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वन भूमि विवाद पर हाई कोर्ट सख्त, सबूतों के अभाव में CBI जांच की मांग खारिज

 रांची झारखंड हाई कोर्ट ने कथित 450 एकड़ वन भूमि की अवैध बिक्री और कब्जे के मामले में दायर जनहित याचिका का निपटारा करते हुए सीबीआइ और ईडी से जांच कराने की मांग ठुकरा दी। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता शिव शंकर शर्मा के आरोप अधिकांशतः अतिरंजित और अपुष्ट है। साथ ही उनकी विश्वसनीयता पर भी पहले से सवाल उठ चुका है। इसलिए केवल आरोपों के आधार पर सीबीआई या ईडी जांच का आदेश नहीं दिया जा सकता। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि वन विभाग और अन्य सक्षम प्राधिकारियों ने याचिका दायर होने से पहले ही कथित अतिक्रमण और वन भूमि के हस्तांतरण की जांच शुरू कर दी थी तथा जहां अनियमितताएं मिली, वहां कार्रवाई भी की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि याचिकाकर्ता द्वारा 450 एकड़ वन भूमि के अवैध हस्तांतरण का दावा सही नहीं है। खंडपीठ ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता वन अधिकारियों और अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोपों का कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। रिकॉर्ड से यह भी स्पष्ट हुआ कि कथित बिक्री विलेखों में वन विभाग द्वारा कोई एनओसी जारी नहीं किया गया था। अदालत ने कहा कि इस मामले में जांच एजेंसियों की निष्क्रियता या पक्षपात का कोई प्रमाण नहीं है, इसलिए सीबीआइ या ईडी जांच का कोई औचित्य नहीं बनता। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आदेश किसी भी आरोपित को क्लीन चिट नहीं है और लंबित कानूनी कार्रवाई कानून के अनुसार जारी रहेगी। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता की साख और मंशा पर गंभीर सवाल उठाया है। सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान नहीं होने पर मांडर कालेज के प्राचार्य तलब झारखंड हाई कोर्ट ने व्याख्याता की मृत्यु के पांच वर्ष बाद भी मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मांडर कालेज की ओर से लगातार दो सुनवाई में कोई पक्ष नहीं रखे जाने और भुगतान संबंधी जानकारी नहीं देने पर कॉलेज के प्राचार्य को सात अगस्त को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि उनके पति मांडर कालेज में व्याख्याता थे और वर्ष 2021 में उनका निधन हो गया था। हाई कोर्ट ने वर्ष 2024 में पंचम, छठे और सप्तम वेतनमान सहित सभी बकाया लाभ देने का आदेश दिया था। बाद में उच्च शिक्षा विभाग ने वेतनमान संबंधी बकाया राशि का भुगतान कर दिया, लेकिन मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ अब तक नहीं दिया गया। इस पर अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए प्राचार्य की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

बिहार में MSME को बड़ा बढ़ावा, निवेशकों को 5 करोड़ तक सब्सिडी मिलेगी

पटना  बिहार एमएसएमई नीति-2026 का प्रारूप (मसौदा) जारी कर दिया गया है। इसके अंतर्गत अगले पांच वर्षों में एक करोड़ एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग) इकाइयों का पंजीकरण, एक करोड़ से अधिक रोजगार सृजन के साथ 500 एमएसएमई इकाइयों को वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़ने का लक्ष्य है। कोसी, भागलपुर, मुंगेर और पूर्णिया परिक्षेत्र में चार टेक्नोलॉजी एवं एक्सटेंशन सेंटर स्थापित होंगे। इसके साथ ही प्रतिवर्ष एक लाख उद्यमियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इच्छुक व्यक्ति इस मसौदा पर 15 दिनों के भीतर अपना सुझाव ई-मेल से दे सकते हैं। सुझावों के आधार पर नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। बिहार को पूर्वी भारत का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाना उद्देश्य इस नीति का मूल उद्देश्य बिहार को पूर्वी भारत का प्रमुख औद्योगिक और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) केंद्र बनाना है। इसमें निवेशकों के लिए अनुदान का विशेष प्रविधान है। उद्यमियों को ए श्रेणी के जिलों में 25 प्रतिशत और बी श्रेणी के जिलों में 30 प्रतिशत पूंजी सब्सिडी मिलेगी। सूक्ष्म उद्यमों को अधिकतम 25 लाख, लघु उद्यमों को 1.5 करोड़ और मध्यम उद्यमों को अधिकतम पांच करोड़ रुपये तक की पूंजी सब्सिडी मिलेगी। महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा, अति-पिछड़ा, दिव्यांग और मंगलामुखी उद्यमियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त पूंजी अनुदान मिलेगा। नैनो और मेगा एमएसएमई पार्क बनेंगे   प्रत्येक जिले में नैनो और मेगा एमएसएमई पार्क बनाए जाएंगे। 10 से 20 एकड़ क्षेत्र में नैनो पार्क तथा 20 एकड़ से अधिक क्षेत्र में मेगा पार्क होंगे। इसके अलावा कामन फैसिलिटी सेंटर, हेरिटेज क्लस्टर, परीक्षण प्रयोगशालाएं और प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक ढांचा विकसित किया जाएगा। एक्सपोर्ट सेल बनेगा   बिहार के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए एक्सपोर्ट सेल, खरीदार-विक्रेता सम्मेलन और ई-कॉमर्स नेटवर्क भी मजबूत होगा। एमएसएमई मित्र और उद्योग सलाहकार नियुक्त होंगे प्रत्येक जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) में एमएसएमई केंद्र स्थापित होंगे। प्रखंड स्तर पर एमएसएमई मित्र और पंचायत स्तर पर उद्योग सलाहकार नियुक्त होंगे। ये उद्यमियों को उद्योग स्थापना, वित्तीय सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। एमएसएमई हेल्पलाइन, डिजिटल पोर्टल, मोबाइल ऐप और चैटबॉट डेवलप होंगे। महत्वपूर्ण प्रविधान     नई इकाइयों को पहले तीन वर्षों तक कर्मचारियों के ईपीएफ में नियोक्ता अंशदान की प्रतिपूर्ति     तीन वर्ष तक बिजली शुल्क पर 20 प्रतिशत अनुदान     रूफटॉप सोलर संयंत्र पर 25 प्रतिशत (अधिकतम पांच लाख रुपये), ऊर्जा एवं जल आडिट पर 75 प्रतिशत (अधिकतम एक लाख रुपये) तथा स्टाम्प ड्यूटी की शत प्रतिशत प्रतिपूर्ति     एसजीएसटी की 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति छह वर्षों तक     निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रति वर्ष अधिकतम 20 लाख रुपये की सहायता  

पूर्वी चंपारण में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश

पूर्वी चंपारण बिहार के पूर्वी चंपारण में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने जिल में एक करोड़ रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। जाली नोट मिलने से पुलिस के कान खड़े हो गए हैं। दरअसल पुलिस ने यहां कोटपा प्रखंड में भोपतपुर थाने के वीरती टोला गांव में छापा मारा था। इस रेड में डीआईयू टीम के साथ पांच थानों की पुलिस शामिल थी। पुलिस की दबिश के बाद यहां से भारी मात्रा में जाली नोट मिले। छापेमारी में जाली नोट के साथ-साथ सोना के 38 बिस्किट और 13 लाख रुपए नकदी भी बरामद कि है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने मौके से अवैध हथियार, कारतूस और गाड़ी भी जब्त की है। पुलिस की इस रेड से इलाके में हड़कंप मच गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रेड से पहले भोपतपुर कल्याणपुर इलाके की पुलिस ने घेराबंदी कर दी थी ताकि कोई भी वहां से भाग नहीं सके। इसके बाद पुलिस ने 5 संदिग्ध लोगों को हिरासत में भी लिया। इन सभी से पुलिस फिलहाल पूछताछ कर रही है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस रेड के बाद पुलिस ने जाली नोट के मुख्य सरगना सुलेमान अंसारी को भी पकड़ा है। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि वो जाली नोट के धंधे के साथ-साथ असली और नकली सोने के फेरबदल के धंधे में भी शामिल था। यह भी कहा जा रहा है कि जांच टीम इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर भी जांच कर रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि जाली नोट का सोर्स क्या है? मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई SDPO सदर-1 एवं सदर-2 जितेश पांडेय के नेतृत्व में की गई थी। अभियान में दो प्रशिक्षु डीएसपी, पांच थानों की पुलिस, जिला आसूचना इकाई (DIU) और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस टीम ने कई घंटों तक अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली और संदिग्ध सामान को अपने कब्जे में लिया। पुलिस इसकी जांच-पड़ताल मेें जुटी है। यह भी कहा जा रहा है कि जाली नोट के धंधे से जुड़े लोग आम तौर पर लोगों का भरोसा पहले जीतते थे। इसके बाद वो कथित तौर पर पहली बार लोगों को नकली की जगह असली नोट दिया करते थे। जब कोई शख्स इन शातिरों पर भरोसा कर लेता था तब वो उसे असली नोट के बदले जाली नोट दे दिया करते थे। हालांकि, पुलिस अभी इसकी जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।

पारा शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, 7304 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन इसी महीने संभव

रांची  राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में पारा शिक्षकों (सहायक अध्यापकों) के लिए आरक्षित 7304 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी. इसके लिए मंगलवार को कार्मिक विभाग ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को अधियाचना भेज दी. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग इस माह के अंत तक नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित करेगा. सितंबर तक परीक्षा और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है. राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति में पारा शिक्षकों के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित हैं. शिक्षकों की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले माह राज्य सरकार को पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित रिक्त पदों पर नियुक्ति करने का आदेश दिया था. 50% पदों पर सिर्फ पारा शिक्षकों से आवेदन अदालत ने राज्य में सहायक शिक्षकों और सहायक आचार्यों के कुल रिक्त पदों में से 50 प्रतिशत पद विशेष रूप से पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित करते हुए चार सप्ताह के भीतर अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया था. अदालत ने स्पष्ट किया था कि इन पदों के लिए केवल पारा शिक्षकों से ही आवेदन आमंत्रित किए जाए. वरिष्ठता नहीं, परीक्षा के आधार पर होगी बहाली दरअसल पारा शिक्षकों ने वरिष्ठता के आधार पर अपनी सेवाओं को सरकारी शिक्षक के रूप में नियमित करने की मांग की थी. शीर्ष अदालत ने उनकी सेवाओं को नियमित करने संबंधी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि ऐसा करना भर्ती का एक नया तरीका तैयार करना होगा, जो कानूनन सही नहीं होगा. हालांकि, न्यायालय ने शिक्षा विभाग को रिक्त पदों पर पारा शिक्षकों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया था. इसके बाद विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है. नियुक्ति के लिए पारा शिक्षकों को सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली, 2022 के तहत परीक्षा देनी होगी. नियमावली के अनुरूप उन्हें आयु सीमा में भी छूट दी जायेगी. परीक्षा कुल 400 अंकों की होगी. नियुक्ति के लिए पद श्रेणी    सीधी नियुक्ति    बैकलॉग नियुक्ति कक्षा 1 से 5    1,909    847 कक्षा 6 से 8    4,197    351 कौन शामिल हो सकेंगे परीक्षा में? परीक्षा में वही पारा शिक्षक शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटीइटी) उत्तीर्ण की है. कक्षा एक से पांच और छह से आठ के लिए अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित की जायेंगी. कक्षा छह से आठ के लिए तीन विषयों में स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति होगी. इनमें गणित एवं विज्ञान, भाषा तथा सामाजिक विज्ञान विषय शामिल हैं. अब तक 13 हजार पारा शिक्षक बन चुके हैं सरकारी शिक्षक राज्य में अब तक लगभग 13 हजार पारा शिक्षक सरकारी शिक्षक बन चुके हैं. राज्य में 26 हजार सहायक आचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है. इनमें 13 हजार पद पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित हैं. वर्तमान नियुक्ति प्रक्रिया में अब तक लगभग सात हजार पारा शिक्षक सरकारी शिक्षक बने हैं. इनमें गैर-पारा शिक्षक श्रेणी के पदों पर चयनित अभ्यर्थी भी शामिल हैं.

मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत कई जिलों में अगले चार दिन बारिश के आसार

  पटना बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून को प्रवेश किए एक हफ्ता गुजर चुका है पर इस दौरान छिटपुट बारिश ही दर्ज की गई है। झमाझम बारिश के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। मौसम विभाग पटना के मुताबिक बुधवार को पटना समेत 19 जिलों में एक या दो स्थान पर, जबकि बाकी जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है। 4-5 दिनों में राज्य के अनेक स्थानों के तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी का पूर्वानुमान है। मंगलवार को पटना में हल्की बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया। बुधवार को एक या दो स्थानों पर बारिश के बाद दूसरे दिन पटना समेत 14 जिलों में मौसम का रुख सख्त रहेगा। आज से 4 दिन तक बारिश की संभावना पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मुजफ्फरपुर जिले में मौसम में बदलाव शुरू हो गया है। इससे तापमान में कमी आई है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले तीन दिनों में औसत बारिश 13.8 एमएम दर्ज की गई है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक अगले दो दिनों तक धूप-छांव के बीच हल्की बारिश होते रहने के आसार है। उसके बाद अगले तीन दिनों तक मेघगर्जन, वज्रपात तेज झोंकेदार हवा के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना है। मंगलवार को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के मौसम विभाग के द्वारा अगले पांच दिनों का पूर्वानुमान जारी किया गया है। वरीय मौसम वैज्ञानिक डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि आठ से 10 जुलाई तक आसमान में बादल छाये रहेंगे। कहीं-कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 31 व न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। 8-12 तारीख तक दक्षिण बिहार के हिस्सों में बारिश की संभावना भागलपुर में मानसून के सक्रिय होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। सुबह का मौसम सुहावना था। जिले के कुछ हिस्सों में 0.4 एमएम बारिश दर्ज की गई है। शहर के कई इलाकों में भी हल्की बारिश के कारण लोगों को बेहतर मौसम मिला। बिहार कृषि विवि (बीएयू) सबौर एवं भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक आठ से 12 जुलाई तक दक्षिण बिहार के जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आंधी चलने एवं हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान है। अधिकतम तापमान 33-34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25-26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। उक्त जानकारी बीएयू के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल अधिकारी डॉ. बिरेद्र कुमार ने दी। मौसम वैज्ञानिक डॉ. नेहा पारिक ने बताया कि मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस रहा। बीते दिनों में हुई वर्षा जल का लाभ उठाते हुए धान की सबौर दीप, किस्मों जैसे प्रभात, शुष्क सम्राट, सहभागी की बुआई 10 जुलाई तक किसान कर सकते हैं।

Fish Farming Subsidy: बिहार में मछली पालन के लिए 60% अनुदान, जानें आवेदन की अंतिम तिथि

पटना  बिहार सरकार राज्य में तेजी से कम हो रही देसी मछलियों की प्रजातियों को बचाने के लिए बड़ा कदम उठा रही है. डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मत्स्य प्रजाति विविधीकरण योजना शुरू की है. इसके तहत किसान और इच्छुक लोग देसी मछली पालन पर 60 प्रतिशत तक सब्सिडी/अनुदान का लाभ ले सकते हैं।  इस योजना का मुख्य लक्ष्य देसी मछलियों की घटती प्रजातियों को बचाना और संरक्षण करना है. साथ ही  मछली पालकों (किसानों और मछुआरों) की आय को बढ़ाना है. सरकार चाहती है कि लोग पारंपरिक खेती के साथ-साथ मछली पालन भी शुरू करें और अच्छी कमाई करें।  इस सरकारी योजना के तहत माइनर कार्प, कैट फिश, वायु-श्वासी मछलियां, झींगा (श्रिंप) पालन और मोती उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा. जिसमें निर्धारित लागत का 60 प्रतिशत तक अनुदान मिलने से मछली पालन की लागत काफी कम हो जाएगी. मत्स्य विभाग के अनुसार, इस योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जिसके लिए 31 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।  कैसे करें आवेदन?     इस योजना का लाभ लेने के लिए सिर्फ ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे.     इच्छुक लाभार्थी fisheries.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.     आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है. बिहार के सभी 38 जिलों में लागू होगी योजना विभाग ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह योजना बिहार के सभी 38 जिलों में लागू रहेगी. योजना के तहत निजी या सरकारी तालाबों, जिन्हें पट्टे पर लिया गया हो, को भी सब्सिडी का लाभ मिलेगा. इसके लिए विकसित हैचरी तकनीक से तैयार अच्छी गुणवत्ता के मछली बीज उपलब्ध कराकर पालन को बढ़ावा दिया जाएगा।  इन योजनाओं पर मिलेगा लाभ     माइनर कार्प पालन मत्स्यिकी योजना (छोटी देशी मछलियां)     कैट फिश और अन्य देसी मछलियों की पालन योजना     झींगा पालन योजना     मोती पालन योजना बता दें कि एक व्यक्ति या परिवार को पालन मत्स्यिकी के केवल एक अवयव पर ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा. सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से एक ओर जहां विलुप्त होती देशी मछलियों का संरक्षण होगा. वहीं, दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर मिलेंगे. मत्स्य पालन से जुड़े किसान आधुनिक तकनीक के साथ देशी प्रजातियों का पालन कर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकेंगे। 

सीतापुरम टाउनशिप के लिए बड़ा फैसला, 30 जून 2027 तक निर्माण कार्य बंद

 सीतामढ़ी  ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए अधिसूचित विस्तारित क्षेत्र में भी जमीन की खरीद बिक्री व नए भवन निर्माण पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में नगर विकास एवं आवास विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। यह रोक 30 जून 2027 तक रहेगी। मालूम हो कि इसके तहत पूर्व से अधिसूचित सीतामढ़ी आयोजना क्षेत्र का क्षेत्रफल 99.23 वर्ग कि.मी. क्षेत्र में जमीन की खरीद बिक्री एवं नए निर्माण पर रोक लगाई गई थी। वहीं, विस्तारित क्षेत्रफल 200.09 वर्ग कि.मी. अर्थात् कुल क्षेत्रफल 200.32 वर्ग किमी. हो गया है। जिसमें शहरी क्षेत्र का क्षेत्रफल 55.84 वर्ग कि.मी. एवं शेष ग्रामीण क्षेत्र का क्षेत्रफल 243.48 वर्ग कि.मी. है। इस आयोजना क्षेत्र के अंतर्गत एक शहरी प्रशासनिक इकाई (नगर निगम, सीतामढ़ी) तथा 98 राजस्व ग्राम को शामिल किया गया है। शामिल किए गए नए क्षेत्रों में भी जमीन की खरीद बिक्री व नए निर्माण पर रोक लगा दी गई है। इनमें डुमरा सीडी ब्लॉक के 58, रीगा सीडी ब्लॉक के 17. परसौनी सीडी ब्लॉक के 14, बथनाहा सीडी ब्लॉक के 02 राजस्व ग्राम एवं रुन्नीसैदपुर सीडी ब्लॉक के 07 राजस्व ग्राम शामिल हैं। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने सीतामढ़ी में प्रस्तावित सीतापुरम ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए मास्टर प्लान तैयार होने तक इस क्षेत्र में जमीन के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण और भवनों के निर्माण पर रोक लगा दी है। नगर विकास एवं आवास विभाग की अधिसूचना के अनुसार, सीतापुरम ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विशेष क्षेत्र और कोर क्षेत्र सहित पूरे आयोजन क्षेत्र में 30 जून 2027 तक सभी तरह के भूमि विकास और निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी। यह रोक बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 की धारा-9(7) के तहत लगाई गई है। विभाग के अनुसार, इस क्षेत्र का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। प्लान बनने तक अवैध प्लाटिंग और बेतरतीब निर्माण को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। रोक हटने के बाद ही सुनियोजित तरीके से टाउनशिप का विकास किया जाएगा। नगर आयुक्त डॉ. गजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि नगर विकास विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। रोक के कारण अब टाउनशिप क्षेत्र में न तो कोई नई जमीन की रजिस्ट्री हो सकेगी और न ही कोई नया मकान या व्यावसायिक भवन बनाया जा सकेगा। 30 जून 2027 के बाद मास्टर प्लान के अनुसार ही विकास की अनुमति मिलेगी।

बिहार राजस्व अदालतों में नई व्यवस्था लागू, ऑनलाइन दस्तावेजों से ही होगी सुनवाई

पटना. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व न्यायालयों में लंबित और नए मामलों के निष्पादन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। अब राजस्व न्यायालयों में किसी भी वाद की सुनवाई के दौरान आवेदक या विपक्षी पक्ष से किसी भी प्रकार का भौतिक साक्ष्य या दस्तावेज स्वीकार नहीं किया जाएगा। केवल ऑनलाइन अपलोड किए गए दस्तावेज और साक्ष्य ही मान्य होंगे। विभाग के सचिव जय सिंह ने राज्य के सभी समाहर्ताओं, अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उपसमाहर्ताओं (डीसीएलआर) और अंचल अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। शुरू से अंत तक की प्रक्र‍िया ऑनलाइन उन्होंने कहा है कि राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (RCMS) के तहत वाद दायर करने से लेकर अंतिम आदेश पारित करने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जानी है। विभाग को जानकारी मिली थी कि कई स्थानों पर सुनवाई के दौरान पक्षकारों से भौतिक रूप से दस्तावेज लिए जा रहे हैं, जो निर्धारित व्यवस्था के विपरीत है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग ने इस पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी किया है। पोर्टल पर ही अपलोड होंगे अतिरिक्त दस्तावेज नए निर्देश के अनुसार, यदि किसी मामले की सुनवाई के दौरान अतिरिक्त साक्ष्य या दस्तावेज की आवश्यकता होती है, तो संबंधित पक्षकारों को केवल RCMS पोर्टल पर ही दस्तावेज अपलोड करने के लिए कहा जाएगा। राजस्व न्यायालय भी केवल पोर्टल पर उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर ही मामलों का निष्पादन करेंगे। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी होगी। दस्तावेजों से छेड़छाड़ या विवाद की आशंका समाप्त होगी और सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे। साथ ही लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने या कागजी दस्तावेज जमा कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। सचिव जय सिंह ने सभी जिला और अंचल स्तरीय अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है, ताकि राज्य में राजस्व न्यायालयों की ऑनलाइन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी ढंग से लागू हो सके।

बांकीपुर सीट पर सियासी मुकाबला दिलचस्प, प्रशांत किशोर के साथ आए शत्रुघ्न सिन्हा; BJP के टिकट पर नजर

पटना. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई हाईप्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट का राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब तक अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है, जबकि प्रमुख विपक्षी दल और अन्य पार्टियां उम्मीदवारों का एलान कर चुनावी मैदान में उतर चुकी हैं। भाजपा की ओर से कई नामों पर चर्चा तेज है। इनमें पार्टी नेता अजीत कुमार लाली और नील रतन घोष प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। पार्टी नेतृत्व फिलहाल उम्मीदवार के चयन को लेकर मंथन में जुटा है। ऐसे में भाजपा के फैसले पर सभी राजनीतिक दलों और चुनावी विश्लेषकों की नजर टिकी हुई है। उधर, राष्ट्रीय जनता दल ने एक बार फिर रेखा कुमारी पर भरोसा जताते हुए उन्हें उम्मीदवार बनाया है। वहीं, जन सुराज से प्रशांत किशोर खुद चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। जनशक्ति जनता दल ने वीणा मानवी को अपना प्रत्याशी बनाया है। 11 जुलाई को नामांकन भरेंगे प्रशांत किशोर जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर लगातार बांकीपुर क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। वे मोहल्लों, बाजारों और विभिन्न सामाजिक समूहों से मुलाकात कर समर्थन जुटा रहे हैं। पार्टी की ओर से जानकारी दी गई है कि 11 जुलाई को वह अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने पीके का खुला समर्थन किया है। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट कर 'बिहारी बाबू' ने इसे बिहार की राजनीति का बड़ा घटनाक्रम बताया। शत्रुघ्न सिन्हा ने लिखा कि PK के चुनाव मैदान में उतरने से बिहार ही नहीं, पूरे देश की राजनीति में नई हलचल पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि आज समय की सबसे बड़ी जरूरत एकता है और आम जनता, विशेषकर युवाओं से जाति, धर्म और दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर प्रशांत किशोर का समर्थन करने की अपील की। भाजपा के फैसले पर टिकी निगाहें बांकीपुर उपचुनाव में अब तक राजद, जन सुराज और जनशक्ति जनता दल अपने प्रत्याशी घोषित कर चुके हैं। ऐसे में सबसे अधिक उत्सुकता भाजपा के उम्मीदवार को लेकर है। पार्टी प्रत्याशी घोषित होने के बाद इस हाईप्रोफाइल सीट पर चुनावी मुकाबले की तस्वीर और स्पष्ट होगी। जानकारों का मानना है कि भाजपा का उम्मीदवार तय होने के साथ ही राजनीतक गरमाहट और तेज होगी।

जमशेदपुर पासपोर्ट सेवा केंद्र में बढ़ी क्षमता, अब रोज 150 आवेदनों का होगा निपटारा

रांची  झारखंड के लोगों के लिए पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया अब पहले से अधिक आसान और तेज होने जा रही है। नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी और अधिक सुलभ पासपोर्ट सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) रांची ने जमशेदपुर स्थित पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) का पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण किया है। इस नई व्यवस्था से जमशेदपुर समेत पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और आसपास के जिलों के हजारों आवेदकों को सीधा लाभ मिलेगा। इस पहल से जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को पासपोर्ट संबंधी सेवाएं पहले की तुलना में अधिक तेजी और सुविधा के साथ मिल सकेंगी। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के अनुसार, पीओपीएसके जमशेदपुर को डाकघर परिसर के भीतर स्थानांतरित कर नया स्वरूप दिया गया है। केंद्र में सेवा काउंटरों की संख्या दो से बढ़ाकर तीन कर दी गई है। साथ ही आवेदकों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय की भी व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें अधिक सुविधाजनक वातावरण मिल सके। तीसरे सेवा काउंटर के संचालन शुरू होने के बाद केंद्र की दैनिक अपाइंटमेंट क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब प्रतिदिन 140 पासपोर्ट आवेदनों और 10 पुलिस क्लियरेंस प्रमाण-पत्र (पीसीसी) आवेदनों का निपटारा किया जा सकेगा। इस प्रकार कुल दैनिक क्षमता 100 से बढ़कर 150 अपाइंटमेंट हो गई है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय रांची का कहना है कि इस सुधार से जमशेदपुर सहित आसपास के जिलों के आवेदकों को जल्द अपाइंटमेंट मिलने में मदद मिलेगी और पासपोर्ट सेवाओं की प्रक्रिया अधिक सुगम बनेगी। रांची में अब दबाव कम होगा। कार्यालय ने नागरिकों को पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।