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बिहार में सत्ता का फॉर्मूला तय? चिराग पासवान बोले- सीएम-Dy CM नामों पर बनी मोटी सहमति

पटना लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दावा किया है कि बिहार में एनडीए की नई सरकार और नीतीश कुमार के बाद बनने वाले मुख्यमंत्री को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के 5 घटक दलों के बीच मोटा-मोटी सहमति बन चुकी है। सोमवार की सुबह दिल्ली से पटना पहुंचे चिराग ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से कहा कि बिहार में नई सरकार को लेकर एनडीए गठबंधन के भीतर सब कुछ लगभग तय हो चुका है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर जल्द ही तस्वीर साफ हो जाएगी। याद दिला दें कि सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा के सांसद चुन लिए गए हैं और 10 अप्रैल या उसके बाद वो दिल्ली में नई पारी शुरू करेंगे। नीतीश के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के किसी नेता के मुख्यमंत्री बनने के प्रबल आसार हैं। चिराग पासवान ने सम्राट चौधरी के नाम को लेकर सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन सकारात्मक तौर पर कहा कि गृहमंत्री के तौर पर उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बड़ी जिम्मेदारी निभाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और किस भूमिका में उनका मॉडल प्रदेश में दिखेगा, यह समय ही बताएगा। पासवान ने हालांकि यह जरूर कहा कि सरकार जिसके भी नेतृत्व में बनेगी, उसमें नीतीश का अनुभव और मार्गदर्शन जरूर रहेगा। चिराग ने कहा कि नई सरकार के गठन को लेकर गठबंधन के भीतर तमाम विषयों पर बातचीत चल रही है। गठबंधन से कौन मुख्यमंत्री बनेगा, कौन डिप्टी सीएम होगा, इसको लेकर चर्चा ही नहीं, बल्कि मोटा-मोटी सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जायेगी। मौजूदा सीएम नीतीश कुमार इस समय राज्य की यात्रा कर रहे हैं, जिनके साथ मंच पर सम्राट चौधरी की केमिस्ट्री ने राजनीतिक अटकलों का बाजार गर्म कर रखा है। नीतीश कई जिलों में समृद्धि यात्रा के मंच पर सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर उनसे जनता को प्रणाम करवा रहे हैं। इसे नीतीश की तरफ से सम्राट के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है, जिनकी नए सीएम के चयन में भूमिका से कोई इनकार नहीं कर रहा है। बिहार में बीजेपी के 89 विधायक और जेडीयू के 85 विधायक हैं। यह संख्या बताता है कि सीएम भले भाजपा का हो, उसका चुनाव भी भाजपा अपने तरीके से करे, लेकिन नीतीश की रायशुमारी उसमें महत्वपूर्ण होगी। नीतीश को 30 मार्च से पहले बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा। राज्यसभा का चुनाव जीतने के बाद उनके पास एमएलसी का पद छोड़ने के लिए 14 दिन का समय था, जिसमें एक सप्ताह बीत चुका है। चर्चा है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के पद से अप्रैल के दूसरे हफ्ते तक इस्तीफा देंगे, जब नई सरकार का गठन होगा। भाजपा और जदयू के नेताओं ने पहले कहा था कि नई सरकार के गठन की बातचीत 26 मार्च के बाद शुरू होगी, जिस दिन यात्रा के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक नीतीश की सभा पटना में होगी।  

राबड़ी देवी को राहत की उम्मीद? लैंड फॉर जॉब मामले में Delhi High Court का CBI को नोटिस

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को एक नोटिस जारी किया। यह नोटिस बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा दायर एक याचिका पर जारी किया गया है। इस याचिका में उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें कथित तौर पर 'रेलवे में जमीन के बदले नौकरी' भ्रष्टाचार मामले में अभियोजन पक्ष द्वारा जिन दस्तावेजों पर भरोसा नहीं किया गया था, उन्हें उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया गया था। मामले की संक्षिप्त सुनवाई के बाद जस्टिस मनोज जैन की एकल-न्यायाधीश पीठ ने सीबीआई से जवाब मांगा और मामले को 1 अप्रैल को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। अपनी याचिका में राबड़ी देवी ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसने उन दस्तावेजों तक पहुंच देने से इनकार कर दिया था जिन पर भरोसा नहीं किया गया था और दिल्ली हाई कोर्ट से उचित राहत मांगी है। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और अन्य आरोपियों द्वारा सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में उन दस्तावेजों की आपूर्ति की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिन्हें अभी तक जारी नहीं किया गया था। राऊज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी, साथ ही अन्य आरोपियों द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 91 के तहत दायर अलग-अलग याचिकाओं को खारिज कर दिया। उन्होंने यह माना कि उन दस्तावेजों की मांग अस्थिर थी और आपराधिक मुकदमे की योजना के विपरीत थी। ट्रायल कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि जिन दस्तावेजों पर भरोसा नहीं किया गया है, उनकी मांग अधिकार के तौर पर नहीं की जा सकती और उन्हें केवल मुकदमे के उचित चरण पर ही मांगा जा सकता है, आमतौर पर तब, जब बचाव पक्ष के सबूत पेश किए जा रहे हों। कोर्ट ने आगे यह भी कहा कि हालांकि आरोपियों को उन दस्तावेजों की सूची पाने का अधिकार है जिन पर भरोसा नहीं किया गया है, लेकिन वे अभियोजन पक्ष के सबूतों की शुरुआत में ही उन सभी दस्तावेज़ों की मांग तब तक नहीं कर सकते, जब तक कि वे उनकी आवश्यकता और प्रासंगिकता को साबित न कर दें। सभी 1,675 ऐसे दस्तावेजों की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि इस तरह के अनुरोध से मुकदमा बाधित होगा और वैधानिक योजना उलट जाएगी। कोर्ट ने कहा कि यह प्रार्थना शुरू में ही मुकदमे को एक उलझन भरे जाल में फंसाने के इरादे से की गई प्रतीत होती है और चेतावनी दी कि ऐसे अनुरोधों को स्वीकार करने से 'कभी न खत्म होने वाली जिरह' शुरू हो सकती है। यह मामला उन आरोपों से संबंधित है कि 2004 और 2009 के बीच रेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान लालू प्रसाद यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रेलवे में नियुक्तियां की, जिसके बदले में उनके परिवार के सदस्यों या उनसे जुड़ी संस्थाओं को जमीन के टुकड़े हस्तांतरित किए गए। सीबीआई के अनुसार, उम्मीदवारों या उनके रिश्तेदारों ने कथित तौर पर बाजार दर से कम कीमतों पर जमीन हस्तांतरित की, जो विभिन्न रेलवे जोन में नौकरियों के बदले में दी गई थी। हालांकि, लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों ने इन आरोपों से इनकार किया है और खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने कहा है कि वे इस मामले को इसके गुण-दोष के आधार पर लड़ेंगे। इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में सीबीआई को एक नोटिस जारी किया। यह नोटिस लालू प्रसाद यादव की ओर से दायर एक याचिका पर दिया गया था, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें इस मामले में आरोप तय करने का निर्देश दिया गया था। जनवरी में ट्रायल कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ आरोप तय किए थे। कोर्ट ने यह टिप्पणी की थी कि ऐसा प्रतीत होता है कि वे एक आपराधिक गिरोह के हिस्से के तौर पर काम कर रहे थे और कथित तौर पर सरकारी नौकरी को अचल संपत्तियां हासिल करने का एक जरिया बना रहे थे।

बड़ा खुलासा: टीएसपीसी के 8 नक्सली दबोचे, पर्दे के पीछे से चला रहा था जोनल कमांडर

हजारीबाग झारखंड के हजारीबाग जिले में प्रतिबंधित तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC) से जुड़े आठ नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से हथियार व गोला-बारूद जब्त किए गए हैं। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि एक सूचना के आधार पर, सुरक्षा बलों ने शनिवार को उरिमारी चौकी क्षेत्र में नक्सलियों को पकड़ा। सदर अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDPO) अमित आनंद ने कहा, ''हमने टीएसपीसी के आठ नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से दो इंसास राइफल, एक देसी पिस्तौल, 130 कारतूस, चार पहिया वाहन और सात मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।'' आनंद ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये नक्सली 12 फरवरी को रामगढ़ जिले के पतरातू में जबरन वसूली के प्रयास के दौरान हुई गोलीबारी की घटना में संलिप्त थे। एसडीपीओ के अनुसार, पूछताछ में नक्सलियों ने बताया कि वे टीएसपीसी के स्वयंभू जोनल कमांडर भीखन गजु और स्वयंभू सब-जोनल कमांडर दिनेश उर्फ ​​रवि राम के निर्देशों पर काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उरिमारी चौकी में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई और सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।  

कठिन राह, अटूट विश्वास: 282 सीढ़ियां चढ़कर होते हैं चिलाय माता के पावन दर्शन

कोटपूतली-बहरोड़ कोटपूतली-बहरोड़ जिले के सरूंड गांव में स्थित चिलाय माता मंदिर स्थानीय श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर लगभग 650 फीट ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है, जहां तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 282 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। मुख्य प्रवेश के बाद सात द्वारों को पार कर भक्त माता के दर्शन करते हैं।  पांडवों से जुड़ी मान्यता स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान की थी। यहां विराजमान चिलाय माता को ग्रामीण क्षेत्रों में रोगों और संकटों से रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।   इतिहास और मान्यताओं का उल्लेख मंदिर के महंत नंदकिशोर शर्मा के अनुसार, मुगल काल में सम्राट अकबर ने इस प्रतिमा की शक्ति की परीक्षा लेने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। बाद में यहां एक गुंबद का निर्माण करवाया गया।   परिसर में अन्य देवस्थल और परंपराएं मंदिर परिसर में एक पीपल का पेड़ स्थित है, जिस पर श्रद्धालु कलावा बांधकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इसके अलावा चौंसठ योगिनियां, भैरू बाबा और शनिदेव के मंदिर भी यहां स्थापित हैं, जिन्हें मुख्य मंदिर की रक्षा करने वाला माना जाता है। यहां माता को मदिरा का भोग लगाने की परंपरा भी प्रचलित है। नवरात्र और मेलों का विशेष महत्व नवरात्र के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अष्टमी और नवमी के दिन विशेष मेला आयोजित होता है, जिसमें दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि सरूंड माता करीब 100 गांवों की रक्षा करती हैं। ग्रामीणों के अनुसार, माता की कृपा से गांव में बीमारियों का प्रभाव नहीं पड़ता। कोरोना काल के दौरान जनहानि नहीं होने को भी इसी आस्था से जोड़ा जाता है। दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सीढ़ियों पर फाइबर शेड और रेलिंग लगाई गई है। पहाड़ी तक सामग्री पहुंचाने के लिए रोप-वे ट्रॉली की व्यवस्था भी की गई है। सरूंड माता को कई समाजों द्वारा कुलदेवी के रूप में पूजा जाता है। जयपुर, दिल्ली, सीकर, अलवर, नारनौल, पाटन और कोलकाता सहित विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर में मुंडन, जात, जलवा और भंडारे जैसे धार्मिक आयोजन भी आयोजित किए जाते हैं।

फिर चमकी बेटियों की प्रतिभा! इंटर परीक्षा में छाईं, देखें साइंस-आर्ट्स-कॉमर्स के जिला टॉपर्स

पटना बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा घोषित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 के परिणाम में इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी। बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर के अनुसार साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स तीनों संकायों में कुल 26 टॉपर्स शामिल हैं, जिनमें 19 लड़कियां हैं। इससे यह साफ है कि इस वर्ष भी छात्राओं का दबदबा कायम रहा। वहीं शिक्षा मंत्री ने कहा कि 86.23 छात्राओं ने परीक्षा पास की है। छात्रों का प्रतिशत 84.19 है। वहीं आर्ट्स और कॉमर्स में छात्रा ने और साइंस में छात्र ने टॉप किया है।  जानिए विज्ञान में कितने टॉपर्स? साइंस संकाय में समस्तीपुर के आदित्य प्रकाश अमन ने 481 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि सीतामढ़ी से साक्षी कुमारी और नवादा से सपना कुमारी (479) संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं। तीसरे नंबर बेगूसराय की अनामिका कुमारी हैं। इन्होंने 478 अंक अर्जित किया है। दरभंगा से सत्यम कुमार चौथे स्थान पर हैं। इन्होंने 476 अंक अर्जित किया है। मुजफ्फरपुर की पलक कुमारी पांचवें नंबर हैं। पलक ने 475 अंक प्राप्त किया है। आर्ट्स में दरभंगा के छात्रों की संख्या अधिक वहीं आर्ट्स संकाय में गया की निशु कुमारी ने टॉप किया और कुल 13 टॉपर्स के साथ यह संकाय सबसे आगे रहीं। निशु ने 479 अंक अर्जित किया। दूसरे नंबर पर तीन छात्र हैं। इनमें सीतामढ़ी की सिद्धि शिक्षा, लखीसराय के चंद्रदीप कुमार और पूर्णिया के लकी अंसारी ने 478 अंक प्राप्त किए। तीसरे स्थान पर चार छात्र शामिल हैं। इनमें पश्चिम चंपारण से नसरीन परवीन, नालंदा से साजिया अंसारी, दरभंगा से निशु कुमारी, सहरसा से आदर्श ने 477 अंक प्राप्त किए। वहीं चौथे नंबर पर दो छात्र शामिल हैं। इनमें सीवान की अमृता कुमारी और दरभंगा की स्वीटी कुमार शामिल हैं। इन दोनों को कुल 476 अंक मिले। पांचवे नंबर पर तीन छात्र शामिल हैं। इनमें अररिया की बीबी असराना, सारण की रौशन कुमारी और दरभंगा के मनीष कुमार शामिल हैं। इन तीनों को 475 अंक आए। कॉमर्स में पटना की बेटियों का दबदबा वहीं कॉमर्स संकाय पटना की अदिति कुमारी ने टॉप किया। इन्हें पटना 480 अंक आए। इनके बाद पटना की माही कुमार दूसरे नंबर पर रहीं। इन्हें 476 अंक आए। तीसरे स्थान पर भी पटना की बेटी ने बाजी मार ली। 475 अंकों के साथ निशिका श्री तीसरे नंबर पर रहीं। वहीं चाैथे नंबर पर दो छात्रा शामिल हैं। वैशाली की मानवी कुमारी और नवादा की श्रेया कुमारी को 474 अंक प्राप्त हुए। पांचवें नंबर पर फिर से पटना की ही बेटियों का दबदबा रहा। इनमें वारिशा नौशाद और हर्षिका शामिल हैं। दोनों 472 अंक मिले हैं।

Bihar Board 12th Result 2026: बिहार बोर्ड इंटर रिजल्ट में 85.19% पास, आर्ट्स और कॉमर्स में लड़कियों ने मारी टॉपिंग

पटना Bihar Board Inter Result 2026 Declared: बिहार बोर्ड के 13 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों का इंतजार खत्म हो गया है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने आज दोपहर 12वीं (इंटर) का रिजल्ट आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया. छात्र अपना स्कोरकार्ड बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट results.biharboardonline.com पर देख सकते हैं।  लड़कियों ने फिर मारी बाजी  प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल भी छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों की तुलना में बेहतर रहा है. तीनों संकायों (आर्ट्स,  कॉमर्स, साइंस) को मिलाकर कुल 13.17 लाख (13,17,846) छात्र परीक्षा में बैठे थे, जिनमें से 86.23 प्रतिशत छात्राएं पास हुई हैं. आर्टस कॉमर्स ने छात्राओं ने और साइंस में छात्र ने पास किया है।  टॉपर्स को मिलेगा इनाम बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि कुल 26 टॉपर्स में 19 छात्राएं हैं. राज्य स्तर पर टॉप करने वाले छात्रों को नकद पुरस्कार, लैपटॉप और किंडल ई-बुक रीडर देकर सम्मानित किया जाएगा. साइंस स्ट्रीम में एक लड़के ने टॉप किया है, जबकि आर्ट्स और कॉमर्स में लड़कियां अव्वल रही हैं।  रिजल्ट में लड़कों पर लड़कियां भारी राज्य में छात्राओं का पास प्रतिशत 86.23% रहा, जो छात्रों के 84.09% से अधिक है। यह आंकड़ा साफ तौर पर दिखाता है कि शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। 26 टॉपर्स में से 19 छात्राएं टॉपर्स की बात करें तो कुल 26 टॉपर्स में से 19 छात्राएं हैं, जो यह साबित करता है कि मेधा सूची में भी बेटियों का दबदबा कायम है। इन सभी टॉपर्स को सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। किस संकाय में किसने किया टॉप बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि समस्तीपुर के आदित्य प्रकाश अमन ने साइंस संकाय में टॉप किया है। उन्होंने 481 अंक प्राप्त किया। यह कुल अंकों का 96.20 प्रतिशत है। वहीं साक्षी कुमार (सीतामढ़ी) और सतना कुमारी (नवादा) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इन दोनों ने 479 अंक प्राप्त किया है। कला संकाय में गया जिले की निशु कुमारी ने टॉप किया है। उन्होंने 479 अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया है। इस प्रकार यह कुल अंकों का 95.1 प्रतिशत है। इसके साथ ही सीतामढ़ी की सिद्धि शुक्ला और लखीसराय की चंद्रदीप कुमार ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है।   Bihar Board 12th Result 2026: ऐसे रिजल्ट करें चेक?  सबसे पहले results.biharboardonline.com पर जाएं. होमपेज पर 'Intermediate Annual Examination 2026' के लिंक पर क्लिक करें. अपना Roll Code और Roll Number दर्ज करें. कैप्चा कोड भरकर 'View' पर क्लिक करें. आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी, इसे PDF में सेव कर लें. स्क्रूटनी और कंपार्टमेंटल परीक्षा का विकल्प जो छात्र अपने प्राप्तांकों से संतुष्ट नहीं हैं या उन्हें लगता है कि उनकी कॉपी ठीक से नहीं जांची गई, वे दी गई डेट पर बोर्ड की वेबसाइट पर 'स्क्रूटनी' के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. इसके अलावा, जो छात्र एक या दो विषयों में फेल हो गए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है. बोर्ड उनके लिए 'कंपार्टमेंटल एग्जाम' आयोजित करेगा, जिससे उनका साल खराब होने से बच जाएगा. अभी कंपार्टमेंट एग्जाम की तारीखें घोष‍ित नहीं की गई हैं। 

तबाही के बाद नहीं थमा संकट, मौसम विभाग ने जारी किया 48 घंटे का अलर्ट

पटना बिहार में शुक्रवार को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने कई जिलों में भारी असर डाला। अचानक बदले मौसम ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। शनिवार को मौसम कुछ हद तक सामान्य जरूर हुआ, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। फिर एक्टिव होगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस India Meteorological Department (IMD) के अनुसार 26 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर बिहार में भी देखने को मिलेगा। 26 और 27 मार्च के लिए येलो अलर्ट जारी तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। इन इलाकों में ज्यादा असर की संभावना। मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च को उत्तर बिहार, कोसी-सीमांचल और पूर्वी हिस्सों में असर 27 मार्च को लगभग पूरे राज्य में आंधी-बारिश की संभावना है। सीमांचल में सबसे ज्यादा नुकसान हालिया तूफान का सबसे ज्यादा असर सीमांचल क्षेत्र में देखा गया। कई जगहों पर हवाएं 70 किमी/घंटा तक चलीं। Araria में घरों और दुकानों को नुकसान। पेड़ उखड़े, दीवार गिरने से जानमाल की हानि। इसके अलावा Kishanganj, Purnia, Supaul और Katihar में भी तेज हवाओं और बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। तीन दिन राहत, फिर बढ़ेगी गर्मी मौसम विभाग का अनुमान है कि 23 से 25 मार्च को मौसम साफ रहेगा। तापमान में 3-4°C तक बढ़ोतरी हो सकती है।इसके बाद फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। बीते 24 घंटे में बारिश का हाल पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। Samastipur, Begusarai और Katihar में भारी बारिश। कल कैसा रहेगा मौसम? रविवार को नेपाल सीमा से सटे इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम सामान्य रह सकता है।

31 मार्च डेडलाइन! ये जरूरी प्रक्रिया न की तो बंद हो सकती है आपकी पेंशन

पटना बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे लाखों लाभार्थियों के लिए प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है। सभी पेंशनधारियों को आगामी 31 मार्च 2026 तक अपना 'जीवन प्रमाणन' कराना अनिवार्य कर दिया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी न करने वाले लाभार्थियों की पेंशन तत्काल प्रभाव से रोक दी जाएगी। बांका में 72 हजार से अधिक आवेदन लंबित प्रशासन का यह कदम सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने और मृत व्यक्तियों के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उठाया गया है। बांका जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 2,52,911 पेंशनधारी पंजीकृत हैं। सेवा केंद्रों के माध्यम से 22 दिसंबर 2025 से निःशुल्क प्रमाणीकरण की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 1,80,821 लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है, लेकिन अभी भी 72,390 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित है। इसके अलावा, 2,638 ऐसे मामले हैं जहां आधार मैपिंग की समस्या आ रही है। इन 6 प्रमुख योजनाओं पर लागू होगा नियम जीवन प्रमाणन की यह प्रक्रिया निम्नलिखित योजनाओं के लाभार्थियों के लिए अनिवार्य है:     मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना     इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना     विधवा पेंशन योजना     निःशक्तता (दिव्यांग) पेंशन योजना     लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना     अन्य राजकीय सामाजिक सुरक्षा योजनाएं गलत जानकारी पर होगी कड़ी कार्रवाई जिलाधिकारी (DM) नवदीप शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी जीवित व्यक्ति को गलत तरीके से मृत घोषित कर उसकी पेंशन बंद की जाती है, तो इसकी उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी। वहीं, मृत पेंशनधारियों के मामले में परिजनों से लिखित पुष्टि अनिवार्य की गई है। पुष्टि न होने की स्थिति में पेंशन अस्थायी रूप से बंद कर इसकी सूचना पंचायत भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा की जाएगी।

सीएम नीतीश कुमार ने बिहार दिवस पर दी शुभकामनाएं, विकास का दोहराया संकल्प

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार दिवस पर प्रदेश एवं देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है और वर्तमान में अपने निश्चय से बिहार का गौरवशाली भविष्य तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि बिहारवासी आपसी एकता, भाईचारा, सामाजिक समरसता एवं सछ्वाव बनाए रखते हुए बिहार के गौरव को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाएंगे। मुख्यमंत्री ने समृद्ध बिहार के संकल्प को पूरा करने के लिए समस्त बिहारवासियों का आह्वान किया है। 

शिवहर ने मारी बाजी: ई-KYC और VBG राम जी योजना में हजारों मजदूर जुड़े

शिवहर. शिवहर जिले ने जिले के कुल 72 हजार 193 मजदूरों का ई-केवाइसी करा 83.14 प्रतिशत उपलब्धि के साथ बिहार में पहला स्थान प्राप्त किया है। 13 दिसंबर 2025 को शिवहर जिला 56.28 प्रतिशत उपलब्धि के साथ राज्य में 15 वें स्थान था। शिवहर में योगदान के साथ ही जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने पूरी ताकत झोंक दी। जिलाधिकारी के लगातार निरीक्षण, अनुश्रवण एवं मार्गदर्शन के बाद शिवहर जिला अब बिहार में पहले स्थान पर पहुंच गया है। 83.14 प्रतिशत सक्रिय मजदूरों का हो चुका ई-केवाइसी जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने बताया है कि शिवहर जिले में 83. 14 प्रतिशत सक्रिय मजदूरों का ई-केवाइसी हो चुका है। जिले में कुल 86 हजार 830 सक्रिय मजदूर है। इनमें 72 हजार 193 मजदूरों का ई-केवाइसी कराया जा चुका है। बताया कि वीबी जी राम जी के तहत उन्हीं को काम मिलेगा। जिनका ई-केवाइसी होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि कोई भी मौजूद मजदूर ई-केवाइसी से वंचित नहीं रहे। अन्यथा उनको बीवी जी राम जी के तहत काम मिलने में कठिनाई होगी। इसका पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जा रहा है ताकि कोई मजदूर छूटे नहीं। घर-घर जाकर किया जा रहा ई-केवाइसी बताया कि ई-केवाइसी के लिए प्रारंभ में पंचायत स्तर व फिर वार्ड स्तर पर कैंप लगाया गया था। अब कर्मी मनरेगा मजदूरों के घर-घर जा रहे हैं तथा उनका ई-केवाइसी कर रहे हैं। कुछ मजदूर अस्थायी रूप से बाहर रह रहे हैं, उनके परिवार के सदस्यों से उन्हें बुलवाकर ई-केवाइसी कराने को भी कहा जा रहा है। आवास सर्वे में शामिल लोगों व मजदूरों का भी ई-केवाइसी किया जा रहा है। अच्छे काम करने वाले कर्मचारियों को किया गया सम्मानित जिलाधिकारी प्रतिभा रानी द्वारा बताया गया कि ई-केवाइसी का कार्य बढ़ाने के लिए उप विकास आयुक्त बृजेश कुमार तथा निदेशक, एनईपी डीआरडीए हरि मोहन कुमार को निदेश दिया गया है। बताया कि विगत दिनों अच्छे कार्य करने वाले कर्मी एवं पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया है। पुनः भविष्य में बेहतर काम करने वाले पदाधिकारी व कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारी और कर्मी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।