाग में महीनों तक घूमती रहती थीं। लेकिन अब यह पोर्टल एक तरह से वन-स्टॉप सॉल्यूशन बन गया है, जहां निवेशक घर बैठे ऑनलाइन सभी ज़रूरी अनुमति और मंज़ूरी ले सकते हैं। इससे समय की बचत तो हुई ही है, साथ ही पारदर्शिता भी बढ़ी है। अब कोई फाइल अटकती नहीं है, और निवेशकों को पता रहता है कि उनके प्रोजेक्ट की क्या स्थिति है। प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत सभी विभागों की मंज़ूरी एक ही जगह से मिल जाती है। इसके अलावा औद्योगिक भूमि बैंक भी बनाया गया है, ताकि निवेशकों को ज़मीन ढूंढने में परेशानी न हो। राज्य सरकार ने टैक्स में छूट, सब्सिडी, और आसान लाइसेंसिंग की व्यवस्था भी की है। खासकर छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) के लिए कई तरह की सुविधाएं दी गई है, जिससे वे भी बिना किसी रुकावट के अपना काम शुरू कर सके। यह सारे कदम मान सरकार की उस सोच को दर्शाते है, जिसमें लालफीताशाही को खत्म करके काम को तेज़ी से आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब ने सिर्फ ढाई साल में ₹86,541 करोड़ से ज़्यादा का निवेश आकर्षित किया है, जो राज्य की आर्थिक यात्रा में एक बड़ा मील का पत्थर है। यह निवेश अलग-अलग सेक्टर में फैला हुआ है – मैन्युफैक्चरिंग, आईटी और सॉफ्टवेयर, कृषि-आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, और पर्यटन। यह विविधता यह सुनिश्चित करती है कि हर तरह के कौशल वाले युवाओं को रोज़गार मिले। शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों और गांवों में भी उद्योग लग रहे है, जिससे पलायन रुक रहा है और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर बढ़ रहे है। मार्च 2022 से अब तक पंजाब को ₹1.14 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले है, जिससे 4.5 लाख से ज़्यादा रोज़गार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि पंजाब अब वैश्विक निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बन गया है, और जापान, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन जैसे देशों की कंपनियां यहां निवेश करने में दिलचस्पी दिखा रही है। यह सब तभी संभव हुआ है जब सरकार ने ईमानदारी से काम किया है, भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई है, और निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि उनका पैसा सुरक्षित है और उन्हें सभी तरह की सुविधाएं मिलेंगी। पंजाब सरकार ने हाल ही में 24 सलाहकार पैनल भी बनाए है, जो अलग-अलग सेक्टर के विशेषज्ञों से मिलकर बने है। इन पैनलों का काम है उद्योगों को और ज़्यादा बढ़ावा देना, नई नीतियां बनाना, और निवेशकों की समस्याओं को तुरंत हल करना। इस तरह की पहल से यह साफ होता है कि सरकार सिर्फ घोषणाएं नहीं कर रही, बल्कि ज़मीनी स्तर पर काम भी कर रही है। उद्योगपतियों और व्यापारियों ने भी मान सरकार की तारीफ की है और कहा है कि पंजाब में अब काम करना बहुत आसान हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कई बार यह कहा है कि पंजाब के युवाओं को रोज़गार देना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसीलिए हर निवेश प्रस्ताव को मंज़ूरी देते समय यह देखा जाता है कि उससे कितनी नौकरियां पैदा होंगी। वर्तमान वित्तीय वर्ष में आए ₹29,480 करोड़ के निवेश से 67,672 नौकरियां मिलने वाली है, जो पंजाब के हज़ारों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है। यह नौकरियां सिर्फ एक शहर या एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में फैली हुई है। इससे हर ज़िले, हर तहसील के युवाओं को फायदा होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पंजाब में निवेश की यही रफ्तार बनी रही, तो अगले दो-तीन साल में राज्य की आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। पंजाब न सिर्फ रोज़गार के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि देश के औद्योगिक नक्शे पर भी एक अहम जगह बनाएगा। मान सरकार ने जो नींव रखी है, वह मज़बूत है। अब ज़रूरत सिर्फ इस बात की है कि इसी तरह से काम जारी रहे, नीतियां लागू होती रहें, और निवेशकों का भरोसा बना रहे। 

सुबह-शाम बढ़ी ठिठुरन: पंजाब में शुरू हुई सर्दियां, देखें अगले हफ्ते का मौसम हाल

पंजाब  पंजाब में सर्दी का मौसम तेजी से शुरू हो गया है और तापमान में गिरावट पाई जा रही है। सुबह-शाम के समय कोहरा देखने को मिल रही है और ठंडी हवाओं के कारण दिन-ब-दिन ठंड बढ़ रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान तापमान गिरा है जो कि सामान्य तापमान से 9.6 डिग्री कम है।  मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश की संभावना नहीं है और मौसम साफ रहेगा। विभाग द्वारा 13 अक्टूबर तक कोई भी अलर्ट जारी नहीं किया गया है और दिन के समय ठंड बढ़ सकती है। इससे साफ होता है कि पंजाब में सर्दी ने दस्तक दे दी है और ठंडी हवाओं का दौर जारी रहेगा। 

पटाखा व्यापारियों की याचिका: जालंधर में हाईकोर्ट से राहत की उम्मीद

जालंधर  हालांकि दिवाली में अब मात्र 10 दिन का समय शेष रह गया है, लेकिन शहर में पटाखा मार्कीट लगाने को लेकर अब सकारात्मक संकेत मिलते दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इस बार पटाखा मार्कीट पठानकोट चौक के कॉर्नर में पड़ी खाली जमीन पर लग सकती है। यही नहीं, इस प्रस्तावित जमीन के पीछे स्थित करीब दो एकड़ के प्लॉट को भी शामिल कर मार्केट को और बड़ा रूप देने की तैयारी की जा रही है। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो शुक्रवार, 10 अक्टूबर यानी करवाचौथ वाले दिन इस स्थान पर पटाखा मार्केट की दुकानों का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। पिछले करीब दो तीन महीनों से जिला प्रशासन पटाखा मार्केट के लिए नई जगह तलाशने में जुटा हुआ था, लेकिन हर बार किसी न किसी कारण से असफलता हाथ लगी। पटाखा मार्कीट के लिए गांव चोहकां, बेअंत सिंह पार्क, खालसा स्कूल की ग्राऊंड, चारा मंडी वाली जगह, निरंकारी भवन सहित कई स्थानों पर विचार किया गया, परंतु हर जगह कोई न कोई अड़चन आ गई, जिससे प्रशासन कोई ठोस निर्णय नहीं ले सका। इस अनिश्चितता से परेशान होकर पटाखा कारोबारी दो गुटों में बंट गए। एक ग्रुप जिसमें विकास भंडारी, रवि महाजन और बल्लू/बाहरी शामिल हैं, जबकि दूसरे ग्रुप में राणा हर्ष वर्मा और विकास तलवार का नाम लिया जा रहा है। वीरवार को हुई नई डेवलपमेंट के अनुसार अब विकास तलवार ग्रुप भी भंडारी, बल्लू/बाहरी और महाजन ग्रुप के साथ तालमेल बैठाने को राजी हो गया है। इसी बीच जानकारी मिली है कि पटाखा मार्केट के लिए निकाले जाने वाले 20 ड्रॉ की संख्या बढ़ाने और कुछ अन्य मुद्दों पर भंडारी, महाजन, बल्लू/बाहरी ग्रुप ने पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया। वहां इस मामले में एक याचिका दायर की गई, जिस पर अदालत में सुनवाई भी हुई। अदालत ने अब इस याचिका की अगली सुनवाई 13 अक्तूबर के लिए निर्धारित की है। इस याचिका की सुनवाई जस्टिस ए.एस. ग्रेवाल और जस्टिस दीपक मनचंदा की खंडपीठ ने की थी, जबकि अगली सुनवाई अब मुख्य न्यायाधीश की डबल बेंच में होगी।   वहीं, पिछले कुछ दिनों से चल रही खींचतान के बीच राणा हर्ष वर्मा ग्रुप इस बात पर अड़ा हुआ था कि पटाखा मार्कीट की कुछ दुकानें नकोदर रोड स्थित लायलपुर स्कूल की ग्राऊंड में लगाई जाएं। इसको लेकर राणा ग्रुप ने भी पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में एक अलग याचिका दायर कर दी, जिसमें पठानकोट चौक वाली प्रस्तावित जगह का भी हवाला दिया गया। पता चला है कि गत दिन हुई सुनवाई के दौरान राणा हर्ष वर्मा की याचिका को अदालत ने निरस्त (डिसमिस) कर दिया। अदालत में इस दौरान जालंधर पुलिस की ओर से एसपी रैंक के अधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस स्थान को असुरक्षित बताया। चूंकि अभी अदालत का आदेश अपलोड नहीं हुआ है, इसलिए आगे की विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि आगामी 10 दिन पटाखा कारोबारियों के लिए राहत लाते हैं या आफत, और क्या कारोबारी दीवाली से पहले अपने खरीदे गए माल को बेचकर नुकसान से बच पाते हैं या नहीं।

वरिंदर घुमान की मौत ने हिला दिया खेल जगत, परिवार की हालत अभी भी सामने नहीं आई

जालंधर पंजाब के मशहूर बॉडी बिल्डर और अभिनेता वरिंदर सिंह घुम्मन पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। उनका अंतिम संस्कार जालंधर के मॉडल टाउन श्मशान घाट में किया गया, जहां उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा।   परिवारजन बेटे की अर्थी को देखकर फूट-फूटकर रो पड़े। मां का रुदन हर किसी की आंखें नम कर गया — वह रोते हुए बार-बार कह रही थीं, "हाय मेरा वरिंदर पाल मोड़ दो!"। अंतिम यात्रा में कई राजनीतिक हस्तियां और सामाजिक संगठनों के लोग भी मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार, जालंधर के बस्ती शेख स्थित घई नगर के निवासी वरिंदर घुम्मन का निधन अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल में हुआ।   बीते दिन एक छोटे से ऑपरेशन के दौरान उन्हें दो बार दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह अपने बाइसेप्स की मामूली सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती थे। मृतक के समर्थकों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और गलत तरीके से ऑपरेशन करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया। करीब 53 वर्ष की आयु में वरिंदर घुम्मन ने दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनके चाहने वालों के दिलों में उनकी यादें हमेशा जीवित रहेंगी।  

पंजाब की राजनीति गर्माई! सिद्धू-प्रियंका बैठक से बदल सकते हैं समीकरण

चंडीगढ़  नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। वह आज अचानक दिल्ली पहुंचे और प्रियंका गांधी से मुलाकात की। नवजोत सिद्धू ने इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की और मुश्किल वक्त में साथ देने के लिए प्रियंका गांधी और उनके भाई राहुल गांधी का शुक्रिया भी अदा किया। इस मुलाकात को इसलिए अहम माना जा रही है क्योंकि नवजोत सिंह सिद्धू लंबे समय से राजनीति से गायब हैं। वह न तो किसी राजनीतिक गतिविधि में हिस्सा ले रहे हैं और न ही कोई बयान दे रहे हैं। हाल ही में उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने भी 2027 में विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। अब नवजोत सिंह सिद्धू और प्रियंका गांधी के बीच हुई इस मुलाकात के बाद कई तरह की राजनीतिक चर्चाएं फिर से शुरू हो गई हैं। 

पंजाब पुलिस में हड़कंप: SHO पर लगा गंभीर आरोप, महिला आयोग ने की सख्त कार्रवाई

पंजाब पंजाब पुलिस के SHO पर बड़ी कारवाई सामने आई है। फिल्लौर थाने के SHO भूषण कुमार पर नाबालिग बेटी और मां से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगने के बाद SHO की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, महिला आयोग ने इस मामले में SSP को नोटिस जारी किया है। आयोग ने कहा कि नाबालिग बलात्कार पीड़िता के मामले में, जैसा कि सोशल मीडिया पर बताया जा रहा है, SHO भूषण कुमार ने कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता और उसकी मां के साथ गलत हरकतें कीं। पंजाब राज्य महिला आयोग ने एक सख्त नोटिस जारी करते हुए कहा है कि वह पंजाब राज्य महिला आयोग अधिनियम, 2001 की धारा 12 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करके महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के उल्लंघन से जुड़े मामलों का संज्ञान ले सकता है। आयोग ऐसे मामलों को बेहद गंभीरता से लेता है और पंजाब में महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और प्रतिष्ठा की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। आयोग का ध्यान सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो की ओर आकर्षित किया गया है, जिसमें SHO भूषण कुमार ने नाबालिग बलात्कार पीड़िता के मामले में कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता और उसकी मां के साथ अश्लील हरकतें की हैं। पंजाब राज्य महिला आयोग अधिनियम 2001 के तहत वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए लिखा गया है कि नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार और संबंधित एसएचओ द्वारा पीड़िता और उसकी मां के साथ की गई अश्लील हरकतों के स्क्रीनशॉट का लिंक और उसकी प्रति आपको भेजी जा रही है। इस गलत कृत्य के संबंध में, पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी को नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया जाए और संबंधित SHO भूषण कुमार और संबंधित पुलिस उपाधीक्षक को की गई कार्रवाई की स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और 13 अक्टूबर को सुबह 11:00 बजे आयोग के कार्यालय में दोनों पक्षों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

मिस्ट्री में ट्रक ड्राइवर: पंजाब में 221 iPhone गायब, फ्लिपकार्ट ने पुलिस को बताया गंभीर मामला

पंजाब  पंजाब के लुधियाना में ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट के एक ट्रक से करीब 1.21 करोड़ रुपये मूल्य का सामान चोरी हो गया. चोरी हुए सामान में 221 आईफोन, पांच दूसरी कंपनियों के महंगे मोबाइल और अन्य सामान शामिल हैं. कुल 234 पार्सल गायब हुए हैं. इस चोरी में ट्रक चालक और उसके सहायक पर आरोप लगाए जा रहे हैं. गुरुग्राम स्थित एक लॉजिस्टिक फर्म के कर्मचारी ने पुलिस को शिकायत दी है. इस शिकायत में बताया गया कि 10 दिन पहले ही राजस्थान निवासी नासिर को ट्रक ड्राइवर के रूप में काम पर रखा था. नासिर और उसका सहायक ट्रक में 11 हजार से अधिक पार्सल लेकर खन्ना के गोदाम पहुंचाने गए थे. गोदाम में ट्रक छोड़कर ड्राइवर फरार घटना के दिन ट्रक का सहायक अचानक खन्ना के गोदाम में ट्रक छोड़कर फरार हो गया. जब गोदाम में पार्सल स्कैन किए गए, तो पता चला कि 234 पार्सल गायब हैं. फर्म ने तुरंत इस घटना की जानकारी पुलिस को दी. शिकायतकर्ता का दावा है कि नासिर और उसके सहायक ने पूर्व योजना बनाकर यह चोरी की. इस मामले में पुलिस ने ट्रक चालक नासिर और उसके सहायक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस कई जगहों पर छापेमारी कर रही है. पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. पुलिस के अनुसार, चोरी गए पार्सल में ज्यादातर मोबाइल फोन थे. ये सामान महंगे होने के कारण आसानी से बाजार में बेचा जा सकता है. लॉजिस्टिक फर्म का कहना है कि उन्होंने हमेशा अपने ट्रकों और पार्सलों की सुरक्षा पर ध्यान दिया है, लेकिन इस बार ड्राइवर और सहायक ने धोखाधड़ी की. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं में अक्सर कर्मचारियों की भूमिका होती है. ऐसे मामलों में फर्मों को अपनी सुरक्षा और निगरानी और कड़ी करनी चाहिए. चोरी रोकने के लिए ट्रकों में GPS और अन्य निगरानी तकनीक का इस्तेमाल भी किया जाता है. पुलिस ट्रक चालक की तलाश में जुटी पुलिस अब ट्रक चालक और उसके सहायक की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर रही है. जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि चोरी का असली मकसद क्या था और क्या किसी और व्यक्ति ने भी इसमें मदद की थी. पुलिस जल्द ही चोरी हुए सामान की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के बारे में अपडेट देगी.  

हरजोत बैंस का बड़ा कदम: पंजाब के स्कूलों में अब ऐसे होंगे बदलाव

चंडीगढ़ पंजाब के शिक्षा मंत्री और श्री आनंदपुर साहिब हलके के विधायक हरजोत सिंह बैंस ने आज अपने क्षेत्र के लोगों को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने ऐलान किया कि शहर में आधुनिक वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिससे नंगल शहर के लोगों को सतलुज नदी का साफ और शुद्ध पानी मिलेगा। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 16 करोड़ रुपये होगी और अगले 18 महीनों के भीतर लोगों को सतलुज का साफ पानी मिलना शुरू हो जाएगा। हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि 16 करोड़ रुपये के टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इसके तहत 2 नए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे और 4 मौजूदा प्लांटों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे अगले 18 महीनों के भीतर नंगल शहर के हर घर में साफ और शुद्ध पानी पहुंच जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि शहर का भू-जल पीने योग्य नहीं है, और यह बड़ी विडंबना है कि जिस शहर से सतलुज नदी की शुरुआत होती है, वहां के लोगों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।  

CM भगवंत मान के गढ़ में AAP को नुकसान, संगरूर में 8 पार्षदों ने छोड़ा साथ

संगरूर पंजाब के मुख्‍यमंत्री भगवंत मान को उनके अपने ही गृह जिले में तगड़ा झटका लगा है. संगरूर में आम आदमी पार्टी के 8 पार्षदों ने आम आदमी पार्टी (AAP) का साथ छोड़ दिया है. इन पार्षदों ने नगरपालिका के अध्‍यक्ष के प्रति अपनी नाखुशी जताई है. संगरूर नगर परिषद (MC) के आठ पार्षदों (जिनमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी शामिल हैं) ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. इन पार्षदों ने परिषद अध्यक्ष से असंतोष और वरिष्ठ नेताओं के उपेक्षापूर्ण रवैये को अपनी नाराजगी का कारण बताया है. इस्तीफा देने वालों में विनयपाल (वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रीति जैन के पति), उपाध्यक्ष कृष्ण लाल विक्की, हरप्रीत सिंह सेखों, प्रदीप कुमार पुरी, अवतार सिंह तारा, परमिंदर सिंह पिंकी, जगजीत सिंह काला और हरबंस लाल (पार्षद गुरदीप कौर के पति) शामिल हैं. सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और पार्षद विनयपाल ने कहा, ‘हम आठ पार्षद (जिनमें तीन AAP के और पांच निर्दलीय जो बाद में पार्टी में शामिल हुए थे) ने इस्तीफा दे दिया है. नगर परिषद अध्यक्ष विकास कार्यों को नहीं कर रहे हैं और उनका व्यवहार असहनीय हो गया है.’ इसी तरह प्रदीप पुरी ने कहा, ‘हमने मुख्यमंत्री और पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया से अध्यक्ष को हटाने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. हमने करीब पखवाड़े पहले इस्तीफा सौंपा था, अब इसे सार्वजनिक किया है. हम जल्द ही परिषद अध्यक्ष से सदन में बहुमत साबित करने की मांग करेंगे.’ हालांकि, नगर परिषद अध्यक्ष भूपिंदर सिंह नाहल ने दावा किया कि सभी सात मूल AAP पार्षद अब भी पार्टी के साथ हैं. उन्होंने कहा, ‘केवल पांच निर्दलीय, जिन्होंने बाद में पार्टी जॉइन की थी, बाहर गए हैं. वे जल्द लौट आएंगे. नगर में विकास कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं.’ जानकारों के अनुसार, यदि ये असंतुष्ट पार्षद दोबारा पार्टी में नहीं लौटे या AAP बहुमत बनाए रखने में विफल रही, तो नगर परिषद पर उसका नियंत्रण खत्म हो सकता है. गौरतलब है कि संगरूर को AAP का शक्ति केंद्र माना जाता है, जहां से मुख्यमंत्री भगवंत मान और तीन मंत्री (हरपाल सिंह चीमा, बरिंदर कुमार गोयल और अमन अरोड़ा) आते हैं. पिछले वर्ष हुए नगर परिषद चुनाव में AAP को 29 में से केवल सात सीटें मिली थीं. बाद में अप्रैल में पांच निर्दलीय पार्षदों के पार्टी में शामिल होने से उसकी संख्या 12 हो गई थी. वर्तमान में कांग्रेस के पास 9 और बीजेपी के पास तीन पार्षद हैं. वहीं, संगरूर की विधायक नरिंदर कौर भाराज और सुनाम के विधायक अमन अरोड़ा (दोनों AAP के) नगर परिषद में एक्स-ऑफिशियो सदस्य के रूप में मतदान अधिकार रखते हैं. यदि असंतोष दूर नहीं हुआ तो यह झटका संगरूर में AAP की राजनीतिक पकड़ को कमजोर कर सकता है.  

पंजाब पुलिस और BSF ने संयुक्त बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में ICE बरामद की

पंजाब  पंजाब पुलिस और BSF ने संयुक्त बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में ICE बरामद की है। अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने पंजाब सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ मिलकर भैणी राजपूतान गांव के पास एक औचक निरीक्षण के दौरान 3 किलो ICE (मेथामफेटामाइन) बरामद किया। यह जानकारी पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने साझा की।  DGP Punjab ने ट्वीट साझा करके बताया कि पंजाब पुलिस ने बीएसएफ के साथ संयुक्त अभियान चलाते हुए भैनी राजपूतान गांव के पास एक औचक निरीक्षण किया जिस दौरान भारी मात्रा  ICE  बरामद हुई है। घरिंडा पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि, पंजाब पुलिस नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन को तोड़ने नशा मुक्त पंजाब बनाने के लिए वचनबद्ध है।