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पलामू के 148 छात्रों का चयन, नवाचार के क्षेत्र में जिले ने फिर रचा नया इतिहास

 पलामू झारखंड के पलामू जिले ने एक बार फिर शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए इंस्पायर अवार्ड मानक योजना 2025-26 में झारखंड में लगातार छठवीं बार पहला स्थान हासिल किया है. इस उपलब्धि ने न सिर्फ जिले का गौरव बढ़ाया है, बल्कि राज्य स्तर पर भी एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. जिले के छात्रों की इस सफलता ने शिक्षा जगत में उत्साह का माहौल बना दिया है. 148 प्रतिभागियों का चयन, राज्य में सबसे अधिक भागीदारी इस सत्र में पलामू जिले से कुल 148 प्रतिभागियों का चयन किया गया है. पूरे झारखंड से चयनित 1160 प्रतिभागियों में से 12.76 प्रतिशत छात्र-छात्राएं केवल पलामू जिले से हैं, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है. यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि जिले के छात्र विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहे हैं. शिक्षकों और छात्रों की मेहनत का परिणाम जिला शिक्षा पदाधिकारी सौरव प्रकाश ने इस सफलता का श्रेय छात्रों की मेहनत और शिक्षकों के समर्पण को दिया है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जिले के मेधावी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के निरंतर प्रयासों का नतीजा है. साथ ही उन्होंने सहायक जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व की भी सराहना की, जिनकी भूमिका इस सफलता में अहम रही है. मध्य विद्यालय से ही दिख रहा बेहतर प्रदर्शन जिला शिक्षा अधीक्षक संदीप कुमार ने बताया कि पलामू के छात्र केवल उच्च विद्यालय स्तर पर ही नहीं, बल्कि मध्य विद्यालय स्तर से ही बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. यह दर्शाता है कि जिले में प्रारंभिक स्तर से ही बच्चों को विज्ञान और नवाचार के प्रति प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उनका आत्मविश्वास और क्षमता दोनों बढ़ रहे हैं. इंस्पायर मानक योजना क्या है? सहायक जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि इंस्पायर अवार्ड मानक योजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत संचालित होती है. इसे नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन द्वारा लागू किया जाता है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर तकनीकी नवाचार और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देना है. इस योजना के तहत छात्र-छात्राएं अपने विचारों और प्रोजेक्ट्स को विद्यालय स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक प्रस्तुत करते हैं. चयनित छात्रों को मिलती है आर्थिक सहायता इस योजना के अंतर्गत वर्ग 6 से 12 तक के चयनित प्रतिभागियों को जिला स्तर पर प्रोटोटाइप निर्माण के लिए 10,000 रुपये की राशि दी जाती है. इसके अलावा आगे की तैयारी के लिए आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है. इसका उद्देश्य छात्रों को अपने नवाचार को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का मौका इंस्पायर अवार्ड के तहत चयनित छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिलता है. अंतिम रूप से चयनित प्रतिभागियों को जापान तक जाने का मौका भी मिलता है, जहां वे अपने नवाचार को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत कर सकते हैं. यह छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर साबित होता है. नवाचार के क्षेत्र में पलामू बना रोल मॉडल लगातार छठवीं बार प्रथम स्थान हासिल कर पलामू जिले ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें, तो ग्रामीण क्षेत्र के छात्र भी बड़े स्तर पर सफलता हासिल कर सकते हैं. यह उपलब्धि अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है और झारखंड को शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिला रही है.

मॉडल स्कूलों के छात्रों को नई ड्रेस, शिक्षकों के लिए जारी होंगे पहचान पत्र

भागलपुर. राज्य भर के मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अब अलग ड्रेस लागू की जाएगी। जिले के 16 मॉडल स्कूलों समेत पूरे बिहार के 534 मॉडल विद्यालयों के लिए यह ड्रेस बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा डिजाइन की जाएगी। इस संबंध में दो अप्रैल को हुई बैठक में माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने राज्य परियोजना निदेशक को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मॉडल विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए अलग पहचान पत्र बनाया जाएगा, जिससे विशिष्ट पहचान सुनिश्चित हो सके। यह सुझाव अररिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार द्वारा दिया गया था, जिसे स्वीकार करते हुए इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी बिहार शिक्षा परियोजना परिषद को सौंपी गई है। मॉडल स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा 10 अप्रैल को पुनः प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का भी आदेश दिया गया है। इसके अलावा जिन विद्यालयों में कम लागत में मरम्मत या आधारभूत संरचना सुधार की आवश्यकता है, वहां बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से कार्य कराने का निर्देश दिया गया है। इसको लेकर मिली जानकारी के मुताबिक जिले के आधा दर्जन से अधिक विद्यालयों में इस तरह के कार्य की जरूरत बताई गई है। वहीं, शौचालय निर्माण को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि कक्षाओं के सामने निर्माण न कर एकांत स्थान, विशेषकर बालिका शौचालय सुरक्षित जगह पर बनाया जाए। जिला शिक्षा पदाधिकारी को सभी मॉडल स्कूलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट क्षेत्रीय शिक्षा निदेशक को सौंपने और उसकी सत्यता की पुष्टि करने का निर्देश दिया गया है। मॉडल स्कूलों के संचालन के लिए प्रबंधन इकाई गठित जिले के 16 सहित राज्य के 534 मॉडल स्कूलों के सुचारू संचालन के लिए विभागीय स्तर पर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट का गठन किया गया है। यह इकाई प्रत्येक बुधवार को बैठक कर सभी विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा करेगी। समीक्षा के दौरान किसी प्रकार की समस्या आने पर उसके समाधान के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक को सूचित किया जाएगा, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

पीटीपीएस जमीन अधिग्रहण को लेकर झारखंड में तनाव, ग्रामीण तैयार नहीं घर छोड़ने के लिए

पतरातू/रांची. झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड के हेसला पंचायत स्थित पीटीपीएस की अधिग्रहित जमीन पर बने आवासीय परिसर को खाली कराने की तैयारी को लेकर आज  सोमवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया. प्रशासनिक कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर विरोध करने लगे. पीटीपीएस पावर प्लांट बंद होने के बाद यह जमीन सरकार द्वारा झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण को सौंप दी गई है. जियाडा ने इस भूमि को निजी कंपनियों को उद्योग स्थापना के लिए आवंटित कर दिया है, जिसके चलते आवास खाली कराने की प्रक्रिया चल रही है. न्यायालय का दावा बनाम प्रशासन, पटेल चौक पर जुटे लोग कॉलोनी वासियों का कहना है कि कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जबकि प्रशासन को ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है. इसी को लेकर लोग पटेल चौक पर जुटे हैं और साफ कह रहे हैं कि वे किसी भी हालत में घर खाली नहीं करेंगे.  प्रशासन अलर्ट, स्थिति पर नजर क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी कर रहा है. समाचार भेजे जाने तक प्रशासन के लोग नहीं पहुंचे हैं.

‘बड़े भाई’ वाले बयान पर विजय सिन्हा ने दी सफाई, कहा- मैं सीएम की रेस में नहीं

पटना. बिहार की राजनीति में इन दिनों नए मुख्यमंत्री को लेकर कयासों का दौर तेज है। सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच कई वरिष्ठ नेताओं ने यह संकेत दिया है कि अगला मुख्यमंत्री भाजपा से हो सकता है। हालांकि, पार्टी की ओर से अब तक किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। इसी बीच उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने खुद को मुख्यमंत्री पद की दौड़ से अलग बताया है। सेवक की भूमिका में हैं, क‍िसी रेस में नहीं पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह 'सेवक की भूमिका' में हैं, किसी पद की रेस में नहीं। उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार पहले भी एनडीए की थी, अब भी है और आगे भी रहेगी। गठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसमें न कोई बड़ा भाई है, न छोटा, सभी बराबरी के भागीदार हैं। उनके अनुसार, यही भावना सामाजिक सद्भाव को मजबूत करेगी और राज्य के विकास को गति देगी। 10 अप्रैल को राज्‍यसभा की शपथ लेंगे नीतीश उधर, मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की तैयारी ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के मुताबिक, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा की शपथ ले सकते हैं। माना जा रहा है कि इसके बाद वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ होगा। इधर, उत्तराधिकार को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। निशांत कुमार को राजनीति में सक्रिय करने और उन्हें विधान परिषद के रास्ते आगे बढ़ाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ हलकों में उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी उठ रही है, हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति फिलहाल संभावनाओं और अटकलों के दौर से गुजर रही है, जहां आने वाले कुछ दिन बेहद अहम साबित हो सकते हैं।

बिहार की ‘स्वीट सिटी’ पहुंची पंजाब के किसानों की टोली, नाबार्ड के सहयोग से लीची की उन्नत खेती का प्रशिक्षण शुरू

मुजफ्फरपुर बिहार का मुजफ्फरपुर, जिसे ‘स्वीट सिटी’ के नाम से जाना जाता है, अब सिर्फ अपनी मशहूर शाही लीची के लिए ही नहीं बल्कि किसानों के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी पहचान बना रहा है. खेती के क्षेत्र में अग्रणी राज्य पंजाब से 22 किसानों का एक दल इन दिनों मुजफ्फरपुर पहुंचा है. ये किसान यहां की प्रसिद्ध 'शाही लीची' की उन्नत खेती तकनीक सीख रहे हैं, ताकि अपने राज्य में उत्पादन बढ़ाकर बेहतर मुनाफा कमा सकें. पठानकोट से आए ये किसान राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिकों से विशेष प्रशिक्षण ले रहे हैं. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें लीची की उन्नत किस्मों, पौध प्रबंधन, रोग नियंत्रण, सिंचाई तकनीक और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी दी जा रही है. खास बात यह है कि किसानों को हाई डेंसिटी प्लांटेशन मॉडल सिखाया जा रहा है. इस तकनीक में 10×15 फीट की दूरी पर पौधे लगाए जाते हैं, जिससे कम जगह में ज्यादा उत्पादन संभव होता है. साथ ही नियमित छंटाई से पेड़ छोटे रहते हैं और फल अधिक लगते हैं. पंजाब से आए किसान यशपाल सिंह, अजीत सिंह, हड़पाल सिंह और भूपेंद्र सिंह का कहना है कि वे पहले भी मुजफ्फरपुर की तकनीक अपनाकर अच्छा मुनाफा कमा चुके हैं. लेकिन इस बार उन्हें और उन्नत तरीके सीखने का मौका मिला है, जिससे उनकी आमदनी और बढ़ सकती है. दिलचस्प बात यह भी है कि पंजाब में मुजफ्फरपुर की लीची को ‘देहरादून लीची’ के नाम से बेचा जाता है, जहां इसकी मांग काफी ज्यादा है. सीमित उत्पादन के कारण किसानों को बाजार में बेहतर कीमत मिलती है. पंजाब कृषि विश्वविद्यालय से जुड़े फल वैज्ञानिक डॉ. मनु त्यागी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर की लीची की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है और बिहार इस उत्पादन में अग्रणी है. ऐसे में पंजाब जैसे राज्यों में इसकी खेती का विस्तार किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. वहीं पौध संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. विनय पठानिया ने बताया कि किसानों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों तरह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे अपने क्षेत्र में बेहतर उत्पादन और रोग नियंत्रण कर सकें. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक द्वारा प्रायोजित है. विशेषज्ञों का मानना है कि हाई डेंसिटी प्लांटेशन जैसी तकनीकों ने पारंपरिक खेती को बदल दिया है. पहले जहां 40-50 फीट की दूरी पर पौधे लगाए जाते थे, वहीं अब कम जमीन में ज्यादा उत्पादन संभव हो रहा है. इससे किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है. कुल मिलाकर, मुजफ्फरपुर की ‘शाही लीची’ अब बिहार तक सीमित नहीं रही, बल्कि देशभर के किसानों के लिए एक नया अवसर बनती जा रही है.  

बिहार की राजनीति में नए युग की शुरुआत, 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य पद की शपथ लेंगे नीतीश कुमार

 पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक बुलाई है. इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक उनके कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट बैठक भी हो सकती है. यह बैठक मुख्य सचिवालय में होगी. इसमें सभी मंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल रहेंगे. इसमें कुछ महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लग सकती है. नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए हैं. इसके बाद उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा भी दे दिया है. जानकारी के अनुसार, 10 अप्रैल को वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. इसके बाद वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिल सकते हैं. सत्ता परिवर्तन की आहट राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि बिहार में जल्द ही सत्ता परिवर्तन हो सकता है. बताया जा रहा है कि एनडीए के अंदर नई रणनीति बन रही है और मुख्यमंत्री पद किसी नए चेहरे को दिया जा सकता है. भाजपा के सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय, दिलीप जायसवाल और विजय कुमार सिन्हा के नाम इस दौड़ में सामने आ रहे हैं. अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है. कब मिलेगा बिहार को नया सीएम? सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार 13 अप्रैल के आसपास मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और इसके बाद 14 अप्रैल को एनडीए की बैठक में नए नेता का चयन हो सकता है. यह भी कहा जा रहा है कि 16 अप्रैल के बाद बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है. इन सभी बातों पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन लगातार बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों से संकेत मिल रहे हैं कि बिहार में बड़ा बदलाव होने वाला है.

सफर का नया अंदाज: अमृत भारत ट्रेनों ने उड़ान जैसी सुविधाओं से किया यात्रियों को मंत्रमुग्ध

चक्रधरपुर  भारतीय रेलवे अपने यात्रियों के सफर को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। शनिवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली स्टेशन पर 'नेक्स्ट जेनरेशन अमृत भारत कोच' के प्रस्तावित इंटीरियर डिजाइन और कलर स्कीम वाले सैंपल कोच का गहन निरीक्षण किया।  चक्रधरपुर रेल मंडल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन कोचों को विशेष रूप से यात्रियों की सुविधा और विजुअल अपील (सुंदरता) को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  आधुनिक डिजाइन और समन्वित कलर थीम नए अमृत भारत कोच की सबसे बड़ी विशेषता इसका समन्वित (Coordinated) कलर थीम है। कोच के भीतर पीवीसी फ्लोरिंग से लेकर सीटों, बर्थ के रेक्सीन, स्नैक टेबल, पर्दे और यहां तक कि शौचालय क्षेत्र को भी एक ही कलर स्कीम में ढाला गया है। यह नया डिजाइन न केवल देखने में वैश्विक स्तर का लगता है, बल्कि यह बेहद टिकाऊ और रखरखाव में भी आसान है। सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान (HL-3 फायर सेफ्टी)  यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कोच निर्माण में इस्तेमाल की गई सभी सामग्री HL-3 फायर सेफ्टी स्टैंडर्ड के अनुरूप है। इससे आग लगने जैसी दुर्घटनाओं का खतरा न्यूनतम हो जाएगा।  इसके अलावा, सीटों और बर्थों पर उच्च गुणवत्ता वाले रेक्सीन का उपयोग किया गया है, जो लंबे समय तक खराब नहीं होंगे और यात्रियों को बेहतर कुशनिंग का अनुभव देंगे। चक्रधरपुर रेल मंडल ने स्पष्ट किया कि रोलिंग स्टॉक को आधुनिक बनाने की यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी ताकि भारतीय रेल वैश्विक मानचित्र पर अपनी नई पहचान बना सके।  हर वर्ग के यात्री का रखा गया ख्याल रेलवे का यह बदलाव किसी खास श्रेणी के लिए नहीं, बल्कि जनरल और स्लीपर क्लास सहित सभी वर्गों के लिए है। स्नैक टेबल को आकर्षक रंग दिए गए हैं और शौचालयों के डिजाइन में भी व्यापक सुधार किया गया है ताकि स्वच्छता बनी रहे। कोच की दीवारों और सामग्री को इस तरह तैयार किया गया है कि साफ-सफाई आसानी से की जा सके, जिससे कोच लंबे समय तक नए जैसे बने रहेंगे। वर्ल्ड क्लास यात्रा अनुभव का लक्ष्य निरीक्षण के दौरान रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे का मुख्य उद्देश्य हर श्रेणी के यात्रियों को 'वर्ल्ड क्लास' यात्रा अनुभव देना है। नेक्स्ट जेनरेशन अमृत भारत कोच इसी विजन का हिस्सा हैं। आने वाले समय में देश के विभिन्न रेल मार्गों पर इन आधुनिक कोचों को लगाने की योजना है, जिससे आम आदमी का रेल सफर सस्ता, सुरक्षित और अधिक सुखद बन सके।  

बुंडू नवरात्रि मेला कमिटी का हुआ गठन, बबलू प्रजापति बने अध्यक्ष और विधायक विकास मुंडा मुख्य संरक्षक

बुंडू  झारखंड के रांची के बुंडू में हर साल की तरह इस वर्ष भी बुंडू में नवरात्रि मेला पूरे धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जाएगा. इसको लेकर श्री श्री राधा रानी मंदिर परिसर में राधा रानी कमिटी, मौसी बाड़ी कमिटी और आम जनता की संयुक्त बैठक संपन्न हुई. तय हुई मेला की तिथि इस बैठक में मेला की तिथि को लेकर निर्णय लिया गया.तय किया गया कि मेले का आयोजन 19 अप्रैल से 28 अप्रैल तक किया जाएगा. परंपराओं का रखा जाएगा विशेष ध्यान मेला अवधि के दौरान पारंपरिक मान्यताओं का पालन करते हुए मांस, मछली और अंडा का सेवन वर्जित रहेगा. नई कमिटी का गठन स्थायी कमिटी के अध्यक्ष गणेश कुम्हार जी के स्वर्गवास के बाद अध्यक्ष का चुनाव किया गया है. नई कमिटी में अरुण जैन, मुख्यसंरक्षक विधायक विकास कुमार मुंडा, मेला संचालन के अध्यक्ष बबलू प्रजापति, उपाध्यक्ष बबलू कुंडू, राजकिशोर कुशवाहा सचिव रोशन महतो, उपसचिव जीतू महतो, कोषाध्यक्ष धनंजय प्रमाणिक, उपकोषाध्यक्ष सौरभ नायक, सदस्य आकाश लायक, राकेश मछुवा, रोहित नायक,बाली उरांव,संजय महतो, पवन राणा,ललित साहू, पिंटू दत्ता, संरक्षक नगर अध्यक्ष जितेंद्र उरांव, नगर उपाध्यक्ष रविन्द्र उरांव, बुंडू प्रमुख राजकुमार बिंझिया, प्रमोद सिंह, ढोलु शर्मा, सूरज प्रकाश भगत, रंजीत लाहेरी, रंजीत मोदक, मुख्य भंडारपाल मनोज कुंडू, सलाहाकर भंडारपाल मोहित नायक, तुलसी भगत चुने गए. शांति और भाईचारे का संदेश इस मौके पर सभी ने निर्णय लिया की नवरात्रि मेला पूरे शांति, सौदर्य और भाईचारा के साथ मनाने की अपील किया.

बिहार की राजनीति में नए युग की शुरुआत, 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य पद की शपथ लेंगे नीतीश कुमार

पटना बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जिन्होंने साल 2005 से बिहार की कमान संभाली है, अब राज्य की सत्ता की बागडोर छोड़कर दिल्ली की राजनीति में नई पारी शुरू करने जा रहे हैं. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पुष्टि की है कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. 2005 से लगातार सत्ता में रहे नीतीश नीतीश कुमार 2005 से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे हैं और लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद संभालते रहे. राज्यसभा जाने के उनके फैसले ने सभी को चौंका दिया. नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद से हटकर राज्यसभा जाना बिहार की राजनीति के एक युग का समापन माना जा रहा है. अप्रैल के दूसरे सप्ताह में बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है. बिहार की जनता और राजनीतिक पंडितों की निगाहें अब एनडीए के अगले कदम पर टिकी हैं, जो राज्य के भविष्य की नई दिशा तय करेगा. किन-किन नेताओं का नाम चर्चा में? इस बार राज्यसभा चुनाव के नतीजे काफी दिलचस्प रहे हैं. नीतीश कुमार के साथ-साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा भी निर्वाचित हुए हैं. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और शिवेश कुमार भी ऊपरी सदन में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे. तीन-तीन राष्ट्रीय अध्यक्षों का एक साथ राज्यसभा जाना केंद्र में बिहार के बढ़ते सियासी वजन की ओर इशारा कर रहा है. राज्यसभा शपथ के बाद क्या होगा अगला कदम? नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले ने उत्तराधिकारी की चर्चाओं को हवा दे दी है. राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि अब बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री हो सकता है. कई पार्टी नेताओं और समर्थकों ने मुख्यमंत्री के पुत्र निशांत कुमार को सत्ता सौंपने की वकालत की है, जिसके समर्थन में पटना की सड़कों पर पोस्टर भी देखे जा रहे हैं. एनडीए का केंद्रीय नेतृत्व और नीतीश कुमार मिलकर जल्द ही नए नाम पर मुहर लगा सकते हैं, ताकि शासन-प्रशासन में निरंतरता बनी रहे.

दरभंगा एयरपोर्ट पर अकासा एयर की एंट्री, बेंगलुरु जाने वाले यात्रियों का इंतज़ार खत्म, जानें फ्लाइट का पूरा शेड्यूल

  दरभंगा दरभंगा और आसपास के जिलों के लोगों का लंबा इंतजार आज खत्म हो गया. रविवार से दरभंगा एयरपोर्ट से बेंगलुरु के लिए सीधी फ्लाइट शुरू हो गई है. अब मिथिलांचल के लोगों को बेंगलुरु जाने के लिए पटना या कोलकाता जाने की जद्दोजहद नहीं करनी होगी. अकासा एयर ने इस रूट पर अपनी रेगुलर सेवा शुरू कर दी है. संजय सरावगी ने जताई खुशी इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधायक संजय सरावगी ने क्षेत्र के लोगों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि यह पूरे बिहार के लिए गर्व का पल है. सरावगी ने इस सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उड़ान योजना ने छोटे शहरों को बड़े सपनों से जोड़ दिया है. इस सीधी सेवा से बेंगलुरु में पढ़ने वाले छात्रों और वहां की बड़ी कंपनियों में काम करने वाले बिहार के युवाओं को घर आना-जाना बहुत सुलभ हो जाएगा. क्या है फ्लाइट का समय? अकासा एयर की यह फ्लाइट सप्ताह के सातों दिन उड़ान भरेगी. शेड्यूल के मुताबिक, विमान सुबह 9:40 बजे बेंगलुरु से उड़ेगा और दोपहर 12:15 बजे दरभंगा पहुंचेगा. इसके बाद, यही फ्लाइट दोपहर 12:50 बजे दरभंगा से टेक-ऑफ करेगी और दोपहर 3:30 बजे वापस बेंगलुरु लैंड करेगी. बुकिंग और कनेक्टिविटी लंबे समय से इस रूट पर विमान सेवा ठप रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही थी. अब विभिन्न ट्रेवल साइट्स पर टिकटों की बुकिंग तेजी से शुरू हो गई है. पहले स्पाइसजेट इस रूट पर सेवा देती थी, लेकिन बीच-बीच में सर्विस बंद होने से यात्री परेशान रहते थे. अब अकासा एयर की एंट्री से उत्तर बिहार के कारोबारियों को नया बाजार मिलेगा और इलाके में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी.